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PM मोदी को मिला सेरावीक ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड, कहा- देश के लोगों को करता हूँ अर्पित

आज प्रधानमंत्री मोदी को एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन के दौरान CERAWeek ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट लीडरशिप अवॉर्ड (Global Energy And Environment Leadership Award) से सम्मानित किया गया। इस अवसर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “मैं इस पुरस्कार को अपने देश के लोगों को अर्पित करता हूँ। आप किसी भी भाषा में भारतीय साहित्य को पढ़ लीजिए आपको पता चलेगा कि लोगों का प्रकृति के साथ गहरा संबंध रहा है।”

वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी ट्वीट कर यह सूचना देश के लोगों को दी, उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री मोदी जी को एक वैश्विक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सेरावीक वैश्विक ऊर्जा कार्यक्रम में पिछले कई वर्षों से ऊर्जा के क्षेत्र में अच्छे काम करने वाले नेतृत्व को सम्मानित करते आए हैं। इस साल उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री को चुना है।”

इस अवसर पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “मैं बहुत विनम्रता के साथ सेरावीक वैश्विक ऊर्जा और पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार को स्वीकार करता हूँ। मैं इस पुरस्कार को अपने महान देश की जनता को समर्पित करता हूँ। मैं यह पुरस्कार अपनी भूमि की महान परम्परा को समर्पित करता हूँ जिसने पर्यावरण को हमेशा राह दिखाई है।”

कब हुई थी इस पुरस्कार की शुरुआत

गौरतलब हैकी सेरावीक वैश्विक ऊर्जा और पर्यावरण लीडरशीप पुरस्कार की शुरुआत 2016 में हुई थी। वैश्विक ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में प्रतिबद्ध नेतृत्व के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। डॉक्टर डेनिएल येरगिन ने 1983 में सेरावीक की स्थापना की थी। इसकी स्थापना के बाद से प्रत्येक साल मार्च महीने में हृयूस्टन में सेरावीक का आयोजन होता है। इसकी गिनती विश्व के अग्रणी ऊर्जा मंचों में होती है। इस साल यह आयोजन डिजिटल तरीके से आज आयोजित हुआ है।

इस मंच पर दुनिया को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज दुनिया फिटनेस और वेलनेस पर केंद्रित है। स्वस्थ और जैविक भोजन की बढ़ती माँग के बीच भारत अपने मसाले, आयुर्वेद उत्पादों आदि के माध्यम से इस वैश्विक परिवर्तन को ड्राइव कर सकता है।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सम्मेलन में प्रमुख वक्ताओं में जलवायु जॉन केरी के लिए अमेरिकी विशेष राष्ट्रपति दूत, बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष और ब्रेकथ्रू एनर्जी बिल गेट्स के संस्थापक और सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर भी शामिल हुए।

आज पीएम मोदी ने स्वीडन के पीएम स्टीफान लोफवेन के साथ शिखर वार्ता भी की। करीब पाँच साल में दोनों के बीच यह पाँचवीं वार्ता है। दोनों नेताओं ने पिछले साल अप्रैल में कोरोना की स्थिति को लेकर फोन पर भी बातचीत की थी।

अमेज़न पर आउट ऑफ स्टॉक हुई राहुल रौशन की किताब- ‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’

व्यंग्य समाचार वेबसाइट- ‘द फेकिंग न्यूज़’ के संस्थापक और ऑपइंडिया के सीईओ, राहुल रौशन की पहली किताब- ‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’ (Sanghi Who Never Went To A Shakha) जो उनकी अपनी यात्रा है उस व्यक्ति से जो ‘संघी’ शब्द से ही नफ़रत करता था से लेकर गर्व से इस शब्द को एक ओहदे के रूप में अंगीकार कर लेने तक। फिलहाल अमेज़न पर उनकी किताब रिलीज़ से पहले ही आउट ऑफ़ स्टॉक चल रही है।

हालाँकि, पुस्तक का पेपरबैक संस्करण भले वर्तमान में अमेज़न पर उपलब्ध नहीं है, फिर भी कोई भी पुस्तक के किंडल संस्करण को प्री-ऑर्डर कर सकता है, जिसे 10 मार्च तक मिल जाने की उम्मीद है। इसके अलावा, किताब का पेपरबैक संस्करण अभी भी गरुड़ बुक्स पर उपलब्ध है।

इस किताब का प्रकाशन रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा किया गया है। आज ही रूपा पब्लिकेशन ने ट्विटर पर पुस्तक के लॉन्च की घोषणा करते हुए कुछ नए अंदाज में ट्वीट भी किया।

“फेकिंग न्यूज के प्रसिद्ध ‘पागल पत्रकार’ ​राहुल रौशन ने हिंदुत्व को एक विचारधारा के रूप में क्यों विश्लेषित किया है? यह विश्लेषण करते हुए ‘संघी’ बनने की अपनी पेचीदा यात्रा को उन्होंने साझा किया है- अपनी किताब ‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’ में…”

