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‘सर कटा सकते हैं, लेकिन ईशनिंदा बर्दाश्त नहीं, फ्रांस मिट जाएगा-इंशा अल्लाह’: रज़ा अकादमी के समर्थन में उतरे कट्टरपंथी

ट्विटर पर शनिवार से #WeStandWithRazaAcademy ट्रेंड कर रहा है। दरअसल सोशल मीडिया पर कई मजहबी यूज़र्स कट्टरपंथी इस्लामी संगठन- रज़ा अकादमी के लिए अपना समर्थन व्यक्त कर रहे है, क्योंकि उन्होंने देश के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक फ्रांस के खिलाफ एक अभियान छेड़ रखा है।

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन के समर्थन को लेकर सोशल मीडिया पर कई इस्लामवादियों ने रज़ा अकादमी के समर्थन में ट्वीट पोस्ट किए।

रज़ा अकादमी के कारनामों का बचाव करते हुए शाहिद मंसूरी नाम के एक यूजर ने कहा कि वो सर कटा सकते हैं, लेकिन ईशनिंदा के कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जीना और मरना उसके अल्लाह को समर्पित है। रजा अकादमी के समर्थन में उसने ट्वीट किया, “फ्रांस मिट जाएगा, इंशा अल्लाह”

एक यूजर ने दावा किया कि रज़ा अकादमी एक मजहबी संगठन था जो जनता के कल्याण के लिए काम करता था और संगठन के खिलाफ आलोचना उन्हें बदनाम करने का एक प्रयास है। उसने साथियों से रज़ा अकादमी का समर्थन करने का आग्रह किया।

रज़ा अकादमी के एक अन्य प्रशंसक सुहैल रज़ा ने कहा, “क्यों लोग पहले उकसाते हैं और फिर उनकी प्रतिक्रिया के लिए दोषी ठहराते हैं।” उसने प्रतिक्रिया के रूप में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा फ्रांस में आतंकवादी हमलों का उल्लेख किया।

वहीं कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन रज़ा अकादमी ने खुद भी इसी हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए कई ट्वीट्स पोस्ट किए। साथ ही रज़ा अकादमी ने मजहबी यूज़र्स को सपोर्ट करने और टॉप ट्रेंड बनाने के लिए धन्यवाद भी दिया, क्योंकि इन सभी ने संगठन को निंदा के लिए इस्लाम की रक्षा के नाम पर नफरत फैलाने का अवसर दिया।

बता दें रज़ा अकादमी के समर्थन में सोशल मीडिया का रुझान कट्टरपंथी इस्लामी संगठन द्वारा फ्रांस के खिलाफ घृणा अभियान छेड़ने के लिए तीव्र आलोचना के बाद आया था।

रज़ा ने फ्रांस के खिलाफ छेड़ा जंग

इस्लामिक संगठन जैसे रज़ा अकादमी, AIMPLB जैसे संगठनों के साथ मिलकर जानबूझ फ्रांस में चल रहे कट्टरपंथी इस्लामिक आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारतीयों को भड़काने का काम किया है।

गौरतलब है कि फ्रांस में कुछ सप्ताह पहले कट्टरपंथी द्वारा एक शिक्षक के गले को धड़ से अलग कर दिया गया था। जिसके बाद वहाँ के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने इस्लामिक आतंकवादियों के खिलाफ जंग छेड़ दिया। भारत ने भी इस मामले में फ्रांस का समर्थन किया।

वहीं इस्लामी संगठन रज़ा अकादमी ने भी दुनिया भर के बाकी कट्टरपंथियों से प्रेरणा लेते हुए भारत में भी फ्रांस के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। बता दें तुर्की, पाकिस्तान, कतर जैसे इस्लामी देशों ने फ्रांस के खिलाफ दुनिया भर में बहिष्कार अभियान शुरू किया था।

बता दें रज़ा अकादमी ने शार्ली हेब्दो द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर कार्टून प्रदर्शित करने के लिए मजहबी देशों को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ फतवा जारी करने की माँग की थी।

रज़ा अकादमी ने यह भी माँग की कि मजहबी देशों में सभी फ्रांसीसी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को बंद कर दिया जाए और फ्रांस के सभी राजदूतों को हाल की घटनाओं के बाद वापस भेज दिया जाए। इसने सोशल मीडिया पर लोगों से हैशटैग ‘मैक्रों द डेविल’ और ‘हुज़ूर की मोहब्बत में’ लिख कर पोस्ट करने का आग्रह भी किया।

चौंकाने वाली बात यह है कि रज़ा एकेडमी ने मुंबई में मजहबी प्रदर्शनकारियों की हरकतों को सही ठहराया था, जिन लोगों ने शहर की सड़कों पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति की तस्वीरें लगा रखी थीं। ताकि लोग उस पर चल कर अपना विरोध दर्ज करें।

