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408 पन्ने, ₹106 करोड़: कॉन्ग्रेस हेडक्वार्टर में पहुँचाई गई बेहिसाब नकदी, 2016-19 के बीच कैशियर ने रिसीव की

नई दिल्ली के अकबर रोड स्थित कॉन्ग्रेस मुख्यालय में कैशियर द्वारा 106 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी प्राप्त करने की बात सामने आ रही है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2019 के बीच ये पैसे भेजे गए थे और अब आयकर विभाग इसके स्त्रोत की जाँच कर रहा है।

न्यूज चैनल का दावा है कि उसके पास आयकर विभाग का 408 पन्नों का डोजियर है। इससे पता चलता है कि यह बेहिसाब नकदी बारी-बारी से कई किश्तों में पार्टी मुख्यालय पहुँचाई गई। अकबर रोड स्थित मुख्यालय में कैशियर ने द्वारा इसे प्राप्त किया गया। रिपोर्ट में बताया गया है;

  • 13 फरवरी 2019 से 4 अक्टूबर 2019 के बीच 74,62,00,000 राशि दी गई।
  • अगस्त 2016 से सितंबर 2016 के बीच पार्टी के अकबर रोड कार्यालय में कैशियर ने 26,50,00,000 रुपए प्राप्त किए।
  • अप्रैल 2017 से सितंबर 2019 के बीच कॉन्ग्रेस मुख्यालय को 5,22,00,000 राशि दी गई।

इन लेन-देन की कुछ बारीकियों से पता चलता है कि 27 फरवरी, 2019 को 5.4 करोड़ रुपए सौंपे गए थे। 28 फरवरी, 2019 को 3.75 करोड़ रुपए दिए गए। वहीं 20 अप्रैल, 2019 को, एआईसीसी कार्यालय में 6.40 करोड़ रुपए की राशि सौंपी गई। इसके बाद 24 अप्रैल, 2019 को 5.45 करोड़ रुपए की एक और किश्त दी गई। दिलचस्प बात यह है कि इस राशि के कुछ हिस्से 2019 के आम चुनावों से ठीक पहले भेजे गए थे।

इस खुलासे के बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कॉन्ग्रेस को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि 2016 में जब नोटबंदी लागू किया गया था तो कॉन्ग्रेस पार्टी ने लगातार इसकी आलोचना की। अब कॉन्ग्रेस पार्टी को मुख्यालय में आए इस धन का जवाब देना होगा। अमित मालवीय ने कहा, “यह गाँधी परिवार के पैसे के प्रति लालच और भूख की ओर इशारा करता है। दस्तावेजों और आईटी के कार्रवाई के बारे में बताने की जरूरत है और यह किसी और को नहीं बल्कि सोनिया गाँधी को बताना चाहिए, क्योंकि अभी वही पार्टी प्रमुख हैं।”

18 लाख उइगर कैद, 613 इमाम गायब; इस्लामिक तरीके से दफनाने भी नहीं दे रहा है चीन

चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर समुदाय के सरकारी दमन को लेकर कई रिर्पोटें सामने आ चुकी है। अब पता चला है कि सैकड़ों इमाम भी हिरासत में लिए जा चुके हैं। इमामों को हिरासत में लिए जाने से उइगरों के बीच दहशत का माहौल है। वे मरने से भी डरते हैं, क्योंकि इस्लामिक तरीके से उन्हें दफनाने वाला भी कोई नहीं है। रेडियो फ्री एशिया के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने य​ह ​बात कही है।

नॉर्वे में रहने वाले इंटरनेशनल सिटीज़ ऑफ़ रिफ्यूज नेटवर्क (ICORN) के अब्दुवेली अयुप ने बताया कि शिनजियंगा के उइगरों से बातचीत के बाद यह तथ्य सामने आया। इससे पता चला कि करीब 613 इमाम गायब हैं। 2017 से ही करीब 18 लाख उइगरों और अल्य अल्पसंख्यकों को कैंपों में कैद करके रखा गया है।

वाशिंगटन स्थित उइगर मानवाधिकार प्रोजेक्ट (UHRP) द्वारा आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। वेबिनार का विषय था: कहॉं हैं इमाम, उइगर धार्मिक हस्तियों को बड़े पैमाने पर हिरासत में रखने के साक्ष्य। अयूप ने बताया कि उन्होंने 2018 में मई से नवंबर के बीच उइगरों से बातचीत की। इससे पता चला कि इमामों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया है।

उइगर समुदाय की भाषा में शिक्षा को बढ़ावा देकर सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों के लिए लड़ने की वजह से अयुप को 2013-2014 के दौरान महीनों तक कैद में रह कर यातनाएँ झेलनी पड़ी थी। उन्होंने कैंपों में रह चुके 16 कैदियों से भी बातचीत की थी जिन्होंने बताया कि शिनजियांग में उइगरों को हिरासत में लेने की घटनाओं में इजाफा हुआ है।

