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‘पार्टनर के बिना फील करती थी अकेला तो पापा को ही बना लिया था बॉयफ्रेंड’: विवियन रिचर्ड्स की एक्स गर्लफ्रेंड नीना गुप्ता

आयुष्मान खुराना अभिनीत फिल्म ‘बधाई हो (2018)’ से सुर्ख़ियों में आईं अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपने जीवन और अकेलापन को लेकर कुछ राज़ खोले हैं। नीना गुप्ता उक्त फिल्म में एक बुजुर्ग गर्भवती महिला का किरदार निभा कर कई अवॉर्ड बटोर ले गई थीं। नीना ने कहा है कि उनके जीवन में एक समय वो इतना अकेलापन महसूस करती थीं कि अपने पिता को ही अपना बॉयफ्रेंड समझने लगी थीं।

नीना गुप्ता का कहना है कि उनके जीवन में लम्बे समय तक न कोई बॉयफ्रेंड आया और न ही पति, जिस कारण उनका अकेलापन बढ़ता ही जा रहा था। इन सबसे बहार निकलने के पीछे का राज़ बताते हुए उन्होंने बताया कि वो पिछली बातों में अटकी नहीं रहीं, जिससे इन समस्याओं से उन्हें मुक्ति मिली। काम के दौरान उन्हें जब अपमानित किया जाता था, तब वो खुद को अकेला महसूस करती थीं। हाल ही में नीना गुप्ता को ‘सरदार का ग्रैंडसन’ फिल्म में देखा गया।

इस फिल्म में अर्जुन कपूर और रकुल प्रीत सिंह मुख्य किरदारों में हैं। नीना गुप्ता ने RJ सिद्धार्थ कन्नन को दिए गए इंटरव्यू में बताया, “मैंने काफी बार खुद को अकेला महसूस किया है। पूरी ज़िंदगी ऐसा मेरे साथ हुआ है। मेरे जीवन में लम्बे समय तक कोई बॉयफ्रेंड या पति नहीं था। वस्तुतः मेरे पिता ही मेरे बॉयफ्रेंड थे। मेरे घर में वही मुख्य पुरुष थे। मेरे साथ ऐसा इसीलिए होता था क्योंकि काम के समय मुझे अपमानित किया जाता था।”

बता दें कि नीना गुप्ता वेस्टइंडीज के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में से एक सर विवियन रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में हुआ करती थीं। इन दोनों की बेटी मशाबा गुप्ता पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। नीना फ़िलहाल विवेक मेहरा के साथ शादीशुदा जीवन का लुत्फ़ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें पहली बार ऐसा लगा कि वो एक शादीशुदा जोड़े की तरह रह रहे हैं। नीना और विवेक दो दशक पहले मुंबई से लंदन की एक फ्लाइट में मिले थे।

RJ सिद्धार्थ कन्नन ने ‘ग्रैंडसन’ के एक्टर्स का लिया इंटरव्यू

तब से ये दोनों साथ ही हैं। लॉकडाउन के दौरान 6 महीने तक दोनों उत्तराखंड के नैनीताल स्थित मुक्तेश्वर गाँव में थे। जहाँ विवेक सामान्यतः दिल्ली में रहते हैं, नीना को काम के सिलसिले में मुंबई में रहना पड़ता है। नीना ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान पहली बार दोनों को एक-दूसरे को जानना-समझने का मौका मिला। नीना गुप्ता 1994 की फिल्म ‘वो छोकरी’ में एक युवा विधवा महिला का किरदार निभा कर पहली बार सुर्ख़ियों में आई थीं। तब उन्हें नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था।

13 साल की बच्ची को अश्लील तस्वीर और गंदे वीडियो से ब्लैकमेल: बाल-दाढ़ी बनाने वाला मो. आमिर UP से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 13 साल की बच्ची से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती करने के बाद उसकी अश्लील तस्वीर बनाकर उसे ब्लैकमेल करने के मामले में मोहम्मद आमिर (21 साल) नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में पीड़ित बच्ची के पिता ने अलीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई उनकी बच्ची को अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पुलिस को बताया कि किसी ने उनकी बेटी के इंस्टाग्राम पर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे एक्सेप्ट करने के बाद आरोपित उनकी बेटी को लगातार अश्लील वीडियो और इमेज भेजकर ब्लैकमेल करने लगा।

