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बढ़ते कोरोना मामलों के बीच मुंबई के कोविड सेंटर में शराब-गाँजा की पार्टी! BMC का अस्पतालों को फरमान- ‘80% बेड्स रखो खाली’

जहाँ एक तरफ महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कोरोना रफ्तार पकड़ रही है और अस्पतालों को बेड्स की उपलब्धता को लेकर ने निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ मुंबई के एक कोविड सेंटर का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कर्मचारी शराब व गाँजा की पार्टी करते नजर आ रहे हैं। कल्याण-डोम्बिवली के कोविड सेंटर के कर्मचारियों ने इस पार्टी का आयोजन किया। नाइट कर्फ्यू और तमाम दिशानिर्देशों के बावजूद ऐसा हुआ।

हालाँकि, वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सावलाराम स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में बने कोविड सेंटर में शराब पार्टी का संज्ञान लेकर कल्याण-डोम्बिवली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कॉन्ट्रैक्टर को आदेश दिया है कि आरोपित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया जाए। क्लीनिक के डायरेक्टर डॉक्टर राहुल गुलाम ने कहा, ”हमने इसमें शामिल एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया है। दूसरे अस्पताल के बाहर के लोग थे।” 

बता दें कि मुंबई में सोमवार (मार्च 29, 2021) को कोरोना वायरस संक्रमण के 5888 मामले सामने आए। बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (BMC) ने सभी प्राइवेट अस्पतालों व नर्सिंग होम्स से कहा है कि वो 80% बेड्स कोरोना संक्रमितों के लिए रिजर्व रखें। साथ ही उन्हें सभी ICU बेड्स भी कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए खाली रखने को कहा गया है। प्राइवेट अस्पतालों में बिना BMC की अनुमति के कोई भी मरीज दाखिल नहीं होगा।

ये कदम तब उठाया गया है, जब देश में कोरोना की दूसरी लहर की बात की जा रही है और महाराष्ट्र व पंजाब में स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 4 लाख के पार हो गई है और सक्रिय मरीजों की संख्या भी 50,000 के करीब पहुँच रही है, ऐसे में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BMC कमिश्नर इक़बाल सिंह चहल ने रविवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ बैठक की।

चहल ने आशंका जताई है कि मुंबई में प्रतिदिन आने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या 10,000 के पार हो सकती है। BMC ने ये भी निर्णय लिया है कि उन सभी कोरोना मरीजों को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया जाएगा, जिनमें इसके सिम्पटम्स नहीं दिख रहे हैं और जिन्हें कोई बड़ी समस्या नहीं है। अतिरिक्त म्युनिसिपेलिटी कमिश्नर सुरेश काकानी ने कहा कि रोज बढ़ते मामलों को देखते हुए शहर में 20,000 साइसोलेशन बेड्स चाहिए।

मुंबई में फ़िलहाल 15,000 ऐसे बेड्स हैं। शहर के सभी ‘जम्बो सेंटर्स’ को अपने वार्डस को सक्रिय करने का निर्देश दे दिया गया है। अभी तक जम्बो सेंटरों में से आधे का ही उपयोग हो रहा है। BMC ने 69 नर्सिंग होम्स को कोविड सेंटरों में तब्दील कर दिया है, जिससे 2000 बेड्स और 400 ICU की व्यवस्था हुई है। इससे उन मरीजों को दिक्कतें आ रही हैं, जिन्हें कोरोना तो नहीं है लेकिन अन्य बीमारियों के कारण उनकी स्थिति गंभीर है।

BMC ने कहा है कि जहाँ 10 दिनों पहले तक मुंबई में हॉस्पिटल बेड्स की वैकेंसी 49% थी, वो अब मात्र 26% रह गई है। कोविड अस्पतालों में फ़िलहाल 4057 बेड्स उपलब्ध हैं। पिछले 10 दिनों में अस्पताल में कोरोना मरीजों की संख्या 6816 से 11,537 हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि कोरोना इसी रफ़्तार से बढ़ता रहा तो मुंबई में एक सप्ताह में हॉस्पिटल बेड्स की कमी हो जाएगी। वहीं सीएम ठाकरे ने अधिकारियों को दूसरे लॉकडाउन की संभावना पर विचार करने को कहा है।

‘घर में बीवी नहीं, शेक्सपीयर को पढ़ा और सोफे पर सेक्स’: ब्रिटिश PM बोरिस जॉनसन के साथ 4 साल अफेयर चलने का दावा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ चार साल अफेयर में रहने का एक महिला ने दावा किया है। इस महिला के मुताबिक जॉनसन ने अपनी बीवी को धोखा देकर उनके साथ अपने फैमिली होम में सेक्स भी किया था। यह महिला हैं- अमेरिकी बिजनेसवूमन जेनिफर अर्करी (Jennifer Arcuri)। यह मामला उस समय का है जब जॉनसन लंदन के मेयर हुआ करते थे।

