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गुरुग्राम में मंगलवार को मीट की दुकानें रहेंगी बंद, बढ़ाई गई 10 गुना जुर्माने की राशि: MCG ने हाउस मीटिंग में लिया बड़ा फैसला

हरियाणा के गुरुग्राम में मंगलवार को सभी मीट की दुकानें बंद रहेंगी। दरअसल, कुछ पार्षदों ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को नगर निगम के अपने हाउस मीटिंग में धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए मुद्दा उठाया और लंबे विचार-विमर्श के बाद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। MCG के अधिकारियों के अनुसार, शहर में 129 लाइसेंस प्राप्त मीट की दुकानें हैं, जिनमें 150 से अधिक अवैध रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा नगर निगम उपचुनाव, 2008 के प्रावधानों के अनुसार, राज्य भर में किसी भी नगर निगम में तत्काल प्रभाव से सप्ताह के एक दिन माँस की दुकानें बंद करने की शक्ति है।

MCG ने मीट शॉप की लाइसेंस फीस 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने और जुर्माना की राशि 500 रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए करने का निर्णय लिया है। वहीं, सदन की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक अब मंगलवार को मीट की दुकानें बंद रहेंगी।

भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है

वहीं MCG के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एमसीजी आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने कहा, “किसी को इस तरह के मुद्दों को नहीं उठाना चाहिए, आप मंगलवार को माँस की दुकानों को बंद करने में विश्वास कर सकते हैं। लेकिन मेरी राय में यह एक व्यक्तिगत पसंद है। मैं माँस खाता हूँ, लेकिन मेरी पत्नी नहीं खाती, मैं उसे मजबूर नहीं करता, और वह मुझे मजबूर नहीं करती, यह पूरी तरह से एक व्यक्तिगत पसंद है। जब घरों में इस मुद्दे पर मतभेद होते हैं, तो सदन को पूरे शहर के संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पहले इसे एक गंभीर विचार देना चाहिए। खाना एक स्वतंत्र विकल्प है।”

वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया गया

दरअसल, सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद भवन (जॉन हॉल) में गुरुवार को नगर निगम के सदन की सामान्य बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया गया और लंबी चर्चा के बाद बजट को मंजूर कर दिया गया। नगर निगम ने नए वित्त वर्ष में 4899 करोड़ रुपए की आय और 2538 करोड़ रुपए के व्यय का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर विकास से संबंधित विभिन्न एजेंडों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान पार्षदों ने अपने अहम सुझाव रखे, जिसे मेयर मधु आजाद व निगमायुक्त विनय प्रताप सिंह ने गौर से सुना।

जिन एजेंडों पर चर्चा की गई उनमें सिकंदरपुर के लोगों को इंदिरा आवास योजना के तहत प्लॉट दिलवाना, सरस्वती विहार व मारुति विहार के खाली क्षेत्र का अधिग्रहण करने, राजेंद्रा पार्क में थाने की स्थापना के लिए बाबूपुर गाँव में जमीन उपलब्ध कराने, व्यापार सदन में विभिन्न साइटों की नीलामी प्रक्रिया, हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) गुरुग्राम को नए प्रशिक्षण भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने समेत अन्य मुद्दे शामिल रहे। इस दौरान पार्षदों के लिए नए मोबाइल फोन की खरीद, मीट लाइसेंस की फीस में बढ़ोतरी व अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों पर कार्रवाई करने पर भी पार्षदों व अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की।

UP में नहीं हुआ कोई दंगा, अपराधियों पर एक्शन बना मॉडल, अब दुनियाभर से निवेशक आना चाहते हैं यहाँ: CM योगी के 4 साल बेमिसाल

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को आज (मार्च 19, 2021) चार साल पूरे हो गए हैं। अगले साल विधानसभा चुनाव होने से पहले इस मौके पर यूपी सरकार ने अपनी उपलब्धियों को गिनाया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यूपी सीएम ने कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं होता है, जो सरकार की उपलब्धि है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से हटकर सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभर रही है। यूपी सीएम ने कहा कि आज ईज़ ऑफ डूइंग की लिस्ट में भी यूपी नंबर दो पर है, हमने काफी लंबी छलाँग लगाई है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले यूपी में केंद्र की योजना को जगह नहीं दी गई थी, अगर केंद्र सरकार की योजनाओं को पुरानी सरकार लागू करती तो बड़ा परिवर्तन हो सकता था। हमारी सरकार ने उन्हें मिशन मोड में लागू किया, प्रधानमंत्री आवास योजना के मोर्चे पर यूपी नंबर वन है।

‘यूपी में नहीं हुआ कोई दंगा, शांति से मन रहा त्योहार’