आज ही कुछ घंटे पहले, स्वयं लेखक राहुल रौशन ने भी ट्विटर पर अपने शुभचिंतकों-फॉलोवर्स को यह बताने के लिए ट्वीट भी किया कि पुस्तक पहले से ही आउट हो चुकी है और कई लोगों ने तो अपनी प्रतियाँ प्राप्त भी कर ली हैं क्योंकि विक्रेता लॉन्च की तारीख से पहले ही इसे डिलीवर करने का निर्णय ले लिया है। हालाँकि, किताब की आधिकारिक लॉन्च की तिथि 10 मार्च है।

‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’: किताब के बारें में कुछ खास बातें

‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’ एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो एक ‘कॉन्ग्रेसी हिंदू’ परिवार में पैदा हुआ था, लेकिन कालांतर में मोदी समर्थक ‘संघी’ बन गया – वह भी आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के एक भी शाखा (नियमित सभा) में शामिल हुए बिना। यहाँ तक कि संघ का स्वयंसेवक या अपने पहले के वर्षों से नरेंद्र मोदी के प्रशंसक होने के बिना भी।

यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक पीढ़ी की कहानी है जिसने विश्वास की छलाँग लगाई है। यह कहानी लेखक के ‘लिबरल’ से ‘संघी’ होने के संक्रमण काल के बारे में नहीं है, वो भी बिना कभी संघ की शाखा में गए बिना बल्कि यह उन घटनाओं को कोलाज है जिन्होंने इस संक्रमण को आकार देने और इसे प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह पुस्तक राहुल रौशन के व्यक्तिगत जीवन यात्रा के उबड़-खाबड़ पड़ावों से गुजरते हुए भारत के समकालीन राजनीतिक इतिहास का एक दस्तावेज है। एक ऐसे ‘संघी’ की यात्रा जिन्होंने एक पत्रकार के रूप में शुरुआत की, लम्बा अनुभव अर्जित किया, एक सफल उद्यमी रहे, और अब एक उतने ही लोकप्रिय समाजशास्त्रीय टीकाकार-टिप्पणीकार हैं।

हिंदू महिला को अगवा कर 14 दिनों तक रेप, धर्म परिवर्तन का दबाव: पहचान छिपा असफाक खान ने बनाया शिकार

उत्तर प्रदेश के महोबा से ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) का मामला सामने आया है। महोबा शहर की कोतवाली पुलिस ने आरोपित मुन्ना खाँ उर्फ असफाक खान को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत उसकी गिरफ्तारी हुई है। उस पर हिंदू बनकर 21 साल की एक महिला को प्रेम जाल में फँसाने और फिर किडनैप कर उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्टों में कोतवाली एसएचओ अनूप कुमार दुबे के हवाले से कहा गया है, “गुरुवार को 21 वर्षीय महिला की शिकायत पर उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को महोबा शहर के ही एक मुहल्ले में रहने वाले आरोपित मुन्ना खाँ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।”

महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि मुन्ना खाँ ने हिन्दू बनकर उसे प्रेम जाल में फँसाया। पिछले साल आठ दिसंबर को उसकी शादी कहीं और हो गई। इसके बाद वह अपने पति के साथ दिल्ली में रहने लगी थी। पीड़िता के अनुसार 18 फरवरी को दिल्ली से वह अपने मायके आई। उसी उसी दिन मुन्ना उसे किडनैप कर उरई में अपनी बहन के घर ले गया। वहाँ उसे 14 दिन रखकर उसके साथ रेप किया।

पीड़िता के अनुसार उरई में ही उसे पता चला कि मुन्ना हिंदू नहीं है। उसने रेप की घटना का अश्लील वीडियो भी बनाया है। कथित तौर पर इसे सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता पर धर्म बदलने के लिए दबाव डाला।

गौरतलब है कि पिछले साल देश के अलग-अलग हिस्सों से लव जिहाद की कई खौफनाक घटनाएँ सामने आईं थी। इसे देखते हुए यूपी में कानून लाया गया था। कई अन्य भाजपा शासित राज्य भी लव जिहाद को रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस अफसर के संपर्क में था ‘एंटीलिया’ के बाहर मिले विस्फोटक लदे कार का मालिक: फडणवीस का दावा

हाल ही में, बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के घर (एंटीलिया) के बाहर एक संदिग्ध कार बरामद हुई थी। वहीं, आज कार के मालिक मनसुख हिरेन के आत्महत्या का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कार मालिक मनसुख ने कलावा ब्रिज से कूदकर जान दी है। ठाणे के डीसीपी ने बताया कि मनसुख हिरेन जिनकी कार मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिली थी, उसने आत्महत्या कर ली। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की पुलिस छान बीन कर रही है।

