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अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू समेत कई दिग्गजों के 22 ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड, फैंटम फिल्म्स से जुड़ा है मामला

मुंबई में बॉलीवुड की कुछ बड़ी हस्तियों के घर बुधवार (मार्च 3, 2021) को इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट का छापा पड़ा है। इनमें एक्ट्रेस तापसी पन्नू, निर्माता अनुराग कश्यप, विकास बहल और मधु मंटेना शामिल हैं। इन पर टैक्स चोरी का आरोप है। शहर में 22 जगह कार्रवाई की जा रही है। 

मधु मंटेना की टैंलेट मैनेजमेंट कंपनी Kwaan के दफ्तर पर भी आयकर अधिकारी पहुँचे हैं। यह सभी फैंटम फिल्म्स से जुडे हैं। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को फैंटम फिल्म्स कंपनी के कामकाज और लेनदेन में गड़बड़ी का शक है। जाँच में मिले दस्तावेज और सबूतों के आधार पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। इसमें कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

मधु मंटेना वर्मा अपनी एक टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी भी चलाते हैं। फैंटम फिल्म्स के कामकाज का अनुराग कश्यप, विकास बहल, विक्रमादित्य मोटवानी और मधु मंटेना वर्मा इसका संचालन करते थे, लेकिन इस कंपनी को 2018 में भंग कर दिया गया था। 

सोशल मीडिया पर अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू खूब एक्टिव रहते हैं। दोनों  ‘साँड की आँख’ और ‘मनमर्जियाँ’ जैसी सफल फिल्म एक साथ बना चुके हैं। फिल्म ‘दोबारा’ से दोनों की एक साथ फिर से वापसी हो रही है। 

बात करें तापसी पन्नू की तो वे 2020 में अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘थप्पड़’ में नजर आईं थीं। उनकी फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ जल्द ही रिलीज होने वाली है। इसके साथ ही साथ वो ‘शाबाश मिट्ठू’, ‘हसीन दिलरुबा’, ‘शाबाश नायडू’ और ‘लूप लपेटा’ जैसी फिल्में भी कर रही हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अनुराग कश्यप के खिलाफ पायल घोष ने बलात्कार का आरोप लगाया था। उन्होंने बयान में कहा था, “लगभग 7:30 बजे मैं अपनी होंडा सिटी कार में अनुराग कश्यप के घर पहुँची। वह अंदर बैठकर स्मोक कर रहा था। घर से वाकई बहुत बदबू आ रही थी और जब मैंने उससे पूछा, तो उसने कहा कि वह मारिजुआना का सेवन कर रहा था। उसने मुझे भी स्मोक करने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। वह मुझे अपने फिल्मों के संग्रह को दिखाने के लिए दूसरे कमरे में ले गया। अपनी पुरानी फिल्मों के कैसेट दिखाते हुए, उसने अचानक मुझे सोफे पर धकेल दिया। फिर उसने अपनी पैंट खोली और मुझसे जबरदस्ती करने लगा। मैंने बहुत चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन उसने मेरा मुँह दबा दिया और मेरा बलात्कार किया।”

‘हाथ पकड़ 20 मिनट तक आँखें बंद किए बैठे रहे, किस भी किया’: पूर्व DGP के खिलाफ महिला IPS अधिकारी ने दर्ज कराई FIR

तमिलनाडु के पूर्व स्पेशल DGP राजेश दास के खिलाफ यौन प्रताड़ना के आरोप लगे हैं आरोप लगाने वाली महिला भी IPS अधिकारी ही हैं। आरोप है कि पूर्व स्पेशल DGP ने पीड़िता का हाथ अपने हाथ में लेकर उसके पीछे किस किया, जिसके बाद पीड़िता ने तुरंत अपना हाथ वापस खींचा और कहा कि वो उनके साथ सहज नहीं है। इसके बाद राजेश दास मुस्कुराने लगे और हाथ छोड़ दिया। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद वो फिर पीड़िता से अपना हाथ देने को कहने लगे।

महिला IPS अधिकारी के आरोपों के अनुसार, पूर्व स्पेशल DGP ने इसके बाद फिर से उनका हाथ अपने हाथ में ले लिया और अजीब हरकतें करने लगे। राजेश दास के खिलाफ यौन प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया गया है। मद्रास हाईकोर्ट ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। FIR में कहा गया कि पूर्व स्पेशल DGP ने कई बार मना करने के बावजूद पीड़िता का हाथ पकड़ा, किस किया और फोटो क्लिक किया।

