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शेरपुर की अनोखी होली: रंग लगाने के बाद हिंदू हुरियारे मुस्लिमों को देते हैं ‘जीभर’ गाली, नवाबों के दौर से जारी परंपरा

देश भर में आज रंगों के साथ होली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। वहीं, पीलीभीत के शेरपुर में होली के दिन रंग के साथ-साथ गलियाँ भी दी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ हिंदू पहले मुस्लिमों को रंग लगाते हैं और फिर उनको गाली देते हैं।

खास बात यह है कि कहा जा रहा है- मुस्लिम इससे नाराज भी नहीं होते हैं, बल्कि हँसकर होली की बधाई देते हैं। इसके बदले में मुस्लिम लोग हिंदूओं को सौहार्द के रूप में पैसा (नजराना) भी देते हैं। बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के शेरपुर गाँव की गाली देने की परंपरा नवाबी दौर से ही चली आ रही है। इसे लेकर गाँव में कभी सांप्रदायिक तनाव भी नहीं हुआ है।

होली पर हिंदू-मुस्लिम होते हैं उत्साहित

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- मुस्लिम बहुल आबादी वाले इस गाँव में सैकड़ों हिंदू परिवार हैं। जब भी होली आती है तो हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम भी उत्साहित हो जाते हैं। कहा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के लोग होलिका की तैयारी में सहयोग से कभी पीछे नहीं हटते। इस दिन रंग-गुलाल से सराबोर हुरियारों की टोलियाँ मुस्लिम परिवारों के घरों के बाहर पहुँचती हैं और फिर उन्हें ‘जीभर’ गालियाँ देना शुरू कर देती हैं।

वैसे यह परंपरा उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में जोगीरा और कबीरा के रूप में भी निभाई जाती है। जिसका लोग बुरा न मानो होली है। कहकर खूब आनंद लेते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे में हिंदू भाइयों की गालियों पर कोई मुस्लिम नाराज नहीं होता, बल्कि सभी हँसते हुए हुरियारों को बतौर त्यौहारी कुछ रुपए देकर उन्हें विदा करते हैं। ये कार्यक्रम कई घंटों तक चलता है। हुरियारे मुस्लिम परिवारों के घरों के बाहर यही सब दोहराते हुए फगुआ वसूलने के बाद ही वहाँ से हटते हैं।

गौरतलब है कि यहाँ 40 हजार की आबादी में सिर्फ 2 हजार हिंदू भाई खुलकर जश्न बनाते हैं और अपनी परंपरा को निभाते हैं। यह भी कहा जाता है कि यह परंपरा तब से चली आ रही है जब पूरा गाँव कभी हिन्दू बहुल था। कालांतर में नवाबी दौर में ज़्यादातर लोगों ने इस्लाम अपना लिया लेकिन यह परंपरा बची रही। खैर, भारत विविधताओं से भरा है ऐसे में ऐसी कोई परंपरा बची है तो तारीफ योग्य है। अगर इतनी सहिष्णुता हो तो भला त्यौहार मनाने में किसे समस्या होगी।

बंगाल को मिनी पाकिस्तान बना देंगी ‘बेगम’, ममता को मुबारकबाद देने की आदत पड़ गई है: सुवेन्दु अधिकारी

नंदीग्राम से भाजपा के प्रत्याशी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रतिद्वंदी सुवेन्दु अधिकारी ने ममता पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया है कि वे जिस प्रकार ईद की ‘मुबारकबाद’ देती हैं वैसे ही होली की भी ‘मुबारकबाद’ दे रही हैं।

अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि आप बेगम (ममता बनर्जी) को वोट देंगे तो वह बंगाल को मिनी पाकिस्तान बना देंगी। अधिकारी ने यह बात नंदीग्राम के खोदांबरी में कही। यह जगह उस स्थान से थोड़ी ही दूर है, जहाँ ममता बनर्जी एक रैली को संबोधित कर रहीं थी।

मुबारकबाक देने की है आदत :

अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी की आदत मुबारकबाद देने की हो गई है। तुष्टिकरण करते हुए वो अब होली की मुबारकबाद भी देने लगी हैं, जैसे ईद की मुबारकबाद देती हैं। अधिकारी ने वहाँ उपस्थित लोगों से कहा कि उन्हें (ममता बनर्जी) वोट मत देना अन्यथा वो बंगाल को एक मिनी पाकिस्तान बना देंगी।

पहले चरण के मतदान पर अपनी राय देते हुए अधिकारी ने कहा कि पूरा मतदान ‘पोरिबोर्तन’ पर हुआ है और पहले चरण में भाजपा सभी 30 सीटें जीतेगी।


अधिकारी ने ममता बनर्जी पर यह आरोप भी लगाया कि अब उन्हें हार का भय है जिस कारण अब वे मंदिरों में जाने लगी हैं। बंगाल में सत्ता परिवर्तन पर योगी आदित्यनाथ जैसा शासन लागू करने की बात कहते हुए अधिकारी ने यह भी कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर योगी आदित्यनाथ जैसा प्रशासन बंगाल में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब यूपी बदल सकता है तो बंगाल क्यों नहीं।

वहीं दूसरी ओर नंदीग्राम में सभा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि लालच अच्छी बात नहीं है। वो न घर के रहेंगे न घाट के। ममता का इशारा सुवेन्दु अधिकारी की ओर था।

नंदीग्राम में है सबसे रोचक चुनाव :

नंदीग्राम में बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में गुरुवार एक अप्रैल को मतदान होने वाला है इसलिए ममता बनर्जी ने भी अपने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। नंदीग्राम में ममता के प्रतिद्वंदी के रूप में सुवेन्दु अधिकारी हैं जो कभी ममता के काफी करीबी हुआ करते थे। राज्य की इस सीट पर सबसे रोचक व काँटे का मुकाबला है।

बुरा न मानो होली है, जोगीरा सा रा रा : फागुन के गीत, जोगीरा, चैतावर और धमार, आज भूल रहे हैं लोग

होली का माहौल हो और जोगीरा न हो तो कैसे चलेगा। जोगीरा को बनारस में कबीरा भी कहते हैं। जोगीरा अवधी, भोजपुरी, बनारसी काव्य नाटक की एक मिश्रित विधा होती है, इसमें हास्य और व्यंग्य का ज़बरदस्त पुट होता है।

जोगीरा आमतौर पर भारतीय काव्य विधा का अव्यवसायिक संकलन है। इसमें हिंदी, उर्दू, भोजपुरी, अवधी, राजस्थानी आदि पचास से अधिक भाषाओं का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। यह मुख्यतः चैत्र मास में होली के अवसर पर ही गाया जाता है। असल में होली खुलकर और खिलकर खेलने और कहने की परंपरा भी है। यही कारण है जोगीरे की तान में आपको सामाजिक विडम्बनाओं और विद्रूपताओं पर तंज देखने को मिल जाता है। चुनावी माहौल में तो राजनीति भी अछूती नहीं रहती। होली की मस्ती के साथ जोगीरा अपने आसपास के समाज पर भी चोट करता हुआ नज़र आता है।

होली गीत: साभार-मालिनी अवस्थी


जोगीरा की शुरुआत कब हुई, इसका ठीक-ठीक कोई इतिहास नहीं मिलता। फिर भी ऐसा माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति जोगियों की हट साधना, वैराग्य और उलटबासियों का मजाक उड़ाने से शुरू होकर सामाजिक विद्रूपताओं पर चोट करने तक पहुँचा। ढोलक और मजीरे की तान पर अब तो ताशे भी खूब बजने लगे हैं जिसकी ताल पर मूलतः इसे ग्रुप में गाया जाता है।