वहीं अपने नेचर से ही संदिग्ध लग रहे इस मामले पर भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि मैंने मनसुख हिरेन को संरक्षण देने के लिए सदन में सवाल उठाया था, क्योंकि वह इस पूरे मामले की मुख्य कड़ी थे। उन्होंने कहा कि अभी हमें उनके आत्महत्या के बारे में पता चला है। यह इस मामले को और भी ज्यादा संदिग्ध बनाता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस आतंकी साजिश को देखते हुए हम मामले की जाँच एनआईए को सौंपने की माँग करते हैं।

आज महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए एंटीलिया के बाहर विस्फोटक रखे जाने से जुड़े मामले में कई सनसनीखेज दावे किए। विधानसभा में बोलते हुए, फडणवीस ने आरोप लगाया कि स्कॉर्पियो कार के मालिक, जिनकी गाड़ी का इस्तेमाल जिलेटिन की छड़ें लगाने के लिए किया गया था और उसी कार से मुंबई में मुकेश अंबानी के आवास के बाहर एक धमकी पत्र मिलने का दावा भी किया गया था। वह एक ऐसे मोबाइल फोन नंबर के संपर्क में थे जो मुंबई पुलिस के एक अधिकारी के नाम पर पंजीकृत है और वह अधिकारी कोई और नहीं बल्कि मुंबई के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ सचिन वाजे हैं।

कार के मालिक का नाम मनसुख हिरेन था, जिसने यह आरोप लगाया था कि उसकी कार मुलुंड-ऐरोली लिंक रोड से चुराई गई थी। हिरेन ने लापता कार के बारे में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। आज उसी हिरेन को मुंबई में एक नाले में मृत पाया गया। जिससे यह पूरा मामला और भी संदिग्ध नजर आ रहा है।

“जिस व्यक्ति ने अंबानी के घर के बाहर पाई गई कार की गुमशुदगी दर्ज कराई थी, उसने एक नंबर पर कुछ कॉल किए थे और उस नंबर से भी कई फोन कॉल आए थे। जब जाँच की गई तो पता चला कि यह नंबर मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाजे के नाम पर है। फडणवीस ने कहा कि दोनों के बीच पहली बातचीत 8 जून को हुई थी। रिकॉर्ड्स देखने पर पता चलता है कि एक और कॉल 24 जुलाई को की गई थी। पिछले कई महीनों में दोनों के बीच इस तरह के कई और कॉल हुए हैं।

इससे पहले, फडणवीस ने यह भी दावा किया कि एक नहीं बल्कि दो कारें थीं- एक स्कॉर्पियो और एक इनोवा और दावा किया कि दोनों कारें ठाणे से आई थीं और उसी रास्ते से चलकर लोकेशन तक पहुँची थीं। उन्होंने कहा कि मुकेश अंबानी के आवास के पास विस्फोटकों के साथ एक स्कॉर्पियो खड़ी थी, जबकि इनोवा इसे छोड़कर आगे बढ़ गई थी। फडणवीस ने मुकेश अंबानी के खिलाफ हमले के पीछे साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका साफ़ कहना है कि यह संयोग नहीं हो सकता है कि कार ठाणे से चुराई गई थी, जिस रास्ते पर वे चल कर यहाँ आए वह भी ठाणे से होकर गुजरता है और मामले की जाँच कर रहे आईओ भी ठाणे में रहते हैं।

इस रहस्य को समझते हुए, फड़नवीस ने आगे कहा, “सचिन वाजे वो पहले पुलिस अधिकारी थे जो घटनास्थल पर सबसे पहले पहुँचे थे और फिर उन्हें ही जाँच अधिकारी (IO) के रूप में नियुक्त किया गया। तीन दिन पहले, उन्हें अचानक IO के रूप में हटा दिया गया था और मैं यह समझने में असफल हूँ कि आखिर उन्हें क्यों हटाया गया था।” फडणवीस ने कुछ गंभीर संकेत करते हुए पूछा कि स्थानीय पुलिस से पहले सचिन वाजे कैसे मौके पर पहुँच गए।

संदेह के घेरे में आई कार मनसुख हिरेन के नाम से दर्ज थी, जिन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी कार 16 फरवरी को मुलुंड-ऐरोली लिंक रोड पर ख़राब होने बाद चोरी हो गई थी। हिरेन ने कहा था कि जब उनकी कार रास्ते में ख़राब हो गई थी, तो उन्होंने सड़क के किनारे कार पार्क करने का फैसला किया था और अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए एक कैब ले ली थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि जब वह अगले दिन वह कार लाने के लिए लौटे, तो वह वहाँ नहीं थी। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कार गायब हो जाने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।

16 फरवरी की घटना के बारे में बोलते हुए, फडणवीस ने कहा, “स्कॉर्पियो कार के मालिक ने गाड़ी ख़राब होने के बाद दक्षिण मुंबई में क्रॉफोर्ड मार्केट तक पहुँचने के लिए एक ओला कैब ली थी जहाँ वह एक व्यक्ति से मिले थे। इस मामले को सुलझाने के लिए उस व्यक्ति की पहचान महत्वपूर्ण है। चूँकि उन्होंने एक OLA लिया, इसलिए यह पता लगाया जा सकता है कि उनका ड्राइवर कौन था और उससे पूछताछ की जा सकती है कि क्या उसने उस व्यक्ति को देखा है जिससे हिरेन मिले थे।”

