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इंजीनियर, एंकर, होस्ट या मॉडल… आखिर हैं क्या जसप्रीत बुमराह संग शादी रचाने वाली संजना गणेशन

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह आज (15 मार्च 2021) टीवी एंकर संजना गणेशन के साथ शादी के बंधन में बँध गए। ट्विटर हैंडल से शादी की तस्वीरें साझा करते हुए बुमराह ने यह जानकारी दी।

जसप्रीत बुमराह ने ट्विटर पर संजना गणेशन के साथ फेरे लेते हुए तस्वीर शेयर की। बुमराह ने ट्वीट में लिखा, “प्यार, अगर आपको काबिल समझता है तो आपकी किस्मत बदल देता है। प्यार में चलते हुए, हम एक साथ अपने नए सफर की शुरुआत कर रहे हैं। आज हमारी जिंदगी के सबसे खुशहाल दिनों में से एक है और हम अपनी शादी और खुशी की खबर आपके साथ साझा कर रहे हैं।”

आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस ने भी बुमराह और संजना को शादी की बधाई दी। आईपीएल में बुमराह मुंबई इंडियंस की ओर से ही खेलते हैं। बता दें कि जसप्रीत बुमराह ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर बीसीसीआई से इंग्लैंड के खिलाफ़ चौथे टेस्ट से छुट्टी माँगी थी। उसके बाद से ही यह अटकलें लगनी लगी थी कि वे जल्द शादी करने वाले हैं। उनकी संभावित पत्नी को लेकर भी मीडिया में कयास लग रहे थे। शादी की तस्वीरें शेयर कर बुमराह ने तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है।

बुमराह और संजना की शादी गोवा में संपन्न हुई। फंक्शन में सिर्फ़ परिवार के लोग और कुछ करीबी दोस्त शामिल थे। विराट-अनुष्का की तरह इनकी शादी के लिए वेन्यू पर साज-सज्जा हल्के रंगों से हुई और दोनों लाइट पिंक कलर के जोड़े में नजर आए।

कौन हैं संजना गणेशन?

जसप्रीत बुमराह को उनकी गेंदबाजी के कारण पूरा विश्व जानता है। लेकिन संजना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। 28 साल की संजना, बुमराह से उम्र में ढाई साल बड़ी हैं। वर्तमान में उनकी पहचान एक क्रिकेट एंकर के तौर पर होती है। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स पर क्रिकेट के कई शो होस्ट किए हैं।

साल 2019 में उन्होंने मैट प्वाइंट और चिकी सिंगल्स की मेजबानी की थी। फिर वह प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) की होस्ट बनीं और सोशल मीडिया पर फैंस के बीच अच्छी रिच बनाकर वह सबके दिलों पर छा गईं। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स के लिए एक सेगमेंट ‘दिल से इंडिया’ भी होस्ट किया है।

पढ़ाई की बात करें तो संजना ने पुणे की एक मशहूर यूनिवर्सिटी से इंजिनियरिंग कर राखी है। बाद में वह मॉडलिंग में आ गईं। टीवी में अपने करियर की शुरुआत करते हुए वह MTV स्प्लिट्सविला के सीजन 7 में दिखीं।

साल 2014 में संजना गणेशन ने मिस इंडिया के मंच पर अपनी किस्मत आजमाई, जहाँ पर वह फाइनल राउंड तक पहुँची। उससे पहले साल 2013 में वह फेमिना गार्जियस का खिताब अपने नाम कर चुकी थीं। संजना मैनेजमेंट गुरु गणेशन रामास्वामी की बेटी हैं। रामास्वामी पुणे  स्थ‍ित Allana Institute of Management Sciences के डायरेक्टर हैं।

ममता बनर्जी को बड़ा झटका, MLA देबश्री रॉय ने TMC से दिया इस्‍तीफा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 से पहले ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका लगा। ममता की करीबी विधायक देबश्री रॉय ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से इस्तीफा दे दिया है। दक्षिण 24 परगना के रायदीघी से विधायक देबश्री ने पार्टी अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

एक्ट्रेस से नेता बनीं देबश्री रॉय रायदीघी विधानसभा सीट से लगातार दो बार विधायक रहीं है। देबश्री रॉय ने विगत कई वर्षों से उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं रहा है। अब वह पार्टी से पूरी तरह से संबंध तोड़ रही हैं।

उन्होंने कहा, “आज से मैं टीएमसी के साथ अपने सभी संबंधों को तोड़ रही हूँ। चूँकि मैं पार्टी में किसी पद पर नहीं हूँ, इसलिए मुझे इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। पिछले 10 वर्षों से मैं रायदीघीह से विधायक थी और मैं चाहती हूँ कि आप मुझे मेरे सभी कर्तव्यों से मुक्त कर दें। मैं लोगों के लिए लंबे समय तक काम करने देने के लिए पार्टी की आभारी हूँ।”

