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किसान नेताओं को पीयूष गोयल ने बैठक के दौरान ‘धमकाया’? जानिए, क्या है हकीकत

‘किसान आंदोलन’ ने वामपंथी प्रोपेगेंडा परस्तों को अपनी वैचारिक गुफ़ा से बाहर निकल कर एनडीए सरकार को लेकर मिथ्या प्रचार करने का अवसर दे दिया है। केंद्र सरकार के कृषि सुधार क़ानूनों के बारे में फ़ेक न्यूज़ फैलाए गए। अपनी दोयम दर्जे की हरकतों को जारी रखते हुए इन्होंने अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पर किसानों को ‘धमकाने’ का आरोप लगाया है।     

एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पीयूष गोयल और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राकेश टिकैत और अन्य प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए नज़र आ रहे हैं। वीडियो की ऑडियो गुणवत्ता अच्छी नहीं होने की वजह से उसका संदर्भ समझ नहीं आता है। वीडियो में पीयूष गोयल कहते हैं, “हमारे पास आपके 40 संगठनों की सूची है। मुझे अपना मुँह खोलने पर मजबूर मत करिए।” 

प्रोपेगेंडा करने वाले इसका इस्तेमाल ये बताने के लिए कर रहे हैं कि पीयूष गोयल किसानों को धमकी दे रहे थे। यह दावा इसलिए भी संदेह के दायरे में नज़र आता है, क्योंकि वीडियो में किसान केंद्रीय मंत्री के समक्ष मुस्कराते हुए नज़र आते हैं। केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी के बावजूद किसानों के चेहरों को देख ऐसा कतई नहीं लगता है कि पीयूष गोयल ने उन्हें धमकी दी है। किसान बेहद निश्चिंत नज़र आते हैं और केंद्रीय मंत्री खुद टिप्पणी के बाद मुस्कराते हुए नज़र आते हैं।

बता दें कि हाल ही में देश भर से तमाम किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताने के लिए आगे आए थे। उनका कहना था कि केंद्र सरकार को आंदोलन करने वालों के सामने झुकने की ज़रूरत नहीं है। यह किसान देश के अलग-अलग राज्यों से थे और कुछ पंजाब के भी थे। इन किसानों के मुताबिक़ नए कृषि सुधार क़ानूनों से उन्हें फ़ायदा हुआ है। इन्हें निरस्त नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि विरोध करने वाले अधिकांश किसान पंजाब से ही हैं।    

हमने इस मुद्दे पर कई रिपोर्ट तैयार की थी जिनमें इस बात का ज़िक्र था पंजाब के किसान इस बात से नाराज़ हैं कि सरकार प्रदेश की किसान इकाइयों से बातचीत नहीं कर रही थी। लगभग 40 किसान संगठनों (ज़्यादातर पंजाब) से मिलकर बने संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर निवेदन किया था कि सरकार प्रदेश की किसान इकाइयों से बातचीत नहीं बंद करे। यह पत्र माओवादी संगठन PDFI के संस्थापक सदस्य दर्शन पाल ने लिखा था। 

यह पत्र उस वक्त लिखा गया जब अन्य राज्यों के किसान संगठनों ने कृषि सुधार क़ानूनों का समर्थन किया था। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार पर आरोप लगाया था कि वह किसान आंदोलन को लेकर ‘दुष्प्रचार’ कर रही है। 

पीयूष गोयल ने इस संदर्भ में अनौपचारिक टिप्पणी तब की थी जब टिकैत ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि सरकार उन किसान संगठनों से भी बात कर रही है जो नए कानूनों के समर्थन में हैं।

यह बैठक सरकार और किसानों के बीच अंतिम राउंड की बातचीत के दौरान हुई थी। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ब्रेक के दौरान किसानों के साथ नज़र आए और उनसे अनौपचारिक रूप से बातचीत की। 

सूत्रों ने बताया कि टिकैत ने आरोप लगाया था कि सरकार ऐसे किसान संगठनों से बात कर रही है जो आंदोलन से जुड़े ही नहीं हैं। जो संगठन बैठक में शामिल नहीं हुए थे (खासकर जो कृषि क़ानूनों का समर्थन करते हैं) वह ‘विश्वसनीय नहीं’ हैं। इस बात पर पीयूष गोयल ने कहा था कि उनके पास ऐसे 40 कृषि संगठनों की सूची है जो किसान आंदोलन का हिस्सा हैं। इसके बावजूद ऐसा दुष्प्रचार किया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री ने किसानों को धमकी दी, जबकि वहाँ मौजूद किसी भी व्यक्ति ने इस तरह की कोई बात नहीं की है। 

‘पीआईएल एक्टिविस्ट’ प्रशांत भूषण इसे हवा देने में सबसे आगे रहे। उनके मुताबिक़, ”पीयूष गोयल किसानों को धमकी दे रहे हैं।” 

