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‘जवान न बूथ के अंदर गए, न किसी को वोट डालने से रोका’: ममता बनर्जी के आरोपों को EC ने बताया बेबुनियाद

नंदीग्राम में चुनाव के दौरान गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को 6 पन्नों का जवाब भेजा है। ममता के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ममता ने नंदीग्राम के गोकुलनगर इलाके के एक पोलिंग बूथ पर हंगामा करते हुए आरोप लगाया था कि स्थानीय लोगों को वोट डालने से रोक जा रहा है। उन्होंने बूथ से ही राज्यपाल से बात कर इस मुद्दे पर संज्ञान लेने को कहा था। चुनाव आयोग ने ममता के आरोपों के बाद पूरी टाइमलाइन जारी की है और सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज का भी जिक्र किया है।

यह मामला 1 अप्रैल का है जब बंगाल में दूसरे चरण की 30 सीटों पर मतदान हुआ था। इनमें एक सीट नंदीग्राम की भी थी जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के शुभेन्दु अधिकारी आमने-सामने हैं। वोटिंग के दौरान ही ममता गोकुलनगर इलाके के एक बूथ पर पहुँची थीं। इसके बाद टीएमसी के सदस्य उग्र होकर घूमने लगे। जवाब में ‘जय श्री राम’ के नारे लगे जिनसे ममता नाराज हो गईं और बूथ से ही राज्यपाल को फोन करके कहा कि उनके समर्थकों को वोट डालने से रोक जा रहा है।

केन्द्रीय सुरक्षा बलों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा था कि जवान लोगों को वोट डालने से रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो सुबह से ही इलाके में हैं और देख रही हैं कि स्थानीय लोगों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है, इसीलिए वो अपील करती हैं कि राज्यपाल संज्ञान लें।

ममता बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ कहा है। आयोग ने यह भी कहा कि वह आदर्श आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई पर भी विचार कर रहा है। आयोग ने सबूत के रूप में सीसीटीवी फुटेज का जिक्र किया और कहा कि ड्यूटी के दौरान केन्द्रीय बल के जवान न तो बूथ के अंदर गए और न ही उन्होंने किसी को वोट डालने से रोका।

चुनाव आयोग द्वारा ममता के आरोपों को नकारने के बाद भाजपा नेता सुनील देवधर ने ट्वीट कर कहा कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा ममता दीदी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बंगाल और नंदीग्राम में अपनी हार नजदीक देखर क्या अब ममता केन्द्रीय सुरक्षा बलों और चुनाव आयोग पर आरोप लगाएँगी? देवधर ने आगे पूछा कि आगे क्या वे बंगाल के लोगों पर भी दोषारोपण करेंगी? अपने ट्वीट में सुनील देवधर ने चुनाव आयोग के जवाब की कॉपी भी पोस्ट की है।

अयोध्या में नागा साधु की ईंट से कूच कर हत्या, गौशाला में पड़ा मिला शव: SSP ने तैनात किया पुलिस फोर्स

अयोध्‍या के हनुमानगढ़ी में आज सबुह (4 अप्रैल, 2021) एक नागा साधु की ईंट से कूच कर नृशंस हत्या करने का मामला सामने आया है। उनका शव चरण पादुका मंदिर की गौशाला में खून से लथपथ पड़ा म‍िला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृत महंत के गुरुभाई रामानुजदास चेला रामबरन दास का कहना है कि कन्हैया दास हनुमानगढ़ी मंदिर के पास स्थित गुलशन बाग में भोजन करने के बाद गौशाला में सो रहे थे, जहाँ उनकी हत्या कर दी गई।

बताया जा रहा है कि उनका जमीन और मकान को लेकर गोलू दास उर्फ शशिकांत दास के साथ मुकदमा चल रहा था। मौके पर पहुँचे एसपी सिटी विजय पाल सिंह के मुताबिक, आरोपित गोलू दास को हिरासत में ले लिया गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है। वहीं, सूचना पाकर एसएसपी शैलेश पांडेय ने भी मौके पर पहुँच कर जानकारी ली। साथ ही विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है।

बता दें कि 45 वर्षीय मृतक साधु कन्हैया दास हनुमानगढ़ी के बसंतिया पट्टी से जुड़े गुलचमन बाग के संत थे। वह सिर्फ रात्रि विश्राम के लिए चरण पादुका गौशाला में जाते थे। शनिवार को भी वह गोशाला में रात्रि विश्राम के लिए गए थे, जहाँ उनकी हत्या कर दी गई।