आमतौर पर वसंत पंचमी से शुरू होकर चैत माह के आगमन तक ढोलक, झाल, झांझ, करताल जैसे वाद्य यंत्रों की सुमधुर धुन पर कभी हर शाम गाँवों के मंदिरों पर ग्रामीण टोली बनाकर होली के गीतों की तान छेड़ देते थे। देर रात तक चलने वाले इस आयोजन में धीरे-धीरे गाँव के और लोग जुड़ते जाते थे। वाद्य यंत्रों को बजाने और गाने वाले भी बीच में बदलते जाते थे। लेकिन यह सुर लहरी मध्य रात्रि के बाद तक जारी रहती थी। फागुन के गीत, जोगीरा, चैतावर, धमार इत्यादि के माध्यम से रात परवान चढ़ती थी। होली वाले दिन तो इस तरह की महफ़िल पूरे परवान पर रहती थी।

इसमें प्रश्नोत्तर शैली भी पाई जाती है, जिसके माध्यम से निर्गुण को समझाने के लिए गूढ़ अर्थयुक्त उलटबासियों का सहारा लेने वाले काव्य की प्रतिक्रिया में उन्हें रोजमर्रा की घटनाओं से जोड़कर रचा जाता है। वैसे परंपरागत जोगीरा काम-कुंठा के विरेचन का साधन भी है। इसमें एक तरह से काम अंगों और प्रतीकों का भरमार है। संभ्रांत और प्रभुत्व वर्ग को जोगीरा के बहाने गरियाने और उन पर गुस्सा निकालने का यह निराला ही तरीका होता है। यह एक तरह का विरेचन ही है। जिसके बाद गदगद हो, मनुहार करते हुए कह भी दिया जाता है बुरा न मानो होली है।

होली में जबरदस्त जुगलबंदी: साभार- दिनेश लाल यादव निरहुआ

होली का जोगीरा हो या सामान्य बातचीत। यह काशीवासियों को ख़ास बनाता है। कबीरा और जोगीरा कहे जाने का जिन्हें इतिहास पता होगा, वे लोग स्वाभाविक रूप से ज्यादा मजा ले सकेंगे। सामान्य जोगीरा में सीधे-सादे रूप में बात कही जाती है। तीसरे लाइन में सम्पुट या मुखड़े के रूप में सा रा रा कहा जाता है।

होली है और होली में अगर कुछ मस्ती ना हो तो रंग कुछ फीका लगने लगेगा तो आइए, पढ़िए कुछ खास जोगिरा… लेकिन हाँ, बुरा न मानिएगा, होली है।

सा रा रा रा रा रा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा, बा भाई बा, बा खिलाड़ी बा…..

सामान्य जोगीरा —

हिंदुस्तानी सेना को जब आ जाता है तैश,
उड़े हवा में हाफिज वाफिज, पानी माँगे जैश…
जोगीरा सा रा रा रा रा।

जब-जब भारत पर मंडराए पाकिस्तानी बाज
घर में घुस कर ठोंके उनको अभिनंदन जाँबाज़…
जोगीरा सा रा रा रा रा।

ट्वीट-ट्वीट कर सबको घेरें, करते सबको तंग
देख नतीजे गठबंधन के फिर खुद भी रह गए दंग
जोगीरा सा रा रा रा रा।

पप्पू हारे, माया हारी, हार गए अखिलेश,
साहब अब तो नाचो गाओ, गायब हुआ कलेश
जोगीरा सा रा रा रा रा।

कहीं रंग है, कहीं भंग है, कहीं मचा हुड़दंग
मफलर वाले सीएम साहब, झेल रहे हैं व्यंग्य
जोगीरा सा रा रा रा रा।

रुक गया हाथी, भटका पंजा, साइकल चकनाचूर
खिला कमल है, हो गई होली, वोट मिला भरपूर
जोगीरा सा रा रा रा रा।

मोदी जी ने अलग ही ढंग से, ऐसा किया कमाल
अबकी होली, भगवा होली, नहीं चली कोई चाल
जोगीरा सा रा रा रा रा।

