दुनिया कोरोना वायरस की मार झेल रही है। कई देशों में अभी भी इसको लेकर कर्फ्यू लगा रखा है। इसी को कर्फ्यू को मात देने के लिए कनाडा से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कर्फ्यू में एक पत्नी को क्यूबेर (Quebec) शहर में कुत्ते की तरह अपने पति के गले में पट्टा (leash) डालकर उसके साथ सड़क पर टहलते हुए पकड़ा गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना कनाडा के क्यूबेक में शनिवार रात की है। यहाँ महिला कोरोना वायरस के मद्देनजर लगे कर्फ्यू के एक घंटे बाद अपने पति के गले में कुत्ते का पट्टा डाल कर उसे कुत्ते की भाँति सड़क पर टहला रही थी। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया और उन पर फाइन लगाया है।
दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने क्यूबेक में चार हफ्तों का कर्फ्यू लगा रखा है। रात के 8 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक का। हालाँकि जरूरी काम के लिए लोग बाहर जा भी सकते हैं। इसमें वे अपने पालतू जानवरों को बाहर घुमा भी सकते हैं।
घटना 9 जनवरी की है। एक महिला कर्फ्यू तोड़कर सड़कों पर घूम रही थी। वहीं जब पुलिस ने महिला से कर्फ्यू तोड़ने का कारण पूछा तो उसने कहा कि घर के आस-पास 1 किलोमीटर तक अपने कुत्ते के साथ टहलने की इजाजत दी गई है। पुलिस महिला का जवाब सुनकर भौचक्के हो गए और जब उन्होंने ये कहा कि ये कुत्ता नहीं है बल्कि उनका पति है तो इस पर महिला ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
हालाँकि कपल पुलिस की किसी भी बात को सुनने को ही तैयार नहीं था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पर 1500-1500 डॉलर का जुर्माना लगा दिया। वहीं महिला ने फिलहाल जुर्माना देने से भी इनकार कर दिया है।
बता दें कि क्यूबेक में 2500 से भी ज्यादा कोरोना के मामले हर दिन सामने आ रहे हैं। जिसके बाद प्रशासन ने वैक्सीन अभियान शुरू करने की तैयारियों के साथ-साथ 8 फरवरी तक नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है। रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक लगे इस कर्फ्यू के तहत नॉन-एसेंशियल सर्विस और बिजनेस से जुड़े लोगों के अलावा किसी को भी घर से निकलने की इजाजत नहीं है। हालाँकि, इस दौरान स्कूल खुले रहेंगे।
अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट करने के कारण विवाद झेल रहे व्हाट्सएप्प (Whatsapp) ने अब अख़बारों के पहले पन्ने पर पेज भर विज्ञापन देकर लोगों को लुभाना शुरू कर दिया है। इसमें वो किस्म-किस्म के दावे करते हुए बता रहा है कि लोगों की प्राइवेसी के लिए सम्मान उसके DNA में ही है। खुद को एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन की सेवा देने में अगुवा बताते हुए Whatsapp ने कहा कि वो लोगों के बीच प्राइवेट संचार का समर्थन करता है।
Whatsapp के नए एड में मुख्य बातें छिपाई गईं
Whatsapp ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि वो न तो यूजर्स के फोन कॉल सुन सकता है, न मैसेजों को पढ़ सकता है और न ही फोटो, वीडियो अथवा डॉक्युमेंट्स को देख सकता है। उसने कहा कि फेसबुक भी ऐसा नहीं करता। शेयर्ड लोकेशन और ग्रुप मैसेजों को भी उसने प्राइवेट बताया है और कहा कि वो इन्हें एक्सेस नहीं कर सकता। उसने कहा कि वो केवल एन्क्रिप्शन देखता है, कंटेंट बिलकुल नहीं देखता।
लेकिन, लोगों को Whatsapp की जो नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर अपडेट प्राप्त हुए हैं, उसमें साफ़-साफ़ उन चीजों की सूची बनाई हुई है जिसका एक्सेस वो प्राप्त करेगा। डेटा को हैंडल करने के नाम पर उसने खरीद-बिक्री, लोकेशन, संपर्क, आइडेंटीफायर्स, डायग्नोस्टिक्स, वित्तीय सूचनाएँ, कॉन्टेक्ट्स इन्फो और यूजर कंटेंट के साथ-साथ डेटा यूजेज की जानकारी भी माँग रखी है। उम्र या फीचर के प्रयोगों के हिसाब से अलग-अलग प्राइवेसी प्रैक्टिसेज की बात कही गई है।
लिखा है कि ये सारी बातें एक व्यक्ति के पहचान से जोड़ी जाएँगी। जबकि, अख़बारों में दिए गए विज्ञापन में कुछ अलग ही दावे हैं। इसमें लिखा है कि व्हाट्सएप्प आपके कॉन्टेक्ट्स को फेसबुक के साथ शेयर नहीं करता है। जब व्हाट्सएप्प विज्ञापन देता नहीं, तो उस डेटा का व्हाट्सएप्प करेगा क्या? आखिर उसे जोड़ कर क्या करने का उद्देश्य है? कंपनी को बताना चाहिए कि आखिर इन सूचनाओं को क्यों लिया जा रहा है?
