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पंजाब में साल भर से गोदाम में पड़े हैं केंद्र के भेजे 250 वेंटिलेटर, दिल्ली में कोरोना की जगह ‘क्रेडिट’ के लिए लड़ रहे केजरीवाल

देश में कोरोना संक्रमण ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों में 2.74 लाख से ज्यादा नए मरीज मिले हैं और 1619 से अधिक लोगों की जिंदगी इस संक्रमण ने छीन ली है। एक तरफ राज्यों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत बताई जा रही है, वहीं कुछ राज्यों में संसाधन बर्बाद हो रहे।  

कॉन्ग्रेस शासित पंजाब में 250 वेंटिलेटर एक साल से गोदाम में पड़े हैं। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल 20 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्य में लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से 290 वेंटिलेटर भेजे थे। लेकिन राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने एक साल बाद भी इसका इस्तेमाल नहीं किया है। उसे गोदाम में बंद कर धूल जमने के लिए रखा गया है। इन वेंटिलेटर को मेडिकल कॉलेजों या अन्य कोविड सेंटर में भेजा जाना था, जहाँ पर L-3 केयर प्रदान किया जाता है। L-3 केयर उन मरीजों को दी जाती है जिन्हें दो या दो से अधिक ऑर्गन सपोर्ट या मैकेनिकल वेंटिलेशन की आवश्यकता होती है। बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों या कोविड सेंटरों से माँग इसलिए नहीं की गई, क्योंकि वेंटिलेटर पर मरीजों की देखभाल करने वाले कुशल मैन पावर की कमी थी।  

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया कि यह पहला मौका नहीं था जब राज्य के अस्पताल वेंटिलेटर का उपयोग करने में विफल रहे। पाँच साल पहले, 10 वेंटिलेटर सिविल अस्पताल, लुधियाना भेजे गए थे, लेकिन पाँच साल तक उनका इस्तेमाल नहीं किया गया। बाद में विवाद होने और महामारी के बढ़ने पर एक स्थानीय निजी अस्पताल को वेंटिलेटर सौंपा गया। 

वहीं दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली कैंट में DRDO द्वारा छतरपुर में सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर और कोविड केंद्र के लिए क्रेडिट लेने की कोशिश की। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ‘व्यवस्थाओं की समीक्षा’ के बहाने केंद्र में फोटो सेशन के लिए गए।

उप मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दावा किया कि मंगलवार शाम तक यहाँ 500 बिस्तरों पर इलाज शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस केयर सेंटर को 5000 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ ऑक्सीजन और आइसोलेशन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

सत्येंद्र जैन ने भी इसी तरह का ट्वीट करते हुए लिखा, “माननीय उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ DRDO के मेक शिफ्ट अस्पताल का दौरा किया। यह सोमवार से चालू हो जाएगा। 250 आईसीयू बेड कल से चालू हो जाएँगे और अगले कुछ दिनों में 250 और जोड़े जाएँगे।”

उल्लेखनीय है कि AAP का आधिकारिक हैंडल, सिसोदिया या जैन, किसी ने भी ये जिक्र नहीं किया कि ITBP सेंटर और DRDO सेंटर को केंद्र सरकार के समर्थन से बनाया गया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी उनके ट्वीट को रीट्वीट किया, लेकिन उन्होंने भी समर्थन के लिए केंद्र का शुक्रिया अदा नहीं किया।

यह पहली बार नहीं है जब AAP ने दिल्ली सरकार द्वारा कोविड मामलों में वृद्धि को नियंत्रित करने में विफल रहने के बाद केंद्र सरकार द्वारा की गई पहल का श्रेय लिया। पिछले साल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद, सरदार पटेल कोविड सेंटर की स्थापना भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के सहयोग से की थी। सेटअप हो जाने के बाद, AAP ने केंद्र के लिए श्रेय लेने की कोशिश की। AAP के संजय सिंह ने दावा किया कि बीजेपी ने सरदार पटेल की मूर्ति का निर्माण किया, जबकि दिल्ली सरकार ने कोविड सेंटर का निर्माण किया।

ऑक्सीजन की कमी पर केजरीवाल का केंद्र पर आरोप

दिल्ली के सीएम केजरीवाल बार-बार कह रहे हैं कि दिल्ली में अब ऑक्सीजन, बेड में कमी आ रही है। इसी कड़ी में केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि दिल्ली को मिलने वाला ऑक्सीजन का कोटा अन्य राज्यों को भेजा जा रहा है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “दिल्ली में ऑक्सीजन की बहुत कमी हो गई है। बढ़ते केसों को देखते हुए दिल्ली में सामान्य से अधिक सप्लाई की जरूरत है। लेकिन सप्लाई बढ़ाने की बजाय हमारी आपूर्ति घटा दी गई है। दिल्ली का कोटा दूसरे राज्यों को डायवर्ट कर दिया गया है। दिल्ली में ऑक्सीजन इमर्जेंसी बन गया है।”

अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को चिट्ठी भी लिखी है। जिसमें उन्होंने कहा है, “केंद्र सरकार ने दिल्ली के हिस्से की मेडिकल ऑक्सीजन को जो दूसरे राज्यों को डायवर्ट किया है उसको वापिस रीस्टोर किया जाए। इसके अलावा रोजाना 700 मेट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाई जाए।”

उन्होंने आगे मंत्री से अनुरोध किया, “एनसीटी में COVID-19 स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए दिल्ली में  M/s INOX द्वारा ऑक्सीजन की 140MT की आपूर्ति की 140MT की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधितों को उचित निर्देश दें।”

मंत्रालय ने सीएम केजरीवाल के दावों की हवा निकाल दी

आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोपों को खारिज किया और इसे ‘खुल्लम खुला झूठ’ करार दिया। आधिकारिक आँंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अस्पतालों को 16 अप्रैल को 254 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन रिसीव की गई। 17 अप्रैल को यह मात्रा 2.4 गुना बढ़ गई और अस्पतालों को 612 मीट्रिक टन प्राप्त हुए। हालाँकि, दिल्ली से दैनिक माँग 197 मीट्रिक टन थी। दिल्ली के लिए गोयल गैस, लिंडे, आईनॉक्स और एयर लिक्विड पर कुल स्टॉक 311 मीट्रिक टन है। रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रीय राजधानी में मेडिकल ऑक्सीजन का कुल स्टॉक 700 मीट्रिक टन है।

केजरीवाल की केंद्र से अपील

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले और ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार (अप्रैल 18, 2021) की सुबह पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और दोपहर में पीएम मोदी को भी पत्र लिखकर दिल्ली में केंद्र के अस्पतालों में 10 में से 7 हजार हजार बेड्स कोविड के लिए रिजर्व करने और ऑक्सीजन की सप्लाई करने की माँग की थी।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

भारत के कॉमेडियंस खुद को कुछ ज्यादा ही प्रभावशाली और बाकी दुनिया से ऊपर मानते हैं। एक तरफ वे खुद को कॉमेडियन बताते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी प्रोपेगेंडा को भी धार देते हैं। हाँ, सत्ता के खिलाफ बोलने का दंभ भरने वाले ये कॉमेडियन उद्धव ठाकरे के खिलाफ चूँ तक करने की हिम्मत नहीं रखते। अधिकतर कॉमेडियंस मुंबई में ही रहते हैं।

सुशांत मामले से लेकर अभी 100 करोड़ की वसूली के आरोपों तक, इनके जुबान सिले हुए ही रहे। वो इसीलिए भी चुप रहते हैं क्योंकि वो नहीं चाहते कि किसी सुबह उनके घर के बाहर कोई विस्फोटक लदी गाड़ी पार्क की हुई मिले और इसके पीछे पुलिस का ही हाथ हो। अब उन्होंने कोरोना की आड़ में उन ‘भक्तों’ को निशाना बनाना शुरू किया है, जिनके परिजन संक्रमण की चपेट में आकर मृत्यु को प्राप्त हो गए। रोहन जोशी जैसों ने इसकी शुरुआत की है।

उसने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “वो सभी भक्त जिन्होंने इस महामारी के दौरान अपने किसी परिचित को खोया, आप मजबूत बने रहिए। आपके पापा और अक्षय कुमार मिल कर एक सुन्दर सा मंदिर बना रहे है, जहाँ जाकर आप अपने मृत परिजनों की आत्माओं की शांति के प्रार्थना कर सकते हैं।” अव्वल तो ये कि रोहन जोशी ने अपनी अगली स्टोरी में इस बयान का खुल कर बचाव भी किया।

उसने लिखा, “लोग मेरी पिछली इंस्टाग्राम स्टोरी को अभद्र बता रहे हैं। मुझे लगता है कि आप सब ने मेरे क्रोध और अपमान को कम कर आँका है। F@#k Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं। मुझे उनके लिए जरा सी भी सहानुभूति नहीं है, बल्कि केवल अवमानना का भाव है।” आप इन शब्दों पर गौर कीजिए।

रोहन जोशी ने महामारी के मृतकों को लेकर पीटी ताली

रोहन जोशी ने ट्विटर को अलविदा कह रखा है और अब वह फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए घृणा फैलाता है। अब एक और कॉमेडियन की बात करते हैं, जो इसी तरह का काम कर रही हैं। उन्होंने डॉक्टर बनते हुए ये तक शेयर कर दिया कि कोरोना होने पर क्या करना चाहिए और कौन सी दवाएँ लेनी चाहिए। एक डॉक्टर ने उन्हें आईना दिखाते हुए इसे तुरंत डिलीट करने को कहा, क्योंकि उनके हिसाब से इन दवाओं को लेने से मरीज मर भी सकता है।

