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Tauktae की रफ्तार 150 km/घंटे, मौसम विभाग का अलर्ट: भारतीय नौसेना ने कहा – मदद के लिए पूरी तरह तैयार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवात Tauktae को लेकर अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को Tauktae एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। IMD ने ट्वीट किया, “लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती तूफान “Tauktae” (जिसे Taute कहा जाता है) में गहरा दबाव तेज हो गया है। दक्षिण गुजरात और दीव तटों के लिए चक्रवात की चेतावनी।”

भारत का पश्चिमी तट चक्रवात का सामना करने के लिए तैयार है। भारतीय नौसेना ने राज्य प्रशासन को समर्थन का आश्वासन दिया है। नौसेना के प्रवक्ता ने एक ट्वीट में कहा, “भारतीय नौसेना के जहाज, विमान, हेलीकॉप्टर, गोताखोर और आपदा राहत दल राज्य सरकार की मदद के लिए स्टैंडबाय पर हैं, क्योंकि चक्रवाती तूफान Tauktae भारत के पश्चिमी तट पर पहुँच रहा है।”

शुक्रवार (14 मई 2021) को आईएमडी के अधिकारियों ने 16 से 18 मई के बीच 150 से 160 किमी प्रति घंटे की हवा की रफ्तार के साथ चक्रवाती तूफान के बढ़ने की चेतावनी दी। इसके चलते तटीय क्षेत्र में तेज बारिश आएगी। इस क्षेत्र के कुछ अन्य स्थानों पर सोमवार और मंगलवार को भारी से अत्यधिक भारी बारिश होगी।

इसके बाद से गुजरात के सभी बंदरगाहों को मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए अलर्ट जारी करने को कहा गया है। अहमदाबाद में मौसम विज्ञान केंद्र की सहायक निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, “अभी तक कोई अनुमान नहीं है कि यह गुजरात तट पर दस्तक देगा या नहीं। कल ही इसकी तस्वीर सामने आएगी।”

हालाँकि, गुजरात सरकार ने सभी तटीय जिलों के कलेक्टरों को लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का आदेश दे दिया है। वहीं, स्थानीय अधिकारियों को पहले से ही मछुआरों को अलर्ट करने और समुद्र में होने पर उन्हें वापस तट पर लाने का निर्देश दे दिया गया था। इसके अलावा जो तट पर हैं, उन्हें स्थिति में सुधार होने तक एहतियात के तौर पर समुद्र में जाने से रोक दिया गया है।

मोहंती ने कहा कि आने वाले चक्रवात के बारे में नाविकों को अलर्ट करने के लिए गुजरात के सभी बंदरगाहों को ‘दूरस्थ चेतावनी संकेत संख्या 2’ फहराने के लिए कहा गया है। इस बीच, एनडीआरएफ ने चक्रवात के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए 53 टीमों को नियुक्त किया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य अरब सागर में अमिनी दिवि से लगभग 55 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम में गहरा दबाव बन रहा, जो कि अगले 12 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 18 मई की सुबह तक गुजरात तट के पास पहुँच जाएगा। मुंबई और ठाणे को भी हफ्ते के आखिर में तूफान का असर महसूस होने की उम्मीद है।

बता दें कि मौसम विभाग ने चक्रवर्ती तूफान Tauktae को देखते हुए केरल के तीन जिलों- तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और पथनामथिट्टा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने केरल के कई जिलों में शुक्रवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और पथनामथिट्टा जिलों में 20 सेमी तक की भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया था।

आईएमडी ने शनिवार के लिए केरल के 5 अन्य जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है, जिनमें मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड, शामिल हैं। क्षेत्रीय मौसम विभाग अधिकारी ने कहा कि लक्षद्वीप के पास स्थित निम्न दबाव उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और रविवार तक पर्याप्त गति प्राप्त कर लेगा।

चित्रकूट जेल में जहाँ मरे मुख्तार अंसारी के गुर्गे, बंद थे वहाँ के CCTV: जेलर सहित 5 अधिकारी निलंबित

