Home Blog Page 4000

केरल में 9वीं कक्षा की छात्रा को ड्रग एडिक्ट बनाकर होता रहा गैंगरेप: मो अफ्ला और रफीक गिरफ्तार

केरल के मल्लापुरम में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 साल की लड़की को ड्रग देकर उसके साथ गैंगरेप करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों एक ड्रग सिंडिकेट के सदस्य हैं। इनकी पहचान मोहम्मद अफ्ला और मोहम्मद रफीक के तौर पर हुई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस केस के साथ ही पुलिस ने ड्रग व सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसी रैकेट के 7 सदस्य पिछले कुछ माह से पीड़िता को ड्रग देकर उसका रेप करते थे। इन लोगों से पीड़िता इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आई थी।

केरल पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन के बाद जब ऑनलाइन क्लास शुरू हुई तो लड़की को क्लास लेने के लिए मोबाइल एक्सेस दिया गया था। लेकिन इस दौरान वह इंस्टाग्राम के जरिए 30 साल के युवक के संपर्क में आई। ये मुख्य साजिशकर्ता था। इसने लड़की से कई बार इंस्टाग्राम पर चैटिंग की फिर उसके घर आया और उसे ड्रग्स देने लगा।

पुलिस ने बताया कि आरोपित लड़की को ड्रग दे देकर उसे उसका आदि बना रहे थे। बाद में उन्होंने उसका शारीरिक शोषण शुरू किया। फिर अन्य लोग भी उसका यौन शोषण करने लगे।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता मल्लापुरम की रहने वाली है। यहाँ वह अपने माँ और भाई के साथ रहती है। उसके पिता पश्चिम एशिया में काम करते हैं। आरोपितों ने पहले अपने मनसूबों को अंजाम देने के लिए लड़की के घर में जगह बनाई फिर उसे ड्रग दिया और बाद में प्रताड़ित करना शुरू किया। 

पुलिस के संज्ञान में पूरा मामला चाल्डलाइन के हस्तक्षेप के बाद आया और किसी तरह पीड़िता को बचाया जा सका। पड़ताल में पता चला कि रैकेट के सदस्य स्कूल जाने वाली लड़कियों को फँसाते थे, फिलहाल पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी भेज दिया गया है। पुलिस ने भी सातों आरोपितों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

केंद्र के हिसाब से हुआ है चुनाव तारीखों का ऐलान: चुनाव आयोग पर भड़कीं ममता बनर्जी, लिबरल भी बिलबिलाए

पश्चिम बंगाल में चुनावी तारीखों के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं। चुनाव आयोग की ओर की गई घोषणा के बाद सीएम ममता ने उनकी मंशा पर सवाल खड़ा किया और पूछा कि क्या उन्होंने ये तारीखों का ऐलान बीजेपी के हिसाब से किया है।

सीएम ममता ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। बीजेपी के कहने पर ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा।

ममता बनर्जी ने कहा, ”क्या केंद्र के निर्देश पर तारीखों का ऐलान किया गया है? जिलों को 2 भागों में क्यों बाँटा गया है? हमारा अनुरोध है की पैसे की बर्बादी बंद की जाए। हम जमीनी नेता हैं और स्थानीयों की परेशानी से वाकिफ हैं।”

आगे ममता बनर्जी ने कहा, “सरकार ने लोगों को धर्म के नाम पर तोड़ा और अब चुनावों के लिए तोड़ रही है, उन्होंने केवल 8 चरणों में चुनावों को नहीं तोड़ा बल्कि हर चरण को भी भागों में बाँटा है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “पीएम अपनी ताकत का दुरुपयोग न करें। इससे बीजेपी को कोई फायदा नहीं होगा। बीजेपी को बंगाल की जनता जवाब देगी। बीजेपी जनता को हिंदू मुस्लिम में बाँट रही है।”

बता दें कि बंगाल में 8 चरणों के चुनावों की बात जानकर सिर्फ ममता बनर्जी अपना गुस्सा चुनाव आयोग पर नहीं उतार रही हैं, लिबरल गिरोह ने भी घोषणा के बाद रोना शुरू कर दिया है।