अदिति मित्तल बन गईं डॉक्टर

इस कॉमेडियन का नाम है अदिति मित्तल, जिन्होंने कहीं से व्हाट्सएप्प के जरिए प्राप्त हुई तस्वीर अपने हजारों फॉलोवर्स के लिए इंस्टाग्राम पर चेंप दी। बाद में उन्होंने उस स्टोरी को डिलीट करने के बाद लिखा कि वो एक सर्टिफाइड पोस्ट था, लेकिन गालियाँ मिलने के बाद उन्होंने हटा दी है। उन्होंने कहा कि उनके पास सैकड़ों निवेदन आए हैं, इसीलिए ज़रूरतमंद लोगों को वो मैसेज के जरिए ये तस्वीर पहुँचाएँगी।

लोगों ने सुनाई खरी-खरी तो डिलीट की स्टोरी

बता दें कि ‘Me Too’ अभियान के तहत अदिति मित्तल पर एक अन्य महिला ने जबरन किस करने के आरोप लगाए थे और रोहन जोशी ने सब कुछ जानते हुए भी कुछ नहीं किया था। जहाँ देश भर के मंदिर कोरोना के खिलाफ समाजसेवा में लगे हुए हैं, ये कॉमेडियन अपने घरों में बैठ कर लोगों के मरने पर ख़ुशी जता रहे हैं।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

हाल ही में कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने की घटना सामने आई थी। इसमें 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें जल कर राख हो गई थी। मामले में मैसूर पुलिस ने सैयद नासिर नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है।

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक मैसूर सिटी पुलिस ने लापरवाही से जलती माचिस की तीली फेंकने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया है। इसी वजह से आग लगी थी। पुलिस का कहना है कि 35 वर्षीय आरोपित ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस की तीली जलाई और फिर बिना इधर-उधर देखे उसे लापरवाही से फेंक दिया।

शहर के पुलिस आयुक्त चंद्रगुप्त ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आरोपित सैयद नासिर देर रात नशे की हालत में घर लौटा। उसका अपनी माँ और बहनों से झगड़ा हुआ। इसके बाद वह घर से बाहर निकल गया। बाहर निकल कर उसने बीड़ी और माचिस की तीली जलाई और खुले में एक मरम्मत की दुकान के बाहर रखे फर्नीचर और कुशन पर माचिस की तीली फेंक दी।

घटनास्थल से उसके निकलने के कुछ ही मिनटों बाद आग लग गई। दो स्थानीय लोगों ने इस घटना को देखा और उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। आग की लपटें बढ़ती गई और जल्द ही पूरी लाइब्रेरी राख के ढेर में तब्दील हो गई। 

पुलिस ने डिटेल्स पता करने के लिए सीसीटीवी में कैद तस्वीरों का सहारा लिया। पुलिस का कहना है कि सैयद नासिर और सैयद इसाक के बीच में कोई दुश्मनी नहीं है। इसाक ने आरोप लगाया था कि उपद्रवियों ने कन्नड़ भाषा के प्रति दुश्मनी के कारण पुस्तकालय को आग लगा दी। हालाँकि यह पता लगाने के लिए आगे की जाँच चल रही है कि घटना जान-बूझकर की गई थी या अनजाने में। 

बता दें कि यह सार्वजनिक पुस्तकालय सैयद इसाक नाम के शख्स का था। सैयद इसाक दिहाड़ी मजदूर हैं। इसाक ने इस सार्वजनिक पुस्तकालय को अमार मस्जिद के पास राजीव नगर में एक निगम पार्क के अंदर एक शेड जैसी संरचना में स्थापित किया था। हर दिन, 100-150 से अधिक लोग उनके पुस्तकालय में आते थे।  इसाक कन्नड़, अंग्रेजी, उर्दू और तमिल सहित 17 से अधिक समाचार पत्रों की खरीद करते थे। वह लाइब्रेरी के रख-रखाव और अखबारों की खरीद पर लगभग 6,000 रुपए खर्च करते थे।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

जहाँ एक तरफ देश की राजधानी कोरोना के कारण बेहाल है, वहीं आम लोग इससे जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने में कोताही बरत रहे हैं। दिल्ली में मास्क के लिए टोके जाने पर एक महिला इतनी भड़क गई कि उसने पुलिस को ही खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। महिला की पहचान पटेल नगर निवासी आभा यादव के रूप में हुई है।

रविवार (अप्रैल 18, 2021) को शाम साढ़े 4 बजे वह अपने पति पंकज दत्ता के साथ टाटा टियागो गाड़ी से जा रही थी। पति-पत्नी में से किसी ने भी मास्क नहीं लगा रखा था। दरियागंज इलाके में पुलिस ने इन्हें रोका। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बाहर निकलने से पहले मास्क पहनना अनिवार्य किया हुआ है। बदतमीजी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महिला को थाने ले जाने के लिए महिला पुलिस बुलाई गई।