शुक्रवार (14 मई) को उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जेल में गैंगवार में खूँखार गैंगस्टर मुकीम काला और मेराजुद्दीन समेत 3 कैदी मारे गए थे। इन दोनों को शार्पशूटर अंशू दीक्षित द्वारा गोली मारी गई, जिसे बाद में पुलिस ने मार गिराया। घटना पर संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने जाँच का आदेश दे दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक शूटआउट के समय चित्रकूट जेल के तीन सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जिसके कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को जेल अधीक्षक एस पी त्रिपाठी और जेलर महेंद्र पाल को सस्पेंड कर दिया। साथ ही तीन अन्य जेल कर्मचारी संजय खरे, हरिशंकर राम और अमित कुमार को भी सस्पेंड किया गया है।

घटना के बाद से चित्रकूट जेल में सुरक्षा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस के 20 अतिरिक्त जवान और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

चित्रकूट जेल शूटआउट :

14 मई को कैदी अंशू दीक्षित ने दो अन्य कैदियों मुकीम काला और मेराजुद्दीन को सुबह 10 बजे के लगभग गोली मार दी। दोनों ही कुख्यात अपराधी और नेता मुख्तार अंसारी के करीबी थे। मुकीम काला जहाँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गैंगस्टर था, वहीं मिराजुद्दीन पूर्वी उत्तर प्रदेश का कुख्यात अपराधी। अंशू सीतापुर का एक शार्पशूटर था। डीजी (कारागार) आनंद कुमार ने कहा कि जेल में पिस्टल कैसे पहुँची, इसकी जाँच की जाएगी।

जहाँ अभी अल-अक्शा मस्जिद, वहाँ पहले था यहूदियों का मंदिर: जानिए कहाँ से शुरू हुआ येरुशलम विवाद

इजराइल-फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष का कारण सीमा विवाद के साथ-साथ यहूदियों और फिलिस्तीनी मुस्लिमों के बीच हुआ धार्मिक विभाजन भी इसका प्रमुख कारण है। येरुशलम में जहाँ अल अक्सा मस्जिद है उसी स्थान पर टेंपल माउंट पर ही यहूदियों का सेकेंड टेंपल हुआ करता था।

येरुशलम यहूदी और इस्लाम दोनों धर्मों का पवित्र स्थल माना जाता है और यही दोनो के बीच विवाद की असली जड़ भी है। यहूदियों का सबसे पवित्र स्थान टेंपल माउंट येरुशलम के पुराने शहर में है। टेंपल माउंट कॉम्प्लेक्स में ही अल-अक्सा मस्जिद है, जो इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। इसके अलावा वेस्टर्न वाल में यहूदियों को पूजा करने की अनुमति है। वहीं पर डोम ऑफ द रॉक इस्लामी श्राइन है, जिसके गुंबद पर सोना मढ़वाया गया है।

खास बात ये है कि जिस स्थान पर आज अल-अक्सा मस्जिद और डोम ऑफ द रॉक हैं, उसी जगह टेंपल माउंट पर पहले एक यहूदी मंदिर था। यह यहूदियों का पवित्र स्थल था, जिसे दूसरा मंदिर भी कहा जाता है। उस मंदिर को यहूदी विद्रोह की सजा के रूप में 70 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने नष्ट कर दिया था। सेकेंड टेंपल का निर्माण 516 ईसा पूर्व में कराया गया था।

यहूदियों के सबसे पवित्र स्थल सेंकेंड टेंपल की नींव का पत्थर वहीं पर स्थित हैं, जहाँ वर्तमान में डोम ऑफ द रॉक स्थित है। हालाँकि, यहूदियों को इसे देखने की अनुमति नहीं है, क्योंकि यह इस्लामिक दरगाह के अंदर स्थित है।

टेंपल माउंट में यहूदियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के कारण पश्चिमी दीवार यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल है। यहाँ पर ये लोग पूजा कर सकते हैं। दूसरे यहूदी मंदिर के विस्तार का सबूत राजा हेरोड द्वारा बनाई दीवार के अवशेष हैं। इसके अलावा कई अन्य सबूत भी हैं, जिनसे ये स्पष्ट होता है कि टेंपल माउंट पर अल अक्सा मस्जिद के स्थान पर यहूदियों का मंदिर ही था।

