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पिंकी को अफसर अली ने घर बुलाया, परिजनों संग मिल गला दबाया, पेड़ से लटका दिया: गोपालगंज में प्यार के बदले मर्डर

बिहार के गोपालगंज जिले का सहदुल्लेपुर मठिया गाँव। 14 फरवरी 2021 को गाँव के बगीचे में पिंकी कुमारी नाम की युवती पेड़ से लटकी मिली। जो बैग लेकर पिंकी घर से निकली थी, वह तो पुलिस को मौके पर ही मिल गई, लेकिन उसका मोबाइल गायब था। पिंकी का मोबाइल बरामद करते हुए पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी हत्या की गई थी।

हत्या के आरोप में उसी अफसर अली को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पिंकी प्यार करती थी। अफसर अली ने उसे अपने घर बुलाया और फिर परिजनों संग मिलकर गला दबा दिया। हत्या के बाद उन्हीं लोगों ने उसका शव पेड़ से लटका दिया था। पिंकी का मोबाइल भी अफसर अली के ही घर से बरामद किया गया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए सदर थाने के एसएचओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पिंकी का खोया हुआ फोन उन्हें कुछ दिन पहले उसके प्रेमी (अफसर अली) के घर से मिला, जो बिलकुल टूटी हालत में था।

इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पिंकी की हत्या गला घोंट कर किए जाने की पुष्टि हुई है। एसएचओ ने बताया कि जाँच जारी है। मुख्य आरोपित अपना गुनाह कबूल चुका है। मामले में अब तक 4 गिरफ्तारी हुई है। एक की तलाश अब भी जारी है।

बता दें कि पिंकी के माता-पिता बरौली थाना क्षेत्र के बतरदेह गाँव में रहते हैं। लेकिन वह बचपन से ही सहदुल्लेपुर मठिया स्थित अपने मामा प्रमोद यादव के घर पर रही थी। 

13 फरवरी की शाम वह मामा से सामान खरीदने के लिए बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी, तो परिवार के लोगों ने उसे ढूँढना शुरू किया। अगली सुबह वह पेड़ से लटकी मिली। मामले की सूचना पुलिस के पास पहुँचने पर अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच शुरू की। 

टेक्निकल सेल की मदद से जब पड़ताल हुई तो पता चला पिंकी जिससे प्रेम करती थी उसका नाम अफसर अली है। उसने पिंकी को अपने घर बुलाया था।

25 फरवरी को दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के बाद अफसर अली, उसके पिता नासिर आलम, माँ सोनिया खातून और वार्ड सदस्य नैमुल हक को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिंकी को घर बुलाने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को गाँव के समीप बगीचे में ले जाकर एक पेड़ से लटका दिया था।

फोन कॉल, ISIS कनेक्शन और परफ्यूम की बोतल में थर्मामीटर का पारा: तिहाड़ में हिंदू आरोपितों को मारने की साजिश

जनवरी 2021 का पहला हफ्ता। तिहाड़ जेल से किए गए एक कॉल ने दिल्ली पुलिस के कान खड़का दिए। कॉल पर जो डिमांड की गई थी, वह जेल में बंद एक कैदी की ओर से अपने परिचित या परिजनों से किया जाने वाला सामान्य डिमांड नहीं था। जेल में बंद कैदी ने मर्करी (पारा) की डिमांड की थी।

टाइम्स आफ इंडिया ने तिहाड़ में हिंदू आरोपितों की हत्या से जुड़ी साजिश को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित कर यह जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए शाहिद और उसके साथी असलम को गिरफ्तार किया था। शाहिद के निशाने पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों में गिरफ्तार हुए दो हिंदू आरोपित थे। इनको मारने के लिए शाहिद ने असलम से मर्करी की डिमांड की थी।

शक गहराने पर पुलिस ने असलम पर नजर रखनी शुरू की। पाया कि वह काफी थर्मामीटर खरीद रहा है और उसे तोड़कर मर्करी परफ्यूम की छोटी बोतल में इकट्ठा कर रहा है। पुलिस ने उसके हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि शाहिद दो लोगों की हत्या करना चाहता है। लेकिन, ये लोग कौन हैं यह उसे पता नहीं।

इसके बाद स्पेशल सेल ने शाहिद को रिमांड पर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसके सम्पर्क में अजीमुशान और अब्दुस शमी नाम के दो ISIS ऑपरेटिव्स थे। उन्होंने ही उसे जेल में बंद उन दो लोगों को मारने का काम दिया था, जिन पर कथित तौर पर मस्जिद को नुकसान पहुँचाने व समुदाय विशेष के लोगों को मारने का आरोप था।

शाहिद ने बताया कि उसे जो बातें बताई गईं उनसे वह काफी प्रभावित हुआ। उसे इस्लामिक स्टेट की विचारधारा पसंद आई। वह फौरन काम करने को तैयार हो गया। उनकी योजना थी कि जब कैदी इकट्ठा होंगे तो उसको मर्करी दिया जाएगा। उसने बताया कि उन तीनों की मुलाकात जेल नंबर 3 में हुई थी। वहीं प्लान भी बना। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अजीमुशान का आईएस मॉड्यूल का एक साथी यूनानी डॉक्टर था, उसी ने बताया था कि मर्करी कितना खतरनाक होता है।