देबश्री रॉय ने कहा है कि अब वह तृणमूल में नहीं रहना चाहतीं, क्योंकि पार्टी में उन्हें काफी अपमान सहना पड़ा है। बहुत परेशानी हुई है। खासकर टोटो से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में। उनका कहना है कि पार्टी के ही एक वर्ग ने इसको लेकर उन्हें निशाना बनाया है। देबश्री का कहना है कि आम लोगों ने उन्हें बहुत प्यार दिया, लेकिन तृणमूल के कार्यकर्ताओं ने उनको अपमानित किया।

तृणमूल कॉन्ग्रेस में की शुरुआत बीते दिसंबर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से हुई थी। बीते दिनों राज्यसभा सांसद और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। दिनेश त्रिवेदी ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा था कि राज्य में हिंसा का माहौल है, जिससे उनका दम घुट रहा है। उन्होंने ये भी कहा था कि पार्टी में बोलने के लिए कोई मंच नहीं है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजीव बनर्जी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटे बाद तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी (टीएमसी) से भी त्यागपत्र दे दिया था।

‘सफूरा जरगर की गिरफ्तारी ह्यूमन राइट्स कानून का उल्लंघन, उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं’: UN की संस्था

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के ‘वर्किंग ग्रुप अगेंस्ट अर्बीट्री डिटेंशन्स (WGAD)’ ने तथाकथित छात्र नेता सफूरा जरगर की गिरफ्तार और जेल भेजे जाने के मामले में टिप्पणी की है। सफूरा जरगर पर दिल्ली में CAA विरोधी आंदोलन के बहाने दंगे की साजिश रचने के आरोप हैं।

UN मानवाधिकार परिषद के समूह ने कहा कि CAA के खिलाफ भाषण देने के लिए सफूरा जरगर को गिरफ्तार किया गया, जो सत्ता की आलोचना के अधिकार से वंचित करने के अंतर्गत आता है। साथ ही उसने CAA विरोधी उन आंदोलनों को शांतिपूर्ण भी बताया है, जिसमें सफूरा जरगर ने भाषण दिए।

गुरुवार (मार्च 11, 2021) को जारी किए गए 11 पन्नों के बयान में संस्था ने कहा कि विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन ‘यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स’ के अनुच्छेद 19-20 में आता है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 में भी है।

संस्था ने कहा कि सरकार को विचार रखने और प्रदर्शित करने के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए, सम्मान करना चाहिए और इसे पूरा करना चाहिए। सरकार को उन विचारों को प्रदर्शित करने के अधिकारों की भी सम्मान, सुरक्षा और पूरा करना चाहिए, जो उनकी नीतियों के अनुरूप नहीं हैं और जो उसकी विचारधारा के विरोध में जाते हैं।

सफूरा जरगर पर आर्म्स एक्ट, UAPA और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की धाराओं के तहत आरोप हैं। हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में उन्हें अप्रैल 10, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने जून में मानवता के आधार पर गर्भवती सफूरा जरगर को जमानत दे दी थी।

UNHRC की कार्यकारी संस्था का कहना है कि सफूरा जरगर को बिना वॉरंट के अनियमित तरीके से गिरफ्तार किया गया था और पुलिस थाने में सादे कागज पर हस्ताक्षर लेकर बिना किसी कानूनी आधार के हिरासत में ले लिया गया था।

संस्था ने कहा कि हिरासत में न लिए जाने पर वो कार्रवाई से भाग जातीं, ऐसी कोई संभावना नहीं थी। संस्था ने इस बात पर आपत्ति जताई है कि सफूरा के खिलाफ शिकायतकर्ता पुलिस है और ‘गुप्त सूचनाओं’ को आधार बनाया गया है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के ‘वर्किंग ग्रुप अगेंस्ट अर्बीट्री डिटेंशन्स (WGAD)’ ने कहा कि पुलिस ने सफूरा जरगर को गिरफ्तार करने के लिए कानून का दुरुपयोग किया। संस्था ने कहा कि 27 वर्षीय सफूरा जरगर उस समय गर्भवती थी और आपात गिरफ़्तारी की कोई ज़रूरत नहीं थी। उसका कहना है कि दिल्ली पुलिस ने उसे लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए साजिश की। साथ ही दावा किया कि सफूरा जरगर के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।

UN की संस्था ने भारत सरकार का पक्ष जानने के लिए जवाब माँगा था, लेकिन उसका कहना है कि केंद्र सरकार से कोई स्पष्टीकरण न मिलने पर उसने अज्ञात लोगों द्वारा इस मामले में दर्ज की गई शिकायत के बाद खुद के विचारों की रिपोर्ट प्रकाशित की। साथ ही ‘अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से’ सफूरा जरगर को मुआवजा देने की भी सलाह दी गई। साथ ही उसके ‘मानवाधिकार हनन’ के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया।

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में सफूरा ज़रगर पर आरोप है कि उसने चाँदबाग़ के नज़दीक मौजूद मुस्लिम भीड़ को भड़काया, जिसने बाद दिल्ली पुलिस पर हमला किया और उसमें हवलदार रतन लाल की हत्या कर दी गई थी।   