रोहिणी सिंह पूछती हैं कि आखिर 8 चरणों में होंगे चुनाव 294 चरण में करवाएँ जाएँ। आमिर जावेद लिखते हैं कि चुनाव 8 चरणों में होंगे, तीन हफ्ते तक, ये बंगाल जैसे राज्य के लिए थोड़ा अजीब है। इसी प्रकार अन्य गिरोह के लोग भी अलग-अलग ढंग से अपनी नाराजगी जाहिर करने में लगे हैं।

मरियम नवाज की खिल्ली उड़ाने के चक्कर में PAK सांसद ने किया हिंदुओं की भावनाओं को आहत, पोस्ट की देवी काली की तस्वीर

पाकिस्तान में टेलीविजन पर मजहबी ज्ञान देने वाले उलेमा से राजनेता बने सत्ताधारी पार्टी के लीडर आमिर लियाकत हुसैन ने विपक्षी नेता मरियम नवाज का मजाक उड़ाने के लिए हिंदू देवी माँ काली के चित्र का इस्तेमाल किया। उनकी इस अपमानजनक हरकत के बाद बवाल खड़ा हो गया है। लोग उनसे माफी माँगने को कहने लगे और उन्हें काफी भला बुरा भी कहा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आमिर लियाकत हुसैन, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य हैं। जिनकी एक घटिया हरकत से पूरा विवाद छिड़ गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी का मखौल उड़ाने के लिए ऐसा किया, वो भी इसलिए क्योंकि मरियम ने पाकिस्तान सरकार को धमकी दी थी कि अगर वोट चुराने की कोशिश हुई तो वह उनका दूसरा रूप देखेंगे। 

इसी बयान को आधार बनाकर आमिर ने देवी काली के रूप वाली तस्वीर पोस्ट की और उस पर लिखा दूसरा रूप। इस ट्वीट के बाद हिंदू समुदाय भड़क गया। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के प्रमुख और सिंध प्रांत के थारपारकार से सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधि रमेश कुमार ने हुसैन के ट्वीट को शर्मनाक ट्वीट कहकर उसकी आलोचना की।

उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे मजहबी विद्वान होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा इतनी शर्मनाक हरकत की निंदा की जाती है, यह अन्य धर्माों के प्रति सम्मान नहीं जानता। इस ट्वीट को फौरन डिलीट किया जाए, वरना हमारी ओर से ईशनिंदा के कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की माँग की जाती है और देशभर में विरोध प्रदर्शन भी होगा।

उन्होंने कहा कि इस हरकत से न केवल हिंदुओं की भावना आहत हुई है बल्कि सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों में भी नाराजगी पैदा की है, जिन्होंने पार्टी प्रमुख और प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रशंसा की और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के बारे में पार्टी के घोषणापत्र में विश्वास किया, जो स्पष्ट रूप से अपने आप में एक मजाक है।

हिंदू समुदाय के एक अन्य पार्टी नेता और उमरकोट से पीटीआई एमएनए, लाल मल्ही ने भी हुसैन की आलोचना की। साथ ही प्रधानमंत्री इमरान खान से इस पर संज्ञान लेने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि ट्वीट ने वास्तव में, हुसैन के दूसरे रूप को दिखाया है।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पीटीआई एमएनए और हिंदू नेता जयप्रकाश ने भी आमिर की आलोचना की और माफी माँगने को कहा। वहीं विपक्षी पार्टी के हिंदू नेता ने कहा कि हुसैन अपना दिमागी संतुलन खो चुके हैं और कमजोर वर्ग के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इसलिए अगर हुसैन माफी नहीं माँगते तो उनकी ओर से प्रदर्शन किया जाएगा।

वह बोले, “हम नेताओं को ट्वीट करने से पहले या बयान जारी करने से पहले लोगों की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए।” हिंदुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले कपिल देव ने कहा कि हिंदुओं को अपमान हुआ है और उनके धार्मिक भावनाओं को संसद में बैठे लोगों ने आहत किया है।