रोए मुलायम, आजम रोए, बचा ना कोई काम
अब तो भगवा राज हो गया, बोलो जय श्रीराम…
जोगीरा सा रा रा रा रा।

नतीजों के बाद पीएम मोदी के खास भाषण पर जोगीरा…
साहब बोले जीत है सबकी, खेलो होली संग
नहीं रहा अब कोई पराया, पंजा हो गया तंग
जोगीरा सा रा रा रा रा।

बा जोगीरा बा , बा भाई बा

एक जोगीरा कुछ ‘भटके’ हुए नौजवानों के नाम…

इधर चीन है, उधर पाक और अंदर नक्सलवाद
भारत माँ को गाली देकर ये करते बकवास
जोगीरा सा रा रा रा रा।

पूँछ पटक कर कुक्कुर खाए, चाट-चाट बिलार
सफाचट्कर माल्या खाया, खोज रही सरकार
जोगीरा सा रा रा रा।

सावन मास लुगइया चमके, कातिक मास में कुक्कूर
फागुन मास मनइया चमके, करे हुकुर-हुकुर
जोगीरा सा रा रा रा रा।

बनवा बीच कोइलिया बोले, पपीहा नदी के तीर
अँगना में भउजइया डोले, जैसे झलके नीर
जोगीरा सा रा रा रा रा।

बुआ रोए भतीजा रोए, रोए केजरीवाल
चौराहे पर पाकेट फाड़कर, राहुल करे बवाल
जोगीरा सा रा रा रा।

हाथी भटका पंजा भटका साइकिल चकना चूर
खिला कमल है शान निराली, ख़ुशी मिले भरपूर
जोगीरा सा रा रा रा।

सवाल-जवाब के फॉर्म में जोगीरा

चुनावी माहौल हो और बनारस का बात हो तो देखिए जोगीरा में भी बनारसी क्या-क्या कह जाते हैं। एक से बढ़ कर एक चुनावी तंज, सवाल-जवाब की श्रृंखला में नीचे वीडिओ में पूरा आनन्द उठाइए जोगीरा का, बस ध्यान रहे बम-बम भोले की काशी में रंग-अबीर लगा के कहते- बुरा न मानो होली है।

ताल द भइया, मोदी का चल रहा भौकाल रे, विपक्षी का चेहरा हुआ लाल लाल रे…..
सवाल- कोई कहत बा आलू से सोना बनाइब
कोई कहत बा 15 लाख ले आइब

जवाब-

आलू से सोना तू जईहा बनइबा
वही दिन पी एम क कुर्सी तू पइबा

15 लाख जबले सबके न दिआइब
पीएम के पद से न उनके हटाइब

जोगीरा की बनारस में विशेष परम्परा है, आनन्द उठाइए बनारसी मस्ती का

जोगीरा: साभार- सुनील छैला बिहारी

पासपोर्ट रद्द हुआ तो बोलीं महबूबा मुफ़्ती- CID रिपोर्ट पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर पासपोर्ट किया कैंसिल

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए पासपोर्ट जारी नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है।

महबूबा ने श्रीनगर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी का लेटर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पासपोर्ट कार्यालय ने सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर मुझे पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया है। इसमें मुझे भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। यह अगस्त 2019 के बाद से कश्मीर में पाई गई सामान्य स्थिति का स्तर है कि पूर्व मुख्यमंत्री को पासपोर्ट जारी करना देश की संप्रभुता के लिए खतरा है।”

पासपोर्ट ऑफिस द्वारा जारी पत्र

गौरतलब है कि महबूबा मुफ्ती पर मनी लाँन्ड्रिंग का केस चल रहा है। इसी केस में बीते गुरुवार को ईडी की टीम ने उनसे 5 घंटे तक पूछताछ भी की थी। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मुफ्ती के श्रीनगर स्थित घर से 23 दिसंबर 2020 को एक डायरी बरामद की थी, जिसमें कई प्रकार के वित्तीय लेनदेन का जिक्र था। जाँच एजेंसी इसी की पड़ताल में लगी हुई है।