इसी तरह प्रोपेगेंडा फैलाने वाले एक व्यक्ति ने ट्विटर पर कहा, “इन्हें देखिए किसानों को सार्वजनिक रूप से धमकी दे रहे हैं।” 

तथाकथित पत्रकार रोहिणी सिंह ने कहा कि पीयूष गोयल का रवैया किसानों के प्रति बेहद घमंड भरा है। ऐसा घमंड किसी को भी ख़त्म कर देता है। 

कुछ दावा कर रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री ने किसानों को अपशब्द कहा। 

न्यूजलॉन्ड्री के पत्रकार जस ओबरॉय ने भी यही झूठ फैलाया कि पीयूष गोयल किसानों को धमकी दे रहे हैं। 

सबसे अहम बात ये है कि यह वीडियो सम्भावित रूप से बुधवार (30 दिसंबर 2020) का है जब किसान संगठनों और सरकार के बीच अंतिम राउंड की बातचीत हुई थी। उसके बाद से अभी तक किसी किसान नेता ने ऐसा नहीं कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्री ने धमकी दी है। सिर्फ प्रोपेगेंडाधारी ही सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे कर रहे हैं। 

खुद किसान संगठन के नेताओं ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि बातचीत सकारात्मक रही। राकेश टिकैत ने भी कहा था कि बहुत जल्द हमारी समस्या हल हो जाएगी। मीडिया वालों से बात करते हुए राकेश टिकैत बेहद सहज नज़र आ रहे थे। उन्हें देख कर ऐसा नहीं लग रहा था कि उनको किसी भी तरह की धमकी दी गई है।         

  

piyush goyal farmer leaders protests threaten   

पेंसिल से भगवान वेंकटेश की पेंटिंग बनाई, 45 दिन लगे: दक्षिण भारत का वह कॉमेडियन, जिसे गिनीज बुक से मिल चुका है सम्मान

शायद ही कोई ऐसा होगा, जो दक्षिण भारत के कॉमेडियन ब्रह्मानंदम को न जानता हो। मुख्य रूप से तेलुगु फिल्मों में अभिनय करने वाले ब्रह्मानंदम को गिनीज बुक ने वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित कर रखा है। वे अकेले ऐसे जीवित अभिनेता हैं जिनकी फिल्मों की संख्या 1000 पार कर चुकी है। लेकिन, क्या आपको पता है कि फिल्मों में मजाकिया किरदारों को निभाने वाले ब्रह्मानंदम हिन्दू देवी-देवताओं की पेंटिंग बनाने में दक्ष हैं। इसकी बानगी अल्लू अर्जुन के ट्वीट में देखने को मिली।

नव वर्ष के मौके पर शुक्रवार (जनवरी 1, 2021) को लोकप्रिय तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने दो तस्वीरें शेयर की। एक में भगवान वेंकटेश्वर का फ्रेम किया हुआ चित्र है, जबकि दूसरे में चित्र को कैलेंडर में लगाया गया है। उन्होंने लिखा, “हमारे प्यारे साथी से मुझे अब तक का सबसे बहुमूल्य उपहार मिला। ब्रह्मानंदम जी ने इसे 45 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया है। धन्यवाद!”

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि इस पूरी पेंटिंग को बनाने के लिए पेंसिल का इस्तेमाल किया गया। इसे हाथों से बनाया गया, बिना किसी मशीन के इस्तेमाल के। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खँगाल कर ब्रह्मानंदम द्वारा बनाई गई कुछ और पेंटिंग भी निकाली। एक चित्र में श्रीराम और हनुमान गले मिल रहे हैं। एक चित्र में ब्रह्मानंदम केवल धोती पहने हुए पेंटिंग बना रहे हैं।

गणेश चतुर्थी के पहले भी उन्होंने भगवान गणेश की प्रतिमा अपने हाथों से बनाई थी। बता दें कि सीनियर होने के बावजूद ब्रह्मानंदम और अल्लू अर्जुन एक-दूसरे के अच्छे मित्र हैं। लोग इन दोनों की ऑन स्क्रीन जोड़ी को भी पसंद करते हैं। कई लोगों ने दोनों की इसीलिए भी तारीफ की, क्योंकि हिन्दू धर्म में श्रद्धा के मामले में ये इमोशंस छिपाते नहीं।

हाल ही में दक्षिण भारत (तमिल) के लोकप्रिय अभिनेता और रजनीकांत के जमाई धनुष ने सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों को हॉलीवुड फिल्म ‘द ग्रे मैन (The Gray Man)’ का हिस्सा बनने की बात बताई। इस फिल्म में काम करने के लिए अपने उत्साह का जिक्र करते हुए उन्होंने स्नेह और समर्थन के लिए प्रशंसकों का आभार जताया। अभिनेता ने अपने ट्वीट का अंत भगवान शिव को संबोधित करते हुए लिखा, ‘ॐ नमः शिवाय’, जिसे लिबरल-सेक्युलर मीडिया ने छिपा लिया था।