‘शरद पवार के लिए टाइम नहीं, आमिर खान के साथ डिनर’: सचिन वाजे के सट्टेबाजों से कनेक्शन होने का भी BJP नेता ने किया दावा

एंटीलिया केस की एनआईए जॉंच शुरू होने और सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद से ही महाराष्ट्र की सियासत गरम है। इस बीच, बीजेपी नेता नितेश राणे ने दावा किया है कि वाजे के क्रि​केट के सट्टेबाजों से भी कनेक्शन रहे हैं। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की अनदेखी का भी आरोप लगाया है।

राणे ने यह बात तब कही है जब राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार ने सोमवार (मार्च 15, 2021) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के मालाबार हिल्स स्थित आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार के कयास भी लगाए जा रहे हैं। NCP के सूत्रों ने इसे रूटीन चर्चा करार दिया। NCP का कहना है कि स्थानीय निकाय के चुनावों और कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर दोनों की मुलाकात हुई। हालाँकि कइयों का मानना है कि एंटीलिया के बाहर मिली बम लदी कार के मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के बाद सचिन वाजे की गिरफ़्तारी को लेकर भी चर्चा हुई।

इस मुलाकात को लेकर सिंधुदुर्ग के कणकवली से 2019 में लगातार दूसरी बार जीत कर विधायक बने भाजपा नेता नितेश राणे ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “मेरे पास सूचना है कि शरद पवार बुधवार से ही सीएम उद्धव ठाकरे से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें 5 दिनों बाद समय दिया गया है।” नितेश महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास पवार साहब के साथ मिलने के लिए समय नहीं था, लेकिन शुक्रवार के दिन अभिनेता आमिर खान के साथ डिनर करने के लिए उनके पास समय ही समय था।”

नितेश राणे ने सचिन वाजे का क्रिकेट सट्टेबाजों से भी कनेक्शन होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि IPL शुरू होने से पहले ही मुंबई में सट्टेबाज सक्रिय हो जाते हैं और उन्हें सूचना मिली है कि उन सट्टेबाजों से सचिन वाजे ने संपर्क किया था। राणे ने कहा, “सट्टेबाजों से वाजे ने कहा कि अगर वो उनकी बताई गई धनराशि नहीं देते हैं तो पुलिस उनके गिरोह का भंडाफोड़ करेगी, जाँच करेगी और फिर गिरफ़्तारी भी होगी।”

उधर शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए कहा है कि सचिन वाजे की गिरफ्तारी से भाजपा को ऐसा आनंद मिला है, जिसके वर्णन में शब्द कम पड़ जाएँगे। पार्टी के मुताबिक, “कुछ माह पहले रायगढ़ पुलिस की मदद से अर्णब गोस्वामी को हथकड़ियाँ लगाई गईं थीं। उस समय ये लोग (बीजेपी) गोस्वामी का नाम लेकर रो रहे थे और वाजे को श्राप दे रहे थे। ‘रुकिए, देख लेंगे, केंद्र में हमारी ही सत्ता है, ऐसा कह रहे थे’ वह मौका अब साध लिया है।”

सचिन वाजे सस्पेंड, NIA को CCTV फुटेज और फिंगरप्रिंट्स समेत कई सबूत मिले

एंटीलिया केस की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किए गए पुलिस अफसर सचिन वाजे को सस्पेंड कर दिया गया है। मुंबई पुलिस ने सोमवार (मार्च 15, 2021) को वाजे को सस्पेंड कर दिया। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस के आदेश से सचिन वाजे का निलंबन हुआ है। फिलहाल सचिन वाजे 25 मार्च तक एनआईए की हिरासत में है। उस पर एंटीलिया केस का सूत्रधार होने के आरोप हैं।

इधर NIA ने सचिन वाजे के खिलाफ कई सबूत इकट्ठा किए हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, फिंगर प्रिंट्स और अन्य चीजें शामिल हैं। टीवी 9 मराठी की रिपोर्ट के अनुसार NIA ने 25 फरवरी से 5 मार्च 2021 तक सचिन वाजे के CIU ऑफिस के 2 किमी के दायरे को कवर करते हुए सीसीटीवी फुटेज को प्राप्त किया है।

एनआईए के अनुसार सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि होती है कि सचिन वाजे 25 फरवरी को मनसुख हिरेन से मिला था। उसी दिन मुकेश अंबानी के आवास के बहार जिलेटिन से लदी स्कॉर्पियो की मिली थी। रिपोर्ट यह भी बताती है कि स्कॉर्पियो पर मिले फिंगर प्रिंट सचिन वाजे से मेल खाते हैं। बरामद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एनआईए उसके ठिकानों पर, उसके द्वारा विजिट किए गए स्थानों और ऊपर बताए गए तारीखों में मिले लोगों पर नज़र रखने के लिए गहन जाँच कर रही है।