मामले में संयोगों की एक शृंखला का हवाला देते हुए, पूरी क्रोनोलॉजी समझाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री फड़नवीस ने मामले की एनआईए जाँच की माँग की है।

गौरतलब है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर से जिलेटिन और धमकी भरे खत वाली जो स्कार्पियो कार मिली थी उस कार के मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनके आत्महत्या का दावा स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव मुंब्रा रेती बंदर रोड के पास खाड़ी से मिलने के बाद किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शव को सवेरे 10 बजकर 25 मिनट पर बाहर निकाला गया है। कहा जा रहा है कि परिवार ने शुक्रवार दोपहर ही लापता की शिकायत नौपाडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। ऐसे में मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।

दूसरी तरफ एंटीलिया के पास संदिग्ध कार से विस्फोटक और धमकी भरा ख़त मिलने के मामले में मुंबई पुलिस को रोज नए सबूत मिल रहे हैं। पुलिस ने अंबानी के घर एंटीलिया के आस-पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है जिसमें सामने आया है कि ये कार 24 फरवरी की रात करीब एक बजे वहाँ खड़ी की गई थी। कार इससे पहले रात 12:30 बजे हाजी अली जंक्शन पहुँची थी और वहाँ करीब 10 मिनट तक रुकी भी रही थी। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि संदिग्ध एंटीलिया की बीते एक महीने से रेकी कर रहे थे।

कल्याणकारी योजनाओं में आबादी के हिसाब से मुस्लिमों की हिस्सेदारी ज्यादा: CM योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में आबादी के अनुपात में मुसलमानों की राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में अधिक हिस्सेदारी है। यह बात बुधवार (3 मार्च 2021) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में मुस्लिम की हिस्सेदारी उनकी आबादी से कहीं ज्यादा है।

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या में मुस्लिमों की आबादी 17-19 फीसदी है। लेकिन कल्याणकारी योजनाओं में उनकी हिस्सेदारी 30-35 फीसदी है।” सपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन का ध्यान आकर्षित करवाते हुए उन्होंने यह बात कही।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह बात कहते हुए केंद्रीय आवास योजना, मुफ्त बिजली कनेक्शन, उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का जिक्र भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव और तुष्टिकरण के बगैर सभी लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचा रही हैं। पिछली सरकारों के दौरान योजनाओं का लाभ पहुँचाने में भेदभाव किए जाने की बात भी उन्होंने कही।

उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसे मिले यह तय करने के लिए पिछली सरकारे ‘पिक एंड चूज़’ पॉलिसी का इस्तेमाल करती थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ विजन के साथ कार्य करने को प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के वक्त उत्तर प्रदेश आर्थिक रूप से उन्नत देश के शीर्ष राज्यों में था। लेकिन, राज्य की इकोनॉमी में पिछली सरकारों के दौरान लगातार गिरावट हुई। चाहे वह सपा की सरकार रही हो या बसपा की या फिर कॉन्ग्रेस की। उन्होंने कहा, “2016 में हम 5वें या छठे पायदान पर थे। लेकिन, हालिया रैंकिंग में उत्तर प्रदेश देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनकर उभरा है।”

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में जाति, पंथ, धर्म, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा, “इसे हम मोदी मॉडल कहते हैं।” समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए सीएम ने कहा कि आचार्य नरेंद्र देव, जय प्रकाश नारायण और राम मनोहर लोहिया जैसे नेता जिस तरह के समाजवाद की बात करते थे, आज सपा नेताओं का उससे कोई नाता नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आज का समाजवाद जाति और परिवार तक सिमट गया है और शिवपाल यादव तक पहुँच कर यह ‘प्रगतिशील’ हो जाता है।

‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होने वाले चुनाव के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी। उम्मीदवारों की सूची में बंगाली फिल्म एक्ट्रेस सायानी घोष (Sayoni Ghosh) का भी नाम है।

सायानी को टीएमसी ने पश्चिमी वर्धमान के आसनसोल (दक्षिणी) सीट से मैदान में उतारा है। सायानी इस साल की शुरुआत में अपनी एक हिंदूफोबिक ट्वीट को लेकर चर्चा में रही थीं।

दरअसल एक्ट्रेस ने 2015 में यह ट्वीट किया था जो कि 16 जनवरी 2021) को अचानक से वायरल हो गया था। जिसके बाद लोगों ने उन्हें ट्विटर पर निशाने पर लिया था। 18 फरवरी 2015 को, सायानी ने एक तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें एक महिला पवित्र हिंदू प्रतीक शिवलिंग के ऊपर कंडोम डालते हुए दिख रही थी। उन्होंने इसे कैप्शन दिया ‘Gods cudnt have been more useful’ (भगवान अब और उपकारी नहीं हो सकते)। बता दें कि हिंदू संस्कृति को अपमानित करता उनका ये ट्वीट महाशिवरात्रि के अवसर पर किया गया था, जो कि उस साल 17 फरवरी को मनाया गया था।