अफजल ने दलित महिला को अगवा कर इस्लाम कबूलने का डाला दबाव: यूपी में ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून के तहत पहली चार्जशीट

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने पिछले महीने अपने घर के पास से एक दलित महिला का अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार 22 वर्षीय बढ़ई अफजल के खिलाफ नए धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत पहली चार्जशीट दायर की है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल नवंबर में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी दी थी।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह आरोप पत्र इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ साल पहले 21 साल की महिला अपने माता-पिता के साथ चंडीगढ़ शिफ्ट हो गई थी। आरोपित, जो उसके घर के पास रहता था, वह भी वहाँ शिफ्ट हो गया। पिछले महीने, महिला और उसके माता-पिता एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने बिजनौर गए थे। जहाँ 6 दिसंबर को अपने घर के पास के बाजार जाने के दौरान उसका अपहरण कर लिया गया।

गायब होने के दो दिनों बाद, महिला के पिता ने अफजल के खिलाफ FIR दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को आखिरी बार आरोपित के साथ ही देखा गया था। वहीं पुलिस ने इस मामले में अपहरण के आरोपों और नए धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया। जिसके बाद 9 दिसंबर को पुलिस ने महिला का जिले में पता लगाया।

अफजल ने यौन उत्पीड़न किया और इस्लाम में परिवर्तित करने की कोशिश की

पीड़ित महिला ने मजिस्ट्रेट को दिए अपने बयान में कहा कि अफजल ने अपनी असली पहचान छिपा ली थी और दावा किया था कि उसका नाम सोनू है। उसने कहा कि वह उसके घर जाया करता था, और जल्द ही वे दोस्त बन गए। पीड़िता ने दावा किया कि आरोपित ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और जब वह उसके साथ गई तो उसे उसकी असली पहचान के बारे में पता चला। फिर अफजल ने महिला से कहा कि वह धर्मांतरण के बाद उससे शादी करेगा।

जाँच अधिकारी कुलदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 366, उत्तर प्रदेश निषेध धर्म परिवर्तन अध्यादेश, 2020 और SC-ST अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। मजिस्ट्रेट के सामने महिला के बयान के आधार पर, बलात्कार के आरोप भी लगाए गए हैं। अफजल को पुलिस ने 10 दिसंबर को गिरफ्तार किया था और अदालत में पेश किया गया था, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

UP में ‘लव-जिहाद’ कानून के तहत उवैस अहमद पर पहली FIR

गौरतलब है कि बरेली में 29 नवंबर, 2020 को ‘ग्रूमिंग जिहाद’ कानून के तहत पहला केस दर्ज किया गया। केस के मुताबिक, उवैस अहमद गाँव की ही एक छात्रा पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इस प्रकरण के संबंध में मामला दर्ज कर लिया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ‘ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद)’ के विरुद्ध बने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 पर हस्ताक्षर कर इसे मंजूरी दी थी। इसके बाद ये राज्य में औपचारिक रूप से लागू हो गया।

दिल का दौरा पड़ने के बाद सौरभ गांगुली अस्पताल में भर्ती, लोगों ने की जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली को सीने में दर्द की शिकायत के बाद शनिवार (जनवरी 02, 2021) को कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल भर्ती किया गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान के करीबी लोगों ने कहा कि सौरभ गांगुली ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। उन्हें एंजियोप्लास्टी की जरूरत पड़ सकती है। बताया जा रहा है कि सौरभ गांगुली खतरे से बाहर हैं।

बोरिया मजूमदार के मुताबिक, गांगुली को शनिवार (दिसंबर 02, 2021) सुबह कोलकाता के वुडलैंड्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने लिखा, “वह जिम में थे कि उन्हें चक्कर आए। इसके बाद कुछ टेस्ट के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित तमाम लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में ही, गांगुली ने अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति में शामिल होने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा था कि वह राज्यपाल के निमंत्रण पर उनसे मिलने भी गए थे।

‘मुस्लिमों का अब्बा नहीं बाबर, औरंगजेब चाचा नहीं’: औरंगाबाद को ‘संभाजी नगर’ करने पर शिवसेना-कॉन्ग्रेस भिड़ी

महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी गठबंधन में गठबंधन के सहयोगियों के बीच टकराव अब स्पष्ट नजर आने लगा है। यह टकराव कॉन्ग्रेस और शिवसेना के बीच औरंगाबाद का नाम बदलकर ‘संभाजी नगर’ करने के प्रयासों के बीच बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। गौरतलब है कि यह महा विकास अघाड़ी गठबंधन भाजपा के विरोध में एकजुट हुए दलों का समूह है, जिसे शरद पवार ने महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बनाने के लिए एनसीपी, कॉन्ग्रेस और शिवसेना को एकजुट कर बनाया था।