ये फरवरी 21, 2021 को करूर इलाके में हुई। लाइटहाउस कॉर्नर में तब मुख्यमंत्री की बैठक थी और उक्त IPS अधिकारी को बंदोबस्त ड्यूटी में लगाया गया था। तभी तत्कालीन स्पेशल DGP ने उन्हें अपनी कार में बैठने को कहा। उनका कहना है कि उसी कार में ये घटना हुई। आरोप है कि सबसे पहले राजेश दास ने उन्हें गाना गाने को कहा, जो उन्होंने किया। इसके बाद वो पीड़िता का हाथ पकड़ कर 20 मिनट तक आँख बंद किए बैठे रहे।

इसके बाद आरोपित ने उन्हें एक तौलिया दिया, ताकि वो अपने हाथ साफ़ कर सके। वो तब चौंक गई, जब आरोपित ने अपने फोन में उनकी कई तस्वीरें दिखाईं, जिन्हें ‘फेवरिट्स’ सेक्शन में डाल कर रखा गया था। दास ने तब बताया कि वो जब चाहें तब इन्हें देख सके, इसीलिए उन्होंने ऐसा किया है। ये तस्वीरें पिछले कुछ मौकों पर उन्होंने खुद क्लिक की थी। आरोप है कि उन्हें शिकायत करने से रोकने के लिए 10-15 पुलिसकर्मियों को लगाया गया।

कुछ दिनों बाद उनके ससुर के पास फोन कॉल कर दास ने कॉम्प्रोमाइज करने को कहा और दावा किया कि वो पीड़िता के पाँव पर गिरने को भी तैयार हैं। इस बारे में पीड़िता के पति ने पीड़िता को बताया। इसीलिए, इस मामले में आधिकारिक शक्तियों के दुरुपयोग का मामला भी दर्ज किया गया है। मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ दिमागी शांति भंग करने और आपराधिक धमकी का मामला भी दर्ज किया गया है।

तिरंगा यात्रा निकालने और हिन्दुओं के घर के सामने बीफ फेंकने के विरोध पर मारी गोली: RSS कार्यकर्ता ने याद किया वो मंजर

आपको दिसंबर 2019 की वो घटना याद होगी, जब बीर बहादुर सिंह नामक एक शिक्षक को कोलकाता स्थित मेटियाब्रुज में गोली मार दी गई थी। उनका दोष सिर्फ इतना था कि वो RSS से जुड़े हुए थे। गार्डन रिच विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना में वो तो बच गए, लेकिन वो मंजर ज़िंदगी भर उनके साथ रहेगा। उन्होंने ऑपइंडिया से बात करते हुए उस घटना के बारे में बताया। उनकी पीठ में बंदूक सटा कर गोली मारी गई थी।

बीर बहादुर सिंह एक प्राइवेट स्कूल में कम्प्यूटर के शिक्षक हैं और संघ के कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने बताया कि वो क्षेत्र में तिरंगा यात्रा निकालते थे, लेकिन जनवरी 2018 में क्षेत्र में हिन्दुओं के घर के सामने बीफ फेंका गया। जब वो वहाँ पर गए तो इलाके के स्थानीय काउंसिलर ने हाथ से उठा कर फेंक दिया। उन्होंने बताया कि तभी पार्षद के लोगों ने उन पर हमला किया, लेकिन कोलकाता पुलिस के कुछ कर्मियों एक कारण वो बच गए।

बीर बहादुर सिंह ने बताया कि उसके बाद रात 12 बजे तक उन्हें थाने में बिठा कर न सिर्फ मानसिक प्रताड़ना दी गई, बल्कि उनसे लिखवाया गया कि सब उन्होंने ही किया है। 4 महीने बाद उन पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के तहत केस किया गया। इसके बाद डिग्री चोरी का मामला चलाया गया। आरोप है कि इसके बाद TMC पार्षद के लोगों ने उन पर हमला किया, लेकिन पार्षद के खिलाफ नामजद FIR नहीं की। उन्होंने बताया:

“हम अपने घर से एक जगह जा रहे थे, तभी वहाँ पीछे से पीठ में बंदूक सटा कर गोली मारी गई। किसी तरह मैं 200 मीटर चला ताकि पुलिस थाने में जाकर मामला दर्ज करा सकूँ। कुछ देर बाद मेरे एक रिश्तेदार आए, जिन्हें मैंने पुलिस को बुलाने को कहा। पुलिस ने मुझे अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले में अब तक मुझे न्याय नहीं मिला। गोली शरीर के आर-पार निकल गई थी। मुझे किसी ने आगाह किया था कि मेरी जान को खतरा है।”

वीर बहादुर सिंह की ऑपइंडिया के संपादक अजीत भारती के साथ बातचीत

उन्होंने बताया कि ‘जय श्री राम’ सुन कर कुछ नेता चिढ़ जाते हैं, जिन्हें राम के नाम से कष्ट होता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग इसी फिराक में रहते हैं कि हिन्दुओं को डरा-धमका कर पलायन करा दिया जाए। इस दौरान उन्होंने एक हिन्दू परिवार का उदाहरण भी दिया। वीर बहादुर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा क्योंकि पश्चिम बंगाल में 1 महीने में परिवर्तन होने वाला है, जिसके बाद सभी पीड़ितों को न्याय मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी और नेताओं को कार्यकर्ताओं से उम्मीद रहती है और इसी तरह कार्यकर्ताओं को भी नेताओं से उम्मीद रहती है। उन्होंने कहा कि RSS के वरिष्ठ नेताओं ने उनका पूरा सहयोग किया और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उक्त इलाके के बारे में वो कहते हैं कि यहाँ पहले अच्छी-खासी संख्या में हिन्दू थे, लेकिन अब कम ही बचे हैं और सत्ता का दुरुपयोग कर के लोगों को धमकाने वाले बच गए हैं।

बता दें कि मेटियाब्रुज वही इलाक़ा है, जिसे तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक मंत्री ने ‘मिनी पाकिस्तान’ करार दिया था। एक पाकिस्तानी पत्रकार को मेटियाब्रुज के बारे में बताते समय ममता बनर्जी के मंत्री फरहाद हाकिम ने बताया था कि गार्डन रीच वाला इलाक़ा कोलकाता का ‘मिनी पाकिस्तान’ है। उन्होंने ‘द डॉन’ के पत्रकार से कहा था- “आइए, आपको मिनी पाकिस्तान की सैर कराता हूँ।” ये वही इलाक़ा है, जहाँ अवध के आखिरी नवाब वाज़िद अली शाह ने अपनी ज़िंदगी के अंतिम 30 वर्ष गुजारे थे।

जिस दरगाह को CM ममता ने दिए ₹2.60 करोड़, उस मौलाना के कार्यकर्ता के घर से मिले बम-बंदूक: ISF का जियारुल फरार

पश्चिम बंगाल के विवादित मौलाना अब्बास सिद्दीकी की पार्टी ‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF)’ के एक कार्यकर्ता के यहाँ से बम मिले हैं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं।

जिस ISF कार्यकर्ता के यहाँ से बम बरामद हुए, उसका नाम जियारुल मोल्लाह है। वो पहले से ही भगोड़ा है। उसके अब्बा जलील मोल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

ये घटना साउथ 24 परगना जिले की है। बारिऊपुर के DSP (क्राइम) तमल सरकार ने बताया कि रात को गुप्त सूत्रों से सूचना मिलने के बाद ISF कार्यकर्ता के घर में तलाशी ली गई। उसके घर से एक शॉटगन, कुछ बम और बम बनाने की मशीन भी मिली।

आरोपित की तलाश में दबिश दी जा रही है। बताते चलें कि आदर्श अचार संहित लागू होने से कुछ ही घंटों पहले ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार ने फुरफुरा शरीफ के विकास के लिए 2.60 करोड़ रुपए आवंटित किए।

ये वही दरगाह है, जिसके मुख्य मौलाना अब्बास सिद्दीकी हैं। अब्बास सिद्दीकी वैसे तो मौलाना हैं, लेकिन वो भारतीयों के वायरस से मरने की दुआ माँग चुके हैं। इतना ही नहीं, वो दलितों को हिन्दुओं से अलग भी बताते हैं।