बता दें कि अभी इस केस में पुलिस ने आईएस के दोनों ऑपरेटिव्स को नहीं पकड़ा है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पुलिस ने बताया कि पड़ताल चल रही है। वह जाँच पूरी होने के बाद जानकारी साझा करेंगे।

आईएस ऑपरेटिव्स के बारे में पता चला है कि शमी उन 15 लोगों में से एक है जिसे आईएस केस की जाँच में दोषी पाया गया था। अजीमुशान भी एक आतंकी मामले में गिरफ्तार हुआ था। दोनों अमरोहा से हैं। 2013 और 2015 में आईएस आतंकियों ने  शमी और अजीमुशान को अपने साथ जोड़ा था। इन्हें हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम और जुनूद-उल-खिलाफा-फिल-हिंद का नाम दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि तिहाड़ जेल में बंद शाहिद ने पर आरोप है कि साल 2015 में दिल्ली के ख्याला में महिला से बलात्कार किया था। उसके बाद महिला और उसके 2 बच्चों की हत्या कर दी थी। 

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 23 से 25 फरवरी के दौरान हिंदू विरोधी दंगों में करीब 53 लोग मारे गए थे। 200 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। मारे गए लोगों में 15 साल के लड़के से लेकर आईबी के कॉन्स्टेबल तक थे। कुछ ने अपनी आँखों के सामने जीवन भर की कमाई को स्वाहा होते देखा। दंगाइयों ने न हिंदुओं की संपत्ति को छोड़ा था न उनके धार्मिक स्थलों को।

दंगों की अब तक की जॉंच से यह बात सामने आई है कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा को अंजाम देने की पूरी प्लानिंग की गई थी। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान दंगों को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी। ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी सहित 18 के खिलाफ दंगों के सिलसिले में पिछले दिनों ही दिल्ली की एक अदालत ने यूएपीए के तहत आरोपों का संज्ञान लिया था।

केरल गोल्ड तस्करी में CM विजयन और 3 कैबिनेट मंत्री डायरेक्ट शामिल: मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने किया खुलासा

केरल के सोना और डॉलर तस्करी मामले में मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सुरेश ने डॉलर स्मगलिंग को लेकर कस्टम अधिकारियों को साफ बताया कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन खुद भी डॉलर की तस्करी के मामले में शामिल हैं।

सुरेश ने बताया है कि मुख्यमंत्री महावाणिज्य दूत (Consulate General) के सीधे संपर्क में थे। उनके अलावा उनकी सरकार के तीन और कैबिनेट मंत्री इस डॉलर की तस्करी के मामले में शामिल थे।

स्वप्ना सुरेश के इस चौंकाने वाले बयान के बाद केरल विधानसभा में विपक्षी नेता भी हमलावर हो गए हैं। रमेश चेन्निथला का कहना है कि कॉन्ग्रेस द्वारा सोने की तस्करी और डॉलर की तस्करी के मामले में लगाए गए सभी आरोप सही साबित हो रहे हैं।

बता दें कि केरल के इस स्मगलिंग केस में जब से स्वप्ना सुरेश का नाम उजागर हुआ था, तभी से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर सवाल उठ रहे थे। पिछले दिनों इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA के तहत आरोपित स्वप्ना सुरेश, सरीथ पीएस और संदीप नैयर के अकॉउंट से 1.85 करोड़ रुपए सीज किए थे

उससे पूर्व ईडी द्वारा दायर चार्जशीट के विवरण में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का उल्लेख आया था। इसमें कहा गया था कि गोल्ड तस्करी की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश केरल के पूर्व प्रमुख सचिव एम शिवशंकर की उपस्थिति में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से कई बार मिली थीं।

सीएम को इस बात की भी जानकारी थी कि स्वप्ना को राज्य की सरकारी एजेंसी स्पेस पार्क ने हायर किया है। उन्होंने स्वप्ना से ‘अनौपचारिक’ रूप से संपर्क बनाए रखने के लिए कहा था।

मामले में लगातार नाम उछलने के कारण पिनरई विजयन ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने राष्ट्रीय जाँच एजेंसियों के पड़ताल के तरीके पर सवाल उठाया था और उन पर बिना किसी उद्देश्य के जाँच का आरोप लगाया था।

उन्होंने लिखा था कि इससे ‘ईमानदार अधिकारी हतोत्साहित’ हो रहे हैं। उनके अनुसार मामले की पूछताछ को रस्‍सी फेंक कर मछली पकड़ने का अभियान नहीं बनना चाहिए, जिससे केंद्रीय जाँच एजेंसियों की विश्वसनीयता का भारी नुकसान होता है।

तापसी के बॉयफ्रेंड को PM मोदी के मंत्री ने समझाया देश का कानून, टैक्स मामले में ट्वीट कर बता रहा था परेशानी

