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महिला एंकर के साथ 63 km तक छेड़छाड़: शाहबाज और मो वासिक अरेस्ट – सिर्फ 1 वीडियो देख UP पुलिस ने की कार्रवाई

सहारा मीडिया समूह से जुड़ी पत्रकार (एंकर) चारूल शर्मा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए हाल में यूपी पुलिस ने दो लंपटों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान शाहबाज और मोहम्मद वासिक के रूप में हुई है।

कुछ दिन पहले अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर इन दो युवकों की तस्वीर पोस्ट करते हुए चारूल ने मेरठ पुलिस से इन्हें पकड़ने की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि इन दो युवकों ने उनका हापुड़ से नई सड़क तक पीछा किया।

10 जनवरी को अपने ट्वीट में चारूल ने लिखा था, “मेरठ पुलिस, क्या आप इन युवकों को ढूँढ सकते हैं। इन्होंने हापुड़ से लेकर नई सड़क तक लगातार मेरा पीछा किया और मुझे छेड़ते रहे। मैं इनके वाहन का नंबर नहीं नोट कर पाई, क्योंकि उस पर नंबर प्लेट नहीं थी।” इस ट्वीट के बाद चारू ने इनकी एक वीडियो भी पोस्ट की।

इसी मामले को संज्ञान में लेते हुए मेरठ पुलिस एक्शन में आई और छापेमारी करके इन मनचलों को गिरफ्तार कर लिया गया। यूपी पुलिस ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया पर दी।

चारूल ने यह सूचना शेयर करते हुए मेरठ पुलिस, यूपी पुलिस, पुलिस अधिकारियों और खासतौर पर एसएसपी अजय साहनी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा केवल वीडियो में नजर आ रहे चेहरों के जरिए कि इन लोगों को पकड़ना आसान नहीं था। इस समर्थन और नि:स्वार्थ सेवाभाव के लिए धन्यवाद।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार ने भी इस संबंध में ट्वीट किया। उन्होंने चारूल को टैग करते हुए लिखा, “आपकी सूचना पर शाहबाज और मोहम्मद वासिक को यूपी पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ़्तार कर लिया, ये दोनों शोहदे हैं, पुलिस इन्हें ऐसे संस्कार सिखा रही है कि आगे से ये किसी को भी परेशान करने योग्य ना रहें। आपकी सतर्कता के लिए आभार।

बता दें कि महिला सुरक्षा मामले में यूपी पुलिस लगातार सीएम योगी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। कल ही यूपी पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बताया था, “योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए हम सबने बहुत मेहनत की और महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों को कम करने के लिए काम किया।”

26 जनवरी पर नेताओं को नहीं फहराने देंगे तिरंगा, भारतीय किसान यूनियन की धमकी

भारतीय किसान यूनियन ने आज (जनवरी 13, 2021) सरकार को धमकी दी है। संगठन ने कहा है कि गणतंत्र दिवस पर किसी नेता को वह तिरंगा झंडा फहराने नहीं देंगे। न्यूज 18 के मुताबिक संगठन के युवा हरियाणा अध्यक्ष रवि आजाद ने कहा कि किसान भिवानी में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला का विरोध करेंगे। बिजली मंत्री अगर भिवानी आए तो जिले को चारों तरफ से सील करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन चलने तक नेताओं को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार नहीं है।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी में हैं। वहीं, सरकार इस पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। इस बीच पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “60 से ज्यादा अन्नदाता की शहादत से मोदी सरकार शर्मिंदा नहीं हुई, लेकिन ट्रैक्टर रैली से इन्हें शर्मिंदगी हो रही है!”

वहीं कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी के जो 4 सदस्य बनाए हैं वे तो पहले ही मोदी जी के कानूनों के समर्थक हैं। ऐसी कमेटी के सदस्य क्या न्याय करेंगे। प्रधानमंत्री जी… इतने अहंकारी मत बनिए, किसानों की सुनिए नहीं तो देश आपकी बात सुनना बंद कर देगा।”

बता दें कि कृषि बिल को लेकर दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गन्ना समिति में किसानों की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के दौरान किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में होने वाली परेड को लेकर आह्वान किया कि किसान भारी संख्या में अपने ट्रैक्टरों से परेड ग्राउंड पहुँचे। साथ ही किसान इस बिल के विरोध में जिलों में भी अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन करें।

मामले में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी का कहना है, “सुप्रीम कोर्ट ने फैसले का हम स्वागत करते हैं। जो कमेटी बनाई गई है निश्चित रूप से आने वाले समय में सबसे निष्पक्ष राय लेगी। कमेटी किसान यूनियन के लोगों से और अन्य विशेषज्ञों से भी राय लेगी और उसके बाद निर्णय देगी।”