2010 से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली अभिनेत्री ने इस हिंदूफोबिक ट्वीट को हैकर द्वारा किया गया ट्वीट बताया था। उन्होंने दावा किया था कि अपमानजनक पोस्ट हैकर की करतूत थी। उन्होंने खुद के ट्वीट को ‘अप्रिय’ करार देते हुए कहा, “डिअर ऑल, 2015 के एक पोस्ट मेरे ध्यान में लाया गया है जो अत्यंत अप्रिय है। आपकी सभी जानकारी के लिए बता दूँ कि मैंने 2010 में ही ट्विटर ज्वाइन कर लिया था लेकिन कुछ ही दिनों तक उपयोग करने के बाद मैंने उपयोग करना छोड़ दिया। हालाँकि अकाउंट बना रहा।”

उन्होंने दावा किया था कि उनके पीआर एजेंट भासका रॉय ने उन्हें सूचित किया कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया था। एक्ट्रेस ने जोर दिया, “मेरे पीआर भासका रॉय ने मुझे बताया कि मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है और हमें इसे तुरंत पुन: प्राप्त करने की आवश्यकता है। विभिन्न कारणों से, हम 2017 के बाद ही ऐसा कर पाए।”

इस ट्वीट को लेकर मेघालय के पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत रॉय ने सायानी के खिलाफ कोलकाता के रबींद्र सारोबार पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत में रॉय ने कहा था, “मैं भगवान शिव का भक्त हूँ और मैंने 1996 में तिब्बत में कैलाश-मानसरोवर की यात्रा की ताकि उनकी पूजा कर सकूँ। संलग्न की गई तस्वीर में गंभीर रूप से मेरी धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया गया। यह आईपीसी की धारा 295A के तहत अपराध है। मैं अनुरोध करता हूँ कि इस अपराध पर ध्यान दिया जाए और सायानी घोष के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करें।”

मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटक से भरी कार के मालिक का मिला शव, आतंकी एंगल से जाँच में आया नया मोड़

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी मिली कार के मालिक का शव मिलने की बात सामने आई है। मुकेश अंबानी के घर के बाहर जिस शख्स की कार में जिलेटिन की छड़ें बरामद हुई थी, अब दावा किया जा रहा है कि उसने कलवा ब्रिज से कूदकर सुसाइड कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार मालिक की पहचान मनसुख हिरेन निवासी नौपाड़ा ठाणे के रूप में हुई है।

मामला यह है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर से जिलेटिन और धमकी भरे खत वाली जो स्कार्पियो कार मिली थी उस कार के मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनके आत्महत्या का दावा स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव मुंब्रा रेती बंदर रोड के पास खाड़ी से मिलने के बाद किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शव को सवेरे 10 बजकर 25 मिनट पर बाहर निकाला गया है। कहा जा रहा है कि परिवार ने शुक्रवार दोपहर ही लापता की शिकायत नौपाडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। ऐसे में मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।

दूसरी तरफ एंटीलिया के पास संदिग्ध कार से विस्फोटक और धमकी भरा ख़त मिलने के मामले में मुंबई पुलिस को रोज नए सबूत मिल रहे हैं। पुलिस ने अंबानी के घर एंटीलिया के आस-पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है जिसमें सामने आया है कि ये कार 24 फरवरी की रात करीब एक बजे वहाँ खड़ी की गई थी। कार इससे पहले रात 12:30 बजे हाजी अली जंक्शन पहुँची थी और वहाँ करीब 10 मिनट तक रुकी भी रही थी। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि संदिग्ध एंटीलिया की बीते एक महीने से रेकी कर रहे थे।

‘जैश उल हिंद’ ने ली थी एंटीलिया के बाहर विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी

गौरतलब है कि हाल ही में मुकेश अंबानी की बहुमंजिला इमारत एंटीलिया के बाहर जो एक संदिग्ध कार पार्क की हुई मिली थी, जिसमें 20 जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। उसमें आतंकी संगठन ‘जैश उल हिंद’ ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी भरा संदेश दिया था। संगठन ने टेलीग्राम एप के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी ली थी। आतंकी संगठन के इस बयान के बाद मुंबई पुलिस के कान खड़े हो गए थे और तब से ही आतंकी एंगल से भी जाँच की जा रही है।

अपने धमकी भरे संदेश में आतंकी संगठन ने लिखा था, “रोक सकते हो तो रोक लो! तुम कुछ नहीं कर पाए थे जब हमने तुम्हारी नाक के नीचे दिल्ली में तुम्हें हिट किया था, तुमने मोसाद के साथ हाथ मिलाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। तुम्हें (अंबानी के लिए) मालूम है तुम्हें क्या करना है। बस पैसे ट्रांसफर कर दो जो तुम्हें पहले कहा गया है।” इस संदेश में भारत-इजरायल संबंधों की बात करते हुए उसका विरोध किया जा रहा है।

