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कैपिटल हिल दंगे भड़काने में वामपंथी एक्टिविस्ट गिरफ्तार, बायडेन के शपथ ग्रहण में लेडी गागा और जेनिफर का परफॉर्म

पिछले दिनों यूएस कैपिटल हिल में हुई अराजकता और उपद्रव में एक ‘ट्रंप विरोधी अनार्किस्ट’ वामपंथी कार्यकर्ता पर दंगों में कथित भागीदारी के संबंध में आपराधिक केस दर्ज किया गया है। ‘फॉक्स न्यूज’ का दावा है कि जॉन सुलिवान ने उन्हें बताया था कि वह कैपिटल में ट्रंप समर्थक भीड़ के ‘दस्तावेज़’ लेने गया था।

एक फेडरल क्रिमिनल कम्प्लेन के अनुसार, उटाह आधारित समूह ‘इंसरजेंस यूएसए’ के संस्थापक जॉन सुलिवान को कथित तौर पर वीडियो में प्रदर्शनकारियों को उकसाते हुए सुना गया, जिसे उन्होंने एफबीआई को प्रदान किया था। वामपंथी कार्यकर्ता ने यह वीडियो अपने YouTube और Twitter अकाउंट में बदले हुए नाम Jayden X.g द्वारा भी साझा किया है।

एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद वामपंथी कार्यकर्ता सुलिवान को वाशिंगटन, डीसी में संघीय अदालत में बृहस्पतिवार (जनवरी 14, 2021) को आरोपित ठहराया गया है। वह अब अपने गृह राज्य उटाह में, टॉयले काउंटी में हिरासत में है।

एफबीआई के विशेष एजेंट मैथ्यू द्वारा हस्ताक्षरित एक शपथ पत्र के अनुसार, भवन के अंदर जॉन सुलिवान ने दंगाइयों से कहा, “हमें इसे जला देना होगा, ये हमारा घर है म*****।”

वामपंथी कार्यकर्ता एक प्रतिबंधित इमारत और गलत आचरण के साथ ही दंगों में शामिल होने और उपद्रव भड़काने के कारण सिविल डिसऑर्डर के संघीय आरोपों का सामना कर रहा है।

सुलिवान ने भी कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह दंगों के दौरान कैपिटल में मौजूद था, और उसने एक टूटी हुई खिड़की से अंदर प्रवेश किया। जब प्रदर्शनकारी कैपिटल के प्रवेश द्वार के पास एक दीवार पर चढ़ गए, तब उसने कथित तौर पर वीडियो में कहा, “तुम लोग कमाल के हो, आगे बढ़ो।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, सुलिवान ने दंगाइयों के अंदर घुसने के बाद जश्न मनाया और उसे वीडियो में यह कहते हुए भी सुना गया कि ‘हम इस इतिहास का हिस्सा हैं’।

जो बायडेन के शपथ ग्रहण समारोह में प्रस्तुति देंगी लेडी गागा और जेनिफर लोपेज

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। इस दौरान, पॉप गायिका लेडी गागा 20 जनवरी को जेनिफर लोपेज के साथ जो बायडेन के शपथ ग्रहण के दौरान राष्ट्रगान गाएँगी। वहीं, यूएस कैपिटल पर हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बुधवार (जनवरी 13, 2021) को महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया गया। वह दूसरी बार महाभियोग का सामना करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बन गए हैं।

दुकान में घुस कर मोहम्मद आदिल, दाउद, मेहरबान अली ने हिंदू महिला को लाठी, बेल्ट, हंटर से पीटा: देखें Video