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन रज़ा अकादमी के मौलाना अब्बास रिज़वी ने कहा कि उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के विरोध में इमैनुएल मैक्रों के पोस्टर को जूते से माला पहनाने की कार्रवाई का समर्थन किया है। मौलाना अब्बास रिज़वी ने कहा, “इमैनुएल मैक्रों द्वारा किया गया अपमान निंदनीय है और वह कड़ी सजा के हकदार हैं।”

उल्लेखनीय है कि रज़ा अकादमी उन कुख्यात कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों में से एक रही है जिसने पहले भी देश की सड़कों पर हिंसा भड़काई है।

रज़ा अकादमी ने अगस्त 2011 में असम और म्यांमार में समुदाय वालों पर कथित अत्याचारों के विरोध में आज़ाद मैदान में मोर्चा संभाला था, जो बाद में दंगे में बदल गया। एक कुख्यात समूह द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला करने के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया जिसमें दो व्यक्ति मारे गए और 58 पुलिसकर्मियों सहित 63 लोग घायल हो गए थे।

रज़ा अकादमी ने मुम्बई की सड़कों पर भी हिंसक प्रदर्शन किया था। वहीं आजाद मैदान में सबसे चौंकाने वाली घटना मजहबी लोगों द्वारा अमर जवान ज्योति स्मारक का अपमान था। युद्ध स्मारक 1857 के सेनानियों को समर्पित है – प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम। दंगों के कारण विभिन्न सार्वजनिक संपत्तियों को लगभग 2.72 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।

इस संगठन ने पैगम्बर मोहम्मद पर बनी एक फ़िल्म पर भी काफी बवाल मचाया था। साथ ही इस्लामिक संगठन ने फिल्म के संगीतकार एआर रहमान और ईरानी निर्देशक माजिद मजीदी के खिलाफ 2015 में फतवा भी जारी किया था।

रिपब्लिक के खिलाफ भी दर्ज कराया था एफआईआर

इसी रज़ा अकादमी ने रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें संगठन ने ’सांप्रदायिक घृणा’ फैलाने का आरोप लगाया था। जबकि वे पालघर की भीड़ द्वारा दो साधुओं की हत्या के बारे में बता रहे थे।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में रज़ा अकादमी का प्रतिनिधित्व किया था, जब अर्नब गोस्वामी ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

‘मैं खुलासा कर दूँ तो कॉन्ग्रेस को चेहरा दिखाना मुश्किल हो जाएगा’: राजनाथ सिंह का चीन मुद्दे पर करारा जवाब

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी पार्टियों पर जमकर हमला किया। राजनाथ सिंह ने शनिवार (अक्टूबर 31, 2020) को पटना में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उन्होंने खुलासा कर दिया तो कॉन्ग्रेस को चेहरा दिखाना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के द्वारा हमारे सेना के जवानों के शौर्य और पराक्रम पर सवालिया निशान लगाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि चीन ने 1200 वर्ग किमी ज़मीन क़ब्ज़ा कर ली है। यदि मैं खुलासा कर दूँगा, तो चेहरा दिखाना मुश्किल हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं तब गृह मंत्री था जब पुलवामा हमले में हमारे 40 जवानों की जान चली गई थी, उन्होंने (कॉन्ग्रेस) इसे चुनावों से पहले सहानुभूति पाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा रची गई साजिश बताया। हम ऐसी घृणित राजनीति करने के बजाए घर बैठेंगे।”

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बिहटा के विष्णुपुरा मनेर विधानसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी डॉ निखिल आनंद के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। राजनाथ सिंह ने कहा, “आप लोग पढ़े लिखे लोग हो। 1962 से 2013 तक का इतिहास उठाकर देख लीजिए। मैं रक्षा मंत्री होने के नाते सीना ठोककर आपसे कहना चाहता हूँ कि हमारी सेना के जवानों ने जो पराक्रम दिखाया है, देश का मस्तक उससे गर्व से ऊँचा हो गया है।”

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (अक्टूबर 30, 2020) को कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रश्न किया कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पड़ोसी देश के मंत्री की स्वीकारोक्ति के बाद कॉन्ग्रेस मौन क्यों है और उसके नेताओं की बोलती क्यों बंद है?