टेंपल माउंट पर मंदिर के अस्तित्व की पुष्टि करने वाले सबूत

येरुशलम में 1871 में टेंपल माउंट पर दरबार के पास ग्रीक अक्षरों से लिखे एक पत्थर की खोज की गई थी। इस शिलालेख की पहचान फ्रांसीसी पुरातत्वविद चार्ल्स साइमन क्लेरमोंट-गनेउ ने मंदिर की चेतावनी के तौर पर की थी। पत्थर के शिलालेख में उन लोगों के लिए निषेध को रेखांकित किया गया था, जो यहूदी राष्ट्र के नहीं थे, इस शिलालेख में 7 लाइनें लिखी गई हैं।

येरुशलम का मंदिर की चेतावनी वाला शिलालेख

अनुवाद में लिखा है, “किसी भी विदेशी को मंदिर परिसर के चारों ओर के पैरापेट और मंदिर के विभाजित परिसर के भीतर प्रवेश न करने दें। अगर इसका उल्लंघन करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसे मौत की सजा दी जाएगी।” वर्तमान में इस पत्थर को इस्तांबुल के प्राचीन वस्तुओं के संग्रहालय में संरक्षित किया गया है। इस शिलालेख में मंदिर के होने का दावा किया गया है। शिलालेख के एक कम अच्छी तरह से बने संस्करण का एक आंशिक टुकड़ा 1936 में जे.एच. इलिफ़ ने येरुशलम में लायंस गेट के बाहर नई खुदाई के दौरान पाया था। वह 1931-48 तक फिलिस्तीन पुरातत्व संग्रहालय के रक्षक थे। फिलहाल यह शिलालेख इजराइल के संग्रहालय में रखा गया है।

एक अन्य प्राचीन शिलालेख, जिसे ट्रम्पेटिंग प्लेस शिलालेख कहा जाता है, आंशिक रूप से टेंपल माउंट के दक्षिण-पश्चिम कोने के नीचे खोजे गए एक पत्थर पर उकेरा गया था। इसमें हिब्रू वर्णमाला में दो पूर्ण शब्द और तीसरा अधूरा शब्द दिखाता है। इसकी खोज पहली शताब्दी के इतिहासकार जोसीफस ने की थी।

इसके अलावा टेंपल माउंट के चारों ओर राजा हेरोड द्वारा बनाए गए गेट और दीवारें सेकेंड ज्यूज टेंपल का सबूत हैं। इन दीवारों और गेटों के अलावा पश्चिमी और दक्षिणी दीवार, रॉबिंसन आर्क व सोलोमन साम्राज्य के अवशेष इस बात के सबूत हैं।

भले ही येरुशलम शहर 1967 से इजराइल का हिस्सा है, लेकिन टेंपल माउंट पर स्थित इस्लामिक श्राइन का प्रबंधन येरुशलम इस्लामिक वक्फ द्वारा किया जाता है। इसके अलावा, वर्तमान में इजराइली सरकार गैर-मुसलमानों को सुरक्षा के मद्देनजर उस क्षेत्र में घुसने से रोकती है।

शराब का काढ़ा (30+30 ml), कोरोना का 50 मरीज ठीक: डॉक्टर ने किया दावा, महाराष्ट्र सरकार ने भेजा नोटिस

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर लगातार जारी है। इस बीच अहमदनगर जिले की शेवगाँव तहसील के बोधेगाँव स्थित कोविड सेंटर में तैनात डॉक्टर भिसे ने शराब के काढ़े से कोरोना संक्रमितों का सफल इलाज करने का दावा किया है।

उन्होंने दावा किया है कि शराब के जरिए अब तक 40 से 50 कोविड संक्रमितों का सफल इलाज कर चुके हैं। इसमें से 10 मरीजों की स्थिति तो बहुत ही अधिक गंभीर थी। डॉक्टर भिसे का दावा है कि अब तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है।

एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर भिसे का कहना है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद सबसे पहले अपने नजदीकी डॉक्टर को दिखाएँ। इसके बाद हालात को देखते हुए टास्क फोर्स द्वारा सुझाई गई दवाओं का सेवन करें और जब मुँह का स्वाद और भूख दोनों चले जाएँ तो शराब के काढ़े का इस्तेमाल करें।