बच्ची को ब्लैकमेल करने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जाँच के लिए एक एसआई और दो कॉस्टेबल की टीम गठित कर दी, जिसे अलीपुर थाने के एसएचओ ने लीड किया। साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने आरोपित की लोकेशन पता लगाने के बाद पहले उसके खिलाफ सबूत इकट्ठा किया। इसके बाद पुलिस की टीम ने यूपी के बिजनौर जिले के नेहटौर गाँव से उसे धर दबोचा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद आमिर अपने गाँव में एक सैलून की दुकान में काम सीख रहा था। वह सोशल मीडिया पर खुद को एक अच्छे पारिवारिक बैकग्राउंड का बताकर लड़कियों से दोस्ती करता था।

पुलिस ने बताया कि आरोपित ने लड़की को ब्लैकमेल करके उससे 5,000 रुपए माँगे थे, जिसमें से लड़की ने उसे ऑनलाइन 2000 रुपए दे भी दिया था, लेकिन, आरोपित बाकी के पैसे के लिए उसे धमका रहा था।

आमिर ऐसी कई सारी लड़कियों को इसी तरीके से ब्लैकमेल कर चुका है। इस मामले में डीसीपी आउटर नॉर्थ दिल्ली, राजीव रंजन सिंह ने कहा, “आरोपित पर आईपीसी की धारा 387 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है।”

AltNews ने उठाया टूलकिट पर कॉन्ग्रेस को बचाने का जिम्मा, पोल खुलते बदल डाली ट्वीट… अब इस पर भी फँसा

कॉन्ग्रेस पार्टी का टूलकिट जैसे ही मंगलवार (मई 18, 2021) को लीक हुआ, पार्टी को बचाने के लिए उसका एक अघोषित मुखपत्र सामने आ गया। इस टूलकिट में कुम्भ को बदनाम कर हिन्दू धर्म को नीचा दिखाने, ईद का महिमामंडन करने, PM मोदी की छवि धूमिल करने और जलती चिताओं व लाशों की तस्वीरों के जरिए भारत का नाम बिगाड़ने का पूरा खाका था। इसके बाद AltNews ने फैक्ट-चेक के नाम पर झूठ परोसा और फिर उस पर लीपापोती की।

यह खेल कैसे खेला गया, उसकी क्रोनोलॉजी समझते हैं। कॉन्ग्रेस के लीक हुए टूलकिट में स्पष्ट लिखा था कि पार्टी के नेता कोरोना महामारी के बीच सोशल मीडिया पर किसी भी पीड़ित को मदद करने से पहले उसे कहें कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी और इसके नेताओं के हैंडल्स को टैग करें। इसके बाद ‘दोस्त पत्रकारों’ की मदद से उस गुहार को वायरल करने की सलाह दी गई थी। फिर कॉन्ग्रेस नेता ‘मदद’ करते। इसमें भी पत्रकारों और प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता देने को कहा गया था।

AltNews इस बात को झूठ साबित करने निकल पड़ा और उसने दावा किया कि कॉन्ग्रेस के नेता उन लोगों की भी मदद कर रहे थे, जिन्होंने उन्हें या उनकी पार्टी को टैग नहीं किया था। प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर के पोर्टल ने दावा किया कि एक फर्जी लेटरहेड पर ये कॉन्ग्रेस का टूलकिट उसके विरोधियों ने तैयार किया है, पार्टी को बदनाम करने के लिए। साथ ही साक्षी नाम की एक महिला का ट्वीट सबूत के रूप में दिखाया।

प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews ने दावा किया कि साक्षी ने कॉन्ग्रेस पार्टी या इसके नेताओं को टैग तक नहीं किया था, लेकिन फिर भी ‘इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस (IYC)’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV ने उसकी मदद की। ये ट्वीट सोमवार का है, अर्थात टूलकिट लीक होने से एक दिन पहले का। इस ट्वीट में उन्होंने एक मरीज के लिए प्लाज्मा की गुहार लगाई थी। इसके बाद श्रीनिवास और साक्षी में बात हुई कि प्लाज्मा थेरेपी को सरकार ने कोरोना के इलाज से हटा दिया है या नहीं।

फिर श्रीनिवास ने साक्षी को मैसेज से एक नंबर भेजा और ‘SOS टीम’ से संपर्क करने को कहा। अब सवाल उठता है कि क्या सचमुख IYC के अध्यक्ष ने टूलकिट के हिसाब से काम नहीं किया और बिना खुद को या अपनी पार्टी को टैग किए ही मदद के लिए हाथ बढ़ा दिया। दरअसल, ऐसा नहीं है। साक्षी ने SOS वाले हैशटैग्स के साथ उस ट्वीट को कोट करते हुए एक और ट्वीट किया था, जिमसें उन्होंने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी समेत कई बड़े नेताओं को टैग किया था।