पुलिस आरोपित गाेलू दास काे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। SSP शैलेश पांडेय ने भी गोलू से काेतवाली में पूछताछ की। आरोपित मृतक का गुरुभाई है। उसका मकान व जमीन काे लेकर कन्हैया दास से विवाद चल रहा था, जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।

गर्दन काटने की धमकी के बाद नरसिंहानंद सरस्वती के विरोध में AMU में प्रदर्शन का ऐलान

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के छात्रों ने डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के कथित इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद विरोधी टिप्पणी विरोध में प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शन रविवार (4 अप्रैल) को शाम 5 बजे बुलाया गया है।

प्रदर्शन से जुड़ा हुआ एक संदेश सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है, “पैगंबर मोहम्मद की खिलाफत में नरसिंहानंद सरस्वती के द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में 4 अप्रैल 2021 को प्रदर्शन किया जाएगा।”  

इस वायरल हो रहे संदेश में लिखा है कि प्रदर्शन विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी कैंटीन से शुरू होकर डक प्वाइंट तक जाएगा। इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने सोशल मीडिया में यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ जान से मार देने की धमकी वाला एक पोस्ट भी लिखा था।

अमानतुल्लाह ने यति के विरुद्ध शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी। वहीं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने यूपी पुलिस से अमानतुल्लाह के विरुद्ध कार्यवाई करने की माँग की है। अमानतुल्लाह ने सोशल मीडिया पर नरसिंहानंद की गर्दन काटने की धमकी दी थी।

मैं किसी से माल-पानी नहीं लेता, काम एक नंबर का होना चाहिए… जितना पैसा चाहिए मिलेगा: गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से झारखंड की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 3550 करोड़ रुपए की लागत से 539 किलोमीटर की 21 सड़क परियोजना शामिल हैं।

इस दौरान गडकरी ने झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान ठेकेदारों द्वारा की जाने वाली लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सड़कों के किनारे पौधारोपण नहीं होने पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही उन्होंने सोरेन से पौधारोपण के कार्य की ड्रोन से शूटिंग करवाकर रिकॉर्ड तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री को सभी लापरवाह ठेकेदारों का पैसा रोकने की सलाह देते हुए कहा कि ये कॉन्ट्रैक्टर निचले स्तर पर मैनेज करते हैं, मैं इन्हें छोड़ूँगा नहीं।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़कों के एक्सपेंशन ज्वाइंट की क्वालिटी का मामला सामने आया है। मैं क्वालिटी से किसी भी तरह का समझौता नहीं करूँगा। अगर काम में किसी भी तरह की कमी रही तो मैं ठेकेदार को लगाकर सड़कों को उखड़वा दूँगा। इसकी सजा अधिकारी और ठेकेदार दोनों भुगतेंगे। इतना समझ लें कि मैं किसी से कोई भी माल-पानी नहीं लेता हूँ। इसलिए काम एक नंबर का होना चाहिए।

पौधारोपण नहीं होने पर बिगड़े गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमारे बजट में जब पेड़ लगाने के लिए फंड पहले से शामिल है तो पेड़ क्यों नहीं लगे? इसके लिए सभी ठेकेदारों को नोटिस भेजने और उस क्षेत्र के विधायक और सांसदों को मौके पर जाकर इसकी जाँच करने को कहा। उन्होंने लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। मंत्री ने ठेकेदारों की रेटिंग करने का निर्णय लिया है। जिन ठेकेदारों की रेटिंग खराब होगी, अगले ठेके में उनकी रेटिंग घटा दी जाएगी और उन्हें कोई काम नहीं दिया जाएगा।

गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री सोरेन से कहा, “समस्या यह है कि आपके पास अच्छे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी नहीं हैं। अगर आप हमें अच्छे अधिकारी नहीं दे सकते हैं तो हम उन्हें बाहर से लाएँगे। जो पीडब्ल्यूडी अधिकारी जिस कार्य के लिए रखे गए हैं, उनसे आप वही काम लीजिए। उन्हें दूसरे कामों में मत लगाइए। उन्हें हम सैलरी देते हैं।”

वीडियो आप इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं: झारखण्ड में 21 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