हालाँकि यह मामला पुराना है, लेकिन इसकी जाँच शुरू हो गई है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री की प्रेस सचिव एलेग्रा स्ट्रैटन ने कहा है कि जॉनसन ने लंदन के मेयर के रूप में बेहद ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम किया।

अर्करी ने द मिरर को दिए साक्षात्कार में जॉनसन के साथ अपने रिश्तों का खुलासा किया। साथ ही कुछ मैसेज भी शेयर किए। उन्होंने कहा कि जब मरीना व्हीलर के साथ जॉनसन शादीशुदा जिंदगी बिता रहे थे, तब उन्होंने अपने फैमिली होम में उनके साथ भी अंतरंग संबंध बनाया था। उस समय मरीना घर से बाहर थीं। सोफे पर सेक्स करने से पहले उन्होंने शेक्सपीयर को पढ़ा था। अर्करी के मुताबिक उनके जाने के 10 मिनट बाद मरीना घर आईं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि जॉनसन के फैमिली होम में सेक्स करने के बाद वे असहज महसूस कर रही थीं।

2015 में चुनावी जीत के बाद मरीना व्हीलर के साथ बोरिस जॉनसन (साभार: द मिरर)

अर्करी ने बताया कि जॉनसन से उनकी मुलाकात साल 2011 में हुई थी। उस समय वह बिजनेस स्टूडेंट थीं। एक इंवेट में पहुँचे जॉनसन का इंटेलेक्चुएल अंदाज उन्हें काफी पसंद आया था। साल 2012 में दोनों का रिश्ता शुरू हुआ था, जो करीब चार सालों तक चला। उन्होंने बताया कि 2012 पैरालंपिक के एक कार्यक्रम में मुलाकात के बाद वह जॉनसन के आइलंगटन स्थित घर पर गईं थीं, जहाँ उन्होंने पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। बकौल अर्करी जॉनसन ने उनसे कहा था कि वह पहली ऐसी अमेरिकन हैं, जिसके प्रति वे आकर्षित हैं।

पैरालंपिक उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले बनाए थे संबंध

जेनिफर ने कहा कि पैरालंपिक समारोह से ठीक पहले 29 अगस्त 2012 को उन्होंने जॉनसन के साथ संबंध बनाए। उस शाम 11 मिलियन लोगों ने पैरालंपिक उद्घाटन समारोह में भाग लिया था। बोरिस ने राजकुमारी ऐनी, प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट के साथ मंच साझा किया था। कार्यक्रम के दौरान भी बोरिस उनके संपर्क में रहे।

अकेला छोड़ने को तैयार नहीं थे

जेनिफर ने दावा किया कि जब वह बोरिस के साथ घर पर अकेली थीं, तब बोरिस उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं थे। जेनिफर ने कहा यह बेहद अजीब था कि कुछ ही घंटों बाद उन्हें टीवी पर आना था, लेकिन वे जाने को तैयार नहीं थे। लिहाजा उन्हें जबरन धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा। जेनिफर ने बताया कि एक बार मजाक में उन्होंने कहा था कि वह इस संबंध को लेकर एक किताब लिखेंगी, जिसका नाम ‘अफेयर विद द मेयर’ होगा। लेकिन जॉनसन ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया।

2012 में एक कार्यक्रम के दौरान जेनिफर के साथ बोरिस जॉनसन (साभार: द मिरर)

गौरतलब है कि एक ट्रेड मिशन पर सरकारी पैसे से अर्करी के जाने की खबर सामने आने के बाद जॉनसन से उनके रिश्तों को लेकर सवाल उठे थे। इन यात्राओं से यह तो जाहिर था कि दोनों के बीच करीब संबंध हैं। लेकिन, उस समय ये बातें सामने नहीं आ पाई थी।

मीठी नदी से बरामद नंबर प्लेट औरंगाबाद से चोरी गाड़ी का, लैपटॉप खुद करता था इस्तेमाल: सचिन वाजे केस में आया नया मोड़

एंटीलिया बम कांड मामले में गाड़ी और नंबर प्लेटों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दो दिन पहले मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के करीबी एपीआई रियाज़ काज़ी को सीसीटीवी फुटेज में विक्रोली में नंबर प्लेट की दुकान में प्रवेश करते हुए पाया गया। कथित तौर पर काजी वहाँ पर सबूतों को नष्ट करने के इरादे से गया था। इसके अलावा राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा बरामद विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियो, वाजे की निजी मर्सिडीज कार और सफेद इनोवा के भी नंबर प्लेट नकली पाए गए हैं।

अब सचिन वाजे मामले में एक और नए मोड़ में पता चला है कि दो गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन एक ही नंबर से किया गया था। यह नंबर प्लेट मीठी नदी से बरामद किया गया है। 28 मार्च को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी इस केस में सबूत जुटाने के लिए वाजे को लेकर मीठी नदी के पास गई। इस दौरान NIA को नदी से गोताखोरों की मदद से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे

जानकारी के मुताबिक नदी से जाँच अधिकारियों ने दो सीपीयू, एक लैपटॉप, 2 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर और 2 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की नंबर प्लेट मिली। इसके बाद सोमवार (मार्च 29, 2021) को औरंगाबाद के एक अधिकारी ने दावा किया कि मीठी नदी से निकलने वाला नंबर प्लेट उनका है।

विजय मधुर नाडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं वाकई में परेशान हूँ। मुझे नहीं पता कि मेरी चोरी हुई कार की नंबर प्लेट नदी में कैसे पहुँच गई।” अधिकारी ने कहा कि उन्होंने औरंगाबाद में इसके बारे में FIR दर्ज करवाई है और शहर की पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

नाडे ने दावा किया है कि उनकी कार 16 नवंबर, 2020 को औरंगाबाद के उद्धवराव पाटिल चौक से चुराई गई थी और उन्होंने इसके बारे में FIR दर्ज करवाई थी। नाडे ने कहा, “मेरी कार, जिसका नंबर – MH-20-FP-1539 था, 16 नवंबर 2020 को चोरी हो गई थी और FIR दर्ज करवाई थी। मेरे पास उसकी एक कॉपी भी है। तीन महीने तक, कोई जानकारी नहीं थी लेकिन कल, मुझे इसके बारे में सूचित किया गया।” अब NIA कथित तौर पर जाँच कर रही है कि वाजे ने उस रजिस्ट्रेशन नंबर का उपयोग क्यों किया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नदी से बरामद डीवीआर मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर और ठाणे हाउसिंग सोसाइटी में लगाया गया था, जहाँ पर वाजे रहता था। पुलिस हेडक्वार्टर में लगे डीवीआर में गाड़ियों के मूवमेंट के बारे में फुटेज थे, तो वहीं दूसरी डीवीआर में उस गाड़ी की फुटेज थी, जो क्राइम में इस्तेमाल किया गया था और वाजे के हाउसिंग सोसाइटी में पार्क किया गया था। इसके अलावा पता चला है कि जो लैपटॉप और प्रिंटर बरमाद किया गया है, उसका इस्तेमाल वाजे अपने ऑफिस में करता था।

तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिले अहम सबूत

एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन की मौत की जाँच कर रही NIA अहम सबूत जुटाने के लिए सचिन वाजे को लेकर 28 मार्च की दोपहर 3:15 पर मीठी नदी के किनारे गई, जहाँ वाजे ने नदी में सबूतों को दफन कर दिया था। 10 गोताखोरों की टीम ने 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन सबूतों को ढूँढ निकाला, जिन्हें वाजे ने हथौड़े से तोड़कर नष्ट करने की कोशिश की थी। NIA का मानना है कि ये सबूत इस केस में अहम कड़ी हो सकते हैं।

वाजे ने सबूतों को हथौड़े से नष्ट करने की कोशिश की

NIA के मुताबिक सचिन वाजे ने लैपटॉप प्रिंटर को हथौड़े से तोड़ कर मीठी नदी में फेंक दिया था। NIA अधिकारी ने बताया कि वाजे के पास इस केस से जुड़े सारे सबूत हैं, लेकिन जब उसे लगा कि मामले की जाँच दूसरी एजेंसी के पास चली गई है तो उसने इन्हें नष्ट करने की कोशिश की।

‘जीसस के कारण खत्म हो रहा कोरोना’: IMA अध्यक्ष जयलाल अस्पतालों को बनाना चाहते हैं ईसाई धर्मांतरण का हथियार

भारत के स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स के सबसे बड़े परिषद ‘इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (IMA)’ के अध्यक्ष के रूप में दिसंबर 2020 में डॉक्टर जॉनरोज ऑस्टिन जयलाल को नामित किया गया था। संगठन के 95वें वार्षिक अधिवेशन में इसकी घोषणा हुई थी। डॉक्टर JA जयलाल के बारे में बता दें कि वे मोदी सरकार और हिन्दू राष्ट्रवाद के प्रति खासी खुन्नस रखते हैं। साथ ही ‘सेक्युलर संस्थाओं’ के ईसाई धर्मांतरण की इच्छा भी रखते हैं। वे चाहते हैं कि अस्पतालों का इस्तेमाल भी ईसाई धर्मांतरण के लिए हो।

हाल ही में ‘Haggai इंटरनेशनल’ पर उनका एक इंटरव्यू आया। इसमें उन्होंने दावा किया कि ‘राष्ट्रवादी’ सरकार आधुनिक दवाओं को पश्चिमी बता कर उन्हें नष्ट करना चाहती है। उन्होंने लोगों से ‘अंतरराष्ट्रीय प्रार्थना’ की अपील करते हुए दावा किया कि अगर भारत सरकार सफल होती है तो 2030 तक भारत में कोई आधुनिक मेडिकल कोर्स ही नहीं रह जाएगा। डॉक्टर जयलाल अपने पद का इस्तेमाल ईसाई मिशनरी गतिविधियों के लिए भी करना चाहते हैं।