Relevant portion of TV9 report (image courtesy: @imac_too on Twitter)

यह बात भी सामने आई है कि एंटीलिया के बाहर मिली स्कॉर्पियो चार महीने पहले भी सचिन वाजे के पास थी। इसका इस्तेमाल पत्रकार अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करने के लिए किया गया था। हालाँकि उस समय कार की नंबर प्लेट अलग थी। NIA के अधिकारियों ने मुंबई पुलिस आयुक्त के कार्यालय से सफेद इनोवा कार भी बरामद की है। शक है कि 25 फरवरी को एंटीलिया के बाहर विस्फोटक लदी स्कॉर्पियों खड़ी करने की घटना में एक सफेद इनोवा कार का भी इस्तेमाल किया गया था।

एनआईए ने मुंबई पुलिस के मोटर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से सफेद इनोवा को कब्जे में लिया, जिसे मुंबई पुलिस मुख्यालय के अंदर पार्क किया गया था। हैरानी की बात है कि CIU भी एक सफेद वाहन की तलाश में था। यह पूछे जाने पर कि पुलिस को उस वाहन का पता कैसे नहीं लग सका जो मुख्यालय में ही खड़ा था, आईपीएस अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं थी।

जैसे ही एनआईए ने मामले पर अपनी पकड़ मजबूत की, सचिन वाजे की तबीयत बिगड़ गई और उसे जेजे अस्पताल ले जाया गया। जे के अंदर काम करने वाले दो अधिकारी और दो ड्राइवर को भी जाँच के दायरे में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, और भी अन्य अधिकारियों को जल्द ही आगे की जाँच के लिए बुलाया जाएगा।

सचिन वाजे की गिरफ्तारी

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस के विवादित अधिकारी सचिन वाजे से NIA ने शनिवार (मार्च 13, 2021) को 12 घंटे तक पूछताछ की और फिर देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ IPC की धारा-120B (आपराधिक षड्यंत्र), 286 (किसी विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण), 465 (कूटरचना), 473 (कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा को बनाना या कब्जे में रखना) और 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

CM योगी के 4 साल: उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय हुई दोगुनी, EDB में 14वें से दूसरे स्थान पर आया राज्य

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अगले सप्ताह अपने कार्यकाल के चार साल पूरा करने जा रही है। दस दौरान राज्य में क्या विकास कार्य हुए, योगी सरकार ने उसका लेखा-जोखा जनता के सामने रख दिया है।

रविवार (मार्च 14, 2021) को राज्य सरकार की तरफ से 64 पृष्ठों की एक बुकलेट जारी की गई है, जिसमें केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार की तमाम योजनाओं व कदमों का उल्लेख है।

सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश 44 विकास योजनाओं को लागू करके देश में अग्रणी स्थान पर है। सरकार का कहना है कि लोकहित में इतने कार्य किए जा चुके हैं कि एक पुस्तिका में उल्लेख करना कठिन है।

जगमग गाँव, लहलहाते खेत, सुरक्षित महिलाएँ, उत्साहित युवा, उद्यमी, चमचमाती सड़कें आदि विकास की कहानी बयाँ कर रही है। 19 मार्च को प्रदेश में योगी सरकार के चार वर्ष पूरे हो जाएँगे। विरोधी दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अपने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल को ‘सेवा व सुशासन के चार वर्ष’ नाम दिया है। 

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की ओर

योगी सरकार ने कहा है कि जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी, तब उन्होंने नियंत्रण के समुचित प्रबंधन करने के साथ ही रोजगार के असवर प्रदान किए हैं। कोविड प्रबंधन के लिए डब्लूएचओ ने उत्तर प्रदेश प्रशासन की सराहना की है।

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हाल ही में पेश बजट को आत्मविश्वास भरा कदम बताया गया है। दावा किया गया है कि चार वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 10.90 लाख से बढ़कर 21.73 लाख करोड़ रुपए हो गई है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है।

इज आफ डूइंग बिजनेस में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

सरकार द्वारा जारी बुकलेट में उल्लेख है कि प्रदेश में अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू हो गया है। वहीं, गोरखपुर में गुरू गोरक्षनाथ आयुष चिकित्सा विश्वविद्यालय खोलने का निर्णय किया जा चुका है। 70 साल में महज 12 मेडिकल संस्थान की स्थापना हुई जबकि योगी सरकार के चार साल के कार्यकाल में 35 मेडिकल संस्थान व कॉलेजों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।

प्रदेश में पाँच एक्सप्रेस-वे निर्माण से बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया गया है। अपराधियों व माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई, जिसके फलस्वरूप प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश आया है। इज आफ डूइंग बिजनेस में देश में उत्तर प्रदेश 14वें स्थान से अब दूसरे स्थान पर आ चुका है। 