मालूम हो कि इतने विवाद के बाद आमिर हुसैन ने अपने हैंडल से उस तस्वीर को डिलीट कर दिया जिसे लेकर पूरा विवाद हुआ। उसने कहा, “मुझे पता है कि हिंदू समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूँ, यही मेरे धर्म ने मुझे सिखाया है।”

2019 से अब तक किया बहुत काम, बंगाल में जीतेंगे 200 से ज्यादा सीटें: BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से एक बार फिर ऐलान किया गया है कि इन चुनावों में वह 200 से ज्यादा सीटें जीतने वाले हैं।

भाजपा के बंगाल में इंचार्ज कैलाश विजयवर्गीय ने कहा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त होते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में भी लोगों को विश्वास नहीं था कि भाजपा इतनी ताकतवर है लेकिन अब शंका दूर हो गई है। इसलिए उन्हें लगता है कि उनकी पार्टी लोकसभा से ज्यादा वोट पाएँगे और उनका विश्वास है कि वो 200 से ज्यादा सीट जीतेंगे।

कैलाश विजयवर्जीय ने चुनावों के सबसे बड़े मुद्दे भ्रष्टाचार, माफिया राज, सिंडिकेट राज को बताया। उन्होंने कहा कि इन सबके अलावा राज्य में डेवलपमेंट रुक गया है। लोगों ने मान लिया है कि बंगाल का विकास नहीं होगा क्योंकि वहाँ एक तरह से माफियों का साम्राज्य हो गया है। आम जनता ठगा महसूस कर रही है। उन्हें पता चल गया है कि केंद्र सरकार की योजनाएँ तक उनके पास नहीं पहुँच पा रहीं। इसलिए उन्हें कहीं से कहीं तक शक नहीं है कि वो बंगाल में दो तिहाई से कम बहुमत से चुनाव जीतेंगे।

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि उन लोगों ने 2019 से 2021 के बीच बहुत काम किया है। वहाँ के कई ताकतवर कैंडिडेट भाजपा के साथ जुड़े हैं, फिर चाहे वो सुवेंदु अधिकारी हों या राजीव बनर्जी हों।

इसके अलावा भी काफी लोग हैं जो दूसरी पार्टी से थे और अब वह भाजपा के साथ आ गए हैं। जिसे देख कह सकते हैं कि उनकी ताकत उन इलाकों में बढ़ी जहाँ उन्हें पिछली बार सफलता नहीं मिली थी। इसलिए कह सकते हैं कि उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी।

मुख्यमंत्री कैंडिडेट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आंतरिक लोकतंत्र पर बात की। उन्होंने कहा कि जहाँ उनकी कभी सरकार नहीं बनी होती है वहाँ वह लोग पहले उम्मीदवार की घोषणा नहीं करते हैं। चुनाव जीतने के बाद बैठक होगी, सब अपना नेता चुनेंगे और उसके बाद बोर्ड सहमति प्रदान करेगा, उसे मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। इसलिए मुख्यमंत्री चुनना उनके लिए चुनौती नहीं है बस उनका लक्ष्य दो तिहाई बहुमत से जीतना है।

ममता बनर्जी के काउंटर अभियान को लेकर वह बोले कि ममता बनर्जी भाजपा को बाहरी पार्टी मानती हैं। लोग नहीं मानते। उन्हें पता है कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस पार्टी के पहले अध्यक्ष थे। इसलिए उनकी बातों को कोई गंभीरता से लेता ही नहीं है। मीडिया इसे तूल देती है, आम जन नहीं।

बंगाल चुनाव में जीत की महत्ता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये चुनाव सबके लिए महत्तवपूर्ण है क्योंकि वहाँ जिस प्रकार बाहरी ताकतें आ रही हैं और देश विरोधी गतिविधियाँ हो रही है, वो सबके लिए चिंता की बात है। वह कहते हैं कि बंगाल में अब तक जिसकी भी सरकार रही, उन्होंने देश के बारे में नहीं सोचा सिर्फ़ कुर्सी के बारे में सोचा। घुसपैठिए ऐसे आए जैसे बंगाल धर्मशाला हो। उनके साथ तमाम अपराध भी आए। तो बंगाल चुनाव के लिहाज से सबके लिए जरूरी है।