इनकम टैक्स चोरी के आरोप में आयकर विभाग की ओर से अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू सहित कई सितारों के मुंबई और पुणे स्थित आवास व कार्यालय में चल रही छापेमारी अभी खत्म नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि ये छापेमारी 2-3 दिन और चलेगी। इस बीच जाँच में जुटे अधिकारियों को इन हस्तियों के ख़िलाफ़ कई सबूत हाथ लगे हैं। लेकिन इस बीच लिबरल गिरोह सहित पन्नू का कथित बॉयफ्रेंड बैडमिंटन कोच मैथियस बो भी उनके बचाव में कूद पड़ा है।

कुल मिला कर ₹650 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ है। अकेले तापसी व उनकी कंपनी पर पूरे ₹25 करोड़ की कर चोरी का संदेह है। करीब 5 करोड़ रुपयों को लेकर तो वह अधिकारियों के सवालों के जवाब भी नहीं दे पाईं।

कल शाम तक यह आँकड़ा 300-350 करोड़ तक की टैक्स चोरी का था। क्योंकि तब तक मामला अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू तक सीमित था। लेकिन जाँच का दायरा जैसे ही फैंटम फिल्म्स और प्रोडक्शन कंपनियों के शेयर होल्डरों तक पहुँची, यह आँकड़ा लगभग ₹650 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी तक पहुँच गया।

ऐसे में लिबरल्स सहित, तमाम तथाकथित शुभचिंतकों ने अनुराग कश्यप, तापसी पन्नू और इस रेड की गिरफ्त में आए अन्य लोगों को अपना समर्थन दिया है। इस संभावना को दरकिनार करते हुए कि वे कर चोरी के दोषी हो सकते हैं। इसी कड़ी में पन्नू का बॉयफ्रेंड मैथियस बो (Mathias Boe), जो भारतीय बैडमिंटन युगल टीम का कोच है, वह भी बचाव में लॉबिंग पर उतर आया है। बो, जो जाहिर तौर पर अभिनेत्री तापसी पन्नू के साथ रिश्ते में हैं, ने ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपनी प्रेमिका के खिलाफ चल रहे आईटी छापों के बारे में ‘कुछ’ करने का आग्रह किया है।

बो ने किरेन रिजिजू को टैग करते हुए ट्वीट किया, “खुद को थोड़ी परेशानी में पा रहा हूँ। इस समय जब मैं कुछ बेहतरीन भारतीय एथलीटों को प्रशिक्षण दे रहा हूँ। उसी समय, IT विभाग तापसी के घरों में छापा मार कर, उसके परिवार, विशेष रूप से उसके माता-पिता पर अनावश्यक तनाव डाल रहा है। @KirenRijiju प्लीज कुछ करें।”

बो ने इस तथ्य को हाईलाइट करते हुए कि वह इस समय भारतीय एथलीटों को कोचिंग दे रहा है और वर्तमान रेड की घटनाओं से बेहद परेशान है। अब अगर तापसी के घर में छापेमारी जारी रहती है, तो वह पूरी लगन के साथ अपने पेशेवर कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर पाएँगे।

ठीक है, ऐसी स्थिति में यह उम्मीद की जाती है कि कोई भी प्रतिबद्ध प्रेमी अपनी प्रेमिका की रक्षा के लिए आगे आएगा ही, जो विशेष रूप से यहाँ पर भी देखने को मिल रहा है। लेकिन समस्या यहाँ है कि बो अपने कोच के पेशे का इस्तेमाल भारतीय एथलीटों के कोच के रूप में करते हुए युवा मामलों और खेल मंत्री किरन रिजिजू से करते हुए यह दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है कि तापसी पन्नू के घर इनकम टैक्स विभाग को वो कार्रवाई करने से रोंके।

वास्तव में, बो के ट्वीट को ब्लैकमेलिंग भी माना जा सकता है, सीधे खेल मंत्री को टैग करके वह उनसे आईटी विभाग के कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए कह रहे हैं। ताकि उनकी प्रेमिका के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में छापे को रोक दिया जाए और इसके लिए यह दावा कर रहे हैं कि वह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को कोचिंग देते समय बेहद परेशान हैं।

ऐसे में कल मंत्री किरेन रिजिजू का जवाब गौर करने लायक है। जिसमें उन्होंने बो को अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हुए कानून के पालन में रूकावट न बनने की सलाह दे डाली। रिजिजू ने बो को जवाब देते हुए ट्वीट किया, “भूमि का कानून सर्वोच्च है और हमें उसका पालन करना चाहिए। यह विषय आपके और मेरे डोमेन से परे है। हमें भारतीय खेलों के सर्वोत्तम हित में अपने पेशेवर कर्तव्यों पर कायम रहना चाहिए।”

ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि युवा एथलीटों को सही कौशल प्रदान करने के लिए एक कोच से मानसिक रूप से मजबूत होने की उम्मीद की जाती है। मैथियस बो, जो अपनी कथित प्रेमिका के जीवन में होने वाली घटनाओं से इतना परेशान लग रहा है, वह भारतीय एथलीटों को कोच करने के लिए सर्वथा अयोग्य दिखाई दे रहा है। इसके बजाय, बो को खुद अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन को अलग रखने के लिए कोचिंग की आवश्यकता है।

भारत सरकार को उसे सलाह देना चाहिए कि वह चुपचाप अपना काम करे और प्रशासनिक मामलों में दखल देना बंद करे। यदि बो को अभी भी लगता है कि आईटी विभाग उसकी कथित प्रेमिका के घर पर छापा मार रहा है, जो बदले में उसकी पेशेवर प्रतिबद्धता को प्रभावित कर रहा है, तो भारत सरकार को उसे अपने कर्तव्य से मुक्त करने और बेहतर कोच के लिए स्काउट करने में कोई भी समय बर्बाद नहीं करना चाहिए जो मानसिक रूप से मजबूत हो और अपने निजी जीवन के उलटफेर से अप्रभावित भी।

गौरतलब है कि चार शहरों- मुंबई, पुणे, दिल्ली और हैदराबाद के 28 ठिकानों पर कार्रवाई हुई है। सीबीडीटी ने बताया है कि आयकर विभाग सर्च और सर्वे ऑपरेशंस अंजाम दे रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई में 2 फिल्म निर्माण कंपनियों, एक अभिनेत्री और दो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों से 3 मार्च को हुई थी।

सीबीडीटी का कहना है कि 5 करोड़ रुपए कैश पेमेंट लेने की रसीदें तापसी पन्नू के घर से बरामद हुई हैं। कथित तौर पर टैक्स बचाने के लिए यह पेमेंट कैश के तौर पर ली गई। यही नहीं फिल्म प्रोडक्शन हाउस फैंटम फिल्म्स ने बॉक्स ऑफिस पर जितने कलेक्शन की बात कही थी, उससे ज्यादा रकम की जानकारी मिली है।

कंपनी के अधिकारी 300 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे पाए हैं। यह भी बताया है कि फैंटम फिल्म्स की हिस्सेदारी बेचने के लिए उसका अंडरवैल्यूएशन किया गया। फैंटम फिल्म्स को 2018 में डिजॉल्व कर दिया गया था। शेयरों की कीमत कम दिखाई और लेनदेन में गड़बड़ी की। विभाग के अनुसार कुल 350 करोड़ की टैक्स अनियमितता से यह मामला जुड़ा हुआ है। आगे जैसे-जैसे जाँच जारी है और भी कई चौकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

33 आरोपित-200 चश्मदीद, रिया चकवर्ती का भी नाम: सुशांत सिंह से जुड़े ड्रग्स मामले में चार्जशीट फाइल

अभिनेता सुशांत सिंह राजूपत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट में शुक्रवार को दाखिल की गई चार्जशीट में 33 लोग आरोपित बनाए गए हैं। इनमें सुशांत की गर्लफ्रेंड रही रिया चकवर्ती और उसके भाई शौविक का नाम भी शामिल है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार चार्जशीट में 200 चश्मदीदों के बयान का उल्लेख है। चार्जशीट 12000 से अधिक पन्नों का है। करीब 50 हजार पन्ने डिजिटल फॉर्मेट में भी कोर्ट के सामने पेश किए गए हैं।

एनसीबी ने पिछले साल अगस्त में सुशांत की मौत मामले में ड्रग्स कनेक्शन को लेकर दो मामले दर्ज किए थे। इसके बाद एजेंसी ने रिया, उसके भाई शौविक और अन्य को गिरफ्तार किया था। ये अभी जमानत पर बाहर हैं। एनसीबी ने सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह, दीपिका पादुकोण और उनकी मैनेजर रहीं करिश्मा प्रकाश जैसों से भी पूछताछ की थी।

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को ब्रांदा के अपने फ्लैट में फंदे से लटके मिले थे। सीबीआई इस मामले के जाँच कर रही है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल की जाँच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और ड्रग पैडलर्स के बीच कनेक्शन मिले थे। इसके बाद एनसीबी ने कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारियाँ की थी।

उस समय मीडिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई थी कि रिया चक्रवर्ती के व्हाट्सऐप चैट ईडी ने सीबीआई और एनसीबी को सौंपे थे। कथित तौर पर रिया की चैट से पता चला था कि वह ड्रग्स का ‘इस्तेमाल और डीलिंग’ करती थीं।

पिछले साल दिसंबर में सीबीआई ने बताया था कि हर एंगल से जाँच की जा रही है और एजेंसी ने किसी भी पहलू को नकारा नहीं है। जाँच एजेंसी ने बताया था कि वह पूरे प्रोफेशनल तरीके से वैज्ञानिक तकनीकों का सहारा लेते हुए जाँच में आगे बढ़ रही है। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के पत्र के जवाब में सीबीआई ने यह बात कही थी