जिस लेख में ‘तुलनात्मक अध्ययन’ की बातें कर कॉन्ग्रेस के टूलकिट को विरोधियों की साजिश बताई गई, उसी लेख में ये झूठ फैलाया गया कि कॉन्ग्रेस नेता ने बिना टैग हुए एक महिला की मदद की। जब पोल खुल गई तो AltNews ने चुपके से साक्षी के ट्वीट को अपने लेख से हटा दिया और उसकी जगह पत्रकार आदित्य राज कौल का ट्वीट लगा दिया और साथ ही लेख में भी साक्षी के नाम की जगह कौल का नाम एडिट कर के डाल दिया गया।

इसमें देखा जा सकता है कि कौल ने लिवर ट्रांस्पलांट कराने वाले एक कोविड नेगेटिव मरीज के लिए O ग्रुप ब्लड के लिए निवेदन पोस्ट किया था। श्रीनिवास ने उन्हें रिप्लाई देते हुए बताया कि ब्लड का इंतजाम कर दिया गया है और वो दो अन्य डोनर्स को भी भेज रहे हैं। क्या साक्षी वाला ट्वीट हटा कर आदित्य राज कौल का ट्वीट डालने से AltNews ने गलती सुधार ली? नहीं। क्योंकि, कौल का ट्ववीट टूलकिट के लीक होने के बाद किया गया था।

‘टीम भारत’ ने मंगलवार को सुबह 10:01 बजे टूलकिट को लीक किया था, जबकि आदित्य राज कौल के निवेदन का ट्वीट 11:04 बजे का है, यानी ठीक एक घंटे बाद का। कौल का ट्वीट लगाते हुए AltNews ये भी भूल गया कि इसी टूलकिट में पत्रकारों के निवेदन को प्राथमिकता देने की बात की गई थी। AltNews ने टूलकिट के लीक होने के बाद के एक ट्वीट को लेकर ये साबित करना चाहा कि ये टूलकिट फेक है और इसके हिसाब से काम नहीं हो रहा था।

‘मरने दूँगा बच्चों को, नहीं बचाऊँगा… उनकी मौत से दिखेगी इजरायली क्रूरता’: 36 सेकंड के कॉल से समझें इस्लामी फिलिस्तीनी मानसिकता

‘इजरायल बहुत गलत कर रहा है। कमजोर फिलिस्तिनियों को मार रहा है। फिलिस्तीनी बच्चों के शव मलबे से निकाले जा रहे हैं। उनके जूतों में खून लगा हुआ है। उनके बेजान लटके हाथ दिख रहे हैं।’ – यही 4-5 लाइन या 4-5 फोटो आपको सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया खबरों में दिख रही होगी। लेकिन कहानी में ट्विस्ट है। पहले नीचे के ट्वीट को गौर से देखते हैं। इस वीडियो में अरबी में कही जा रही बातों का अंग्रेजी अनुवाद भी दिया गया है।

ये वीडियो है दो लोगों की बातचीत का। इनमें से एक ‘इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF)’ का प्रतिनिधि है तो एक फिलिस्तीन की गाज़ा पट्टी स्थित एक इमारत के संचालक का। जैसा कि इजरायल दोहराता आया है, उसने किसी भी इमारत को ध्वस्त करने से पहले वहाँ के लोगों को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त वक़्त और पूर्व-सूचना दी है। समाचार एजेंसी अल-जज़ीरा की इमारत को तबाह करने से पहले भी उन्हें बाहर निकलने को कह दिया गया था।

इसी तरह एक अन्य ठिकाने को निशाना बनाने से पहले इजरायल ने वहाँ फोन कॉल कर के आम लोगों को 1 घंटे में बाहर निकालने को कहा। इसमें फिलिस्तीन की तरफ से कहा जाता है कि वो हर व्यक्ति को इमारत से बाहर नहीं निकाल सकता और इसके लिए कम से कम 2 घंटे चाहिए होंगे। इस पर IDF उन्हें समझाता है कि इमारत पर बम गिरने वाली है, इसीलिए इसे खाली कराना ज़रूरी है। इस पर उधर से कहा जाता है कि तुम जहाँ मन हो बॉम्बिंग करो।