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ मोहम्मद आदिल, दाउद, मेहरबान अली और एक अन्य युवक रूबी देवी नाम की एक महिला के साथ बेवजह मारपीट, गाली गलौज करते हुए नजर आए। कथिततौर पर बदमाशों ने महिला के कपड़े भी सबके सामने उतारने की कोशिश की। आरोपितों ने महिला और बचाव में आए उसके नाबालिग बच्चे को लाठी-डंडों, बेल्ट और हंटर से पीटा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला फिरोजाबाद जिले के थाना रसूलपुर क्षेत्र है। जहाँ रविवार को दूसरे समुदाय के कुछ युवक अचानक से महिला के दुकान में घुस गए और उसे बेरहमी से उसे मारने-पीटने लगे। इस दौरान युवकों ने दुकान का सामान उठाकर सड़क पर फेंक दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना की पूरी वीडियो वायरल हो रही है।

वायरल वीडियो में आप देख सकते है कि आरोपित युवक महिला को घेर कर पहले उसके कपड़े खींचते हैं, उसके साथ लाठी-डंडों, बेल्ट और हंटरों से मारपीट करते हैं। वहीं जब महिला का नाबालिग बेटा माँ को बचाने के लिए बाल्टी लेकर दौड़ता है तो बदमाश उसे भी बेरहमी से मारते हैं। इस मारपीट के दौरान मुस्लिम युवक महिला के दुकान के काउंटर को पलटते और दुकान में तोड़फोड़ मचाते हुए भी दिखाई देते हैं। वीडियो में एक आरोपित महिला को बेल्ट मारता हुआ भी दिखाई दे रहा है।

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वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के पति मनोज बघेल ने आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मोहम्मद आदिल और उसके भाई दाऊद, मेहरबान अली और एक अज्ञात के खिलाफ धारा 354, 452, 323, 504, 506, 427 के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इनमें से दाऊद एवं आदिल को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।

क्या है मामला?

थाना रसूलपुर क्षेत्र नगला बरी चौराहे के समीप मनोज बघेल का मकान है। मकान में वह परचून की दुकान चला कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। थाना प्रभारी निरीक्षक रसूलपुर फतेह बहादुर सिंह भदौरिया ने बताया कि रविवार को शीतल खां रोड निवासी मोहम्मद आदिल बाइक से आ रहा था। उस दौरान रास्ते में उसकी बाइक एक ई-रिक्शा चालक से टकरा गई।

उनके मुताबिक इसी कारण आदिल रिक्शा चालक को मारने पर उतारू हो गया। किसी तरह ई-रिक्शा चालक मारपीट से बचकर मौके से भाग निकला। लेकिन पास की दुकान में बैठी महिला को ई-रिक्शा चालक के परिवार का समझ कर आदिल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट और अभद्रता शुरू कर दी।

इस मामले में एसपी सिटी मुकेशचंद्र मिश्र का कहना है कि सोशल मीडिया पर महिला की पिटाई के वीडियो वायरल के मामले में थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज करके दो आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस बाकी अन्य आरोपितों की धर पकड़ में जुटी है।

बकैत की नई रिपोर्ट (S02E08): मोदी की फोटो से दिक्कत, टोपी से प्रेम?

बकैत की नई रिपोर्ट में आज: मोदी समर्थकों की भीड़ से समस्या, आंदौलनकारी किसानों, बुर्कावालियों की भीड़ से प्रेम? भारतीय कोवैक्सिन से दिक्कत, कोवीशील्ड से प्रेम? कैसे कर लेते हैं बकैताधीश?

पूरा वीडियो यहाँ क्लिक कर के देखें

‘गहलोत जी, बेजुबान बकरे की फरियाद भी सुन लो’: मकर संक्रांति पर राजस्थान सरकार को हुई पक्षियों की चिंता, जारी किया विज्ञापन

हिंदुओं के त्योहार आते ही सेकुलर अजेंडा चलाने के लिए तरह-तरह के अभियान शुरू हो जाते हैं। अभी हाल में मकर संक्रांति के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से बेजुबान परिंदों की चिंता जाहिर की गई।

