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‘इस बार चुनाव बंगाल के भविष्य का, ऐसा करंट लगेगा कि कुर्सी से 2 फुट ऊपर उठ जाएँगी ममता’: नितिन गडकरी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 27 मार्च को होने जा रहा है। चुनाव से पहले मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी के बड़े नेता लगातार यहाँ रैली कर रहे हैं। बुधवार (मार्च 3, 2021) को बांकुरा जिले के जॉयपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा।

रैली में उपस्थित लोगों से गडकरी ने कहा, “चुनाव के दिन आप लोग सुबह उठिएगा…अपने भगवान को याद कीजिएगा… इसके बाद मतदान केंद्रों पर जाकर कमल का बटन दबाइए। ऐसा करंट लगेगा कि ममता जी अपनी कुर्सी से दो फुट ऊपर उठ जाएँगी।”

गडकरी ने कहा, “बस आप लोग यह करंट लगा दो। फिर देखिए पश्चिम बंगाल में विकास का बल्‍ब कैसे आपके घरों में जलता है। बंगाल में दो मई को परिवर्तन होगा। कमल जीतेगा। भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलेगा। तीन मई को हमारे नेता का चुनाव होगा। 4 मई को बीजेपी के मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। अब इसे कोई नहीं रोक सकता।”

‘बंगाल के भविष्‍य के लिए है यह चुनाव’

गडकरी ने कहा कि इस बार का चुनाव बीजेपी, टीएमसी, कॉन्ग्रेस और सीपीएम के भविष्य के बारे में नहीं है और न ही यह मोदी जी, अमित शाह, नड्डा जी, राहुल गाँधी या ममता जी के भविष्य को लेकर है। यह बंगाल के लोगों के भविष्य के बारे में है। हम बंगाल की छवि को बदलना चाहते हैं और भारत को नंबर 1 महाशक्ति बनाना चाहते हैं।

‘मुखर्जी का जन्‍म यहाँ तो हम बाहरी कैसे’

बंगाल की मुख्‍यमंत्री पर प्रहार करते हुए गडकरी ने कहा, “ममता जी कहती हैं कि हम (बीजेपी) बाहरी हैं। बीजेपी का गठन जनसंघ की विचारधारा के आधार पर किया गया था, जिसके संस्थापक और हमारे प्रेरणास्‍त्रोत श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था, फिर हम बाहरी कैसे हैं?”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव आठ चरणों में होंगे जबकि पिछली बार सात चरण में हुए थे। इस बार पहले चरण का मतदान 27 मार्च और अंतिम चरण के लिए वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। वोटों की गिनती 2 मई को होगी।

राजस्थान में महापंचायत पर सियासी रार: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने टिकैत को बताया बाहरी, कहा- ‘वामपंथी रैलियों से नहीं गलेगी दाल’

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन के तहत बुधवार (मार्च 3, 2021) को राजस्थान के किसानों ने नागौर में अपनी एकजुटता दिखाई। यहाँ आज हुई किसान महापंचायत को किसान नेता राकेश टिकैत और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद सहित अन्य किसान नेता संबोधित किया। किसान संगठनों ने नागौर की इस महापंचायत में भी एक लाख किसानों के पहुँचने का दावा किया है।

‘देश को गुलामी की ओर धकेलना चाह रही सरकार’

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार आजाद देश को गुलामी की ओर धकेल रही है। कृषि बिलों को लेकर लड़ाई लड़ी भी जाएगी और जीती भी जाएगी। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता इस आंदोलन में किसान के साथ हैं।

आज की किसान महापंचायत में ये हुए शामिल

नागौर जिला मुख्यालय के पशु प्रदर्शनी स्थल पर हो रही किसान महापंचायत को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के अलावा राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील, किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कॉमरेड अमराराम, किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह, किसान संघर्ष समिति के संयोजक हिम्मत सिंह गुर्जर, जमीयत-उलेमा-ए हिंद के प्रदेश उपाध्यक्ष हाफिज मंजूर अली खान ने भी संबोधित किया।