नीदरलैंड में अब निर्वासित जीवन बिता रहे एक कैदी ने बताया था कि शिनजियांग की राजधानी उरुमकी के कैंपों में तो जाने के लिए इतनी भीड़ है कि लोगों को पंजीकरण करने के बाद इंतजार करना पड़ता है। जब कोई मर जाता है तो दूसरा कैदी अंदर भेजा जाता है। उनकी मस्जिदें ध्वस्त कर दी गई हैं। इमाम गिरफ्तार हो चुके हैं। यहॉं तक कि मौत के बाद इस्लामिक तरीके से दफनाने तक का अधिकार नहीं है।

लंदन यूनिवर्सिटी की स्कूल ऑफ़ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज़ (SOAS) में प्रोफेसर रैशेल हैरिस ने बताया कि उइगर समुदाय के सिर्फ पुरुष इमामों को ही निशाना नहीं बनाया जा रहा है। औरतों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस मुद्दे पर कहना था कि ऐसे इमाम जो पुरुष हैं, सिर्फ वही ऐसे धार्मिक चेहरे नहीं हैं जिन्हें उइगर समाज में निशाना बनाया जा रहा है। रैशेल ने कहा, “वह मस्जिदों में सक्रिय नहीं होती हैं स्वाभाविक तौर पर उनकी भूमिका घरों में अहम होती है। लेकिन वह हर ज़रूरी काम काम करती हैं जो पुरुष इमाम करते हैं। वह (महिला इमाम) महिलाओं की मदद करती हैं इसलिए वह महिलाओं के अंतिम संस्कार में भूमिका निभाती हैं। वह बच्चों को कुरान पढ़ाने में मदद करती हैं। इसके अलावा वह सामजिक विवादों को सुलझाने में भी काफी मदद करती हैं।”

‘रोशनी’ के नाम पर नाते-रिश्तेदारों के लिए भी हड़पी जमीन, पीडीपी-NC-कॉन्ग्रेस नेताओं के सामने आए नाम

जम्मू-कश्मीर के रोशनी घोटाला केस में CBI ने जाँच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ये घोटाला तकरीबन 25 हजार करोड़ रुपए का है। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने रोशनी एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए इसके तहत बाँटी गई सभी जमीनों का नामांतरण रद्द करने और 6 महीने में जमीनें वापस लेने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने ही एक्ट की आड़ में हुए घोटाले की जाँच CBI को सौंपी थी।

जानकारी के मुताबिक, जाँच एजेंसी ने इस मामले में राज्य सरकार के अधिकारियों को आरोपित बनाया है। घोटाले में जम्मू-कश्मीर के कई पूर्व मंत्री समेत कई नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन सबने सरकारी जमीन को अवैध तरीके से अपने नाम करा लिया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इनके नाम अब तक सामने आ चुके हैं;

  • इस घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व वित्त मंत्री हसीब द्राबू के भी शामिल होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा उनकी माँ शहजादा भानो, भाई एजाज हुसैन द्राबू और इफ्तिकार अहमद द्राबू के नाम भी सामने आए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने खुद के नाम के साथ-साथ अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी एक-एक कनाल जमीन कर ली।
  • कॉन्ग्रेस नेता केके अमला के भी इस घोटाले में शामिल होने की पुष्टि हुई है। केके अमला की रिश्तेदार रचना अमला, वीणा अमला और फकीर चंद अमला के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। केके अमला कॉन्ग्रेस के बड़े नेता हैं और श्रीनगर में उनका काफी नामचीन होटल भी है। इन पर भी अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर भूमि आवंटित कराने का आरोप है। इन्होंने इस एक्ट के तहत 11 कनाल से अधिक सरकारी जमीन अपने नाम की है।
  • मुस्ताक अहमद चाया का भी नाम शामिल है। मुस्ताक अहमद चाया कश्मीर के बिजनेस टाइकून और प्रमुख होटल व्यवसायी हैं। उन्होंने इस एक्ट के तहत 10 कनाल 4 मरले भूमि अपने नाम करवाई।
  • मोहम्मद शफी पंडित मुख्य सचिव रैंक के ऑफिसर रह चुके हैं। इन्होंने भी अपने और अपने परिवारों के नाम पर काफी जमीन आवंटित कराई है।
  • रोशनी घोटाले में पीडीपी नेता सैयद अखून का भी नाम शामिल है। बाहु सुंजवा इलाके में एक कनाल भूमि अपने नाम किया था। बता दें कि जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 के निरस्त किए जाने के बाद सैयद अखून को भी हिरासत में लिया गया था, हालाँकि 19 सितंबर 2019 को इन्हें रिहा कर दिया गया था
  • पूर्व बैंक चेयरमैन एमवाई खान, पूर्व गृह मंत्री सज्जाद किचलू, पूर्व मंत्री अब्दुल मजीद वानी, असलम गोनी सैयद मुजफ्फर आगा, एमवाई खान, अब्दुल मजीन वाणी, असलम गोनी, हरून चौधरी, सुज्जैद किचलू, तनवीर किचलू और कुछ अन्य लोगों का नाम भी आरोपितों में शामिल हैं।

क्या है रोशनी एक्ट भूमि घोटाला?

