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‘कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने मेरी बेटी को बंधक बना रखा है’: कर्नाटक सेक्स सीडी मामले में नया मोड़

कर्नाटक में एक सीडी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके आधार पर राज्य के एक पूर्व मंत्री पर सेक्स स्कैंडल का आरोप लगा था। रमेश जरकीहोली के खिलाफ सीडी में दिख रही युवती ने शिकायत भी दर्ज कराई थी और कहा था कि विधायक से उसे जान का खतरा है। लेकिन, अब लड़की के पिता ने कहा है कि उनकी बेटी काफी दबाव में थी और उसके बयान तभी रिकॉर्ड किए जाने चाहिए, जब वो सामान्य हो।

लड़की के भाई ने आरोप लगाया कि उनकी बहन डीके शिवकुमार से रुपए लेने के बाद परिवार से अलग रह रही है और सबसे पहले उसे इस ‘नजरबंदी’ से मुक्त कराया जाना चाहिए। लड़की के भाई ने कहा, “मेरी बहन ने मुझसे मार्च 2, 2021 को बात की थी। उसने कहा था कि वो वही कर रही है, जैसा डीके शिवकुमार उसे निर्देश दे रहे हैं।” कर्नाटक कॉन्ग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं और वो इसके बारे में कुछ जानते भी नहीं।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जाँच चल रही है और इस दौरान कोई भी उनके बारे में कुछ भी कह सकता है, भले ही इस मामले से उनका कोई सम्बन्ध न हो। कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता ने आशंका जताई कि लड़की के परिवार ने दबाव में आकर ये सब कहा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर युवती के परिवार वालों के पास इससे सम्बंधित कोई सबूत हैं तो उन्हें जाँच अधिकारियों को सौंपना करना चाहिए।

बेलगावी में उक्त युवती के पिता ने आरोप लगाया कि डीके शिवकुमार ने उनकी बेटी को कुछ रुपए देकर गोवा भेज दिया है और बंधक होने के कारण वो वही सब बोल रही है, जो उसे बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे एक रिटायर्ड सैनिक हैं और अपनी बेटी को अपने पास रखने में सक्षम हैं, इसलिए नेताओं को उसका इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए। लड़की की माँ ने कहा कि उनकी बेटी ने कुछ महीनों पहले बताया था कि डीके शिवकुमार के किसी करीबी ने उससे जॉब के लिए संपर्क किया है।

युवती के पिता के बयान ने इस पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। सोमवार (मार्च 29, 2021) को पत्रकारों से बात करते हुए लड़की के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को कुछ दिनों के लिए माता-पिता के साथ रहने देना चाहिए और उसके बयान को तभी सही मानना चाहिए, जब उसने कोर्ट में खुद जाकर उसे दर्ज कराया हो।

युवती के पिता ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और अदालत को उनकी अपील को गंभीरता से लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पास 11 गवाह हैं और लड़की के वापस आने के बाद बयान दर्ज होने पर ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि उन्हें वकीलों से भी राय लेनी है। उन्होंने कहा कि दो ऑडियो रिलीज किए गए हैं और उनके पास 9 और हैं।

जूडस ने चाँदी के टुकड़ों के लिए जीसस को धोखा दिया, LDF ने सोने के टुकड़ों के लिए केरल की जनता को: केरल में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के पलक्कड़ में मंगलवार (मार्च 30, 2021) एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। 6 अप्रैल 2021 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनकी ये केरल में पहली रैली है। उन्होंने कहा कि पलक्कड़ के लोगों का भाजपा के साथ पुराना और करीबी सम्बन्ध रहा है, इसलिए वे यहाँ जनता के आशीर्वाद के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केरल की राजनीति में बदलाव आ रहा है, जिसका कारण है युवाओं, खासकर फर्स्ट टाइम वोटर की आकांक्षाएँ।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य के सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन LDF और कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले UDF पर निशाना साधते हुए कहा कि केरल की जनता दोनों से परेशान है, क्योंकि ये मैच फिक्सिंग खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल में दोनों बारी-बारी से मिल कर जनता को लूटते हैं, लेकिन दिल्ली जाकर एक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे केरल के विकास के विजन को लेकर यहाँ आए हैं। रैली में ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने कहा कि लोग देख रहे हैं कि कैसे UDF और LDF लोगों को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि ये साफ है कि UDF और LDF के दो मकसद हैं- वोट बैंक की राजनीति को आगे बढ़ाना और जेब भरना। इस दौरान पीएम मोदी ने दिलचस्प तरीके से जूडस इस्कैरियट का जिक्र करते हुए कहा कि उसने कुछेक चाँदी के टुकड़ों के लिए जीसस क्राइस्ट को धोखा दिया था, ठीक उसी तरह LDF ने केरल को कुछ सोने के टुकड़ों के लिए दगा दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि न सिर्फ केरल, बल्कि पूरे भारत में यही ट्रेंड चल रहा है कि युवा और प्रोफेशनल्स भाजपा को ही समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने किसानों की बात करते हुए कहा कि MSP बढ़ाने की बातें सभी ने की, लेकिन ये काम राजग सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि दोनों गठबंधनों ने कई विकास कार्यों में बाधा पहुँचाई है। उन्होंने ‘FAST’ विकास के लिए भाजपा को वोट देने की अपील की। ‘FAST’ का अर्थ उन्होंने समझाया:

  • F से Fisheries और Fertilizers (मत्स्य और खाद)
  • A से Agriculture और Ayurveda (कृषि और आयुर्वेद)
  • S से Skill development और Social justice (कौशल विकास और सामाजिक न्याय)
    T से Tourism और Technology (पर्यटन और प्रौद्योगिकी)

प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल के युवा बदलाव चाहते हैं और भाजपा उन्हें ये बदलाव देगी। उन्होंने सुशासन और विकास के लिए वोट की अपील करते हुए कहा कि भाजपा का शासन शांति और समृद्धि की गारंटी देगी। उन्होंने हिंसा की संस्कृति की बात करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर दुःख जताया और कहा कि पार्टी की सरकार आने पर इस पर रोक लगेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा जायज नहीं है।

नरेंद्र मोदी ने सबरीमाला का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जहाँ LDF को श्रद्धालुओं पर लाठी चलवाने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए, UDF को इस पर चुप्पी साधने के लिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वो एक ऐसी पार्टी से हैं, जो इस भूमि की संस्कृति की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि वामपंथी नेता अब भी ‘जूनियर लेवल गुंडे’ की तरह व्यवहार करते हैं और देश की संस्कृति पर हमला होगा तो भाजपा मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी।

‘उसे सैमुअल पैटी की तरह ही मार डालेंगे’: मोहम्मद पैगंबर का कार्टून दिखाने वाले शिक्षक के पिता ने बताया अपना डर

पेरिस में सैमुअल पैटी की निर्मम हत्या के बाद अब ब्रिटेन के एक स्कूल टीचर को मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा उसी तरह से मारे जाने का डर सता रहा है। इस टीचर ने धार्मिक शिक्षा के क्लास के दौरान ‘शार्ली एब्दो’ में प्रकाशित कार्टून दिखाया था।

ब्रिटेन के बैटले ग्रामर स्कूल में कथित तौर पर एक युवा टीचर द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विवादित कैरिकैचर को दिखाने के बाद मुस्लिम समूहों में नाराजगी है। इसे लेकर गुरुवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी हुए। इसके बाद टीचर की पहचान सार्वजनिक किए बिना उन्हें स्कूल से निलंबित कर दिया गया। स्कूल के हेड गैरी किबल ने भी इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगी। किबल ने सबको आश्वासन दिया कि वह इस मामले में आगे पड़ताल करेंगे। 

अब इस मामले में टीचर के पिता बहुत चिंतित हैं। उन्हें डर है कि उनका बेटा अब दोबारा कभी अपने काम पर नहीं लौट पाएगा और यदि कभी लौट भी पाया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। वह कहते हैं, “मेरा बेटा टूटकर रोता और कहता है कि उसके लिए सब खत्म हो गया।”

दरअसल, टीचर को डर है कि कट्टरपंथी उनके परिवार को मार देंगे। उन्हें लग रहा है उन्हें और उनके परिवार को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें पता है कि अब वह चाहकर भी बैटले में न काम कर पाएँगे और न आम जीवन गुजार पाएँगे। अगर वह रुके तो ये उनके लिए बहुत खतरनाक होगा।

वह मेरे बेटे को मार देंगे: टीचर के पिता

टीचर के पिता कहते हैं, “फ्रांस में देखो टीचर के साथ क्या हुआ जिन्हें इसी के लिए मारा गया। वह मेरे बेटे को पकड़कर मार देंगे और उसको भी ये पता है। उसकी पूरी दुनिया खत्म हो गई है। वह बर्बाद हो गया है।”

वह कहते हैं, “जब भी वह (टीचर) बात करना शुरू करता है तो वह टूट जाता है और रोता है। वह भावनात्मक तौर पर बिखर गया है। उसे लगता है सब छूट रहा है और ईमानदारी से उसे इस समय समझाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि जो वो कह रहा है वो सच है।”