एक तरह से देखा जाए तो कोरोना वायरस संक्रमण महामारी भी उनके लिए मेडिकल छात्रों, डॉक्टरों और रोगियों को ईसाई में धर्मांतरित करने का एक अवसर बन कर आया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि IMA ‘जीसस क्राइस्ट के प्यार’ को साझा करे और सभी को भरोसा दिलाए कि जीसस ही व्यक्तिगत रूप से रक्षा करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि चर्चों और ईसाई दयाभाव के कारण ही विश्व में पिछली कई महामारियों और रोगों का इलाज आया।

उन्होंने ईसाई संस्थाओं में भी गॉस्पेल (ईसाई सन्देश) को साझा करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने IMA में अपने अध्यक्षीय भाषण में भी कहा था कि आज जो भी हैं वह ‘सर्वशक्तिमान ईश्वर जीसस क्राइस्ट’ का गिफ्ट है और कल जो होंगे, वे भी उनका ही गिफ्ट होगा। उन्होंने इस दौरान मदर टेरेसा के उद्धरण का जिक्र किया, जिन पर पहले से ही ईसाई धर्मांतरण के आरोप लगते रहे हैं। ‘क्रिस्चियन टुडे’ के इंटरव्यू में भी उन्होंने बताया कि कैसे महामारी के बावजूद ईसाई मजहब आगे बढ़ रहा है।

वे कोरोना के प्रकोप के कम होने के लिए भी जीसस को ही क्रेडिट देते हैं। उन्होंने कहा था कि जीसस की कृपा से ही लोग सुरक्षित हैं और इस महामारी में उन्होंने ही सभी की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि फैमिली प्रेयर्स और नाइट प्रेयर्स की मदद से ईसाई अब स्वर्ग की अनुभूति कर रहे हैं, न कि भौतिकतावादी दुनिया की। इस तरह से भारत के सबसे बड़े मेडिकल संगठन के मुखिया के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन या टीकाकरण का कोरोना से लड़ने में कोई रोल नहीं है।

आयुर्वेद की आलोचना में भी डॉक्टर JA जयलाल पीछे नहीं रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार इसलिए आयुर्वेद में विश्वास करती है, क्योंकि उसके सांस्कृतिक मूल्य और पारंपरिक आस्था हिंदुत्व में है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 3-4 वर्षों से आधुनिक मेडिसिन की जगह आयुर्वेद को लाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी, होमियोपैथी और योग इत्यादि की जड़ें संस्कृत में हैं, जो हिंदुत्व की भाषा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन सबके जरिए सरकार लोगों के दिलो-दिमाग में संस्कृत भाषा को घुसाना चाहती है। डॉक्टर जयलाल ने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के जरिए देश भर में सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करवाए थे। उन्होंने हिन्दुओं में काफी देवताओं के होने की बात करते हुए एक बार कहा था कि उन्हें अब जीसस और मुहम्मद को ईश्वर मान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये हर ईसाई का कर्तव्य है कि वे बाइबिल का संदेश सभी तक पहुँचाए।

तमिलनाडु में बंगाल की 86 साल की शोभा मजूमदार को PM मोदी ने किया याद, TMC कार्यकर्ताओं की पिटाई से हो गई थी मौत

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर धारापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (मार्च 30, 2021) को जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को याद करके कॉन्ग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25 मार्च, 1989 को कभी नहीं भूला जा सकता। तमिलनाडु विधानसभा में, डीएमके नेताओं ने अम्मा जयललिता के साथ कैसा व्यवहार किया? उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की माँ शोभा मजूमदार की मौत को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा।

पीएम ने कहा, “कल पश्चिम बंगाल में एक बुजुर्ग महिला शोभा मजूमदार की जान चली गई। कुछ हफ़्ते पहले हम सबने देखा कि TMC के गुंडों ने क्रूरता से उन पर हमला किया क्योंकि उनकी विचारधारा अलग थी। ये लंबे समय तक समाचारों में रहा लेकिन क्या कॉन्ग्रेस ने सहानुभूति जताई? क्या DMK और लेफ्ट ने निंदा की।”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के गुंडों द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की बुजुर्ग माँ की बेरहमी से पिटाई करने के एक महीने बाद उनकी मौत हो गई। बताया गया कि गंभीर चोटें लगने की वजह से बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया

पीएम मोदी बोले कि कुछ दिन पहले ही यहाँ के एक नेता ने महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की, लेकिन डीएमके ने कुछ नहीं किया।