अपडेट के दौरान ये सारे इन्फो माँग रहा व्हाट्सएप्प
व्हाट्सएप्प ने अख़बार में दिए गए विज्ञापन में मुख्य बातें ही छिपा ली हैं। उसने ये नहीं बताया कि वो वित्तीय इन्फो क्यों ले रहा है? उसने दावा किया है कि नए अपडेट से उसकी प्राइवेसी पॉलिसी पर किसी रूप में कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उधर लोग अब सिग्नल और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप्स का सहारा ले रहे हैं। जहाँ ट्रेंडिंग में सिग्नल प्ले स्टोर पर नम्बर-1 पर पहुँच गया, वहीं टेलीग्राम के यूजरों की संख्या भी 50 करोड़ हो गई है।
बताते चलें कि फेसबुक के इन्फॉर्मेशन माइनिंग मशीन में मेटाडेटा का ही प्रयोग होता है, जिसमें सब कुछ स्टोर रहता है – आप किसे मैसेज करते हैं, क्या मैसेज करते हैं और कब-कब मैसेज करते हैं। यूजर आईडी से सब कुछ ट्रैक किया जा सकता है। व्हाट्सएप्प खुद कहता है कि उसे अपनी सेवाओं को ऑपरेट, प्रोवाइड, इम्प्रूव, कस्टमाइज, अंडरस्टैंड, सपोर्ट और मार्किट करने के लिए जो भी ज़रूरी सूचनाएँ हैं, वो लेता है।
व्हाट्सएप्प सूचनाओं को फेसबुक की अन्य कंपनियों के साथ शेयर करता है लेकिन विज्ञापन में इसके उलट कहा जा रहा है। ऑफर्स या विज्ञापन दिखाने के लिए सूचनाओं को साझा किया जाता है। व्हाट्सएप्प के मेटाडेटा में आपके डिवाइस की भी सभी सूचनाएँ होती हैं। अब एप्पल ने भी सभी एप्स द्वारा लिए जा रहे मेटाडेटा को ट्रैक करने के लिए और ग्राहकों को इसकी सूचना देने के लिए फीचर अपडेट किया है। इससे लोगों को समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा एप कैसी सूचनाएँ ले रहा है।
जैसे, आप एप्पल के iMessage द्वारा लिए जा रहे डेटा और व्हाट्सएप्प द्वारा लिए जा रहे डेटा का फर्क नीचे संलग्न की गई तस्वीर में देख सकते हैं। iMessage सिर्फ ईमेल एड्रेस, फोन नंबर, आईडी ले रहा है, जबकि व्हाट्सएप्प 4 के मुकाबले ऐसी 16 अहम सूचनाएँ प्राप्त कर रहा है। वहीं फेसबुक के मामले में ऐसे अनगिनत इन्फो लिए जाते हैं। एप्पल ने प्राइवेसी की रक्षा और परमिशन अब्यूज को ख़त्म करने के लिए कदम उठाया है।
कौन सा एप्स कैसे इन्फो ले रहा है: Apple देगा सबकी जानकारी (फोटो साभार: Forbes)
बता दें कि हाल ही में ‘अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT)’ ने भारत सरकार से माँग की कि सोशल मीडिया एप्स व्हाट्सएप्प (Whatsapp) और फेसबुक को प्रतिबंधित किया जाए। संगठन ने केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिख कर ये माँग की थी। चूँकि सोशल मीडिया जायंट फेसबुक ही Whatsapp की पैरेंट कंपनी है, इसीलिए नई प्राइवेसी पॉलिसी के कारण उसे भी प्रतिबंधित करने की माँग की गई है।
देहरादून स्थित घंटाघर में सुकुमार स्वीट्स पर दुकानदार और ग्राहक के बीच हाथापाई का एक दर्दनाक प्रकरण सामने आया है। यह हाथापाई तब हुई जब सुकुमार स्वीट्स ने ग्राहक को पचास रूपए के छुट्टे की जगह हैंड सैनिटाइजर का पाउच थमा दिया।
यह घटना मंगलवार (जनवरी 12, 2021) शाम तब घटी जब ‘हार्ट हैकर’ सोनू (बदला हुआ नाम) अपनी प्रेमिका ‘वोक’ काजू (इंस्टाग्राम अकाउंट के मुताबिक) के साथ शाम के समय देहरादून के फेमस सुकुमार स्वीट्स में रसमलाई खाने के लिए गया था। सोनू ने तकरीबन 5 बजे बारिश रुकने के बाद मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबु की महक लेने के लिए अपनी KTM मोटरसायकिल उठाई और छोटी एड़ियों वाली जींस पहनकर सुकुमार स्वीट्स पहुँचा।