ISF वैसे तो ममता बनर्जी की TMC के खिलाफ कॉन्ग्रेस-लेफ्ट के गठबंधन के साथ है लेकिन कॉन्ग्रेस का कहना है कि लेफ्ट ने उसे अपने हिस्से की सीटें दी हैं। अब्बास सिद्दीकी भी लेफ्ट उम्मीदवारों को समर्थन की बात कर चुका है।

‘तुम पंजाब के खिलाफ हो, रोटी कैसे पचती है?’: राजदीप ने अजय देवगन की कार रोक बकी गालियाँ, गिरफ्तारी के बाद मुंबई में बेल

मुंबई में एक व्यक्ति ने अजय देवगन की कार रोक दी और उनके खिलाफ टिप्पणी करने लगा, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, उसे थोड़ी ही देर बाद जमानत भी मिल गई।

ये मामला मुंबई के गोरेगाँव क्षेत्र का है, जहाँ अजय देवगन अपनी कार से जा रहे थे। राजदीप रमेश सिंह नामक व्यक्ति ने ‘किसान आंदोलन’ का समर्थन न करने और देश के पक्ष में ट्वीट करने पर अजय देवगन की कार रोकी और चिल्लाने लगा।

उक्त व्यक्ति द्वारा अजय देवगन की कार रोकने के बाद वहाँ का ट्रैफिक भी रुक गया और कई लोग वीडियो बनाने लगे। इस दौरान उक्त व्यक्ति कह रहा था –

“ये देखो अजय देवगन है। रोटी कैसे पचती है तुम्हें? भाइयो, ये देख लो। जो लोग पंजाब के खिलाफ हैं, उन्हें रोटी कैसे पचती है? शर्म करो शर्म! पगड़ी है सिर पर। लानत है तुम पर, लानत है। शर्म है कि नहीं तुम्हें? गाड़ी चढ़ाएगा मेरे ऊपर तू?”

राजदीप पेशे से ऑटो ड्राइवर है। ये घटना मंगलवार (मार्च 2, 2021) को सुबह 8:55 में संतोष नगर क्षेत्र में हुई। अजय देवगन फिल्म सिटी जा रहे थे, तभी अपनी ऑटो लेकर जा रहे राजदीप रमेश सिंह ने उनकी कार देख ली, जिसके बाद वो ऑटो से निकल कर हंगामा मचाने लगा।

‘किसान आंदोलन’ का समर्थन न करने के नाम पर वो बार-बार अजय देवगन से बाहर निकल कर बहस करने को कह रहा था। दिंडोशी पुलिस थाने में उसके खिलाफ गालियाँ बकने का मामला दर्ज कराया गया है।

दरअसल, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अक्षय कुमार, अजय देवगन, सुनील शेट्टी, करण जौहर, एकता कपूर, कैलाश खेर और कई अन्य सितारों ने कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों द्वारा भारत के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार पर करारा जवाब दिया था और भारत का समर्थन करते हुए एकजुटता दिखाई थी।

रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग, मिया खलीफा और मीणा हैरिस जैसों ने भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा चलाया था, जिसका इन सेलेब्स ने जवाब दिया था।

तब अजय देवगन ने ट्वीट कर लिखा था, ”भारत या भारतीय नीतियों के खिलाफ किसी भी प्रकार के झूठे प्रचार की तरफ ध्यान न दें। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी एकजुट रहें। भारत साथ है। भारत प्रोपेगंडा के खिलाफ है।”

इसी ट्वीट के कारण उक्त व्यक्ति गुस्साया हुआ था और उसने अजय देवगन की कार रोक डाली।

‘चार्टर्ड प्लेन में घूमने वाले, चुनाव के समय साइकल से आते हैं’ – प्रियंका के भाषण पर लोग शेयर कर रहे राहुल का वीडियो

सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गाँधी का एक भाषण वायरल हो रहा है, जिसे शेयर कर के लोग उन्हें ही आईना दिखा रहे हैं। इस भाषण में विरोधी पार्टियों के नेताओं पर तंज कसने के लिए प्रियंका गाँधी जो भी कहती हैं, एक अन्य वीडियो शेयर कर के लोग दिखा रहे हैं कि उनके भाई राहुल गाँधी ही उस साँचे में फिट बैठते हैं। लोगों ने दोनों वीडियो को जोड़ कर इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया।

