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7 महीने तक चुप्पी, फिर कोविड की दूसरी लहर के बाद चिट्ठियों की बौछार: RTI में महाराष्ट्र CM और PM की बातचीत का खुलासा

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र में लंबे समय से सबसे अधिक कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। वह काफी समय से कोरोना के नए मामलों में शीर्ष पर बनी हुई है। हालाँकि महाराष्ट्र सरकार महामारी से निपटने का प्रयास कर रही है, लेकिन फिर भी यहाँ पर अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक केस सामने आ रहे हैं। अब एक आरटीआई में पता चला है कि राज्य में कोरोना केस के बावजूद राज्य सरकार ने 7 महीनों से केंद्र सरकार से मदद के लिए संपर्क नहीं किया है।

आरटीआई कार्यकर्ता विवेक पांडे द्वारा दायर एक आरटीआई में यह पता चला कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अगस्त 2020 के अंतिम सप्ताह में पीएम को एक पत्र लिखा और अप्रैल 2021 के पहले सप्ताह तक उनसे संवाद नहीं किया। उस समय तक, राज्य दूसरी लहर के अत्यधिक दबाव में था। बीच में केंद्र सरकार ने ही मार्च 2021 में महाराष्ट्र सरकार से हाई अलर्ट पर रहने के लिए संपर्क किया था क्योंकि राज्य कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर की पीक पर था।

पांडे ने अपने आवेदन में क्या पूछा?

पांडे ने अपने आवेदन में सरकार से दो सवालों का जवाब देने के लिए कहा।

1. उन्होंने जुलाई 2020 और अप्रैल 2021 के बीच कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई के लिए मदद माँगने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से महाराष्ट्र के सीएम के बीच ऑफिशियल कम्युनिकेशन की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी माँगी।

2. उन्होंने जुलाई 2020 से अप्रैल 2021 के बीच कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए महाराष्ट्र के सीएम द्वारा भारत के पीएम को भेजे गए पत्रों की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी माँगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ सीएम के कम्युनिकेशन के बारे में पहले प्रश्न के उत्तर में महाराष्ट्र सरकार ने कोई सॉफ्ट या हार्ड कॉपी प्रदान नहीं की। उनके जवाब से यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किसी सहायता के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से संपर्क किया था या नहीं।

सीएम ने पीएम को लिखे अपने पत्र में क्या लिखा था?

सीएम ठाकरे और पीएम मोदी के बीच ऑफिशियल कम्युनिकेशन में सीएम ने राज्य में टेस्टिंग बढ़ाने के लिए फंड आवंटन की माँग की थी। उन्होंने कहा कि राज्य 151 प्रयोगशालाओं में कोविड-19 के लिए टेस्टिंग कर रहा है और आईसीएमआर राज्य को किट और उपभोग्य वस्तुएँ उपलब्ध करा रहा है। हालाँकि, केंद्र सरकार द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार सितंबर 2020 से उन्हें प्रदान नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से 26 अगस्त, 2020 के पत्र में किट और उपभोग्य सामग्रियों की आपूर्ति जारी रखने को कहा

7 महीने की चुप्पी, फिर अप्रैल 2021 के बाद चिट्ठियों की बौछार

अगस्त में पत्र के बाद, सीएम कार्यालय से कोई कम्युनिकेशन शुरू नहीं किया गया था। बाद में, अप्रैल 2021 में, सीएम ने राज्य में परीक्षण और टीकाकरण को तेज करने की बात कही। उन्होंने केंद्र से और अधिक वैक्सीन खुराक की माँग की और टीकाकरण के लिए आयु सीमा कम करने के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया। उन्होंने आगे केंद्र सरकार से आयु सीमा को 25 तक कम करने पर विचार करने का अनुरोध किया ताकि अधिक नागरिकों को टीका लग सके।

मुख्यमंत्री ने 5 अप्रैल, 2021 के पत्र में टीकाकरण करवाने के लिए आयु सीमा घटाकर 25 करने को कहा

22 अप्रैल, 2021 को ऑफिशियल कम्युनिकेशन में, सीएम ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के बारे में बात की और आरोप लगाया कि राज्य को दवा का आवंटित कोटा नहीं मिल रहा है। उन्होंने पीएम से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था कि राज्य को इंजेक्शन मिले ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।

सीएम ने 22 अप्रैल, 2021 के पत्र में पीएम से राज्य को आवंटित रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा

30 अप्रैल, 2021 को, उन्होंने पीएम को लिखा कि उन्होंने राज्यों को अपने स्वयं के कोविड-19 टीकाकरण प्लेटफॉर्म की अनुमति देने का सुझाव दिया, जहाँ नागरिक 18-45 आयु वर्ग के लिए ओपनिंग स्लॉट के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं, जिससे कोविन सर्वर पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा। उन्होंने पीएम से राज्यों को सीधे अन्य निर्माताओं से वैक्सीन खरीदने की अनुमति देने के लिए भी कहा।

सीएम ने पीएम से 30 अप्रैल, 2021 के पत्र में राज्यों को सीधे निर्माताओं से टीके खरीदने की अनुमति देने को कहा

कोविड -19 दूसरी लहर के लिए राज्यों के साथ केंद्र सरकार की बातचीत

रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 बैठकों के दौरान राज्यों को कोविड -19 की दूसरी लहर के बारे में चेतावनी दी थी। मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बातचीत में, पीएम मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में बढ़ते संक्रमण का मुद्दा उठाया था। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें उछाल से निपटने के लिए उपाय करने को भी कहा था।

जब मार्च के आसपास संक्रमण फिर से बढ़ने लगा तो 17 मार्च को विभिन्न मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की बैठकों में, उन्होंने उन्हें संक्रमण में एक नए स्पाइक के बारे में सचेत किया था और इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, तत्काल कदम उठाने के लिए कहा था।

दरअसल, देश के हालात पर नजर रखने के लिए पीएम मोदी ने पिछले साल 23 सितंबर से शुरू होकर इस साल 23 अप्रैल तक मुख्यमंत्रियों के साथ 6 बार बातचीत की। ऐसी बैठकों के दौरान, पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से लगातार 60 जिलों पर ध्यान केंद्रित करने और टेस्टिंग को पर्याप्त रूप से बढ़ाने के लिए कहा था। हालाँकि कोविड की दूसरी लहर आने पर महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार पर दोष मढ़ा। जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने मदद के लिए पीएम कार्यालय से कोई संपर्क ही नहीं किया।

नारदा स्टिंग मामला: TMC नेताओं को कलकत्ता HC से नहीं मिली जमानत, कल फिर होगी सुनवाई

पश्चिम बंगाल में नारदा स्टिंग मामले में गिरफ्तार तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के नेताओं को फिलहाल कलकत्ता हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी। आज (19 मई) को हुई वर्चुअल सुनवाई में टीएमसी के नेताओं को राहत नहीं मिल सकी। अब मामले में अगली सुनवाई गुरुवार (20 मई) को होगी।

सोमवार (17 मई) की सुबह सीबीआई ने ममता सरकार के मंत्री फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को पूछताछ के लिए अपने दफ्तर ले गई थी। बाद में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हालाँकि उसी शाम को जस्टिस अनुपम मुखर्जी के नेतृत्व वाली विशेष सीबीआई अदालत ने चारों आरोपितों को जमानत दे दी थी जिस पर सीबीआई ने कलकत्ता हाई कोर्ट में सीबीआई अदालत के निर्णय के खिलाफ अपील की। इस पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने टीएमसी नेताओं की जमानत पर रोक लगाते हुए 19 मई तक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। जिसके बाद टीएमसी नेताओं को प्रेसिडेंसी जेल भेज दिया गया था।

आरोपित टीएमसी नेताओं ने कलकत्ता हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जिस पर बुधवार को फिर से सुनवाई हुई। टीएमसी के चारों नेताओं की ओर से कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए। सिंघवी ने कोर्ट से टीएमसी नेताओं को अंतरिम जमानत दिए जाने का अनुरोध किया।

गौरतलब है कि टीएमसी नेताओं की गिरफ़्तारी पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआई ऑफिस पहुँच गई थीं और 6 घंटे वहीं बैठी रहीं। इस पर प्रश्न करते हुए कार्यकारी चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने सिंघवी से पूछा कि मुख्यमंत्री के 6 घंटे सीबीआई ऑफिस में बैठे रहने को किस प्रकार सही ठहराएँगे? इस पर सिंघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो भी किया वह गाँधी का तरीका था। इस पर असहमति जताते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि इसका मतलब है कि क्या अब ये कानूनी मुद्दे सड़क पर सुलझाए जा सकेंगे?

इसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस अरिजित बनर्जी की पीठ ने मामले की सुनवाई को गुरुवार (20 मई) दोपहर 2 बजे तक के लिए टाल दिया।

टीएमसी नेताओं की गिरफ़्तारी पर कोलकाता में निजाम पैलेस यानी सीबीआई दफ्तर के बाहर तृणमूल कार्यकर्ताओं (टीएमसी) ने जमकर हंगामा व उत्पात मचाया था। सीबीआई दफ्तर के बाहर सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बलों पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी भी की थी। अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सबसे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह करीब 10:48 बजे सीबीआई दफ्तर पहुँच गईं और 6 घंटे तक वहीं बैठी रहीं। उन्होंने एजेंसी को अपनी गिरफ्तारी की चुनौती भी दी थी और टीएमसी ने सीबीआई पर बदले के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।

नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भी याचिका दायर की थी।

आपको बता दें कि बंगाल में साल 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले नारदा स्टिंग टेप सार्वजनिक हुए था। स्टिंग ऑपरेशन कथित तौर पर नारदा न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था। इन स्टिंग्स में टीएमसी नेताओं को कथित तौर पर कंपनी के प्रतिनिधियों से रुपए लेते हुए देखा गया था। 

यूपी में लोगों को 3 महीने का मुफ्त राशन, कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों का पूरा खर्च उठाएगी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को तत्काल राहत पहुँचाने के लिए सभी राशन कार्ड धारकों को 3 माह की अवधि तक राशन मुफ्त देने का फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश में गुरुवार (मई 20, 2021) को प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत 3.30 करोड़ पात्र कार्ड धारकों में 3 महीने का मुफ्त राशन वितरित किया जाएगा। योगी सरकार ने फैसला लिया है कि जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड नहीं बने हैं। अभियान चलाकर उनके भी राशन कार्ड बनाए जाएँगे और उन्हें तत्काल राशन उपलब्ध कराया जाएगा।

हर कार्ड धारक को 3 किलो गेहूँ के साथ 2 किलो चावल दिया जाएगा। कम्युनिटी किचन और फूड पैकेट के जरिए रोज हजारों गरीबों तक भोजन पहुँचा रही योगी सरकार ने देश के सबसे बड़े राशन वितरण अभियान के लिए चाक चौबंद तैयारी की है। योगी सरकार ने अपने मंत्रियों, विधायकों और अफसरों को मुफ्त राशन वितरण अभियान की निगरानी के लिए जिलों में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक अलग-अलग जिलों में मौजूद रहकर राशन वितरण अभियान की शुरुआत करेंगे।

पोर्टेबिलिटी के आधार पर मिलेगा राशन

राशन वितरण की निगरानी के लिए सरकारी दुकानों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए राशन वितरण ई पास मशीनों के जरिए किया जाएगा। पात्र गृहस्थी योजना के 13,41,77,983 लोगों के साथ अंत्‍योदय अन्‍न योजना के 1,30,07,969 पात्रों को भी मुफ्त राशन वितरण योजना का लाभ मिलेगा। यूपी के कार्ड धारकों के अलावा पोर्टेबिलिटी के आधार पर कोई भी पात्र कार्ड धारक प्रदेश की सरकारी राशन की दुकानों से मुफ्त राशन प्राप्त कर सकेगा। मई महीने का राशन वितरण गुरुवार से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा। 29 से 31 मई तक पोर्टेबिलिटी के आधार पर पात्र लोगों को राशन वितरण किया जाएगा।

80 हजार सरकारी राशन दुकानों पर खाद्यान्न उपलब्ध

कम्युनिटी किचन और फूड पैकेट के जरिए पहले ही गरीबों तक भोजन पहुँचा रही योगी सरकार ने अब मुफ्त राशन वितरण अभियान के लिए बड़े स्‍तर पर तैयारी की है। प्रदेश की लगभग 80 हजार सरकारी राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुँचाने के साथ कोविड प्रोटोकॉल के पालन के भी निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्यान्न वितरण में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ टोकन सिस्टम लागू किया जा रहा है, ताकि भीड़ जुटने से रोका जा सके। राज्‍य सरकार ने हर राशन दुकान पर सेनेटाइर, साबुन और पानी की उपलब्‍धता अनिवार्य की है। ई पास मशीनों के इस्तेमाल से पहले सैनिटाइजेशन जरूरी होगा। एक दुकान पर एक समय में अधिकतम 5 उपभोक्‍ता ही मौजूद रह सकेंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने नई सूचना सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। निर्णय के अनुपालन में सभी राशन कार्ड धारकों को 03 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त, 2021 ) का राशन नि:शुल्क दिया जाना है। भारत सरकार द्वारा निर्गत SDRF की गाइडलाइन के अन्तर्गत उक्त व्यय अनुमन्य नहीं है।

वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग को पहले ही अतिरिक्त बजट आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में सभी राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण खाद्य एवं रसद विभाग को आवंटित विभागीय बजट से किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2021-22 में वितरण की प्रक्रिया के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएँगे।

गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार ने पात्र कार्ड धारकों को 8 महीने तक मुफ्त राशन वितरण किया था। 5 किलो खाद्यान्‍न प्रति यूनिट की दर से राज्‍य सरकार ने सरकारी दुकानों से पिछले साल अप्रैल से नवंबर तक 60 लाख मी. टन खाद्यान्न का मुफ्त वितरण किया था, जो कि देश में एक रिकार्ड है।

कोरोना से अनाथ हुए बच्चों का पूरा खर्च उठाएगी योगी सरकार

वहीं कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण जो बच्चे अनाथ और निराश्रित हो गए हैं, उनके लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार नई नीति लाने वाली है। राज्य सरकार ने बुधवार (मई 19, 2021) को यह फैसला लिया। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि ऐसे बच्चे जो अनाथ और निराश्रित हो गए हैं, वह राज्य की संपत्ति हैं।

सरकारी योजना के तहत कोरोना वायरस के कारण जिन बच्चों के माता-पिता की मौत हो गई है, उनके भरण-पोषण सहित सभी तरह की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा मुहैया कराई जाएगी। राज्य सरकार जल्द ही इस योजना के तहत बच्चों की देखभाल का जिम्मा उठाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग को इस संबंध में तत्काल विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जैसे ही महिला एवं बाल विकास विभाग कार्ययोजना तैयार की जाएगी, वैसे ही इसे लागू करने का भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

हाथरस में चोरी का खुलासा: 1.5 साल पहले चोरी की गई अष्टधातु की 3 मूर्तियाँ बरामद, 4 गिरफ्तार, 2 अवैध तमंचे बरामद

उत्तर प्रदेश में हाथरस जिले के सिकंदरामऊ थाना क्षेत्र के पूर्दिल नगर कस्बे में स्थित सैकड़ों वर्ष प्राचीन ठाकुर मुरली मनोहर जी के मंदिर से 28 नवंबर 2019 की रात को डकैतों ने धावा बोलकर सैकड़ो वर्ष पुरानी करोड़ों रुपए की अष्ट धातु की मूर्तियाँ लूट ली थी। पुलिस ने अब इस मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। यूपी पुलिस ने ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी।

जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद खुलासे के लिए हाथरस पुलिस के साथ SOG और STF भी लगीं थीं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। वहीं क्षेत्रीय लोगों द्वारा भी कई महीने तक मूर्तियों की बरामदगी के लिए आंदोलन भी किया गया था लेकिन मूर्तियाँ बरामद नहीं हुईं। अब पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा नए सिरे से तेज तर्रार इंस्पेक्टर जगदीश चन्द्र के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसके बाद से ही मूर्तियों की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए गए।

अष्टधातु की तीन मूर्तियाँ बरामद की गईं

पुलिस अधीक्षक हाथरस विनीत जायसवाल ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुरदिल नगर मंदिर से चोरी हुई करोड़ों रुपए की अष्टधातु की तीन मूर्तियों को बरामद कर लिया गया है। साथ ही घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया है। बरामद की गई मूर्तियों में एक राधा जी की, एक कृष्ण जी की और एक लड्डू गोपाल जा की मूर्तियाँ हैं।

2 अवैध तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं। इस गुड वर्क को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए के नगद इनाम देने की घोषणा की गई है। यूपी पुलिस ने बताया कि यह मूर्ति लगभग 19वीं सदी की है।

‘बुजुर्ग ने CM योगी को गाँव में नहीं घुसने दिया’: एडिटेड वीडियो शेयर कर झूठ फैलाने वाले कॉन्ग्रेस नेता पर FIR

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ जिले के दौरे से जुड़ा एक वीडियो एडिट करके गलत तरीके से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में कॉन्ग्रेस नेता ओमवीर यादव पर केस दर्ज किया गया है। सीएम आदित्यनाथ कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लेने मेरठ के बिजौली गाँव पहुँचे थे।