बता दें कि आज मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया है पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराया जाएगा। पहला चरण 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल को, तीसरा- 6 अप्रैल को, चौथा- 10 अप्रैल को, पाँचवा- 17 अप्रैल को, छठा-22 अप्रैल को, सातवाँ- 26 अप्रैल को और अंतिम चरण 29 अप्रैल को होगा।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का हुआ ऐलान, बंगाल में 8 चरणों में होगा मतदान: जानें डिटेल्स

आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों को लेकर आज (फरवरी 26, 2021) मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस वार्ता की। इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कोरोना योद्धाओं को सलाम करते हुए चुनाव की तारीख का ऐलान किया।

उन्होंने बताया कि देश के पाँच राज्य केरल, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में कुल मिलाकर इस बार 18 करोड़ मतदाता वोट देंगें। इनमें से केरल में इलेक्शन 6 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 2 मई को की जाएगी। तमिलनाडु में चुनाव एक चरण में ही होंगे। इसके लिए भी तारीख 6 अप्रैल रखी गई है और 2 मई को ही यहाँ भी काउंटिंग होगी। पुडुचेरी के चुनाव के लिए भी यही तारीख रखी गई है।

असम में तीन चरणों में चुनाव होगा। पहला 27 मार्च को। दूसरा 1 अप्रैल को और तीसरा 6 अप्रैल को। वहीं वोटो की गिनती 6 अप्रैल को की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में चुनाव कराया जाएगा। पहला चरण 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल को, तीसरा- 6 अप्रैल को, चौथा- 10 अप्रैल को, पाँचवा- 17 अप्रैल को, छठा-22 अप्रैल को, सातवाँ- 26 अप्रैल को और अंतिम चरण 29 अप्रैल को होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीट है, जिसमें 68 एससी कोटा और 16 एसटी कोटा की सीट है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव के दौरान सभी बूथ ग्राउंड फ्लोर पर होगा। इसके साथ ही राज्य में वोटिंग 6 बजे तक होगी। 

उनके अनुसार, समय में बदलाव का फैसला कोरोना को देखते हुए लिया गया है। इससे पहले बिहार चुनाव के समय भी टाइमिंग में बदलाव किए गए थे। ECI ने बंगाल चुनावों को लेकर एक और बड़ा ऐलान किया। आयोग ने बताया कि 80 साल से ज्यादा के लोग अगर चाहें तो बैलेट पेपर के जरिये वोटिंग कर सकते हैं, लेकिन यह उनकी इच्छा पर है।

चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दल अपने अपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार के बारे में लोकल अखबार, चैनल और अपनी वेबसाइट पर जानकारी देंगे जिससे जनता को पता रहे कि उम्मीदवार कैसा है?

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 295 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा के साथ सुदीप जैन को बंगाल का चुनावी प्रभारी बनाया गया है। चुनाव के लिए आयोग ने दो ऑब्जर्वर विवेक दुबे और एमके दास को नियुक्त किया है।

सीईसी सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव के दौरान स्पेशल, जनरल, खर्च और पुलिस ऑब्जर्वर तैनात होंगे। कई बार जरूरी होने पर चुनाव आयोग जिला ऑब्जर्वर पर निगरानी के लिए सेंट्रल आब्जर्वर भी भेजता है। उन्होंने बताया कि विवेक दुबे को पश्चिम बंगाल, दीपक मिश्रा को केरल, धर्मेंद्र कुमार को तमिलनाडु में स्पेशल पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर भेजा जा रहा है।

राजदीप सरदेसाई की ‘चापलूसी’ में लगा इंडिया टुडे, ‘दलाल’ लिखा तो कर दिए जाएँगे ब्लॉक: लोग ले रहे मजे

इंडिया टुडे पत्रकार राजदीप सरदेसाई के झूठ फैलाने वाली आदतों को लेकर सोशल मीडिया पर उनका विरोध अक्सर होता है। कुछ लोग अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए कई बार उन्हें अपशब्द भी कह देते हैं। लेकिन राजदीप तब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। 