डॉक्टर भिसे कहते हैं कि शराब देशी या विदेशी कोई भी हो चलेगी। लेकिन इसकी मात्रा सीमित होनी चाहिए। 30 मिलीलीटर शराब में 30 मिलीलीटर पानी की मात्रा मिला कर मरीजों को सेवन कराना चाहिए।

डॉक्टर के दावे का कारण

डॉ भिसे ने दावा किया है कि कोरोना वायरस की ऊपरी परत लिपिड की बनी होती है, जिसे शराब से नष्ट किया जा सकता है। यही कारण है कि सैनिटाइजर से हाथ साफ करने को कहा जाता है। उनका कहना है कि मरीजों को शराब पिलाने के बाद वह खून की नली के रास्ते 30 सेकेंड में पूरे शरीर में फैल जाती है और फेफड़ों के अंदर हवा के संपर्क में आकर शरीर से बाहर निकल जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान कोविड वायरस पूरी तरह से इनएक्टिव हो जाता है। इसके अलावा शराब मरीजों के मानसिक तनाव को भी कम करने में सहायक होती है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉ भिसे की यह पोस्ट कई व्हाट्सएप ग्रुप में तेजी से वायरल होने के बाद उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने इसके बारे में जानकारी दी। भिसे ने कहा कि वो ये दावा अपने अनुभव के आधार पर कर रहे हैं और इसे सिद्ध भी कर सकते हैं।

हालाँकि, जब यह खबर अहमदनगर जिला प्रशासन तक पहुँची तो उन्होंने डॉ भिसे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया, जिसके बाद भिसे ने अपने ही दावे को खारिज कर दिया। अब उन्होंने अपना फोन भी बंद कर दिया है।

इजरायल के विरोध में पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा: ट्वीट कर बुरी तरह फँसीं, ‘किसान’ प्रदर्शन वाला ‘टूलकिट’ मामला

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच शुक्रवार (14 मई 2021) को पूर्व पोर्न-स्टार मिया खलीफा ने गलती से इजरायल के विरोध में एक बिना एडिट किया हुआ पोस्ट ट्वीट कर दिया। उनकी इस गलती पर सोशल मीडिया पर नेटिजन्स ने उन्हें घेर लिया।

दरअसल, फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास की तरफ से जारी हमलों के बीच इजरायल की जवाबी कार्रवाई में गाजा में अब तक 137 लोगों की मौत हो चुकी है। मारे गए लोगो में हमास का कमांडर और उसके कई साथी भी शामिल हैं। गाजा के अंदर इस्लामिक आतंकी समूहों के खिलाफ हवाई हमले करने के लिए पूर्व पोर्न-स्टार मिया खलीफा ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ट्विटर का सहारा लिया है।

एक ट्वीट में खलीफा ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें स्कूलों और रिफ्यूजी कैंप में मरने वालों से ज्यादा नेतन्याहू को अपने पुराने सैन्य हथियारों को बेचने की चिंता सता रही है।

यहाँ खास बात यह है कि अपने ट्वीट के अंत में मिया खलीफा ने लिखा कि ट्वीट भेजें (send tweet)। हालाँकि, शुरुआत में सोशल मीडिया यूजर्स इसे समझ नहीं पाए कि आखिर वह कहना क्या चाहती हैं? लेकिन थोड़ी बाद नेटिजन्स को यह बात समझ आ गई कि वह ये सब किसके तहत कर रही हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि मिया खलीफा का इजरायल की निंदा करने वाला लेटेस्ट ट्वीट एक “वेल प्लान्ड ट्वीटस्टॉर्म” का हिस्सा हो सकता है। खलीफा ने अनजाने में एक बिना एडिट किया हुआ ट्वीट पोस्ट करके खुद को सोशल मीडिया पर बेनकाब कर दिया। कई यूजर्स का मानना है कि वह कुछ इजरायल विरोधी अभियान का हिस्सा हो सकती हैं।