यूपी सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के लिए लगातार काम किए हैं, किसानों को डेढ़ गुना तक एमएसपी दी गई है। यूपी में अब बिना किसी परेशानी के त्योहार मनाए गए हैं, चार साल में यूपी में कोई दंगा नहीं हुआ है। अपराधियों के खिलाफ यूपी में जो एक्शन लिया गया वह देश में एक मानक बना।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि प्रदेश में अपराध के मामलों में कमी आई है, हमारी अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। यूपी सीएम बोले कि प्रदेश में किसानों के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं, फिर चाहे सिंचित भूमि को बढ़ाना हो या मंडी स्थलों के काम को पूरा करना हो। योगी आदित्यनाथ बोले कि 2017 में हमारी सरकार आई, उससे पहले कुछ गाँव ऐसे थे जहाँ प्रदेश सरकार की कोई योजना का लाभ नहीं मिला था, लेकिन हमारी सरकार ने इन सभी गाँव वालों को सुविधाएँ मुहैया कराईं।

4 साल पूरा होने पर जनता के नाम चिट्ठी

कार्यकाल पूरा होने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई अखबारों में जनता के नाम चिट्ठी लिखा है। मुख्यमंत्री योगी ने चिट्ठी में इन चार सालों में अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया है। योगी ने कहा है कि इन चार वर्षों में उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को अपनाते हुए राज्य के 24 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में लगी रही।

सीएम योगी का कहना है कि उनकी सरकार ने चुनौतियों का सामना करते हुए लोगों के लिए संभावनाओं एवं अवसरों के द्वार खोले। मुख्यमंत्री ने अपने चार साल के शासन पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा है कि उनकी सरकार जनता के हित में अपनी नीतियों को लागू करने में सफल हुई है।

पूर्व पीएम वाजपेयी की कविता का किया जिक्र

एक हिंदी समाचार में अपने छपे लेख में सीएम योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक कविता की पंक्तियों को उद्धृत किया है। ‘पावस बनकर ढलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा’,  पूर्व प्रधानमंत्री की इन पंक्तियों को सीएम योगी ने अपने लिए प्रेरणास्रोत माना है। उनका कहना है कि ये पंक्तियाँ उन्हें साधना करने के लिए प्रेरित करती रही हैं। योगी का कहना है कि पीएम मोदी का सपना भारत की अर्थव्यवस्था को पाँच खरब डॉलर की करना है और इस दिशा में उनकी सरकार ने काम किए हैं। 

अर्थव्यवस्था के लिए उठाए कदम

सीएम ने उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाले अपनी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का जिक्र किया है। आदित्यनाथ ने बताया है कि राज्य में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ की शुरुआत की। सरकार के प्रयासों के चलते राज्य की ‘इज ऑफ डुइंग’ रैंकिंग चार साल में देश में दूसरे स्थान पर पहुँच गई। यह आसान काम नहीं था। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सबसे पहली पसंद के रूप में उभरा है। 

एक्सप्रेसवे देंगे विकास को गति

राज्य में ढांचागत बदलाव एवं बुनियादी संरचना को मजबूत बनाने वाले सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा है कि विकास की गति को तीव्र करने के लिए पाँच एक्सप्रेसवे तैयार हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य में डिफेंस कॉरिडोर रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के कदम को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह याद रखना होगा कि साल 2015-16 में लोगों की प्रतिव्यक्ति आय 47,116 रुपए हुआ करती थी लेकिन अब यह बढ़कर 94,495 हो गई है। राज्य की जीडीपी 2015-16 में 10.90 लाख करोड़ रुपए थी जो आज 21.73 लाख करोड़ रुपए हो गई है। उनकी सरकार में यह बदलाव आया है।

घरों तक साफ जल पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता 

सीएम योगी का कहना है कि प्रत्येक घर को साफ पानी उपलब्ध कराने की दिशा में उनकी सरकार काम कर रही है। बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और 30 हजार राजस्व गाँवों तक पानी पहुँचाने के लिए सरकार एक व्यापक एक्शन प्लान पर काम कर रही है। जेजेएम मिशन के तहत गांवों और शहरों को जोड़ने के लिए आम बजट में राशि का प्रावधान करने के लिए हम प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं। 

चार सालों में ‘नए भारत में नया यूपी का जन्म’  

कोरोना संकट और इससे सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस महामारी से उन्हें कई सीख दी। लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों में पढ़ाई और तैयारी करने वाले छात्रों की अपनी समस्याएं थीं। सरकार ने इनकी सुरक्षित वापसी के प्रबंध किए। राज्य के मेघावी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए सरकार ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ लेकर आई। मुख्यमंत्री का कहना है कि इन चार सालों में ‘नए भारत में नए यूपी का जन्म’ हुआ है। इस बात को उनके विपक्षी भी मानते हैं। उनकी सरकार में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता है। योगी का कहना है कि उनकी सरकार तुष्टिकरण की राह पर नहीं बढ़ी। उनकी नीतियों के केंद्र में किसान, युवा, महिलाएँ और गरीब हैं। 

‘वे उरी और पुलवामा को हल नहीं कर सके, लेकिन 20 जिलेटिन छड़ों के पीछे पड़े हैं’: वाजे पर NIA की कार्रवाई से तिलमिलाए संजय राउत

एंटीलिया बम कांड मामले में मुख्य आरोपितों में से एक सचिन वाजे को ‘बेहद ईमानदार और योग्य अधिकारी’ बता कर क्लीन चिट देने के बाद अब शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि एनआईए केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। शिवसेना नेता ने कहा कि जाँच एजेंसियों को ‘कुछ जिलेटिन की छड़ों’ के बजाय खतरनाक आतंकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

