Home Blog Page 3957

‘दिल्ली पुलिस ने जलती होलिका को पानी डाल कर बुझा दिया, रोती रही हिन्दू महिलाएँ’: DCP ने आरोपों को नकारा

दिल्ली में पुलिस पर आरोप लगा है कि उसने होलिका दहन के समय जलती आग को बुझा दिया। हालाँकि, पुलिस ने ऐसे किसी भी आरोप को नकार दिया है। सोशल मीडिया पर दावे के समर्थन में वीडियो भी वायरल हो रहा है। विश्व हिन्दू परिषद ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। विहिप ने पूछा कि होलिका दहन के पारंपरिक उत्सव को भंग कर पानी डाला जाना हिंदुओं की सहिष्णुता की परीक्षा तो नहीं?

संगठन ने सवाल दागा कि क्या किसी और धर्म के साथ ऐसा करने का सोचा भी जा सकता है? विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी इस मामले का वीडियो शेयर कर के आरोप लगाए। बंसल ने कहा, “जलती होलिका को पानी से बुझाया जाना बेहद पीड़ादायक है। राजधानी दिल्ली में हिन्दू आस्था के साथ इस घोर अपमान पर अबिलम्ब कार्रवाई जरूरी है। शांत व सभ्य समाज की सहिष्णुता की परीक्षा उचित नहीं।”

उन्होंने दिल्ली पुलिस से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की माँग की। ये घटना दिल्ली की जगतपुरी की बताई जा रही है। आरोप है कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने आकर जलती होलिका को बुझा दिया और हाथों में पूजा की थाल लिए महिलाएँ वहाँ खड़ी रोती रहीं। ये इलाका DCP शाहदरा के अंतर्गत आता है। वीडियो में वहाँ खड़ी महिलाएँ भी दिल्ली पुलिस का विरोध करती नज़र आ रही है। पुलिस ने इन आरोपों को नकार दिया है।

‘सुदर्शन न्यूज़’ के मुख्य संपादक सुरेश चव्हाणके ने भी इस वीडियो को शेयर किया, जिसका DCP ने जवाब देते हुए लिखा, “पुलिस ने जलती होलिका पर पानी नहीं डाला व इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया गया। पुलिस के खिलाफ आरोप गलत है। दिल्ली सरकार द्वारा दी गयी कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन कराया जा रहा था।” चव्हाणके ने 2 हिन्दुओं को हिरासत में लिए जाने का आरोप भी लगाया था।

बीजेपी वर्कर की पत्नी से रेप और नंदीग्राम में ममता बनर्जी कर रहीं ‘महिला सम्मान’ की बात, BJP ऑफिस पर भी हमला

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक बार फिर से हमले की खबर सामने आ रही है। राज्य के जलपाईगुड़ी क्षेत्र में बीजेपी कार्यालय पर हमला किया गया। इस दौरान तोड़-फोड़ के साथ ही ऑफिस में मौजूद लोगों पर भी हमला किया गया। इसके अलावा गाड़ियाँ भी तोड़ दी गई। वहीं नंदीग्राम में एक भाजपा कार्यकर्ता की पत्नी के साथ रेप किया गया। वह नहर में बेसुध पड़ी मिलीं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमले और रेप का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है।

इधर पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम के सोना चूरा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैं किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ सकती थी लेकिन मैंने नंदीग्राम को चुना। मैंने ऐसा यहाँ की माताओं और बहनों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए किया। नंदीग्राम के आंदोलन को सलामी देने के लिए मैंने सिंगुर की जगह इसे चुना।” उन्होंने कहा, “याद रखिए, अगर मैं एक बार नंदीग्राम में आ गई तो जाऊँगी नहीं। नंदीग्राम मेरी जगह है, मैं यहाँ रहूँगी।”

बता दें कि ममता बनर्जी ने जिस दिन महिलाओं के सम्मान की बात कही है, उसी दिन नंदीग्राम में एक बीजेपी कार्यकर्ती की पत्नी से रेप की खबर सामने आई है। हालाँकि, ममता बनर्जी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझा।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम ब्लॉक नंबर 2 के टेंटुल बारी इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता की पत्नी के साथ बलात्कार के बाद उन्हें नहर में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। घटना सोमवार (मार्च 29, 2021) की है। कथित तौर पर भाजपा नेता कल पूरे दिन शुभेंदु अधिकारी के साथ कार्यक्रमों में व्यस्त थे, तभी उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के पति इलाके में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। सोमवार को जब वह शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रम निपटाकर घर लौटे तो उन्हें अपनी पत्नी आसपास नहीं दिखीं। जब उन्होंने छानबीन की तो घर के पास की नहर में वह बेसुध अवस्था में पड़ी थीं। उनकी साड़ी से उनके हाथ, पाँव, मुँह बँधे हुए थे। बड़ी मुश्किल से आसपास के लोगों की मदद से उन्हें नहर से निकाला गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यहाँ पहुँचने के बाद, मुझे एक दुखद समाचार मिला। ममता बनर्जी जिस स्थान पर रह रही हैं, उसके 5 किलोमीटर के दायरे में एक महिला के साथ बलात्कार किया गया। यदि किसी महिला के साथ उस समय बलात्कार किया जा सकता है जब वह क्षेत्र में मौजूद हों, तो महिलाएँ कैसे सकुशल और सुरक्षित रह सकती हैं?”