कैलाश चौधरी ने आगे कहा, “पुराने बिल इतने अच्छे होते तो किसान गरीब और आत्महत्या के लिए मजबूर नहीं होता। इस कानून को कुछ समय देखें अगर कुछ नहीं लगेगा तो भविष्य में और भी संशोधन किया जा सकता है।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों ‘इच्छाधारी प्रदर्शनकारी’ योगेंद्र यादव ने धमकी दी थी कि यदि तथाकथित ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की माँग पूरी नहीं की जाती है तो वे गणतंत्र दिवस को निशाना बनाएँगे। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने भी यही घोषणा की थी।

योगेंद्र यादव ने कहा था, “अगर हमारी माँगें 26 जनवरी तक पूरी नहीं होती हैं, तो किसान दिल्ली में ‘किसान गणतंत्र परेड’ करेंगे। हम राष्ट्रीय राजधानी के निकटवर्ती क्षेत्रों के किसानों से अपील करते हैं कि वे तैयार रहें और देश के हर किसान परिवार से अनुरोध करें कि यदि संभव हो तो एक सदस्य को दिल्ली भेजें।”

किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा था, “23 जनवरी को हम विभिन्न राज्यों में राज्यपालों के घरों की ओर मार्च निकालेंगे और अगर सरकार के साथ बैठक में कोई ठोस हल नहीं निकला तो आने वाली 26 जनवरी को दिल्ली में ‘ट्रैक्टर किसान परेड’ आयोजित की जाएगी।”

कोरोना वैक्सीन ले जा रहे ट्रक को रोका ममता के मंत्री सिद्दीकुल्ला ने, लकड़ी लेकर लोगों को मारने निकले

TMC मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद (JUH) के अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी (Siddiqullah Chowdhury) की अगुवाई में कृषि कानूनों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान कोरोना वैक्सीन ले जाने वाले एक ट्रक को रोक दिया गया।

‘न्यूज़ एक्स’ और ‘रिपब्लिक टीवी’ की खबर के अनुसार, यह घटना बुधवार (जनवरी 13, 2021) दिन की बताई जा रही है। समाचार चैनल के अनुसार ट्रक रोकने वाली TMC की रैली द्वारा कोरोना वायरस वैक्सीन के ट्रक रोकने पर वहाँ जमकर चले लाठी-डंडे भी चले।

भाजपा के महासचिव और प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इस सम्बन्ध में एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, ”बंगाल के मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कृषि कानून के खिलाफ पूर्व बर्दमान के गलसी में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण बहुत देर तक रास्ता जाम होने पर लोगों ने विरोध भी किया, मंत्रीजी हाथ में लकड़ी लेकर लोगों को मारते हुए देखे गए।”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों का लगातार विरोध कर रही हैं और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में टीएमसी के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भी सिंघु बॉर्डर भेजा गया है।

प्रदर्शन कर रहे ममता बनर्जी के मंत्री जब कृषि कानून के विरोध में सड़क पर उतरे तो वहाँ सड़क जाम होने लगी, जिसका लोगों द्वारा विरोध किया गया। इसके बाद, ममता के मंत्री हाथ में लकड़ी का डंडा लेकर लोगों को मारते नजर आए और लोगों ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर कर डाली।

उल्लेखनीय है कि देशभर में कोरोना वायरस के टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी होनी है। इससे पहले देशभर में कोरोना वैक्सीन पहुँचाए जाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।इसी बीच किसान भी लगातार अपनी हठ पर अड़े हुए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में, कोरोना वायरस की वैक्सीन को विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाने में अभी और कितनी मुश्किलें आती हैं, यह समय ही बताएगा।

केन्द्र सरकार ने 16 जनवरी से शुरू होने जा रहे टीकाकरण अभियान से पहले सोमवार (जनवरी 11, 2021) को ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) और ‘भारत बायोटेक’ को कोविड-19 वैक्सीन की 06 करोड़ से अधिक वैक्सीन के लिए ऑर्डर दिया था। इस ऑर्डर की कीमत करीब 1,300 करोड़ रुपए तक बताई जा रही है।

पति को बनाया कुत्ता, गले में पट्टा डाल घुमाया: पुलिस ने लगाया 2 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना

दुनिया कोरोना वायरस की मार झेल रही है। कई देशों में अभी भी इसको लेकर कर्फ्यू लगा रखा है। इसी को कर्फ्यू को मात देने के लिए कनाडा से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कर्फ्यू में एक पत्नी को क्यूबेर (Quebec) शहर में कुत्ते की तरह अपने पति के गले में पट्टा (leash) डालकर उसके साथ सड़क पर टहलते हुए पकड़ा गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना कनाडा के क्यूबेक में शनिवार रात की है। यहाँ महिला कोरोना वायरस के मद्देनजर लगे कर्फ्यू के एक घंटे बाद अपने पति के गले में कुत्ते का पट्टा डाल कर उसे कुत्ते की भाँति सड़क पर टहला रही थी। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया और उन पर फाइन लगाया है।

दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने क्यूबेक में चार हफ्तों का कर्फ्यू लगा रखा है। रात के 8 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक का। हालाँकि जरूरी काम के लिए लोग बाहर जा भी सकते हैं। इसमें वे अपने पालतू जानवरों को बाहर घुमा भी सकते हैं।

घटना 9 जनवरी की है। एक महिला कर्फ्यू तोड़कर सड़कों पर घूम रही थी। वहीं जब पुलिस ने महिला से कर्फ्यू तोड़ने का कारण पूछा तो उसने कहा कि घर के आस-पास 1 किलोमीटर तक अपने कुत्ते के साथ टहलने की इजाजत दी गई है। पुलिस महिला का जवाब सुनकर भौचक्के हो गए और जब उन्होंने ये कहा कि ये कुत्ता नहीं है बल्कि उनका पति है तो इस पर महिला ने हंगामा करना शुरू कर दिया।

हालाँकि कपल पुलिस की किसी भी बात को सुनने को ही तैयार नहीं था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पर 1500-1500 डॉलर का जुर्माना लगा दिया। वहीं महिला ने फिलहाल जुर्माना देने से भी इनकार कर दिया है।

बता दें कि क्यूबेक में 2500 से भी ज्यादा कोरोना के मामले हर दिन सामने आ रहे हैं। जिसके बाद प्रशासन ने वैक्सीन अभियान शुरू करने की तैयारियों के साथ-साथ 8 फरवरी तक नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है। रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक लगे इस कर्फ्यू के तहत नॉन-एसेंशियल सर्विस और बिजनेस से जुड़े लोगों के अलावा किसी को भी घर से निकलने की इजाजत नहीं है। हालाँकि, इस दौरान स्कूल खुले रहेंगे।

Whatsapp छोड़ कर जाने लगे लोग, पेपर में छपवाया विज्ञापन लेकिन छुपा ली मुख्य बातें: जानें क्या है झोल

अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट करने के कारण विवाद झेल रहे व्हाट्सएप्प (Whatsapp) ने अब अख़बारों के पहले पन्ने पर पेज भर विज्ञापन देकर लोगों को लुभाना शुरू कर दिया है। इसमें वो किस्म-किस्म के दावे करते हुए बता रहा है कि लोगों की प्राइवेसी के लिए सम्मान उसके DNA में ही है। खुद को एन्ड टू एन्ड एन्क्रिप्शन की सेवा देने में अगुवा बताते हुए Whatsapp ने कहा कि वो लोगों के बीच प्राइवेट संचार का समर्थन करता है।

Whatsapp के नए एड में मुख्य बातें छिपाई गईं

Whatsapp ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि वो न तो यूजर्स के फोन कॉल सुन सकता है, न मैसेजों को पढ़ सकता है और न ही फोटो, वीडियो अथवा डॉक्युमेंट्स को देख सकता है। उसने कहा कि फेसबुक भी ऐसा नहीं करता। शेयर्ड लोकेशन और ग्रुप मैसेजों को भी उसने प्राइवेट बताया है और कहा कि वो इन्हें एक्सेस नहीं कर सकता। उसने कहा कि वो केवल एन्क्रिप्शन देखता है, कंटेंट बिलकुल नहीं देखता।

लेकिन, लोगों को Whatsapp की जो नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर अपडेट प्राप्त हुए हैं, उसमें साफ़-साफ़ उन चीजों की सूची बनाई हुई है जिसका एक्सेस वो प्राप्त करेगा। डेटा को हैंडल करने के नाम पर उसने खरीद-बिक्री, लोकेशन, संपर्क, आइडेंटीफायर्स, डायग्नोस्टिक्स, वित्तीय सूचनाएँ, कॉन्टेक्ट्स इन्फो और यूजर कंटेंट के साथ-साथ डेटा यूजेज की जानकारी भी माँग रखी है। उम्र या फीचर के प्रयोगों के हिसाब से अलग-अलग प्राइवेसी प्रैक्टिसेज की बात कही गई है।

लिखा है कि ये सारी बातें एक व्यक्ति के पहचान से जोड़ी जाएँगी। जबकि, अख़बारों में दिए गए विज्ञापन में कुछ अलग ही दावे हैं। इसमें लिखा है कि व्हाट्सएप्प आपके कॉन्टेक्ट्स को फेसबुक के साथ शेयर नहीं करता है। जब व्हाट्सएप्प विज्ञापन देता नहीं, तो उस डेटा का व्हाट्सएप्प करेगा क्या? आखिर उसे जोड़ कर क्या करने का उद्देश्य है? कंपनी को बताना चाहिए कि आखिर इन सूचनाओं को क्यों लिया जा रहा है?