विवादास्पद समाचार एंकर राजदीप सरदेसाई से बात करते हुए, शिवसेना नेता संजय राउत ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को महागठबंधन सरकार और मुंबई पुलिस के बीच चल रहे एंटीलिया बम कांड मामले में बचाव किया। शिवसेना के आतंकवादी मामले के कथित लिंक पर प्रतिक्रिया देते हुए, राउत ने कहा कि वह सचिन वाजे के लिए जवाब नहीं दे सकते, लेकिन केवल जाँच एजेंसियाँ ​​ही ऐसा कर सकती है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) पर आरोप लगाते हुए राउत ने कहा कि सभी जानते हैं कि एनआईए, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई किसके इशारे पर काम कर रहे हैं। एनआईए पर सवाल उठाते हुए राउत ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में एनआईए ने क्या हासिल किया है। एनआईए का काम आतंकवादियों के बीच साँठगाँठ को तोड़ना है। बताइए, उरी आतंकी हमले, पठानकोट आतंकी हमले और पुलवामा हमलों के बाद एनआईए ने क्या किया है? क्या उन्होंने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की है?”

शिवसेना नेता ने दावा किया कि एक गाड़ी में 20 जिलेटिन की छड़ें पाए जाने के बाद पूरा एनआईए, केंद्र सरकार और विपक्षी दल इसके पीछे लगा हुआ है। उन्हें देश भर की अन्य खतरनाक आतंकी गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए। राजदीप सरदेसाई के एक सवाल के जवाब में कि क्या यह मामला महाराष्ट्र सरकार की प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकता है, संजय राउत ने कहा कि विपक्ष इस मामले में ‘राई का पहाड़’ बना रही और इससे सरकार की विश्वसनीयता प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह ‘मुद्दा’ ‘महाराष्ट्र तक सीमित’ था।

निश्चित रूप से, राउत ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के खिलाफ बम के खतरे को यह दावा करते हुए कम करने का प्रयास किया कि यह सिर्फ उनके घर के बाहर पाए गए कुछ जिलेटिन की छड़ें थीं।

गलती हुई है, शिवसेना में शामिल होना कोई अपराध नहीं है: संजय राउत

साक्षात्कार में, संजय राउत ने यह भी स्वीकार किया कि मुंबई पुलिस ने एंटीलिया बम मामले को सँभालने में गंभीर गलती की है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियाँ भविष्य में दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “यह सच है कि ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए था। पुलिस से एक गलती हुई है और यह दोबारा नहीं होगी।”

एंटीलिया बम कांड मामले में शिवसेना नेताओं के शामिल होने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, संजय राउत ने कहा कि कोई भी इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता कि पुलिस निर्वाचित सरकार के तहत काम करती है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन की गलतियों के लिए सरकार जिम्मेदार है और इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रशासन में फेरबदल का आदेश दिया है।

राजदीप सरदेसाई ने शिवसेना और आरोपित सचिन वाजे के बीच संबंधों पर सवाल उठाया, जो 2008 में संजय राउत की पार्टी में शामिल हुए थे। इस पर जवाब देते हुए राउत ने कहा कि शिवसेना में शामिल होना अपराध नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विचारधारा के अधार पर कोई भी पार्टी में शामिल हो सकता है।

राज्यसभा सांसद ने कहा, “एनआईए और एटीएस सचिन वाजे के सभी आरोपों की जाँच कर रहे हैं। आप उचित जाँच के बिना किसी को भी नहीं लटका सकते। अगर कोई गलत काम किया है तो सचिन वाजे को सजा दी जाएगी। क्या शिवसेना का सदस्य होना गुनाह है?”

संजय राउत ने सचिन वाजे का बचाव करते हुए कहा कि वह बहुत ईमानदार हैं

एनआईए ने एंटीलिया-मनसुख मामले में शामिल होने के लिए सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया है। संजय राउत ने विवादास्पद पुलिस अधिकारी का बचाव करते हुए दावा किया था कि सचिन वाजे एक बहुत ही ईमानदार और योग्य अधिकारी हैं। संजय राउत ने कहा था, “मेरा मानना है कि सचिन वाजे एक बहुत ही ईमानदार और सक्षम अधिकारी हैं। उसे जिलेटिन की छड़ें पाए जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। एक संदिग्ध मौत भी हुई। मामले की जाँच करना मुंबई पुलिस की जिम्मेदारी है। किसी केंद्रीय टीम की जरूरत नहीं थी।”

दिलचस्प बात यह है कि यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वाजे ने कबूल कर लिया कि वो मुकेश अंबानी को दी गई बम वाली धमकी षड्यंत्र का हिस्सा थे। वो इस पूरे षड्यंत्र का एक बहुत छोटा सा हिस्सा थे और बड़े खिलाड़ी शिवसेना के वो नेता हैं, जिनका उन्होंने नाम लिया है। सचिन वाजे ने पूछताछ में कहा कि वो तो सिर्फ इस पूरे प्रकरण का छोटा सा ऊपरी हिस्सा हैं।