सोनू ने वहाँ पहुँचकर अपनी प्रेमिका के साथ सबसे पहले नेहा कक्कड़ के गाने पर कार पार्किंग में ही इंस्टाग्राम के लिए एक Reels वीडियो की शूटिंग की और उसके बाद जाकर रसमलाई ऑर्डर दे आया। यही नहीं, उसकी प्रेमिका ने पास में ही फ़ास्ट फ़ूड की दुकान पर रखे मोमो भी ऑर्डर करवा लिए थे।
सेल्फी लेने के साथ ही रसमलाई निपटाने के बाद जब सोनू दुकान के काउंटर पर बिल भुगतान करने पहुँचा तो उसने अपनी जेब से 200 रूपए का नोट निकाला लेकिन जब दुकानदार ने उसे बताया कि उसका बिल तो 600 रूपए है तो सोनू की प्रेमिका ने ही आगे आकर अपने ‘वॉलेट’ से 2000 रूपए का नोट निकाला और बिल भुगतान किया।
बदले में, दुकान मालिक तेज प्रताप उन्हें रूपए काटकर वापस कर ही रहे थे कि उन्होंने देखा कि उनके पास पचास रूपए छुट्टे नहीं थे। इस पर दुकान मालिक तेज प्रताप ने फ़ौरन हैंड सैनिटाइजर के दो पाउच निकाले और सोनू को थमा दिए।
बस इसी बात को लेकर सोनू और दुकान मालिक के बीच बहस हो गई। सोनू ने कहा कि उसे जब हैंड सैनिटाइजर चाहिए ही नहीं तो दुकानदार ने उसे वो क्यों थमाए? उसने कहा कि वो एक जागरूक नागरिक होने के नाते अपने पचास रूपए के बदले कोई मोलभाव नहीं करेगा।
देखते ही देखते वहाँ पर दुकान मालिक तेज प्रताप और सोनू के बीच बहस तेज हो गई और बात हाथापाई तक भी आ गई। मामला बढ़ता देख आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और धाराचौकी पुलिस के दो जवानों ने वहाँ पहुँचकर दोनों पक्षों पर एक-एक हजार रूपए का जुर्माना लगाया।
मीडिया से बात करते हुए सोनू की प्रेमिका वोक काजू ने खुलासा किया कि यह बात इतनी बड़ी नहीं थी, लेकिन सोनू से मिलने जाते समय एक विक्रम-टेम्पो चालक ने भी उसे किराए के बदले छुट्टे लौटाते समय सेंटाफ्रेश थमा दिए थे और यह प्रचलन ठीक नहीं है। खबर लिखे जाने तक तेज प्रताप और सोनू में सुलह हो चुकी थी और इसी बात पर वोक काजू ने रसमलाई के साथ फालुदा भी ऑर्डर कर लिया था।
भारत के विदेश मंत्री एस जय शंकर ने मंगलवार (जनवरी 12, 2021) को आतंकवाद को पोषित करने वाले देशों पर बात करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने UN सुरक्षा काउंसिल (UNSC) की वर्चुअल बैठक में अपनी बात रखी।
वह बोले कि साल 1993 में मुंबई बम ब्लास्ट के जिम्मेदार आपराधिक गिरोहों को राज्य का संरक्षण ही नहीं बल्कि 5 सितारा हॉस्पिटेलिटी सुविधाएँ मिलते हुए भी देखा गया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की पाबंदी के तहत लोगों और संगठनों के नाम सूची में शामिल करने और बाहर करने का काम निष्पक्षता के साथ होना चाहिए।
अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया कि आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए राजनीतिक इच्छा होनी चाहिए। विश्व को आतंकवाद को लेकर गंभीर होना चाहिए ताकि इस पर रोक लगाई जा सके। आतंकवाद और देशों में संगठित अपराध के बीच जुड़ाव की पहचान की जानी चाहिए और दृढ़ता से इसका समाधान किया जाना चाहिए।
बता दें कि यूएनएससी की इस बैठक का विषय ही ”1373 प्रस्ताव को अपनाने के 20 साल बाद आतंकवाद का मुकाबला करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग” पर केंद्रित था। इसमें 1 जनवरी 2021 को भारत द्वारा सदस्यता ग्रहण करने के बाद यूएनएसएसी में विदेश मंत्री ने कल अपनी बात रखी।