अपडेट के दौरान ये सारे इन्फो माँग रहा व्हाट्सएप्प

व्हाट्सएप्प ने अख़बार में दिए गए विज्ञापन में मुख्य बातें ही छिपा ली हैं। उसने ये नहीं बताया कि वो वित्तीय इन्फो क्यों ले रहा है? उसने दावा किया है कि नए अपडेट से उसकी प्राइवेसी पॉलिसी पर किसी रूप में कोई प्रभाव नहीं पड़ता। उधर लोग अब सिग्नल और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप्स का सहारा ले रहे हैं। जहाँ ट्रेंडिंग में सिग्नल प्ले स्टोर पर नम्बर-1 पर पहुँच गया, वहीं टेलीग्राम के यूजरों की संख्या भी 50 करोड़ हो गई है।

बताते चलें कि फेसबुक के इन्फॉर्मेशन माइनिंग मशीन में मेटाडेटा का ही प्रयोग होता है, जिसमें सब कुछ स्टोर रहता है – आप किसे मैसेज करते हैं, क्या मैसेज करते हैं और कब-कब मैसेज करते हैं। यूजर आईडी से सब कुछ ट्रैक किया जा सकता है। व्हाट्सएप्प खुद कहता है कि उसे अपनी सेवाओं को ऑपरेट, प्रोवाइड, इम्प्रूव, कस्टमाइज, अंडरस्टैंड, सपोर्ट और मार्किट करने के लिए जो भी ज़रूरी सूचनाएँ हैं, वो लेता है।

व्हाट्सएप्प सूचनाओं को फेसबुक की अन्य कंपनियों के साथ शेयर करता है लेकिन विज्ञापन में इसके उलट कहा जा रहा है। ऑफर्स या विज्ञापन दिखाने के लिए सूचनाओं को साझा किया जाता है। व्हाट्सएप्प के मेटाडेटा में आपके डिवाइस की भी सभी सूचनाएँ होती हैं। अब एप्पल ने भी सभी एप्स द्वारा लिए जा रहे मेटाडेटा को ट्रैक करने के लिए और ग्राहकों को इसकी सूचना देने के लिए फीचर अपडेट किया है। इससे लोगों को समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा एप कैसी सूचनाएँ ले रहा है।

जैसे, आप एप्पल के iMessage द्वारा लिए जा रहे डेटा और व्हाट्सएप्प द्वारा लिए जा रहे डेटा का फर्क नीचे संलग्न की गई तस्वीर में देख सकते हैं। iMessage सिर्फ ईमेल एड्रेस, फोन नंबर, आईडी ले रहा है, जबकि व्हाट्सएप्प 4 के मुकाबले ऐसी 16 अहम सूचनाएँ प्राप्त कर रहा है। वहीं फेसबुक के मामले में ऐसे अनगिनत इन्फो लिए जाते हैं। एप्पल ने प्राइवेसी की रक्षा और परमिशन अब्यूज को ख़त्म करने के लिए कदम उठाया है।

Apple 'App Privacy' Labels
कौन सा एप्स कैसे इन्फो ले रहा है: Apple देगा सबकी जानकारी (फोटो साभार: Forbes)

बता दें कि हाल ही में ‘अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT)’ ने भारत सरकार से माँग की कि सोशल मीडिया एप्स व्हाट्सएप्प (Whatsapp) और फेसबुक को प्रतिबंधित किया जाए। संगठन ने केंद्रीय आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिख कर ये माँग की थी। चूँकि सोशल मीडिया जायंट फेसबुक ही Whatsapp की पैरेंट कंपनी है, इसीलिए नई प्राइवेसी पॉलिसी के कारण उसे भी प्रतिबंधित करने की माँग की गई है।

रसमलाई खाने गए कपल को छुट्टे की जगह थमाया हैंड सेनिटाइजर तो दुकानदार के साथ हो पड़ी भिड़ंत

देहरादून स्थित घंटाघर में सुकुमार स्वीट्स पर दुकानदार और ग्राहक के बीच हाथापाई का एक दर्दनाक प्रकरण सामने आया है। यह हाथापाई तब हुई जब सुकुमार स्वीट्स ने ग्राहक को पचास रूपए के छुट्टे की जगह हैंड सैनिटाइजर का पाउच थमा दिया।