IDF इस रूखे से जवाब पर बड़े प्यार से समझाता है, “नहीं भाई। हम वो हर कुछ करेंगे जिससे आपकी जान बच जाए।” इस पर फिलिस्तीन का अधिकारी कहता है कि वो मरना चाहता है और इमारत में मौजूद सभी लोग मरना चाहते हैं। IDF उसे बार-बार समझाता है कि क्या कम से कम महिलाओं व बच्चों को बचाने की भी उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है? इस पर फिलिस्तीन की तरफ से कहा जाता है कि अगर बच्चों को मरने की ज़रूरत है तो उन्हें मरने दो।

अंत में व्यक्ति इसका कारण भी बता देता है। वो कहता है कि दुनिया को इजरायल की क्रूरता के बारे में बताने के लिए वो बच्चों को इमारत से बाहर नहीं निकालेगा, उन्हें नहीं बचाएगा और मरने देगा। बमबारी से पहले 1 घंटे का समय दिए जाने के बावजूद इस तरह की भाषा बताती है कि फिलिस्तीनी महिलाओं बच्चों को बचाने के लिए पर्याप्त वक़्त मिलने के बावजूद उन्हें जानबूझ कर मौत के मुँह में झोंक रहे हैं, ताकि इजरायल को बदनाम किया जा सके।

बता दें कि जहाँ एक तरफ इजरायल ‘आयरन डोम‘ से फिलिस्तीनी रॉकेट्स को रोक कर अपने लोगों की जान बचा रहा है, वहीं उसने अब पिछले 10 वर्षों से हमास के आतंकियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक मेट्रो टनल को तबाह कर दिया है। इसी टनल के माध्यम से आतंकी आवागमन, हथियारों की तस्करी और प्रशिक्षण का कार्य करते थे। मात्र 5 दिनों में इजरायल ने इसे नेस्तनाबूत कर दिया। वहीं हमास के कई रॉकेट्स मिसफायर होकर गाज़ा पट्टी में ही गिरे हैं।

नेतन्याहू ने कहा, ‘नहीं माना हमास तो गाजा को जीत सकता है इजरायल’, ‘संघर्ष विराम की अमेरिकी अपील ठुकराई

इजरायल-फिलिस्तीन के बीच संघर्ष-विराम को लेकर बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार (19 मई) को इस संघर्ष के और तेज होने और गाजा को जीतने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि इजरायल शुरू में फिलिस्तीन आतंकी संगठन हमास के रॉकेट हमलों को रोकने की नीति पर काम कर रहा था, लेकिन अब इन हमलों के तेज होने और यहाँ तक कि फिलिस्तीनी नियंत्रण वाले गाजा पट्टी इलाके को जीतने की संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता।

नेतन्याहू तेल अवीव में किर्या सैन्य अड्डे पर लगभग 70 विदेशी राजनयिकों को संबोधित कर रहे थे। जहां उन्होंने उन्हें एक सप्ताह से अधिक की लड़ाई के बाद की स्थिति की जानकारी दी। इस संघर्ष के दौरान गाजा के आतंकी समूहों ने इजरायल जमकर पर रॉकेट दागे, जिसका जवाब इजरायल ने एयर स्ट्राइक के जरिए दिया है। दोनों पक्षों पर मध्यस्थों के माध्यम से युद्धविराम पर सहमत होने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।

नेतन्याहू ने इजरायल पर रॉकेट हमले करने वाले हमास के बारे में कहा, “आप या तो उन्हें जीत सकते हैं, या आप उन्हें रोक सकते हैं।” नेतन्याहू ने कहा, “हम अभी जोरदार प्रतिरोध में लगे हुए हैं, लेकिन मुझे कहना होगा, हम किसी भी चीज से इंकार नहीं कर रहे हैं।”

इजरायल ने अमेरिका का संघर्ष विराम का प्रस्ताव ठुकराया

उधर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन की संघर्ष को कम करने की माँग की खारिज करते हुए कहा कि वह तब तक गाजा में ऑपरेशन जारी रखने के लिए ‘दृढ़’ हैं, जब तक कि उनके उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैन्य मुख्यालय के दौरे के बाद, नेतन्याहू ने कहा कि वह अमेरिकी समर्थन की सराहना करते हैं, लेकिन शांति बहाल होने तक आगे बढ़ते रहेंगे। नेतन्याहू की यह प्रतिक्रिया बिडेन ने उन्हें फोन करके उन हमलों को कम करने के लिए कहने के बाद आई है, जिसमें अब तक सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।