CBI ने कहा था कि इस मामले में जुलाई 25, 2020 को पटना के राजीव नगर थाने में सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद बिहार सरकार की सिफारिश के बाद इस मामले की सीबीआई जाँच के लिए एजेंसी को सौंपी गई। एजेंसी ने बताया था कि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार घटनास्थल का दौरा किया और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की देखरेख में घटनास्थल का निरीक्षण हुआ।

जाँच एजेंसी ने बताया था, “फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने कूपर हॉस्पिटल का भी दौरा किया और किया और जाना कि पोस्टमॉर्टम के लिए किन प्रक्रियाओं को अपनाया गया था। पीड़ित परिजनों और अन्य सूत्रों ने जो भी आपत्ति दर्ज कराई, उस पर जाँच की गई। सभी सम्बंधित गवाहों से पूछताछ हुई। सेल टॉवर लोकेशन और डिजिटल उपकरणों के डेटा की जाँच के लिए लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जाँच टीम अलीगढ़, फरीदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, मानेसर (गुरुग्राम) और पटना – हर सम्बंधित जगह गई।”

16 महीने तक मौलवी ‘रोशन’ ने चेलों के साथ किया गैंगरेप: बेटे की कुर्बानी और 3 करोड़ के सोने से महिला का टूटा भ्रम

राजस्थान के आऊवा में एक पाखंडी व टोटकेबाज मौलवी का कारनामा उजागर हुआ है। ‘रोशन’ बाबा नाम रख कर लोगों को अमीर बनाने का लालच देने वाले इस फर्जी उलेमा की असली पहचान साजिद सिद्दकी के तौर पर हुई है। पुलिस ने साजिद के अलावा इस मामले में एक कथित मौलवी वसील कादरी और साजिद के चेले आरिफ व राजू को भी पकड़ लिया है। 

साजिद पर आरोप है कि 16 माह तक इसने और इसके चेले ने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया, उससे 45 लाख रुपए (कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 30 लाख रुपए) लूटे और उसके 10 साल के बेटे को मारने के लिए उसे खूब उकसाया। मौलवी ने पीड़िता से कहा कि अगर वो अपने बेटे की कुर्बानी देगी तो वह वापस आ जाएगा। साथ ही उसके घर से मिले पत्थर भी सोने में बदल जाएँगे, जिससे वो अमीर हो जाएगी।

पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि पीड़िता गाँव में अपने दस साल के बेटे के साथ अकेली रहती है। उसका पति दक्षिण भारत में बिजनेस करता है। उसका पति कुछ दिन पहले ही वहाँ से लौटा है, जब पीड़िता ने अपने पति को खुद के साथ हुई ज्यादती और ठगी के बारे में बताया। 

इसके बाद उन्होंने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता से लेते इसकी जाँच सोजत के पुलिस उपाधीक्षक डॉ हेमंत जाखड़ को सौंपी गई। पीड़िता ने उन्हें बताया कि साजिद और उसका चेला, दोनों उसके मकान में आकर जादू-टोने करते थे और फिर उसके जरिए उसका वशीकरण कर लेते थे। 

जब उसे कुछ होश नहीं होता तो वह उसे नग्न कर उसके साथ दुष्कर्म करते। जब होश में आने पर पीड़िता इसका विरोध करती तो उसे पिस्तौल दिखा कर जान से मारने की धमकियाँ देते। पीड़िता कहती है कि आरोपित ने अपने एक अन्य चेले को क्राइम इंस्पेक्टर बता रखा था। वह उसे गिरफ्तार करने की धमकी देकर डराता था।

कैसे साजिद ने महिला को ठगा?

मीडिया खबरों के अनुसार, साजिद ने महिला को जमीन में गड़े धन से अमीर बनाने के नाम पर ठगना शुरू किया था। महिला को बेवकूफ बनाने के लिए इस साजिद उर्फ रोशन बाबा ने अपने चेले की मदद से पहले पीड़िता के कमरे की खुदाई करवाई फिर पीड़िता से छिपाते हुए मिट्टी की बोरी में भर कर कुछ पत्थर रख दिए।

महिला को भ्रमित करने में आसानी हो, इसके लिए उन्होंने एक विशेष रसायन से पत्थर पर सोने जैसी पॉलिश करवा दी, ताकि जब भी वह बोरी खोले, उसे उस फर्जी बाबा की बात पर यकीन हो जाए कि पत्थर सोना बनते जा रहे हैं।

पीड़िता शुरुआत में तो भ्रमित होती रही, लेकिन बात जैसे ही उसके बेटे पर आई तो उसने साफ मना कर दिया। साजिद ने उसे ललचाया कि यदि वह ऐसा करेगी तो पत्थर को बेचने भर से उसे 3 करोड़ 20 लाख रुपया मिल सकेगा।

जब बहुत मनाने पर महिला नहीं मानी तो इस रोशन बाबा ने रात के समय पीड़िता को वीडियो कॉल करके अपना कमरा दिखाया और कहा, “मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ और फिर लौट आता हूँ। तुम्हारा बेटा भी मर कर लौट आएगा।”