यह घटना मंगलवार (जनवरी 12, 2021) शाम तब घटी जब ‘हार्ट हैकर’ सोनू (बदला हुआ नाम) अपनी प्रेमिका ‘वोक’ काजू (इंस्टाग्राम अकाउंट के मुताबिक) के साथ शाम के समय देहरादून के फेमस सुकुमार स्वीट्स में रसमलाई खाने के लिए गया था। सोनू ने तकरीबन 5 बजे बारिश रुकने के बाद मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबु की महक लेने के लिए अपनी KTM मोटरसायकिल उठाई और छोटी एड़ियों वाली जींस पहनकर सुकुमार स्वीट्स पहुँचा।

सोनू ने वहाँ पहुँचकर अपनी प्रेमिका के साथ सबसे पहले नेहा कक्कड़ के गाने पर कार पार्किंग में ही इंस्टाग्राम के लिए एक Reels वीडियो की शूटिंग की और उसके बाद जाकर रसमलाई ऑर्डर दे आया। यही नहीं, उसकी प्रेमिका ने पास में ही फ़ास्ट फ़ूड की दुकान पर रखे मोमो भी ऑर्डर करवा लिए थे।

सेल्फी लेने के साथ ही रसमलाई निपटाने के बाद जब सोनू दुकान के काउंटर पर बिल भुगतान करने पहुँचा तो उसने अपनी जेब से 200 रूपए का नोट निकाला लेकिन जब दुकानदार ने उसे बताया कि उसका बिल तो 600 रूपए है तो सोनू की प्रेमिका ने ही आगे आकर अपने ‘वॉलेट’ से 2000 रूपए का नोट निकाला और बिल भुगतान किया।

बदले में, दुकान मालिक तेज प्रताप उन्हें रूपए काटकर वापस कर ही रहे थे कि उन्होंने देखा कि उनके पास पचास रूपए छुट्टे नहीं थे। इस पर दुकान मालिक तेज प्रताप ने फ़ौरन हैंड सैनिटाइजर के दो पाउच निकाले और सोनू को थमा दिए।

बस इसी बात को लेकर सोनू और दुकान मालिक के बीच बहस हो गई। सोनू ने कहा कि उसे जब हैंड सैनिटाइजर चाहिए ही नहीं तो दुकानदार ने उसे वो क्यों थमाए? उसने कहा कि वो एक जागरूक नागरिक होने के नाते अपने पचास रूपए के बदले कोई मोलभाव नहीं करेगा।

देखते ही देखते वहाँ पर दुकान मालिक तेज प्रताप और सोनू के बीच बहस तेज हो गई और बात हाथापाई तक भी आ गई। मामला बढ़ता देख आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और धाराचौकी पुलिस के दो जवानों ने वहाँ पहुँचकर दोनों पक्षों पर एक-एक हजार रूपए का जुर्माना लगाया।

मीडिया से बात करते हुए सोनू की प्रेमिका वोक काजू ने खुलासा किया कि यह बात इतनी बड़ी नहीं थी, लेकिन सोनू से मिलने जाते समय एक विक्रम-टेम्पो चालक ने भी उसे किराए के बदले छुट्टे लौटाते समय सेंटाफ्रेश थमा दिए थे और यह प्रचलन ठीक नहीं है। खबर लिखे जाने तक तेज प्रताप और सोनू में सुलह हो चुकी थी और इसी बात पर वोक काजू ने रसमलाई के साथ फालुदा भी ऑर्डर कर लिया था।

मुंबई में जिन आतंकियों ने किया बम धमाका, उनको दी गई 5-स्टार सुविधाएँ: एस जयशंकर ने साधा निशाना

भारत के विदेश मंत्री एस जय शंकर ने मंगलवार (जनवरी 12, 2021) को आतंकवाद को पोषित करने वाले देशों पर बात करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने UN सुरक्षा काउंसिल (UNSC) की वर्चुअल बैठक में अपनी बात रखी। 

वह बोले कि साल 1993 में मुंबई बम ब्लास्ट के जिम्मेदार आपराधिक गिरोहों को राज्य का संरक्षण ही नहीं बल्कि 5 सितारा हॉस्पिटेलिटी सुविधाएँ मिलते हुए भी देखा गया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की पाबंदी के तहत लोगों और संगठनों के नाम सूची में शामिल करने और बाहर करने का काम निष्पक्षता के साथ होना चाहिए।

अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया कि आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए राजनीतिक इच्छा होनी चाहिए। विश्व को आतंकवाद को लेकर गंभीर होना चाहिए ताकि इस पर रोक लगाई जा सके। आतंकवाद और देशों में संगठित अपराध के बीच जुड़ाव की पहचान की जानी चाहिए और दृढ़ता से इसका समाधान किया जाना चाहिए।  

बता दें कि यूएनएससी की इस बैठक का विषय ही ”1373 प्रस्ताव को अपनाने के 20 साल बाद आतंकवाद का मुकाबला करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग” पर केंद्रित था। इसमें 1 जनवरी 2021 को भारत द्वारा सदस्यता ग्रहण करने के बाद यूएनएसएसी में विदेश मंत्री ने कल अपनी बात रखी।

उन्होंने पाकिस्तान को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया और कहा कि ऐसे अन्य राज्य भी हैं, जो स्पष्ट रूप से सहायता और आतंकवाद का समर्थन करने के दोषी हैं। ये आतंकवादियों को जानबूझकर वित्तीय सहायता और सुरक्षित स्थान मुहैया कराते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन्हें जवाबदेह ठहराना चाहिए। 

संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के रूप में पाकिस्तानियों की सबसे बड़ी संख्या को सूचीबद्ध किया है। इनमें मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी शामिल हैं। इनमें से कई भारत में आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार हैं और 26/11 मुंबई आतंकवादी हमला भी करवाया है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने आतंकवाद के खतरे से निपटने और उसके ख़िलाफ़ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यूएन प्रणाली के लिए 8 बिंदुओं का एक्शन प्लान प्रस्तावित किया। वह कहते हैं, “हमें आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति का आह्वान करना चाहिए। लड़ाई में कोई इफ और बट नहीं होना चाहिए। न ही हमें आतंकवाद को जायज ठहराना चाहिए और न ही आतंकवादियों को महिमामंडित करना चाहिए। सभी सदस्य (देशों) को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी साधनों में निहित दायित्वों को पूरा करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि आतंकवाद की इस लड़ाई में किसी तरह के डबल स्टैंडर्ड को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। आतंकवादी केवल आतंकवादी होते हैं। कोई अच्छा, कोई बुरा नहीं। जो ऐसे फर्क करके अपने एजेंडा चलाते हैं और उनको संरक्षण देते हैं, वह बिलकुल बर्दाश्त योग्य नहीं है। उनके मुताबिक संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के तहत व्यक्तियों और संस्थाओं को सूचीबद्ध करना और उनका परिसीमन उद्देश्यपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक या धार्मिक विचारों के लिए।

वह कोविड-19 परिस्थितियों से उपजी स्थिति का हवाला देते हुए कहते हैं कि महामारी ने केवल ऐसी स्थिति को अधिक बढ़ाया है और लॉक़डाउन के समय में लोगों को कट्टरपंथी और चरमपंथी जैसे मुद्दों के लिए अतिसंवेदशील बना दिया है। विदेश मंत्री का मानना है कि हालिया सालों में आतंकी संगठन ने अपनी क्षमता बढ़ाई है। चाहे तकनीक के जरिए हो या फिर ड्रोन या वर्चुअल करंसी और इन्क्रिप्टिड कम्युनिकेशन के जरिए। सोशल मीडिया के जरिए भी कट्टरपंथ फैलाने का काम बखूबी हुआ है।

राहुल गाँधी #₹ है, सोनिया के $£₹&@: NSUI नेता का वीडियो वायरल, (हेडफोन प्रयोग करें)

कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता व उससे जुड़े युवा नेता पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के प्रति कितने वफादार हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक NSUI अध्यक्ष तौकीर अली अपने दोस्तों के बीच केवल शेखी झाड़ने के लिए पूरे गाँधी परिवार को माँ-बहन की गाली दे देता है और कॉन्ग्रेस का नगर कॉन्ग्रेस कमिटी अध्यक्ष होने के बावजूद खुल कर कहता है कि वो पार्टी से नहीं जुड़ा है।

हाल में प्रियंका गाँधी के साथ तस्वीर खिंचाने वाले NSUI अध्यक्ष तौकीर अली की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इस वीडियो में वह गाँधी परिवार समेत पूरी कॉन्ग्रेस को भद्दी-भद्दी गालियाँ देता सुनाई पड़ रहा है। वीडियो में एक वाक्य भी तौकीर बिना गाली के नहीं कहता। इसलिए यदि आप वीडियो लिंक पर क्लिक करें तो अनुरोध है उसे बिना हेडफोन के न सुनें।