पश्चिमी यूपी युवा कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओमवीर यादव, अभिनेत्री नगमा और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी कंवल चड्ढा सहित कुछ उपद्रवियों और विपक्षी दलों के नेताओं ने इस दौरे का एक वीडियो पोस्ट किया।

कॉन्ग्रेस नेता ओमवीर यादव के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

विपक्षियों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए यह दिखाने की कोशिश की कि क्षेत्र के निवासियों ने सीएम आदित्यनाथ का रास्ता रोक दिया और उन्हें गाँव में प्रवेश नहीं करने दिया। हालाँकि, यह दावा गलत निकला था और अब इस मामले में यूथ कॉन्ग्रेस के वेस्ट यूपी अध्यक्ष ओमवीर यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।

मेरठ पुलिस ने भी इस वीडियो का खंडन किया था और कहा था कि सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया गया है वह निराधार और भ्रामक है। यह फेक न्यूज फैलाने के दायरे में आता है। कॉन्ग्रेस नेता ओमवीर यादव के खिलाफ खरखौदा थाने में एफआईआर हुई है। एसएचओ संजय शर्मा के अनुसार ओमवीर यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 और आईटी ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में दौरे पर जा रहे हैं और लोगों से कोरोना वायरस संक्रमण और उसके इलाज की स्थिति पर जानकारियाँ ले रहे हैं। इसी क्रम में सीएम आदित्यनाथ 16 मई 2021 को जनपद मेरठ के बिजौली गाँव पहुँचे। इस पर विपक्षी दलों और सीएम आदित्यनाथ के विरोधियों ने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें बताया गया कि क्षेत्र के निवासियों ने सीएम आदित्यनाथ का रास्ता रोक दिया और उन्हें गाँव में प्रवेश नहीं करने दिया।

महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर हमले के 436 केस: उद्धव सरकार की लापरवाही पर बॉम्बे HC ने लगाई फटकार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (मई 19, 2021) को डॉक्टरों की सुरक्षा के मद्देनजर कोई कदम न उठाने पर महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को देखकर ऐसा नहीं लग रहा है कि वह डॉक्टरों पर होने वाले हमलों को रोकने के संबंध में गभीर हैं।

कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दिपांकर दत्ता और जस्टिस जीएस कुलकर्णी की पीठ ने राज्य स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव द्वारा दायर हलफनामे का जिक्र करते हुए अपनी टिप्पणी की। इस हलफनामे को 13 मई को जारी एक आदेश के मद्देनजर दायर किया गया था।

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि वो इस बात की जानकारी दें कि डॉक्टरों पर या अस्पताल स्टाफ पर हमले की कितनी घटनाएँ दर्ज हैं और उन्हें प्रोटेक्ट करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

इसी आदेश के मद्देनजर हलफनामे में स्वास्थ्य विभाग ने ये तो बता दिया कि पूरे राज्य भर में डॉक्टरों पर हमले के 436 केस दर्ज हुए लेकिन इनकी तारीख या फिर इनसे जुड़ी अतिरिक्त जानकारी बताने में असफल रहे। 

पीठ ने एक पन्ने का हलफनामा देखकर हैरानी जताते हुए कहा कि इसमें उच्च न्यायालय द्वारा अपने पहले के आदेश में पूछे गए किसी भी प्रश्न का जवाब नहीं है। पीठ ने कहा, “ये हैरानी की बात है कि एक पन्ने का हलफनामा दायर किया गया। अगली बार से हम ऐसे हलफनामे नहीं स्वीकारेंगे जब तक कि सरकारी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की जाती।”

कोर्ट ने कहा, “हम केवल एक ही शब्द उपयोग कर सकते हैं वह दयनीय है। यह बिल्कुल बेहूदा है। राज्य अपने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। फिर भी, जनता उम्मीद करती है कि डॉक्टर अपना सब कुछ देंगे।”

सुनवाई के दौरान पीठ ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव को अगले सप्ताह तक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ये भी बताया कि उन्हें हलफनामे में क्या-क्या चाहिए। कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में याचिकाकर्ताओं द्वारा पिछले सप्ताह इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने और डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए दिए गए विभिन्न सुझावों पर राज्य की प्रतिक्रिया भी शामिल होनी चाहिए।