पीएम मोदी ने धारापुरम में कहा, “मैं आज यहाँ से कॉन्ग्रेस और डीएमके को कहना चाहता हूँ कि कृपया अपनी पार्टी के नेताओं को काबू में रखें। मैं कॉन्ग्रेस और डीएमके को बताना चाहता हूँ कि तमिलनाडु के लोग हर चीज पर गौर कर रहे हैं, वो राज्य की म​हिला का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 मार्च 1989 की तारीख को कभी मत भूलिएगा। तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके नेताओं ने किस तरह अम्मा जयललिता के साथ व्यवहार किया था? डीएमके और कॉन्ग्रेस पार्टी दोनों ही महिला सशक्तिकरण की गारंटी नहीं दे सकती हैं। उनके शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध का ग्राफ बढ़ जाता है। जबकि, हमारा मानना है कि किसी भी समाज की उन्नति बिना महिलाओं के विकास के संभव नहीं है। इसीलिए हमारी सभी योजनाएँ नारी शक्ति को ताकत और मजबूती देने के लक्ष्य से बनाई गई हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक तरफ एनडीए के पास विकास का एजेंडा है, तो दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस और डीएमके के पास वंशवाद का एजेंडा है। उनके नेताओं के भाषण में कुछ भी सकारात्मक नहीं दिखता है, वे शायद ही अपने विजन या काम के बारे में बात करते हैं। वे केवल दूसरों को अपमानित करते हैं और झूठ फैलाते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि अब से कुछ दिनों में, तमिलनाडु नई विधानसभा के लिए मतदान करेगा। एनडीए परिवार राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए आपका आशीर्वाद चाहता है। हम एमजीआर और अम्मा जयललिता जी के आदर्शों से प्रेरित, सर्वांगीण विकास के ठोस एजेंडे के आधार पर आपके वोट चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत को तमिलनाडु की संस्कृति पर बहुत गर्व है। मेरी ज़िंदगी का सबसे खुशी का पल तब था, जब मुझे दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल में संयुक्त राष्ट्र में कुछ शब्द कहने का मौका मिला। बता दें कि मंच पर उनके साथ मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी भी मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने केरल में जनसभा को संबोधित किया और शाम को पुडुचेरी में रैली संबोधित करेंगे। तीनों राज्यों में एक साथ 6 अप्रैल को चुनाव होने हैं। नतीजे दो मई को आएँगे। 

माँ सरस्वती की प्रतिमा का सिर धड़ से अलग, भुजाएँ तोड़ी: बांग्लादेश के एक और मंदिर में तोड़फोड़-आगजनी

बांग्लादेश में एक और मंदिर को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है। बोगुरा जिले के धूनोत उपजिला के एक मंदिर में माँ सरस्वती की प्रतिमा तोड़ दी गई। घटना आज (मार्च 30, 2021) सुबह करीब 4 बजे की है। बोगुरा पुलिस ने भी इस मामले में पुष्टि की है।

बांग्लादेशी मीडिया वेबसाइट द डेली स्टार के मुताबिक, मंदिर की केयरटेकर सुमोति रानी सेबायत ने बताया कि वह रात में पूजा कर अपने घर गईं। सुबह 4 बजे जब लौटीं तो मंदिर का बाड़ और कुछ कपड़े जलते दिखाई दिए। वह घबराकर मंदिर में गईं तो माता की मूर्ति से सिर बिलकुल अलग था और उनके भुजाओं को तोड़ दिया गया था। उनकी शिकायत पर इलाके के एसीपी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपितों की पहचान नहीं हो पाई है।

इससे पहले बांग्लादेश के मगुर जिले के मोहम्मदपुर उपजिला में 400 साल पुराने परुर्कुल अष्टग्राम महा श्मशान और राधा गोबिंद आश्रम में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आग लगाने की घटना सामने आई थी। आग से आश्रम के कुछ कमरे, रथ और मूर्तियाँ जलकर खाक हो गईं।

मोहम्मदपुर उपजिला परिषद की पूर्व उपाध्यक्ष और हिंदू-बौद्ध क्रिश्चियन ओइक्या परिषद की आयोजन समिति की पूर्व सचिव स्वप्न रानी बिस्वास ने बताया था कि कुछ सफाई कर्मचारी गुरुदास मंदिर में आए तो उन्होंने आग लगी देखी। प्रशासन और दमकल को सूचना दी गई। हालाँकि, मोहम्मदपुर से फायर ब्रिगेड के पहुँचने से पहले आग बुझा दी गई।

स्वप्न रानी ने घटना को सांप्रदायिक झड़पों को उकसाने और राजनीतिक अशांति पैदा करने वाला करार दिया। वहीं सहायक आयुक्त भूमि हरकृष्ण अधिकारी ने बताया कि घटना में आश्रम के दो कमरे क्षतिग्रस्त हुए हैं। मूर्ति भी टूटी हैं। आग लगने से रथ भी जल गए हैं। उन्होंने कहा कि जाँच के बाद ही घटना के लेकर यकीनी तौर पर कुछ कहा जा सकता है।