जितना पैसा चाहिए हम देंगे, काम अच्छा होना चाहिए

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड के 675 करोड़ रुपए के वार्षिक प्लान को मैं इस साल के लिए बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपए कर देता हूँ, लेकिन पहले राज्य के चीफ इंजीनियर से 5 मुख्यमंत्री हजार करोड़ रुपए का प्लान तैयार करके भेजने को कहे। मेरे पास पैसे की कमी नहीं है। आप केवल भूमि अधिग्रहण करें और फिर मुझसे जितना माँग सकते हैं माँगे। गडकरी ने कहा कि उन्हें केवल क्वालिटी का काम और भूमि अधिग्रहण व पर्यावरण क्लीयरेंस समय पर होना चाहिए। ऐसा हुआ तो अगले 3 साल में पश्चिमी यूरोप और अमेरिका के लेवल की रोड झारखंड को बनाकर दूंगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं ये वचन देता हूँ कि झारखंड के साथ किसी भी तरह का भेजभाव नहीं होगा। सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक तौर पर पिछड़ इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।”

छत्तीसगढ़: नक्सली हमले में 22 जवान बलिदान-21 अब भी लापता, असम में प्रचार कर रहे कॉन्ग्रेसी CM बघेल

छत्तीसगढ़ के बस्तर डिवीजन के बीजापुर जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान हुए जवानों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। 21 जवान अब भी लापता हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार नक्सलियों ने शनिवार को घेर कर 700 जवानों पर हमला किया था। रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से बलिदानी जवानों की संख्या 30 बताई गई है। साथ ही कहा गया है कि घटनास्थल से एक वीडियो आया है जिसमें 20 जवानों के शव मौके पर ही दिखाई पड़ रहे हैं।

इतने बड़े नक्सली हमले के बावजूद छत्तीसगढ़ के कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। रविवार (4 अप्रैल 2021) की सुबह गुवाहाटी से उनका एक हैरान करने वाला बयान सामने आया। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत हुई है। सीआरपीएफ के डीजी को छत्तीसगढ़ भेजा गया है। साथ ही उन्होंने रविवार शाम तक खुद के छत्तीसगढ़ लौटने की बात कही।

बघेल ने यह भी बताया कि घायल हुए ​जिन 7 जवानों को रायपुर लाया गया है वे खतरे से बाहर हैं। 21 लापता जवान की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

बीजापुर के एसपी कमललोचन ने बताया है कि लापता जवानों की तलाश में गहन अभियान चल रहा है। एनकाउंटर के दौरान गंभीर रूप से घायल 7 जवानों को रायपुर इलाज कि लिए रेफर किया गया है, जबकि 24 जवानों का बीजापुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

CRPF के डीजी ने एनकाउंटर में 12-15 नक्सलियों को मार गिराए जाने की बात कही है। 20 नक्सलियों के घायल होने की भी खबर है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराजन के मुताबिक कोबरा बटालियन के एक कमांडो का भी शव बरामद किया गया है। मौके पर मौजूद अपने रिपोर्टर के हवाले से एएनआई ने 14 शव बरामद किए जाने की बात कही है।

एंटी नक्सल ऑपरेशन के उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने जानकारी दी है कि इस अभियान में तर्रेम, उसूर, पामेड़ और सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग 2000 जवान शामिल थे। जानकारी के मुताबिक एनकाउंटर साइट पर करीब 250 नक्सलियों के होने का अनुमान था। सुरक्षा बलों की इस संयुक्त टीम में सीआरपीएफ की कमांडो बटालियन, जिला रिजर्व गार्ड और स्पेशल टास्क फोर्स के जवान थे।

10 दिन में नक्सलियों का दूसरा बड़ा हमला

बीते 10 दिन में नक्सलियों ने जवानों पर यह दूसरा बड़ा हमला किया है। इससे पहले 23 मार्च को नारायणपुर में नक्सलियों ने पुलिस जवानों की बस को आईडी ब्लास्ट से उड़ा दिया था। इस हमले में भी 5 जवान बलिदान हो गए थे, जबकि 14 अन्य जख्मी हुए थे। बस में 24 जवान सवार थे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक इतना बड़ा हमला तब हुआ जब 20 दिन पहले से ही नक्सलियों के मूवमेंट की खबर थी। 17 मार्च को नक्सलियों ने बयान जारी कर छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत का भी प्रस्ताव दिया था। इसके लिए तीन शर्तें रखी थी, जिनमें सशस्त्र बलों को हटाने, नक्सली संगठनों से प्रतिबंध हटाने और अपने नेताओं की रिहाई शामिल थी।