पीरपैंती के प्रगति मैदान में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “पुलवामा हमले पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में एक मंत्री ने बयान देकर वास्तविकता को उजागर कर दिया है। पाकिस्तान ने यह स्वीकार कर लिया है कि पुलवामा में हमला उसने ही कराया था। जबकि पूर्व में वह कहा करता था कि पुलवामा हमले में उसका हाथ नहीं था।’’ उन्होंने कहा कि पुलवामा में जब आतंकवादियों ने हमला किया था और हमारे जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे तब कॉन्ग्रेस के लोग हमारी नीयत पर सवाल उठा रहे थे।

कमलनाथ ध्यान से सुनो! हाँ, मैं कुत्ता हूँ क्योंकि जनता मेरा मालिक है: ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव में नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज होती जा रही है और बयानों का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। वहीं शनिवार (अक्टूबर 31, 2020) को अशोकनगर जिले के शडोरा में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए, भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान को लेकर उन्हें जमकर लताड़ा।

कॉन्ग्रेस नेता की आलोचना करते हुए बीजेपी नेता सिंधिया कहते हैं, “कमलानाथ अशोकनगर आते हैं और मुझे कुत्ता कहकर नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।” ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जोर देकर कहा, “कमलनाथ, ध्यान से सुनो। हाँ, मैं कुत्ता हूँ क्योंकि जनता ही मेरा मालिक है, जिसकी मैं ईमानदारी से सेवा करता हूँ।”

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “कमलनाथ जी ने मुझे कुत्ता कहा। हाँ, मैं कुत्ता हूँ क्योंकि मेरा मालिक मेरी जनता है और मैं उसकी सेवा करता हूँ। कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूँ क्योंकि कुत्ता अपने मालिक और अपने दाता की रक्षा करता है। हाँ, कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूँ क्योंकि अगर कोई भी व्यक्ति मेरे मालिक को ऊँगली दिखाए और मालिक के साथ भ्रष्टाचार और विनाशकारी नीति दिखाए तो कुत्ता काटेगा उसे। मुझे गर्व है कि मैं अपने जनता का कुत्ता हूँ।”

रैली के अलावा सिंधिया ने ट्विटर पर भी लिखा, “अशोक नगर मेरे दिल में बसता है, और यहाँ की जनता मेरा परिवार है। यहाँ की माटी से मेरा खून का संबंध है और मैं अपने जीवन के आखिरी सांस तक आप लोगों की सेवा करता रहूँगा।” उन्होंने अशोक नगर के शाडोरा के भाजपा प्रत्याशी श्री जजपाल जज्जी जी को वोट देने की अपील भी की।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, जिनमें से 22 सीटें कॉन्ग्रेस के बागी विधायकों की थीं, जिन्होंने भाजपा को हराया था। भाजपा को विधानसभा में बहुमत हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए सिर्फ 9 सीटों की आवश्यकता है। वहीं 28 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आती हैं, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ माना जाता है।

बता दें सिंधिया ने कॉन्ग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और इस साल मार्च में भाजपा में शामिल हुए थे। सिंधिया ने कॉन्ग्रेस से अलग होने पर कहा था कि कॉन्ग्रेस अब वह पार्टी नहीं रही जो वह हुआ करती थी।

‘लिपि सिंह के सामने ला-ला कर पीटे गए हमारे लड़के, रात में वीरान सड़क पर अकेली पड़ी थी माँ की प्रतिमा’: मुंगेर दुर्गा पूजा समिति

मुंगेर में दुर्गा पूजा के बाद माता के प्रतिमा के विसर्जन के दौरान पुलिस बर्बरता की ख़बरें सामने आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 2 लोग मरे हैं और कई गायब हैं। इस दौरान किसी भी मेनस्ट्रीम मीडिया संस्थान ने जिले के ‘बड़ी दुर्गा पूजा समिति’ के पक्ष को सामने नहीं रखा, जिसके पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस वारदात का दंश झेला। उनके आरोप गंभीर हैं और पुलिस के रवैये पर कई सवाल भी उठाता है, जिसके जवाब अब तक नहीं मिले हैं।

यहाँ हम आपको कुछ ऐसी तस्वीरों और वीडियोज से भी रूबरू कराएँगे, जिन्हें देख कर आपको भी लगेगा कि वो मुंगेर के दुर्गा पूजा समिति के कार्यकर्ताओं और भक्तों द्वारा झेले गए अत्याचार की गवाही दे रहे हैं। माँ दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ किस तरह श्रद्धालुओं से विहीन, निर्जन सड़क पर अकेली पड़ी थीं – ये दृश्य किसी भी हिन्दू के कलेजे पर वार करेगा। लेकिन, ये एक ऐसी सच्चाई से जिससे आप सबको रूबरू होना चाहिए।

मुंगेर में पुलिसकर्मी के हाथ में पिस्टल: समिति का दावा

सबसे पहले हमने बात की उस शख्स से, जो मुंगेर की ‘बड़ी दुर्गा पूजा समिति’ के सोशल मीडिया एकाउंट्स को देखते हैं। यहाँ कुछ कारणों से हम उनका नाम गुप्त रख रहे हैं, क्योंकि उन्हें अब भी अपनी सुरक्षा का भय है और अपने साथियों के साथ हुए व्यवहार को वो भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समिति ने प्रशासन से गुहार लगाई थी कि उन्हें गुरुवार (अक्टूबर 29, 2020) को माता की प्रतिमा के विसर्जन की अनुमति दी जाए।