अजान की शोर से परेशान VC की शिकायत पर यूपी में सख्त एक्शन, रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक

मस्जिद में लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर प्रयागराज की वीसी की चिट्ठी पर जिले के आईजी ने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने रात के 10 बजे से सुबह के 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक लगाए जाने के आदेश दिए हैं। आईजी का कहना है कि पॉल्युशन एक्ट के तहत रात 10 बजे से सुबह के 6 बजे कर लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह से बैन है। 

इसी एक्ट का पालन कराने के लिए आईजी केपी सिंह ने रेंज के डीएम और एसएसपी को एक चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और पॉल्युशन एक्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह से लाउडस्पीकर बजाने या अन्य किसी पब्लिक अड्रेस सिस्टम के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी

आईजी केपी सिंह ने वीसी संगीता श्रीवास्तव की चिट्ठी की कॉपी कमिश्नर, आईजी और डीआईजी को भी सर्कुलेट की थी। जब ये मामला काफी बढ़ गया तो मस्जिद प्रबंधन कमेटी ने चार से हटा कर दो लाउडस्पीकर कर दिए साथ ही उसकी आवाज भी पहले से कम कर दिया। यही नहीं लाउडस्पीकर की दिशा भी बदल दी गई थी।

नींद टूटने से परेशान वीसी ने लिखी थी चिट्ठी

गौरतलब है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने सुबह तड़के मस्जिद में होने वाली लाउडस्पीकर की शोर से नींद खराब होने को लेकर डीएम को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि अलसुबह मस्जिद में रोज सुबह साढ़े पाँच बजे लाउडस्पीकर पर अजान होती है। इससे उनकी नींद खराब हो जाती है। उसके बाद वो तमाम कोशिशों के बाद भी नहीं सो पातीं। इस वजह से उनके सिर में दिन भर दर्द रहता है और कामकाज भी प्रभावित होता है।

वाइस चांसलर ने चिट्ठी में एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि ‘आपकी स्वतंत्रता वहीं खत्म हो जाती है जहाँ से मेरी नाक शुरू होती है’। उन्होंने साथ ही ये भी साफ किया कि वे किसी संप्रदाय, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने चिट्ठी में आगे कहा कि अजान बिना लाउडस्पीकर के की जा सकती है, ताकि दूसरों की दिनचर्या प्रभावित न हो. चिट्ठी में कहा गया था कि रमजान का महीना भी आने वाला है, आगे तो सहरी की घोषणा भी सुबह 4 बजे होगी। ये उनके और दूसरों के लिए परेशानी की वजह बनेगा।

विधायक असलम चौधरी की धमकी पर डासना मंदिर को मिला VHP का साथ, कहा- ‘हिंदू समाज भी ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है’

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित मुस्लिम बहुल क्षेत्र डासना के शिव-शक्ति मंदिर में आसिफ नाम के एक किशोर की पिटाई के बाद मंदिरों को बदनाम करने का सिलसिला चल पड़ा है। इस बीच महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती को विश्व हिंदू परिषद (VHP) का साथ मिला है। 

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ट्विटर पर एक प्रेस रिलीज जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बजरंग दल के प्रांत संयोजक विजय त्यागी ने गाजियाबाद के डासना मंदिर में 19 मार्च को विधायक असलम चौधरी द्वारा प्रवेश किए जाने पर कहा कि यदि असलम चौधरी हिंदुओं के देवी-देवताओं के प्रति अपनी श्रद्धा व पूर्व में किए गए कृत्यों के पश्चाताप के लिए मंदिर आना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है। किंतु यदि असलम जेहादी मानसिकता को लेकर मंदिर में प्रवेश करना चाहते हैं तो प्रांत संयोजक ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि बाबर की औलादों हिंदू समाज ने भी अपने हाथों में चूड़ियाँ नहीं पहन रखी है। हिंदू समाज भी ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है।

विकास त्यागी ने कहा कि हमारे मठ, मंदिरों, साधु संतों व हमारी हिंदू संस्कृति के ऊपर यदि किसी ने हमला करने का तथा ऊँगली उठाने का प्रयास किया तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे। विकास त्यागी ने सरकार से माँग करते हुए कहा कि एमएलए असलम चौधरी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और ऐसी मानसिकता रखने वाले सभी जिहादियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। 

इस प्रेस रिलीज की फोटो शेयर करते हुए विनोद बंसल ने लिखा, “हमें पता है कि आपकी संस्कृति अल्पसंख्यकों को टिकने नहीं देती फिर हिन्दू तो आपके क्षेत्र में नगण्य ही शेष हैं। किन्तु जिहादियों के पैरोकारी करते करते यह मत भूल जाना कि ये हिंदुस्तान है, तुर्की, सीरिया, पाकिस्तान या अफ़ग़ानिस्तान नहीं।”