गाँव-गाँव किया जनसंपर्क, दिया न्यौता

किसान महापंचायत में किसानों को एकजुट करने के लिए किसान संगठनों की ओर से बीते कुछ दिनों से जनसंपर्क किया जा रहा था। संगठनों के प्रतिनिधियों ने आसपास के गाँवों में जाकर किसानों और आमजन को महापंचायत में ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में पहुँचने का न्यौता दिया।

इधर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को बाहरी करार दिया। इसके साथ ही उनके लिए रैलियाँ आयोजित करा रहे वामपंथी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि बाहरी नेताओं से राजस्थान में वामपंथी दल सियासी जमीन तैयार नहीं कर पाएँगे। बेनीवाल ने टिकैत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बाहरी नेता राजस्थान में किसानों की भीड़ नहीं जुटा सकता। 

वहीं राकेश टिकैत ने राजस्थान के झुंझुनू में किसानों को संबोधित करते हुए ‘नया फॉर्मुला’ दिया। उन्होंने कहा कि ये दिन के लुटेरे हैं, भगाना पड़ेगा, अनाज लेकर अब दिल्ली जाना होगा। मंगलवार (मार्च 2, 2021) को किसान महापंचायत में टिकैत ने किसानों से अनाज ट्रैक्टर में भरकर दिल्ली चलने की अपील की।

गौरतलब है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने मिलकर मोर्चा खोला हुआ है। कानूनों के विरोध में लगभग तीन महीने से किसान आंदोलन जारी है। सरकार के साथ तमाम तरह की वार्ताएँ विफल साबित हुई हैं और गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा है।

NBT संपादक रुबीन डीक्रूज के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज, पीड़िता ने कहा- ‘मुझे वामपंथ का असली चेहरा दिख गया’

नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (National Book Trust of India) के संपादक (मलयालम) और बच्चों के साहित्य के केरल इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक एक्टिविस्ट रुबीन डीक्रूज के खिलाफ यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) का मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली में काम कर रही एक मलयाली महिला की शिकायत के अनुसार यह घटना 2 अक्टूबर, 2020 की है। पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद इस साल दो फरवरी को आईपीसी की धारा 354 (छेड़छाड़) के तहत वसंत कुंज नार्थ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया।

शिकायतकर्ता महिला का परिचय डीक्रूज़ से कॉमन फ्रेंड के द्वारा हुआ था जब वह दिल्ली में एक किराए का घर ढूँढ़ रहीं थीं। उनकी हर तरह से मदद करने का आश्वासन देकर डीक्रूज़ ने उस महिला को कथित तौर पर अपने घर बुलाया और उस पर यौन हमला करके इस मौके का फायदा उठाया

महिला ने इस कथित तकलीफदेह शारीरिक हमले, जिससे उसे गुजरना पड़ा, के बारे में एक फेसबुक (Facebook) पोस्ट भी डाला। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मुझे वाम-प्रगतिशील नकाबपोश का असली चेहरा देखना था जो मानवाधिकारों और समानता के बारे में फेसबुक क्रांति ला रहे हैं। प्रगतिशील, जिन्होंने सार्वजनिक मित्रों और फेसबुक के माध्यम से हुई जान पहचान के नाम पर मुझे भोजन के लिए घर आमंत्रित किया था और एक छोटी मित्रतापूर्ण बातचीत के बाद अपना असली रंग दिखा दिया। अगले कुछ दिनों ने मुझे सिखाया कि शारीरिक रूप से यौन हमला झेलने के बाद सबसे ज्यादा मजबूत लोग भी मानसिक रूप से टूट जाते हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं बहुत थोड़े दोस्तों के लिए ईमानदारी से अपना आभार प्रकट करती हूँ, जो अच्छे और बुरे दोनों समय में मेरे साथ खड़े रहे, मेरा परिवार (मेरी 72 साल की माँ सहित) जिसने साहस के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा, जिसमें मेरी काउंसलिंग टीम भी शामिल है।”