इस भाषण में प्रियंका गाँधी कहती हैं, “जो प्रदेश भर में चार्टर्ड प्लेन से घूमते हैं। वो चुनाव के समय आपके सामने साइकल चला कर आएँ, तो आप उनको पहचानिए। आप पहचानिए कि आपकी भलाई किस में है।”

इस वीडियो के साथ जोड़े गए पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के वीडियो में, वो चार्टर्ड प्लेन से उतरते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद वो साइकल चलाते हुए भी दिख रहे हैं। अलग-अलग वीडियो को कंपाइल कर के ऐसा बनाया गया है।

आदित्य त्रिवेदी नामक ट्विटर यूजर ने लिखा कि प्रियंका गाँधी उनके बारे में ही बात कर रही हैं, जो पोगो कार्टून चैनल देखते हैं और फिर ट्वीट करते हैं।

एक व्यक्ति ने तो प्रियंका और राहुल की बचपन की तस्वीर शेयर की, जिसमें दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और सोनिया गाँधी भी दिख रही हैं। इस तस्वीर में जन्मदिन का केक रखा हुआ है। लोगों ने कहा कि दशकों पहले भी ये लोग जन्मदिन भी फ्लाइट में ही मनाते थे।

एक व्यक्ति ने प्रियंका गाँधी और राहुल गाँधी की मंदिर में पूजा करते हुए पारंपरिक वेशभूषा में तस्वीर शेयर करते हुए लिखा – “हड़प्पा की खुदाई में निकले 500 साल पुराने रामभक्त।”

रवि राय नामक ट्विटर यूजर ने लिखा कि राहुल गाँधी तो अखिलेश यादव की साइकल पर बैठ गए और पूरी ज़िंदगी भर के लिए ‘बेचारे’ की साइकिल तोड़ दी। एक अन्य यूजर ने पूछा कि क्या मोदी जी ने परिवार में झगड़ा लगा दिया?

जैक मा नहीं रहे चीन के सबसे अमीर व्यक्ति, कम्युनिस्ट पार्टी पर उँगली उठाने की भुगतनी पड़ी सजा! जानिए किसने ली उनकी जगह

कभी दुनिया के शीर्ष अरबपति कारोबारियों में गिने जाने वाले चीन के सबसे अमीर व्यक्ति रहे जैक मा के सितारे अब गर्दिश में चल रहे हैं। मंगलवार (मार्च 2, 2021) को जारी की गई शीर्ष चीनी अरबपतियों की एक सूची में जैक मा का नाम शीर्ष 3 में नहीं है।

जैक मा के साथ इस सूची में आने वाले अन्य अरबपतियों का कारोबार जहाँ बढ़ता ही चला गया, वहीं उनकी संपत्ति लगातार घट गई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुए खटपट को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।

2019 और 2020 के लिए आए हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट में जैक मा और उनके परिवार का नाम सबसे ऊपर था, लेकिन अब वो टॉप-3 में न आकर चौथे नंबर पर फिसल गए हैं। उनके ‘Ant ग्रुप’ और ‘अलीबाबा’ के ट्रस्ट के मामलों में चीनी नियामकों की जाँच चल रही है और इसे ही उनकी संपत्ति में गिरावट का कारण बताया गया है।

अक्टूबर 24, 2020 के एक भाषण में उन्होंने चीन के नियम-कानूनों पर उँगली उठाई थी। इसके बाद ‘Ant Group’ के 37 बिलियन डॉलर (2.71 लाख करोड़ रुपए) के IPO को सस्पेंड कर दिया गया।

दिसंबर 2020 में उनकी कंपनियों के खिलाफ जाँच का दायरा बढ़ा दिया गया और उनका कारोबार गिरता चला गया। इसके बाद जैक मा तीन महीनों तक सार्वजनिक चर्चाओं से गायब रहे थे और मीडिया से भी दूर रहे थे, जबकि उन्हें मोटिवेशन टॉक शो, टीवी शोज और इंटरव्यूज के लिए भी जाना जाता रहा है।

चीन के अभी जो सबसे अमीर व्यक्ति हैं, उनका नाम झोंग है। जहाँ उनकी कंपनी ‘Nongfu Spring’ के शेयर के भाव बढ़ने का उन्हें फायदा मिला, वहीं उनकी एक अन्य कंपनी ‘Beijing Wantai Biological Pharmacy Enterprise’ द्वारा कोरोना वैक्सीन बनाने से उनकी संपत्ति में इजाफा हुआ।