पिछले दिनों उन्होंने किसान आंदोलन पर झूठ फैलाया और इंडिया टुडे ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। एक माह बाद जब उनकी वापसी हुई तो संस्थान उनकी चापलूसी में ऐसा जुटा कि जैसे ही किसी ने उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ गलत बोला, स्वंय संस्थान ने ही उन लोगों को ब्लॉक कर दिया।

सोशल मीडिया पर इंडिया टुडे की इस हरकत के बाद सवाल उठाया जा रहा है कि यदि आपने राजदीप सरदेसाई को ‘दलाल’ कहा तो इंडिया टुडे आपको ब्लॉक कर देगा। इसलिए राजदीप को न टैग करें और न ही दलाल कहें।

हालाँकि, कुछ ये भी कह रहे हैं, “इस तरह तो इंडिया टुडे को सबको ब्लॉक करना पड़ेगा क्योंकि देसाई की हरकतें राष्ट्रपति जी के कार्यालय से भी लतियाई गई हैं, वर्तमान में भी और प्रणव मुखर्जी द्वारा भी… अब क्या हम गधे को गधा और दल्ले को दल्ला भी ना बोलें? सोशल मीडिया है ये तुम्हारा पर्सनल नहीं जो गला दबा दो।”

बता दें कि राजदीप सरदेसाई ने आज थोड़ी देर पहले एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने 3 बजे वाले शो के बारे में जानकारी दी थी। यहाँ एक सोशल मीडिया अकॉउंट ने उनके लिए ‘दलाल’ लिख दिया। बस राजदीप ने तो इस पर कुछ नहीं कहा, मगर इंडिया टुडे उनके बचाव में आ गया।

इंडिया टुडे ने लिखा, “इंडिया टुडे समूह सोशल मीडिया पर उन ऑडिएंस के प्रति प्रतिबद्ध है जो आपकी भाषा अपमानजनक और असाधारण मानते हैं। इसलिए हम आपके हैंडल को ब्लॉक कर रहे हैं। बतौर लीडर, हमारी जिम्मेदारी है कि हम रचनात्मक बातचीत और शालीनता के साथ असंतोष के लिए इस मंच को सुरक्षित रखें।”

अब इंडिया टुडे की इस हरकत के बाद जब सोशल मीडिया पर उनकी थू-थू होने लगी तो उन्होंने खुद को निष्पक्ष दिखाने के लिए ये संदेश अन्य कंटेट या ट्वीट्स के साथ भी पोस्ट करने लगे। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले ऐसा कदम इंडिया टुडे ने नहीं उठाया था और राजदीप का बचाव करने के बाद जगह-जगह उनका ये मैसेज पोस्ट किया गया।

अकॉउंट्स पर किए गए इंडिया टुडे के एक्शन को देख कर लगता है कि राजदीप को दलाल कहने से इंडिया टुडे की भावनाओं को ठेस पहुँची है और उन्हें एक नहीं बल्कि तमाम अकॉउंट्स को इसी का हवाला देकर ब्लॉक कर दिया है।

गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है कि जब राजदीप को सोशल मीडिया पर गाली पड़ी हो या किसी ने उन्हें दलाल कहा हो। इससे पहले एक वीडियो सामने आई थी जिसमें लोग सरदेसाई को चीख चीख कर दलाल कह रहे थे। हालाँकि, तब इंडिया टुडे की ओर से इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया था। लेकिन एक माह के सस्पेंशन से लौटे सरदेसाई के लिए इंडिया टुडे का ऐसे मोर्च पर आना बताता है कि ये सब केवल उन्हें बेहतर महसूस कराने के लिए किया गया, क्योंकि पिछले दिनों संस्थान द्वारा सैलरी काटे जाने और सस्पेंड किए जाने से उनकी भावनाएँ आहत हुई थीं।

मस्जिद में सुबह की अजान के लिए जलीस ने काटा इमाम का गला, यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में नागलिया आकिल मस्जिद में अजान देने वाले 62 वर्षीय इमाम की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। इमाम की चीख सुनकर बचाने आए एक और मौलवी पर हमलावर ने हमला बोला। गला काटकर हत्या की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस के आला अफसर गाँव पहुँच गए। पुलिस ने आरोपित को कब्जे में लेने के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर वहाँ से भागने की फिराक में था। मगर ग्रामीणों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ FIR भी दर्ज किया गया है।