पश्चिम बंगाल में मंगलवार (मार्च 30, 3021) को दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार का अंतिम दिन है। राज्य की हॉट सीट बने नंदीग्राम विधानसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम हैं। ममता बनर्जी जहाँ व्हीलचेयर पर बैठकर पदयात्रा पर निकली हैं। वहीं, शाह भी एक रोड शो में हिस्सा ले रहे हैं। नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ हैं। दूसरे चरण के लिए मतदान एक अप्रैल को शाम पाँच बजे खत्म होगा।

‘उसके सामने झुके नहीं, वह कुँवारा है’: कॉन्ग्रेस में रहे पूर्व MP ने कहा- राहुल गाँधी के प्रोग्राम सिर्फ महिला कॉलेज में होते हैं

केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच पूर्व निर्दलीय सांसद जॉयस जॉर्ज ने कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर निशाना साधा है। चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए जॉर्ज ने कहा कि लड़कियों को राहुल गाँधी से बच कर रहना चाहिए, क्योंकि वे अभी अविवाहित हैं।

जॉर्ज ने यह भी कहा कि राहुल गाँधी सिर्फ़ महिलाओं के कॉलेज में ही जाते हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी के प्रोग्राम सिर्फ महिलाओं के कॉलेज में होते हैं। वह वहाँ जाते हैं और लड़कियों को सीधा खड़ा होना और झुकना सिखाते हैं। मेरे प्यारे बच्चों, कृपया उसके सामने झुके या खड़े न हों। वह कुँवारा है।”

दिलचस्प बात ये है राहुल गाँधी को लेकर ऐसा बयान देने वाले जॉयस जॉर्ज इससे पहले साल 2011 में चर्चा में तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने कट्टप्पन जिले में राहुल गाँधी के भाषण का अनुवाद किया था। उस समय वह कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता हुआ करते थे।

बता दें कि राज्य सरकार में मंत्री और सीपीएम नेता एमएम मणि के लिए चुनाव प्रचार करते हुए पूर्व सांसद जॉयस जॉर्ज ने जनसभा में राहुल गाँधी को लेकर ताजा बयान दिया। 50 वर्षीय जॉर्ज जब यह बात कह रहे थे थे तब केरल सरकार में ऊर्जा मंत्री मणि भी मंच पर बैठे हुए थे और हँस रहे थे।

जॉयस के बयान पर नाराजगी जताते हुए कॉन्ग्रेस ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करने की बात कही है। गौरतलब है जॉर्ज जॉयस 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर इडुक्की से लोकसभा चुनाव जीते थे। 2019 के चुनाव में उन्हें कॉन्ग्रेस के डीन कुरीकोस ने हरा दिया था। अब कुरीकोस ने जॉर्ज के इस बयान के खिलाफ शिकायत करने की बात कही है।

जॉर्ज जॉयस का यह बयान राहुल गाँधी के कोच्चि के St Teresas College में अकीदो (Aikido) का पाठ सिखाने वाले वाकये के एक हफ्ते बाद आया है। अकीदो एक तरह का जापानी मार्शल आर्ट है। इसे लेकर राहुल गाँधी  ने St Teresas College में इस बात का प्रदर्शन किया था कि कैसे लड़कियाँ अकीदो सीखकर अपने सम्मान की रक्षा कर सकती हैं। 

इस दौरान वह लड़कियों का पोस्चर (posture) ठीक करते हुए नजर आए थे। उन्होंने ये भी कहा था कि महिलाएँ अपनी ताकत को खुद नहीं पहचानतीं। वो ये नहीं जानती कि उनके भीतर कहाँ से ताकत आती है और वो कैसे काम करती है। और यही महिला सशक्तिकरण का मुख्य बिंदु है।