ट्यूशन के लिए निकली नाबालिग लड़की गायब, शोएब पर ‘लव जिहाद’ के आरोप: 1 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर थाना क्षेत्र अंतर्गत बालाराही से एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के गायब होने का मामला सामने आया है। लड़की की माँ ने थाने में इस सम्बन्ध में मामला दर्ज कराया है। ये घटना जनवरी 28, 2021 की है, जब 9वीं में पढ़ने वाली शिल्पा (बदला हुआ नाम) ट्यूशन पढ़ने गई थी लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने नाते-रिश्तेदारों के यहाँ खोज-खबर की लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला।

लड़की की माँ ने FIR में बताया है कि उसे कुछ लोगों द्वारा सूचना दी गई कि शिल्पा को झिटकी गाँव निवासी मोहम्मद ताहिर के बेटे मोहम्मद शोएब के साथ बाइक पर बैठा हुआ देखा गया था। पीड़ित माँ का कहना है कि जब वो अपने परिजनों के साथ ताहिर के घर पहुँची और शोएब के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसका बेटा बाहर गया हुआ है। आरोप है कि जब शिल्पा के अपहरण की परिजनों ने आशंका जताई तो ताहिर का परिवार आग-बबूला हो गया।

लड़की की माँ ने पुलिस में दर्ज कराई गई FIR में बताया है, “ताहिर और उसके परिवार वालों ने हमारे साथ गाली-गलौज किया। साथ ही वो कहने लगा कि शोएब अगर लड़की भगा करके ले गया है तो वो शादी कर लेगा। उन्होंने पुलिस में मामले दर्ज कराने पर हमें जान से मार डालने की भी धमकी दी। फिर गाँव-समाज ने पंचायत के मार्फ़त मामला सुलझाने की सलाह दी। पंचायत में ताहिर ने भरोसा दिया कि लड़की 2-3 दिन में आ जाएगी।”

आरोप है कि पंचायत में ऐसा कहने के बावजूद ताहिर आज-कल की रट लगाए हुए है और गायब लड़की का अब तक कोई अता-पता नहीं है। लड़की की माँ ने इसे ही देर से पुलिस में आवेदन देने का कारण बताया। परिजनों का सीधा आरोप है कि नाबालिग लड़की को शादी की नीयत से भगा कर ले जाया गया है। साथ ही शोएब के अब्बा ताहिर, अम्मी और बहन को भी इस पूरे प्रकरण में भागीदार बताया गया है।

हमने इस पूरे मामले को समझने के लिए एक स्थानीय पत्रकार से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि फरवरी 8, 2021 को FIR दर्ज कराई गई थी, जिसके एक महीने होने को आएँ हैं। उन्होंने कहा कि इतना समय बीत जाने के बावजूद अब तक पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाया कि FIR में शोएब के अब्बू-अम्मी का नाम होने के बावजूद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं की गई है।

उन्होंने आशंका जताई कि आरोपित के परिवार वालों को सब पता हो सकता है। उन्होंने कहा, “ये पूरी तरह से ‘लव जिहाद’ का मामला लगता है। नाबालिग लड़की पढ़ने गई थी, तभी उसे झाँसा देकर भगा लिया गया। गाँव की पंचायत और ताहिर के आश्वासन के कारण मामला देर से दर्ज कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार वाले अभी भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। परिजन परेशान हैं।”

हालाँकि, इस मामले में झिटकी गाँव के मुखिया ललटू मंडल बाकियों से थोड़ी अलग राय रखते हैं। उन्होंने पहले तो इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया लेकिन जोर देने पर कहा, “इस मामले में बहुत पेंच है। दोनों परिवारों के बीच न्योता-पेहानी (पारिवारिक कार्यक्रमों में एक-दूसरे को निमंत्रित करना) भी होता था। हो सकता है कि दोनों परिवारों ने आपस में सलट (समझौता कर) लिया हो।”