राजस्थान सरकार के इस विज्ञापन में पक्षी की तस्वीर के साथ लिखा है, “बेजुबान परिंदे करते हैं फरियाद। भरने दो हमें उड़ान, न छीनो हमारे प्राण।” इस विज्ञापन के बगल में सीएम गहलोत की तस्वीर है।

अब इसी विज्ञापन पर गौर करवाते हुए भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया है। उन्होंने इसे हिंदुओं के त्यौहारों के खिलाफ घृणित अभियान कहा है। वह लिखते हैं, “हमारे त्यौहारों को हिंसा और दुःख का प्रतीक बताने की बेशर्म कोशिश। जिन त्यौहारों पर लाखों जीवों की हत्या ही त्यौहार होता है, उनको शांति का प्रतीक बताना और हमारे उत्सवों के प्रति नफरत पैदा करना। ये अस्वीकार्य है। इसको रोकना ही होगा।”

कपिल मिश्रा के अलावा कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस विज्ञापन पर अपनी राय दी है। लोगों का मत यह नहीं है कि वो पतंग उड़ाकर पक्षियों की जान लेना चाहते हैं। बस उनका सवाल है कि यह जागरूकता दूसरे समुदाय के ऐसे त्योहार पर क्यों नहीं फैलाई जाती जब सैंकड़ों जानवरों को त्योहार की रीत के नाम पर कुर्बान कर दिया जाता है।

संजीव कुमार लिखते हैं, “गहलोत जी परिंदों के साथ-साथ बेजुबान बकरे, भेड़ों, मुर्गों इत्यादि कि फरियाद भी सुन लो। एक बार सुनकर तो देखो। कॉन्ग्रेस निकाल ही तो देगी, भाग्य कहीं और आजमा लेना। वैसे भी कॉन्ग्रेस कितने दिन की है।”

अभय प्रताप सिंह लिखते हैं, “बकरीद की बधाई देते समय गहलोत को बेजुबानों का दर्द याद नहीं रहता? मुद्दा बेजुबानों का नहीं है बल्कि मुद्दा ये है कि कॉन्ग्रेस किस तरह हिंदुत्व की भावनाओं को कुचलती है, हिंदू आस्थाओं को खत्म करने के प्रयास में रहती है!”

कोर्ट की दी जिम्मेदारी नहीं निभा सकता: कॉन्ग्रेस समर्थक BKU नेता भूपिंदर सिंह ने SC की कमेटी से किया खुद को अलग

किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने 12 जनवरी, 2021 को नए कृषि कानूनों पर रोक लगाते हुए चार समिति सदस्यों को नामित किया था, जो किसानों के मुद्दों को सुलझाने के उपायों पर काम करेंगे और शीर्ष अदालत में इसकी एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

भूपिंदर सिंह मान ने पत्र लिखकर खुद को समिति से दूर करने की जानकारी दी। उनके मुताबिक उन्होंने किसान एवं जनभावना को देखते हुए यह फैसला लिया। मान ने पत्र में लिखा, “मैं अपने किसानों और पंजाब के प्रति वफादार हूँ। इनके हितों से कभी कोई समझौता नहीं कर सकता। मैं इसके लिए कितने भी बड़े पद या सम्मान की बलि चढ़ा सकता हूँ। मैं कोर्ट की ओर से दी गई जिम्मेदारी नहीं निभा सकता। मैं खुद को इस कमेटी से अलग करता हूँ।”

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI), एसए बोबड़े और जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम की तीन- न्यायाधीश पीठ ने उक्त समिति का गठन किया था। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नामित इस समिति में तीन अन्य सदस्य डॉ प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि अर्थशास्त्री) और अनिल घणावत (शेटकरी संगठन के अध्यक्ष) हैं।