बता दें कि इस संबंध में जनहित याचिका डॉ राजीव जोशी द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों पर होने वाले हमलों में रोकथाम के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की थी। याचिका में बताया गया था कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा ऐसी घटनाएँ हुई और महाराष्ट्र सरकार ऐसे हमलों को रोकने के लिए बने बनाए कानूनी प्रावधान भी लागू नहीं कर पाई। अब मामले की सुनवाई 27 मई को होगी।

गुजरात को ₹1000 करोड़ का राहत पैकेज: पीएम मोदी ने Tauktae से नुकसान का लिया जायजा

चक्रवाती तूफान Tauktae की वजह से गुजरात, दमन-दीव में भारी नुकसान हुआ। इस नुकसान का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (मई 19, 2021) को गुजरात, दमन और दीव के दौरे पर पहुँचे। पीएम मोदी सबसे पहले भावनगर पहुँचे। यहाँ उन्होंने चक्रवाती तूफान Tauktae से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। 

पीएम मोदी ने गुजरात को दिया एक हजार करोड़ का राहत पैकेज

पीएम मोदी ने गुजरात में राहत कार्यों के लिए एक हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। पीएमओ बताया कि गुजरात में नुकसान के आकलन के लिए केंद्र सरकार एक अंतर-मत्रीय दल को यहां तैनात करेगी।

साथ ही केंद्र सरकार ने देश भर में तूफान Tauktae के चलते जान गंवाने वालों के परिजनों को को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया। इस भयंकर चक्रवाती तूफान से अब तक गुजरात में 13 और देश भर में मरने वालों की संख्या 45 हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ऊना, दीव, जाफराबाद और महुवा इलाके का हवाई दौरा किया और चक्रवाती तूफान Tauktae के कारण हुए नुकसान का जायदा लिया। हवाई सर्वे करने के बाद पीएम मोदी की अहमदाबाद में रिव्यू बैठक किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात सीएम विजय रुपाणी की मौजूदगी में चक्रवात Tauktae की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान के कारण राज्य में कुल 13 मौतें हुई हैं, 16000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुँचा, 40 हजार से ज्यादा पेड़ और 70 हजार से ज्यादा बिजली के खंभे उखड़ गए जबकि 5951 गाँवों में बिजली चली गई। यह राज्य में आया, अब तक का सबसे भयावह चक्रवात बताया जा रहा है। Tauktae के कारण सौराष्ट्र से लेकर उत्तरी गुजरात के तट तक भारी बारिश देखने को मिली और कम से कम 46 तालुका में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई जबकि 12 में 150 से 175 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

चक्रवात Tauktae दोपहर बाद अहमदाबाद जिले की सीमा से लगते हुए उत्तर की तरफ बढ़ गया। इससे पहले और इस दौरान भी यहाँ लगातार भारी बारिश हुई जिससे शहर के कई इलाकों में घुटनों तक जलजमाव हो गया। चक्रवाती तूफान के कारण गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और करीब 35 तालुका में एक इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि Tauktae अब कमजोर होकर जैसे-जैसे उत्तर की तरफ बढ़ेगा यह गहरे दबाव में बदल जाएगा।

NDTV के पूर्व पत्रकार दिनेश मानसेरा को उत्तराखंड CM ने मीडिया सलाहकार पद से हटाया

NDTV के पूर्व पत्रकार दिनेश मानसेरा को उत्तराखंड मुख्यमंत्री तीरथ सिंह के मीडिया एडवाइजर के पद से बुधवार (मई 19, 2021) को हटा दिया गया। मानसेरा की नियुक्ति के बाद से सोशल मीडिया पर उनके पुराने ट्वीट शेयर किए जा रहे थे। कुछ लोगों का उन ट्विट्स को देखकर ये भी कहना था कि भाजपा को ऐसे नेताओं के होते दुश्मनों की जरूरत नहीं है

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बता दें कि दिनेश मानसेरा को दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का मीडिया सलाहकार बनाया गया था। लेकिन बुधवार को अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी की गई अधिसूचना में बताया गया कि 17 मई वाले आदेश को सरकार ने निरस्त कर दिया है।

एक यूजर ने मानसेरा की पुरानी फोटो शेयर करते हुए तीरथ सिंह से कहा था, “बढ़िया आदमी ढूँढ कर लाए हो मीडिया एडवाइजर के लिए। कल तो भाई साब एकाउंट डिलीट कर दिए थे आज लेकिन ये फोटो निकल आई (मीडिया गिरोह के कई नामी चेहरों के साथ तस्वीर) बढ़िया है, अगले साल वैसे आपके पास जॉब रहे या न रहे इसके पास जरूर रहेगा, कॉन्ग्रेस पार्टी का।” 