वर्ष 2001 में तत्‍कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर में यह एक्ट लागू किया था। इस योजना के तहत 1990 से हुए अतिक्रमण को इस एक्ट के दायरे में कट ऑफ सेट किया गया था। सरकार का कहना था कि इसका सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा जो सरकारी जमीन पर कई सालों से खेती कर रहे है। लेकिन नेताओं ने जमीनों पर कब्जे जमाने का काम शुरू कर दिया। वर्ष 2005 में तब की मुफ्ती सरकार ने 2004 के कट ऑफ में छूट दी। उसके बाद गुलाम नबी आजाद ने भी कट ऑफ ईयर को वर्ष 2007 तक के लिए सीमित कर दिया।

कितनी जमीन पर अवैध कब्जे?

जम्मू-कश्मीर में लाखों एकड़ सरकारी जमीन पर नेताओं, पुलिस, प्रशासन और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अफसरों का कब्जा था। इस एक्ट के जरिए ही करीब ढाई लाख एकड़ जमीन पर कब्जे को कानूनी रूप दे दिया गया। करोड़ों रुपए की ये जमीनें नाम मात्र की कीमतों पर दी गई थीं। शुरुआती जाँच में पता चला है कि राज्य के कई पूर्व मंत्रियों ने खुद के साथ रिश्तेदारों के नाम पर भी कई एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा किया था।

132 आरोपों की चार्जशीट के जवाब में TRS ने कहा- BJP सरकार पर दायर होनी चाहिए 132 करोड़ चार्जशीट

तेलंगाना में स्थानीय चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति (TSR) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कहा है कि BJP सरकार पर 132 करोड़ चार्जशीट दायर होनी चाहिए। केंद्रीय पर्यावरण और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक चार्जशीट रिलीज़ कर चंद्रशेखर राव की अगुवाई वाली प्रदेश सरकार पर कुल 132 आरोप लगाए गए थे। इसके बाद केटी रामाराव की तरफ से यह प्रतिक्रिया आई है। 

रामाराव ने कहा, “भाजपा ने साल 2014 के आम चुनावों के पहले आम जनता से वादा किया था कि हर भारतीय को 15 लाख रुपए मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए भाजपा पर 132 करोड़ चार्जशीट दायर की जानी चाहिए। इसके अलावा भाजपा पर 12 करोड़ चार्जशीट इस देश के युवाओं द्वारा दायर की जानी चाहिए, क्योंकि यह सरकार अपने वादे के मुताबिक़ 2 करोड़ नौकरियाँ नहीं दे पाई।” 

खैराताबाद और जुबली हिल संसदीय क्षेत्रों में कई रोड शो के दौरान उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए केटीआर ने और भी कई बातें कही। उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) हम पर चार्जशीट क्यों दायर करेंगे? क्या आप अन्नपूर्णा केंद्र बनवाने के लिए चार्जशीट दायर कर रहे हैं या सीसीटीवी कैमरे और एलईडी लाइट्स लगवाने के लिए? किस वजह से हम पर चार्जशीट दायर की जा रही है, पावर से जुड़ी दिक्कतें ठीक करवाने के लिए, पानी से जुड़ी समस्याएँ हल कराने के लिए या हैदराबाद में निवेश लेकर आने के लिए?” 

इसके बाद रामाराव ने भाजपा को निशाना बनाते हुए कहा टीआरएस नेता कोरोना महामारी और हाल ही में आई बाढ़ के वक्त अपने लोगों के साथ खड़े थे, जबकि भाजपा और कॉन्ग्रेस पता नहीं कहाँ व्यस्त थे। बारिश के बाद आई बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्र के लगभग 6.5 लाख परिवारों को सरकार की तरफ से 10 हज़ार रुपए का आर्थिक सहयोग किया गया था। रामाराव ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने चुनाव आयोग को पत्र लिख कर यह सहायता कार्यक्रम रुकवा दिया। 