नेतन्याहू ने बुधवार को बाद में अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा गया कि इजरायल ”इजरायल अपने नागरिकों की शांति और सुरक्षा की वापसी के लिए आगे बढ़ेगा।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन को तब तक जारी रखने के लिए दृढ़ हैं जब तक कि इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता, जोकि अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ती दरार का संकेत है।

बिडेन का अधिक कठोर सार्वजनिक रुख पहले की उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने निजी तौर पर नेतन्याहू से कहा था कि वह उन्हें अनिश्चित काल तक आलोचना से नहीं बचा सकते। इसके बाद अमेरिका की तरफ से बार-बार सार्वजनिक बयान आए कि जब तक गाजा से रॉकेट दागे जाते हैं इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है।

कॉन्ग्रेस ‘टूलकिट’ का मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट: दोषी साबित होने पर पार्टी की मान्यता रद्द करने की माँग

कॉन्ग्रेस के कथित टूलकिट मामले के खिलाफ देश के शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई है। मामले को सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने और दुनिया में भारत की छवि बिगाड़ने का साजिश बताया गया है। याचिकाकर्ता वकील शशांक शेखर झा ने अंतरराष्ट्रीय साजिश का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से जाँच और दोष साबित होने पर कॉन्ग्रेस की मान्यता रद्द करने की माँग की है

झा ने अपनी जनहित याचिका में निर्दिष्ट किया कि धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), आईपीसी की कई धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13 के तहत किसी भी अपराध का खुलासा करने के लिए मामले की जाँच की जानी चाहिए।

याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार को निर्देश जारी होना चाहिए कि वह गाइडलाइंस बनाए कि कोई भी पार्टी, ग्रुप कोई भी ऐसा पोस्टर और बैनर नहीं लगाएगा जिसमें एंटी नेशनल सामग्री हो। साथ ही कोरोना से मरे लोगों के अंतिम संस्कार और शव न दिखाए जाएँ। साथ ही केंद्र सरकार को कोविड-19 महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी के बारे में निर्देश जारी किया जाए।

याचिकाकर्ता ने कहा कि केंद्र सरकार मामले की जाँच कराए और जाँच में अगर कॉन्ग्रेस जिम्मेदार पाया जाता है और लोगों के जीवन को खतरे में डालता पाया गया और एंटी नेशनल हरकत करता पाया जाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द हो। 

हालाँकि कॉन्ग्रेस ने ‘टूलकिट दस्तावेज़’ के निर्माण से स्पष्ट रूप से इनकार किया है, रिपोर्टों से पता चलता है कि लेखक वास्तव में एआईसीसी की सदस्य है। बता दें कि सौम्या वर्मा का नाम दस्तावेज़ के निर्माता के रूप में उभरा है। अब सौम्या ने लिंक्डइन सहित अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स को डिलीट कर लिया है।

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AICC के चेयरमैन राजीव गौड़ा ने स्वीकार किया कि टूलकिट के लीक हुए दो डॉक्यूमेंट्स में से एक ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी (AICC) के शोध विभाग द्वारा तैयार किया गया है। कॉन्ग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि AICC ने ही सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर एक शोध पत्र तैयार किया। हालाँकि, गौड़ा ने कहा कि टूलकिट भाजपा द्वारा बनाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा ओरिजिनल डॉक्यूमेंट के लेखक का डाटा दिखा रही है और उसे फेक डॉक्यूमेंट से जोड़ रही है।

हालाँकि, ऑपइंडिया दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर टिप्पणी नहीं कर सकता है, वास्तव में लीक हुए मोदी विरोधी टूलकिट और सेंट्रल विस्टा ‘रिसर्च’ दस्तावेज़ दोनों के बीच समानताएँ हैं।

केजरीवाल के ‘सिंगापुर झूठ’ की ढोल फटने के बाद भी AAP के दूसरे नेता कर रहे राजनीति: उल्टे-सीधे बयान पर चौतरफा लताड़

कोरोना वायरस के ‘सिंगापुर वैरिएन्ट’ पर सिंगापुर के प्रतिनिधियों और भारतीय विदेश मंत्रालय से लताड़ लगाए जाने के बाद भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बाज नहीं आ रहे हैं और उनके नेता अभी भी इस मुद्दे पर लगातार भारत को शर्मिंदा करने का काम कर रहे हैं।