उन्होंने पाकिस्तान को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि ऐसे अन्य राज्य भी हैं, जो स्पष्ट रूप से सहायता और आतंकवाद का समर्थन करने के दोषी हैं। ये आतंकवादियों को जानबूझकर वित्तीय सहायता और सुरक्षित स्थान मुहैया कराते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन्हें जवाबदेह ठहराना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के रूप में पाकिस्तानियों की सबसे बड़ी संख्या को सूचीबद्ध किया है। इनमें मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी शामिल हैं। इनमें से कई भारत में आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार हैं और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमला भी करवाया है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के खतरे से निपटने और उसके ख़िलाफ़ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यूएन प्रणाली के लिए 8 बिंदुओं का एक्शन प्लान प्रस्तावित किया। वह कहते हैं, “हमें आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति का आह्वान करना चाहिए। लड़ाई में कोई इफ और बट नहीं होना चाहिए। न ही हमें आतंकवाद को जायज ठहराना चाहिए और न ही आतंकवादियों को महिमामंडित करना चाहिए। सभी सदस्य (देशों) को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी साधनों में निहित दायित्वों को पूरा करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि आतंकवाद की इस लड़ाई में किसी तरह के डबल स्टैंडर्ड को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। आतंकवादी केवल आतंकवादी होते हैं। कोई अच्छा, कोई बुरा नहीं। जो ऐसे फर्क करके अपने एजेंडा चलाते हैं और उनको संरक्षण देते हैं, वह बिलकुल बर्दाश्त योग्य नहीं है। उनके मुताबिक संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के तहत व्यक्तियों और संस्थाओं को सूचीबद्ध करना और उनका परिसीमन उद्देश्यपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक या धार्मिक विचारों के लिए।
वह कोविड-19 परिस्थितियों से उपजी स्थिति का हवाला देते हुए कहते हैं कि महामारी ने केवल ऐसी स्थिति को अधिक बढ़ाया है और लॉक़डाउन के समय में लोगों को कट्टरपंथी और चरमपंथी जैसे मुद्दों के लिए अतिसंवेदशील बना दिया है। विदेश मंत्री का मानना है कि हालिया सालों में आतंकी संगठन ने अपनी क्षमता बढ़ाई है। चाहे तकनीक के जरिए हो या फिर ड्रोन या वर्चुअल करंसी और इन्क्रिप्टिड कम्युनिकेशन के जरिए। सोशल मीडिया के जरिए भी कट्टरपंथ फैलाने का काम बखूबी हुआ है।
कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता व उससे जुड़े युवा नेता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के प्रति कितने वफादार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक NSUI अध्यक्ष तौकीर अली अपने दोस्तों के बीच केवल शेखी झाड़ने के लिए पूरे गाँधी परिवार को माँ-बहन की गाली दे देता है और कॉन्ग्रेस का नगर कॉन्ग्रेस कमिटी अध्यक्ष होने के बावजूद खुल कर कहता है कि वो पार्टी से नहीं जुड़ा है।
हाल में प्रियंका गाँधी के साथ तस्वीर खिंचाने वाले NSUI अध्यक्ष तौकीर अली की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इस वीडियो में वह गाँधी परिवार समेत पूरी कॉन्ग्रेस को भद्दी-भद्दी गालियाँ देता सुनाई पड़ रहा है। वीडियो में एक वाक्य भी तौकीर बिना गाली के नहीं कहता। इसलिए यदि आप वीडियो लिंक पर क्लिक करें तो अनुरोध है उसे बिना हेडफोन के न सुनें।
वीडियो में तौकीर एक-एक करके राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, सोनिया गाँधी और फिरोज गाँधी का नाम लेता है और बिना रुके उन्हें अपने दोस्तों के बीच गालियाँ देता जाता है। हम सुन सकते हैं कि जब तौकीर का दोस्त राहुल बाबा कह कर उससे सवाल करता है तो वह कहता है,”राहुल की माँ की #₹, सोनिया की माँ का भ%$*”… दोस्त फिर पूछता है राहुल गाँधी क्या? तौकीर दोबारा यही दोहराता है, “राहुल की माँ की च*&, राहुल की माँ का भ%$*, अंग्रेजों से च#*गे। बहन के *&^ , इंदिरा गाँधी लगी पड़ी है उससे।”