शिवसेना काफी समय से से औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करने की माँग करती रही है। यह माँग उस वक्त भी की गई थी, जब शिवसेना भाजपा के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा थी। लेकिन कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री बालासाहेब थोराट ने औरंगाबाद को संभाजी नगर करने का विरोध किया। इसके ही एक दिन बाद ही, शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के माध्यम से शहर का नाम बदलने के विषय को जोरशोर से उठाया है।

इस बात से इंकार करते हुए कि नाम बदलने से महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार के भविष्य पर कोई असर पड़ेगा, लेख में बताया गया है कि कैसे शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने 30 साल पहले इसका नाम संभाजी नगर रखा था और लोगों ने इसे तहे दिल से स्वीकार भी किया था। ‘सामना’ के सम्पादकीय में कहा गया है कि नाम को आधिकारिक रूप से लागू करने के लिए बस दस्तावेजों की औपचारिकताओं को छोड़ दिया गया था।

लेख में कहा गया है कि जिस तरह से अयोध्या में श्री राम मंदिर सर्वसम्मति से बनाया जा रहा है, उसी तरह, औरंगाबाद का नाम भी आम सहमति से बदल दिया जाएगा। संपादकीय में दावा किया गया कि भारत में मुस्लिम बाबर और औरंगज़ेब का तिरस्कार करते हैं और उन्हें औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करने से कोई असहमति नहीं होगी।

कॉन्ग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए इस लेख में कहा गया है कि औरंगाबाद का नाम बदलने से देश के धर्मनिरपेक्षता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और राज्य के अधिकांश कॉन्ग्रेसी शिवसेना द्वारा शहर का नाम बदलने की माँग से सहमत होंगे।

‘बाबर मुस्लिमों का पिता नहीं है और औरंगजेब उनका चाचा नहीं है’: सामना

सामना के इस लेख के अनुसार, “बाबर भारत के मुस्लिमों का पिता नहीं है, जिस तरह पापी औरंगज़ेब यहाँ के मुस्लिमों का चाचा नहीं है। बाबर को अयोध्या में दफनाया गया था और राम मंदिर वहीं खड़ा है। न तो इस्लाम वहाँ खतरे में था, न ही किसी की धर्मनिरपेक्षता का हरण हुआ। अगर किसी को लगता है कि औरंगज़ेब का कब्रिस्तान धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक है, तो वह भारत की पहचान का मज़ाक बना रहा है।”

संपादकीय में आगे कहा गया है कि मुगल वंशज औरंगजेब की मौत का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है। लेख में कहा गया है कि औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी पर बहुत अत्याचार किए और उन पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव डाला। हालाँकि, वो उनके अत्याचारों के सामने झुके नहीं। लेख में कहा गया है कि यह शिवाजी महाराज का घोर अपमान है कि औरंगजेब के नाम पर एक शहर महाराष्ट्र की भूमि पर मौजूद है।

शिवसेना के मुखपत्र में लिखा गया है, “इस देश के मुस्लिम बाबर को भूल गए हैं और महाराष्ट्र के मुस्लिम औरंगज़ेब को भूल गए हैं। औरंगजेब और औरंगाबाद अब वोट का विषय नहीं हैं। महाराष्ट्र के मुस्लिमों ने राष्ट्रवाद का रास्ता अपनाते हुए शिवसेना का समर्थन किया है।”

औरंगाबाद का नाम न बदलने पर भाजपा पर उठाए सवाल

औरंगाबाद का नाम बदलने पर एमवीए गठबंधन के भीतर चल रहे टकराव के बीच भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि इस मुद्दे पर विचारों का अंतराल केवल एमवीए गठबंधन और इसके सहयोगियों के बीच सामंजस्य की कमी को बताता है।

औरंगाबाद के नाम बदलने के संबंध में एमवीए सरकार के भीतर चल रहे अलग-अलग विचारों पर भाजपा की आलोचना के जवाब में, शिवसेना ने अपने मुखपत्र के संपादकीय में भाजपा पर आरोप लगाते हुए लिखा कि वे औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर रख सकते थे जब वे राज्य में सत्ता में थे। शिवसेना ने कहा कि यह उसी तरह किया जा सकता था जैसे उन्होंने दिल्ली में औरंगजेब रोड और यूपी में इलाहाबाद का नाम बदल दिया।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता बाला साहब थोराट ने जताई नाम बदलने पर आपत्ति

शिवसेना की ओऱ से औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर करने के प्रस्ताव का कॉन्ग्रेस विरोध कर रही है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता बाला साहब थोराट ने औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर करने के विचार पर कहा, “महा अघाड़ी सरकार का गठन एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर हुआ है। हमारे सारे फैसले इसी प्रोग्राम के आधार पर होने चाहिए। औरंगाबाद का नाम बदलने का फिलहाल कोई भी प्रस्ताव अघाड़ी के दलों के बीच नहीं है और अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो हम उसका विरोध भी करेंगे। महाराष्ट्र में सरकार का कोई भी फैसला महा अघाड़ी के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से हटकर नहीं होगा।”

‘किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, न उसके लिए दान’: भगोड़े जाकिर नाइक का बयान