स्थानीय मीडिया में पीड़ित परिजनों के बयान उपलब्ध हैं, लेकिन मेनस्ट्रीम मीडिया ने उन्हें अब तक नहीं उठाया है। एक रिश्तेदार महिला ने कहा, “मुस्लिम युवक लड़की को लेकर गया है। वो उसे कहीं मुस्लिम न बना दे। हमें केस वापस लेने की धमकी मिल रही है।” लड़की के पिता ने कहा, “आपलोग उसे ढूँढ कर ला दीजिए, वरना हम ज़हर खा कर मर जाएँगे। अपने हिन्दू होने का धर्म निभाइए। वो उसे बेच सकता है।”

परिजनों ने बताया कि ताहिर और उसका परिवार अपनी अमीरी की धौंस भी दिखा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस ने अब तक आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि वो विरोध प्रदर्शन करेंगे, अगर लड़की बरामद नहीं हुई तो।

पुलिस पर लगे निष्क्रियता के आरोपों को हरलाखी के थानाध्यक्ष अंजेश कुमार ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस लड़की को बरामद करने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या शोएब के अब्बा ताहिर से कोई पूछताछ हुई है, तो उन्होंने कहा कि जाँच में ज़रूरत पड़ने पर ज़रूर पूछताछ होगी। उन्होंने कहा कि लड़की की जल्द ही बरामदगी। उन्होंने कहा कि पुलिस को अब तक कोई क्लू नहीं मिला है लेकिन ये भी जल्द मिल जाएगा।

याद दिला दें कि सितम्बर 2020 में “बिहार के मधुबनी ज़िले से अपहृत हुई बच्ची के मामले में ऑपइंडिया की खबर पर राष्ट्रीय बाल आयोग ने संज्ञान लिया था, जिसके बाद बच्चे का बचाव कर लिया गया था। उसकी बरामदगी अहमदाबाद से हुई थी। आरोपित को भी गिरफ़्तार किया गया था। ये मामला बिहार के मधुबनी जिले हरलाखी थानांतर्गत नहरनियाँ गाँव का था। आरोपित साबिर ने पीड़िता के पिता को लड़की के इस्लामी धर्मांतरण की धमकी भी दी थी।

अनुराग और तापसी पन्नू ‘गैंग’ के ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड पर लिबरलों का रोना शुरू, कहा- ‘ये तो होना ही था’

आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के मामले में बुधवार (मार्च 3, 2021) को निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप और अभिनेत्री तापसी पन्नू से जुड़े 22 जगहों पर छापेमारी की। जिसके बाद लिबरलों का सोशल मीडिया पर मेल्टडाउन शुरू हो गया है।

लिबरलों का मेल्टडाउन शुरू

‘नीरा राडिया टेप’ मामले में चर्चित पत्रकार वीर सांघवी ने कहा कि यह सरकार की ओर से अपने ही लोगों के खिलाफ प्रतिशोध का कार्य है। उन्होंने लिखा, “कुछ बिंदु पर, यह रणनीति काम करना बंद कर देगी। लोग डरेंगे नहीं। वे अब भी सच बोलेंगे। फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेत्री तापसी पन्नू आयकर छापे का सामना कर रहे हैं।”

वीर सांघवी द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

सीरियल फर्जी न्यूज पेडलर मोहम्मद जुबैर ने पीएम नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू जैसे ‘निर्दोष लोगों’ को परेशान करने के लिए भारत सरकार के इशारे पर सीबीआई का राजनीतिकरण हो रहा है। उसने लिखा, “सीबीआई का राजनीतिकरण, इसका दुरुपयोग, निर्दोष लोगों को परेशान करना… आपको इसके लिए भारत के लोगों को जवाब देना होगा: श्री नरेंद्र मोदी (2013)।”

मोहम्मद जुबैर द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

‘एक्टिविस्ट’ और वकील प्रशांत भूषण भी इस मामले में पीछे नहीं रहे। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेत्री तापसी पन्नू आयकर छापे का सामना कर रहे हैं। बीजेपी की एक टीम उन लोगों को परेशान करने, डराने और चुप कराने के लिए काम करती है जो उनके इशारे पर नहीं चलते हैं। भारत ने कभी भी आईटी विभाग, ईडी, एनआईए, पुलिस इत्यादि के ऐसे दुर्भावनापूर्ण उपयोग को नहीं देखा है।”