तौकीर की भाषा सुन कर दोस्त पूछता है, “और तू NSUI का अध्यक्ष है।” इस पर वह शेखी बघारते हुए कहता है, “NSUI की बहन की च*&।” फिर कहता है – “मैं आज बात करता हूँ, इसकी माँ का भ%$, तू मिला फिरोज खान को फोन, मैं कहूँगा बहन की च*&।”
वीडियो रिकॉर्डिंग की जानकारी होने के बावजूद वह कहता है कि इसे क्या कर रहा है। सीधे फोन मिला। दोस्त फिर कहता है तू NSUI का अध्यक्ष है। इस्तीफा दे दे। लेकिन तौकीर बार-बार कहता रहता है कि वो इन सबसे नहीं डरने वाला है।
वह बोलता है, “पार्टी से मैं जुड़ा हुआ ही कहाँ हूँ, NSUI पार्टी से जुड़ा हुआ ही नहीं है। NSUI संगठन को पार्टी में कुत्ते की नजर से देखा जाता है। किसी भी आदमी के पास चले जाओ।” इतने पर वीडियो बनाने वाला दोस्त कहता है तो तेरा क्या मतलब है? जिस पर तौकीर कहता है, “भई हम तो न कभी गुलाम थे और न हैं। तुम बने रहो और रहोगे। तुम्हें पार्टी बढ़ा देगी।”
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सभी नवनियुक्त जिला व शहर अध्यक्षों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं pic.twitter.com/uhM8UgzTtk
बता दें कि तौकीर अली को अभी हाल में कॉन्ग्रेस ने बुलंदशहर का नगर कॉन्ग्रेस कमेटी का अध्यक्ष चुना था। 8 जनवरी 2021 को जारी एक प्रेस रिलीज में कॉन्ग्रेस ने 13 लोगों के नाम की सूची निकाली थी। उसी में तौकीर का नाम बुलंदशहर के लिए दिया गया था। इस रिलीज पर केके वेणुगोपाल के हस्ताक्षर भी थे। यूपी कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर से इसे शेयर करते हुए लिखा था, “उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस के सभी नवनियुक्त जिला व शहर अध्यक्षों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ।”
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बतौर कप्तान दुनिया भर के 4 बड़े खिलाड़ियों के परफॉरमेंस को लेकर वोटिंग कराई, जिसमें मुख्य मुकाबला तीनों फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और कभी पाकिस्तान को वर्ल्ड कप दिला चुके इमरान खान के बीच था। इमरान अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं। कई भारतीयों ने भी उनके लिए वोट किया। ICC के पोल में अंततः इमरान खान 47.3% वोटों के साथ विजयी घोषित किए गए।
कई भारतीय नागरिकों ने भी अंध मोदी-विरोध में इमरान खान को वोट दे दिया। ICC के ट्विटर हैंडल पर हुए इस पोल में 536,346 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से विराट कोहली को 46.2% वोट मिले, जो इमरान खान से 1.1% कम हैं। एक समय ऐसा था, जब दोनों ही 46-46 प्रतिशत पर बैठे हुए थे लेकिन अंतिम समय में रिफ्रेश करने के बाद ये आँकड़े आखिरी 5 मिनट में तेज़ी से बदल गए। एक क्षण पहले तक विराट कोहली 47% के साथ आगे थे और इमरान खान को मात्र 46% वोट मिले थे।
ICC के पोल के अंतिम परिणाम
डॉक्टर सैयद उज्मा ने लिखा कि उसने इमरान खान को इसीलिए वोट किया क्योंकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं। उसने दावा किया कि वहाँ अल्पसंख्यकों को सुरक्षा और सम्मान मिलता है। कई लोगों ने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर के दावा किया कि मोदी-विरोध के चक्कर में कइयों ने इमरान खान को वोट दे डाला। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि जब पोल खत्म होते समय कोहली आगे थे तो अंतिम परिणामों में इमरान कैसे विजेता हो गए?