कुछ लोग दिनेश को संघी बताकर उत्तराखंड सीएम के इस फैसले का बचाव कर रहे थे। हालाँकि, एक दक्षिणपंथी अकॉउंट (@squineon) से कहा गया, “मैं दिनेश मानेसर पर अपने ट्वीट डिलीट कर  दूँगा अगर वह संघ का निकला लेकिन संघी कभी मोदी को फेकू, धूर्त नहीं बोलेगा और न ही रावत जाति का उपहास उड़ाएगा।”

दिनेश के पुराने ट्वीट में उन्हें खुलकर भाजपा का विरोध करते देखा जा सकता है। इसके अलावा कुंभ को लेकर नकारात्मक संदेश आगे प्रसारित करने वालों में दिनेश मानसेरा का नाम शामिल था। ट्वीट देखकर लगता है कि उनका लगाव दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया से भी ज्यादा है।

सबसे बड़ी बात है कि जिन तीरथ सिंह के सीएम बनने के बाद से दिनेश के मीडिया एडवाइजर बनने की अटकलें लग रही थीं। उन्हीं मानेसर ने कुछ दिन पहले सीएम पद को लेकर सवाल उठाया था। अपने ट्वीट में उन्होंने पूछा था कि क्या मोदी अमित शाह की भाजपा बदल रही है।

मालूम हो कि 17 मई को जारी आदेश में दिनेश मानसेरा को मीडिया सलाहकार नियुक्त किया गया था। समाचार डॉट कॉम के अनुसार, उन्होंने 25 वर्ष पत्रकारिता को दिए। इस दौरान वह कई टीवी चैनल्स में कार्यरत रहे। उन्होंने अपनी सेवा पांचजन्य अखबार को भी दी और कुछ समय पहले तक वो एनडीटीवी में कुमाऊँ मंडल के प्रभारी थे।

दिनेश मानसेरा ने कहा- गरिमा बनी रहे इसलिए पद अस्वीकार्य

उल्लेखनीय है कि मीडिया एडवाइजर पद से निरस्त किए जाने के बाद दिनेश मानसेरा ने सोशल मीडिया पर बताया है कि उन्होंने इस पोस्ट को अस्वीकार दिया। उन्होंने पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का मीडिया सलाहकार उन्हें उनके पत्रकारिता अनुभव और व्यवहार को देखते हुए बनाया गया। लेकिन सोशल मीडिया पर अनजान लोगों तक ने इस बीच उनके और उनके परिवार वालों के बारे में बातें उछालीं।

उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति के बाद उठ रहे सवालों से सीएम को भी कष्ट पहुँच रहा है क्योंकि उन्हें रखने का निर्णय सीएम का ही था। मानसेरा कहते हैं कि सीएम सरल और सज्जन व्यक्ति हैं इसलिए उन्हें पदभार करने से पहले सभी विषयों पर सोचना समझना पड़ा और यही फैसला लिया कि जब ऐसे लोग घिरे रहेंगे तो काम करने का औचित्य नहीं। वह लिखते हैं, “मुझे पद की लालसा कभी नहीं रही ये मेरे करीबी जानते हैं। मान सम्मान सबका जरूरी है। जोकि कायम रहना चाहिए…सबकी गरिमा बनी रहे इसलिए मैं इस पद को अस्वीकार करता हूँ।”