पिता इस सारी स्थिति के लिए स्कूल को जिम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि स्कूल ने उस तस्वीर को दिखाने के लिए मँजूरी दी थी। पिता के अनुसार, “मेरे बेटे को जान-बूझकर मौत के मुँह में फेंका गया। जो पाठ वह पढ़ा रहा था जिसमें पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर थी, उसे स्कूल ने ही अप्रूव किया था। बाकी टीचर्स भी यही करते। आखिर मेरे बेटे को क्यों पीड़ित बनाया जा रहा है। स्कूल को उसके लिए लड़ना चाहिए और प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर गलती हुई भी है तो उसमें मेरा बेटा दोषी नहीं। ये स्कूल की नीति में था कि उस तस्वीर को दिखाया जाए। ये उसका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था।”

टीचर के पिता के अनुसार, उनके घर के बाहर बेटे की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगे हुए है उसमें कई लोग उसे ढूँढते साफ देखे जा सकते हैं। पुलिस अधिकारी उनके यहाँ आते हैं और उन्हें सुरक्षित रहने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि जब उनका बेटा और स्कूल दोनों माफी माँग चुके हैं तो मामला यहीं खत्म हो जाना चाहिए।

गौरतलब है कि पेरिस में 47 वर्षीय इतिहास के एक टीचर सैमुअल पैटी का स्कूल के बाहर गला रेत दिया गया था। उनकी गलती बस इतनी थी कि क्लास में ‘शार्ली एब्दो’ अख़बार में प्रकाशित पैगम्बर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था। इसी बात पर हत्यारे ने अल्लाह हू अकबर चिल्लाते हुए घटना को अंजाम दिया था।

नंदीग्राम में BJP कार्यकर्ता की पत्नी से रेप, हाथ-पाँव बाँध नहर में फेंका: पार्टी ने कहा- डर पैदा करने को TMC के गुंडों ने दिया अंजाम

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम ब्लॉक नंबर 2 के टेंटुल बारी इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता की पत्नी के साथ बलात्कार के बाद उन्हें नहर में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। घटना सोमवार (मार्च 29, 2021) की है। कथित तौर पर भाजपा नेता कल पूरे दिन शुभेंदु अधिकारी के साथ कार्यक्रमों में व्यस्त थे, तभी उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के पति इलाके में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। सोमवार को जब वह शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रम निपटाकर घर लौटे तो उन्हें अपनी पत्नी आसपास नहीं दिखीं। जब उन्होंने छानबीन की तो घर के पास की नहर में वह बेसुध अवस्था में पड़ी थीं। उनकी साड़ी से उनके हाथ, पाँव, मुँह बँधे हुए थे। बड़ी मुश्किल से आसपास के लोगों की मदद से उन्हें नहर से निकाला गया।

इसके बाद उन्हें रेयापारा ग्रामीण अस्पताल (Reyapara Rural Hospital) में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए तामलुक जिला अस्पताल भेजा गया। अभी उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। भाजपा ने टीएमसी पर अपने कार्यकर्ता की पत्नी के साथ रेप और हत्या करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि ये सब इलाके में डर बनाने के लिहाज से किया गया।

भाजपा राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, “हमारी पार्टी कार्यकर्ता शुभेंदु अधकारी की चुनावी रैली में शामिल हुए थे। जब वह घर लौटे, तो उन्होंने अपनी पत्नी को अचेत अवस्था में पाया। महिला का दुष्कर्म किया गया और उसके गले में एक रस्सी बाँध दी गई। इससे पता चलता है कि टीएमसी ये जानने के बाद कि वो चुनाव नहीं जीत सकते, अब डर और आतंक का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, महिला सुरक्षा राज्य में एक प्रमुख चिंता का विषय बन गई है और जल्द ही शासन (परिवर्तन) में बदलाव होगा।”

अपने बयान में दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के दावों को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल राज्य में बेटियाँ और माताएँ सुरक्षित हैं। घोष ने कहा भाजपा कार्यकर्ता की बुजुर्ग माँ की मौत और नंदीग्राम में बलात्कार की घटना राज्य में बिगड़ती स्थिति के स्पष्ट प्रमाण हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “वह मतदाताओं को गुमराह करने के लिए यह सब कह रही हैं। वास्तविकता बिल्कुल अलग है।”

बता दें कि इससे पहले साल 2020 में  पूर्वी बर्दवान जिले के कलना में 09 अक्टूबर 2020 को BJP बूथ अध्यक्ष ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता बापन घोष पर अपनी पत्नी के साथ बलात्कार करने की कोशिश का आरोप लगाया था।