आरोपित की पहचान जलीस के रूप में हुई है, जबकि मृतक का नाम सागीर बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जाँच में पाया गया कि आरोपित जलीस की सागीर के साथ सुबह में दिए जाने वाले अजान को लेकर दुश्मनी थी। उन्होंने बताया कि जलीस, सागीर को हटा कर खुद सुबह की अजान देना चाहता था।

घटना अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गाँव की है। गाँव निवासी 60 वर्षीय सगीर बेग गाँव की बिलाल मस्जिद की देखभाल करते थे और अजान देते थे। गुरुवार (फरवरी 25, 2021) को भी वह फज्र की नमाज के लिए अजान देने गए थे। अजान के बाद उन्होंने नमाज पढ़ी और फिर कलाम पाक की तिलावत करने लगे।

आरोप है कि मस्जिद के पड़ोस में रहने वाला जलीस अहमद हाथ में चाकू लेकर वहाँ आ गया और उन पर हमला कर दिया। चाकू से गला काटकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि इमाम की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपित के खिलाफ धारा 302 और 307 के तहत FIR दर्ज की गई है।

अजीमनगर थाना प्रभारी रविद्र कुमार ने बताया कि मृतक कई साल से गाँव के कमरूल जमा के घर रहते थे और मस्जिद की देखभाल करते थे। वह रोजाना मस्जिद में अजान पढ़ते थे। पूछताछ के दौरान जलीस ने बताया कि पहले वह मस्जिद में अजान पढ़ता था। कुछ दिन से सगीर बेग अजान पढ़ने लगे और उसे नहीं पढ़ने दे रहे थे।

गुरुवार को वह मस्जिद से पानी लेने गया तो सगीर बेग पानी लेने से मना करने लगा। उसे गुस्सा आ गया। चाकू लेकर पहुँचा और उनकी चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या करते समय शमसुद्दीन ने पकड़ना चाहा तो उसके ऊपर भी जान से मारने की नीयत से चाकू से वार किया और मौके से फरार हो गया था।

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों के 7 ठिकानों का हुआ भंडाफोड़: भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

छत्तीसगढ़ के रायपुर में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के 7 ठिकानों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि नक्सलियों के ये ठिकाने छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर थे। इनका पता लगाने में तीन दिन तक ऑपरेशन चलाया गया। सारे ठिकाने मिलने के बाद यहाँ से भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किए गए।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया 3 दिन के ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मुठभेड़ हुई। इसमें एक जिला रिजर्व गार्ड जवान की मौत भी हो गई। वहीं 1 घायल भी हुआ।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि उनके पास छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और कांकेर जिलों और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के त्रि-जंक्शन के जंगल में माओवादियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सीनियर लोगों की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चलाया। जिसका नाम ऑपरेशन संगम दिया गया। इसमें नारायणपुर और कांकेर से अलग-अलग टीमों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से अलग लगभग 300 किमी दूर भेज दिया गया।

इस पूरे ऑपरेशन में राज्य पुलिस के जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस और बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्ट के 700 से अधिक जवान शामिल थे।

इस ऑपरेशन की खास बात यह है कि सुरक्षाबलों ने 2012-13 के बाद पहली दफा माओवादियों के गढ़ माने जाने वाले इलाके में छापा मारा और कामयाबी भी हासिल की।

जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान बारामटोला, कुदुलपड़,  टेकमेटा, कुमलाचलमेटा, और कुकुर गाँवों के पहाड़ी जंगल में दोनों तरफ से कई पर मुठभेड़ हुईं। इसी दौरान 7 माओवादी ठिकानों का भी खुलासा हुआ। यहाँ से तीर-बम, टिफिन बम, पाइप बम, माओवादी की वर्दी, बैनर, पोस्टर, दस्तावेज और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुई।

अंतरराष्ट्रीय श्रीराम एयरपोर्ट के लिए मोदी सरकार ने दिए 250 करोड़ रुपए: CM योगी ने जताया आभार