जानकारी दे दें कि ये वही आतंकी संगठन है, जिसने दिल्ली में इजरायली दूतावास के बाहर धमाका किया था। ये संगठन रुपए और बिटकॉइन की माँग करता है। इस संदेश में उसने दिल्ली की उसी घटना का जिक्र करते हुए याद दिलाया है। मुकेश अंबानी के घर के बाहर बुधवार (फरवरी 24, 2021) रात 1 बजे संदिग्ध स्कॉर्पियो कार खड़ी मिली थी। CCTV फुटेज में 2 गाड़ियाँ दिखीं, जिनमें एक इनोवा कार भी थी।

‘हिंदू भगाओ, रोहिंग्या-बांग्लादेशी बसाओ पैटर्न का हिस्सा है मालवणी’: 5 साल पहले थे 108 हिंदू परिवार, आज बचे हैं 7

मुंबई का मालवणी (Malvani) हाल में सुर्खियों में रहा है। पिछले दिनों एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिससे पता चला था कि मुस्लिम बहुल इस इलाके से कैसे हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसी इलाके में भगवान राम के पोस्टर फाड़ने के आरोप पुलिस पर विहिप (VHP) के कार्यकर्ताओं ने लगाए थे। अब मुंबई बीजेपी (BJP) के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा ने मलाड-मालवणी में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर आवाज उठाई है।

लोढ़ा ने गुरुवार (मार्च 4, 2021) को महाराष्ट्र विधानसभा में यह मसला उठाया। उन्होंने बताया कि मुंबई के इस इलाके में हिंदुओं के साथ जो कुछ हो रहा है वह कश्मीर, कैराना या असम की घटनाओं से कम नहीं है। यहाँ भी अल्पसंख्यक हिंदुओं को डरा-धमका कर पलायन करने को मजबूर किया जा रहा है। 

लोढ़ा ने बताया कि मालवणी में हिंदू पलायन का एक पैटर्न है। जहाँ हिंदुओं को धमकाया जाता है। उन्हें उनके घरों को छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने राज्य के गृह मंत्रालय पर सवाल खड़े करते हुए असम की याद दिलाई।

उन्होंने कहा कि एक समय असम में कुछ ऐसा ही हुआ था। धीरे-धीरे हिंदुओं को खदेड़ा गया कि और कई हिंदू बहुल क्षेत्र बांग्लादेश से आए मुस्लिम बहुल बन गए। यूपी के कैराना में भी यही हुआ और कश्मीरी पंडितों के साथ भी यही हुआ। अब मालवणी भी वहीं सब झेल रहा है।

मालवणी विधानसभा क्षेत्र में लोढ़ा ने हिंदुओं की घटती संख्या पर सबका ध्यान दिलवाया। कहा, “अगर आप मलाड-मालवणी क्षेत्र में विधानसभा मतदाता सूची देखें, तो हिंदू मतदाताओं की संख्या में लगभग 15,000 की कमी आई है, जबकि मुस्लिम मतदाता 12,000 से बढ़ गए हैं।”

लोढ़ा ने ये भी कहा कि मालवणी में हिंदुओं को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें बेदखल करने की कोशिश होती है ताकि रोहिंग्या मुसलमानों व बांग्लादेशियों व अन्य लोगों को बसाया जा सके।

मालवणी के छेड़ा नगर का उदाहरण देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वहाँ 5 साल पहले 108 हिंदू परिवार रहते थे। अब घरों की संख्या वही है, बस फर्क ये पड़ा है कि वहाँ हिंदू के केवल 7 घर बचे हैं। बाकी 101 को वहाँ से जाना पड़ा क्योंकि समुदाय विशेष ने उनके ओपन स्पेस में मस्जिद बना ली थी, जहाँ दिन रात आवाज आती थी और जब कोई शिकायत करने को जाता तो शिकायत नहीं होती। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील की। साथ ही एक कमेटी बनाने को भी कहा जो हिंदुओं की पीड़ा सुन सके।

अपनी बात रखते हुए लोढ़ा ने बताया कि मुंबई का ये इलाका ऐसा है जहाँ स्वयं पुलिस अधिकारियों ने श्रीराम भगवान के पोस्टर फाड़े और जब आम जन इसकी शिकायत करने गया तो उनकी सुनवाई तक नहीं हुई। जनवरी 2021 में इस संबंध में कम से कम 3 वीएचपी सदस्य गिरफ्तार हुए थे।

दरअसल, उस समय उन कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर निधि संकलन अभियान के तहत राम मंदिर और श्रीराम के पोस्टर लगा दिए थे, लेकिन शाम को जब वह वहाँ लौटे तो उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों को उसे फाड़ते देखा। पुलिस का ऐसा चेहरा देख वे घटना मोबाइल में रिकॉर्ड करने लगे। जैसे ही अधिकारियों को संदेह हुआ उन्होंने फौरन कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया।