रिपोर्ट्स में बताया गया था कि टीएमसी कार्यकर्ता बापन घोष उस समय पीड़िता के घर गया था, जब उनके पति घर पर नहीं थे। इसी बात का फायदा उठाते हुए वह उसका यौन उत्पीड़न करने लगा। पीड़िता के चीखने-चिल्लाने पर स्थानीय लोगों ने उनका बचाव किया, साथ ही लोगों ने आरोपित TMC कार्यकर्ता बापन की लगे हाथ पिटाई भी की।

इधर कोरोना की दूसरी लहर का खौफ, उधर 1 साल बाद फिर से खुला निजामुद्दीन का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज

2020 में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का विस्फोट दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से किस तरह से हुआ था, ये लोगों के जेहन में अब भी ताज़ा है। सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर के हजारों लोग मजहबी गतिविधियों में लिप्त थे और मीडिया का एक वर्ग इनके महिमामंडन में लगा था। अब 1 साल बाद मरकज की इमारत फिर से खुली है और वहाँ नमाज जैसे मजहबी कार्यक्रम शुरू हो गए हैं।

पिछले साल यहाँ से जमाती भाग कर देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में छिप गए थे और पुलिस जब उन्हें खोजने जाती थी तो पुलिसकर्मियों व मेडिकल टीम पर हमले किए जाते थे। रविवार (मार्च 28, 2021) को शब-ए-बरात के मौके पर मरकज का दरवाजा खोला गया। हालाँकि, इस बार पुलिस-प्रशासन ज्यादा सतर्क था और बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया था। पहले से अनुमति लिए हुए सिर्फ 50 लोगों को ही भीतर जाने दिया गया।

इन सभी लोगों को स्थानीय थाने से अनुमति लेनी पड़ी थी। 6 मंजिला इमारत में घुसने से पहले सभी के आईडी कार्ड्स चेक किए गए। दिल्ली हाईकोर्ट से केंद्र सरकार ने कहा था कि वक़्फ़ बोर्ड के 50 लोग ही भीतर जाकर नमाज पढ़ सकते हैं। तबलीगी जमात का कहना है कि मरकज का खुलना अच्छा कदम है लेकिन सभी को अंदर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। जमातियों ने कहा कि हम कोरोना दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे, लेकिन अन्य जगहों पर भी ऐसा हो।

जमातियों ने कहा कि उनलोगों को पिछले साल ‘कोरोना मानव बम’ बना दिया गया था, जबकि सच्चाई ये थी कि जिस तरह अन्य जगहों पर लोग फँसे हुए थे उसी तरह वो लोग भी मरकज में फँस गए थे। दिल्ली हाईकोर्टट ने शब-ए-बरात और रमज़ान को देखते हुए इसे खोलने की अनुमति दी है। सभी 50 लोगों के नाम और पता पुलिस थाने में जमा हैं, जहाँ से थाना प्रभारी द्वारा उन्हें अनुमति पत्र जारी किया गया।

वक्फ बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने अदालत में कहा था कि 13 अप्रैल से शुरू होने वाले रमजान के पवित्र महीने से पहले इस मामले में फैसला किया जाए, क्योंकि उस दौरान और ज्यादा लोग मस्जिद में नमाज अदा करना चाहते हैं। अदालत ने मामले को 12 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। मस्जिद बंगले वाली, मदरसा काशिफ-उल-उलूम और छात्रावास सहित मरकज के कई हिस्से हैं। वक़्फ़ का कहना है कि वे सिर्फ मस्जिद को खोलना चाहते हैं, बाकी के बंद रहने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं।

पिछले महीने ही उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए तबलीगी जमात के मरकज़ में शामिल 49 विदेशी नागरिकों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसके बाद सुनवाई के दौरान यूपी कोर्ट ने इन्हें जेल में बिताई अवधि के कारावास और 1500 रुपए के जुर्माने से दंडित किया था। सुनवाई में अभियुक्तों ने भी स्वीकारा कि कोविड-19 महामारी एक असामान्य परिस्थिति थी। वे सभी विदेशी हैं जो टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। 

गौरतलब है देश में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर आशंका जताई जा रही है। महाराष्ट्र, केरल, पंजाब जैसे कुछ राज्यों में हालात ज्यादा खराब हैं। महाराष्ट्र में रविवार को 40,414 नए मामले सामने आने के बाद एक बार फिर लॉकडाउन के आसार ​जताए जा रहे हैं।