केरल में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala) ने जॉर्ज की टिप्पणी को महिलाओं और राहुल गाँधी के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा, जॉर्ज के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने महिलाओं और राहुल गाँधी का भी अपमान किया।

88 साल के ‘मेट्रो मैन’ से बदतमीजी, केरल की वामपंथी मंत्री को बताया रॉकस्टार: न्यूज़लॉन्ड्री की ‘निडर पत्रकारिता’ का नमूना

वामपंथी मीडिया जहाँ एक तरफ भाजपा नेताओं से जबरदस्ती असहज करने वाले सवाल पूछता है और जवाब मिलने के बावजूद अपने नैरेटिव के हिसाब से बहस करने लगता है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा विरोधी नेताओं के इंटरव्यू के दौरान उनका जम कर महिमामंडन किया जाता है। न्यूज़लॉन्ड्री ने जहाँ 88 साल के ई श्रीधरन के साथ बदतमीजी की, वहीं केरल की वामपंथी मंत्री केके शैलजा का गुणगान किया।

ये दोनों ही इंटरव्यू न्यूज़लॉन्ड्री की निधि सुरेश ने लिया। उन्होंने शैलजा को ‘केरल की स्वीटहर्ट’ कह कर सम्बोधित किया, जबकि ई श्रीधरन के सामने अन्य नेताओं के बयान रख कर जबरन पूछती रहीं कि वो इससे सहमत हैं, या फिर क्या वो फलाँ चीज का समर्थन करते हैं। ई श्रीधरन के साथ अजोबोग़रीब व्यवहार करके निधि सुरेश ने सोशल मीडिया पर वाहवाही बटोरी और गिरोह विशेष ने ‘निडर पत्रकारिता’ के लिए उनकी प्रशंसा की।

जबकि केरल में भाजपा फ़िलहाल सातवें नंबर की पार्टी है। ऐसे में सत्ता से सवाल पूछने का दमखम रखने वालों ने मात्र 1 सीट वाली पार्टी से सवाल पूछ-पूछ कर वाहवाही बटोरी और सत्ताधारी मंत्री का गुणगान भी किया। जहाँ ई श्रीधरन निधि सुरेश के सामने बैठ कर इंटरव्यू दे रहे थे, केके शैलजा के पति निधि और अपनी पत्नी के बीच में आराम से बैठ गए, जिससे निधि को माइक आगे ले जाकर उनसे सवाल पूछने पड़ रहे थे।

लेकिन, फिर भी गुणगान शैलजा का ही किया गया। निधि ने शैलजा से पूछा कि क्या वो रॉकस्टार की तरह महसूस कर रही हैं? इसके बाद उन्होंने पूछ डाला कि क्या वो थकी हुई हैं? इस सवाल के पीछे का कारण देखिए। निधि ने कहा कि चूँकि शैलजा ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी, स्वास्थ्य मंत्री भी हैं और अब MLA का चुनाव लड़ रही हैं। कौन सा मंत्री विधायक या विधान पार्षद का चुनाव नहीं लड़ता है?

इसके बाद कन्नूर में राजनीतिक हत्याओं को लेकर सवाल पूछे गए, लेकिन सवाल पूरा होने से पहले ही शैलजा ने जवाब दे दिए और निधि उस जवाब से संतुष्ट भी हो गई, कोई ‘क्रॉस क्वेश्चन’ नहीं। सवाल पूछा गया कि क्या वो राजनीतिक हत्याओं को रोकेंगी? कौन सा नेता इसका जवाब ‘ना’ में देगा? जो दल सत्ता में है, उससे तो हिसाब माँगा जाना चाहिए था, आगे का वादा नहीं। इसके बाद निधि ने मत्तनूर में कॉन्ग्रेस के शोएब की मौत को लेकर सवाल पूछा।

निधि सुरेश को कुछ यूँ लेना पड़ा केरल की मंत्री का इंटरव्यू (न्यूजलौंड्री के वीडियो का स्क्रीनशॉट)

केरल में हाल के दिनों में RSS कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर इस इंटरव्यू में कोई सवाल नहीं पूछा गया। फिर कोरोना से जुड़े काम को लेकर मंत्री के बदले पत्रकार ने ही याद दिला दिया कि उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिले हैं। जबकि सच्चाई क्या है? जनसंख्या के मामले में भारत 13वें नंबर पर आने वाले केरल में अब तक 11.19 लाख कोरोना संक्रमित सामने आए हैं, महाराष्ट्र के बाद देश में सबसे ज्यादा।

सक्रिय कोरोना मामलों में भी राज्य 24.21 हजार मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। ऐसा नहीं है कि उसने बाकी राज्यों से ज्यादा टेस्टिंग की है। 8 राज्यों में टेस्टिंग की संख्या केरल से ज्यादा है। इन सबके बावजूद ‘लव जिहाद’ को लेकर ई श्रीधरन से कई सवाल पूछे गए, लेकिन सोना तस्करी से लेकर RSS कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर वामपंथी नेता से कोई सवाल नहीं। क्या यही है न्यूज़लॉन्ड्री की ‘निडर पत्रकारिता’?