दोनों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। दिल्ली में नाइट कर्फ्यू तो पहले से ही है, शनिवार और रविवार को AAP सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू की घोषणा भी कर रखी थी। महिला से जब पुलिस ने मास्क न पहनने का कारण पूछा तो उसने कहा कि वो अदालत तक जाएगी, लेकिन जुर्माना नहीं भरेगी। उसने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप भी पुलिस में है और SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को ‘भिखमंगा’ कह कर सम्बोधित किया।

महिला ने कहा, “आ गए मास्क के नाम पर चालान माँगने भिखमंगे।” इसके बाद महिला ने अजीबोगरीब व्यवहार करते हुए कहा कि वो अपने पति के साथ है और उसे किस भी करेगी, कोई उसका क्या कर लेगा? उसने पुलिसवालों को चुनौती दी कि वो उसे किस करने से रोक लें। आभा यादव नामक इस महिला ने कहा कि कोई कोरोना वगैरह है ही नहीं, सिर्फ बेवजह लोगों को परेशान किया जा रहा है।

महिला ने खुद को UPSC टॉपर और पुलिसकर्मियों को ‘कम पढ़ा-लिखा’ बताया। उक्त दंपति के पास न तो कर्फ्यू पास था और न ही मास्क। महिला ने वहाँ खड़े लोगों को उकसाने का प्रयास किया। साथ ही पुलिसकर्मियों का हाथ पकड़ कर झटक दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि वीडियो देखने के बाद इस मामले में और धाराएँ जोड़ी जा रही हैं। दोनों के खिलाफ IPC की धारा 188 और 51 B DDMA के तहत मामला दर्ज हुआ है।

उक्त महिला के पति ने भी पुलिस को कार को हाथ लगा कर दिखाने की चुनौती दी। महिला ने कहा कि पुलिस चाभी भी छू कर दिखा दे। दिल्ली में कोरोना से हालत बदतर होते जा रहे हैं और 74,941 सक्रिय केसेज के साथ ये देश भर में छठे स्थान पर है। पिछले 1 दिन में 25,462 नए मामले सामने आए हैं और 161 लोगों की मौतें हुईं। प्रदेश में कोरोना ने अब तक 12,121 लोगों की जान ली है, जो महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के बाद सर्वाधिक है।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ चलाएगी रेलवे, उद्योगों की आपूर्ति पर रोक: टाटा स्टील जैसी कंपनियाँ भी आईं आगे

कोरोना की दूसरी लहर के लगातार गंभीर होने के बीच देश के कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी को लेकर खबरें आ रही है। इसे देखते हुए रेलवे ने ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ चलाने का फैसला किया है। कई स्टील कंपनियों ने भी अपने प्लांट से ऑक्सीजन आपूर्ति का ऐलान किया है। 22 अप्रैल से 9 सेक्टरों को छोड़कर अन्य उद्योगों को ऑक्सीजन की सप्लाई बंद करने का भी फैसला किया गया है।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने रविवार (अप्रैल 18, 2021) को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि अगर बहुत जरूरी ना हो तो औद्योगिक उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन सप्लाई को रोकें। सिर्फ छूट प्राप्त सेवाओं के लिए ही सप्लाई को अनुमति दें। उन्होंने कहा कि कोविड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में मेडिकल ऑक्सीजन की माँग भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक डिमांड है। इन राज्यों में केंद्र सरकार द्वारा गठित सशक्त समूह- II की समीक्षा की गई है, जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

इस मुश्किल घड़ी में रेलवे ने ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ नाम से एक ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। इन खास ट्रेनों की आवाजाही में देरी न हो इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का फैसला किया गया है। इससे ऑक्सीजन की सप्लाई तेज़ी से हो सकेगी। रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, “रेलवे तरल मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) और ऑक्सीजन सिलेंडर के ट्रांसपोर्ट के लिए पूरी तरह से तैयार है। रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाने की तैयारी में है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस की तेज़ आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएगा।”

रेलवे ने बताया कि टेक्निकल ट्रायल्स के बाद खाली टैंकरों को कलमबोली/बोइसर से मुंबई भेजा जाएगा और फिर वहाँ से वाइजाग जमशेदपुर/राउरकेला/बोकारो भेजा जा रहा है। वहाँ इनमें लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भरी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों ने रेलवे से यह पता लगाने का अनुरोध किया था कि क्या रेलवे लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंकरों को ले जा सकती है। रेलवे ने तुरंत इस पर विचार किया और यह फैसला लिया। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन को रोल ऑन रोल ऑफ सर्विस के जरिए ले जाया जा सकता है। इसके लिए रोड टैंकर्स को फ्लैट वैगंस पर रखना होगा। वेगन में 31-31 टन लिक्विड ऑक्सीजन के टैंकर की रैक होंगी। सबसे पहले महाराष्ट्र को स्टॉक पहुँचाया जा रहा है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन पर 50 कोविड-19 आइसोलेशन कोच तैयार हैं जिनमें 800 बिस्तरों की सुविधा है। इसी तरह आनंद विहार स्टेशन पर 25 कोच कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों की माँग पर रेलवे देश भर में 3 लाख से अधिक आइसोलेशन बेड्स का इंतजाम कर सकती है।