रामाराव ने कहा, “4 दिसंबर के बाद हम इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि जिन परिवारों को आर्थिक सहयोग नहीं मिला है उन तक मदद पहुँचे।” भाजपा ने बाढ़ प्रभावित आबादी की मदद के लिए 25 हज़ार रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया था। इसकी आलोचना करते हुए रामाराव ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता है कि भाजपा को ऐसा करने से रोक कौन रहा है? वह आज ही इसे क्यों नहीं शुरू कर देते हैं।” अंत में पिछले ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) चुनावों का उल्लेख करते हुए रामाराव ने कहा, “इस बार हम आपके (जनता) सहयोग से सीटों का शतक लगाना चाहते हैं। हमारे नेताओं को चुनने पर ही प्रदेश का विकास संभव होगा।”  

मंदिर में किसिंग सीन: Netflix के 2 अधिकारियों पर MP में FIR, गृह मंत्री ने दिए थे जाँच के आदेश

ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के दो अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक वीडियो के जरिए इसकी जानकारी दी। बता दें कि नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘ए सूटेबल बॉय’ (A Suitable Boy) पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के महासचिव गौरव तिवारी ने मंदिर प्रांगण में अश्लील दृश्य फिल्माने और लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। 

इसके बाद गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मध्य प्रदेश पुलिस को इसकी जाँच करने को कहा था कि क्या Netflix का ‘द सूटेबल बॉय’ धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने वीडियो में बताया कि प्रथम दृष्टया पुलिस ने इसे सही पाया है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में नेटफ्लिक्स की वीपी (कंटेंट) मोनिका शेरगिल और डायरेक्टर (पब्लिक पॉलिसीज) अंबिका खुराना का नाम है। इनके खिलाफ रीवा पुलिस स्टेशन में धारा 295A के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “Netflix पर प्रसारित वेब सीरीज “A Suitable Boy” के आपत्तिजनक दृश्यों से धर्म विशेष की भावनाएँ आहत होने का कानूनी परीक्षण करने के निर्देश गृह एवं विधि विभाग के अधिकारियों को दिए थे। परीक्षण में भावनाएँ आहत होने का आरोप सही पाया गया है।”

नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव गौरव तिवारी द्वारा दायर शिकायत पर रीवा पुलिस द्वारा बुक किए गए हैं। गौरव तिवारी ने रीवा के एसपी राकेश कुमार सिंह को एक मेमोरेंडम देकर माँग की थी कि निर्माता-निर्देशक को माफी माँगने को कहा जाए और ये आपत्तिजनक दृश्य तुरंत हटाया जाए।

इससे पहले रविवार (नवंबर 22, 2020) को ट्वीट करते हुए कहा था, “एक ओटीटी मीडिया प्लेटफॉर्म पर “A Suitable Boy” नामक फ़िल्म जारी की गई है। इसमें बेहद आपत्तिजनक दृश्य दिखाए गए हैं जो एक धर्म विशेष की भावनाओं को आहत करते हैं। मैंने पुलिस अधिकारियों को इस विवादास्पद कंटेंट का परीक्षण कराने को निर्देशित किया है।”

उन्होंने आगे लिखा था, “पुलिस अधिकारी परीक्षण कर बताएँगे कि संबंधित ओटीटी प्लेटफार्म और फ़िल्म के निर्माता निर्देशक पर धार्मिक भावनाएँ आहत करने के लिए क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।”

बता दें कि विक्रम सेठ के लिखे उपन्यास पर आधारित इस सीरीज को मीरा नायर ने डायरेक्ट किया है। फिल्म की कहानी के केंद्र में 1951 की एक लड़की है, जिसके लिए उसकी माँ एक योग्य लड़के की तलाश में है। इस तलाश के दौरान ही सीरीज में भारत विभाजन से उपजी त्रासदी से लेकर धर्म का झगड़ा, मंदिर-मस्जिद, उस वक्त की राजनीति और बड़ी-बड़ी उलझनें लिए बहुत से शेड्स दिखते हैं।

गौरव तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा था, “मंदिर का प्रांगण, बैकग्राउंड में आरती और अश्लील दृश्य। क्या मस्जिद में अजान के समय ऐसा शूट करने की ‘क्रीएटिव फ़्रीडम’ है आपको नेटफ्लिक्स? हिंदुओं की सहिष्णुता को उनकी कमजोरी मत समझिए, ये मध्य प्रदेश का नहीं, भगवान शिव और करोड़ों शिव भक्तों का भी अपमान है। माफ़ी माँगनी पड़ेगी।”

गौरतलब है कि नेटफ्लिक्स की प्रवृत्ति हमेशा से हिंदू विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देने की रही है। इसने ‘Ghoul’, ‘Sacred Games’ और ‘लैला’ के रूप में ऐसी कई वेब सीरिज बनाई है, जो हिंदू विरोधी भावनाओं को जन्म दे रही है और साथ ही इससे विश्व में हिंदू धर्म की नकारात्मक छवि पेश की जा रही है। ‘लैला’ वेब सीरीज में सनातन धर्म के अनुयायियों को सबसे हिंसक और दमनकारी मानसिकता वाले लोगों के तौर पर दिखाया गया है, जो सिर्फ लोगों को बाँटकर उन पर राज करना चाहते हैं। 