वहीं केजरीवाल के बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए भारत में सिंगापुर के राजदूत साइमन वॉन्ग ने कहा कि सिंगापुर में ऐसे झूठे दावों के लिए प्रोटेक्शन फ्रॉम ऑनलाइन फाल्सहुड एण्ड मैनिपुलेशन ऐक्ट (POFMA) है जो दिल्ली के मुख्यमंत्री पर लगाया जा सकता है लेकिन सिंगापुर भारत सरकार द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट है।

आज दिन भर आप के बाकी नेताओं का भी इस मुद्दे पर बयान जारी रहा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के अलावा दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि सिंगापुर से जुड़ा कोई कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में ही कई स्ट्रेन हैं और जल्दी ही सिंगापुर स्ट्रेन पर स्पष्टीकरण दिया जाएगा।

इसके अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इसी नैरेटिव पर अपना राग अलापा। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का पूरा ध्यान सिंगापुर पर है। आम आदमी पार्टी के नेता भाजपा के खिलाफ राजनीति करते हुए अब इस हद तक चले गए हैं कि उन्होंने भारत के साथ बेहतर संबंधों वाले देश को भी अपनी राजनीति में घसीट लिया। अरविन्द केजरीवाल के इस बयान पर सिंगापुर ने आपत्ति जताई।

अरविन्द केजरीवाल की भ्रामक खबर :

मंगलवार (18 मई) को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्विटर पर यह दावा किया था कि सिंगापुर में कोरोना वायरस का नया वैरिएन्ट मिल है और भारत सरकार से यह अपील की थी कि सिंगापुर से सभी प्रकार की उड़ानों को बंद किया जाए जिससे यह नया वैरिएन्ट भारत न पहुँच सके।

अरविन्द केजरीवाल के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

केजरीवाल द्वारा यह दावा किए जाने के बाद सिंगापुर की सरकार ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि सिंगापुर में कहीं भी कोरोना वायरस का कोई नया वैरिएन्ट नहीं मिला है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह खुलासा किया कि सिंगापुर की सरकार ने उच्चायोग में फोन करके केजरीवाल के बयान पर आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि केजरीवाल को कोरोना वायरस के वैरिएंट्स की घोषणा करने या भारत की उड्डयन नीति के विषय में कोई अधिकार नहीं है।

सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने भी ट्विटर के माध्यम से यह सुझाव दिया कि राजनेताओं को तथ्यों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने केजरीवाल के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कोरोना वायरस का कोई ‘सिंगापुर वैरिएन्ट’ नहीं है।

केजरीवाल के गलत बयान के कारण विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी इस संबंध में ट्विटर पर स्पष्टीकरण देना पड़ा। भारतीय विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में सिंगापुर और भारत के मजबूत रिश्तों का हवाला दिया और कोरोना वायरस संक्रमण में ऑक्सीजन सप्लाई करने पर सराहा।

साथ ही उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, “हालाँकि उनके द्वारा, जिन्हें मालूम होना चाहिए कि इससे लंबे समय से चली आ रही साझेदारी खराब हो सकती है, यह गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया गया। इसलिए मैं साफ कर देना चाहता हूँ कि दिल्ली के मुख्यमंत्री भारत के लिए नहीं बोलते।”

उद्धव ठाकरे के करीबी मंत्री ने लॉकडाउन में बना डाला करोड़ों का अवैध रिसॉर्ट: BJP नेता किरीट सोमैया ने खोली पोल

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार के कैबिनेट मंत्री और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी कहे जाने वाले अनिल परब पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। सोमैया का आरोप है कि परब ने रत्नागिरी के दपोली इलाके में कृषि भूमि पर 10 करोड़ रुपए का अवैध साईं रिसॉर्ट बनवाया और इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया है।

किरीट सोमैया के आरोपों के अनुसार महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता अनिल परब ने रत्नागिरी जिले के दपोली में एक तीन मंजिला इमारत का निर्माण कराया। परब ने 22 कमरों के इस आलीशान रिसॉर्ट का निर्माण पिछले साल लॉकडाउन (2020) में शुरू किया था। एक साल में इस रिसॉर्ट का निर्माण पूरा हुआ।