‘कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने मेरी बेटी को बंधक बना रखा है’: कर्नाटक सेक्स सीडी मामले में नया मोड़

कर्नाटक में एक सीडी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके आधार पर राज्य के एक पूर्व मंत्री पर सेक्स स्कैंडल का आरोप लगा था। रमेश जरकीहोली के खिलाफ सीडी में दिख रही युवती ने शिकायत भी दर्ज कराई थी और कहा था कि विधायक से उसे जान का खतरा है। लेकिन, अब लड़की के पिता ने कहा है कि उनकी बेटी काफी दबाव में थी और उसके बयान तभी रिकॉर्ड किए जाने चाहिए, जब वो सामान्य हो।

लड़की के भाई ने आरोप लगाया कि उनकी बहन डीके शिवकुमार से रुपए लेने के बाद परिवार से अलग रह रही है और सबसे पहले उसे इस ‘नजरबंदी’ से मुक्त कराया जाना चाहिए। लड़की के भाई ने कहा, “मेरी बहन ने मुझसे मार्च 2, 2021 को बात की थी। उसने कहा था कि वो वही कर रही है, जैसा डीके शिवकुमार उसे निर्देश दे रहे हैं।” कर्नाटक कॉन्ग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं और वो इसके बारे में कुछ जानते भी नहीं।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जाँच चल रही है और इस दौरान कोई भी उनके बारे में कुछ भी कह सकता है, भले ही इस मामले से उनका कोई सम्बन्ध न हो। कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता ने आशंका जताई कि लड़की के परिवार ने दबाव में आकर ये सब कहा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर युवती के परिवार वालों के पास इससे सम्बंधित कोई सबूत हैं तो उन्हें जाँच अधिकारियों को सौंपना करना चाहिए।

बेलगावी में उक्त युवती के पिता ने आरोप लगाया कि डीके शिवकुमार ने उनकी बेटी को कुछ रुपए देकर गोवा भेज दिया है और बंधक होने के कारण वो वही सब बोल रही है, जो उसे बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे एक रिटायर्ड सैनिक हैं और अपनी बेटी को अपने पास रखने में सक्षम हैं, इसलिए नेताओं को उसका इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए। लड़की की माँ ने कहा कि उनकी बेटी ने कुछ महीनों पहले बताया था कि डीके शिवकुमार के किसी करीबी ने उससे जॉब के लिए संपर्क किया है।

युवती के पिता के बयान ने इस पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। सोमवार (मार्च 29, 2021) को पत्रकारों से बात करते हुए लड़की के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को कुछ दिनों के लिए माता-पिता के साथ रहने देना चाहिए और उसके बयान को तभी सही मानना चाहिए, जब उसने कोर्ट में खुद जाकर उसे दर्ज कराया हो।

युवती के पिता ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और अदालत को उनकी अपील को गंभीरता से लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पास 11 गवाह हैं और लड़की के वापस आने के बाद बयान दर्ज होने पर ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि उन्हें वकीलों से भी राय लेनी है। उन्होंने कहा कि दो ऑडियो रिलीज किए गए हैं और उनके पास 9 और हैं।