उन्होंने आगे चेतवानी देते हुए कहा, “भले ही आप लोग 90% से ऊपर होंगे किन्तु विधायक असलम चौधरी जी डासना के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती जी के पवित्र स्थल पर कोई दुस्साहस मत कर बैठना। जनता ने आपको विकास व सुरक्षा के लिए चुना है, धौंस, धमकी या दंगे के लिए नहीं।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से 19 मार्च को डासना चलने की अपील की।

बता दें कि सोमवार (मार्च 15, 2021) को धौलाना के बसपा विधायक असलम चौधरी आसिफ के घर पहुँचे और उसका हाल चाल लिया। इस दौरान असलम ने कहा कि कोई भी धार्मिक स्थल हो, उन पर सभी का अधिकार होता है। देवी मंदिर भी उनके वंशजों की विरासत है। माफिया व अपराधिक प्रवृत्ति के लोग अमन बिगाड़ना चाहते हैं। जिला प्रशासन से ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

असलम ने कहा था, “डासना मंदिर हमारे पूर्वजों का मंदिर है। यह मंदिर हमारे पूर्वजों ने बनाया है। यहाँ पर कुछ गुंडे प्रवृत्ति के लोग आ गए। कुछ लोगों ने बाहर से आकर मंदिर पर कब्जा करना चाहा और तरह-तरह की एक्टीविटी करके यहाँ के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की। मगर यहाँ के हिंदू-मुसलमान के बीच इतनी एकता है कि उन्होंने इसे बिगड़ने नहीं दिया। हम इन गुर्गों को बताना चाहेंगे कि मंदिर हमारी विरासत है। हम पानी पीने भी जाएँगे, अपनी मंदिर की देख-रेख करने भी जाएँगे। मैं मंदिर में जाऊँगा। मैं देखता हूँ कि कौन रोकता है।”

गौरतलब है कि श्रृंगी यादव ने आरोप लगाया है कि आसिफ शिवलिंग पर पेशाब कर रहा था। ‘सुदर्शन न्यूज़’ से बात करते हुए श्रृंगी यादव ने बताया कि वो लड़का झूठ बोल रहा है कि वो पानी पीने के लिए मंदिर के भीतर घुसा था। उन्होंने कहा कि मंदिर में कई शिवलिंग मौजूद हैं। आसिफ को पीटने के मामले में गिरफ़्तारी के बाद जमानत पर बाहर आए श्रृंगी यादव ने बताया कि उसने उस लड़के को शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल में पेशाब करते हुए देखा था। साथ ही इस तथ्य को दोहराया कि अगर उसे पानी पीना होता तो वो मंदिर के बाहर कई चापाकल और नल हैं, उनमें से पी लेता।

इससे पहले मंदिर के पुजारी ने कहा था कि मुस्लिम बच्चे को गलत तरीके से पीड़ित के तौर पर दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि आसिफ मंदिर में पानी पीने नहीं आया था। ये लोग मंदिर में आकर हिंदू लड़कियों से छेड़खानी करते हैं और मूल्यवान चीजें चोरी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ देखने में बच्चा लगता है, लेकिन उसके अंदर जो पलता है, उसके दिमाग में जो भरा जाता है, वह बच्चों का खेल नहीं है।

मनसुख हिरेन को SUV में खुद ड्राइव कर ले गए सचिन वाजे, ऑटोप्सी की नहीं हुई वीडियो रिकॉर्डिंग : स्पाई कैमरे से हुआ खुलासा

मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियो मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मामले में निलंबित मुंबई पुलिस एपीआई सचिन वाजे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह ड्राइव करते हुए मनसुख हिरेन को क्राइम ब्रांच ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो 26 फरवरी का बताया जा रहा है। वीडियो में क्राइम ब्रांच के बाहर का फुटेज है, जिसमें वाजे और मनसुख हिरेन को उनके लैंड क्रूजर प्राडो में यूनिट में आते हुए देखा जा सकता है। बता दें कि यह वाहन एनआईए द्वारा जब्त कर लिया गया है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी एनआईए ने गुरुवार (मार्च 18, 2021) को दो और लग्जरी कार जब्त कीं, जिन्हें मुंबई के निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे कथित तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि एक टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो कार ठाणे के साकेत क्षेत्र में वाजे के आवास के बाहर खड़ी मिली।

इसके अलावा एक मर्सिडीज कार भी जब्त की गई। केंद्रीय एजेंसी ने मर्सिडीज कार से 5 लाख रुपए की नकद राशि, कुछ कपड़े और एक कैश काउंटिंग की मशीन बरामद किया था, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसका इस्तेमाल सचिन वाजे द्वारा किया जा रहा था। साथ ही वो नंबर प्लेट भी मिली है, जो एंटीलिया के बाहर खड़ी स्कॉर्पियों पर थी। सूत्रों ने कहा है कि एनआईए दो और कारों की तलाश में है जो कथित तौर पर सचिन वाजे के कब्जे में थी। मामले में अब तक जब्त किए गए वाहनों की संख्या पाँच हो गई है जिनमें दो मर्सिडीज, एक स्कॉर्पियो, एक टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो और एक इनोवा कार शामिल है। वाहनों को कुंबाला हिल स्थित एनआईए कार्यालय लाया गया। 