हाल ही में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत के करक जिले में उन्मादी मुस्लिम भीड़ ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए एक हिंदू मंदिर को तहस-नहस कर दिया था। इसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया गया। पाकिस्‍तान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं सहित देश में सत्तारूढ़ इमरान खान की अगुवाई वाली पार्टी पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी इसकी निंदा की थी, लेकिन भारत से भागकर मलेशिया में शरण लेने वाले विवादित इस्लामिक प्रचारक भगोड़े जाकिर नाइक ने इस शर्मनाक वारदात को जायज ठहराया है।

पाकिस्‍तान में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को उच‍ित ठहराते हुए जाकिर नाइक ने कहा कि किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जाकिर नाईक का यह बयान 30 दिसंबर को पाकिस्‍तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में उन्मादी भीड़ द्वारा मंदिर को हथौड़े से मारकर गिराए जाने की घटना के बाद आया है। आरोप है कि आतंकी समूह से समर्थन प्राप्त एक स्‍थानीय मौलवी ने लोगों को हिंदू समूदाय के खिलाफ भड़काया और मंदिर गिराने के लिए उकसाया।

इस घटना पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इस घटना के प्रति कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान को नाराज़गी जाहिर की। भारत सरकार के अधिकारी ने बताया, “पाकिस्तान में इस घटना पर आधिकारिक रूप से संज्ञान लिया जा चुका है और इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज की गई है।” 

गौरतलब है कि इससे पहले उग्र इस्लामी भीड़ ने हथौड़े की मदद से हाल ही में निर्मित कृष्ण मंदिर की दीवार तोड़ दी थी। कट्टरपंथियों की भीड़ की अगुवाई स्थानीय मौलाना और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फज़ल रहमान ग्रुप) के समर्थकों ने की थी। भीड़ ने पहले अल्लाह हू अकबर का नारा लगाते मंदिर को आग के हवाले कर दिया और फिर उसे हथियारों से तहस-नहस कर दिया।

इस मौके पर भी इस्लामी कट्टरपंथी नाइक ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि पाकिस्तान अपनी राजधानी में श्रीकृष्ण मंदिर बनवाने के लिए पैसे देकर पाप कर रहा है। जाकिर से पूछा गया था, “क्या इस्लाम को मानने वाले मुल्क में मुस्लिम करदाताओं के रुपयों से मंदिर बनाया जा सकता है?” जवाब में उसने कहा था एक मुस्लिम व्यक्ति किसी गैर मुस्लिम पूजा स्थल के निर्माण में दान नहीं कर सकता है। इसके अलावा जाकिर ने कहा था वह ऐसे किसी निर्माण का समर्थन भी नहीं कर सकता।

जाकिर नाइक ने अपने साप्ताहिक कार्यक्रम में बात करते हुए कहा था कि लगभग सभी इमाम और उलेमाओं की इस मुद्दे पर राय एक जैसी है। इस्लाम को मानने वाला कोई भी व्यक्ति किसी गैर मुस्लिम धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए दान नहीं कर सकता है। इस बारे में तमाम फ़तवे भी मौजूद हैं। एक मुस्लिम व्यक्ति दूसरे मज़हब के धार्मिक स्थलों के निर्माण का न तो साथ दे सकता है और न ही दान कर सकता है। 

‘धर्म बदल, निकाह कर’: हथियार के साथ हिंदू युवती के घर में घुसा अबरार, पीड़िता बोली- कार्रवाई नहीं हुई तो कर लूँगी सुसाइड

उत्तर प्रदेश के बरेली से ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) का एक मामला सामने आया है। हिंदू युवती पर आरोपित अबरार खान धर्मांतरण और निकाह का दबाव डाल रहा था। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने कहा है कि आरोपित की हरकतों के कारण उसका जीवन तबाह हो गया है। यदि उस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह सुसाइड कर लेगी।

पीड़िता बीएससी नर्सिंग की है। आरोपित अबरार खान ने पहले उसके साथ सरेआम छेड़खानी करने का प्रयास किया। किसी तरह वहाँ से भाग कर वह अपने घर पहुँची। उसने परिजनों को इस घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने आरोपित के घर जाकर उसकी शिकायत की।

इस बात से नाराज़ होकर अबरार खान अपने दो अन्य साथियों के साथ छात्रा के घर पहुँच गया। वहाँ उसने हथियार लहराते हुए जान से मारने की धमकी दी। फ़िलहाल पीड़िता काफी अवसाद में है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक़ उसने थाने में आक्रोशित होकर कहा कि आरोपितों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। पुलिस ने अबरार खान समेत उसके साथियों पर मामला दर्ज कर लिया है।    