वीडियो में तौकीर एक-एक करके राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी, सोनिया गाँधी और फिरोज गाँधी का नाम लेता है और बिना रुके उन्हें अपने दोस्तों के बीच गालियाँ देता जाता है। हम सुन सकते हैं कि जब तौकीर का दोस्त राहुल बाबा कह कर उससे सवाल करता है तो वह कहता है,”राहुल की माँ की #₹, सोनिया की माँ का भ%$*”… दोस्त फिर पूछता है राहुल गाँधी क्या? तौकीर दोबारा यही दोहराता है, “राहुल की माँ की च*&, राहुल की माँ का भ%$*, अंग्रेजों से च#*गे। बहन के *&^ , इंदिरा गाँधी लगी पड़ी है उससे।”

तौकीर की भाषा सुन कर दोस्त पूछता है, “और तू NSUI का अध्यक्ष है।” इस पर वह शेखी बघारते हुए कहता है, “NSUI की बहन की च*&।” फिर कहता है – “मैं आज बात करता हूँ, इसकी माँ का भ%$, तू मिला फिरोज खान को फोन, मैं कहूँगा बहन की च*&।”

वीडियो रिकॉर्डिंग की जानकारी होने के बावजूद वह कहता है कि इसे क्या कर रहा है। सीधे फोन मिला। दोस्त फिर कहता है तू NSUI का अध्यक्ष है। इस्तीफा दे दे। लेकिन तौकीर बार-बार कहता रहता है कि वो इन सबसे नहीं डरने वाला है।

वह बोलता है, “पार्टी से मैं जुड़ा हुआ ही कहाँ हूँ, NSUI पार्टी से जुड़ा हुआ ही नहीं है। NSUI संगठन को पार्टी में कुत्ते की नजर से देखा जाता है। किसी भी आदमी के पास चले जाओ।” इतने पर वीडियो बनाने वाला दोस्त कहता है तो तेरा क्या मतलब है? जिस पर तौकीर कहता है, “भई हम तो न कभी गुलाम थे और न हैं। तुम बने रहो और रहोगे। तुम्हें पार्टी बढ़ा देगी।”

बता दें कि तौकीर अली को अभी हाल में कॉन्ग्रेस ने बुलंदशहर का नगर कॉन्ग्रेस कमेटी का अध्यक्ष चुना था। 8 जनवरी 2021 को जारी एक प्रेस रिलीज में कॉन्ग्रेस ने 13 लोगों के नाम की सूची निकाली थी। उसी में तौकीर का नाम बुलंदशहर के लिए दिया गया था। इस रिलीज पर केके वेणुगोपाल के हस्ताक्षर भी थे। यूपी कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर से इसे शेयर करते हुए लिखा था, “उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस के सभी नवनियुक्त जिला व शहर अध्यक्षों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ।”

हार गए कोहली, मोदी के अंध-विरोधियों ने Pak के ‘महान कप्तान’ को दिलाई जीत

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बतौर कप्तान दुनिया भर के 4 बड़े खिलाड़ियों के परफॉरमेंस को लेकर वोटिंग कराई, जिसमें मुख्य मुकाबला तीनों फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और कभी पाकिस्तान को वर्ल्ड कप दिला चुके इमरान खान के बीच था। इमरान अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं। कई भारतीयों ने भी उनके लिए वोट किया। ICC के पोल में अंततः इमरान खान 47.3% वोटों के साथ विजयी घोषित किए गए।

कई भारतीय नागरिकों ने भी अंध मोदी-विरोध में इमरान खान को वोट दे दिया। ICC के ट्विटर हैंडल पर हुए इस पोल में 536,346 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से विराट कोहली को 46.2% वोट मिले, जो इमरान खान से 1.1% कम हैं। एक समय ऐसा था, जब दोनों ही 46-46 प्रतिशत पर बैठे हुए थे लेकिन अंतिम समय में रिफ्रेश करने के बाद ये आँकड़े आखिरी 5 मिनट में तेज़ी से बदल गए। एक क्षण पहले तक विराट कोहली 47% के साथ आगे थे और इमरान खान को मात्र 46% वोट मिले थे।

ICC के पोल के अंतिम परिणाम

डॉक्टर सैयद उज्मा ने लिखा कि उसने इमरान खान को इसीलिए वोट किया क्योंकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं। उसने दावा किया कि वहाँ अल्पसंख्यकों को सुरक्षा और सम्मान मिलता है। कई लोगों ने स्क्रीनशॉट्स शेयर कर के दावा किया कि मोदी-विरोध के चक्कर में कइयों ने इमरान खान को वोट दे डाला। वहीं कुछ लोगों का दावा है कि जब पोल खत्म होते समय कोहली आगे थे तो अंतिम परिणामों में इमरान कैसे विजेता हो गए?