गौरतलब है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश से लौटने के बाद कट्टरपंथी समूह हिफाजत-ए-इस्लाम ने चटगाँव स्थित ब्राम्हनबरिया में हिंसा की थी। हिफाजत समर्थकों ने यहाँ मंदिर में रखी माँ काली और भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों को तोड़ दिया था। श्री श्री आनंदमयी काली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष आशीष पॉल ने बताया कि हम डोल पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में पूजा कर रहे थे। इसी दौरान हिफाजत-ए-इस्लाम के करीब 200 से 300 हथियारबंद लोग मंदिर का गेट तोड़कर अंदर घुस आए। हमने काली माँ की मूर्ति को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने हमें ढकेलकर काली माँ की मूर्ति को तोड़ दिया।

मोदी की यात्रा के विरोध में कट्टरपंथी इस्लामिक गुटों ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हिंसक झड़प की, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हुई। इसके बाद पूर्वी बांग्लादेश में एक ट्रेन को हिफाजत-ए-इस्लाम ने निशाना बनाया था। राजशाही के पश्चिम जिले में दो बसों में आग लगाई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की।

‘दिल्ली पुलिस ने जलती होलिका को पानी डाल कर बुझा दिया, रोती रही हिन्दू महिलाएँ’: DCP ने आरोपों को नकारा

दिल्ली में पुलिस पर आरोप लगा है कि उसने होलिका दहन के समय जलती आग को बुझा दिया। हालाँकि, पुलिस ने ऐसे किसी भी आरोप को नकार दिया है। सोशल मीडिया पर दावे के समर्थन में वीडियो भी वायरल हो रहा है। विश्व हिन्दू परिषद ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। विहिप ने पूछा कि होलिका दहन के पारंपरिक उत्सव को भंग कर पानी डाला जाना हिंदुओं की सहिष्णुता की परीक्षा तो नहीं?

संगठन ने सवाल दागा कि क्या किसी और धर्म के साथ ऐसा करने का सोचा भी जा सकता है? विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी इस मामले का वीडियो शेयर कर के आरोप लगाए। बंसल ने कहा, “जलती होलिका को पानी से बुझाया जाना बेहद पीड़ादायक है। राजधानी दिल्ली में हिन्दू आस्था के साथ इस घोर अपमान पर अबिलम्ब कार्रवाई जरूरी है। शांत व सभ्य समाज की सहिष्णुता की परीक्षा उचित नहीं।”

उन्होंने दिल्ली पुलिस से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की माँग की। ये घटना दिल्ली की जगतपुरी की बताई जा रही है। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने आकर जलती होलिका को बुझा दिया और हाथों में पूजा की थाल लिए महिलाएँ वहाँ खड़ी रोती रहीं। ये इलाका DCP शाहदरा के अंतर्गत आता है। वीडियो में वहाँ खड़ी महिलाएँ भी दिल्ली पुलिस का विरोध करती नज़र आ रही है। पुलिस ने इन आरोपों को नकार दिया है।

‘सुदर्शन न्यूज़’ के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके ने भी इस वीडियो को शेयर किया, जिसका DCP ने जवाब देते हुए लिखा, “पुलिस ने जलती होलिका पर पानी नहीं डाला व इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। पुलिस के खिलाफ आरोप गलत है। दिल्ली सरकार द्वारा दी गयी कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन कराया जा रहा था।” चव्हाणके ने 2 हिन्दुओं को हिरासत में लिए जाने का आरोप भी लगाया था।

बीजेपी वर्कर की पत्नी से रेप और नंदीग्राम में ममता बनर्जी कर रहीं ‘महिला सम्मान’ की बात, BJP ऑफिस पर भी हमला

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक बार फिर से हमले की खबर सामने आ रही है। राज्य के जलपाईगुड़ी क्षेत्र में बीजेपी कार्यालय पर हमला किया गया। इस दौरान तोड़-फोड़ के साथ ही ऑफिस में मौजूद लोगों पर भी हमला किया गया। इसके अलावा गाड़ियाँ भी तोड़ दी गई। वहीं नंदीग्राम में एक भाजपा कार्यकर्ता की पत्नी के साथ रेप किया गया। वह नहर में बेसुध पड़ी मिलीं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमले और रेप का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है।

इधर पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम के सोना चूरा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैं किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ सकती थी लेकिन मैंने नंदीग्राम को चुना। मैंने ऐसा यहाँ की माताओं और बहनों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए किया। नंदीग्राम के आंदोलन को सलामी देने के लिए मैंने सिंगुर की जगह इसे चुना।” उन्होंने कहा, “याद रखिए, अगर मैं एक बार नंदीग्राम में आ गई तो जाऊँगी नहीं। नंदीग्राम मेरी जगह है, मैं यहाँ रहूँगी।”