प्रशांत भूषण द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

‘पत्रकार’ ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी और सबा नकवी ने मोदी सरकार पर निशाना साधने के लिए वन लाइनर्स का सहारा लिया। स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा, “So predictable” यानी कि उनके कहने का मतलब यह था कि यह तो पहले से ही पता था। वहीं सबा नकवी का भी लगभग ऐसा ही मानना था। उन्होंने लिखा, “मैं हैरान क्यों नहीं हूँ।”

स्वाति चतुर्वेदी द्वारा किया गया ट्वीट
सबा नकवी द्वारा किया गया ट्वीट

एक अन्य ‘दूरदर्शी’ पत्रकार ने दावा किया, “ये तो होना ही था।”

दीपल त्रिवेदी द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

गौरतलब है कि मुंबई में बॉलीवुड की कुछ बड़ी हस्तियों के घर बुधवार (मार्च 3, 2021) को इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट का छापा पड़ा है। इनमें एक्ट्रेस तापसी पन्नू, निर्माता अनुराग कश्यप, विकास बहल और मधु मंटेना शामिल हैं। इन पर टैक्स चोरी का आरोप है। शहर में 22 जगह कार्रवाई की जा रही है। 

मधु मंटेना की टैंलेट मैनेजमेंट कंपनी Kwaan के दफ्तर पर भी आयकर अधिकारी पहुँचे हैं। यह सभी फैंटम फिल्म्स से जुडे हैं। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को फैंटम फिल्म्स कंपनी के कामकाज और लेनदेन में गड़बड़ी का शक है। 

PIB ने प्रोपेगेंडा पोर्टल ‘द वायर’ की खबर के दावे को बताया फर्जी: Fact Check में खुली पोल, जानें क्या है मामला

वामपंथी समाचर पोर्टल ‘द वायर’ ने हाल ही में सरकार के द्वारा बनाए गए नए आईटी नियमों को लेकर एक खबर छापी थी। इस खबर में कहा गया था कि एमआईबी ने आईटी नियमों के तहत स्व-नियामक निकाय के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक पैनल का गठन किया है। अब इस पर सरकार की ओर से सफाई आई है। पीआईबी ने द वायर के इस दावे को गलत बताया है।

द वायर की खबर पर पीआईबी की फैक्ट चेक विंग ने ट्वीट कर इस दावे को फर्जी बताया है। उनका कहना है कि इस निकाय का गठन पब्लिशर्स द्वारा किया जाएगा। इसे ना तो एमआईबी और ना ही एमआईबी द्वारा बनाए गए पैनल से गठित किया जा सकता है। इसका नेतृत्व सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट / हाईकोर्ट का न्यायाधीश या एक प्रतिष्ठित व्यक्ति कर सकता है। पीआईबी ने द वायर की खबर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है।

पहले भी वायर का रहा है फेक न्यूज़ फैलाने का लम्बा इतिहास:

गौरतलब है कि बीते दिनों खराब वेंटिलेटर्स को लेकर अहमदाबाद चर्चा का विषय रहा था। इसके बाद ‘द वायर’ की पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस मामले पर एक रिपोर्ट लिखी। रिपोर्ट का लब्बोलुआब ये था कि खराब वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी के प्रमोटर भाजपा नेताओं के करीबी हैं।

रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया था कि गुजरात सरकार ने जिस कंपनी द्वारा ‘दस दिनों’ में कोविड मरीज़ों के लिए वेंटिलेटर्स बनाने का दावा किया था, उसके राज्य के डॉक्टरों ने मानकों पर खरा न उतरने की बात कही है। यह भी दावा किया गया था कि इस कंपनी के प्रमोटर्स उसी उद्योगपति परिवार से जुड़े हैं, जिन्होंने साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका नाम लिखा सूट तोहफ़े में दिया था।