इसके साथ ही टाइम्स नॉउ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ऑटोप्सी अटेंडेंट ने मीडिया चैनल के स्पाई कैमरा पर ये स्वीकार किया कि हिरेन मनसुख की ऑटोप्सी की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की गई है। बता दें कि मनसुख हिरेन की हत्या अब एक हाई प्रोफाइल केस बन चुका है और ऐसे में ऑटोप्सी की वीडियो रिकॉर्डिंग न होना कई बड़े सवाल खड़े करते हैं।

पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा ये भी हुआ था कि एंटीलिया बम मामले में सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है। इसमें सचिन वाजे एक पीपीई किट या लूज फिटिंग कुर्ता जैसी चीज पहने नजर आ रहे हैं, जिसे कथित तौर पर बाद में जला दिया गया था।

बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मनसुख हिरेन की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि हिरेन को मारने के बाद शव को खाड़ी में फेंका गया। लो टाइड की वजह से शव बहा नहीं, अगर शव हाई टाइड में चला जाता तो मिलता ही नहीं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिरेन के फेफड़ों में पानी नहीं है। अगर हिरेन की मौत पानी में डूबने से हुई होती तो फेफड़ों में पानी दिखता। इससे साफ है कि हिरेन की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनसुख हिरेन का गला घोटने की जानकारी सामने आई है। 

UP में भारी बहुमत से लौटेगी BJP: योगी सरकार के चार साल पूरे, सर्वे ने बताया वोटरों का मिजाज

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर आए एक सर्वे के मुताबिक राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में योगी सरकार बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटने में कामयाब रहेगी।

एबीपी-सी वोटर के इस सर्वे से यह बात भी सामने आई है कि प्रियंका गाँधी भी यूपी में कॉन्ग्रेस को संजीवनी देने में नाकाम रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सपा और मायावती की बसपा भी मुकाबले में नहीं दिख रही है।  

इस सर्वे में भाजपा को 41 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। सपा को 24 फीसदी और बसपा को 21 फीसदी वोट मिल सकते हैं। कॉन्ग्रेस को 6 फीसदी और अन्य को 8 फीसदी वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है।

सर्वे के मुताबिक बीजेपी के हिस्से 284-294, एसपी को 54-64, बीएसपी को 33-43 सीटें मिल सकती हैं। कॉन्ग्रेस के खाते में 1-7 सीटें आने का अनुमान है और अन्य को 10 से 16 सीटें मिल सकती हैं। गौरतलब है कि ​उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं। एबीपी न्यूज के मुताबिक सर्वे के दौरान अलग-अलग विधानसभा सीटों पर 15 हजार 747 लोगों से बात की गई।

इसी सर्वे के मुताबिक यदि उत्तराखंड में अभी चुनाव हुए तो बीजेपी को नुकसान हो सकता है। 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के लिए भी अगले साल चुनाव होंगे। सर्वे के अनुसार चुनाव होने पर बीजेपी को 24-30 और कॉन्ग्रेस को 32 से 38 सीटें मिल सकती हैं। शेष सीटें बसपा, आप और अन्य को मिलने का अनुमान लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि इस राज्य में बीजेपी ने हाल ही में त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया है।

वहीं पश्चिम बंगाल को लेकर इस सर्वे में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को बढ़त दिखाई गई है। 294 सदस्यीय विधानसभा में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को 154 से 162 मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं बीजेपी 98 से 106 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। सर्वे बताता है कि टीएमसी को बंगाल में 43 फीसदी वोट मिलेंगे। बीजेपी 37.5 फीसदी वोट पाएगी और लेफ्ट-कॉन्ग्रेस का गठबंधन को 12 फीसदी वोट मिलेंगे।

राज्य में आठ चरणों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रचार जोरों पर है। पहले चरण की सीटों पर 27 मार्च को वोट पड़ेंगे। गुरुवार को पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि लोकसभा चुनावों में हाफ हुई टीएमसी, इन चुनावों में साफ हो जाएगी

सऊदी अरब में हिंदू को दफनाया, इंडियन काउंसलेट को बताया तक नहीं: अस्थियों के लिए हाई कोर्ट में विधवा ने लगाई है गुहार

इस साल 24 जनवरी को सऊदी अरब में प्रवासी भारतीय संजीव कुमार का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। उन्हें दफना दिया गया। अस्थियाँ वापस लाने के लिए उनकी पत्नी अंजू शर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है।

शुरुआत में मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि अनुवादक की चूक की वजह से ऐसा हुआ था। लेकिन अब पता चला है कि भारतीय काउंसलेट से न तो इस बारे में पूछा गया था और न ही कोई जानकारी दी गई थी।

हाई कोर्ट में गुरुवार को इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने केस की सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय के अधिकारी से कहा कि आज ही दिल्ली में सउदी अरब दूतावास में संपर्क करके मृतक की अस्थियाँ लाने के लिए कार्य शुरू करें और 24 मार्च तक इस संबंध में हुई कार्रवाई पर कोर्ट को बताएँ। अदालत ने विदेश मंत्रालय से कहा कि वह मामले की संवेदनशीलता को समझकर इस पर एक्शन ले।