एक यूजर्स ने कहा कि मिया खलीफा ने फिलिस्तीन के लिए कोई दुख नहीं जताया है, इसके बजाय वह इजरायल विरोधी ट्वीट पोस्ट कर रही थी, जो शायद उन्हें ट्विटर ‘टूलकिट’ के रूप में भेजे गए थे।

सोशल मीडिया पर अपनी गलती सबके सामने आने के बाद मिया खलीफा ने अजीब सा स्पष्टीकरण देकर अपना बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मुझे ये लगा कि ट्वीट भेजें का मतलब वह ट्वीट है, जिसे इंटरनेट की भाषा में पूर्ण विराम के लिए यूज किया जाता है।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब मिया खलीफा इस तरह के पेड सोशल मीडिया ट्रेंड में शामिल हुई हैं। इससे पहले भी वह भारत में तथाकथित किसान प्रदर्शनकारियों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए अमेकिन पॉप सिंगर रिहाना और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के साथ सोशल मीडिया पर सामने आई थीं। उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किए थे और सरकार के विरुद्ध सोशल मीडिया पर जमकर रिएक्शन दिया था, जिसको लेकर एक्टिव यूजर्स ने जोरदार प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।

CM ममता बनर्जी के छोटे भाई आशिम बनर्जी का निधन, कोरोना से थे संक्रमित

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के छोटे भाई आशिम बनर्जी का शनिवार (15 मई 2021) को कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशिम बनर्जी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और कोलकाता के मेडिका अस्पताल में बीते एक महीने से उनका इलाज चल रहा था। वहीं पर अचानक से उनकी हालत बिगड़ गई और शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। मेडिका सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के अध्यक्ष डॉ आलोक रॉय ने ये जानकारी दी है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण के हालात बदतर होते जा रहे हैं। वहाँ प्रतिदिन 100 से अधिक लोगों की संक्रमण के चलते मौत हो रही है।

इस बीच, शुक्रवार को पश्चिम बंगाल ने 20846 ताजा कोविड-19 मामलों के साथ अपना एक दिन में होने वाला उच्चतम मामला दर्ज किया।

पुणे में बनेगी कोरोना वैक्सीन, इसलिए 50% सिर्फ महाराष्ट्र को मिले: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार (14 मई 2021) को कहा कि राज्य सरकार हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के पुणे में लगने वाले प्लाँट से 50 फीसदी कोवैक्सीन के डोज को राज्य सरकार के लिए रिजर्व करने का आग्रह करेगी।

पवार ने यह बात शुक्रवार को पुणे काउंसिल हाल में साप्ताहिक कोविड-19 समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस दौरान कोरोना के कुछ पेशेंट में पाए गए ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) संक्रमण से निपटने की योजना पर चर्चा की गई।

पवार ने कहा कि भारत बायोटेक ने पुणे जिले में वैक्सीन निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 11.58 हेक्टेयर भूमि माँगी थी और सरकार इस मामले में सक्रियता से काम कर रही है।

उन्होंने कहा, “पुणे संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर जल्द से जल्द जमीन के अनुरोध पर कार्रवाई करने जा रहे हैं। वे प्लांट के लिए पानी, बिजली और अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति के लिए शीघ्र मंजूरी पर भी काम करेंगे। प्लांट में वैक्सीन का उत्पादन शुरू होने में तीन महीने तक का समय लग सकता है। कंपनी को वैक्सीन का 50 फीसदी केंद्र सरकार को देना होगा। हालाँकि, हम भारत बायोटेक से राज्य के भीतर उपयोग के लिए बाकी वैक्सीन आरक्षित करने का अनुरोध करेंगे।”

पवार ने केंद्र सरकार से उसे मिलने वाली विदेशी सहायता और राज्यों के बीच इसके वितरण के बारे में डिटेल्स देने की भी माँग की। इस मामले में पुणे के भाजपा नेताओं उनकी आलोचना भी की है कि राज्य सरकार ने पुणे शहर के लिए 25 लाख टीकों की खरीद के लिए वैश्विक निविदा जारी करने के लिए पीएमसी को अनुमति देने में जानबूझकर देरी की है।