उत्तर प्रदेश किसान समृद्ध आयोग का गठन

योगी सरकार ने कहा है कि इस कोरोना काल में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा गया। 378 लाख मीट्रिक टन खाद्यान की खरीद की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश को देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है, इस योजना के तहत 2.41 करोड़ किसानों के खातों में 27286 करोड़ रुपए की राशि भेजी गई। उत्तर प्रदेश किसान समृद्ध आयोग का गठन करके 1.80 करोड़ से अधिक किसानों में क्रेडिट कार्ड बाँटे जा चुके हैं। 20 नए कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की गई है।

45 कृषि उत्पाद मंडी शुल्क से मुक्त

वहीं, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 500 करोड़ का बजट बनाया गया है। 45 कृषि उत्पादों को मंडी शुल्क से मुक्त कर किसानों को राहत प्रदान करने का दावा किया गया है। वहीं, मंडी शुल्क में 1 प्रतिशत की कमी की गई है। किसानों के लिए लगातार कार्य करके के कारण ही भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को 2 करोड़ रुपए के कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा है।

भारत सरकार की योजनाओं से उत्तर प्रदेश में प्रगति

योगी सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत प्रदेश में 7 करोड़ 2 लाख खाते खोले गए। अमृत योजना के तहत प्रदेश के 60 शहरों में पेयजल, सीवरेज व नगरीय यातायात के लिए कार्य किए जा रहे है।

प्रदेश में 10 शहर भारत सरकार द्वारा और 7 शहर राज्य सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। उज्ज्वला योजना में 1 करोड़ 47 लाख पात्रों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन वितरित किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक कोविड टीकाकरण हुआ है।

जीरो टॉलरेंस नीते से अपराध पर लगा अंकुश 

सरकार में आने से पहले चुनावों में मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि उनकी सरकार में माफिया, अपराधी, गुंडे आदि या तो जेल में रहेंगे या प्रदेश से बाहर भाग जाएँगे। हाल में उन्होंने विधानसभा में कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाएँगे। अब जब चार साल कार्यकाल बीत चुके हैं तो सरकार का दावा है कि उनके काल में प्रदेश का समाज सुरक्षित हुआ है। भयमुक्त वातावरण प्रदेश में बना है और इसी कारण निवेश भी आ रहा है। 

योगी सरकार ने सुरक्षित समाज के लिए जीरो टॉलरेंस नीति से अपराध पर अंकुश लगाया है। सरकार ने दावा किया है कि वर्ष 2016 की तुलना में 2020 में अपराध की घटनाओं में भारी गिरावट आई है।

आँकड़ों के अनुसार, 36990 अभियुक्तों को जेल हुआ है और 523 अभियुक्तों पर रासुका लगाया गया है। माफिया द्वारा अर्जित 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है और जब्त किया गया है। प्रदेश में विभिन्न 213 नए थानों की स्थापना हुई है।

गाँवों की बदल गई तस्वीर, 18 घंटे दी जा रही बिजली

योगी सरकार का मानना है कि इन चार सालों में गाँवों की तस्वीर एकदम बदल गई है। यहाँ से पलायन भी रूक गया है। सरकार कह रही है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गाँवों में 14 लाख 33 हजार आवास बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 72302 आवास प्रदान किए गए, इनमें 49910 आवास अभी बन रहे हैं। गाँवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। ऑनलाइन फिडिंग मॉनिटरिंग, इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ परपेज (ई-पीओपी) के माध्यम से खाद्यान वितरण पूर्ण रूप से पारदर्शी हो गया है।

सड़क किनारे अतिक्रमण कर बने सभी धार्मिक स्थल हटेंगे

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक स्थलों और सड़क के किनारे अतिक्रमण कर बनाए गए सभी धार्मिक स्थलों को हटाने का आदेश दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में सभी कमिश्नरों और जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है।

इसके साथ ही यह भी आदेश दिए गए हैं कि तय समय पर शासन को इस बात से अवगत कराया जाए कि अतिक्रमण कर बने कितने धार्मिक स्थलों को हटाया गया है। सरकार ने यह निर्देश हाई कोर्ट के आदेशों के क्रम में जारी किए हैं।

कोविड+ हीरोइन पर FIR, ब्वॉयफ्रेंड पर धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव डालने का भी लग चुका है इल्जाम

बिग बॉस सीजन 7 की विजेता एक्ट्रेस गौहर खान पर कोरोना नियमों का पालन न करने के आरोप में बीएमसी (BMC) ने एफआईआर दर्ज करवाई है। अभिनेत्री पर आरोप है कि कोरोना संक्रमित होने के बावजूद वह नियमों का उल्लंघन करते हुए बाहर घूम रही थी और शूटिंग भी कर रही थी।

इंडिया टुडे के अनुसार, बीएमसी अधिकारी ने बताया कि जब उनका स्टाफ उनके घर पर होम क्वारंटाइन का स्टैम्प लगाने गया तो उन्होंने दरवाजा खोलने से मना कर दिया। इसी घटना के बाद आईपीसी की धारा 269 और 270 के तहत मामला ओशिवारा थाने में दर्ज करवाया गया। 