रिपोर्ट के संज्ञान में आने के बाद पीआईबी ने फैक्ट चेक किया। पीआईबी ने पत्रकार रोहिणी सिंह के इस दावे को खारिज किया था कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में खराब पाए गए वेंटिलेटर घटिया और खरीदे गए थे। पीआईबी ने बताया कि गुजरात सरकार के अनुसार, जिन वेंटिलेटर्स को खराब बताया गया, वो खरीदे नहीं गए थे। असल में ये दान में दिए गए थे, जो आवश्यक चिकित्सा मानकों पर खरे उतरते थे।

वहीं द वायर ने झूठ फैलाया था कि कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के पास दर्ज शिकायतों में 8 गुना वृद्धि देखी गई। प्रोपेगेंडा पोर्टल की रिपोर्ट में परोसे गए झूठ की पोल खुद पीआईबी ने फैक्ट चेक कर खोल दी थी। पीआईबी फैक्ट चेक की ट्वीट में कहा गया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने शिकायत में 8 गुना वृद्धि को स्पष्ट रूप से नकार दिया था।

इमरान के नए पाकिस्तान का एक और कांड: विधानसभा में नेताओं ने एक-दूसरे को गिरा-गिराकर पीटा, देखें वीडियो

पाकिस्तान की सिंध विधानसभा के अंदर प्रधानमंत्री इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता मंगलवार (मार्च 2, 2021) को आपस में बुरी तरह भिड़ गए। हालात इस कदर काबू से बाहर हुए कि नेता एक-दूसरे को गिरा-गिराकर पीटते दिखे। असेंबली के अंदर के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। मामला सीनेट चुनाव को लेकर था।

हालात इस कदर काबू से बाहर हुए कि नेता एक-दूसरे को गिरा-गिराकर पीटने लगे। नौबत तो ये आ गई की आपस में भिड़ रहे इमरान खान के नेताओं को रोकने के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स को आना पड़ा।

दरअसल, मामला अपनी मर्जी से वोट डालने की बात से शुरू हुआ, बागी नेताओं ने सीनेट चुनाव के दौरान अपनी मर्जी से वोट डालने के लिए कहा जिसके बाद पीटीआई के नेताओं ने असेंबली को ही युद्ध का मैदान बना दिया। पार्टी के तीन विधायकों असलम आबरो, शहरयार शार और करीम बख्श गबोल ने ऐलान किया था कि वह अपने मन मुताबिक सीनेट चुनाव में वोट देंगे। 

आबरो ने आरोप लगाया है कि सीनेट उम्मीदवारी के टिकट बेचे गए हैं और वह सैफुल्ला आबरो और फैसल वावडा के चुनाव से सहमत नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह पार्टी लाइन पर वोट नहीं देंगे। PTI के उम्मीदवारों को वोट नहीं देने से नाराज नेताओं ने इन तीनों नेताओं को बागी करार दिया और उनके विधानसभा में दाखिल होते ही उन पर हमला बोल दिया।

आपस में भिड़ते नेताओं को अलग कराने पीपीपी नेता भी आगे आए और मामला बढ़ता चला गया। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि सभा के अंदर किस कदर हंगामा मचा हुआ है। यहाँ तक कि भीड़ एक नेता को गिरा भी देती है। इस बीच सभा के कई सदस्य उठकर बाहर चले गए लेकिन गुस्साए नेता आपस में खींचतान करते रहे।

पुलिसकर्मियों ने गर्ल्स हॉस्टल की महिलाओं को नंगा कर नचवाया, वीडियो सामने आने पर जाँच शुरू: महाराष्ट्र विधानसभा में गूँजा मामला