लोढ़ा ने इसी स्थिति को सत्र के दौरान सबके सामने रखा। ये भी बताया कि कैसे हिंदुओं की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उल्लेखनीय है कि भाजपा मुंबई अध्यक्ष के इस स्पीच से पूर्व जनवरी 2021 में मालवणी से खबर आई थी कि वहाँ मुस्लिम बहुल इलाके में हिंदुओं को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है कि वो अपनी घर-जमीन छोड़कर वहाँ से पलायन कर जाएँ।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस इलाके का दौरा भी किया था। उन्होंने क्षेत्र में पहुँच कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मालवणी में हिंदुओं की स्थिति को कश्मीरी पंडितों से जोड़ा। साथ ही स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वह बिन भेदभाव के दलितों के साथ हो रही नाइंसाफी के लिए आरोपितों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करें।

उस समय स्थानीय लोगों ने बताया था कि हिंदू परिवारों पर दबाव बनाने वाले गुंडों को स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता व महा विकास आघाड़ी सरकार में कैबिनेट मंत्री असलम शेख का संरक्षण प्राप्त है। एक पीड़ित का दावा था कि समुदाय विशेष के लोग हिंदुओं की जमीन पर कब्जा करते हैं और बाद में दरगाह व मदरसों का निर्माण कर देते हैं।

तापसी की चिंता में डूबे बॉयफ्रेंड भी आए IT जाँच के दायरे में, असली वजह फेर सकती है ‘गैंग’ के सपनों पर पानी

मैथियस बो (Mathias Boe), डेनमार्क के बैडमिंटन खिलाड़ी, जिन्हें भारतीय बैडमिंटन टीम का कोच नियुक्त किया गया है। तापसी पन्नू के बॉयफ्रेंड जो भारतीय बैडमिंटन युगल टीम के कोच ने अनुराग कश्यप और तापसी मामले में हस्तक्षेप करते हुए ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपनी प्रेमिका के खिलाफ चल रहे इनकम टैक्स छापों के बारे में ‘कुछ’ करने का आग्रह किया। जबकि अब यह सामने आ गया है कि बो के अनुराग कश्यप सहित कई बॉलीवुड हस्तियों के खिलाफ चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई से बहुत गहरा संबंध है। एक और मामले से बो का जुड़ाव पता चला है जो उसके परेशानी का वास्तविक कारण जान पड़ता है।

फिलहाल बो ने किरेन रिजिजू को टैग करते हुए ट्वीट किया, “खुद को थोड़ी परेशानी में पा रहा हूँ। इस समय जब मैं कुछ बेहतरीन भारतीय एथलीटों को प्रशिक्षण दे रहा हूँ। उसी समय, IT विभाग तापसी के घरों में छापा मार कर, उसके परिवार, विशेष रूप से उसके माता-पिता पर अनावश्यक तनाव डाल रहा है। @KirenRijiju प्लीज कुछ करें।” जिसका किरेन रिजिजू ने कानून का पालन करने की सलाह देते हुए जवाब भी दिया।

भारत के राष्ट्रीय खिलाड़ियों के कोच होने के अलावा, मैथियस बो एक फ्रेंचाइज़ी बैडमिंटन टीम, पुणे 7 एसेस (Pune 7 Aces) के कोच भी हैं, जो प्रीमियर बैडमिंटन लीग में भाग लेता है। पुणे 7 एसेस का स्वामित्व उसकी प्रेमिका तापसी पन्नू और टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी केआरआई एंटरटेनमेंट के पास है।

कश्यप की फैंटम फिल्म और अन्य पर छापे के बाद, केआरआई एंटरटेनमेंट के कार्यालयों पर भी कल छापा मारा गया था। कंपनी तापसी सहित कई बॉलीवुड अभिनेताओं-अभिनेत्रियों का प्रबंधन करती है। आई-टी विभाग के सूत्रों के अनुसार, कंपनी का फैंटम फिल्म्स के साथ संबंध है, और उनका वित्तीय लेनदेन संदेह के घेरे में है।

यही वह कारण है कि, मैथियस बो एक बैडमिंटन टीम के साथ जुड़ा हुआ है, जो तापसी और केआरआई एंटरटेनमेंट के स्वामित्व में है, दोनों की कर चोरी के मामले में आयकर विभाग द्वारा जाँच की जा रही है। इसका मतलब है, वह सिर्फ अपनी प्रेमिका के बारे में चिंतित नहीं था, बल्कि वह जिस फ्रेंचाइजी टीम के कोच थे, वह भी अब इस रेड से मुश्किल में पड़ सकती है।

कोच बनने से पहले, मैथियस बो पीबीएल में पुणे 7 एसेस के लिए खेल चुके हैं, और कप्तान (स्किपर) के रूप में भी टीम का नेतृत्व किया था।