बता दें कि पिछले दिनों ऐसी खबरें सामने आई थीं कि सुप्रीम कोर्ट की चयनित समिति के सदस्यों ने कृषि कानूनों में सुधार के लिए समर्थन दिखाया। लेकिन यह बात ध्यान देने योग्य है कि भारतीय किसान यूनियन के नेता भूपिंदर सिंह मान और बीकेयू ने 2019 के आम चुनावों में कॉन्ग्रेस पार्टी का समर्थन किया था। यहाँ तक ​​कि भारतीय किसान यूनियन ने भूपेंद्र सिंह मान का एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए अपने समर्थन की घोषणा की।

महमूद गजनवी को खदेड़ने वाली कौन है वो जाँबाज ‘डायन’ जिसके किरदार में नज़र आएँगी कंगना: फिल्म की हुई घोषणा

अपनी बेहतरीन अदाकारी और बेबाक अंदाज के जरिए पहचान बनाने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत जल्द ही जम्मू-कश्मीर की जाबांज रानी दिद्दा के रोल में नजर आएँगी। खबर है कि कंगना मणिकर्णिका रिटर्न्स पर काम शुरू करने वाली हैं। बता दें जम्मू-कश्मीर की रानी दिद्दा ने खूंखार आक्रांता महमूद गजनवी को दो बार खदेड़ा था। रानी दिद्दा का नाम जम्मू-कश्मीर के इतिहास में सम्मान से लिया जाता है।

कंगना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “हमारा भारतवर्ष साक्षी रहा है झाँसी की रानी जैसी कई वीरांगनाओं की कहानी का। ऐसी ही एक और अनकही वीरगाथा है कश्मीर की एक रानी की, जिसने महमूद गजनवी को एक नहीं, दो बार हराया। ले कर आ रहे हैं कमल जैन और मैं, मणिकर्णका रिटर्न: द लिजेंड ऑफ दिद्दा।”

खबरों के मुताबिक, कंगना की नई फिल्म ‘मणिकर्णिका रिटर्न्‍स: द लीजेंड ऑफ दिद्दा’ बड़े पैमाने पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई जाएगी। कंगना ने साल 2019 की मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झाँसी के बाद निर्माता कमल जैन फ्रेंचाइजी को वापस लाने के लिए एक बार फिर से हाथ मिलाया है। फिल्म की शूटिंग जनवरी 2022 से शुरू होने की संभावना है।

इसके अलावा कंगना रनौत आने वाले समय में फिल्म ‘थलाइवी’ में दिवंगत नेत्री जयललिता का भी किरदार बड़े पर्दे पर निभाती नजर आएँगी।

गौरतलब है कि कंगना जम्मू कश्मीर की जिस रानी का किरदार निभाने जा रही हैं वह ऐसी वीरांगनाओं में से है जिन्होंने मुगल आक्रमणकारी के छक्के छुड़ा दिए थे। एक नहीं बल्कि दो बार युद्ध में महमूद गजनवी को हराने वाली रानी दिद्दा एक पैर से अपंग थी। विकलांग होने के बावजूद बड़े बड़े राजा उनको सामने अपना शीश झुकाते थे।

पर्दे पर आने वाली इस जांबाज रानी की कहानी सबके रोंगटे खड़े कर देगी। दिव्यांग और माँ बाप द्वारा छोड़े जाने के बावजूद रानी दिद्दा ने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी। कहा जाता है दिद्दा पुरुष सत्तात्मक समाज द्वारा बनाए गए नियमों के सख्त खिलाफ थीं। इसी के चलते उन्होंने उनके बने-बनाए नियम खूब तोड़े और खुद के नियम बनाए। अपनी इन हरकतों की वजह से वह पुरुषवादी समाज के आँखों में चुभने लगी थीं, जिसके चलते लोगों ने उन्हें डायन तक की उपाधि दे दी।

कॉलर ट्यून पर अब नहीं सुनाई देंगे अमिताभ बच्चन: जानिए किसकी आवाज पड़ेगी अब कॉल करते समय कानों में