जूडस ने चाँदी के टुकड़ों के लिए जीसस को धोखा दिया, LDF ने सोने के टुकड़ों के लिए केरल की जनता को: केरल में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के पलक्कड़ में मंगलवार (मार्च 30, 2021) एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। 6 अप्रैल 2021 को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनकी ये केरल में पहली रैली है। उन्होंने कहा कि पलक्कड़ के लोगों का भाजपा के साथ पुराना और करीबी सम्बन्ध रहा है, इसलिए वे यहाँ जनता के आशीर्वाद के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केरल की राजनीति में बदलाव आ रहा है, जिसका कारण है युवाओं, खासकर फर्स्ट टाइम वोटर की आकांक्षाएँ।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य के सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन LDF और कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले UDF पर निशाना साधते हुए कहा कि केरल की जनता दोनों से परेशान है, क्योंकि ये मैच फिक्सिंग खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि केरल में दोनों बारी-बारी से मिल कर जनता को लूटते हैं, लेकिन दिल्ली जाकर एक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे केरल के विकास के विजन को लेकर यहाँ आए हैं। रैली में ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने कहा कि लोग देख रहे हैं कि कैसे UDF और LDF लोगों को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि ये साफ है कि UDF और LDF के दो मकसद हैं- वोट बैंक की राजनीति को आगे बढ़ाना और जेब भरना। इस दौरान पीएम मोदी ने दिलचस्प तरीके से जूडस इस्कैरियट का जिक्र करते हुए कहा कि उसने कुछेक चाँदी के टुकड़ों के लिए जीसस क्राइस्ट को धोखा दिया था, ठीक उसी तरह LDF ने केरल को कुछ सोने के टुकड़ों के लिए दगा दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि न सिर्फ केरल, बल्कि पूरे भारत में यही ट्रेंड चल रहा है कि युवा और प्रोफेशनल्स भाजपा को ही समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने किसानों की बात करते हुए कहा कि MSP बढ़ाने की बातें सभी ने की, लेकिन ये काम राजग सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि दोनों गठबंधनों ने कई विकास कार्यों में बाधा पहुँचाई है। उन्होंने ‘FAST’ विकास के लिए भाजपा को वोट देने की अपील की। ‘FAST’ का अर्थ उन्होंने समझाया:

  • F से Fisheries और Fertilizers (मत्स्य और खाद)
  • A से Agriculture और Ayurveda (कृषि और आयुर्वेद)
  • S से Skill development और Social justice (कौशल विकास और सामाजिक न्याय)
    T से Tourism और Technology (पर्यटन और प्रौद्योगिकी)

प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल के युवा बदलाव चाहते हैं और भाजपा उन्हें ये बदलाव देगी। उन्होंने सुशासन और विकास के लिए वोट की अपील करते हुए कहा कि भाजपा का शासन शांति और समृद्धि की गारंटी देगी। उन्होंने हिंसा की संस्कृति की बात करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याओं पर दुःख जताया और कहा कि पार्टी की सरकार आने पर इस पर रोक लगेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा जायज नहीं है।

नरेंद्र मोदी ने सबरीमाला का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जहाँ LDF को श्रद्धालुओं पर लाठी चलवाने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए, UDF को इस पर चुप्पी साधने के लिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वो एक ऐसी पार्टी से हैं, जो इस भूमि की संस्कृति की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि वामपंथी नेता अब भी ‘जूनियर लेवल गुंडे’ की तरह व्यवहार करते हैं और देश की संस्कृति पर हमला होगा तो भाजपा मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी।

‘उसे सैमुअल पैटी की तरह ही मार डालेंगे’: मोहम्मद पैगंबर का कार्टून दिखाने वाले शिक्षक के पिता ने बताया अपना डर

पेरिस में सैमुअल पैटी की निर्मम हत्या के बाद अब ब्रिटेन के एक स्कूल टीचर को मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा उसी तरह से मारे जाने का डर सता रहा है। इस टीचर ने धार्मिक शिक्षा के क्लास के दौरान ‘शार्ली एब्दो’ में प्रकाशित कार्टून दिखाया था।

ब्रिटेन के बैटले ग्रामर स्कूल में कथित तौर पर एक युवा टीचर द्वारा पैगंबर मोहम्मद के विवादित कैरिकैचर को दिखाने के बाद मुस्लिम समूहों में नाराजगी है। इसे लेकर गुरुवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी हुए। इसके बाद टीचर की पहचान सार्वजनिक किए बिना उन्हें स्कूल से निलंबित कर दिया गया। स्कूल के हेड गैरी किबल ने भी इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगी। किबल ने सबको आश्वासन दिया कि वह इस मामले में आगे पड़ताल करेंगे। 

अब इस मामले में टीचर के पिता बहुत चिंतित हैं। उन्हें डर है कि उनका बेटा अब दोबारा कभी अपने काम पर नहीं लौट पाएगा और यदि कभी लौट भी पाया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। वह कहते हैं, “मेरा बेटा टूटकर रोता और कहता है कि उसके लिए सब खत्म हो गया।”

दरअसल, टीचर को डर है कि कट्टरपंथी उनके परिवार को मार देंगे। उन्हें लग रहा है उन्हें और उनके परिवार को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें पता है कि अब वह चाहकर भी बैटले में न काम कर पाएँगे और न आम जीवन गुजार पाएँगे। अगर वह रुके तो ये उनके लिए बहुत खतरनाक होगा।