पवार ने कहा, “मुझे इस मुद्दे पर भाजपा के गणेश बिडकर का एक पत्र मिला है। मैं यहाँ ये स्पष्ट करना चाहता हूँ कि ग्लोबल टेंडर जारी करने के लिए पीएमसी को राज्य सरकार की अनुमति की जरूरत ही नहीं है। मुझे इसकी जानकारी नगर विकास विभाग के सचिव भूषण गगरानी और प्रमुख सचिव महेश पाठक से मिली है। बीएमसी ने खुद मामले में फैसला लिया है।”

उपमुख्यमंत्री ने म्यूकोर्मिकोसिस के संक्रमण पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन यह कोशिश कर रहा है कि इसके मरीजों को समय पर इलाज मिले।

ब्लैक फंगस का इंजेक्शन 15 लाख का

पवार ने आगे कहा, “पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में म्यूकोर्मिकोसिस रोगियों की पहचान की गई है। इसके इलाज में लगने वाले इंजेक्शन काफी महँगे हैं, जिनकी कीमत करीब 15 लाख तक है। हमने बीमारी को महात्मा फुले जन आरोग्य योजना (एमपीजेएवाई) के तहत शामिल किया है, ताकि लोगों को योजना के तहत इलाज मिल सके।”

‘लगातार बम बरसाए, एकदम निर्ममता से… हमारा (हमास) एक भी लड़ाका नहीं था’: 10000+ फिलिस्तीनी घर छोड़ कर भागे

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच खूनी संघर्ष और तेज हो गया है। हमास की तरफ से जारी हमलों के बीच इजराइल की जवाबी कार्रवाई में शनिवार (15 मई 2021) तक कम से कम 137 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 920 घायल हुए हैं। हमास ने आज सुबह इजरायल के अशदोद शहर पर कई सारे रॉकेट दागे। वहीं, अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलिस्तीन में मरने वालों का आँकड़ा बढ़ सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के हमले से बचने के लिए हजारों फिलिस्तीनी परिवारों ने उत्तरी गाजा में संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित स्कूलों में शरण ली है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसका अनुमान है कि इजरायल के हमले के बीच लगभग 10,000 फिलिस्तीनी गाजा में अपना घर छोड़कर भाग गए हैं, क्योंकि एन्क्लेव पर इजरायल के हमलों से मरने वालों की संख्या 137 तक पहुँच गई है।

अलजजीरा को बताते हुए अबेद्राबू अल-अत्र ने इजरायली सैनिकों द्वारा गाजा के बंकरों को बर्बाद करने का खौफनाक मंजर बयां किया। उन्होंने बताया, “हमें लगा, हम सारे लोग मर जाएँगे। इजरायल ने सब कुछ पर बम बरसाए… वो भी लगातार। हमास का एक भी लड़ाका पूरे एरिया में कहीं नहीं था। मैंने एक से ज्यादा लड़ाइयाँ देखी हैं, लेकिन यह एकदम निर्मम है।” हालाँकि इजरायली सेना के एक प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने इसे खारिज कर दिया और कहा हमला सिर्फ बंकरों को तबाह करने के लिए था, किसी आम नागरिक को मारने के लिए नहीं।

इस खूनी संघर्ष को खत्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई अंतरराष्ट्रीय कॉल के बावजूद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमास के हमलों का जवाब दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अपने देश में शांति बहाल करने के लिए वह इस लड़ाई को कुछ समय तक जारी रखेंगे।

मालूम हो कि इजरायल में हमास द्वारा किए हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं। इजरायली सेना का कहना है कि इजराइल से गाजा के कई स्थानों पर सैकड़ों रॉकेट दागे गए हैं। इजरायल की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस का कहना है कि हमले का उद्देश्य गाजा में एक “अंडरग्राउंड टनल सिस्टम” को नष्ट करना था।

इससे पहले लेफ्टिनेंट कर्नल ने गाजा में जमीनी हमलों की पुष्टि की, लेकिन अभी तक गाजा पट्टी में प्रवेश करने की खबरों को नकार दिया। इजरायल के दक्षिणी हिस्से में फिलिस्तीनी आतंकियों और हमास ने 1,600 से ज्यादा रॉकेट छोड़े हैं।