वहीं पाकिस्तान के कई मीडिया चैनलों ने भी इमरान खान को जिताने के लिए अभियान चलाया। उन्होंने पल-पल की रिपोर्ट चलाई। एक व्यक्ति ने इसका स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि वो इससे पहले भारतीय मीडिया को ही सबसे खराब समझता था। अमित तिवारी नाम के एक ट्विटर यूजर ने भी इमरान खान को वोट दे डाला। उसे अपने बायो में ‘टीम बाण’ लिख रखा था, जिसे भाजपा विरोधी प्रयोग में लाते हैं।

वहीं पाकिस्तान में कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने इसके लिए बॉट्स का भी इस्तेमाल किया। पाकिस्तान का पीएम होने के कारण इमरान न हारें, इसके लिए खूब प्रयास किए गए। इन दोनों के अलावा एबी डेवीलियर्स भी पोल का हिस्सा थे, जिन्हें मात्र 6% वोट मिले। वहीं ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर मेघन लैनिंग कहीं दौड़ में भी नहीं थीं और उन्हें मात्र 0.5% वोट मिले। पाकिस्तानियों ने कोहली के कई वीडियो शेयर कर के उनका मजाक भी बनाया।

₹1610 करोड़ एक झटके में चले जाएँगे, खो गया पासवर्ड लिखा कागज: मुश्किल में फँसे जर्मन प्रोग्रामर

क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) का मूल्य पिछले 1 साल से भी कम समय में 3000 डॉलर से 40,000 डॉलर तक जा चुका है, जिससे निवेशकों को लगभग 13 गुना रिटर्न मिला। कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने Bitcoin तब खरीदी थी, जब इसकी कीमत कौड़ियों के भाव भी नहीं थी। आज उनमें से कई करोड़पति बन चुके हैं। लेकिन, सैन फ्रांसिस्को में रह रहे जर्मन प्रोग्रामर स्टेफन थॉमस के लिए चीजें और मुश्किल हो गई हैं। उनके पास पासवर्ड गेस करने के मात्र 2 मौके बचे हैं, वरना 220 मिलियन डॉलर (1608 करोड़ रुपए) के Bitcoins चले जाएँगे।

उन्हें Ironkey नामक एक छोटे हार्ड ड्राइव को अनलॉक करना होगा। उन्होंने जिस डिजिटल वॉलेट में 7002 Bitcoins रखे थे, उन्हें पाने के लिए उसके प्राइवेट कीज चाहिए, जो इसी में हैं। हाल के दिनों में Bitcoin का मूल्य गिर कर 33,000 डॉलर पर आया है, लेकिन फिर भी पिछले एक महीने में ये 50% ऊपर है। दुनिया के कई बड़े निवेशकों और बैंकों के अलावा बड़ी कंपनियों की भागीदारी से अंततः इसके और आगे बढ़ने की उम्मीद है।

हाल ही में BTC/Bitcoin ने अपने ऑल टाइम हाई 20,000 डॉलर के स्तर को छुआ था। इसके कारण कई अन्य क्रिप्टो करेंसियों को भी फायदा होता है, जिनकी संख्या सैकड़ों में हैं और वो 1 रुपए से भी कम मूल्य से लेकर लाखों तक में उपलब्ध हैं। अब थॉमस को दिक्कत ये है कि जिस पेपर पर उन्होंने प्राइवेट की का पासवर्ड लिख रखा था, वो खो गया है। अब Ironkey 10 मौके देता है, जिनमें से 8 उन्होंने गँवा दिए।

अगर अगले दो मौके चले गए तो ये कंटेंट्स को हमेशा के लिए एन्क्रिप्ट कर देगा और सीज हो जाएगा। Bitcoins की संख्या 2.1 करोड़ की है और इनमें से 1.85 करोड़ को माइन किया जा चुका है। जिन्होंने पासवर्ड खो दिया, वो Bitcoins हमेशा के लिए लॉक्ड हो है और अब वो कभी वापस नहीं जाएँगे, जिससे Bitcoins की संख्या घटती जाएगी। संख्या कम होने के कारण मूल्य और बढ़ता है। थॉमस कहते हैं कि अब वो दिन-रात सोते हुए यही सोच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वो नई रणनीति के पास कम्प्यूटर पर बैठेंगे, फिर कुछ न कुछ गड़बड़ होने की आशंका है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अब तक 20% Bitcoins हमेशा के लिए खो चुके हैं। ऐसे ही एक अन्य व्यक्ति ने इसके मूल्य बढ़ने की उम्मीद न होने के कारण पासवर्ड्स खो दिए। Bitcoin का कोई प्रबंधक नहीं है, इसका निर्माता कहाँ गया किसी को नहीं पता – ऐसे में पासवर्डस रिसेट करने के लिए कोई मौका नहीं है।