TMC ने ABP पश्चिम बंगाल का शेयर किया ‘फेक’ एक्जिट पोल: चैनल ने कहा- यह झूठ है, सोशल मीडिया पर ममता का जमकर उड़ा मजाक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियाँ अपने-अपने तरीके से वोटरों को प्रभावित करने में लगी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को तृणमूल कॉन्ग्रेस की डिजिटल मार्केटिंग टीम के द्वारा किया गया ‘फेक ट्वीट’ उसकी छीछालेदर करा रहा है।

दरअसल, TMC की डिजिटल टीम के मार्केटर प्रीतम सील ने ABP न्यूज का फेक सर्वे बनाकर ट्वीट कर दिया। इसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के पहले चरण में ममता बनर्जी की TMC को 23-26, BJP को 1-3 और कॉन्ग्रेस-लेफ्ट के गठबंधन को 0-1 सीटें मिलता दिखाया गया था।

हालाँकि, TMC का यह झूठ ज्यादा देर नहीं टिक सका। ABP न्यूज के डिजिटल कंटेट स्ट्रैटजी विभाग के हेड तुषार बनर्जी ने इसे ‘फेक’ करार दे दिया। तुषार ने TMC के ‘फेक’ सर्वे को लेकर ट्वीट किया, “यह झूठा है। कृपया हमें गलत तरीके से पेश करने से बचें। चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक हमारा एक्जिट पोल 29 अप्रैल को आएगा।”

तुषार के यह स्पष्ट करने के बाद भी TMC की डिजिटल मार्केटिंग टीम ने इसे पहले नहीं हटाया। काफी देर बाद किरकिरी होने लगी तो उसे डिलीट कर दिया गया।

हम यहाँ ये स्पष्ट करना चाहते हैं कि सील नाम का व्यक्ति टीएमसी का कोई सदस्य है या उसकी डिजिटल टीम से जुड़ा कोई मार्केटर है। लेकिन उनकी इस हरकत से न सिर्फ ममता बनर्जी बल्कि पार्टी का भी लोगों ने जमकर मजाक उड़ाया।

बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतेंगे: अमित शाह

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और पार्टी के नेताओं के चर्चा के बाद मैं ये कह सकता हूँ कि राज्य में पहले चरण की 30 में से 26 से अधिक सीटों पर हम जीत दर्ज करने जा रहे हैं। उन्होंने असम को लेकर कहा कि पार्टी वहाँ पर 47 में 37 सीट पर जीत हासिल करेगी।

ननदोई लोहकन खान के साथ तीसरी निकाह के लिए भागी मुंशीखान की बहु रेशमा, ससुराल के 9 लोगों को खाने में दिया जहर

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक शादीशुदा महिला ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि सिमार गाँव में एक महिला ने अपने ननदोई से निकाह करने के लिए ससुराल के 9 सदस्यों को खाने में जहर दे दिया। परिवार के सभी सदस्यों का इलाज ग्वालियर में चल रहा है। वहीं, भिंड पुलिस ने रेशमा और उसके प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, बरासो थाने के सिमार गाँव में रहने वाली रेशमा नाम की महिला अपने ही ननदोई लोहकन खान के प्रेम में पागल ​हो गई थी। दोनों के बीच ससुराल वाले आड़े आ रहे थे। इन्हें रास्ते से हटाने के लिए रेशमा ने उनके खाने में जहर मिला दिया। बताया जा रहा है कि मुंशीखान की बहू रेशमा की पहले ही दो शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद से गाँव में हड़कंप मच गया है।

रेशमा की दूसरी शादी उसके पति के छोटे भाई से कर दी गई थी। इस दौरान रेशमा का उसके ननदोई लोहकन खान से प्रेम हो गया। रेशमा के ससुराल वाले इस प्रेम संबंध का विरोध करते थे। इसी बात से नाराज होकर रेशमा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर यह खतरनाक वारदात को अंजाम दिया।