बंगाल की खाड़ी में Nivar चक्रवात: तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जानिए क्या हो सकता है असर

दक्षिण-पश्चिम तटों और बंगाल की दक्षिणी खाड़ी में हवा का दबाव बढ़ने की वजह से तमिलनाडु और पुडुचेरी में चक्रवात ‘निवार’ (Cyclone Nivar) का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में इस तेज हवा के तूफान में तब्दील होने की आशंका है। 

कब टकराएगा तट से

इस तूफान के 25 नवंबर को तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट पर बसे इलाके कराईकल और मामल्लापुरम पहुँचने का अनुमान है। अगर हवा का दबाव उत्तर-पश्चिम की ओर जाता है, तो निवार तूफान उत्तर-पूर्व होते हुए 24 नवंबर को श्रीलंकाई तटों पर पहुँच सकता है।

इन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

निवार तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में समान्य से अधिक बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएँ भी इन इलाकों की परेशानियाँ बढ़ा सकती हैं। तूफान के प्रभाव की वजह से साउथ पेनिनसुलर इंडिया के क्षेत्रों में बारिश सामान्य की तुलना में ज्यादा होने की संभावना है। वहीं, 24 से 26 नवंबर के बीच इस तूफान के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों रायलसीमा और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है।

NDRF की टीम तैनात

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान निवार की वजह से तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग द्वारा जारी चक्रवाती तूफान निवार की चेतावनी के बाद तमिलनाडु के नागापट्टिनम और कराईकल क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा बचाव दल (NDRF) की 6 टीमों को अलर्ट किया गया है।

फिलहाल कहाँ है ये तूफान

मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान निवार के अगले 24 घंटे में तमिलनाडु और पुडुचेरी तटों को पार करने का अनुमान है। फिलहाल चक्रवाती तूफान पुडुचेरी से 600 किलोमीटर दक्षिण जबकि चेन्नई से दक्षिण पूर्व में 630 किलोमीटर दूर है। अगले 24 घंटे में ये चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इस दौरान हवा की गति धीरे-धीरे बढ़ेगी। बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं। 

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह 

मौसम विभाग ने अपने अनुमान में कहा है कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में 24 से 25 नंवबर और आंध्र प्रदेश के दक्षिणी और रायलसीमा में 25 से 26 नवंबर और तेलंगाना में 26 नंवबर को भारी बारिश होगी। मौसम विभाग ने इस दौरान मछुआरों को समुद्र तट पर न जाने और सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।

चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम विभाग के डिप्टी निदेशक एस बालाचंद्रन का कहना है कि तटीय जिलों में सोमवार से ही बारिश पड़ सकती है जो कि धीरे-धीरे चक्रवाती तूफान में बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार और बुधवार को तटीय इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। 

बताया जा रहा है कि नागपट्टिनम से लेकर चेन्नई के बीच का समूचा तटीय क्षेत्र 36 घंटों के लिए भयानक मौसम का अनुभव कर सकता है। इस दौरान सम्पत्तियों को व्यापक नुकसान की आशंका है। चेन्नई और पुडुचेरी के बीच तटीय इलाकों पर 25 नवंबर का दिन भारी पड़ सकता है। निचले इलाकों में बारिश का पानी भर सकता है और कई इलाकों में बाढ़ का संकट भी पैदा हो सकता है।

बंगाल में ‘बिहार मॉडल’ लागू किया तो खून-खराबा होगा: ओवैसी को झटका दे ममता से मिल गए अनवर पाशा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले लिबरल और मीडिया गिरोह का एक वर्ग असदुद्दीन ओवैसी को लेकर घनघोर आशावादी था। बिहार चुनाव को आधार बना कर इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि एआईएमआईएम का प्रदर्शन कैसा हो सकता है। इस तरह के तमाम कयासों के बीच बंगाल में ओवैसी की पार्टी AIMIM को बड़ा झटका लगा है। एआईएमआईएम नेता अनवर पाशा तृणमूल कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा उन्होंने एआईएमआईएम के राजनीतिक एजेंडों को भी कठघरे में खड़ा किया है। 