सिर कटी लाशों से पटी सड़कें, ISIS के निशाने पर फौजी और ईसाई: ₹4.37 लाख करोड़ के प्राकृतिक गैस वाले इलाके में तबाही

दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका में स्थित मोज़ाम्बिक के उत्तरी हिस्से में पिछले सप्ताह हुए आतंकी हमले के बाद वहाँ के कई कारोबारियों ने क्षेत्र से भागने में ही अपनी भलाई समझी है। ये घटना पाल्मा इलाके में हुई, जहाँ बड़ी संख्या में आतंकियों ने एक छोटे से पोर्ट पर कब्ज़ा कर लिया और आसपास के क्षेत्रों में तबाही मचाई। स्थानीय पुलिस और सेना ने अधिकतर इलाके पर फिर से नियंत्रण कर लिया है। ISIS ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

हमले में 55 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर सुरक्षा बलों के जवान हैं। मुख्यतः ईसाइयों को निशाना बनाया गया। आधिकारिक इमारतों और बैंकों को तबाह कर दिया गया। ISIS ने कहा है कि ये सुरक्षा बल और ईसाई लोग ‘दमनकारी देशों’ से सम्बन्ध रखते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें सिर कटी लाशों से पटी हुई थी, जबकि सरकार आधिकारिक रूप से मौतों का आँकड़ा मात्र 7 दे रही है। पाल्मा प्राकृतिक गैस संपन्न क्षेत्र है।

यही कारण है कि यहाँ कई विदेशी कंपनियाँ कार्य करती हैं। यहाँ के कलबो देलगादो इलाके में 60 बिलियन डॉलर (4.37 लाख करोड़ रुपए) का नेचुरल गैस मौजूद है। कई लोग वहाँ से भागते हुए मारे गए। हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से हजारों लोगों को वहाँ से निकाला गया। हजारों लोगों ने 50 किलोमीटर पैदल भाग कर अपनी जान बचाई। संचार व्यवस्था भी ठप्प है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि 60 लोग अभी लापता हैं। इनमें से अधिकतर विदेशी हैं। कई अब भी आतंकियों के डर से आसपास के जंगलों में छिपे हुए हैं। एक दक्षिण अफ़्रीकी कारोबारी का कहना है कि इतना सब कुछ होने का अर्थ है कि आतंकियों के ख़ुफ़िया सूत्र सरकार से ज्यादा सक्षम हैं। फ्रांस की एनर्जी कंपनी ‘Total’ वहाँ सक्रिय है, इसलिए कई बिलियन डॉलर के प्राकृतिक संसाधन के दोहन के लिए वहाँ कई कंपनियाँ सक्रिय हैं।

आतंकी पहले से ही इलाके में घुस गए थे और छिपे हुए थे। इनमें से कई पुलिस व सेना की वर्दी में थे। इन्होंने काफी योजनाबद्ध तरीके से पुलिस व सेना के कैंपों को निशाना बनाया गया, सरकारी इमारतों पर हमले हुए और दो बैंकों को लूट लिया गया। उस क्षेत्र में चल रहे विद्रोह में अब तक 3 सालों में 2600 लोग मारे गए हैं और 6.7 लाख विस्थापित हुए हैं। इन सबके पीछे ‘Ahlus Sunnah wal Jamaah (ASWJ)’ संस्था का हाथ है, जो ISIS से सम्बद्ध है।

अमरूला नामक होटल में 200 से अधिक मजदूर फँसे हुए थे। इस तरह शहर के कई होटलों में कर्मचारी व मजदूर फँस गए थे। मोर्टार और मशीनगन से उन पर गोले दागे जा रहे थे। नवंबर 2020 में आतंकियों द्वारा मोजाम्बिक में 50 से अधिक लोगों के सर कलम किए जाने की खबर आई थी। 2017 से ही वहाँ इस तरह के हमले जारी हैं। ये मुख्यतः मुस्लिमों की बहुलता वाला प्रान्त है। यहाँ अधिकतर लोग गरीब और बेरोजगार हैं।

बांग्लादेश: 400 साल पुराने श्मशान और राधागोबिंद आश्रम में लगाई आग, मूर्तियाँ-रथ भी जलकर खाक

बांग्लादेश के मगुर जिले के मोहम्मदपुर उपजिला में 400 साल पुराने परुर्कुल अष्टग्राम महा श्मशान (Paruarkul Ashtagram Maha crematorium) और राधा गोबिंद आश्रम में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आग लगाने की घटना सामने आई है। आग से तीन कमरों के हिस्से, रथ और मूर्तियाँ जलकर खाक हो गईं।