फिलिस्तीनी आतंकी गुट हमास ने शनिवार सुबह गाजा में अल-शती रिफ्यूजी कैंप में इजरायली सेना द्वारा किए गए हवाई हमले की निंदा की, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए।

हमास के प्रवक्ता हाज़ेम कासिम ने अपने बयान में कहा कि यह हमला एक पूर्ण युद्ध अपराध है, जो इजरायल द्वारा फिलिस्तीनियों के खिलाफ किया गया। उसने कहा कि यह अपराध गाजा, वेस्ट बैंक और यरुशलम में प्रतिरोध का सामना कर रहे इजरायल की कब्जे की मंशा को दर्शाता है।

द येरुशलम पोस्ट के अनुसार इजरायल ने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास के ‘मेट्रो’ को निशाना बनाया। कई किलोमीटर में फैले इस टनल को तबाह कर उसे भारी नुकसान पहुँचाया है। हमास सुरंगों के इस नेटवर्क का उपयोग गाजा पट्टी में आवागमन के दौरान इजरायल वायुसेना के हमले से बचने और हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए करता रहा है।

हमास की ‘मेट्रो’ कही जाने वाली ये सुरंगें 2014 में इजरायल और हमास के बीच हुए संघर्ष के बाद बनाई गई थीं। गाजा पट्टी में कई किलोमीटर तक फैली इन सुरंगों को बनाने का उद्देश्य था इजरायल के विमानों को चकमा देना और हथियारों को सुरक्षित रखना था।

हाल ही में इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि इजरायल की वायुसेना इजराइल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए हमास पर लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन जमीनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी गुरुवार को कहा कि हमास के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई चलती रहेगी और आगे आने वाले समय यह और भी कड़ी होगी।

इजरायली रॉकेट से मरीं केरल की सौम्या… NDTV फिर खेला शब्दों से, Video में कुछ और, शीर्षक में जिहादियों का बचाव

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष में अब तक 100+ लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें भारत के केरल की सौम्या संतोष भी हैं। आज इनका पार्थिव शरीर इजरायल से भारत लाया गया।

केरल की सौम्या संतोष इजरायल में थीं, जब उनकी मौत हुई। वह अपने पति से बात कर रही थीं और तभी फिलिस्तीनी रॉकेट उनके पास आकर गिरा। इससे उनकी और जिनके यहाँ वो काम कर रही थीं, दोनों की मौत हो गई।

विभिन्न मीडिया में छपी खबर

ऊपर एक खबर है, जिससे छेड़छाड़ नहीं की गई है। जो आधिकारिक सूचना है, उसके आधार पर खबर बनाई गई और पाठकों तक पहुँचाई गई – इसे पत्रकारिता कहते हैं। लगभग सभी मीडिया हाउस ने इसे ऐसे ही कवर भी किया।

केरल की सौम्या और NDTV की पत्रकारिता

सौम्या की मौत फिलिस्तीनी रॉकेट से हुई। फिलिस्तीनी रॉकेट मतलब हमास… हमास मतलब कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी। यहीं पर लोच है। सीधे-सीधे रिपोर्टिंग से NDTV का वामपंथी मामला गड़बड़ा जाता। इसलिए शब्दों के साथ खेला गया। कैसे? पहले ये फोटो देखिए। शीर्षक को 10 बार पढ़िए। समझ गए हों तो भी पढ़िए कि आखिर ऐसा क्यों लिखा गया।

इजरायल रॉकेट स्ट्राइक में मारी गईं केरल की महिला का शव भारत लाया गयाNDTV की पत्रकारिता

NDTV का यह शीर्षक इंग्लिश में है। इसलिए तुलना के लिए इसके ऊपर जो फोटो लगाई गई है, वो भी हिंदी रिपोर्टों की नहीं बल्कि इंग्लिश मीडिया संस्थानों की ही है। शायद NDTV से कमजोर इंग्लिश होगी उनकी… क्योंकि उनमें से किसी ने भी नहीं लिखा – “killed in Israel Rocket Strike”

अब इसी NDTV के इसी खबर की वीडियो सुन लेते हैं। पत्रकारिता के दोहरे मापदंड में गोल्ड मेडल कैसे जीता जा सकता है, यह तुरंत समझ जाएँगे।