अनवर पाशा ने कहा कि एआईएमआईएम ने बिहार विधानसभा चुनाव में ध्रुवीकरण की राजनीति का सहारा लेकर भाजपा को जिताने में मदद की है। यह बेहद ख़तरनाक है और पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं होने दिया जा सकता। अगर पश्चिम बंगाल में ‘बिहार मॉडल’ लागू किया जाता है तो सिर्फ खून-खराबा होगा। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों की आबादी सिर्फ 30 फ़ीसदी है ऐसे में एआईएमआईएम जैसी सांप्रदायिक शक्तियों को रोकना बेहद ज़रूरी है।

अनवर पाशा का कहना था, “इन सांप्रदायिक ताकतों को पश्चिम बंगाल में दाखिल होने से रोकना बेहद ज़रूरी है। सालों से अलग-अलग समुदाय के लोग सद्भावना के साथ रह रहे हैं। लेकिन अब उन्हें बाँटने और उनके बीच घृणा पैदा करने का प्रयास हो रहा है।” इसके बाद पूर्व एआईएमआईएम नेता ने ममता बनर्जी की शान में भी कसीदे पढ़े। 

पाशा ने कहा कि ममता बनर्जी इकलौती मुख्यमंत्री थीं जिन्होंने सीएए और एनआरसी के विरोध में आवाज़ बुलंद की। लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हैं, जबकि सच यह है कि अगर वह इमामों का आर्थिक सहयोग करती हैं तो पुजारियों का भी करती हैं। वह अपना सिर ढक कर आमीन कहती हैं तो पूजा करने के लिए मंदिर भी जाती हैं। इतना ‘सेकुलर नेता’ अपने जीवन में नहीं देखा। 

पाशा ने कहा, “मेरा पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों से अनुरोध है कि वह भगवा को प्रदेश से दूर रखने के लिए ममता बनर्जी की मदद करें।” इसके बाद ओवैसी के विरुद्ध खरी-खरी बोलते हुए अनवर पाशा ने कहा, “मेरा उनके (ओवैसी) लिए एक पैगाम है। चुनाव लड़ने के लिए बंगाल आने की कोई ज़रूरत नहीं है। बंगाल को आपकी कोई ज़रूरत भी नहीं है। अगर फिर भी आप आते हैं तो हम डट कर आपसे लड़ेंगे। हम पश्चिम बंगाल में आपको ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं करने देंगे और न ही भाजपा को जिताने में मदद करने देंगे।”

बिहार विधानसभा चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र में 5 सीटें हासिल की थीं। जिसके बाद पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं

क्या है एप्पल का M1 प्रोसेसर, क्यों बदल जाएगा आपका लैपटॉप सदा के लिए पावर और परफॉर्मेंस दोनों में

अमेरिकी कंपनी एप्पल (Apple) ने अपने आईफोन (i-phone), आईपैड (i-pad), आईवॉच जैसे प्रोडक्ट्स के लिए चिप (CHIP) तैयार करने बाद अब MAC प्रोडक्ट के लिए भी चिप तैयार कर ली है। कंपनी ने इस चिप को बेहद आसान नाम दिया है- M1 चिप। ये चिप कई मायनों में खास है। 

15 साल में पहली बार मैकबुक के लिए डिजाइन हुई इस चिप में मुख्य रूप से परफॉर्मेंस को अधिक ध्यान में रखा गया है। इसमें 8 कोर CPU (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट) और 8 कोर जीपीयू (ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट) बिल्ट किया गया है। इसके अलावा रैम को भी इसी में जगह दी गई है। एप्पल का दावा है कि उनका लैपटॉप 98% लैपटॉप और पीसी से ज्यादा तेज काम करेगा।

Apple M1 chip diagram

इस चिप के साथ ही एप्पल ने न केवल मैक के बेहतर परफॉर्मेंस को आश्वस्त किया है बल्कि इसके बैटरी बैक अप को भी पहले से बढ़िया बताया है। एप्पल फिलहाल इस चिप को MacBook Air, MacBook Pro 13 inch और Mac Mini में इस्तेमाल करेगा।

इस चिप के आने के बाद ऐसा नहीं है कि intel प्रोसेसर वाले प्रोडक्ट्स को बाजार जगह नहीं देगा, लेकिन अब इंटेल प्रोसेसर के साथ ग्राहकों के पास इस नई तकनीक को एक्सपीरियंस करने का भी मौका होगा।

क्या होगी खासियत?