मंत्रालय ने महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में भी 94 कोविड केयर कोच उपलब्ध कराए हैं, जहाँ अब तक 6 कोविड-19 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र ने भारतीय रेलवे से कोविड केयर कोच की माँग की, जिसके बाद रेलवे ने इन कोच को राज्य को आवंटित किया।

गौरतलब है कि कोविड-19 के मरीजों के लिए बेहद उपयोगी ऑक्सीजन सिलेंडर की देश में भारी किल्लत देखी जा रही है। इसे दूर करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी दोनों स्तर से प्रयास जारी हैं। उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज महाराष्ट्र को मुफ्त में ऑक्सीजन दे रही है। रिलायंस ने गुजरात के जामनगर स्थित अपनी रिफाइनरियों से 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की है। 

इसके अलावा टाटा स्टील, सेल समेत कई इस्पात कंपनियों ने कोविड मरीजों के उपचार के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति की घोषणा की है। टाटा स्टील ने रविवार को घोषणा की कि उसने कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए विभिन्न राज्य सरकारों और अस्पतालों को दैनिक आधार पर 300 टन चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।

टाटा स्टील ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘देश की जरूरत को ध्यान में रखते हुए, हम विभिन्न राज्य सरकारों और अस्पतालों को रोजाना 200-300 टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहे हैं। हम कोरोना की रोकथाम के लिये जारी अभियान में साथ हैं और निश्चित रूप से इससे पार पाएँगे।’’

निजी क्षेत्र की जेएसपीएल ने भी कहा कि वह अपने अंगुल (ओडिशा) और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) स्थित कारखानों से 50 से 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है। इससे पहले, सार्वजनिक क्षेत्र की सेल ने शनिवार को ट्विटर पर लिखा था, ‘‘सेल ने अपने एकीकृत इस्पात कारखाने बोकारो (झारखंड), भिलाई (छत्तीसगढ़), राउरकेला (ओड़िशा), दुर्गापुर और बर्नपुर (पश्चिम बंगाल) से कोविड मरीजों के उपचार के लिए 99.7 प्रतिशत शुद्धता वाले 33,300 टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति की है।’’ आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया लि. (एएमएनएस इंडिया) ने कहा कि वह गुजरात में स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतिदिन 200 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है।

वहीं बिहार के बेगूसराय में डीएम ने ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए बीते एक साल से बंद पड़ी फैक्ट्री को शुरू करने का निर्देश दिया। प्लांट चालू होने पर एक दिन में 450 ऑक्सीजन सिलेंडर भरा जाएगा।

मालदा से BJP उम्मीदवार को गोली मारी, सीधे गर्दन में जाकर लगी: TMC ने कहा- इसमें हमारा हाथ नहीं

पश्चिम बंगाल के मालदा से भाजपा के उम्मीदवार गोपाल चंद्र साहा को कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। उन पर ये हमला तब हुआ, जब वो रविवार (अप्रैल 18, 2021) को चुनाव प्रचार कर रहे थे। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। रात के वक़्त गोपाल चंद्र साहा मालदा के शाहपुर इलाके में चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी अँधेरे का फायदा उठा कर उन पर हमला किया गया। गोली उनके गर्दन में लगी है।

सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद का एक वीडियो फुटेज भी सामने आया है, जिसमें उन्हें स्ट्रेचर पर लिटा कर अस्पताल ले जाते हुए देखा जा सकता है। पश्चिम बंगाल में अप्रैल 22 को छठे चरण का चुनाव होना है। इसके एक सप्ताह बाद अप्रैल 29 को आठवें चरण के चुनाव के साथ ही पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव का समापन हो जाएगा। मई 2 को मतगणना होनी है। मालदा में 8वें चरण में चुनाव होना है।

हमलावर एक से अधिक की संख्या में थे, जिनकी अब तक पहचान नहीं हो सकी है। हमले से कुछ देर पहले ही साहा ने बूथ स्तर की बैठक में हिस्सा लिया था। उनका इलाज कर रहे मालदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल डॉक्टरों ने कहा है कि भाजपा उम्मीदवार की हालत अब स्थिर है। घटना के बाद इलाके में तनाव पसरा हुआ है। बंगाल पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन कुछ बयान नहीं दिया है।