सवाल यह भी उठाए जा रहे हैं कि यदि मैथियस भारतीय राष्ट्रीय टीम और पुणे 7 एसेस की टीम दोनों के लिए काम करते हैं तो कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट का मामला भी उनके लिए मुसीबत बन सकती है। यहाँ यह उल्लेख करना जरुरी है कि राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे, क्योंकि भारतीय टीम के मुख्य कोच के अलावा, वह अपनी अकादमी भी चलाते थे, और प्रीमियर बैडमिंटन लीग और राष्ट्रीय सिलेक्शन टीम के सदस्य के रूप में भी जुड़े हुए थे।

गौरतलब है कि इनकम टैक्स चोरी के आरोप में आयकर विभाग की ओर से अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू सहित कई सितारों के मुंबई और पुणे स्थित आवास व कार्यालय में चल रही छापेमारी अभी खत्म नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि ये छापेमारी 2-3 दिन और चलेगी। चार शहरों- मुंबई, पुणे, दिल्ली और हैदराबाद के 28 ठिकानों पर कार्रवाई हुई है। सीबीडीटी ने बताया है कि आयकर विभाग सर्च और सर्वे ऑपरेशंस अंजाम दे रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई में 2 फिल्म निर्माण कंपनियों, एक अभिनेत्री और दो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों से 3 मार्च को हुई थी।

सीबीडीटी का कहना है कि 5 करोड़ रुपए कैश पेमेंट लेने की रसीदें तापसी पन्नू के घर से बरामद हुई हैं। कथित तौर पर टैक्स बचाने के लिए यह पेमेंट कैश के तौर पर ली गई। यही नहीं फिल्म प्रोडक्शन हाउस फैंटम फिल्म्स ने बॉक्स ऑफिस पर जितने कलेक्शन की बात कही थी, उससे ज्यादा रकम की जानकारी मिली है।

कंपनी के अधिकारी 300 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे पाए हैं। यह भी बताया है कि फैंटम फिल्म्स की हिस्सेदारी बेचने के लिए उसका अंडरवैल्यूएशन किया गया। फैंटम फिल्म्स को 2018 में डिजॉल्व कर दिया गया था। शेयरों की कीमत कम दिखाई और लेनदेन में गड़बड़ी की। विभाग के अनुसार कुल 350 करोड़ की टैक्स अनियमितता से यह मामला जुड़ा हुआ है। आगे जैसे-जैसे जाँच जारी है और भी कई चौकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

पिंकी को अफसर अली ने घर बुलाया, परिजनों संग मिल गला दबाया, पेड़ से लटका दिया: गोपालगंज में प्यार के बदले मर्डर

बिहार के गोपालगंज जिले का सहदुल्लेपुर मठिया गाँव। 14 फरवरी 2021 को गाँव के बगीचे में पिंकी कुमारी नाम की युवती पेड़ से लटकी मिली। जो बैग लेकर पिंकी घर से निकली थी, वह तो पुलिस को मौके पर ही मिल गई, लेकिन उसका मोबाइल गायब था। पिंकी का मोबाइल बरामद करते हुए पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी हत्या की गई थी।

हत्या के आरोप में उसी अफसर अली को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पिंकी प्यार करती थी। अफसर अली ने उसे अपने घर बुलाया और फिर परिजनों संग मिलकर गला दबा दिया। हत्या के बाद उन्हीं लोगों ने उसका शव पेड़ से लटका दिया था। पिंकी का मोबाइल भी अफसर अली के ही घर से बरामद किया गया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए सदर थाने के एसएचओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पिंकी का खोया हुआ फोन उन्हें कुछ दिन पहले उसके प्रेमी (अफसर अली) के घर से मिला, जो बिलकुल टूटी हालत में था।

इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पिंकी की हत्या गला घोंट कर किए जाने की पुष्टि हुई है। एसएचओ ने बताया कि जाँच जारी है। मुख्य आरोपित अपना गुनाह कबूल चुका है। मामले में अब तक 4 गिरफ्तारी हुई है। एक की तलाश अब भी जारी है।

बता दें कि पिंकी के माता-पिता बरौली थाना क्षेत्र के बतरदेह गाँव में रहते हैं। लेकिन वह बचपन से ही सहदुल्लेपुर मठिया स्थित अपने मामा प्रमोद यादव के घर पर रही थी। 

13 फरवरी की शाम वह मामा से सामान खरीदने के लिए बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी, तो परिवार के लोगों ने उसे ढूँढना शुरू किया। अगली सुबह वह पेड़ से लटकी मिली। मामले की सूचना पुलिस के पास पहुँचने पर अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच शुरू की। 

टेक्निकल सेल की मदद से जब पड़ताल हुई तो पता चला पिंकी जिससे प्रेम करती थी उसका नाम अफसर अली है। उसने पिंकी को अपने घर बुलाया था।

25 फरवरी को दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के बाद अफसर अली, उसके पिता नासिर आलम, माँ सोनिया खातून और वार्ड सदस्य नैमुल हक को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिंकी को घर बुलाने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को गाँव के समीप बगीचे में ले जाकर एक पेड़ से लटका दिया था।