मोहम्मदपुर उपजिला परिषद की पूर्व उपाध्यक्ष और हिंदू-बौद्ध क्रिश्चियन ओइक्या परिषद (Hindu-Buddhist Christian Oikya Parishad) की आयोजन समिति की पूर्व सचिव स्वप्न रानी बिस्वास ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ सफाई कर्मचारी गुरुदास मंदिर में आए, जहाँ उन्होंने आग को देखा। बाद में प्रशासन और दमकल को सूचना दी गई। हालाँकि, मोहम्मदपुर से फायर ब्रिगेड के पहुँचने से पहले आग बुझा दी गई।

इस बीच मोहम्मदपुर उपजिला निरभाही अधिकारी रामानंद पाल, सहायक आयुक्त भूमि हरकृष्ण अधिकारी, मोहम्मदपुर पुलिस स्टेशन के ओसी तारक नाथ विश्वास और स्थानीय बाबूखाली संघ के अध्यक्ष मीर शहजाद अली घटना की जानकारी होते ही मौके पर पहुँचे। बाद में मगुरा के डिप्टी कमिश्नर अशरफुल आलम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जहीरुल इस्लाम सहित वरिष्ठ प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर गए।

स्वप्न रानी ने घटना को सांप्रदायिक झड़पों को उकसाने और राजनीतिक अशांति पैदा करने वाला करार दिया। वहीं सहायक आयुक्त भूमि हरकृष्ण अधिकारी ने बताया कि घटना में आश्रम के दो कमरे क्षतिग्रस्त हुए हैं। मूर्ति भी टूटी हैं। आग लगने से रथ भी जल गए हैं। उन्होंने कहा कि जाँच के बाद ही घटना के लेकर यकीनी तौर पर कुछ कहा जा सकता है।

पुलिस अधिकारी जहीरुल इस्लाम ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आश्वासन दिलाया कि तोड़फोड़ के सबूत मिलने के बाद आरोपितों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द वाले जिले मगुरा में किसी भी सांप्रदायिक ताकत को बख्शा नहीं जाएगा।

गौरतलब है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश से लौटने के बाद कट्टरपंथी समूह हिफाजत-ए-इस्लाम ने चटगाँव स्थित ब्राम्हनबरिया में हिंसा की थी। हिफाजत समर्थकों ने यहाँ मंदिर में रखी माँ काली और भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों को तोड़ दिया था। श्री श्री आनंदमयी काली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष आशीष पॉल ने बताया कि हम डोल पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में पूजा कर रहे थे। इसी दौरान हिफाजत-ए-इस्लाम के करीब 200 से 300 हथियारबंद लोग मंदिर का गेट तोड़कर अंदर घुस आए। हमने काली माँ की मूर्ति को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने हमें ढकेलकर काली माँ की मूर्ति को तोड़ दिया।

मोदी की यात्रा के विरोध में कट्टरपंथी इस्लामिक गुटों ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हिंसक झड़प की, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हुई। इसके बाद पूर्वी बांग्लादेश में एक ट्रेन को हिफाजत-ए-इस्लाम ने निशाना बनाया था। राजशाही के पश्चिम जिले में दो बसों में आग लगाई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की।

दिल्ली में पब के बाहर अजय देवगन की पिटाई, किसानों के ‘विरुद्ध’ किया था ट्वीट: वायरल वीडियो का फैक्टचेक

सोशल मीडिया पर एक वीडियो धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। इसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की जम कर पिटाई की गई है। कहा जा रहा है कि दिल्ली में एक पब के बाहर उनकी पिटाई हुई। ‘किसान आंदोलन’ के नाम पर विदेशी ताकतों द्वारा भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करने पर जिन सेलब्रिटीज ने देश का पक्ष लिया था, उनमें अजय देवगन भी शामिल हैं।

दिल्ली में अजय देवगन की पिटाई?

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि दो पक्षों के बीच जम कर मारपीट हो रही है। वीडियो में अजय देवगन जैसा एक शख्स पिटते हुए दिख भी रहा है। ‘किसान आंदोलन’ के सर्मथकों ने इस वीडियो को जम कर शेयर किया और कइयों ने कहा कि ये ‘जनता’ है जो सिंघम स्टार को पीट रही है। इसके बाद खुद अजय देवगन और उनकी टीम को सफाई देनी पड़ी।