महाराष्ट्र के जलगाँव स्थित सरकारी अस्पताल में पुलिकर्मियों की जबरदस्ती का मामला सामने आया है। स्थानीय आशादीप अस्पताल के महिलाओं के हॉस्टल में कुछ पुलिसकर्मियों व उनके साथियों ने मिल कर लड़कियों को नंगा होकर नाचने के लिए मजबूर किया। सामाजिक संस्थानों ने जिलाधीश के समक्ष इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है और साथ ही इस घटना का वीडियो भी सबूत के रूप में पेश किया है।

डीएम अभिजीत राउत ने आश्वासन दिया कि वो इस मामले को देखेंगे और दोषियों के खिलाफ तुरंत ही कार्रवाई की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निराश्रित और बेसहारा लड़कियों के लिए भोजन और रहने का प्रबंध किया जाता है। उक्त हॉस्टल गणेश कॉलोनी क्षेत्र में स्थित है। इससे पहले भी इस हॉस्टल में गलत कार्य किए और कराए जाने की ख़बरें आ रही थीं। प्रशासन मामले की जाँच कर रहा है।

इस घटना की सूचना मिलने के बाद जननायक फोडेशन के अध्यक्ष फिरोज पिंजरी, फरीद खान और मंगला सोनवणे सहित कई एक्टिविस्ट मंगलवार (मार्च 2, 2021) को गर्ल्स हॉस्टल पहुँचे और वहाँ महिलाओं व लड़कियों से बातचीत कर के उनकी स्थिति जानी। कुछ लड़कियों ने बताया कि हॉस्टल कर्मचारियों की मदद से पूछताछ के बहाने कुछ पुलिसकर्मियों और बाहरी लोगों को हॉस्टल में एंट्री दे दी जाती थी।

जो लड़कियाँ उनका कहा नहीं मानती थीं, उन्हें पीटा जाता था और धमकाया जाता था। साथ ही सामाजिक संस्थानों को भीतर नहीं जाने दिया जाता था और जो लड़कियाँ आवाज़ उठाने की हिमाकत करती थीं, उन्हें हॉस्टल प्रबंधन द्वारा प्रताड़ित किया जाता था। कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के बीड स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल की भी एक खबर सामने आई थी। वहाँ गर्ल्स हॉस्टल के आइसोलेशन सेंटर में लड़कियों के कपड़ों पर अश्लील बातें लिखी गई थीं।

साथ ही वहाँ रखी चीजों और कागजातों को भी इधर-उधर बिखरा दिया गया था। सोलापुर के गर्ल्स हॉस्टल में भी कुछ इसी तरह की घटनाएँ सामने आई थीं। ये मामला महाराष्ट्र विधानसभा में भी आज गूँजा। पूर्व मंत्री सुधीर मुंगतीवार ने कहा कि राज्य में हमारी ही माँ-बहनों को नंगा किया जा रहा है और और राज्य के गृह मंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन को ही सबसे बेहतर विकल्प करार दिया। महाराष्ट्र पुलिस पहले से कई मामलों में विवादों में है।

हाथरस में रैली करते सपाइयों से CM योगी का सवाल, आखिर हर अपराधी के साथ समाजवादी क्यों जुड़ जाता है?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (मार्च 3, 2021) को विधानसभा को संबोधित करते हुए हाथरस हत्याकांड पर समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि हाथरस में हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम में आरोपित सपा का निकला। आखिर किसी भी अपराध में शामिल हर अपराधी का संबंध सपा से ही क्यों होता है। उन्होंने कहा कि हाथरस में आज सपा की एक रैली है जिसके पोस्टर उसी आरोपित द्वारा लगाए गए हैं जो कि हाथरस हत्याकांड में आरोपित है।

इसके पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हत्याकांड में आरोपितों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस मामले को लेकर मंगलवार (मार्च 2, 2021) को सपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा था।

बता दें कि हाथरस के सासनी क्षेत्र में बेटी से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ लड़की के पिता ने स्थानीय पुलिस में केस दर्ज कराया था। एक महीने बाद ही उसे जमानत मिल गई थी। इस मामले में आरोपित पक्ष लगातार दूसरे पक्ष को धमकी दे रहा था। सोमवार को लड़की के पिता को गोलियों से छलनी कर दिया था।