अयोध्या में निर्माणाधीन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट के लिए केंद की मोदी सरकार ने बड़ी रकम दी है। इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा, “भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या में निर्माणाधीन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट के निर्माण हेतु केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई 250 करोड़ रुपए की धनराशि हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक आभार एवं माननीय केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का धन्यवाद।”

बजट में 101 करोड़ रुपए की व्यवस्था

बता दें कि इससे पहले योगी सरकार ने अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया था। यूपी बजट 2021 में अयोध्या एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट करने का फैसला किया गया। श्रीराम हवाई अड्डा के लिए 101 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई।

सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम एयरपोर्ट योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। ये उत्तर प्रदेश का पांचवाँ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (International Airport) होगा। यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सारी सुविधाएँ होंगी। एयरपोर्ट बनते ही कमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिया जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम एयरपोर्ट 600 एकड़ में प्रस्तावित है।

अयोध्‍या एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। पिछले साल अगस्‍त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्‍या में श्रीराम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। इसके बाद से धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अयोध्‍या का देश-दुनिया में ध्यान बढ़ा है।

42 दिनों के अंदर जमा हो चुकी है 1900 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि 

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे निधि समर्पण कार्यक्रम में पूरे देश से 42 दिनों के अंदर 1900 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि जमा हो चुकी है। राम मंदिर निर्माण समिति की सर्किट हाउस में हुई बैठक के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी महाराज ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि कार्यक्रम के तहत अभी तक 1900 करोड़ से ज्यादा की समर्पण निधि राम मंदिर ट्रस्ट के तीनों बैंक अकाउंट में आ चुकी है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों अयोध्या को एक भव्य पर्यटन स्थल बनाने और श्रद्धालुओं के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएँ विकसित करने के क्रम में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने निर्माणाधीन अयोध्या एयरपोर्ट का नाम ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट’ रखने का निर्णय लिया। मंगलवार (नवंबर 24, 2020) को उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

हिमाचल: राज्यपाल और विधानसभा उपाध्यक्ष से हाथापाई करने वाले 5 कॉन्ग्रेसी MLA निलंबित, बजट सत्र पर जमकर मचाया उत्पात

कुछ कॉन्ग्रेसी विधायकों ने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय (Bandaru Dattatraya) के साथ उस समय बदसलूकी और हाथापाई की जब वह शुक्रवार (फ़रवरी 27, 2021) को बजट सत्र के उद्घाटन के दिन अपने संबोधन के बाद विधानसभा से बाहर निकल रहे थे। इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कॉन्ग्रेस के पाँच विधायकों को निलंबित कर दिया गया।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज शुरू हुआ। लेकिन कॉन्ग्रेसी नेताओं की बदसलूकी के कारण राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ा और सदन से बाहर चले गए। यही नहीं, कॉन्ग्रेसी विधायकों ने राज्यपाल के साथ बदसलूकी करते हुए नारेबाजी भी की और विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के साथ हाथापाई पर उतर आए। रिपोर्ट्स के अनुसार, सदन परिसर में पुलिस और कॉन्ग्रेस विधायकों में धक्का-मुक्की भी हुई है।

राज्यपाल के साथ बदसलूकी करते हुए कॉन्ग्रेसी विधायक उनकी गाड़ी के आगे खड़े हो गए और राज्यपाल दत्तात्रेय को गाड़ी में बैठने भी नहीं दिया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि राज्यपाल सत्र के बाद अपने वाहन पर जा रहे थे। इस बदसलूकी के लिए पाँच कॉन्ग्रेसी विधायकों – नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और विधायक हर्षवर्धन चौहान, सुंदर सिंह ठाकुर, सतपाल रायजादा और विनय कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

विधानसभा सत्र शुरू होते ही सुबह 11 बजे सदन में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में कॉन्ग्रेस के सदस्य अपनी सीट से खड़े हो गए और नोरबाजी करने लगे। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में कॉन्ग्रेस के विधायकों के हंगामे के बीच राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय अपने अभिभाषण की केवल आखिरी पंक्ति ही पढ़ पाए।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पुलिंदा बताया। इस अभिभाषण में कोरोना काल में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख किया जा रहा था।