पीड़िता का कहना है कि पिछले काफी समय से उसे यह सब झेलना पड़ रहा था। इन सब की वजह से वह बीमार हो गई और उसकी पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ा। कुछ साल पहले पीड़िता के माता-पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से वह बरेली के फरीदपुर स्थित अपने परिजनों के साथ रह रही थी। इसी बीच मठिया नई बस्ती निवासी अबरार खान ने उसके साथ छेड़खानी की और धर्मांतरण का दबाव बनाया। छात्रा ने कई बार विरोध किया, लेकिन अत्याचार का सिलसिला नहीं थमा। 

पढ़ाई प्रभावित होने के डर से छात्रा ने इस बात की जानकारी अपने रिश्तेदारों को शुरुआत में नहीं दी थी। एक दिन छात्रा कॉलेज से लौट रही थी तभी हाइवे स्थित निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर अबरार खान ने उसे रोक लिया। आरोपित ने छेड़खानी की। पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से छूट कर घर पहुँची और परिजनों को घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद अबरार अपने साथी इसरार और मैसूर के साथ उसके घर पहुँच गया। 

अबरार ने तमंचा लहरा कर छात्रा और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद छात्रा के परिजनों ने शुक्रवार (1 जनवरी 2021) को पुलिस से शिकायत की। छात्रा पर धर्म परिवर्तन के लिए कई महीनों से दबाव बनाया जा रहा था। पीड़िता ने कहा, “तीनों बदमाशों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं आत्महत्या कर लूँगी। इनकी हरकतों की वजह से मैं टीबी की मरीज हो गई हूँ। इनकी वजह से मेरी पढ़ाई भी चौपट हो चुकी है।”

‘संबलपुरी टेक्सटाइल और कटक की फिलिग्री को मिलेगी वैश्विक पहचान’: PM मोदी ने ओडिशा को दी नए IIM की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के संबलपुर में नए IIM कैम्पस का शिलान्यास किया। उन्होंने शनिवार (जनवरी 2, 2021) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) की आधारशिला रखी। कोयला और सोना सहित कई कीमती रत्नों के लिए विख्यात संबलपुर का हीराकुण्ड डैम, देबरीगढ़ अभ्यारण्य और संबलपुरी टेक्सटाइल्स के कारण ये इलाका ओडिशा के पर्यटन को आगे बढ़ा रहा है।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज IIM कैंपस के शिलान्यास के साथ ही ओडिशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नई शिला भी रखी गई है। उन्होंने कहा कि IIM का ये स्थायी कैंपस ओडिशा के महान संस्कृति और संसाधनों की पहचान के साथ ओडिशा को मैंनेजमेंट जगत में नई पहचान देने वाला है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि बीते दशकों में एक ट्रेंड देश ने देखा, बाहर बने मल्टी नेशनल बड़ी संख्या में आए और इसी धरती में आगे भी बढ़े

उन्होंने आशा जताई कि ये दशक और ये सदी भारत में नए-नए मल्टीनेशसल्स के निर्माण का होगा। पीएम मोदी ने कहा कि देश के नए क्षेत्रों में नए अनुभव लेकर निकल रहे मैंनेजमेंट एक्सपर्ट भारत को नई ऊँचाई पर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएँगे। उन्होंने जानकारी दी कि इस साल भारत ने कोविड संकट के बावजूद पिछले सालों की तुलना में ज्यादा यूनिकॉर्न दिए हैं। भारत ने कोरोना को बाधा नहीं बनने दिया।

पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि जब आपमें से अनेक साथी संबलपुरी टेक्सटाइल और कटक की फिलिग्री कारीगरी को ग्लोबल पहचान दिलाने में अपने कौशल का इस्तेमाल करेंगे, यहाँ के टूरिज्म को बढ़ाने के लिए काम करेंगे, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ ही ओडिशा के विकास को भी नई गति मिलेगी। पीएम ने याद दिलाया कि कैसे ‘वर्क फ्रॉम एनीवेयर’ के कॉन्सेप्ट से पूरी दुनिया ग्लोबल विलेज से ग्लोबल वर्कप्लेस में बदल गई है।

उन्होंने कहा कि भारत ने भी इसके लिए हर जरूरी रिफॉर्म्स बीते कुछ महीनों में तेजी से किए हैं। इस दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्थायी समाधान देने के नीयत का नतीजा है कि आज देश में 28 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं, जबकि 2014 से पहले देश में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे। उन्होंने बताया कि राजग सरकार ने 6 वर्षों में 14 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए हैं।

उधर केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि पूरे भारत में सभी को कोरोना वैक्सीन बिलकुल फ्री में मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पूरे देश में लोगों को कोविड वैक्सीन मुफ्त में दी जाएगी। उनसे सवाल पूछा गया था कि कोविड वैक्सीन फ्री होगी या फिर इसके लिए लोगों को कीमत देनी पड़ेगी? पत्रकारों ने ये भी पूछा कि क्या ये सिर्फ दिल्ली में मुफ्त होगी? इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में फ्री होगी।

पूरे देश के लोगों के लिए फ्री होगी कोरोना वैक्सीन: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का ऐलान, जुलाई तक 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण होने की उम्मीद

केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि पूरे भारत में सभी को कोरोना वैक्सीन बिलकुल फ्री में मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पूरे देश में लोगों को कोविड वैक्सीन मुफ्त में दी जाएगी। उनसे सवाल पूछा गया था कि कोविड वैक्सीन फ्री होगी या फिर इसके लिए लोगों को कीमत देनी पड़ेगी? पत्रकारों ने ये भी पूछा कि क्या ये सिर्फ दिल्ली में मुफ्त होगी? इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में फ्री होगी।

अब जब केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने शुक्रवार (दिसंबर 1, 2020) को कोरोना वैक्सीन Covishield (जिसे ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी और AstraZeneca द्वारा विकसित किया गया है) को अप्रूव कर दिया है, मोदी सरकार दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के लिए तैयार कर रही है। औषधि नियामक के सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने वैक्सीन के इमरजेंसी यूज ऑथोराइजेशन की अनुमति दे दी है।

निर्देश जारी किया गया है कि प्रत्येक व्यक्ति को 4-6 सप्ताह के भीतर 2 बार वैक्सीन लेनी पड़ेगी। हर 15 दिन बाद निर्माता कंपनी को नियामक के साथ ‘एडवर्स इन्सिडेंट्स’ रिपोर्ट शेयर करनी होगी, जिसमें बताना होगा कि कहाँ-कहाँ और किस किस्म के इसके साइड इफेक्ट्स हुए हैं या नहीं हुए। सूचना ये भी आ रही है कि जुलाई तक 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।

देश के कुल 116 जिलों में कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन भी चल रहा है। इसके लिए कुल 259 वैक्सीनेशन बूथ बनाए गए हैं। ड्राई रन वास्तविक टीकाकरण अभियान से पहले का मॉक ड्रिल है। इसका उद्देश्य है कि टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले प्रक्रिया की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाए। इस अभियान के लिए 96,000 कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। सभी राज्यों को स्वाथ्यकर्मियों की सूची के साथ तैयार रहने को कहा गया है। हालाँकि, अभी Covishield की मार्केटिंग के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की अनुमति मिलनी बाकी है।

जैसा कि पीएम मोदी कह चुके हैं कि सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों या कोविड वारियर्स को वैक्सीन देने में प्राथमिकता दी जाएगी, जिसमें डॉक्टरों से लेकर नर्स तक शामिल हैं। साथ ही बुजुर्गों को प्राथमिता दी जाएगी। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया दुनिया की अबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता है और इस बार भी उसे ही ये जिम्मेदारी दी गई है। खबर आई है कि SII ने 5 करोड़ वैक्सीन की खेप स्टोर कर ली है, जिसे अब लोगों तक पहुँचाया जाएगा।

इस वैक्सीन का दूसरा सकारात्मक पहलू यह है कि भारत जैसे बड़े देश में टीकाकरण के लिए बहुत बड़े स्तर पर प्रॉडक्शन की आवश्यकता होगी। जिस वजह से दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक के रूप में सीरम इंस्टीट्यूट इसमें बेहद मददगार साबित हो सकता है। कंपनी का कहना है कि वह मार्च महीने तक तकरीबन दस करोड़ डोज तैयार कर लेगी। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत में कोरोना के पहले फेज के वैक्सिनेशन में तकरीबन 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाना है।

‘सिर पकड़ कर कई बार रेलिंग पर मारा, आगे और पीछे से फूट गई खोपड़ी’: मुंबई में नए साल पर 19 साल की लड़की की मर्डर की खौफनाक डिटेल

मुंबई में नए साल की पार्टी के दौरान हुए एक हत्याकांड ने पूरे देश को चौंका दिया है। 19 साल की जाह्नवी कुकरेजा के सिर के अगले और पिछले भाग में ऐसे जख्म थे कि पुलिस और डॉक्टर तक हैरान रह गए। जाह्नवी ने कुछ ही घंटों पहले अपने पिता का जन्मदिन मनाया था। इसके बाद वो दोस्तों के साथ नया साल का जश्न मनाने एक इमारत के टेरेस पर गई। वहाँ पर वो खून से लथपथ मिली। खार पुलिस ने उसके दो दोस्तों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।

पीड़ित परिजनों का कहना है कि जाह्नवी कई घंटों तक खून से लथपथ छत पर पड़ी हुई थी, लेकिन किसी ने भी उसे अस्पताल पहुँचाने की जहमत नहीं उठाई, वरना उसकी जान बचाई जा सकती थी। सांताक्रुज की रहने वाली जाह्नवी कुकरेजा खार के 14th रोड स्थित भगवंती हाइट्स इमारत में यश आहूजा द्वारा आयोजित एक पार्टी में हिस्सा ले रही थी। आहूजा उसी इमारत की दूसरी मंजिल पर रहता है, लेकिन पार्टी छत पर हो रही थी।