अब से आपको फोन कॉल करते समय ‘दो गज दूरी मास्क है जरूरी’ अमिताभ की आवाज वाली यह कॉलर ट्यून नहीं सुननी पड़ेगी। 15 जनवरी, 2021 यानी कल से अमिताभ की जगह एक महिला आर्टिस्ट की आवाज में लोगों को कॉलर ट्यून सुनाई देगी।

बता दें कि हाल ही में अमिताभ बच्चन की आवाज वाली कॉलर ट्यून हटाने के लिए कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें वह कोरोना के प्रति सतर्कता बरतने का संदेश देते थे। कॉलर ट्यून में वह कहते थे:

“हमारा देश और पूरा विश्व आज कोविड-19 की चुनौती का सामना कर रहा है। कोविड-19 अभी खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम सतर्क रहें। इसलिए जब तक दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी है, नियमित रूप हाथ धोना, मास्क पहनना और आपस में उचित दूरी बनाए रखना। याद रखिए दो गज दूरी, मास्क है जरूरी। खाँसी बुखार या साँस लेने में कठिनाई होने पर हेल्पलाइन नंबर 1075 पर संपर्क करें।”

कहा जा रहा अब नए कॉलर ट्यून में वॉयस ओवर आर्टिस्ट जसलीन भल्ला वैक्सीन की तैयारियों और इसे लेकर फैल रही अफवाहों को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेंगी। अब से कॉलर ट्यून में लोगों को टीके को लेकर जागरूक किया जाएगा और संदेश दिया जाएगा कि वो किसी भी तरह की अफवाह में न आएँ। अमिताभ बच्चन की आवाज में कॉलर ट्यून से पहले आप जसलीन भल्ला की आवाज में कोरोना की कॉलर ट्यून सुनते थे।

बता दें कि देश में 16 जनवरी से कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी और प्रत्येक टीकाकरण केंद्र पर एक सत्र में हर दिन अधिकतम 100 लोगों को टीके दिए जाएँगे।

गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज़ को कोरोनो वायरस के खिलाफ सावधानियों और बचाव का संदेश देने वाली कॉलर ट्यून से हटाने का अनुरोध किया गया था। याचिका में इसे हटाने का आधार यह बनाया गया कि अमिताभ बच्चन स्वयं, परिवार के कुछ सदस्यों के साथ, वायरस से संक्रमित थे।

इस PIL के अनुसार, कोरोना के संक्रमण के खतरों से सावधानी के बारे में बताने वाली इस कॉलर ट्यून में अमिताभ बच्चन की जगह उन कोरोना वॉरियर्स की आवाज शामिल करने की बात कही गई है, जिन्होंने संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन के दौरान लोगों की सेवा की।

हिन्दू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी ने अब MP हाईकोर्ट से माँगी जमानत: 2 बार खारिज हो चुकी है बेल

हिंदू देवी देवताओं को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी ने जमानत के लिए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानकारी के मुताबिक हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में फारूकी की ओर से पेश की गई जमानत याचिका पर 15 जनवरी यानी शुक्रवार को सुनवाई होगी। इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट में उसकी याचिका खारिज की गई थी और सत्र न्यायालय ने भी जमानत देने से मना कर दिया था।

बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट अमन सिंह भूरिया ने फारुकी की न्यायिक हिरासत को 27 जनवरी तक बढ़ाया था। उससे पहले राज्य में सत्ताधारी पार्टी भाजपा के एक स्थानीय विधायक के बेटे की शिकायत पर 1 जनवरी को मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया था।

उसके ससुर युनूस बद्र ईमानी अपने दामाद की गिरफ्तारी के बाद से इंदौर में हैं और जमानत के लिए लगातार वकीलों से संपर्क कर रहे हैं। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार ईमानी ने गुरुवार को बताया, “मेरी पिछले शनिवार और बुधवार को केंद्रीय जेल में फारूकी से मुलाकात हुई थी। इस दौरान उसने अपनी पत्नी और घर-परिवार की खैरियत पूछी।”