बता दें कि पिछली सुनवाई पर हाई कोर्ट ने इस मामले में विदेश मंत्रालय से जवाब माँगा था। विदेश मंत्रालय की तरफ से काउंसलर पासपोर्ट वीजा डिविजन (सीपीडी) के निदेशक ने हाई कोर्ट को बताया कि इस संबंध में सऊदी में भारतीय दूतावास और सऊदी सरकार के संबंधित विभाग से पत्राचार किया गया है। मृतक का शव गैर मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया गया था।

उन्होंने बताया कि भारतीय काउंसलेट से मृतक संजीव कुमार को दफन करने से पहले न तो पूछा गया था और न ही इस बारे में सूचित किया गया था। यह नियमित प्रोटोकॉल के खिलाफ है। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास द्वारा संजीव कुमार की मौत के बाद उनको लेकर कोई अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया था।

उनके अनुसार, मृतक के मृत्यु प्रमाण-पत्र में धर्म का उल्लेख नहीं था। उन्हें सिर्फ़ भारतीय के रूप में पहचाना गया और एक गैर मुस्लिम कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया। निदेशक ने कहा कि कुमार को यदि गैर मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया गया मतलब उन्हें पता होगा कि वह मुस्लिम नहीं थे।

बता दें कि पहले मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा था कि अनुवादक की गलती से ये सारी चीजें हुईं। लेकिन अब कोर्ट में इंडियन कांउसलेट का कहना है कि आधिकारिक अनुवादक द्वारा संजीव कुमार के मृत्यु प्रमाण-पत्र का अनुवाद नहीं किया गया था।

उन्होंने बताया कि 25 फरवरी को उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली थी। लेकिन उन्होंने कोई अनापत्ति पत्र जारी नहीं किया। बाद में जब पता चला तो उन्होंने तुरंत सऊदी अरब के क्षेत्र के साथ मिलकर बात की। इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठकें भी बुलाई गई थी।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में हिंदू के अंतिम संस्कार का यह मामला कुछ दिन पहले चर्चा में आया था जब हिमाचल प्रदेश के ऊना की रहने वाली अंजू शर्मा ने अधिवक्ता सौरभ चंद के माध्यम से याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में अंजू ने उनके पति के शव की अस्थियों को भारत लाने के संबंध में निर्देश देने की माँग की थी। अंजू की 3 बेटियाँ हैं। उनके पति संजीव बीते 23 साल से सउदी अरब में ट्रक चालक का काम करते थे। तीन साल से वह भारत नहीं आ सके थे।

सचिन वाजे से जुड़े दो और लक्ज़री SUV को NIA ने किया जब्त, एक शिवसेना नेता का: एंटीलिया-मनसुख केस में आया नया मोड़

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एंटीलिया के सामने विस्फोटक से लदी कार खड़ी करने के मामले में दो और लक्जरी कारों को जब्त कर लिया, जिन पर एपीआई सचिन वाजे से जुड़े होने का संदेह है। इससे अब मामले में जब्त वाहनों की संख्या 5 हो गई है, और रिपोर्ट के अनुसार ऐसा कहा जा रहा है कि एनआईए दो और लग्जरी कारों की तलाश में है।

आज एनआईए इसी मामले मुंबई के अपने कार्यालय में दो और लक्जरी एसयूवी लेकर आई। कारों में से एक काले रंग की लक्जरी एसयूवी, एक मर्सिडीज बेंज एमएल 250 सीडीआई है। उसके बाद, एजेंसी दूसरी एसयूवी, एक सफेद टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो जीआरजे 120 आर लेकर आई।

मर्सिडीज बेंज एमएल 250 सीडीआई

पंजीकरण संख्या MH43AR8697 के साथ मर्सिडीज कार नवी मुंबई में वाशी आरटीओ में नर्मदा ऑफशोर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत है, जबकि पंजीकरण संख्या MH02CC101 के साथ प्राडो मुंबई के बोरीवली में पंजीकृत है, और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इसके मालिक विजयकुमार गणपत भोसले हैं। हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये कारें किस तरह से उनसे संबंधित हैं। क्या सचिन वाजे का कारों के मालिकों के साथ कोई संबंध है या दूसरा कोई मामला है।

सफेद टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो जीआरजे 120

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विजयकुमार गणपत भोंसले शिवसेना नेता हैं और उन्होंने 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के अपने हलफनामे में, टोयोटा प्राडो एसयूवी को इसी नंबर के साथ सूचीबद्ध किया था कि उनके पास यह मोटर वाहन हैं। उन्होंने उस समय वाहन की मौजूदा कीमत 38 लाख रुपए बताई थी।

2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भोसले का हलफनामा

गौरतलब है कि एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो का नंबर प्लेट एक ऐसी ब्लैक मर्सिडीज से मिला है, जिसे मंगलवार (मार्च 16, 2021) को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की टीम ने मुंबई क्राइम ब्रांच के ऑफिस के नजदीक क्रॉफर्ड बाजार क्षेत्र से बरामद किया। कथित तौर पर कार से कई और चीजें भी मिली है।