जानकारी के अनुसार, मौलवी जिस कमरे से महिला को वीडियो कॉल करता था, वह आऊवा गाँव में उसने अपने रिश्तेदार मौलवी वसील कादरी के मकान में बना रखा था। इसे उसने जन्नत महल का नाम दिया था। यहाँ ऐशो-आराम की तमाम चीजें थीं। रात के समय लाइट इफेक्ट भी था। वह वीडियो कॉल रात के समय ही करता था।

वह आऊवा आने से पहले सहरसा जिले के सलखुआं का रहने वाला था। साल 2010 से 2014 में सिरियारी के मस्जिद में मौलवी था, लेकिन इसकी हरकतें देख वहाँ के लोगों ने इसे भगा दिया। फिर वह वसील के पास आ गया था, तब से यहीं रह रहा था।

‘जाकर मर, मौत की वीडियो भेज दियो’ – 70 मिनट की रिकॉर्डिंग, आत्महत्या से ठीक पहले आरिफ ने आयशा को ऐसे किया था मजबूर

23 साल की आयशा की मौत के बाद उसकी आखिरी वीडियो और माता-पिता से हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग ने सबको झकझोर दिया है। हर कोई उसके शौहर आरिफ को सख्त से सख्त सजा दिलवाना चाहता है। ऐसे में इस केस की जाँच में जुटी पुलिस को आरिफ के ख़िलाफ़ एक महत्वपूर्ण सबूत मिला है। ये सबूत 70 मिनट की कॉल रिकॉर्डिंग है।

अहमदाबाद पुलिस ने आयशा और आरिफ के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्ड्स को एक्सेस किया। ये बातचीत आयशा ने नदी में कूदने से पहले आरिफ से की थी। इसमें आरिफ को साफ कहते सुना जा सकता है – “जाकर मर और मुझे अपने मौत की वीडियो भेज दियो” – पुलिस को ये अहम सबूत आरिफ का मोबाइल फोन बरामद होने के बाद मिला है।

गौरतलब है कि गुजरात के अहमदाबाद में आयशा ने 25 फरवरी 2021 को साबरमती नदी में कूद कर जान दी थी। बाद में उसकी आखिरी वीडियो हर जगह सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसकी जाँच पर पता चला था कि राजस्थान के जालौर के आरिफ ने न केवल उससे दहेज माँगा था बल्कि उसे प्रताड़ित भी किया था।

इसके अलावा आयशा के घरवालों ने आरोप लगाया था कि आरिफ का दूसरी लड़की से अफेयर था। वह उनकी बेटी के सामने अपनी गर्लफ्रेंड से बात करता था। एक बार वह आयशा को गर्भावस्था में मायके छोड़ गया था। इस घटना से वह इतना डिप्रेस्ड हुई कि सर्जरी के बावजूद बच्चा न बच सका।

बता दें कि पुलिस ने 1 मार्च को आरोपित आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जाँच भी चल रही है। पुलिस पता लगा रही है कि कहीं तीसरी महिला के कारण तो आरिफ ने आयशा को दहेज आदि माँगने के लिए मजबूर नहीं किया।

यह भी पता चला है कि साल 2020 में आयशा की ओर से आरिफ के ख़िलाफ़ वतवा पुलिस थाने में दहेज का केस दर्ज कराया गया था। दोनों की शादी जुलाई 2018 में हुई थी। शादी के वक्त आयशा के पिता ने डेढ़ लाख रुपए दिए थे लेकिन कुछ माह बाद आयशा को वापस भेज दिया गया। ससुराल वालों ने आयशा से बात भी बंद कर दी। वह इस दुख को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं और खुद को मारने का फैसला किया।

आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में आयशा ने कहा था, “प्यार करते हैं आरिफ से। उसे परेशान थोड़े न करेंगे। उसे आज़ादी चाहिए, आज़ाद रहे वो। चलो, अपनी ज़िंदगी तो यहीं तक है। मैं खुश हूँ कि मैं अल्लाह से मिलूँगी। मैं उनसे पूछूँगी कि मुझसे क्या गलती हुई। अच्छे माँ-बाप मिले, दोस्त भी बहुत अच्छे मिले- फिर भी कमी कहाँ रह गई? सुकून के साथ जाना चाहती हूँ। और अल्लाह से मैं ये भी कहूँगी कि मुझे दोबारा इंसानों की शक्ल न दिखाए।”

गलत नहीं तो डेटा डिलीट क्यों: अनुराग कश्यप, तापसी पन्नू और टैक्स चोरी मामला अब ₹650 करोड़ का, आएँगे एक्सपर्ट्स

इनकम टैक्स चोरी के आरोप में आयकर विभाग की ओर से फिल्मी सितारों के मुंबई और पुणे स्थित आवास व कार्यालय में चल रही छापेमारी अभी खत्म नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि ये छापेमारी 2-3 दिन और चलेगी। इस बीच जाँच में जुटे अधिकारियों को इन हस्तियों के ख़िलाफ़ कई सबूत हाथ लगे हैं। 