उन्होंने कहा कि फारूकी की पत्नी फिलहाल जूनागढ़ में हैं और जेल अधिकारियों ने फारूकी से फोन पर उसकी बात कराने से कथित रूप से यह कहते हुए मना कर दिया कि नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं। 

जेल के अधीक्षक राकेश कुमार भांगरे ने फारूकी को लेकर कोई विशिष्ट टिप्पणी किए बगैर बताया, “जेल मैन्युअल के मुताबिक किसी कैदी के कारागार में आने के बाद 90 दिन तक उसका आचरण देखा जाता है। इसके बाद ही उसे फोन पर बातचीत की सुविधा देने पर विचार किया जाता है।”

उल्लेखनीय है कि इस मामले में फारूकी के वकील की ओर से दलील दी गई है कि एफआईआर में स्टैंड अप कॉमेडियन के खिलाफ लगाए गए आरोप सरासर ‘अस्पष्ट’ हैं और उसके खिलाफ राजनीतिक दबाव में मामला दर्ज किया गया।

यहाँ बता दें कि 1 जनवरी को स्थानीय भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने फारूकी और कॉमेडी कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े 4 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। उनका आरोप था कि फारूकी ने कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गोधरा कांड को लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की।

उद्धव सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री NCP नेता पर रेप का गंभीर आरोप, शरद पवार ने कहा- किसी के साथ नाइंसाफ़ी नहीं होगी

राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे पर लगाए गए बलात्कार के आरोपों पर बयान दिया है। गुरुवार (14 जनवरी 2021) को दिए गए बयान में शरद पवार ने कहा कि एनसीपी नेता पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं। इस घटना पर संगठन के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी और उसके बाद ही धनंजय मुंडे पर कोई फैसला लिया जाएगा। 

मुंबई में इस मुद्दे पर एनसीपी मुखिया ने कहा, “जितने भी आरोप लगाए गए हैं वह बेहद गंभीर हैं और हमें बतौर पार्टी कड़े फैसले लेने होंगे। इस घटना पर अभी तक मेरी पार्टी के अन्य नेताओं से बात नहीं हुई है लेकिन बहुत जल्द उनसे मेरी इस मुद्दे पर चर्चा होगी। मुंडे मुझसे मिल कर अपना पक्ष रख चुके हैं। ऐसे में यह मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं पार्टी के अन्य नेताओं को उनके पक्ष से अवगत कराऊँ और आने वाले समय में उठाए जाने वाले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो।” 

शरद पवार ने अपने बयान में यह भी कहा था, “मुंडे ने मुझसे मुलाक़ात की थी और इन आरोपों के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। मुंडे ने कहा था कि जिस महिला ने उन पर आरोप लगाया उससे उनका नज़दीकी रिश्ता था। उनके खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी है और बहुत जल्द जाँच भी शुरू हो जाएगी। मुंडे की बातों से ऐसा लगता है कि जैसे उन्हें इसका अनुमान था इसलिए उन्होंने पहले ही इस मामले में हाईकोर्ट का रुख किया था।”

इसके अलावा शरद पवार ने दावा भी किया है कि पार्टी का मुखिया होने के नाते यह सुनिश्चित करना मेरी ज़िम्मेदारी है कि किसी के साथ नाइंसाफी न हो। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में कार्रवाई होगी।    

आज ही धनञ्जय मुंडे ने इस मामले के संबंध में एनसीपी मुखिया से मुलाक़ात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था, “मैंने खुद पर लगाए गए आरोपों को लेकर शरद पवार और पार्टी को बयान सौंप दिया है। मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया है। पार्टी का निर्णय अंतिम होगा, वह जो भी तय करेंगे मैं वही करूँगा।”