सोमैया ने आरोप लगाया है कि इस रिसॉर्ट के निर्माण के लिए न तो कोस्टल रेग्युलेशन जोन (CRZ) के तहत अनुमति ली गई और न ही रिसॉर्ट के निर्माण के लिए। चूँकि यह निर्माण समुद्र तटीय इलाके में हुआ है अतः नियमों के अनुसार निर्माण के लिए CRZ के तहत अनुमति लेना अनिवार्य है। सोमैया ने इसके बाद बताया है कि अनुमति न लेने के बाद जब रिसॉर्ट का निर्माण पूरा हुआ तब 11 मई 2021 को अनिल परब ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिसॉर्ट को वैध कराने का प्रयास भी किया।

किरीट सोमैया द्वारा शिवसेना नेता अनिल परब पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने 6 मई 2021 को उस जगह का दौरा किया जहाँ यह रिसॉर्ट बनाया गया है। सोमैया ने जिलाधीश और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर से इसकी शिकायत की है। सोमैया के अतिरिक्त भाजपा गोपाल शेट्टी गिरीश बापट और मनोज कोटक ने भी जावडेकर से यह माँग की है कि एक पर्यावरणीय टीम भेजी जाए जो इस रिसॉर्ट के निर्माण में CRZ के तहत किए गए उल्लंघन की जाँच कर सके।

किरीट सोमैया का कहना है कि शिवसेना के नेता अनिल परब ने 19 जून 2019 विभाष साठे से 42 गुंठा कृषि भूमि खरीदने का एग्रीमेंट किया। 26 जून 2019 को अनिल परब ने मुरुड में निर्मल ग्राम पंचायत को यह बताया कि उन्होंने साठे से कृषि योग्य भूमि खरीदी है जिस पर रिसॉर्ट बना हुआ है।

भाजपा ने मंत्री अनिल परब पर कार्रवाई की माँग की है और कहा है कि अवैध रूप से बने रिसॉर्ट को ध्वस्त किया जाए। भाजपा का मानना है कि सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने के कारण अनिल परब को मंत्री पद से हटा दिया जाना चाहिए।

इससे पहले भी किरीट सोमैया महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। सोमैया ने हाल ही में आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र में परिवहन मंत्रालय में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और लगभग 500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है जिसकी सीबीआई जाँच होनी चाहिए।

भारत में इस्लामवादियों का नया ट्रेंड: #Quds_हमारा_है अर्थात येरुशलम केवल मुसलमानों का, ‘जहरीले ट्वीट्स’ की आई बाढ़

एक तरफ जहाँ इजरायल आतंकवादी समूह हमास द्वारा किए जा रहे बेवजह के हमलों के खिलाफ अपनी भूमि और लोगों की रक्षा कर रहा है, भारत में इस्लामवादियों का एक वर्ग है जो ‘Quds’ को ‘अपनी’ साइट के रूप में घोषित करने वाले भड़काऊ मैसेज पोस्ट कर रहे हैं। बता दें कि ‘Quds’ येरुशलम का अरबी नाम है, जो यहूदियों, ईसाइयों और मुसलमानों का पवित्र स्थल है।

भारतीय मुस्लिम और इस्लामवादी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर Quds_हमारा_है  हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कई इस्लामवादी राजनीतिक दल भी इस ट्रेंड का इस्तेमाल करके ब्राउनी पॉइंट लूटने करने के लिए कूद पड़े हैं। 

टीपू सुल्तान पार्टी ने ट्वीट किया, “अरब की सबसे बड़ी गलती यहूदियों को फिलिस्तीन में रहने की जगह देना थी।”

गौरतलब है कि येरुशलम फिलहाल इजरायल में है और फिलिस्तीन ने भी इस पर अपना दावा किया है।

एक मोहम्मद जाहिद ने आप नेता अमानतुल्ला खान को कोट करते हुए लिखा, “हम मस्जिद ए अक्सा की ओर उठने वाले हर नापाक हाथ को काट डालेंगे, ये याद रखना मस्जिद ए अक्सा कोई इमारत नहीं है, यह हमारे दिल की धड़कन है। जब तक ये है तो हम हैं, अगर ये नहीं तो हम भी नहीं।”

बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता के जिस ट्वीट को जाहिद ने कोट किया था, उसमें उन्होंने लिखा था, “हम फ़िलिस्तीन पर हो रहे ज़ुल्म के ख़िलाफ़ हैं। जिस तरह इजरायल फ़िलिस्तीन के लोगों पर बम बरसा कर मासूम जिंदगियों को तबाह कर रहा है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। ये इस्लाम विरोधी ताकतें एक दिन नेस्तानाबूद होंगी। हिंदुस्तान इस मुश्किल घड़ी में फ़िलिस्तीन के साथ है।”