वह मेरे बेटे को मार देंगे: टीचर के पिता

टीचर के पिता कहते हैं, “फ्रांस में देखो टीचर के साथ क्या हुआ जिन्हें इसी के लिए मारा गया। वह मेरे बेटे को पकड़कर मार देंगे और उसको भी ये पता है। उसकी पूरी दुनिया खत्म हो गई है। वह बर्बाद हो गया है।”

वह कहते हैं, “जब भी वह (टीचर) बात करना शुरू करता है तो वह टूट जाता है और रोता है। वह भावनात्मक तौर पर बिखर गया है। उसे लगता है सब छूट रहा है और ईमानदारी से उसे इस समय समझाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि जो वो कह रहा है वो सच है।”

पिता इस सारी स्थिति के लिए स्कूल को जिम्मेदार मानते हैं। वह कहते हैं कि स्कूल ने उस तस्वीर को दिखाने के लिए मँजूरी दी थी। पिता के अनुसार, “मेरे बेटे को जान-बूझकर मौत के मुँह में फेंका गया। जो पाठ वह पढ़ा रहा था जिसमें पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर थी, उसे स्कूल ने ही अप्रूव किया था। बाकी टीचर्स भी यही करते। आखिर मेरे बेटे को क्यों पीड़ित बनाया जा रहा है। स्कूल को उसके लिए लड़ना चाहिए और प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर गलती हुई भी है तो उसमें मेरा बेटा दोषी नहीं। ये स्कूल की नीति में था कि उस तस्वीर को दिखाया जाए। ये उसका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था।”

टीचर के पिता के अनुसार, उनके घर के बाहर बेटे की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगे हुए है उसमें कई लोग उसे ढूँढते साफ देखे जा सकते हैं। पुलिस अधिकारी उनके यहाँ आते हैं और उन्हें सुरक्षित रहने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि जब उनका बेटा और स्कूल दोनों माफी माँग चुके हैं तो मामला यहीं खत्म हो जाना चाहिए।

गौरतलब है कि पेरिस में 47 वर्षीय इतिहास के एक टीचर सैमुअल पैटी का स्कूल के बाहर गला रेत दिया गया था। उनकी गलती बस इतनी थी कि क्लास में ‘शार्ली एब्दो’ अख़बार में प्रकाशित पैगम्बर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था। इसी बात पर हत्यारे ने अल्लाह हू अकबर चिल्लाते हुए घटना को अंजाम दिया था।

नंदीग्राम में BJP कार्यकर्ता की पत्नी से रेप, हाथ-पाँव बाँध नहर में फेंका: पार्टी ने कहा- डर पैदा करने को TMC के गुंडों ने दिया अंजाम

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम ब्लॉक नंबर 2 के टेंटुल बारी इलाके में एक भाजपा कार्यकर्ता की पत्नी के साथ बलात्कार के बाद उन्हें नहर में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। घटना सोमवार (मार्च 29, 2021) की है। कथित तौर पर भाजपा नेता कल पूरे दिन शुभेंदु अधिकारी के साथ कार्यक्रमों में व्यस्त थे, तभी उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के पति इलाके में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। सोमवार को जब वह शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रम निपटाकर घर लौटे तो उन्हें अपनी पत्नी आसपास नहीं दिखीं। जब उन्होंने छानबीन की तो घर के पास की नहर में वह बेसुध अवस्था में पड़ी थीं। उनकी साड़ी से उनके हाथ, पाँव, मुँह बँधे हुए थे। बड़ी मुश्किल से आसपास के लोगों की मदद से उन्हें नहर से निकाला गया।

इसके बाद उन्हें रेयापारा ग्रामीण अस्पताल (Reyapara Rural Hospital) में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए तामलुक जिला अस्पताल भेजा गया। अभी उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। भाजपा ने टीएमसी पर अपने कार्यकर्ता की पत्नी के साथ रेप और हत्या करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि ये सब इलाके में डर बनाने के लिहाज से किया गया।

भाजपा राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, “हमारी पार्टी कार्यकर्ता शुभेंदु अधकारी की चुनावी रैली में शामिल हुए थे। जब वह घर लौटे, तो उन्होंने अपनी पत्नी को अचेत अवस्था में पाया। महिला का दुष्कर्म किया गया और उसके गले में एक रस्सी बाँध दी गई। इससे पता चलता है कि टीएमसी ये जानने के बाद कि वो चुनाव नहीं जीत सकते, अब डर और आतंक का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, महिला सुरक्षा राज्य में एक प्रमुख चिंता का विषय बन गई है और जल्द ही शासन (परिवर्तन) में बदलाव होगा।”