मौजूदा जानकारी के अनुसार मैक एयर में उपभोक्ता लगभग 15 घंटे तक ब्राउजिंग कर पाएगा। वही मैकबुक प्रो 13 इंच में यही समय सीमा 17-18 घंटे भी पहुँचेगी। एप्पल का दावा है कि 4 higher core और 4 lower core के साथ यह M1 चिप दुनिया का सबसे तेज सीपीयू कोर होगा। कंपनी ने दावा किया है कि हर पावर लेवल पर M1 बेहतर प्रदर्शन करेगा। इसमें वीडियो एडिटिंग और गेम्स को लेकर भी आपका अनुभव अधिक स्मूथ रहेगा, ऐसा एप्पल का कहना है।

M1 चिप में 16 बिलियन ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया गया है। एप्पल का कहना है कि उसने पहली बार एक चिप में इतने ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया है। इस तकनीक के इस्तेमाल के साथ ही मैक यूजर पहले से अधिक एप्स को चला पाएँगे।

Apple M1 chip diagram

कंपनी ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में इस नई चिप के साथ एप्स की संख्या में सिर्फ़ बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इस चिप में 5 नैनोमीटर प्रोडक्शन प्रोसेस का इस्तेमाल हुआ है, बिलकुल आईफोन 12 में यूज हुई A14 चिप की तरह।

सिक्यॉरिटी के मामले में भी एप्पल M1 चिप के साथ अपने उपभोक्ताओं को आश्वास्त करता है। एप्पल के अनुसार M1 और macOS Big sur किसी भी पर्सनल कंप्यूटर को एडवांस हाई सिक्यॉरिटी प्रदान करता है।

कितना तेज होगा M1 चिप?

एप्पल के अनुसार, M1 चिप कई चीजों में इंटेल प्रोसेसर से तेज होगा और इसे मैक में रिप्लेस किया जाएगा। M1 मैकबुक को 3.5 गुना ज्यादा तेज स्पीड देगा और ग्राफिक्स को 5 गुना अधिक। इसी तरह AI कंप्यूटेशन भी पहले से 11 गुना ज्यादा तेज होगा। पिछले साल बिकने वाले 98% लैपटॉप से तेज इसकी स्पीड होगी, ऐसा एप्पल का दावा है।

‘गुलाम नबी आजाद ने हरियाणा में कॉन्ग्रेस का बेड़ा गर्क कर दिया’: वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता ने बताया गाँधी परिवार का गद्दार

कॉन्ग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह लगातार बढ़ती जा रही है। अब पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के हाल के बयानों का जवाब देते हुए पार्टी कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य कुलदीप बिश्नोई ने आरोप लगाया है कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष विपक्षी दलों के साथ मिल कर कॉन्ग्रेस पार्टी को तोड़ने में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलाम नबी आजाद गाँधी परिवार के साथ गद्दारी करने में लगे हुए हैं।

कुलदीप बिश्नोई हरियाणा कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ये आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गुलाम नबी आजाद के बयान से काफी हैरानी हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें दुःख भी हुआ और इस बात पर गुस्सा भी आया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह का बयान दिया है, वो निंदनीय है। उन्होंने आज़ादी में कॉन्ग्रेस के योगदान को याद किया।

कुलदीप बिश्नोई ने सवाल पूछा कि आज गुलाम नबी आजाद कॉन्ग्रेस पार्टी में ऊपर से नीचे तक चुनाव कराने की बातें कर रहे हैं, लेकिन जब उन्हें जम्मू-कश्मीर में पार्टी की युवा यूनिट का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, तब उन्हें चुनाव की याद क्यों नहीं आई थी? साथ ही पूछा कि जब उन्हें भारतीय युवा कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, तब उन्होंने पार्टी संगठन में चुनाव की बातें क्यों नहीं की थी? उन्होंने कहा:

“आजाद साहब, आज आप विरोधी दलों के साथ मिल कर पार्टी तोड़ने की साजिश रच रहे हैं। हम आपके इस षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे। आपका क्या इतिहास है? आप अपने पूरे जीवनकाल में सिर्फ 3 चुनाव जीते हैं। जिस गाँधी परिवार ने आपको 5 बार राज्यसभा सांसद बनाया, आप उस परिवार के विरोध में बात कर रहे हैं। आपसे ज्यादा चुनाव मैंने जीते हैं। मैंने 6 चुनाव जीते हैं। जम्मू-कश्मीर में तो आपको कोई पूछता तक नहीं और आप यहाँ नसीहत देते हैं।”

कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में बतौर कॉन्ग्रेस प्रभारी काम करते हुए आजाद ने राज्य में पार्टी का बड़ा गर्क कर दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी जगह कोई और प्रभारी होता तो राज्य में आज मनोहर लाल खट्टर की जगह कॉन्ग्रेस की सरकार होती। उन्होंने याद दिलाया कि ‘इंदिरा-राजीव ने देश के लिए जान दी और सोनिया ने पार्टी के लिए अध्यक्ष पद स्वीकार किया।’