ट्विटर झुका, अमानतुल्लाह खान का ट्वीट किया डिलीट… फेसबुक पर अभी भी है गर्दन काटने वाला ‘इस्लामी वीडियो’

ट्विटर ने रविवार (अप्रैल 4, 2021) को AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के उस ट्वीट को डिलीट कर दिया है, जिसमें उन्होंने ‘ईशनिंदा’ के आरोपों को लेकर डासना मंदिर के प्रमुख यति नरसिंहानंद सरस्वती की गर्दन और जुबान काटने का आह्वान किया था।

अमानतुल्लाह का ट्वीट, जो अब डिलीट कर दिया गया है

ट्विटर के अनुसार यह ट्विटर की नीतियों का उल्लंघन था और इसलिए इसे माइक्रोब्लॉगिंग साइट से हटा दिया गया। खान ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बोलने के लिए यति नरसिंहानंद सरस्वती का सिर धड़ से अलग करने के लिए कहा था। इससे पहले उन्होंने दिल्ली पुलिस से आग्रह किया था वो इस मामले का संज्ञान लें, क्योंकि हिंदुस्तान का कानून उन्हें गर्दन काटने की इजाजत नहीं देता।

ट्वीट के बाद, कई नेटिज़न्स ने घृणित ट्वीट को नहीं हटाने के लिए ट्विटर पर रिपोर्ट किया और घंटों तक इस प्लेटफॉर्म पर रहने देने के लिए सवाल उठाया। हालाँकि ट्विटर ने कंटेंट हटा दिया है लेकिन गर्दन काटने वाली पोस्ट अभी भी फेसबुक पर मौजूद है।

इस रिपोर्ट के समय तक, पोस्ट पर 4,500 से अधिक लाइक्स हैं, 2,500 कमेंट्स और 1,200 से अधिक बार शेयर किया गया है।

यति नरसिंहानंद पर कमेंट
यति नरसिंहानंद पर कमेंट

टिप्पणियों में कई लोगों ने गुस्से का इजहार किया और चुप रहने और कथित ईशनिंदा पर कुछ नहीं करने के लिए मुसलमानों को शर्मिंदा होने के लिए कहा।

बता दें कि यति नरसिंहानंद का वीडियो शेयर करते हुए अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्वीट में लिखा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनो काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का क़ानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विवादित वीडियो पर संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 153-A और 295-A के तहत पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

आर्य समाज नहीं फले-फूले… इसलिए हुई पंडित लेख राम की हत्या: सड़क पर हिंसा, दंगा को इस्लामी कट्टरपंथियों ने बनाया हथियार

एक लेखक हैं- डॉ. कोइनराद एलस्ट(Dr. Koenraad Elst)। इनकी एक किताब है- डिक्लॉनाइजिंग द हिंदू माइंड (Decolonizing the Hindu Mind)। इस किताब का एक चैप्टर विशेष रूप से इस बात से संबंधित है कि कैसे इस्लामवादियों ने आर्य समाज को नहीं पनपने देने के लिए सड़क पर हिंसा और हत्याओं का इस्तेमाल किया।

किताब के पेज नंबर 121 में कहा गया है कि स्वामी दयानंद की आर्य समाज की जीवनी (सत्यार्थ प्रकाश) में दावा किया गया कि इस्लाम की सार्वजनिक आलोचना के कारण, गंगा नदी के तट पर ध्यान करते समय उन पर मुसलमानों ने हमला किया था। कुछ मुस्लिम बहुल रियासतों में आपत्तिजनक अध्याय पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और 1944 में मुस्लिम बहुल प्रांत सिंध में भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

किताब के पेज नंबर 123 में बताया गया कि भारतीय मुसलमानों को धर्मान्तरण (घर-वापसी) करने के लिए प्रेरित करने के लिए हिंदू धर्म के शुद्धि कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया कि उनके पूर्वजों पर इस्लाम में परिवर्तित होने के लिए दबाव डाला गया या मजबूर किया गया। उनका कहना था कि मुस्लिम शासन की समाप्ति के बाद अब इस्लाम धर्म में बने रहने का कोई मतलब नहीं है।