अजय देवगन ने लिखा, “ऐसा लगता है कि मेरे जैसा दिखने वाला कोई शख्स मुश्किल में पड़ गया है। मेरे पास इससे संबंधित फोन कॉल्स आ रहे हैं। केवल स्पष्ट कर रहा हूँ – मैंने कहीं भी यात्रा नहीं की है। मेरे किसी भी विवाद में होने की सभी खबरें निराधार हैं, होली की शुभकामनाएँ।” इससे साफ़ है कि उस वीडियो में अजय देवगन नहीं, उनके ही जैसा दिखने वाला कोई और शख्स है। अजय देवगन फ़िलहाल दिल्ली में में हैं भी नहीं।

अजय देवगन पिछली बार 2020 में आई फिल्म ‘तान्हाजी – द अनसंग वॉरियर’ को प्रमोट करने के लिए दिल्ली गए हुए थे। उनकी टीम का कहना है कि इसके बाद से वो दिल्ली गए ही नहीं। टीम ने सभी मीडिया संस्थानों से फैक्ट्स के आधार पर ख़बरें चलाने का अनुरोध करते हुए कहा कि अजय देवगन लॉकडाउन खुलने के बाद से लगातार मैदान, मेडे और भंसाली की ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ की शूटिंग मुंबई में ही कर रहे हैं।

मार्च 2021 की शुरुआत में मुंबई के गोरेगाँव में में एक सिख व्यक्ति ने अजय देवगन की कार रोक दी थी और उनके खिलाफ टिप्पणी करने लगा था। कार रोकने के बाद वो व्यक्ति कह रहा था, “ये देखो अजय देवगन है। रोटी कैसे पचती है तुम्हें? भाइयो, ये देख लो। जो लोग पंजाब के खिलाफ हैं, उन्हें रोटी कैसे पचती है? शर्म करो शर्म! पगड़ी है सिर पर। लानत है तुम पर, लानत है। शर्म है कि नहीं तुम्हें? गाड़ी चढ़ाएगा मेरे ऊपर तू?”

पिता और चाचा को बचाने गई लड़की को TMC के गुंडों ने पीटा: सूजी आँखों से बताई पीड़ा, BJP ने शेयर किया Video

पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक लड़की की वीडियो वायरल हुई है। वीडियो में वह बता रही है कि कैसे तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने उसे और उसके परिवार को बेरहमी से पीटा। वीडियो को भाजपा की बंगाल ईकाई के ट्विटर अकाउंट से भी शेयर किया गया है। मामला नॉर्थ परगना जिले के दमदम नगरपालिका के काशीपुर क्षेत्र का है।

भाजपा द्वारा शेयर की गई इस वीडियो में लड़की आपबीती सुना रही है। उसकी आँख के पास आई चोटें भी वीडियो में साफ दिख रही हैं। घटना से संबंधित सवाल पूछे जाने पर वह कहती है, “मेरी आँख में चोट आई है। मेरे चाचा को तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता मार रहे थे तो मेरे पापा उन्हें बचाने गए।”

पीड़िता आगे कहती है, “कई लोग मेरे चाचा को मार रहे थे। जब पापा को ये बात पता चली तो वह उन्हें बचाने गए। उन्हें भी पीटा गया। परिवार को पता चला तो हम भी उन लोगों को बचाने गए। सबने हमें भी पीटा।”

पीड़िता का वीडियो शेयर करते हुए भाजपा ने कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस की बर्बरता अपने चरम पर है। इस टाइम उन्होंने इस नवयुवती को पीटा क्योंकि वह अपने पिता को बचाने गई थी, जिन्हें तृणमूल के गुंडे मार रहे थे। सवाल जो अब दीदी से पूछा जाना चाहिए- क्या ये लड़की बंगाल की बिटिया नहीं है?”

उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी 2021 को रात 1:30 बजे टीएमसी के गुंडों ने भाजपा कार्यकर्ता की बुजुर्ग माँ की बेरहमी से पिटाई की थी, जिनकी घटना के एक माह बाद कल मौत हो गई। उन्होंने गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ा। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे लेकर जानकारी दी।

उन्होंने लिखा, ”बंगाल की यह बेटी, किसी की माँ, किसी की बहन… मर चुकी है। टीएमसी के लोगों ने उन पर क्रूरतापूर्ण हमला किया गया था, लेकिन ममता बनर्जी ने उनके लिए दया का भाव भी प्रकट नहीं किया। उनके परिवार के घावों को कौन ठीक करेगा? टीएमसी की हिंसा की राजनीति ने बंगाल की आत्मा को चोट पहुँचाई है।” 

मालूम हो कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा नई नहीं है। शुक्रवार को 30 साल के भाजपा कार्यकर्ता लाल सोरेन की लाश उनके घर के नजदीक एक जंगल में मिली। मेदिनीपुर विधानसभा के बूथ सेक्रेट्री 26 मार्च को जामुन के पेड़ से लटके पाए गए थे।