पुलिस के मुताबिक, सपा नेता गौरव शर्मा अपने तीन साथियों ललित, रोहिताश और निखिल शर्मा के साथ सोमवार दोपहर 3:30 बजे के करीब 50 वर्षीय मृतक के खेत पर पहुँचा और गाली गलौच करने लगा। इसके बाद उसने उस पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। खाना लेकर खेत पर पहुँची पत्नी और बेटी ने उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनकी मौत हो गई। 

मृतक की बेटी ने पुलिस को शिकायत दी कि गौरव शर्मा उसके साथ काफी समय से बदतमीजी करता था। जून 2018 में गौरव शर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। लेकिन स्थानीय अदालत ने एक महीने बाद ही गौरव शर्मा को जमानत पर रिहा कर दिया। गौरव शर्मा उसके बाद से ही उसके परिवार को मामला वापस लेने के लिए धमकाता था।

अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू समेत कई दिग्गजों के 22 ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड, फैंटम फिल्म्स से जुड़ा है मामला

मुंबई में बॉलीवुड की कुछ बड़ी हस्तियों के घर बुधवार (मार्च 3, 2021) को इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट का छापा पड़ा है। इनमें एक्ट्रेस तापसी पन्नू, निर्माता अनुराग कश्यप, विकास बहल और मधु मंटेना शामिल हैं। इन पर टैक्स चोरी का आरोप है। शहर में 22 जगह कार्रवाई की जा रही है। 

मधु मंटेना की टैंलेट मैनेजमेंट कंपनी Kwaan के दफ्तर पर भी आयकर अधिकारी पहुँचे हैं। यह सभी फैंटम फिल्म्स से जुडे हैं। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को फैंटम फिल्म्स कंपनी के कामकाज और लेनदेन में गड़बड़ी का शक है। जाँच में मिले दस्तावेज और सबूतों के आधार पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। इसमें कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

मधु मंटेना वर्मा अपनी एक टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी भी चलाते हैं। फैंटम फिल्म्स के कामकाज का अनुराग कश्यप, विकास बहल, विक्रमादित्य मोटवानी और मधु मंटेना वर्मा इसका संचालन करते थे, लेकिन इस कंपनी को 2018 में भंग कर दिया गया था। 

सोशल मीडिया पर अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू खूब एक्टिव रहते हैं। दोनों  ‘साँड की आँख’ और ‘मनमर्जियाँ’ जैसी सफल फिल्म एक साथ बना चुके हैं। फिल्म ‘दोबारा’ से दोनों की एक साथ फिर से वापसी हो रही है। 

बात करें तापसी पन्नू की तो वे 2020 में अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘थप्पड़’ में नजर आईं थीं। उनकी फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ जल्द ही रिलीज होने वाली है। इसके साथ ही साथ वो ‘शाबाश मिट्ठू’, ‘हसीन दिलरुबा’, ‘शाबाश नायडू’ और ‘लूप लपेटा’ जैसी फिल्में भी कर रही हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अनुराग कश्यप के खिलाफ पायल घोष ने बलात्कार का आरोप लगाया था। उन्होंने बयान में कहा था, “लगभग 7:30 बजे मैं अपनी होंडा सिटी कार में अनुराग कश्यप के घर पहुँची। वह अंदर बैठकर स्मोक कर रहा था। घर से वाकई बहुत बदबू आ रही थी और जब मैंने उससे पूछा, तो उसने कहा कि वह मारिजुआना का सेवन कर रहा था। उसने मुझे भी स्मोक करने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। वह मुझे अपने फिल्मों के संग्रह को दिखाने के लिए दूसरे कमरे में ले गया। अपनी पुरानी फिल्मों के कैसेट दिखाते हुए, उसने अचानक मुझे सोफे पर धकेल दिया। फिर उसने अपनी पैंट खोली और मुझसे जबरदस्ती करने लगा। मैंने बहुत चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरा मुँह दबा दिया और मेरा बलात्कार किया।”