तरबूज काट थूकता था, फिर बेचता था: मोहम्मद फरमान की करतूत CCTV में कैद, गिरफ्तार

हाल के दिनों वीडियो सामने आए हैं, जिसमें भोजन पकाने या खाद्य पदार्थ बेचने वालों ने उसमें थूक कर ग्राहकों को खिलाया। इस तरह का ताज़ा मामला अब मुजफ्फरनगर से सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति काटी हुई तरबूज में थूक कर उसे बेच रहा था। ये घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी की है, जहाँ एक फल/सब्जी बेचने वाले ने ये करतूत की। आरोपित फरमान को पुलिस ने धर-दबोचने में कामयाबी पाई है।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने जानकारी दी है कि थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। एक मोहल्ला वाली की तहरीर पर पुलिस ने FIR दर्ज की। ये घटना सोमवार (मई 17, 2021) की है, जब रामपुरी में फरमान एक रेहड़े पर सब्जी व फेल बेच रहा था। उसी समय उसकी हरकतों का वीडियो CCTV में रिकॉर्ड हो गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि वो अचानक एक तरबूज उठाता है और उसमें लगे कट पर थूक देता है। स्थानीय व्यक्ति प्रदीप की शिकायत के पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपित सरवट पीर थाना सिविल लाइन का रहने वाला है। उसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। शहर कोतवाल योगेश शर्मा ने उसकी गिरफ़्तारी की पुष्टि की है। गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के अलावा दिल्ली में भी ऐसे मामले सामने आए थे।

मार्च 2021 में गाजियाबाद में मोहसिन नाम का एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया था जो रोटियों में थूक रहा था। गुरुग्राम से भी इसी तरह का एक वीडियो सामने आया था। दिल्ली से मोहम्मद खालिक, मोहम्मद इब्राहिम और अनवर को खाने में थूकते हुए पाया गया था। मेरठ का नौशाद शादी समारोहों में भोजन पकाते समय थूका करता था। शामली में इसी तरह का एक मामला सामने आया था। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

Tauktae के तबाही मचाने के बाद एक और चक्रवाती तूफान ‘Yaas’ के आने की आशंका, जानें कहाँ और कब

भारत के पश्चिमी भाग में स्थित अरब सागर में उत्पन्न हुए  Cyclone Tauktae के बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र उत्पन्न हो रहा है। इसे लेकर मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे इस कम दबाव के क्षेत्र के तीव्र होकर Cyclone Yaas में परिवर्तित होकर आगामी 23 से 27 मई के बीच पश्चिम बंगाल के तट से टकराने की आशंका है। यह दावा किया जा रहा है कि इस सुपर साइक्लोन के कारण भारत के पूर्वी तट समेत पश्चिम बंगाल के सुंदरबन इलाके में बारिश और तूफान की संभावना है।

देश के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव माधवन राजीवन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बंगाल की खाड़ी के मध्य पूर्वी क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिसका समय 23 मई अनुमानित है। राजीवन ने कहा, “यह सिस्टम 27 मई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से टकरा सकता है। हमारे मॉडल्स में इस कम दबाव क्षेत्र के निर्माण की जानकारी प्राप्त हो रही है लेकिन पूरी जानकारी अगले 2 या 3 दिन में उपलब्ध हो जाएगी।“ हालाँकि राजीवन ने यह भी बताया कि यदि ऐसा कोई चक्रवाती तूफान बनता भी है तो वह संभवतः Cyclone Tauktae जितना खतरनाक नहीं होगा।

अगर आया साइक्लोन तो नाम होगा Yaas, जानिए क्यों

हालाँकि क्षेत्रीय मौसम विभाग ने किसी भी चक्रवाती तूफान (Super Cyclone) की जानकारी देने से इनकार किया है। रिपब्लिक की खबर के अनुसार मौसम विभाग ने अपने बयान में कहा है कि विभाग द्वारा केवल एक कम दबाव के क्षेत्र की जानकारी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मध्य-पूर्वी क्षेत्र के आसपास 23 मई तक एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा।

मौसम विभाग का कहना है कि इस पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और वर्तमान में किसी भी चक्रवाती तूफान की संभावनाएं मात्र कम दबाव के क्षेत्र तक ही सीमित है। यदि इस कम दबाव के क्षेत्र से किसी चक्रवाती तूफान का निर्माण होता भी है तो उसकी पूरी जानकारी और चेतावनी दी जाएगी। मौसम विभाग द्वारा यह भी बताया गया है कि यदि चक्रवात उत्पन्न होगा तो उसका नाम ‘Cyclone Yaas’ होगा। यह नाम ओमान द्वारा दिया गया है। ‘Yaas’ का तात्पर्य है निराशा।   

गुजरात में अपना प्रभाव दिखाने के बाद अब Cyclone Tauktae कमजोर पड़ने लगा है। एनडीआरएफ के प्रमुख एस एन प्रधान ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात का सबसे खराब दौर बीत चुका है और अब चक्रवात कमजोर पड़ जाएगा। हालाँकि भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात अब उत्तर भारत की ओर बढ़ चुका है जिसके कारण पंजाब, हरियाणा और सटे इलाकों में बारिश की संभावना है।