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री देबाश्री चौधरी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा का ये स्तर राज्य में राजनीतिक हिंसा की संस्कृति की ओर इशारा करता है। मालदा से TMC के उम्मीदवार कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने कहा कि इस घटना में उनकी पार्टी का कोई हाथ नहीं है और वे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हैं। फरवरी 2021 में पड़ोस के ही मुर्शिदाबाद में मंत्री जाकिर हुसैन एक बम हमले में घायल हुए थे।

आक्रोशित भाजपा समर्थकों ने इस घटना के बाद झंटू मोड़ को जाम कर कर के वहाँ धरना दिया। इंस्पेक्टर इंचार्ज हीरक विश्वास को भारी पुलिस बल के साथ प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए भेजा गया। पुलिस CCTV फुटेज की जाँच कर रही है, ताकि हत्यारों का पता लगाया जा सके। हमले के समय गोपाल चंद्र साहा अपनी कार में बैठ रहे थे। पश्चिम बंगाल में पहले ही 100 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है।

‘बीजेपी को कोसने वाले लिबरल TMC पर मौन’- हर दिन मेगा रैली कर रहीं ममता लेकिन ‘ट्विटर’ से हैं दूर: जानें क्या है झोल

देशभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच राजनीतिक बहस अब चुनावी रैलियों में जुटने वाली भीड़ पर केंद्रित हो गई है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल में अभी तीन चरणों में विधानसभा चुनाव बचे हुए हैं। ऐसे में कई सारे राजनीतिक दल कोरोना के दौर में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।

इस बीच कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के लिए चुनावी रैलियों को जिम्मेदार ठहराया। जबकि, इस बात का सबूत हैं कि हाल ही में पाँचवे चरण के मतदान से पहले पश्चिम बंगाल के गोलपोखर में उन्होंने एक बड़ी चुनावी सभा को संबोधित किया था। इसके अलावा पार्टी अपनी रैलियों में भारी भीड़ जुटने का दावा करती आई है। इसी के जरिए कॉन्ग्रेस अपनी राजनीतिक किस्मत को बदलना चाहती है।

जब राहुल गाँधी को इस बात का अहसास हुआ कि चुनावी रैलियों के बावजूद कॉन्ग्रेस की नैया डूबने की कगार पर खड़ी है तो उन्होंने कोरोना का बहाना लेकर चुनाव प्रचार बंद कर दिया।

राहुल गाँधी के इस ट्वीट के बाद लेफ्ट-लिबरल लॉबी को कोरोना के इस दौर में सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करने के बहाने बीजेपी पर निशाना साधने का मौका मिल गया। दरअसल, इस लेफ्ट-लिबरल लॉबी को यह समझ आ गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में मुकाबला केवल भाजपा और टीएमसी के बीच दोतरफा हो गया है। ऐसे में यह लॉबी बड़ी ही आसानी से ममता बनर्जी की रैलियों में जुटने वाली भीड़ और उनकी सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी को बड़ी ही आसानी से अनदेखा कर रही है। साथ ही वामपंथियों की ये लॉबी कोरोना के जरिए बीजेपी को घेरने में जुट गई है।

टीएमसी की सोशल मीडिया रणनीति को समझते हैं

ममता बनर्जी ने अपने हजारों तृणमूल कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ रविवार (18 अप्रैल) को धाकुरिया ब्रिज से कालीघाट चौराहे तक बड़े पैमाने पर रोड शो किया। इस दौरान ममता कुर्सी पर बैठी रहीं, वहीं उनके समर्थकों ने सोशल डिस्टेंसिंग की खुलकर बखिया उधेड़ी। उनके इस रोड शो को उनके आधिकारिक फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीम भी किया गया था।

ममता बनर्जी के फेसबुक लाइव वीडियो का स्क्रीनशॉट

हालाँकि, ममता के ट्विटर अकाउंट को खँगालने पर हमने पाया कि वहाँ लास्ट ट्वीट 15 अप्रैल को किया गया था, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को एक ही बार में शेष चरणों की वोटिंग करवाने को कहा था। जबकि, रविवार को की गई चुनावी रैली या उनके रोड शो की कोई जानकारी पेज पर नहीं थी।

ऑल इंडिया तृणमूल कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर प्रोफाइल चेक करने पर हमने पाया कि वहाँ पार्टी ने अंतिम ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक अटैक किया था। पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी रोड शो या रैली के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

ममता बनर्जी के आखिरी ट्वीट्स का स्क्रीनशॉट

इसके बाद हमने ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस दोनों के ट्विटर हैंडल को गहराई से खंगाला, लेकिन हमें हाल के दिनों में पार्टी सुप्रीमो द्वारा आयोजित किसी भी राजनीतिक रैलियों की कोई लाइव स्ट्रीमिंग नहीं मिली। हालाँकि, टीएमसी के आधिकारिक हैंडल में ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए सवालों और नारों की छोटी क्लिप मिलीं।