कुल मिला कर ₹650 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ है। अकेले तापसी व उनकी कंपनी पर पूरे ₹25 करोड़ की कर चोरी का संदेह है। करीब 5 करोड़ रुपयों को लेकर तो वह अधिकारियों के सवालों के जवाब भी नहीं दे पाईं।

कल शाम तक यह आँकड़ा 300-350 करोड़ तक की टैक्स चोरी का था। क्योंकि तब तक मामला अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू तक सीमित था। लेकिन जाँच का दायरा जैसे ही फैंटम फिल्म्स और प्रोडक्शन कंपनियों के शेयर होल्डरों तक पहुँची, यह आँकड़ा लगभग ₹650 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी तक पहुँच गया।

इनकम टैक्स अधिकारियों का ये भी मानना है कि तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप समेत सभी फैंटम फिल्म के स्टेकहोल्डर्स ने अपने मोबाइल से डेटा डिलीट कर दिया है।

खबरों के अनुसार, आयकर विभाग को संदेह है कि एनसीबी की ओर से हुई कानूनी कार्रवाई के बाद तापसी और फैंटम फिल्म्स के शेयरहोल्डर्स ने अपने-अपने मोबाइल फोन से डेटा डिलीट कर दिया। जिसे लेकर सवाल उठ रहा है कि यदि कोई संदिग्ध डेटा था ही नहीं, तो उसे क्यों डिलीट किया गया।

इन सबके फोन का डेटा रिट्रिव करने के लिए भी अधिकारी एक्सपर्ट्स की मदद ले रहे हैं। तापसी का बयान कुछ दिन में दर्ज कर लिया जाएगा। छापेमारी में सामने आए सबूतों के बाद बता दें कि अब इस केस में दो मामले समानांतर चल रहे हैं। एक फैंटम फिल्म्स के शेयरधारकों के ख़िलाफ़ और दूसरा तापसी पन्नू के ख़िलाफ़।

बता दें कि कल तक मुंबई, पुणे के अलावा दिल्ली और हैदराबाद मिलाकर कुल 28 ठिकानों पर छापेमारी हुई। सीबीडीटी ने बताया कि आयकर विभाग सर्च और सर्वे ऑपरेशंस अंजाम दे रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई में 2 फिल्म निर्माण कंपनियों, एक अभिनेत्री और दो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों से 3 मार्च को हुई थी।

सीबीडीटी का कहना है कि 5 करोड़ रुपए कैश पेमेंट लेने की रसीदें तापसी पन्नू के घर से बरामद हुई हैं। कथित तौर पर टैक्स बचाने के लिए यह पेमेंट कैश के तौर पर ली गई। यही नहीं, फिल्म प्रोडक्शन हाउस फैंटम फिल्म्स ने बॉक्स ऑफिस पर जितने कलेक्शन की बात कही थी, उससे ज्यादा रकम की जानकारी मिली है।

कंपनी के अधिकारी 300 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे पाए हैं। यह भी बताया है कि फैंटम फिल्म्स की हिस्सेदारी बेचने के लिए उसका अंडरवैल्यूएशन किया गया। फैंटम फिल्म्स को 2018 में डिजॉल्व कर दिया गया था। तब शेयरों की कीमत कम दिखाई गई थी और लेनदेन में गड़बड़ी की गई थी।

इससे पूर्व अधिकारियों ने छापेमारी के पहले दिन फ़िल्मी हस्तियों से पूछताछ करते हुए कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों की जाँच की थी। साथ ही पता चला था कि संभव है ईडी भी अनुराग और तापसी के घर छापा मारे।

‘अब पार्टी में नहीं रह सकता, हमेशा अपमानित किया गया’- चुनाव से पहले राहुल गाँधी के वायनाड में 4 बड़े नेताओं का इस्तीफा

केरल में आगामी विधानसभा चुनाव से बस 1 माह पहले कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राहुल गाँधी के लोकसभा क्षेत्र वायनाड में पार्टी के 4 बड़े नेताओं ने कॉन्ग्रेस से अपना किनारा कर लिया है।

पिछले एक हफ्ते में पार्टी को छोड़ने वाले इन नेताओं में केरल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के सचिव MS विश्वनाथन, महिला कॉन्ग्रेस राज्य सचिव सुजया वेणुगोपाल, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कॉन्ग्रेस के मुख्य सचिव पीके अनिल कुमार और केपीसीसी सदस्य केके विश्वनाथन हैं।

इनमें से सुजया हाल में सीपीआई (एम) के मार्च में नजर आई थीं। तभी यह साफ हो गया था कि वो वामपंथी पार्टी के साथ जुड़ने वाली है। वहीं सुल्तान बाथरी नगरपालिका के पार्षद एमएस विश्वनाथन ने भी उस समय माकपा में शामिल होने के संकेत दिए थे, जब उन्होंने जिले के कुछ वामपंथी नेताओं के साथ एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

एमएस विश्वनाथन ने यह आरोप लगाते हुए बुधवार को इस्तीफा दिया कि पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बँटवारे में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में विफल रही है।

