Homeदेश-समाजISIS आतंकी शिहाबुद्दीन को NIA ने किया गिरफ्तार: तमिलनाडु पुलिस के SSI विल्सन हत्याकांड...

ISIS आतंकी शिहाबुद्दीन को NIA ने किया गिरफ्तार: तमिलनाडु पुलिस के SSI विल्सन हत्याकांड में थी तलाश

एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, हत्याकांड 8 जनवरी 2020 को घटित हुआ था। विल्सन कन्याकुमारी में केरल से लगने वाली सीमा पर एक चेक प्वाइंट पर तैनात थे। उसी दौरान आतंकवादी अब्दुल शमीम और तौफीक ने अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने तमिलनाडु पुलिस के विशेष सब इंस्पेक्टर विल्सन हत्याकांड में शामिल चेन्नई के रहने वाले छठे हत्यारोपित शिहाबुद्दीन (39) उर्फ खालिद (सिराजुद्दीन) को कतर से चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुँचने पर गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, आरोपित जनवरी 2020 से फरार था। शिहाबुद्दीन हत्याकांड के बाद कतर भाग गया था।

अधिकारियों ने लुकआउट सर्कुलर के आधार पर शिहाबुद्दीन को हिरासत में लिया। जिसके बाद उसे राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के हवाले कर दिया गया। बता दें हत्या में शामिल अन्य सभी आतंकवादियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं।

एनआईए द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, हत्याकांड 8 जनवरी 2020 को घटित हुआ था। विल्सन कन्याकुमारी में केरल से लगने वाली सीमा पर एक चेक प्वाइंट पर तैनात थे। उसी दौरान आतंकवादी अब्दुल शमीम और तौफीक ने अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।

एजेंसी ने 10 जुलाई को विल्सन हत्या मामले में आरोपित अब्दुल शमीम, तौफीक, खाजा मोहीदीन, महबूब पाशा, इजास पाशा और जाफर अली का उल्लेख करते हुए चार्जशीट दायर की थी और उन पर धारा 120बी, 302, 353 और 506 (ii) IPC 34, धारा 16, 18, 18B, 20, 23, 38 और 38 UA (P) अधिनियम, 1967, और धारा 25 (1B) (a) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद मामले को तमिलनाडु पुलिस से एनआईए को सौंप दिया गया था। जिसके बाद एनआईए ने 1 फरवरी 2020 को मामला फिर से दर्ज किया था और शमीम और तौफीक को गिरप्तार किया गया था। इस साजिश में शिहाबुद्दीन भी शामिल था। एसएसआई विल्सन की हत्या में प्रारंभिक जाँच से पता चला था कि उनके हत्यारे “स्व-घोषित जिहादी” थे, जिन्होंने तमिलनाडु पुलिस द्वारा अपने ISIS सहयोगी, मोहम्मद हनीफ खान (29), इमरान खान (32) और मोहम्मद जैद (24) की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी।

उन्होंने कहा कि यह मामला पिछले साल आठ जनवरी को अब्दुल शमीम और तौफीक नाम के आतंकवादियों द्वारा तमिलनाडु पुलिस के विशेष उप-निरीक्षक विल्सन की हत्या से संबंधित है। प्रवक्ता ने कहा कि विल्सन की पिछले साल आठ जनवरी की रात को उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह कन्याकुमारी में केरल से लगने वाली सीमा पर एक चेक प्वाइंट पर तैनात थे। तमिलनाडु सरकार ने विल्सन के परिवार को एक करोड़ रुपए के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की थी।

बेंगलुरु में अपने आईएसआईएस के सहयोगियों की गिरफ्तारी के जवाब में आतंकवादियों ने अगले दिन विल्सन को तमिलनाडु के कालियाक्कविलाई (Kaliyakkavilai) में पद्मथलुमुडु (Padanthalumoodu) चेक-पोस्ट पर गोली मार दी थी। पुलिस के मुताबिक, 2014 में हिंदू मुन्नानी नेता की हत्या के मामले में शमीम जमानत लेने के बाद से फरार चल रहा था।

गौरतलब है कि आतंकियों को 15 जनवरी, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद इस बात का खुलासा हुआ था कि उन्होंने यह हमला अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी का बदला लेने और लोगों के मन में आतंक फैलाने के लिए किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सिनेमाई परदे पर यूरोप की सुलगती हकीकत है Citizen Vigilante Movie: समझें- क्यों परेशान हैं दुनिया भर के इस्लामी कट्टरपंथी और लेफ्ट लिबरल?

लिबरल और वामपंथी समीक्षक 'सिटीजन विजिलांते' फिल्म को चाहे कितनी भी कम रेटिंग क्यों न दें, इस फिल्म ने अपना काम कर दिया है।

BAT-BMS ऐप से ई-रिक्शा हैक हो सकता है तो EVM क्यों नहीं हैक हो सकती? लेफ्ट-लिबरल्स के ‘लॉजिक’ पर माथा गरम करने से पहले...

BAT-BMS ऐप को EVM से जोड़कर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पड़ताल। जानिए कैसे काम करता है ऐप, क्यों हुई कार्रवाई और EVM इससे कैसे अलग है।
- विज्ञापन -