वहीं पाकिस्तान के कई मीडिया चैनलों ने भी इमरान खान को जिताने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने पल-पल की रिपोर्ट चलाई। एक व्यक्ति ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि वो इससे पहले भारतीय मीडिया को ही सबसे खराब समझता था। अमित तिवारी नाम के एक ट्विटर यूजर ने भी इमरान खान को वोट दे डाला। उसे अपने बायो में ‘टीम बाण’ लिख रखा था, जिसे भाजपा विरोधी प्रयोग में लाते हैं।
वहीं पाकिस्तान में कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने इसके लिए बॉट्स का भी इस्तेमाल किया। पाकिस्तान का पीएम होने के कारण इमरान न हारें, इसके लिए खूब प्रयास किए गए। इन दोनों के अलावा एबी डेवीलियर्स भी पोल का हिस्सा थे, जिन्हें मात्र 6% वोट मिले। वहीं ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर मेघन लैनिंग कहीं दौड़ में भी नहीं थीं और उन्हें मात्र 0.5% वोट मिले। पाकिस्तानियों ने कोहली के कई वीडियो शेयर कर के उनका मजाक भी बनाया।
क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) का मूल्य पिछले 1 साल से भी कम समय में 3000 डॉलर से 40,000 डॉलर तक जा चुका है, जिससे निवेशकों को लगभग 13 गुना रिटर्न मिला। कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने Bitcoin तब खरीदी थी, जब इसकी कीमत कौड़ियों के भाव भी नहीं थी। आज उनमें से कई करोड़पति बन चुके हैं। लेकिन, सैन फ्रांसिस्को में रह रहे जर्मन प्रोग्रामर स्टेफन थॉमस के लिए चीजें और मुश्किल हो गई हैं। उनके पास पासवर्ड गेस करने के मात्र 2 मौके बचे हैं, वरना 220 मिलियन डॉलर (1608 करोड़ रुपए) के Bitcoins चले जाएँगे।
उन्हें Ironkey नामक एक छोटे हार्ड ड्राइव को अनलॉक करना होगा। उन्होंने जिस डिजिटल वॉलेट में 7002 Bitcoins रखे थे, उन्हें पाने के लिए उसके प्राइवेट कीज चाहिए, जो इसी में हैं। हाल के दिनों में Bitcoin का मूल्य गिर कर 33,000 डॉलर पर आया है, लेकिन फिर भी पिछले एक महीने में ये 50% ऊपर है। दुनिया के कई बड़े निवेशकों और बैंकों के अलावा बड़ी कंपनियों की भागीदारी से अंततः इसके और आगे बढ़ने की उम्मीद है।
हाल ही में BTC/Bitcoin ने अपने ऑल टाइम हाई 20,000 डॉलर के स्तर को छुआ था। इसके कारण कई अन्य क्रिप्टो करेंसियों को भी फायदा होता है, जिनकी संख्या सैकड़ों में हैं और वो 1 रुपए से भी कम मूल्य से लेकर लाखों तक में उपलब्ध हैं। अब थॉमस को दिक्कत ये है कि जिस पेपर पर उन्होंने प्राइवेट की का पासवर्ड लिख रखा था, वो खो गया है। अब Ironkey 10 मौके देता है, जिनमें से 8 उन्होंने गँवा दिए।
Blessed are those who give without remembering and take without forgetting. – Elizabeth Bibesco
अगर अगले दो मौके चले गए तो ये कंटेंट्स को हमेशा के लिए एन्क्रिप्ट कर देगा और सीज हो जाएगा। Bitcoins की संख्या 2.1 करोड़ की है और इनमें से 1.85 करोड़ को माइन किया जा चुका है। जिन्होंने पासवर्ड खो दिया, वो Bitcoins हमेशा के लिए लॉक्ड हो है और अब वो कभी वापस नहीं जाएँगे, जिससे Bitcoins की संख्या घटती जाएगी। संख्या कम होने के कारण मूल्य और बढ़ता है। थॉमस कहते हैं कि अब वो दिन-रात सोते हुए यही सोच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वो नई रणनीति के पास कम्प्यूटर पर बैठेंगे, फिर कुछ न कुछ गड़बड़ होने की आशंका है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अब तक 20% Bitcoins हमेशा के लिए खो चुके हैं। ऐसे ही एक अन्य व्यक्ति ने इसके मूल्य बढ़ने की उम्मीद न होने के कारण पासवर्ड्स खो दिए। Bitcoin का कोई प्रबंधक नहीं है, इसका निर्माता कहाँ गया किसी को नहीं पता – ऐसे में पासवर्डस रिसेट करने के लिए कोई मौका नहीं है।
गायिका रेनू शर्मा द्वारा बलात्कार का आरोप लगाए जाने के बाद महाराष्ट्र कैबिनेट मंत्री व NCP के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे (Dhananjay munde) ने सफाई पेश की है। उनका कहना है कि उन्हें ब्लैकमेल किया गया और अब एक नैरेटिव बनाकर उनकी छवि बिगाड़ने का प्रयास हो रहा है।
सोमवार (जनवरी 11, 2021) को रेनू शर्मा नाम की प्लेबैक सिंगर ने इस मामले में दर्ज शिकायत को ट्विटर पर साझा किया था। इसमें उन्होंने मुंडे पर रेप का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि जान को खतरा होने के बावजूद पुलिस उनकी शिकायत पर एक्शन नहीं ले रही।