केके विश्वनाथन ने भी इस्तीफा देते हुए वायनाड डीसीसी की आलोचना की। उन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि पार्टी वायनाड में तीन सदस्यीय टीम द्वारा चलाई जा रही है। वह कहते हैं:

“एक भी समय ऐसा नहीं है कि मुझे अपमानित न किया गया हो, इसलिए मैं इस पार्टी में अब नहीं रह सकता।”

मालूम हो कि इन नेताओं के अलावा पीके अनिल कुमार ने औपचारिक रूप से सांसद एमवी श्रेयसकुमार की उपस्थिति में लोक तांत्रिक जनता दल (LJD) का दामन थामा है।

बता दें कि पार्टी नेताओं के इस्तीफे के बाद कॉन्ग्रेस नेतृत्व ने क्षेत्र में कार्रवाई की है। उन्होंने पार्टी के जिला नेतृत्व में संकट को खत्म करने के लिए कुछ नेताओं के समूह को नियुक्त किया है। इस क्षेत्र को राहुल गाँधी ने साल 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए चुना था। जहाँ से वह जीते भी।

कुछ दिन पहले उन्होंने वायनाड पहुँच कर उत्तर प्रदेश का मजाक उड़ाया था, जिसके चलते तमाम भाजपा नेताओं ने उनकी क्लास ली और समझाया कि जिस जगह ने उन्हें इतने दिन सर-आँखों पर बैठाए रखा, वहाँ से हारने के बाद वह भारत को दो भागों में बाँटने का काम नहीं कर सकते।

स्मृति ईरानी ने तो उन्हें यहाँ तक कहा था कि वह एहसान फरामोश हैं। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि राहुल गाँधी जहाँ भी जाते हैं, वहाँ का बँटाधार करते हैं।

उल्लेखनीय है कि केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 6 अप्रैल को एक ही चरण में निपटाया जाएगा। इसके परिणाम 2 मई को घोषित होंगे। हालाँकि इन तरीखों से पहले ही कॉन्ग्रेस टूटती नजर आ रही है। पलक्कड़ जिले में पूर्व डीसीसी अध्यक्ष और विधायक एवी गोपीनाथ ने यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष शफी परंबिल के खिलाफ चुनाव लड़ने की धमकी दी है।

2013 से ही ‘वीर’ थे अनुराग, कॉन्ग्रेसी राज में भी टैक्स चोरी पर पड़े थे छापे, लोग पूछ रहे – ‘कागज दिखाए थे क्या’

तब कॉन्ग्रेस की सरकार थी। मतलब ‘लोकतंत्र’ था। फिर भी ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’ और ‘फ्रीडम ऑफ टैक्स चोरी’ जैसे ‘मूलभूत अधिकारों’ को कुचला गया था। देश में अंधेरा था… क्योंकि अनुराग कश्यप को मनमोहन सरकार ने 2013 में घेर लिया था।

55 लाख रुपए की टैक्स चोरी या छुपाने (जो भी तकनीकी शब्द लिखिए) के मामले में अनुराग कश्यप को श्रीलंका से शूटिंग छोड़ भारत आने का आदेश दिया गया था। 2013 का वो दिन लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन था… आपातकाल की रातों से भी ज्यादा काला!

खैर! 8 साल बाद 2021 आ गया है। ‘फ्रीडम ऑफ टैक्स चोरी’ निरंतर जारी है। बस अब ‘चोर’ बड़े हो गए हैं। 55 लाख रुपए वाले ‘चोर’ अब करोड़ों में खेलने लगे हैं। अब लोकतंत्र भड़भड़ा कर आए दिन गिर जाता है।

टैक्स ‘चोरों’ के समर्थन में नेता खुलेआम उनकी वीरता और उनके नायाब और दुर्लभ कैरेक्टर के बारे में कविता लिखते हैं। 2 लाइन की कविता से मन नहीं भरता है तो फिर 10 लाइन का महाकाव्य भी लिख डालते हैं। अपनी पार्टी का तो पता नहीं लेकिन देश भर लोकतंत्र के खंभों को इन्हीं नेताओं ने बचा रखा है – क्योंकि इनके अनुसार ‘किसानों’ ने आत्मरक्षा में दिल्ली पुलिस पर हमला किया था।

लोकतंत्र में जनता सब देखती है, देख रही है। सोशल मीडिया पर जवाब भी देती है। जो टैक्स चोर होते हैं, वो जनता के ही पैसे को चुराते हैं। इसलिए जनता कविता लिखने वाले नेताओं और टैक्स चोरों के साथ मिल कर ‘मर गया लोकतंत्र’ के गीत गाने वालों को जवाब दे रही है। पढ़ा जाए 2-4 मस्त जवाब… अंग्रेजी में इसको “befitting reply” कहते हैं।

नोट: जहाँ-जहाँ ‘चोर’ लिखा गया है, उसे कृपया ‘टैक्स चोरी के आरोपित’ पढ़ें। वाक्य को छोटा और सहज करने के लिए ऐसा लिखा गया। कृपया इसका कोई अन्य आशय न निकालें।