बता दें कि ममता बनर्जी ने जिस दिन महिलाओं के सम्मान की बात कही है, उसी दिन नंदीग्राम में एक बीजेपी कार्यकर्ती की पत्नी से रेप की खबर सामने आई है। हालाँकि, ममता बनर्जी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझा।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम ब्लॉक नंबर 2 के टेंटुल बारी इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता की पत्नी के साथ बलात्कार के बाद उन्हें नहर में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। घटना सोमवार (मार्च 29, 2021) की है। कथित तौर पर भाजपा नेता कल पूरे दिन शुभेंदु अधिकारी के साथ कार्यक्रमों में व्यस्त थे, तभी उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के पति इलाके में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। सोमवार को जब वह शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रम निपटाकर घर लौटे तो उन्हें अपनी पत्नी आसपास नहीं दिखीं। जब उन्होंने छानबीन की तो घर के पास की नहर में वह बेसुध अवस्था में पड़ी थीं। उनकी साड़ी से उनके हाथ, पाँव, मुँह बँधे हुए थे। बड़ी मुश्किल से आसपास के लोगों की मदद से उन्हें नहर से निकाला गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यहाँ पहुँचने के बाद, मुझे एक दुखद समाचार मिला। ममता बनर्जी जिस स्थान पर रह रही हैं, उसके 5 किलोमीटर के दायरे में एक महिला के साथ बलात्कार किया गया। यदि किसी महिला के साथ उस समय बलात्कार किया जा सकता है जब वह क्षेत्र में मौजूद हों, तो महिलाएँ कैसे सकुशल और सुरक्षित रह सकती हैं?”

पश्चिम बंगाल में मंगलवार (मार्च 30, 3021) को दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार का अंतिम दिन है। राज्य की हॉट सीट बने नंदीग्राम विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम हैं। ममता बनर्जी जहाँ व्हीलचेयर पर बैठकर पदयात्रा पर निकली हैं। वहीं, शाह भी एक रोड शो में हिस्सा ले रहे हैं। नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ हैं। दूसरे चरण के लिए मतदान एक अप्रैल को शाम पाँच बजे खत्म होगा।

‘उसके सामने झुके नहीं, वह कुँवारा है’: कॉन्ग्रेस में रहे पूर्व MP ने कहा- राहुल गाँधी के प्रोग्राम सिर्फ महिला कॉलेज में होते हैं

केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच पूर्व निर्दलीय सांसद जॉयस जॉर्ज ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर निशाना साधा है। चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए जॉर्ज ने कहा कि लड़कियों को राहुल गाँधी से बच कर रहना चाहिए, क्योंकि वे अभी अविवाहित हैं।

जॉर्ज ने यह भी कहा कि राहुल गाँधी सिर्फ़ महिलाओं के कॉलेज में ही जाते हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी के प्रोग्राम सिर्फ महिलाओं के कॉलेज में होते हैं। वह वहाँ जाते हैं और लड़कियों को सीधा खड़ा होना और झुकना सिखाते हैं। मेरे प्यारे बच्चों, कृपया उसके सामने झुके या खड़े न हों। वह कुँवारा है।”

दिलचस्प बात ये है राहुल गाँधी को लेकर ऐसा बयान देने वाले जॉयस जॉर्ज इससे पहले साल 2011 में चर्चा में तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने कट्टप्पन जिले में राहुल गाँधी के भाषण का अनुवाद किया था। उस समय वह कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता हुआ करते थे।

बता दें कि राज्य सरकार में मंत्री और सीपीएम नेता एमएम मणि के लिए चुनाव प्रचार करते हुए पूर्व सांसद जॉयस जॉर्ज ने जनसभा में राहुल गाँधी को लेकर ताजा बयान दिया। 50 वर्षीय जॉर्ज जब यह बात कह रहे थे थे तब केरल सरकार में ऊर्जा मंत्री मणि भी मंच पर बैठे हुए थे और हँस रहे थे।

जॉयस के बयान पर नाराजगी जताते हुए कॉन्ग्रेस ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करने की बात कही है। गौरतलब है जॉर्ज जॉयस 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर इडुक्की से लोकसभा चुनाव जीते थे। 2019 के चुनाव में उन्हें कॉन्ग्रेस के डीन कुरीकोस ने हरा दिया था। अब कुरीकोस ने जॉर्ज के इस बयान के खिलाफ शिकायत करने की बात कही है।

जॉर्ज जॉयस का यह बयान राहुल गाँधी के कोच्चि के St Teresas College में अकीदो (Aikido) का पाठ सिखाने वाले वाकये के एक हफ्ते बाद आया है। अकीदो एक तरह का जापानी मार्शल आर्ट है। इसे लेकर राहुल गाँधी  ने St Teresas College में इस बात का प्रदर्शन किया था कि कैसे लड़कियाँ अकीदो सीखकर अपने सम्मान की रक्षा कर सकती हैं। 

इस दौरान वह लड़कियों का पोस्चर (posture) ठीक करते हुए नजर आए थे। उन्होंने ये भी कहा था कि महिलाएँ अपनी ताकत को खुद नहीं पहचानतीं। वो ये नहीं जानती कि उनके भीतर कहाँ से ताकत आती है और वो कैसे काम करती है। और यही महिला सशक्तिकरण का मुख्य बिंदु है।

केरल में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala) ने जॉर्ज की टिप्पणी को महिलाओं और राहुल गाँधी के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा, जॉर्ज के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं और राहुल गाँधी का भी अपमान किया।