Quds यरुशलम का अरबी नाम है, अल अक्सा मस्जिद को अल कुद्स (Al Quds) के नाम से भी जाना जाता है। मस्जिद यहूदियों और ईसाइयों के पवित्र स्थलों के बहुत करीब स्थित है। ऐतिहासिक महत्व वाली साइट अक्सर इज़राइल फिलिस्तीन संघर्ष में फ्लैशपॉइंट रही है।

एक अन्य यूजर ने मालेगांव के एआईएमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी को उद्धृत किया और हैशटैग का इस्तेमाल किया। कासमी ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने यूएनओ (जिसे अब यूएन के रूप में जाना जाता है) से दारुल उलूम देवबंद की माँग पर इजरायल को आतंकवादी राज्य घोषित करने का आग्रह किया था।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे हजारों ट्वीट्स घूम रहे हैं।

कुछ तो भारत में यहूदियों को धमकाते हुए भी दिखाई दिए।

बहराइच लव जिहाद: शहंशाह खान ने ब्राह्मण बन हिन्दू युवती से रचाई शादी, पोल खुलने पर कल्लन और सद्दाम ने की पिटाई

लव जेहाद पर कठोर कार्रवाई का कानून बनाए जाने के बाद भी लव जिहाद का मामला थम नहीं रहा है। ताजा मामला जनपद बहराइच के विशेश्वरगंज इलाके का है जहाँ महराजगंज जनपद से आई एक युवती ने अपने पति के ऊपर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं।

युवती का आरोप है कि सरकाही गाँव का शहंशाह खान नाम का युवक उसके साथ हिंदू बनकर कर प्रेम किया और खुद को ब्राह्मण बता कर युवती से शादी किया। पति के घर पहुँचने के बाद युवती को पता चला कि जिस युवक से उसने प्रेम विवाह किया है वह हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है।

जब युवती ने इस बात का विरोध किया युवक ने उसके साथ नशीली गोली खिलाकर जबरन यौन शोषण किया। युवती का ये भी आरोप है कि युवक के द्वारा लगातार कई दिनों तक उसे हाई पावर डोज की नशीली दवाइयाँ खिलाई गई और बंधक बनाकर रखा गया। यही नहीं, युवती के द्वारा विरोध करने पर युवक और उसके परिजनों के द्वारा जमकर पिटाई भी की गई।

युवती का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर लिया। बहराइच के विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के सरकाही निवासी सतनशाह ने कथित तौर पर धर्म बदलकर तीन माह पहले अपने प्रेम जाल में फँसा लिया। युवती का आरोप है कि शाह ने हिंदू बनकर कर प्रेम किया और स्वयं को ब्राह्मण बता कर शादी की। घर पहुँचने के बाद युवती को पता चला कि पति बना युवक मुस्लिम है तो उसने विरोध किया। इस पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) कुंवर ज्ञानन्जय सिंह ने बुधवार (मई 19, 2021) को बताया कि जनपद महराजगंज के नौतनवा इलाके की रहने वाली, स्वयं को हिन्दू बता रही 22 साल की एक युवती ने 18 मई को बहराइच जिले के थाना विशेश्वरगंज में शिकायत दर्ज कराई कि थाना क्षेत्र के सरकाही गाँव के निवासी मुस्लिम युवक शहंशाह खान ने स्वयं को हिन्दू बताते हुए उससे जबरदस्ती शादी की है। महिला का आरोप है कि शहंशाह उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाता है और शहंशाह के परिवार के कल्लन व सद्दाम उसे मारते पीटते हैं। 

एएसपी ने बताया कि आरोपों के आधार पर विशेश्वरगंज थाने में शहंशाह खान व अन्य के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट व 3/5 उ0प्र0 विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिबंध कानून 2020 की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

अपर पुलिस अधीक्षक कुँवर धनन्जय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह लव जिहाद का मामला प्रतीत होता है लिहाज़ा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों की पहले फोन पर बात हुई और फिर दोनों ने शादी कर ली। दोनों में पहले भी झगड़े थे लेकिन अब युवती ने आरोपित पर नए आरोप लगाए हैं, जिसके बाद आरोपित पति को पूछताछ करने के लिए थाना लाया गया है।