ससुराल के लोगों के बेसुध होने के बाद रेशमा अपने प्रेमी के साथ भाग गई। पड़ोसियों ने इसकी सूचना तुरंत बरासो थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सभी को उपचार के लिए मेहगाँव अस्पताल भेजा। जहाँ गंभीर हालत देखते हुए सभी को ग्वालियर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस दोनों (रेशमा और खान) की तलाश में जुट गई है।

बता दें, 13 साल पहले यूपी के अमरोहा में शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर परिवार के सात लोगों को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया था। एक साथ सात लोगों की हत्या ने जिले समेत पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। फिलहाल, शबनम अभी सलाखों के पीछे है।

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकी हमला: भाजपा की राज्य सचिव को बनाया गया निशाना, दो लोगों की मौत, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर इलाके में आतंकी हमला हुआ है। आतंकियों ने सोमवार (29, मार्च) को नगर परिषद के कार्यालय में फायरिंग कर दी।

हमले में पार्षद रियाज अहमद की मौत हो गई वहीं एक और पार्षद शम्सुद्दीन घायल हो गए। घटना में एक पुलिस कर्मी शफाकत अहमद की भी मौत हुई है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी करके सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला नगर परिषद की चेयरमैन फरीदा खान पर हुआ था। हमले में फरीदा घायल हो गईं जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है। फरीदा भाजपा की राज्य सचिव भी हैं।

जिस समय यह हमला हुआ, कार्यालय में पार्षदों की मीटिंग चल रही थी। हमले में एक पार्षद रियाज अहमद और एक पुलिस कर्मी शफाकत अहमद की मृत्यु हो गई। एक दूसरे पार्षद शम्सुद्दीन पीर घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है।

इससे पहले भी कई बार जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकी हमले हो चुके हैं। इससे पहले भी आतंकी कई बार भाजपा नेताओं को अपना निशाना बना चुके हैं। पिछले वर्ष कुलगाम में भाजपा सरपंच सज्जाद अहमद की हत्या कर दी गई थी। अहमद पर हमले से दो दिन पहले काजीगुंड में भाजपा के ही सरपंच आरिफ़ अहमद पर भी आतंकी हमला हुआ था।

एक दिन में 40,414 नए संक्रमित: महाराष्ट्र में फिर से लगेगा लॉकडाउन, CM ठाकरे ने दिए इसकी तैयारी के आदेश

कोरोना वायरस के कहर के बीच रविवार को महाराष्ट्र में 40,414 नए संक्रमित मिले। यह एक दिन में मिले संक्रमितों का सबसे बड़ा आँकड़ा है। कोरोना के इस आँकड़े ने उद्धव सरकार की नीद उड़ा दी है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्टेट टास्क फोर्स की आपातकालीन बैठक बुला ली।

उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे से अंतिम उपाय के तौर पर दोबारा से लॉकडाउन के लिए रणनीति तैयार करने को कहा। सीएम उद्धव ठाकरे ने मीटिंग में कहा कि कोरोना की इस विकट परिस्थिति में भी सरकार अर्थव्यवस्था को संभालने की भरसक कोशिश कर रही है। बहुत सी चीजें ऐसी हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मीटिंग में मुख्यमंत्री के साथ चीफ सेक्रेटरी और लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे भी थे।

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सिलेंडर की भी कमी होने लगी है। बीते दो दिन में सात कोरोना मरीजों की मौत अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने के कारण हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नागपुर में अस्पताल में भर्ती 4 कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण अपनी जान गँवानी पड़ी। वहीं, धुले में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी के कारण तीन मरीजों की मौत हो गई।

दरअसल, देश में जब कोरोना वायरस की एंट्री हुई थी, तभी से महाराष्ट्र सबसे ज्यादा कोरोना से संक्रमित होने वाले राज्यों में शामिल रहा है। हालाँकि, कुछ दिनों पहले यह प्रतीत होने लगा था कि वैक्सीन आने के बाद हालात पटरी पर आ जाएँगे। लेकिन, इसके उलट लोगों की लापरवाही ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर कर दिया। जानकारों की मानें तो राज्य में कोरोना के हालात बिगड़ने के पीछे वहाँ चल रहा सियासी उथल-पुथल भी जिम्मेदार है, क्योंकि राजनीति के चक्कर में सरकार, प्रशासन पर ध्यान लगाने में नाकाम रही है।