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उन्हें शिकायत आई थी कि गौहर कोविड पॉजिटिव होने के बाद भी अपने घर में नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने कहा, “जब हमने उन्हें फोन किया तो वह 10 मिनट में आईं और कहा कि मैंने टेस्ट करवाया था वो नेगेटिव आया है। पर हमने कहा कि ऐसे नहीं चलेगा। ये बहुत गैर जिम्मेदाराना रवैया है। वह बिलकुल कॉपरेट नहीं कर रहीं।”

बीएमसी प्रेस रिलीज के अनुसार, “अभिनेत्री के ख़िलाफ़ केस दर्ज हो गया है कि वह कोविड पॉजिटिव होते हुए सार्वजनिक स्थलों पर घूमती नजर आईं। इतना ही नहीं उन्होंने फिल्म शूट में भी हिस्सा लिया। कार्रवाई चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर भी शिकायत दर्ज हो गई है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा महामारी अधिनियम की धारा 2, 3 भी जोड़ी गई है।”

रिलीज में ये बात भी साफ है कि गौहर खान के गेट न खोलने पर सामाजिक कार्यकर्ता को बुलवाया गया, तभी उन्होंने गेट खोला। बीएमसी ने गौहर के ख़िलाफ़ शिकायत को ट्विटर पर शेयर किया है। इसमें उन्होंने नगर की सुरक्षा में किसी प्रकार से समझौता न करने की बात कही है।

स्वास्थ्य अधिकारी अजीत पमपटवार का कहना है कि अभिनेत्रियाँ कइयों की रोल मॉडल होती हैं। उन्हें जिम्मेदार इंसान की तरह बर्ताव करना चाहिए। हम लोगों से अपील करते हैं कि यदि आप कोविड पॉजिटिव हैं तो आपको 14 दिन क्वारंटाइन रहना है। ये समाज में हर किसी की सुरक्षा के लिए है।

बता दें कि गौहर खान बॉलीवुड की कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। हाल में उन्होंने एमेजॉन प्राइम पर आई तांडव वेब सीरीज में अभिनय किया था। साल 2014 में इन्हीं गौहर खान पर अपने एक्स ब्वॉयफ्रेंड कुशाल टंडन पर धर्मपरिवर्तन के लिए दबाव डालने के इल्जाम लगे थे। गौहर ने बाद में इसे खारिज कर दिया था। विवाद बढ़ने पर कुशाल अपने बयान से मुकर गए थे और पिछले बयान को गुस्से का नतीजा कहा था।

म्यांमार में तख्तापलट के पीछे चीन? प्रदर्शनकारियों ने फूँकी चीनी फैक्ट्री, सेना ने 38 को भून डाला; कई शहरों में मार्शल लॉ

म्यांमार में तख्तापलट के बाद से स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे चीन का हाथ है। इसी गुस्से में उन्होंने हलिंगथैया (Hlaingthaya) में रविवार (मार्च 14, 2021) को चीनी फैक्ट्री को आग के हवाले कर दिया व अन्य जगहों पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। 

उक्त घटना के बाद सेना ने खूँखार रूप दिखाते हुए 22 लोगों को गोलियों से भून डाला। वहीं 16 लोगों की मांडले (Mandalay) और बागो ( Bago) जैसी जगहों पर संघर्ष में जान गई। कुल मिलाकर कल 38 लोग मारे गए। बता दें कि तख्तापलट के बाद से अब तक 126 लोग मारे जा चुके हैं। शनिवार तक सेना का विरोध करने पर 2,150 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका था। 

चीन ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को सजा देने के लिए की अपील

चीन ने भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा देखते हुए सेना से जरूरी कदम उठाने और हिंसक भीड़ को कानून के मुताबिक सजा देने को कहा है। साथ ही म्यांमार में अपने लोगों और अपनी कंपनियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।

यांगून में चीनी दूतावास पर लगातार प्रदर्शन कर रहे लोगों को शक है कि उनके देश में हुई सियासी उथल-पुथल को बीजिंग का समर्थन है। रविवार को चीन ने म्यांमार के प्रदर्शनकारियों से अपनी माँगों को वैध तरीके से व्यक्त करने और चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कमजोर न करने की अपील की।

यहाँ जानकारी के लिए बता दें कि यांगून में जहाँ नाराज प्रदर्शनकारी अपना गुस्सा दिखाते हुए फैक्ट्रियों में आग लगा रहे हैं। वहाँ की कई कंपनियों में चीन का निवेश है। इनमें ज्यादातर कपड़ों की फैक्ट्रियाँ हैं। चीन दूतावास का कहना है कि उनकी टेक्सटाइल इंडस्ट्री के कारण 4 लाख जॉब म्यांमार को मिलती है। यदि यही सब हुआ तो इससे म्यांमार के लोगों को भी नुकसान होगा।

चीनी रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 10 फैक्ट्रियाँ प्रदर्शनकारियों के गुस्से का शिकार हुईं। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि ये उन कंपनियों की संख्या है, जिन्हें क्षतिग्रस्त किया गया या आग के हवाले किया गया।