सिर्फ 19 सेकंड का वीडियो है। फिर भी पुरा सुनने का मन नहीं है तो 4 से 7 सेकंड तक सुन जाइए। एंकर कहती हैं – “the woman from kerala who died in the palestinian rocket strike” – मतलब केरल की वो महिला, जो फिलिस्तीनी रॉकेट अटैक में मारी गईं।

ऊपर का ट्वीट डिलीट कर दिया NDTV ने, वीडियो के कारण नहीं, शीर्षक के कारण। उनकी इसी अदा-ए-पत्रकार के कारण हमने स्क्रीनशॉट रख लिया था। अब उसी वीडियो के साथ शीर्षक बदल कर फिर से ट्वीट किया है – वही 19 सेकंड का वीडियो – 4 से 7 सेकंड तक सुन जाइए।

वीडियो में एंकर सच बोल गईं… तो क्या हुआ? NDTV चुप बैठ जाएगा? नहीं। वो शीर्षक में शब्दों से खेलेगा। वो इजरायल (मतलब फिलिस्तीन का दुश्मन, मतलब मुस्लिमों का दुश्मन, मतलब वामपंथियों का दुश्मन… इनका नैरेटिव यही है, भले ऐसा कुछ हो या न हो) का खौफनाक रूप ही जनता को परोसेगा। भले पत्रकारिता जाए तेल लेने।

आमिर खान से बेहतर एक्टिंग ‘वेटर’ की: कई सुपर हिट फिल्म देने वाले डायरेक्टर को देनी पड़ी सफाई

बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने ‘वेटर’ कहने पर एक्टर आमिर खान और उनके बीच उभरे मतभेद को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। फिल्म निर्माता ने एक इंटरव्यू के दौरान 1995 की सुपरहिट फिल्म रंगीला के बाद उनके और आमिर खान के बीच उपजे विवाद को महज एक गलतफहमी करार दिया।

राम गोपाल वर्मा ने कहा कि गलतफहमी के कारण ही उन्हें कोट करते हुए एक समाचार पत्र ने लिखा था कि एक वेटर भी आमिर खान से कहीं अधिक बेहतर परफॉर्मेंस दे सकता है।

वर्मा ने बताया कि उस दौरान मोबाइल फोन नहीं थे, इसलिए आमिर खान से उनकी तुरंत बात ही नहीं हो पाई थी। अगर होता तो यह गलतफहमी टाली जा सकती थी। हालाँकि, बाद में जब वो मिले तो स्थिति स्पष्ट हुई।

राम गोपाल वर्मा ने आमिर खान को अपने कार्य के प्रति बहुत ही समर्पित और धैर्यशील व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा, “मैं खुद उनकी तरह नहीं हूँ। मैं बहुत ही आवेगी हूँ, जो किसी भी मुद्दे पर तुरंत रिएक्ट करता हूँ।”

इस बीच, आमिर पर अपनी टिप्पणी को लेकर चल रही चर्चाओं के बारे में राम गोपाल वर्मा ने कहा, “उन्होंने एक निश्चित दृश्य के बारे में एक ‘तकनीकी बात’ बताई थी, जो उनका मानना ​​​​था कि आमिर खान की लाइन डिलीवरी पर को-एक्टर की प्रतिक्रिया से सुधार हुआ था।” इसी संबंध में एक पत्रकार ने “वेटर आमिर से बेहतर एक्टिंग कर लेगा” शीर्षक के साथ खबर चला दी थी।

राम गोपाल वर्मा ने इस पूरे मुद्दे पर बताया कि उन्होंने कहा था कि रंगीला फिल्म पूरी दुनिया ने देखी है, सभी ने फिल्म को बहुत पसंद भी किया है, लेकिन वह फिर भी कहते हैं कि आमिर से बेहतर वो वेटर था।

गौरतलब है कि 1995 में आई फिल्म रंगीला के 25 साल पूरे हो गए हैं। इसमें आमिर खान के अलावा उर्मिला मातोंडकर और जैकी श्रॉफ भी थे। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी, जिसे कई पुरस्कारों के लिए भी नामित किया गया था।