इस ट्वीट के वायरल होने के बाद मुंडे से सवाल किए जाने लगे। अब इसी के संबंध में उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है और लंबा पोस्ट साझा करते हुए कहा कि पूरे मामले में उनके पक्ष को छिपाया गया।
उन्होंने कहा, “कुछ दस्तावेज मुझे लेकर सोशल मीडिया पर सर्कुलेट किए जा रहे हैं, जिसमें मुझे रेप का आरोपित कहा जा रहा है। महिला का नाम रेनू शर्मा है। दस्तावेज दर्शाते हैं कि उन्होंने मेरे ख़िलाफ़ शिकायत की है। ये सभी आरोप फर्जी हैं व केवल मुझे बदनाम व ब्लैकमेल करने के लिए हैं और सच्चाई इस प्रकार है।”
अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि वह करुणा शर्मा नाम की एक महिला की सहमति के साथ, साल 2003 से रिश्ते में हैं। उनके दो बच्चे भी हैं। वह दावा करते हैं, “मेरा परिवार, मेरी पत्नी और दोस्त सब इस बात को जानते हैं कि मैंने उन दोंनो बच्चों को अपना नाम दिया है। स्कूल से संबंधित हर प्रमाण में मेरा नाम उनके पिता के नाम की जगह पर मौजूद है। मेरे परिवार, बीवी और बच्चे भी इस रिश्ते को स्वीकारते हैं और दोनों बच्चों को परिवार का सदस्य मानते हैं।”
वह कहते हैं, “साल 2019 से करुणा, उसकी बहन रेनू और भाई ब्रिजेश ने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू किया और मुझसे पैसे माँगने लगे। उन्होंने मुझे मारने की धमकी भी दी। 12 नवंबर 2020 को मैंने इस बाबत एक शिकायत भी करवाई थी।”
मुंडे का कहना है कि नवंबर 2020 में करुणा ने उनसे जुड़ा बेहद पर्सनल और प्राइवेट मटेरियल सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। इस संबंध में उन्होंने हाईकोर्ट में केस भी दर्ज किया, लेकिन फिलहाल ये मामला विचाराधीन है। इसी दौरान दोनों पक्षों के वकीलों में सुलह की भी बात चल रही है। वह कहते हैं कि वो करुणा शर्मा के ख़िलाफ़ स्वयं हाईकोर्ट गए थे। लेकिन फैसला आना बाकी है इसलिए उनके लिए इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
उनके मुताबिक, इन्हीं सब चीजों के बाद रेनू ने फर्जी और बदनाम करने वाले आरोप सोशल मीडिया पर पोस्ट करने शुरू किए। साथ ही दावा किया कि उन्होंने शादी के नाम पर उसका रेप किया। वह कहते हैं, सारे आरोप निराधार हैं और सब कुछ उनके पैसे लेने के लिए करुणा और ब्रिजेश के प्लान का हिस्सा है।
बता दें कि मुंडे की सफाई सामने आने के बाद भाजपा ने उन पर निशाना साधा है। बीजेपी नेता किरिट सोम्मैया ने कहा है कि 3 महिलाओं के साथ संबंध बनाने वाले मंत्री धनंजय मुंडे को क्लिन चिट मिलने तक इस मामले से दूर रहना चाहिए।
Having Relationship with 3 Women, Minister Dhananjay Munde must stay out from Maharashtra Cabinet till He gets Clean
बरेली में 18 साल की एक लड़की के साथ उसके बॉयफ्रेंड फैज़ शेरी ने ही अपने 4 दोस्तों के साथ मिल कर गैंगरेप किया। पाँचों युवकों के खिलाफ कई महीनों तक छात्रा का रेप करने का आरोप लगाया गया है और मामला दर्ज कर लिया गया है। किशोरी के दोस्त ने उसे फाँस कर उसके साथ कई अंतरंग पलों को कैमरे में कैद कर लिया था और उसे वायरल करने की धमकी देता था। इसके बाद उसने अपने 4 अन्य दोस्तों के साथ मिल कर कई महीनों तक उसका रेप किया।
कुछ दिनों पहले मुख्य आरोपित ने युवती के कई आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर दिया था। वीडियोज के वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और बहेड़ी थाने में FIR दर्ज की गई। गैंगरेप और आईटी एक्ट के तहत पाँचों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। खुद पीड़िता के बयान के आधार पर FIR दर्ज हुई है। पुलिस ने वीडियोज की मूल कॉपी जब्त कर के फॉरेंसिक टेस्टिंग के लिए भेज दिया है। पीड़िता एक बड़े डॉक्टर की बेटी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया है कि वो फैज़ शेरी नामक युवक के साथ रिलेशनशिप में थी। उसने ही सारे अंतरंग वीडियो शूट किए हैं और उसके बल पर धमका कर बात मनवा रहा था। उसने अपने चार दोस्तों के साथ मिल कर किशोरी को ब्लैकमेल किया और वीडियो का गलत उपयोग किया। पाँचों कई महीनों तक उसके साथ गैंगरेप करते रहे। पीड़िता ने बताया कि जब उसने फैज़ से शादी करने को कहा तो उसने इनकार करते हुए वीडियो वायरल कर दिया।