88 साल के ‘मेट्रो मैन’ से बदतमीजी, केरल की वामपंथी मंत्री को बताया रॉकस्टार: न्यूज़लॉन्ड्री की ‘निडर पत्रकारिता’ का नमूना

वामपंथी मीडिया जहाँ एक तरफ भाजपा नेताओं से जबरदस्ती असहज करने वाले सवाल पूछता है और जवाब मिलने के बावजूद अपने नैरेटिव के हिसाब से बहस करने लगता है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा विरोधी नेताओं के इंटरव्यू के दौरान उनका जम कर महिमामंडन किया जाता है। न्यूज़लॉन्ड्री ने जहाँ 88 साल के ई श्रीधरन के साथ बदतमीजी की, वहीं केरल की वामपंथी मंत्री केके शैलजा का गुणगान किया।

ये दोनों ही इंटरव्यू न्यूज़लॉन्ड्री की निधि सुरेश ने लिया। उन्होंने शैलजा को ‘केरल की स्वीटहर्ट’ कह कर सम्बोधित किया, जबकि ई श्रीधरन के सामने अन्य नेताओं के बयान रख कर जबरन पूछती रहीं कि वो इससे सहमत हैं, या फिर क्या वो फलाँ चीज का समर्थन करते हैं। ई श्रीधरन के साथ अजोबोग़रीब व्यवहार करके निधि सुरेश ने सोशल मीडिया पर वाहवाही बटोरी और गिरोह विशेष ने ‘निडर पत्रकारिता’ के लिए उनकी प्रशंसा की।

जबकि केरल में भाजपा फ़िलहाल सातवें नंबर की पार्टी है। ऐसे में सत्ता से सवाल पूछने का दमखम रखने वालों ने मात्र 1 सीट वाली पार्टी से सवाल पूछ-पूछ कर वाहवाही बटोरी और सत्ताधारी मंत्री का गुणगान भी किया। जहाँ ई श्रीधरन निधि सुरेश के सामने बैठ कर इंटरव्यू दे रहे थे, केके शैलजा के पति निधि और अपनी पत्नी के बीच में आराम से बैठ गए, जिससे निधि को माइक आगे ले जाकर उनसे सवाल पूछने पड़ रहे थे।

लेकिन, फिर भी गुणगान शैलजा का ही किया गया। निधि ने शैलजा से पूछा कि क्या वो रॉकस्टार की तरह महसूस कर रही हैं? इसके बाद उन्होंने पूछ डाला कि क्या वो थकी हुई हैं? इस सवाल के पीछे का कारण देखिए। निधि ने कहा कि चूँकि शैलजा ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी, स्वास्थ्य मंत्री भी हैं और अब MLA का चुनाव लड़ रही हैं। कौन सा मंत्री विधायक या विधान पार्षद का चुनाव नहीं लड़ता है?

इसके बाद कन्नूर में राजनीतिक हत्याओं को लेकर सवाल पूछे गए, लेकिन सवाल पूरा होने से पहले ही शैलजा ने जवाब दे दिए और निधि उस जवाब से संतुष्ट भी हो गई, कोई ‘क्रॉस क्वेश्चन’ नहीं। सवाल पूछा गया कि क्या वो राजनीतिक हत्याओं को रोकेंगी? कौन सा नेता इसका जवाब ‘ना’ में देगा? जो दल सत्ता में है, उससे तो हिसाब माँगा जाना चाहिए था, आगे का वादा नहीं। इसके बाद निधि ने मत्तनूर में कॉन्ग्रेस के शोएब की मौत को लेकर सवाल पूछा।

निधि सुरेश को कुछ यूँ लेना पड़ा केरल की मंत्री का इंटरव्यू (न्यूजलौंड्री के वीडियो का स्क्रीनशॉट)

केरल में हाल के दिनों में RSS कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर इस इंटरव्यू में कोई सवाल नहीं पूछा गया। फिर कोरोना से जुड़े काम को लेकर मंत्री के बदले पत्रकार ने ही याद दिला दिया कि उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिले हैं। जबकि सच्चाई क्या है? जनसंख्या के मामले में भारत 13वें नंबर पर आने वाले केरल में अब तक 11.19 लाख कोरोना संक्रमित सामने आए हैं, महाराष्ट्र के बाद देश में सबसे ज्यादा।

सक्रिय कोरोना मामलों में भी राज्य 24.21 हजार मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। ऐसा नहीं है कि उसने बाकी राज्यों से ज्यादा टेस्टिंग की है। 8 राज्यों में टेस्टिंग की संख्या केरल से ज्यादा है। इन सबके बावजूद ‘लव जिहाद’ को लेकर ई श्रीधरन से कई सवाल पूछे गए, लेकिन सोना तस्करी से लेकर RSS कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर वामपंथी नेता से कोई सवाल नहीं। क्या यही है न्यूज़लॉन्ड्री की ‘निडर पत्रकारिता’?