अपने बयान में दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के दावों को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल राज्य में बेटियाँ और माताएँ सुरक्षित हैं। घोष ने कहा भाजपा कार्यकर्ता की बुजुर्ग माँ की मौत और नंदीग्राम में बलात्कार की घटना राज्य में बिगड़ती स्थिति के स्पष्ट प्रमाण हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “वह मतदाताओं को गुमराह करने के लिए यह सब कह रही हैं। वास्तविकता बिल्कुल अलग है।”

बता दें कि इससे पहले साल 2020 में  पूर्वी बर्दवान जिले के कलना में 09 अक्टूबर 2020 को BJP बूथ अध्यक्ष ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता बापन घोष पर अपनी पत्नी के साथ बलात्कार करने की कोशिश का आरोप लगाया था।

रिपोर्ट्स में बताया गया था कि टीएमसी कार्यकर्ता बापन घोष उस समय पीड़िता के घर गया था, जब उनके पति घर पर नहीं थे। इसी बात का फायदा उठाते हुए वह उसका यौन उत्पीड़न करने लगा। पीड़िता के चीखने-चिल्लाने पर स्थानीय लोगों ने उनका बचाव किया, साथ ही लोगों ने आरोपित TMC कार्यकर्ता बापन की लगे हाथ पिटाई भी की।

इधर कोरोना की दूसरी लहर का खौफ, उधर 1 साल बाद फिर से खुला निजामुद्दीन का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज

2020 में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का विस्फोट दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से किस तरह से हुआ था, ये लोगों के जेहन में अब भी ताज़ा है। सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर के हजारों लोग मजहबी गतिविधियों में लिप्त थे और मीडिया का एक वर्ग इनके महिमामंडन में लगा था। अब 1 साल बाद मरकज की इमारत फिर से खुली है और वहाँ नमाज जैसे मजहबी कार्यक्रम शुरू हो गए हैं।

पिछले साल यहाँ से जमाती भाग कर देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में छिप गए थे और पुलिस जब उन्हें खोजने जाती थी तो पुलिसकर्मियों व मेडिकल टीम पर हमले किए जाते थे। रविवार (मार्च 28, 2021) को शब-ए-बरात के मौके पर मरकज का दरवाजा खोला गया। हालाँकि, इस बार पुलिस-प्रशासन ज्यादा सतर्क था और बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया था। पहले से अनुमति लिए हुए सिर्फ 50 लोगों को ही भीतर जाने दिया गया।

इन सभी लोगों को स्थानीय थाने से अनुमति लेनी पड़ी थी। 6 मंजिला इमारत में घुसने से पहले सभी के आईडी कार्ड्स चेक किए गए। दिल्ली हाईकोर्ट से केंद्र सरकार ने कहा था कि वक़्फ़ बोर्ड के 50 लोग ही भीतर जाकर नमाज पढ़ सकते हैं। तबलीगी जमात का कहना है कि मरकज का खुलना अच्छा कदम है लेकिन सभी को अंदर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। जमातियों ने कहा कि हम कोरोना दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे, लेकिन अन्य जगहों पर भी ऐसा हो।

जमातियों ने कहा कि उनलोगों को पिछले साल ‘कोरोना मानव बम’ बना दिया गया था, जबकि सच्चाई ये थी कि जिस तरह अन्य जगहों पर लोग फँसे हुए थे उसी तरह वो लोग भी मरकज में फँस गए थे। दिल्ली हाईकोर्टट ने शब-ए-बरात और रमज़ान को देखते हुए इसे खोलने की अनुमति दी है। सभी 50 लोगों के नाम और पता पुलिस थाने में जमा हैं, जहाँ से थाना प्रभारी द्वारा उन्हें अनुमति पत्र जारी किया गया।

वक्फ बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने अदालत में कहा था कि 13 अप्रैल से शुरू होने वाले रमजान के पवित्र महीने से पहले इस मामले में फैसला किया जाए, क्योंकि उस दौरान और ज्यादा लोग मस्जिद में नमाज अदा करना चाहते हैं। अदालत ने मामले को 12 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। मस्जिद बंगले वाली, मदरसा काशिफ-उल-उलूम और छात्रावास सहित मरकज के कई हिस्से हैं। वक़्फ़ का कहना है कि वे सिर्फ मस्जिद को खोलना चाहते हैं, बाकी के बंद रहने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं।

पिछले महीने ही उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए तबलीगी जमात के मरकज़ में शामिल 49 विदेशी नागरिकों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था, जिसके बाद सुनवाई के दौरान यूपी कोर्ट ने इन्हें जेल में बिताई अवधि के कारावास और 1500 रुपए के जुर्माने से दंडित किया था। सुनवाई में अभियुक्तों ने भी स्वीकारा कि कोविड-19 महामारी एक असामान्य परिस्थिति थी। वे सभी विदेशी हैं जो टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। 