उसने ही खार पुलिस थाने में जाकर सूचना दी कि एक लड़की दूसरी मंजिल की सीढ़ियों पर खून से लथपथ पड़ी हुई है। इसके बाद पुलिस तुरंत जाह्नवी को बांद्रा के भाभा हॉस्पिटल लेकर गई, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। रात के 2:00-2:15 के बीच ही उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने उस पार्टी में शामिल सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया, जिनमें से कुछ को जाने दिया गया। उन्हें कहा गया है कि जब भी जरूरत पड़े, पुलिस पूछताछ के लिए उन्हें बुला सकती है।

जिन दो लोगों के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या) और 34 (जब एक आपराधिक कृत्य सभी व्यक्तियों ने सामान्य इरादे से किया हो) के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम हैं श्री जोगधनकर और दीया पडाकर। श्री जहाँ 22 साल का है वहीं दीया मृतका जाह्नवी की हमउम्र ही है। शुक्रवार (1 जनवरी 2021) की शाम पार्टी में शामिल उनके दोस्तों ने बताया कि जाह्नवी की मौत अचानक गिरने से नहीं हुई थी।

उन्होंने बताया, “उसे पकड़ा गया था और पीटा गया था। उसके बालों को पकड़ कर उसे घसीटते हुए छत से दूसरी मंजिल की सीढ़ियों तक लाया गया था।” इमारत की छत पर ही इस पार्टी में 12 युवा शामिल थे, जिनमें से अधिकतर अमीर घरानों से हैं। ‘Mid Day’ की खबर के अनुसार, FIR कॉपी में लिखा है कि जाह्नवी ने श्री और दीया को पार्टी के दौरान आपत्तिजनक अवस्था में देखा, जिसके बाद उसकी दोनों से लड़ाई हुई।

हालाँकि, पुलिस ने बाल पकड़ कर सीढ़ियों पर घसीटे जाने की बात से इनकार किया है। ये तीनों ही जाह्नवी के घर पर उसके पिता के जन्मदिन की पार्टी में भी शामिल थे। वहाँ से तीनों साथ में नए साल की पार्टी करने गए थे। जाह्नवी ने नोटिस किया कि श्री सभी लड़कियों से करीबी बढ़ा रहा है और पार्टी में उसने उसे दीया के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया। इसके बाद लड़ते-लड़ते वो तीनों नीचे आने लगे।

पुलिस का कहना है कि इसके बाद श्री जोगाधनकर और दीया पडानकर ने मिल कर जाह्नवी कुकरेजा के सिर को पकड़ कर कई बार सीढ़ियों की रेलिंग पर पटका। इसके बाद जाह्नवी का सर पीछे और आगे से फूट गया, जिससे चारों तरफ खून पसर गया। इस घटना के बाद जहाँ श्री सायन हॉस्पिटल में चला गया वहीं दीया हिंदुजा अस्पताल में चली गई। खार के सीनियर इंस्पेक्टर गजानन काबदुले का कहना है कि दोनों आरोपित बार-बार यही कह रहे हैं कि नशे में होने के कारण वो याद नहीं कर पा रहे कि क्या हुआ था।

दोनों को रविवार को कोर्ट में पेश किया जाना है। जाह्नवी की माँ निधि कुकरेजा ने बताया कि उनकी बेटी के साथ क्या हुआ, इस सम्बन्ध में उसके दोस्तों ने फोन कर के बताया तक नहीं। उन्हें सुबह 5 बजे कॉल आया कि उनकी बेटी 3 घंटे पहले ही मर चुकी है। निधि ने कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस और न्यायिक व्यवस्था पर भरोसा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा। उन्होंने बताया कि जाह्नवी पढ़ने के लिए विदेश जाने की तैयारी में थी और उसका भविष्य उज्जवल था।

ये पार्टी 16वीं मंजिल पर चल रही थी। मुंबई में पार्टियों पर नए साल में प्रतिबन्ध होने के बावजूद ये कैसा हो रहा था, इसकी जाँच के लिए अलग से मामला दर्ज किया गया है। जाह्नवी के सिर पर किसी नुकीली चीज से वार करने के निशान भी मिले हैं। पार्टी में काफी लाउड म्यूजिक भी बज रहा था। पुलिस ने इसे लव ट्रायंगल का मामला बताया है। CCTV फुटेज में तीनों 12:30 बजे पार्टी के बीच में ही छत से नीचे जाते हुए दिख रहे हैं।

मीडिया में बताया गया है कि श्री और जाह्नवी रिलेशनशिप में थे और बॉयफ्रेंड को चीट करते देख कर जाह्नवी गुस्सा हो गई, जिससे सारा विवाद शुरू हुआ। जाह्नवी कुकरेजा ह्यूमन साइकोलॉजी की छात्रा थी। बता दें कि 2020 में सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रहीं दिशा सालियान की मौत भी एक पार्टी के दौरान ही हुई थी, जिसके लगभग एक सप्ताह बाद सुशांत सिंह राजपूत भी मृत पाए गए थे। इस मामले की जाँच CBI के हाथों में है।