भाजपा ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट में लिखा था, “मेदिनीपुर विधानसभा के बूथ सेक्रेट्री 30 वर्षीय लालमोहन सोरेन आज सुबह लटके मिले। 72 घंटे में 4 हत्याएँ हुई हैं। ये समय है कि बंगाल एक साथ आए और इस राजनीतिक हिंसा वाले दौर को खत्म करे।”

लाल सोरेन से पहले कूचबिहार जिले के दिनहाटा टाउन मंडल के अध्यक्ष अमित सरकार का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैली थी। मंडल अध्यक्ष का शव दिनहाटा में वेटनरी हॉस्पिटल के परिसर से बरामद हुआ था।

ऐसे ही नादिया के शांतिपुर में भाजपा कार्यकर्ता प्रताप बरमन और दिपांकर बिस्वास की बेहरहमी से हत्या की घटना सामने आई थी। भाजपा ने उनकी मौत का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस पर लगाया था। 18 मार्च को भी एक भाजपा कार्यकर्ता विकास नस्कर की लाश पेड़ से झूलती मिली थी। वह दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दक्षिण के निवासी थे।

गुरुद्वारे से निकली तलवार-डंडों से लैस भीड़, पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा: नांदेड़ में ‘होला मोहल्ला’ पर हिंसा

महाराष्ट्र के नांदेड़ में तलवार और डंडों से लैस सिखों की भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया। इसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि राज्य में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण होली के जुलूस पर पाबंदी लगाई गई थी। स्थानीय गुरुद्वारे में ‘होला मोहल्ला’ पर भी रोक लगी हुई थी। सिखों ने भी आश्वासन दिया था कि वे गुरुद्वारे के भीतर ही इसे मनाएँगे।

सिख बहार नहीं निकले इसकी निगरानी के लिए गुरुद्वारे के बाहर पुलिस बल तैनात थी। प्रशासन ने गुरुद्वारे का दरवाजा भी बंद कर दिया था। लेकिन कुछ सिख युवकों ने दरवाजे को तोड़ पुलिस पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस के वाहनों को भी निशान बनाया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा। सचखंड हुजूर साहिब गुरुद्वारे में होली से पहले पुलिस ने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें ‘होला मोहल्ला’ का आयोजन कोरोना दिशा-निर्देशों के अनुरूप करने को कहा गया था।

सोमवार (मार्च 29, 2021) को होली के दिन दोपहर तक सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से हुआ और होली से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए, लेकिन शाम होते-होते होली का जुलूस निकालने की बारी आई तो भीड़ गुरुद्वारा परिसर में एकत्र हो गई। दरवाजा तोड़ कर भीड़ सड़कों पर आ निकली। पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोका, जिससे वो भड़क गए और 300 लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। शाम 4 बजे हुई इस घटना में पुलिस के बैरिकेड्स भी तोड़े गए।

नांदेड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) निसार तंबोली ने बताया, “कोरोना महामारी के कारण ‘होला मोहल्ला’ का जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी। गुरुद्वारा कमेटी को सूचित कर दिया गया था और उन्होंने हमें आश्वस्त किया था कि वे हमारे निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने कहा था कि वे कार्यक्रम गुरुद्वारे के परिसर के अंदर करेंगे।” DIG ने 200 लोगों के खिलाफ IPC की धारा- 307, 324, 188 और 269 के तहत मामला दर्ज करने की बात कही।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि उन पर भी तलवार से हमला किया गया। IG निसार तंबोली भी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाई। वहाँ अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और इस पूरे मामले की जाँच की जा रही है। इस गुरुद्वारा को सिखों की दक्षिण काशी भी कहा जाता है, जहाँ कई वर्षों से होली पर ऐसा आयोजन होता आ रहा है। नांदेड़ में 4 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा की गई थी।

नांदेड़ पुलिस ने गुरुद्वारे के बाहर तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर अब तक 17 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया है कि अज्ञात लोगों पर दंगा और हत्या के प्रयास के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं।

गौरतलब है फरवरी 2021 में नांदेड़ से ही एक खालिस्तानी समर्थक सरबजीत सिंह किरात को धरा गया था। वो मूल रूप से लुधियाना का है। इसी तरह के एक अन्य मामले में गुरपिंदर सिंह नामक एक व्यक्ति को UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। महाराष्ट्र से पिछले दिन कोरोना के 31,000 नए मामले सामने आए और 102 की संक्रमण के कारण मौत हुई। नांदेड़ में भी प्रतिदिन 1000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।