इंडिया टुडे के अनुसार, NIA के आईजी अनिल शुक्ला ने बताया है कि ये बरामद की गई मर्सिडीज सचिन वाजे इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें से 5 लाख के करीब कैश निकला है। इसके अलावा कुछ कपड़े, पेट्रोल, डीजल और काउंटिंग मशीन भी मिली है। साथ ही वो नंबर प्लेट भी मिली है, जो एंटीलिया के बाहर खड़ी स्कॉर्पियों पर थी।

पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा ये भी हुआ है कि एंटीलिया बम मामले में सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है। इसमें सचिन एक पीपीई किट या लूज फिटिंग कुर्ता जैसी चीज पहने नजर आ रहे हैं, जिसे कथित तौर पर बाद में जला दिया गया था।

बता दें कि कल महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मनसुख हिरेन की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि हिरेन को मारने के बाद शव को खाड़ी में फेंका गया। लो टाइड की वजह से शव बहा नहीं, अगर शव हाई टाइड में चला जाता तो मिलता ही नहीं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हिरेन के फेफड़ों में पानी नहीं है। अगर हिरेन की मौत पानी में डूबने से हुई होती तो फेफड़ों में पानी दिखता। इससे साफ है कि हिरेन की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनसुख हिरेन का गला घोटने की जानकारी सामने आई है। 

शिवसेना के नेताओं के साथ नजर आता था वाजे

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सचिन वाजे मनसुख हिरेन को जानते थे। उन्होंने कहा कि वाजे मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और शिवसेना के मंत्रियों के साथ नजर आते थे। उन्होंने दावा किया कि वाजे को वसूली के लिए लाया गया था और साजिश के तहत वाजे ने ही मनसुख से पूछताछ की थी। उन्होंने माँग की कि इस मामले की जाँच एटीएस को नहीं करनी चाहिए बल्कि एनआईए के हाथ में दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमबीर सिंह और सचिन वाजे बहुत छोटे लोग हैं। इसकी जाँच होनी चाहिए कि इनके पीछे कौन लोग हैं।

वाजे और परमबीर छोटे लोग, इनके पीछे कौन…

फडणवीस ने कहा कि ये पूरा मामला अकेले सचिन वाजे के बस की बात नहीं थी। सचिन वाजे और परमबीर सिंह जैसे लोग बहुत छोटे हैं। उन्होंने कहा कि इनके पीछे कौन लोग हैं कौन इन्हें नियंत्रित कर रहे हैं, इसकी जाँच होनी चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि शिवसेना ने सचिन वाजे के लिए दबाव बनाया। मनसुख हिरेन की वाजे से लगातार बातचीत हुई थी। सचिन वाजे वसूली के लिए बदनाम था। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री सचिन वाजे का बचाव क्यों कर रहे हैं। मुंबई में अपराध का राजनीतिकरण हुआ। 

श्रीलंका में जहाँ बंदी बनाकर रखीं गई थी माता सीता, वहाँ का पत्थर भी अयोध्या के राम मंदिर में लगेगा

अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर में सीता एलिया के एक पत्थर का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सीता एलिया श्रीलंका में है। मान्यता है कि माता सीता को रावण ने यहीं बंदी बनाकर रखा था।

इस पत्थर को श्रीलंका के हाई कमिश्नर मिलिंडा मोरागोड़ा द्वारा भारत लाए जाने की उम्मीद है। बता दें कि माता सीता को सीता एलिया की एक वाटिका में रखा गया था, जिसे अशोक वाटिका कहते हैं।

जानकारी के मुताबिक वेरांगटोक से सीता माता को जहाँ ले जाया गया था, उस स्थान का नाम गुरुलपोटा है। इसे अब ‘सीतोकोटुवा’ नाम से जाना जाता है। यह स्थान भी महियांगना के पास है। कहते हैं कि एलिया पर्वतीय क्षेत्र की एक गुफा में सीता माता को रखा गया था, इसलिए इसे ‘सीता एलिया’ नाम से जाना जाता है। यहाँ सीता माता के नाम पर एक मंदिर भी है। यह मंदिर सीता अम्मन कोविले नाम से प्रसिद्ध है।

इस स्थान की इतनी मान्यता होने के कारण लोग वहाँ से आने वाले पत्थर की खबर जानकर खुश हैं। विक्रांत नाम के सोशल मीडिया यूजर ने कहा है कि राम मंदिर सिर्फ मंदिर नहीं है। यह एक सभ्यता से जुड़ाव है।

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर की बुनियाद की खुदाई का काम खत्म हो गया है। वहाँ पूजा-पाठ के बाद अब नींव भराई का काम चल रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले की रामसेतु पर पूजा की तस्वीरें सामने आई थी। महाशिवरात्रि पर हुई पूजा के बाद भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर बताया था कि उच्चायुक्त गोपाल बागले ने रामसेतु पर प्रार्थना की, जो भारत और श्रीलंका को सदियों से जोड़े हुए है। उन्होंने भारत और श्रीलंका के लोगों के बीच मजबूत संबंधों की बहाली को लेकर प्रार्थना की।