गौरतलब है देश में कोरोना की दूसरी लहर को लेकर आशंका जताई जा रही है। महाराष्ट्र, केरल, पंजाब जैसे कुछ राज्यों में हालात ज्यादा खराब हैं। महाराष्ट्र में रविवार को 40,414 नए मामले सामने आने के बाद एक बार फिर लॉकडाउन के आसार ​जताए जा रहे हैं।

सिर कटी लाशों से पटी सड़कें, ISIS के निशाने पर फौजी और ईसाई: ₹4.37 लाख करोड़ के प्राकृतिक गैस वाले इलाके में तबाही

दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका में स्थित मोज़ाम्बिक के उत्तरी हिस्से में पिछले सप्ताह हुए आतंकी हमले के बाद वहाँ के कई कारोबारियों ने क्षेत्र से भागने में ही अपनी भलाई समझी है। ये घटना पाल्मा इलाके में हुई, जहाँ बड़ी संख्या में आतंकियों ने एक छोटे से पोर्ट पर कब्ज़ा कर लिया और आसपास के क्षेत्रों में तबाही मचाई। स्थानीय पुलिस और सेना ने अधिकतर इलाके पर फिर से नियंत्रण कर लिया है। ISIS ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

हमले में 55 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर सुरक्षा बलों के जवान हैं। मुख्यतः ईसाइयों को निशाना बनाया गया। आधिकारिक इमारतों और बैंकों को तबाह कर दिया गया। ISIS ने कहा है कि ये सुरक्षा बल और ईसाई लोग ‘दमनकारी देशों’ से सम्बन्ध रखते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें सिर कटी लाशों से पटी हुई थी, जबकि सरकार आधिकारिक रूप से मौतों का आँकड़ा मात्र 7 दे रही है। पाल्मा प्राकृतिक गैस संपन्न क्षेत्र है।

यही कारण है कि यहाँ कई विदेशी कंपनियाँ कार्य करती हैं। यहाँ के कलबो देलगादो इलाके में 60 बिलियन डॉलर (4.37 लाख करोड़ रुपए) का नेचुरल गैस मौजूद है। कई लोग वहाँ से भागते हुए मारे गए। हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से हजारों लोगों को वहाँ से निकाला गया। हजारों लोगों ने 50 किलोमीटर पैदल भाग कर अपनी जान बचाई। संचार व्यवस्था भी ठप्प है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि 60 लोग अभी लापता हैं। इनमें से अधिकतर विदेशी हैं। कई अब भी आतंकियों के डर से आसपास के जंगलों में छिपे हुए हैं। एक दक्षिण अफ़्रीकी कारोबारी का कहना है कि इतना सब कुछ होने का अर्थ है कि आतंकियों के ख़ुफ़िया सूत्र सरकार से ज्यादा सक्षम हैं। फ्रांस की एनर्जी कंपनी ‘Total’ वहाँ सक्रिय है, इसलिए कई बिलियन डॉलर के प्राकृतिक संसाधन के दोहन के लिए वहाँ कई कंपनियाँ सक्रिय हैं।

आतंकी पहले से ही इलाके में घुस गए थे और छिपे हुए थे। इनमें से कई पुलिस व सेना की वर्दी में थे। इन्होंने काफी योजनाबद्ध तरीके से पुलिस व सेना के कैंपों को निशाना बनाया गया, सरकारी इमारतों पर हमले हुए और दो बैंकों को लूट लिया गया। उस क्षेत्र में चल रहे विद्रोह में अब तक 3 सालों में 2600 लोग मारे गए हैं और 6.7 लाख विस्थापित हुए हैं। इन सबके पीछे ‘Ahlus Sunnah wal Jamaah (ASWJ)’ संस्था का हाथ है, जो ISIS से सम्बद्ध है।

अमरूला नामक होटल में 200 से अधिक मजदूर फँसे हुए थे। इस तरह शहर के कई होटलों में कर्मचारी व मजदूर फँस गए थे। मोर्टार और मशीनगन से उन पर गोले दागे जा रहे थे। नवंबर 2020 में आतंकियों द्वारा मोजाम्बिक में 50 से अधिक लोगों के सर कलम किए जाने की खबर आई थी। 2017 से ही वहाँ इस तरह के हमले जारी हैं। ये मुख्यतः मुस्लिमों की बहुलता वाला प्रान्त है। यहाँ अधिकतर लोग गरीब और बेरोजगार हैं।