लागू हुआ मार्शल लॉ

समाचार चैनल MRTV के अनुसार, म्यांमार में सैन्य टुकड़ी ने खूनी खेल के बाद, शहर के सबसे बड़े जिलों में से एक, हलिंगथैया में मार्शल लॉ लागू कर दिया है। वहीं स्थानीय मीडिया ने बताया कि यांगून के श्वेपीथर जिले में भी मार्शल लॉ घोषित किया गया है। 

सोमवार को सेना ने उत्तरी डगन, उत्तर ओक्कलपा, दक्षिण डगन और डगन सेइकान के चार और यांगून टाउनशिप में मार्शल लॉ घोषित किया। इन सभी जगह शहर के अधिकांश कारखाने स्थित हैं। इस लॉ के अनुसार, सैन्य कमांडर को चिह्नित जिलों में पूर्ण प्रशासनिक अधिकार दिया जाता है। म्यांमार की ऐसी स्थिति पर Mahn Win Khaing Than का कहना है कि ये राष्ट्र के लिए सबसे काला पल है और ये वही क्षण है जब उजाला जल्द होगा। मालूम हो कि सेना के पास सत्ता जाने से पहले Mahn म्यांमार की संसद के अपर हाउस में स्पीकर थे।

बता दें कि चीन द्वारा सैन्य तानाशाही को समर्थन देने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने हेलिंगथया में चीनियों की तीन गारमेंट फैक्टरी भी जलाई है। प्रदर्शनकारियों ने चीन को जा रही प्राकृतिक गैस की पाइपलाइन उड़ाने की भी धमकी दी है। कई जगह चीन के खिलाफ नारेबाजी की गई, जिससे वहाँ रहने वाले चीनी डर गए। चीनी दूतावास ने सैन्य सरकार से अपने नागरिकों और उनकी संपत्तियों की रक्षा का आग्रह किया है।

वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की ‌विशे‌ष दूत क्रिस्टीन श्रानेर बर्गनर ने हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि म्यांमार में हत्या, प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता और यातनाओं की खबरें लगातार मिल रही हैं। इसके खिलाफ सभी को एकजुट होने की जरूरत है। हम उन क्षेत्रीय नेताओं और सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ संपर्क में हैं, जो म्यांमार के हालात को सुधारने के प्रयास में लगे हुए हैं।

गौरतलब है कि म्यांमार में 1 फरवरी की आधी रात तख्तापलट कर दिया गया था। वहाँ की लोकप्रिय नेता और स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन मिंट समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से ही पूरे देश में इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं।

‘6 दिसंबर को काला दिवस मनाएगी शिवसेना’: BJP को हराने के लिए ओवैसी की AIMIM से गठबंधन, फिर भी अमरावती में नहीं मिली जीत

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक खासियत ये भी है कि इसे हराने के लिए ऐसे दल साथ आ जाते हैं, जिनकी विचारधारा दो अलग-अलग ध्रुवों पर खड़ी होती है और जो एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी होते हैं। उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश यादव और बिहार में लालू यादव और नीतीश कुमार इसके उदाहरण हैं। अब महाराष्ट्र के अमरावती में शिवसेना ने भाजपा को हराने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन किया, फिर भी हार गई।

कॉन्ग्रेस केरल में CPI(M) को उखाड़ फेंकने की लड़ाई लड़ती हैं और पश्चिम बंगाल में उसके साथ गठबंधन बनाती है। तेजस्वी यादव बिहार में कॉन्ग्रेस के साथ चुनाव लड़ते हैं और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC को समर्थन देते हैं। इसी तरह, अमरावती म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमिटी अध्यक्ष पद के लिए शिवसेना ने AIMIM को अपने साथ लिया, लेकिन चेयरमैन का पद भाजपा की झोली में आ गया।

भाजपा के शिरीष रासने ने स्थायी समिति के सभापति पद पर जीत दर्ज की। विधायक रवि राणा के युवा स्वाभिमान पक्ष के एक सदस्य ने भाजपा के रासने का समर्थन किया। इसने रासने की जीत का मार्ग प्रशस्त किया। कॉन्ग्रेस, शिवसेना, AIMIM और बसपा ने मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर रखने की कोशिश की थी। लेकिन, बसपा के नेता चेतन पवार चुनाव में अनुपस्थित थे। इससे विरोधियों की संख्या कम हो गई।

AIMIM ने अफजल हुसैन मुबारक हुसैन को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में, शिरीष रासने को 9 वोट मिले, जबकि AIMIM के अफज़ल हुसैन मुबारक हुसैन को 6 वोट। लेकिन, शिवसेना ने जिस तरह हिंदुत्व की विचारधारा त्याग कर कट्टरपंथी कही जाने वाली पार्टी के साथ गठबंधन किया, उससे उसकी आलोचना हो रही है। पत्रकार अमन चोपड़ा ने पूछा, “अब शिवसेना 6 दिसंबर को विवादित ढाँचा विध्वंस पर शौर्य दिवस मनाएगी या AIMIM के साथ काला दिवस?”