पंडित लेख राम की ‘रिसाला-ए-जिहाद’ को लेकर मुसलमानों ने माँग की कि इस पुस्तक पर प्रतिबंध लगाया जाए। अदालत में कई बहसों के बाद, वे 1896 में वो हार गए। लेकिन मार्च 1897 में लेखराम की हत्या कर दी गई। मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद (पैगंबर का दूत होने का दावा करने वाला इस्लाम के अहमदिया संप्रदाय का संस्थापक) सहित कुछ मुसलमानों ने इस हत्या की खुलेआम सराहना करते हुए कहा, “मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद ने एक पुस्तक प्रकाशित किया, जिसमें उन्होंने अल्लाह को अपनी भविष्यवाणी पूरी करने के लिए धन्यवाद दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि लेखराम हिंसक मौत मारा जाएगा।”

इसके बाद कई व्यक्तियों ने धमकी भरे पत्र प्राप्त करने की सूचना दी और पूरे प्रांत में दीवार पर रहस्यमय नोटिस दिखाई दिए। जिसमें कहा गया, “सभी हिंदुओं को इस्लामी नबियों को याद करने और उन पर विश्वास करने की चेतावनी दी जाती है; अन्यथा उन्हें लेख राम की तरह मार दिया जाएगा। शुद्धि सभा और आर्य समाज के सदस्यों को स्वयं को मृत पुरुष मानना ​​चाहिए।” लेख राम के अंतिम संस्कार में 20000 लोग शामिल हुए थे। इसके बाद लाला मुंशी राम (बाद में स्वामी श्रद्धानंद के रूप में नियुक्त हुए) ने एक समाचार पत्र शुरू किया, जिसे लेखराम के उपनाम आर्य मुसाफिर, ‘आर्य यात्री’ के नाम से जाना जाता है।

किताब के पेज नंबर 127 में कहा गया है कि इस्लाम की आलोचना करने के कारण आर्य समाज को मानने वाले लोगों की हत्याएँ की गईं। हत्याओं से भयभीत होने के बावजूद कुछ लोग खड़े हुए और कहा कि आर्य समाज की नीति सही थी। जिसके बाद दंगे हुए। आर्य समाज के लोगों की हत्याओं और बाद के दंगों से माहौल थोड़ा अनियंत्रित हो गया, जिसमें पुलिस भी उनकी रक्षा करने में असफल रही।

पेज नंबर 317 में कहा गया कि आर्य समाज के संस्थापक दयानंद सरस्वती ने इस्लाम की आलोचना करते हुए एक किताब लिखी। हालाँकि यह कट्टरपंथियों को रास नहीं आया। इसमें उन्होंने काबा को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने मूर्ति पूजा का विरोध करने वालों पर सवाल उठाते हुए पूछा, “अगर मक्का के काबा में काला पत्थर अल्लाह का प्रतिनिधित्व कर सकता है, तो क्या मोहम्मद और उसके भतीजे अली द्वारा नष्ट की गई काबा में 360 प्रतिमाएँ भी ईश्वरीय शक्ति का प्रतिनिधित्व नहीं होनी चाहिए? उस सोमनाथ मंदिर में शिव लिंग क्यों नहीं है, जिसे मुस्लिम सेनाओं ने समय-समय पर नष्ट किया?”

दयानंद मुसलमानों को चुनौती देते हुए कहते हैं: “वे भी, जिन्हें आप मूर्तिपूजक कहते हैं, वे मूर्ति को भगवान नहीं मानते हैं। वे मूर्ति के पीछे के भगवान को पूजा करने के लिए मानते हैं। यदि आप मूर्ति विध्वंसक हैं, तो आप किब्ला (Qibla, पवित्र मस्जिद) नामक बड़ी मूर्ति को क्यों नहीं तोड़ते?” 

किताब के पेज नंबर 324 में कहा गया है कि सातवीं शताब्दी के अरब में पैगंबर मोहम्मद के जीवन और कार्यों के संदर्भ के बिना “समकालीन भारतीय इस्लाम” का एक विषय के रूप में चर्चा करना बकवास है, क्योंकि मोहम्मद के मिशन और उनके उदाहरणों के बिना कोई इस्लाम नहीं। उदाहरण के लिए मोहम्मद के व्यवहार के स्थायी संदर्भ के बिना इस्लामी कानून का कोई वजूद ही नहीं। जिहाद की अवधारणा के पीछे का वास्तविक अर्थ और इरादा उस सबसे अच्छे स्रोत के आधार पर जाँचा जा सकता है, जहाँ से इस्लामी विद्वान अपने धर्म के अल्फ़ा और ओमेगा सीखते हैं।