बाराबंकी में मजार बचाने के लिए फोन करने वाले किसान नेता को SDM ने लगाई फटकार, ऑडियो वायरल

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही (12 मार्च) में सड़क के किनारे स्थित धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए आदेश दिया था। प्रशासन ने कहा था कि ऐसी जगह चिह्नित कर जिला प्रशासन इससे शासन को अवगत कराए। जिला प्रशासन ने ऐसे स्थलों की सूची बनाकर शासन को भेजने की शुरुआत भी कर दी है, लेकिन इसी बीच इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है।

यूपी के बाराबंकी में किसान नेता आशु चौधरी और एसडीएम के बीच मजार को ना हटाने की बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। यह ऑडियो क्लिप भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने ट्विटर पर साझा किया। ऑडियो में किसान नेता एसडीएम से मजार को ना हटाने की पैरवी कर रहे हैं और एसडीएम की ओर से यह कहा जा रहा है कि वह अपने काम से काम रखें।

दरअसल, किसान नेता ने एसडीएम दिव्यांशु पटेल से मिलकर इस मामले पर बातचीत करने की बात कही, लेकिन एसडीएम ने मना कर दिया। उन्होंने किसान नेता से फोन करने का कारण पूछा। आशु चौधरी ने मजार हटाने को लेकर जैसे ही नोटिस देने की बात कही इस पर एसडीएम भड़क गए। एसडीएम ने किसान नेता को फटकार लगाते हुए कहा कि नेतागिरी न करो, किसानों से जुड़ी कोई समस्या हो तो बताओ।

इस संबंध में एसडीएम दिव्यांशु पटेल ने बताया कि सभी को नोटिस दिया गया था। इस मामले में हाईकोर्ट में भी याचिका दायर हुई थी जो डिस्पोज ऑफ हो गई है। एसडीएम ने कहा कि न्यायालय ने विपक्षी को यह साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है कि मजार या इबादतगाह जिस जमीन पर है, वह सुन्नी वक्फ बोर्ड की है।

अब बुलंदशहर में मिला साधु का शव: गला रेत कर की गई बेरहमी से हत्या, यूपी पुलिस अलर्ट पर

होली के दिन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक साधु की लाश मिली है। स्वराज्य की रिपोर्ट के अनुसार साधु की लाश मंदिर के पास के एक खेत में मिली है। पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी दी है कि किसी धारदार हथियार से गला रेत कर साधु की हत्या की गई है। घटना के बाद से इलाके में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

50 वर्षीय साधु अशोक कुमार एक सप्ताह पहले ही सलेमपुर के कैलावन गाँव से मंदिर में आए थे। होली के दिन उनकी लाश बुलंदशहर के शिकारपुर के ढकवाले मंदिर के पास एक सरसों के खेत से मिली। क्षेत्र के एसएसपी संतोष कुमार ने आश्वासन दिया कि हत्या की सभी पहलुओं पर जाँच की जाएगी। लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि हाल ही में 22 मार्च को काँग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में एक नागा साधु के साथ पुलिस द्वारा बर्बरता की गई थी। पुलिस ने न केवल उस साधु की पिटाई की बल्कि उसके 1.25 लाख रुपए नगद, मोबाईल फोन और बर्तन भी छीन लिए और उसे पुलिस स्टेशन के बाहर फेंक दिया गया।  

पिछले हफ्ते ही उत्तर प्रदेश के इस्लामनगर में एक साधु की लाश मिली थी जिसके सिर को कुचल दिया गया था और उसके प्राइवेट पार्ट को भी जलाने का प्रयत्न किया गया था।