इस घटना पर महाराष्ट्र भाजपा ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री का जम कर विरोध किया था। भाजपा के प्रदेश संगठन का कहना था कि धनञ्जय मुंडे को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। राज्य निर्वाचन आयोग को उन पर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने चुनावी हलफ़नामे में अपनी दूसरी पत्नी की जानकारी छुपाए रखी। 

हालाँकि, इसके पहले एनसीपी के तमाम नेता धनञ्जय मुंडे का बचाव करते हुए भी नज़र आए थे। उनका कहना था कि यह सिर्फ आरोप हैं, उन्होंने इस बारे में सफाई पेश की है। यह उनका पारिवारिक मामला है। राजनीति में जगह बनाने के लिए सालों खर्च करने पड़ते हैं इसलिए बिना जाँच के ही किसी का करियर ख़त्म करना सही नहीं है। मुंडे ने इस घटना पर अदालत में केस दर्ज कराया है।

CM उद्धव के मंत्री नवाब मलिक के दामाद समीर खान की बढ़ी मुश्किलें: 18 जनवरी तक NCB की हिरासत में

ड्रग केस में गिरफ्तार हुए समीर खान को अदालत ने 18 जनवरी 2021 तक NCB की हिरासत में भेज दिया। समीर, महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक के दामाद हैं, जिन्होंने अर्णब गोस्वामी को लेकर भविष्यवाणी की थी कि वह महाराष्ट्र सरकार द्वारा दायर केसों से तंग आकर आत्महत्या कर लेंगे।

गुरुवार (जनवरी 14, 2021) को समीर को कोर्ट में पेश किए जाने से पहले उनका मेडिकल चेक अप हुआ। उनकी गिरफ्तारी बुधवार को लंबी पूछताछ के बाद NCB ने की थी। दरअसल, ड्रग्स और बॉलीवुड से जुड़े मामलों की जाँच के दौरान एनसीबी को यह पता चला था कि इस मामले के एक आरोपित और समीर खान के बीच रुपयों का ऑनलाइन लेन-देन हुआ है।

इस मामले में ब्रिटिश नागरिक करण सजनानी और दो अन्य आरोपितों को पिछले हफ्ते 200 किलो प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। दो अन्य आरोपितों में रहिला फर्नीचरवाला और उनकी बहन शाइस्ता फर्नीचरवाला थे। रहीला फर्नीचरवाला कार्यकर्ता और फिल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा के पूर्व प्रबंधक हैं। समीर खान की गिरफ्तारी के बाद, एनसीबी ने ड्रग्स मामले में जाँच तेज कर दी है और एनसीबी की कई टीमें कल रात से मुंबई में छापेमारी कर रही हैं।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जाँच से सामने आए ड्रग केस में अब तक कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। हाल में मुच्छड़ पानवाला इस संबंध में गिरफ्तार हुए थे। अर्जुन रामपाल की बहन कोमल राजपूत से भी इस संबंध में पूछताछ की गई थी। वहीं अर्जुन रामपाल से खुद इस केस में 13 नवंबर को जरूरी सवाल किए गए थे।

बता दें कि इसी ड्रग केस को रिपब्लिक मीडिया समूह ने प्रमुखता से अपने टीवी चैनल पर चलाया था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार पर भी कई तरह के सवाल उठे और एडिटर अर्नब गोस्वामी पर उद्धव सरकार शिकंजा कसती गई। पिछले साल अक्टूबर महीने के दौरान महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी खुद पर लगे आरोपों और महाराष्ट्र सरकार द्वारा दर्ज कराए गए मामलों से निराश होकर आत्महत्या कर लेंगे।

एक स्टिंग ऑपरेशन में नवाब मलिक ने अर्णब के बारे में कहा था, “इस आदमी को बहुत परेशानियाँ मिलने वाली हैं। मुझे इस बात से डर लगता है कि ये आदमी खुद उस ज़ोन में चला जाएगा। ये पागलपन है और ये फोबिया बन जाता है। यही फोबिया एक समय के बाद दिवालिएपन में तब्दील हो जाएगा।”