उन्होंने गाँधी परिवार के ‘योगदानों’ की बात करते हुए कहा कि जहाँ आज राहुल गाँधी देश भर में घूम-घूम कर पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए हैं, वहीं प्रियंका गाँधी भी यही कार्य कर रही हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा कि वो पूर्णरूपेण गाँधी परिवार के साथ खड़े हैं, क्योंकि राहुल-प्रियंका से ही पार्टी है। उन्होंने दोबारा कॉन्ग्रेस का ‘स्वर्णिम युग’ लाने की बात करते हुए कहा कि नेता और कार्यकर्ता मेहनत करना जारी रखें।

वहीं एक अन्य कॉन्ग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि गुलाम नबी आजाद की बातें एक हद तक सही हैं, लेकिन पार्टी की इस असफलता के लिए वो भी जिम्मेदार हैं, मैं भी हूँ। उन्होंने कहा कि अगर सभी नेताओं ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर दिया होता तो पार्टी को हार नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी विफलताएँ होती हैं और हमें उन्हें पार पाना होता है। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति के लिए पूरी पार्टी, नेतृत्व और सभी नेता-कार्यकर्ता जिम्मेदार हैं।

इस साल अगस्त में भी कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि हर राज्य और जिला अध्यक्ष, यहाँ तक ​​कि पूरे सीडब्ल्यूसी का भी चुनाव होना चाहिए। उन्होंने पार्टी के निर्धारित मानकों पर निशाना साधते हुए गाँधी परिवार के नेतृत्व को लेकर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल किया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी में एक गुट है जो नहीं चाहता कि पार्टी मजबूत हो। साथ ही आरोप लगाया था कि जिन लोगों को ‘अपॉइंटमेंट कार्ड’ मिले हुए हैं, वे हमारे प्रस्ताव का विरोध करते हैं।

बहन से छेड़खानी करता था ड्राइवर मुश्ताक, भाई गोलू और गुड्डू ने कुल्हाड़ी से काट डाला: खुद को किया पुलिस के हवाले

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवती के भाइयों ने छेड़खानी करने वाले मुश्ताक (32) नाम के ड्राइवर की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस घटना को अंजाम देने के बाद दोनों भाई कोतवाली पहुँचे। वहाँ उन्होंने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

हत्या के आरोपित दोनों भाइयों ने पुलिसकर्मियों से कहा कि मुश्ताक पिछले कई दिनों से उनकी बहन को परेशान कर रहा था, इसलिए दोनों ने उसको जान से मार दिया। फ़िलहाल पुलिस ने युवती के भाइयों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ मुश्ताक के भाई ने हत्या के आरोपितों के अलावा युवती की माँ और बहन को भी नामजद किया है। 

लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित दुर्गा माता मंदिर के नज़दीक गोलू अपने परिवार के साथ रहता है। पड़ोस में ही मुश्ताक का घर है, जो उसकी बहन को अक्सर परेशान करता था। इस बीच रविवार (22 नवंबर 2020) को मुश्ताक कंटेनर लेकर कोलकाता जा रहा था। जैसे ही वह थोड़ी दूर स्थित भवानी खेड़ा पहुँचा, तभी उसका गोलू की बहन से विवाद हो गया। दोनों के बीच काफी बहस हुई लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने दखल देकर पूरा मामला शांत करा दिया। इसके बाद युवती अपने घर पहुँची और वहाँ उसने पूरी घटना की जानकारी अपने घर वालों को दी। 

पूरे मामले की जानकारी मिलते ही उसके भाई गोलू और गुड्डू शाम के वक्त मुश्ताक के घर पहुँच गए। दोनों ने मुश्ताक को उसके घर से घसीट कर बाहर निकाला और जम कर पीटा। फिर उन्होंने मुश्ताक पर कुल्हाड़ी से कई वार किए। इसके बाद उसकी हालत बदतर हो गई तो गोलू और गुड्डू उसे मरा समझ कर वहाँ से निकल गए।

घटना की जानकारी मिलते ही मुश्ताक के परिजन घटनास्थल पर पहुँचे और बदहवास स्थिति में उसे स्थानीय अस्पताल लेकर गए। जहाँ चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहाँ मुश्ताक को मृत घोषित कर दिया गया। 

इस घटना पर इंस्पेक्टर जीडी शुक्ला ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपित गोलू और गुड्डू खून से सनी हुई कुल्हाड़ी लेकर थाने आए थे। फिर उन्होंने खुद ही बताया कि दोनों ने मिल कर मुश्ताक की हत्या कर दी है।

इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुँची और मामले से संबंधित जानकारी ली। इसके मुताबिक़ मुश्ताक के भाई इम्तियाज ने गोलू, गुड्डू (भाई), रेनू (बहन), विमला (माँ) के विरुद्ध एफ़आईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर ने यह भी बताया कि इस हत्या में दोनों भाइयों के शामिल होने की बात सामने आई है और माँ से भी पूछताछ जारी है। बहन घर पर मौजूद नहीं थी, उसकी खोजबीन जारी है।