बरेली के एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि आरोपित और पीड़िता एक ही समुदाय से सम्बन्ध रखते हैं और एक ही गाँव के हैं। इनके खिलाफ IPC की धारा-376(d) (किसी महिला के साथ सामूहिक बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी) और आईटी एक्ट की धारा-67 (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किसी आपत्तिजनक कंटेंट को प्रसारित या प्रकाशित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही धारा 354(c) (किसी स्त्री के प्राइवेट कार्यों में ताँक-झाँक और चित्र खींचना या वीडियो बनाना) भी जोड़ा गया है। आरोपितों की तलाश जारी है।
बरेली के बहेड़ी थाना क्षेत्र में एक छात्रा को अश्लील वीडियो क्लिप के जरिये पांच युवकों द्वारा ब्लैकमेल कर गैंगरेप करने का मामला सामने आया है.https://t.co/sbEBTKzSC3
आरोपितों ने धमकाया था कि अगर परिजनों को कुछ भी बताया तो वो जान से मार डालेंगे, जिससे पीड़िता काफी दिनों तक चुप रही। फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता की माँ को ये सब पता चला। जिम संचालक उजैर अजीम, नैनीताल रोड बहेड़ी निवासी गुलमान, सुनहरी मस्जिद बहेड़ी निवासी सैफ और इस्लामनगर बहेड़ी निवासी उमान जाफरी अन्य आरोपितों के नाम हैं। पीड़िता और मुख्य आरोपित पड़ोसी हैं।
बरेली से ही सामने आए एक अन्य मामले में सलमान अंसारी नाम का एक युवक बेंगलुरु से 17 वर्षीय एक नाबालिग हिन्दू लड़की का पीछा करते हुए उससे मिलने लखीमपुर खेरी आ पहुँचा, जहाँ स्थानीय ग्रामीणों ने उसकी पिटाई कर के उसे पुलिस को सौंप दिया। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राना अयूब ने दावा किया कि भारत अब आधिकारिक रूप से एक गंदा देश बन गया है। पुलिस ने बताया कि वो लड़की को नुकसान पहुँचा सकता था।
अमेरिका की मशहूर इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने भारत आने का निर्णय ले लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कंपनी की ईकाई बेंगलुरु में होगी। यहाँ वह अपना न केवल रिचर्स एंड डेवलेपमेंट (R&D) यूनिट खोलेगी बल्कि मैन्युफैक्चरिंग का भी काम करेगी।
टेस्ला मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से इस यूनिट को पंजीकृत किया गया है। इसे 8 जनवरी को शामिल किया गया है। कंपनी ने यहाँ अपने निदेशकों को भी चुन लिया है। इनके नाम वैभव तनेजा, वेंकटरांगम श्रीराम, और डेविड जॉन फेंस्टीन हैं।
बता दें कि दिसंबर 2020 में एक ट्विटर यूजर के ट्वीट का जवाब देते हुए टेस्ला प्रमुख एलोन मस्क (Elon Musk) ने कहा था कि टेस्ला भारत में 2020 तक भले ही न हो लेकिन ये 2021 में जरूर वहाँ होगी। इससे पहले कंपनी ने 2020 में यह पुष्टि की थी कि कंपनी भारत में लॉन्च ऑपरेशन करना चाहती है।
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में टेस्ला के बारे में बात करते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा था कि कंपनी 2021 की शुरुआत तक भारत में अपना परिचालन शुरू कर देगी।
उन्होंने यह भी कहा था कि टेस्ला द्वारा भारत में परिचालन शुरू करने के बाद विनिर्माण के दृष्टिकोण से इसके बारे में बात करना बेहतर होगा। जैव-ईंधन, इथेनॉल, मेथनॉल, जैव-सीएनजी, जैव-डीजल, आदि के क्षेत्र में बहुत सारे शोध चल रहे हैं, जो भारत में प्रमुख ब्रांडों को लाएँगे।
उन्होंने बताया था कि अमेरिकी ऑटो प्रमुख टेस्ला की अगले साल (वर्तमान वर्ष 2021) से भारत में अपनी कारों के लिए इसकी वितरण सुविधा (बिक्री केंद्र) होगी और माँग को देखते हुए वह यहाँ विनिर्माण (manufacturing ) स्थापित करने पर ध्यान देंगे। उनका कहना था कि भारत में अगले 5 वर्षों में दुनिया में सबसे बड़ा ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) निर्माता बनने की क्षमता है।
भारतीय क्षमता पर बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र का इरादा 2030 तक, निजी कारों के लिए 30 प्रतिशत, वाणिज्यिक कारों के लिए 70 प्रतिशत, बसों के लिए 40 प्रतिशत, और दो और तीन-पहिया वाहनों के लिए 80 प्रतिशत विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान करके इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री करने का है, जिससे भारत में EV (इलेक्ट्रिक व्हेकिल) बाजार के विकास की संभावना होगी।
आपको बता दें कि एलोन मस्क अमेजन वाले जेफ बेजोस को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे धनी आदमी बन गए थे। हालाँकि 1-2 दिन के भीतर ही फिर से बेजोस दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन बैठे।