‘उसकी अम्मी हर दिन बात करती है, मेरी माँ भूल जाती है’: आसिम से शादी पर हिमांशी ने कहा – धर्म-परवरिश सब अलग, समय पर करूँगी

‘बिग बॉस 13’ (Bigg Boss 13) के दौरान आसिम रियाज और हिमांशी खुराना ने अपने प्यार का ऐलान किया था। शो खत्म होने के बाद भी दोनों का प्यार एक दूसरे के लिए कई मौकों पर नजर आता है। आसिम रियाज और हिमांशी खुराना एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम खूब स्पेंड करते हैं।

हाल ही में, जब हिमांशी से आसिम के साथ उनकी शादी की योजना के बारे में पूछा गया, तो अभिनेत्री ने शादी को एक बड़ी कमिटमेंट बताते हुए कहा कि वे इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं।

ईटाइम्स टीवी से बात करते हुए, हिमांशी खुराना ने कहा, “आसिम ने अभी पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है और यह समय है कि वह आगे बढ़े। इसलिए अभी हम शादी के बारे में नहीं सोच रहे हैं। मैं भी चौबीसों घंटे काम कर रही हूँ और कुछ अद्भुत ऑफ़र हैं। शादीशुदा होने का मतलब है कि हमें एक-दूसरे को समय देना होगा। फिलहाल हम विभिन्न इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। हमारा परवरिश, धर्म सब कुछ अलग है। हम नहीं चाहते हैं कि जल्दी करो और चीजों को गड़बड़ करो। शादी एक बड़ी कमिटमेंट है। हम जल्दबाजी में शादी नहीं करना चाहते हैं क्योंकि ऐसे में रिश्ता दूसरों के लिए मजाक बन जाता है। हम इसके लिए तैयार रहना चाहते हैं और चाहते हैं कि यह सही समय पर हो। यह एक परिपक्व निर्णय होगा।”

बता दें कि हिमांशी खुराना ने इससे पहले भी धर्म के अलग होने को लेकर बात कही थी। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के साथ बातचीत में हिमांशी ने पिछले दिनों कहा था, “पहले लोगों को हमारे रिलेशनशिप पर शक था। अब ये सब बोल रहे हैं। हम कोई जल्दबाजी में नहीं हैं। अभी हम दोनों काम पर फोकस कर रहे हैं और हमेशा एक-दूसरे के लिए खड़े हैं। हमारे समुदाय और धर्म अलग-अलग हैं। हमारी फैमिली हम दोनों के लिए बहुत खुश है, लेकिन एक रिश्ते को वक्त चाहिए होता है।”

हिमांशी ने आसिम के साथ अपने लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को मैनेज करना उतना भी मुश्किल नहीं है। चूँकि दोनों एक प्रोफेशन से जुड़े हुए हैं, इसलिए वो एक-दूसरे को समझते हैं और जब भी टाइम मिलता है, मिल लेते हैं।

पंजाबी अभिनेत्री-गायिका ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि किस तरह वह उस बॉन्ड के कारण कभी-कभी ईर्ष्या महसूस करती हैं, जिसे आसिम और उनकी माँ साझा करते हैं। वो कहती हैं, “मुझे कभी-कभी जलन होती है क्योंकि मेरी माँ मुझे मैसेज करना भूल जाती हैं लेकिन आसिम और वह रोजाना मैसेज से बात करते हैं। असीम की भतीजी मुझे बहुत पसंद करती है। वह मुझे वॉयस नोट्स भेजती है। वह मेरी स्टाइल से प्यार करती है और गाउन, लहंगा के बारे में मैसेज भेजती रहती है। वह हमेशा मेरे संपर्क में रहती है।”

पैगंबर मोहम्मद को कुछ बोल दिया… भीड़ ने ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए बूढ़ी माँ के सामने पत्थर से मारते-मारते जला कर मार डाला

नाइजीरिया में कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद की निंदा करने पर भीड़ द्वारा आरोपित को आग के हवाले कर देने की घटना सामने आई है। घटना बौची राज्य के दराज़ो स्थानीय सरकार क्षेत्र के साडे गाँव की है। यहाँ पर एक मध्यम आयु वर्ग के पानी के विक्रेता तलले माई रुवा को कथित रूप से ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने आग लगा दी।