हालाँकि, हमें फेसबुक पर ममता बनर्जी के रोड शो की लाइव स्ट्रीम मिली। इसी तरह, उसके आधिकारिक एफबी पेज से शनिवार को पूर्बा बर्धमान में चुनावी रैली का पूरा वीडियो फुटेज भी शेयर किया गया था। यह मामला उत्तर 24 परगना के नोआपारा में उनकी सार्वजनिक बैठक की तरह है।

हमें कोलकाता और नादिया में 15 अप्रैल और 14 अप्रैल को होने वाली बड़ी जन सभाओं के साथ, उनकी चुनावी रैलियों की लाइव स्ट्रीम भी मिलीं।

TMC के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

ट्विटर पर अपनी राजनीतिक रैलियों की लाइव स्ट्रीमिंग से बचने के लिए, ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस ने सफलतापूर्वक इसे मैनेज किया है। बता दें कि ट्विटर यूजर फेसबुक यूजर की तुलना में राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय रहते हैं। लेकिन, फेसबुक से ममता बनर्जी को कोरोना संकट के इस दौर में लोगों के चुभते सवालों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

TMC के वीडियो क्लिप की स्क्रीनशॉट
ममता बनर्जी की राजनीतिक रैलियों का स्क्रीनशॉट

ममता बनर्जी का दोहरा मापदंड ये है कि उन्होंने ट्विटर पर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर चुनाव आयोग को ट्वीट किया, लेकिन उनके फेसबुक पेज पर चुनावी रैली के वीडियो भरे पड़े हैं। इनमें स्पष्ट तौर पर पार्टी सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती दिख रही है। चुनावी रैलियों में ममता ने राहुल गाँधी को लेकर आँखें मूँद रखीं हैं।

ममता बनर्जी की राजनीतिक रैलियों के दौरान लाइव स्ट्रीमिंग का स्क्रीनशॉट

क्या जनरल वीके सिंह ने कोरोना पीड़ित अपने भाई को बेड दिलाने के लिए ट्विटर पर माँगी मदद? जानिए क्या है सच्चाई

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए एक नागरिक की मदद करने की कोशिश की। दरअसल, एक ट्विटर यूजर ने सोशल मीडिया पर टैग कर मदद माँगी थी कि उसके भाई को कोरोना हो गया है और गाजियाबाद में बेड नहीं मिल पा रहा है।

चन्द्र प्रकाश राय का ट्वीट

दोपहर करीब 1:20 मिनट चन्द्र प्रकाश राय ने कई लोगों को ट्वीट कर गाजियाबाद में बेड के लिए अनुरोध किया। बता दें कि जनरल वीके सिंह गाजियाबाद से बीजेपी के सांसद हैं, इसलिए यूजर ने उन्हें भी टैग किया था। यह मैसेज मिलने के कुछ देर बाद केंद्रीय मंत्री ने यूजर के मैसेज को कॉपी पेस्ट कर गाजियाबाद के जिलाधिकारी से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा।

जैसा कि सामान्यतया होता है बिना जाँचे-परखे ट्रोल्स ने उन्हें और केंद्र सरकार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। ट्रोलर्स ने ये सिद्ध करने की कोशिश की कि देश में कोविड की हालत इतनी ज्यादा खराब है कि एक केंद्रीय मंत्री को भी ट्विटर पर बेड के लिए ‘भीख’ माँगनी पड़ रही है।

जनरल वीके सिंह का ट्वीट

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के ट्वीट को कॉन्ग्रेस नेताओं ने भी मोदी सरकार की आलोचना करने के अवसर के रूप में लिया। वीके सिंह के ट्वीट पर कॉन्ग्रेस नेता श्रीवत्स ने कहा कि कोरोना वायरस को कंट्रोल करने के लिए अब आर्मी को बुलाया जाना चाहिए।

विद्या कृष्णन समेत कई पत्रकारों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अपने भाई के लिए बेड माँग रहे हैं।

यहाँ देखें कॉन्ग्रेस नेताओं के भेड़ चाल वाले ट्वीट

कॉन्ग्रेस नेता का ट्वीट

हालाँकि, बाद में जनरल वीके सिंह ने अपना ट्वीट डिलीट करने के बाद स्पष्ट किया कि उन्होंने गाजियाबाद डीएम का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक ही ट्वीट किया था, ताकि मदद जरूरतमंदों तक पहुँच सके।

ndtv के पत्रकार और कॉन्ग्रेस नेता ने फैलाई झूठी खबर
हंसराज मीना का ट्वीट

यहाँ तक ​​कि उन्होंने डीएम को फिर से ट्वीट किया, इस बार उन्होंने राय को सही तरीके से ट्वीट किया ताकि उन तक मदद पहुँच सके।

जनरल वीके सिंह का ट्वीट

उत्तर सरकार के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले पर जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

गाजियाबाद के जिलाधिकारी के केंद्रीय मंत्री द्वारा किया गया ट्वीट

राहुल गाँधी ने बंगाल में रैलियों को रद्द करने की घोषणा की, कॉन्ग्रेस नेता जुटा रहे भारी भीड़: अधीर रंजन ने शेयर की तस्वीर