महाराष्ट्र भाजपा के ‘उत्तर भारतीय मोर्चा’ के अध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा, “उद्धव ठाकरे ने सत्ता की लालच में हिन्दूद्वेषी AIMIM के साथ अमरावती मे समझौता किया। इसी पार्टी के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था के 15 मिनट के लिए देश से पुलिस हटा दो फिर हिन्दुओं का जो हाल होगा वो पूरा देश देखेगा। हिन्दू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचारों को तिलांजलि देकर शिवसेना अब सत्तामोही शवसेना बन गई है।”

ये राजस्थान पुलिस है: रेप पीड़िता से रिश्वत में अस्मत माँगता है ACP, थाना परिसर में ही बलात्कार करता है सब इंस्पेक्टर

राजस्थान में खाकी के दामन पर एक और दाग लगा है। ACP कैलाश बोहरा को एक रेप पीड़िता से रिश्वत माँगने और उसका यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले एक सब इंस्पेक्टर द्वारा शिकायत दर्ज कराने आई महिला का तीन दिन तक थाना परिसर में ​ही रेप करने का मामला सामने आया था।

ताजा मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने RPF अफसर कैलाश बोहरा को रविवार (मार्च 14, 2021) को उनके ऑफिस में पीड़िता के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। खबरों के अनुसार, पीड़िता ने जवाहर सर्कल थाने में किसी युवक के खिलाफ दुष्कर्म और धोखाधड़ी समेत 3 मामले दर्ज करवा रखे हैं। इसी केस की जाँच का हवाला देकर अधिकारी बार-बार युवती को अपने ऑफिस बुलाता और कई बार ड्यूटी पूरी होने के बाद भी मिलने के लिए दबाव बनाता। 

युवती लंबे समय से अधिकारी के बर्ताव से परेशान थी। उसने एसीबी के डीजी बीएल सोनी से इसकी शिकायत की। डीजी ने बताया कि आरोपित अधिकारी महिला अत्याचार अनुसंधान यूनिट में बतौर प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) तैनात है। 

युवती ने 6 मार्च को कैलाश बोहरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में युवती ने कैलाश पर रिश्वत माँगने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसी के बाद एसीबी ने अधिकारी के ख़िलाफ़ उपयुक्त एक्शन लिया।

जानकारी के मुताबिक, अधिकारी को रंगे हाथ रविवार को पकड़ा गया। उसने छुट्टी वाले दिन युवती को कार्यालय बुलाया था। जब युवती ऑफिस में पहुँची तो उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद एसीबी ने कैलाश बोहरा को महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस घटना के सामने आने के बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर जिले में पुलिस अफसर ही पीड़ित महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास करता है। बारां जिले में दंपत्ति को रोककर महिला के साथ गैंगरेप होता है। ये राजस्थान की कानून-व्यवस्था का एक छोटा सा दृश्य है, लेकिन अफसोस कि मुख्यमंत्री जी को यह दृश्य दिखाई नहीं देते!

पिछले दिनों अलवर के खड़ेली थाना में अपने पति के खिलाफ FIR लिखवाने गई महिला से बलात्कार का मामला सामने आया था। 26 वर्षीय पीड़िता का पति के साथ विवाद चल रहा है। 2 मार्च 2021 को वह ति के खिलाफ FIR दर्ज करवाने खेड़ली थाना पहुँची थी। आरोप है कि खेड़ली थाने में तैनात सेकेंड ऑफिसर भरत सिंह ने पीड़िता को पति से विवाद के निपटारे का झाँसा दिया। इसके बाद वो थाना परिसर में ही बने आवास में पीड़िता को लेकर गया और वहाँ उसके साथ रेप किया। महिला का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर इतने पर ही नहीं रुके। उसने अगले दो दिन भी पीड़िता को बुलाया और उसके साथ रेप किया।

गौरतलब है कि 2019 में राजस्थान के चुरु जिले में एक दलित युवक की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में भी पुलिस पर रेप के आरोप लगे थे। मृतक की 35 वर्षीय भाभी और परिजनों ने आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया था।

पीड़िता के पति ने कहा था, “30 जून को चोरी के एक केस में पुलिस मेरे 22 वर्षीय भाई को पकड़ कर ले गई। 3 जुलाई को पुलिस उसे वापस घर ले आई मगर उसी दिन फिर से उठाकर ले गई। पुलिस मेरी पत्नी को भी साथ ले गई। बाद में 6-7 जुलाई की रात पुलिस ने मेरे भाई पर खूब अत्याचार किए और उसकी हत्या कर दी। मेरी पत्नी जो इस अत्याचार की गवाह थी, उसके साथ पुलिस ने गैंगरेप किया। उसके नाखून उखाड़ दिए। उसकी आँखों और उंगलियों को चोट पहुँचाई।”