जानकारी के मुताबिक आरोपित के खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाए जाने के बाद उसे पुलिस थाने ले जाया गया था, लेकिन आक्रोशित भीड़ उसे जबरन वहाँ से खींच कर ले आई और उसकी लिंचिंग की। बताया जाता है कि माई रुवा मानसिक रूप से विक्षिप्त था। पिछले दिनों जब एक लड़की उसकी मर्जी के बिना बोरहोल से पानी लेने आई थी, तभी उसने कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद की निंदा की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि एक मुस्लिम लड़की ने बिना उसकी जानकारी के पानी निकाल लिया था, जिसके बाद उसने गुस्से में बाल्टी पर लात मारी, जिससे सारा पानी जमीन पर गिर गया। इसके बाद लड़की ने पैगंबर के नाम पर पानी देने की भीख माँगी, लेकिन पानी विक्रेता ने गुस्से में कथित तौर पर उसके माता-पिता और पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया। इस कथित ईशनिंदा ने ग्रामीणों के बीच गुस्सा पैदा कर दिया, जिससे गाँव में तनाव पैदा हो गया।

इसके बाद आरोपित को गाँव के पुलिस स्टेशन पर ले जाया गया। यहीं पर उसने रात बिताई। मगर सुबह तक यह खबर हर जगह फैल गई और गाँव में सभी लोग आक्रोशित हो गए। इसके बाद गुस्साए युवाओं के एक समूह ने पुलिस चौकी पर हमला किया, पुलिस अधिकारियों को घेर लिया और तलले को पकड़ लिया।

इसके बाद उसे बाहर निकाल कर भीड़ ने ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाते हुए पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी। भीड़ ने तब तक उस पर पत्थरबाजी करनी बंद नहीं की, जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गई। तलले की मौत के बाद भीड़ ने पुलिस स्टेशन और उसकी बुजुर्ग माँ के सामने ही उसके शव को जला कर राख कर दिया।

अमानतुल्लाह खान के खिलाफ UP पुलिस से FIR के लिए कपिल मिश्रा की अपील: नरसिंहानंद की गर्दन काटने की दी थी धमकी

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए यूपी पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई है। कपिल मिश्रा ने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी। इससे पहले कपिल मिश्रा ने अमानतुल्लाह खान को चेतावनी देते हुए कहा था कि नरसिंहानंद जी को हाथ भी लगाने की गलती मत करना क्योंकि देश संविधान से चलता है, किसी किताब से नहीं।

दरअसल आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का एक वीडियो शेयर कर कहा था इस (यति नरसिंहानंद) नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए।

यति नरसिंहानंद का वीडियो शेयर करते हुए अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्वीट में लिखा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनो काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का क़ानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने इस वीडियो को लेकर दिल्ली के जामिया नगर थाने में महंत के खिलाफ शिकायत की थी। अमानतुल्लाह खान ने ट्विटर पर वीडियो शेयर कर कहा था कि नरसिंहानंद की गुस्ताखी के लिए उनके ख़िलाफ़ जामिया नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विवादित वीडियो पर संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 153-A और 295-A के तहत पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यति नरसिंहानंद की टिप्पणी वाला यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

उसने कहा था, “यति नरसिंहानंद ने जो पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी की है, उसके लिए हुक्म है कि उसका सिर कलम कर दिया जाए या उसकी जुबान काट ली जाए। लेकिन संविधान पर हमें भरोसा है। उम्मीद है कि उसके ऊपर कार्रवाई करके उसे जेल भेजा जाएगा। हम सारे धर्म के गुरुओं- श्रीराम, श्रीकृष्ण सभी का सम्मान करते हैं। इसलिए हम नहीं चाहते हैं किसी भी धर्म को मानने वाला हमारे धर्म गुरु… की शान में गुस्ताखी करे। शरीयत अगर यहाँ होता तो इस शख्स को सरेआम गर्दन काट कर, जुबान काटकर लटका दिया जाता। पर हम कानून का सम्मान करते हैं और वो इसकी इजाजत नहीं देता, इसलिए मैं यहाँ आया हूँ। आला अधिकारी से अपील करता हूँ कि इस शख्स ने मुल्क के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है। मुसलमानों के दिल को ठेस पहुँची है, तकलीफ हुई है क्योंकि हम किसी भी हाल में ये गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकते।”