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा और कोरोना संक्रमण अपने उफान पर है। इसी बीच कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने रविवार को ट्वीट कर घोषणा कि वह कोरोना संक्रमण की वजह से बंगाल में होने वाली अपनी सभी रैलियाँ रद्द कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”कोविड संकट को देखते हुए, मैंने पश्चिम बंगाल की अपनी सभी रैलियाँ रद्द करने का निर्णय लिया है। राजनैतिक दलों को सोचना चाहिए कि ऐसे समय में इन रैलियों से जनता व देश को कितना खतरा है।”

हाल ​के दिनों में देश में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के कारण चुनावी रैलियाँ गहन जाँच के दायरे में आई हैं। विपक्षी दलों ने अपनी रैलियों पर चुप्पी साधते हुए भाजपा को निशाना बनाया है। वह इमोशन कॉर्ड खेलते हुए यह जताने का प्रयास कर रहे हैं ​कि कोरोना के बढ़ते मामलों को नजरअंदाज कर भाजपा भीड़ को आकर्षित करने में जी जान लगा रही है।

वहीं, राहुल गाँधी ने स्पष्ट रूप से लोगों की भावनाओं से खेलने की कोशिश की। हालाँकि, इस मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी राहुल गाँधी के विचारों से इत्तेफाक न रखते हुए भीड़ में शामिल हो रहे हैं। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।

अधीर रंजन चौधरी ने नौडा विधानसभा सीट पर अपनी रैली की तस्वीरें साझा की हैं। यहाँ उन्होंने रैली को संबोधित किया। दरअसल, कॉन्ग्रेस पार्टी बंगाल में वाम मोर्चा और अब्बास सिद्दीकी की आईएसएफ पार्टी के साथ गठबंधन में है। उन्होंने मालदा में भी एक अन्य उम्मीदवार के समर्थन में रैली को संबोधित किया और उसकी तस्वीरें अपने ट्वीटर अकाउंट पर शेयर की हैं।

इस प्रकार यह स्पष्ट हो गया है कि राहुल गाँधी द्वारा पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी रैलियों को रद्द करने की घोषणा महज सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने की एक योजना प्रतीत होती है। जमीनी वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है। तृणमूल कॉन्ग्रेस ने भी इसी तरह की रणनीति अपनाई है, जहाँ वे ट्विटर पर अपनी रैलियों की तस्वीरें अपलोड करने से बचते हैं, वहीं राज्य में उनका चुनावी आयोजन बदस्तूर जारी रहता है।

बता दें, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 8 फेज में वोटिंग होनी है। अब तक 5 फेज की वोटिंग हो चुकी है। अभी तीन फेज की वोटिंग बाकी है। छठे फेज में 43 सीटों के लिए 22 अप्रैल को वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजे 2 मई को घोषित होंगे।

मंसाराम अस्पताल में हुई अचानक ऑक्सीजन की कमी, 35 कोरोना मरीजों की जान खतरे में: दिल्ली पुलिस की तेजी ने बचाई जान

देश भर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसी परिस्थिति में हर राज्य में अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी होती जा रही है। ताजा मामला देश की राजधानी का है। दिल्ली के नांगलोई नजफगढ़ रोड स्थित मंसाराम अस्पताल में अचानक ऑक्सीजन की कमी हो जाने से यहाँ भर्ती 35 कोरोना मरीजों की जान खतरे में पड़ गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मंसाराम अस्पताल के डायरेक्टर राजेश डबास ने पुलिस को फोन करके कहा कि यहाँ 35 कोविड मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। उनकी ऑक्सीजन सप्लाई लगभग खत्म होने वाली है। राजेंद्र डबास ने यह भी बताया कि उन्होंने कई अथॉरिटीज से मदद माँगी, लेकिन कहीं से कोई भी जवाब नहीं मिला।

बताया जा रहा है कि एडिशनल डीसीपी सुधांशु धामा ने कई अधिकारियों के साथ तुरंत संपर्क साधा और इस बारे में उनसे बातचीत की। एसीपी आशीष के निर्देशन में निहाल विहार से दो टीमों को निर्देश दिया गया कि वो तुरंत मुंडका और बवाना में जाकर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करें।

10 ऑक्सीजन सिलेंडर आधे घंटे के अंदर पहुँचाए गए। इसके बाद 10 और सिलेंडर सहित कुल लगभग 20 ऑक्सीजन सिलेंडर पहुँचाए गए। दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आज 35 कोरोना मरीजों की जान बच गईं।

बता दें कि मंसाराम अस्पताल के डायरेक्टर ने 35 कोविड मरीजों की जान बचाने के लिए उपलब्ध कराए गए ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए दिल्ली पुलिस को धन्यवाद दिया है।