TikTok की स्वामित्व वाली कंपनी Bytedance के मालिक झांग ईमिंग इस सूची में पहली बार आए। वहीं Tencent के पोनी मा का भी सूची में नाम है।

जैक मा पिछले साल अपने ही टीवी शो ‘अफ्रीका के बिजनेस हीरो’ में नजर आने वाले थे, लेकिन उनकी गैर उपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। शो में उनकी जगह किसी और शख्स को भेज दिया गया। टीवी शो में शामिल नहीं होने पर अलीबाबा के प्रवक्ता ने कहा था कि शेड्यूल को लेकर हुए विवाद की वजह से वे टीवी शो में शामिल नहीं हुए। फिर जनवरी 2021 में वो एक बैठक में कुछ सेकेंड्स के लिए दिखे थे।

BBC के शो में PM नरेंद्र मोदी को माँ की गंदी गाली, अश्लील भाषा का प्रयोग: किसान आंदोलन पर हो रहा था ‘Big Debate’

दिल्ली में चल रहे ‘किसान आंदोलन’ को लेकर ‘BBC एशियन नेटवर्क’ के एक डिबेट शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी (माँ की गाली) की गई। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने चैनल के ‘Big Debate’ शो में ये टिप्पणी की।

BBC एशियन नेटवर्क में जब यह प्रोग्राम हो रहा था, तब एंकर किसी साइमन से बात कर रही होती है और इसी दौरान वो पंजाबी में पीएम मोदी को माँ की गाली देता है। एंकर इस दौरान आपत्ति भी नहीं जताती।

हालाँकि, इसके बाद कॉल कट हो जाता है। ‘BBC एशियन नेटवर्क’ जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय चैनल के शो पर पीएम मोदी को इस तरह की गाली देना और अश्लील भाषा का प्रयोग किए जाने से लोग आक्रोशित हैं।

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘किसान आंदोलन’ में अपशब्दों का प्रयोग किया गया हो। इससे पहले ही ऐसा किए जाने के कई वीडियो सामने आ चुके हैं, जिससे इस आंदोलन की असलियत सामने आती है।

75% सीटों पर गुजरात पंचायत में BJP का कब्जा… गोधरा में 7 सीटें जीत ओवैसी ने मारी बाजी, AAP को निर्दलीय से भी कम

गुजरात के निकाय चुनावों में अपना दबदबा बरकरार रखने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अब पंचायत चुनाव में भी अपने गढ़ को न सिर्फ बचा लिया है, बल्कि दमदार प्रदर्शन किया है। भाजपा की प्रतिद्वंद्वी कॉन्ग्रेस का प्रदर्शन खासा खराब रहा, जिसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा और नेता प्रतिपक्ष परेश धनानी ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया। केजरीवाल की AAP और ओवैसी की AIMIM ने भी राज्य में अपनी उपस्थिति दिखाई।

सबसे पहले बात तहसील/तालुका पंचायतों की। तालुका पंचायत की कुल 4771 सीटों में से भाजपा ने 3351 सीटें जीत कर अपना दबदबा बनाए रखा। यानी, कुल 70.23% सीटें भाजपा के खाते में गईं। कॉन्ग्रेस को जहाँ 1252 सीटें प्राप्त हुईं, वहीं AAP ने 31 सीटें जीतीं। हालाँकि, उससे ज्यादा निर्दलीय विजेताओं की संख्या 115 रही। मायावती की बसपा 4 सीटें अपने नाम कर के बस उपस्थिति भर दर्ज करा सकी।

उसके बाद आते हैं जिला पंचायत पर, जिनकी संख्या 979 है। भाजपा ने इनमें से 800 पर कब्ज़ा किया। अर्थात, राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने यहाँ 81.71% सीटें जीत कर तहसील पंचायतों से भी बेहतर प्रदर्शन किया। कॉन्ग्रेस को 169 सीटें मिलीं और AAP मात्र 2 सीटों पर सिमट कर रह गईं। वहीं नगरपालिका की 2720 सीटों में से भाजपा ने 2085 (76.65%) सीटें अपने नाम की। इसमें कॉन्ग्रेस को 386, AIMIM को 17 और AAP को 9 सीटें मिलीं।

ये तो रहीं तहसील पंचायतों, जिला पंचायतों और नगरपालिका के चुनाव परिणामों के आँकड़ों की बातें। कॉन्ग्रेस नेता अमित चावड़ा ने इस्तीफा तो दिया, लेकिन EVM को दोष देना नहीं भूले। AIMIM की बात यहाँ ज़रूरी है क्योंकि उसने अधिकतर सीटें गोधरा में जीती हैं। पार्टी ने वहाँ मात्र 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, जिनमें से 7 विजयी रहे। मोडासा और गोधरा को मुस्लिमों के प्रभाव वाला इलाका माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर गुजरात की जनता को धन्यवाद दिया है। अपने गृह राज्य में जीत पर उन्होंने कहा, “गुजरात के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र ने सर्वसम्मति से विकास पर मुहर लगाई है। सरकार के जनहित के कार्यों ने जहाँ लोगों के दिलों में जगह बनाई है, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत रंग लाई है। हमारी पार्टी गुजरात के सभी भाई-बहनों की प्रगति और राज्य की उन्नति के लिए काम करती रहेगी।”

अमेजन प्राइम ने तांडव पर माँगी माफी, कहा- भावनाओं को ठेस पहुँचाना ध्येय नहीं, हटाए विवादित दृश्य

हिंदूफोबिक कंटेट को लेकर विवादों में आई वेब सीरिज ‘तांडव’ को लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो ने माफी माँगी है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ने आधिकारिक बयान जारी कर बिना शर्त माफी ऐसे वक्त में माँगी है, जब अमेज़न की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (3 मार्च 2021) को सुनवाई होनी है।

बयान में कहा गया है, “अमेजन प्राइम वीड‍ियो को अत्यंत खेद है कि दर्शकों को हाल ही में लॉन्च की गई काल्पनिक सीरीज तांडव के कुछ दृश्य आपत्तिजनक लगे। किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना हमारा ध्येय नहीं था, और इस बात से अवगत कराए जाने पर, उन आपत्तिजनक दृश्यों को या तो हटा दिया गया या फिर संपादित किया गया। हम अपने दर्शकों की विविध आस्थाओं का सम्मान करते हैं और उन दर्शकों से क्षमा याचना करते हैं, जिन्हें ठेस पहुँची है।”

बयान में आगे कहा गया है, “हमारी टीमें कंपनी की विषय मूल्यांकन विधियों का अनुकरण करती हैं, और हम मानते हैं क‍ि दर्शकों की बेहतर सेवा के लिए, समय-समय पर इन विधियों का आधुनिकीकरण आवश्यक है। हम भारतीय कानूनों का अनुपालन करते हुए, और हमारे दर्शकों की संस्कृति और आस्थाओं का सम्मान करते हुए, अपने सहयोगियों के साथ आगे भी मनोरंजक विषय विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस वेब सीरिज को लेकर सोशल मीडिया में दर्शकों ने सीधे आरोप लगाया था कि इसमें भगवान शिव और भगवान राम का अपमान किया गया है। इसके बाद इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से ‘तांडव’ को बैन करने की अपील की गई थी। 17 जनवरी 2021 (रविवार) को केंद्रीय सूचना मंत्रालय ने अमेजन प्राइम वीडियो के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब माँगा था

विवाद के बाद वेब सीरिज के मेकर्स ने भी स्टेटमेंट जारी कर माफी माँगी थी और कहा था कि वे जल्द ही सीरीज में बदलाव करेंगे। सीरीज के डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने ट्वीट कर कहा था, “हमारे मन में देश के लोगों की भावनाओं के प्रति बहुत सम्मान है। हमारा इरादा किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, नस्ल, धर्म, धार्मिक समुदाय, राजनीतिक दल, जीवित या मृत व्यक्ति की भावनाओं को चोट पहुँचाना नहीं था। तांडव के कास्ट और क्रू ने सीरीज के कंटेंट में बदलाव करने का फैसला लिया है।”

हाल ही में इसको लेकर अमेजन अमेज़न प्राइम की नेशनल हेड अपर्णा पुरोहित से यूपी पुलिस ने लंबी पूछताछ की थी। पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपर्णा को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके ख़िलाफ़ अपर्णा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है।