उनका कहना है कि उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और PMO तक को भी सोशल मीडिया पर टैग कर के गुहार लगाई कि वो अक्टूबर 26 को विसर्जन नहीं करना चाहते हैं और नियमानुसार ही उन्हें विसर्जन की तारीख तय करने का अधिकार दिया जाए। इसके पीछे का तर्क देते हुए वो कहते हैं कि समिति को अंदेशा था कि दुर्गा पूजा का विसर्जन 26 को होगा तो सारी प्रक्रिया पूरी करते-करते इसके अगले दिन के 12-1 बज जाएँगे।

वीरान पड़ी सड़क, अकेली पड़ी माँ की प्रतिमा

इसके अगले ही दिन बुधवार को चुनाव था। बिहार विधानसभा चुनाव में प्रथम चरण का मतदान इसी दिन होना था। ऐसे में समिति का आरोप है कि प्रशासन सारे नियम-कायदों को ताक पर रखते हुए हड़बड़ी में विसर्जन कराना चाहता था। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जिला प्रशासन से बात कर के कहा कि या तो वो चुनाव बाद में करा लें, या फिर उन्हें तय तिथि व समय पर माता की प्रतिमा का विसर्जन करने दिया जाए।

विसर्जन से पहले हुए बैठक में भी समिति के सदस्यों ने विचार-विमर्श करते हुए कहा था कि प्रशासन लोगों के आस्था के खिलाफ कार्य नहीं करें, क्योंकि नियम तथा आस्था को तोड़ कर समिति किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करेगी। उन्होंने निर्णय लिया था कि सरकार के दिशा-निर्देशों को देखते हुए मंदिर परिसर की सजावट की जाएगी तथा बिजली के बल्ब झालर बाजार क्षेत्र में लगाए जाएँगे। समिति नियमानुसार प्रशासन के साथ सहयोग के लिए भी तैयार थी।

बता दें कि बिहार में माँ की प्रतिमा को विदाई के समय ‘खोइछा’ दिया जाता है। इसे ‘खोइछा पूजन’ कहा जाता है। प्रतिमा को सिन्दूर लगा कर महिलाएँ कुछ वस्तुएँ ‘खोइछा’ के रूप में देती हैं और अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मानती हैं। आरोप है कि प्रशासन ने ये भी नहीं होने दिया। आखिर मुंगेर की दुर्गा पूजा समिति 29 को ही विसर्जन कराने के लिए क्यों गुहार लगा रही थी? इसके जवाब में समिति के सोशल मीडिया हैंडलर कहते हैं,

“हमारी प्रतिमा इस तरह से हड़बड़ी में नहीं जाती है। अगर अक्टूबर 29 को विसर्जन की अनुमति दी जाती तो हमारा दुर्गा पूजा भी हो जाता और मतदान भी संपन्न हो गया होता। नीतीश कुमार, PMO और चुनाव आयोग के पास हमने सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगाई। जिला प्रशासन के पास हमने ज्ञापन दिया। हम पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। प्रतिवर्ष विजयादशमी के दिन हमारी प्रतिमा उठती है और उसके अगले दिन विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। हम लोग परंपरागत रूप से जैसे कराते आ रहे थे, हमने वैसे ही प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति माँगी। इस बार हमें विजयादशमी से 1 दिन पहले ही मूर्ति उठाने के लिए दबाव बनाया गया।”

माँ दुर्गा के साथ ही अन्य प्रतिमाएँ भी पड़ी हुई थीं

मुंगेर की ‘बड़ी दुर्गा पूजा समिति’ के पदाधिकारियों का कहना है कि कोतवाली थाना सहित अन्य थानों के पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक बाबू लोग ‘अपना रूतबा दिखाने लगे’ और दबाव बनाने लगे। समिति के सोशल मीडिया हैंडलर ने आरोप लगाया कि तब मुंगेर की एसपी रहीं लिपि सिंह कहने लगीं कि उनकी बताई तारीख को 12 बजे के भीतर ही विसर्जन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों की लिपि सिंह से व्यक्तिगत रूप से बात हुई थी और उनका रवैया काफी सख्त था।

समिति का कहना है कि उनकी तरफ से हर प्रशासनिक दफ्तर में चिट्ठी पहुँचाई गई कि उनके साथ गलत हो रहा है, उन्हें समय दिया जाए – लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। आखिर तनाव का माहौल कैसे बना और संघर्ष कैसे शुरू हुआ? इसके जवाब में उन्होंने बताया कि मुंगेर के अम्बे चौक पर माता की प्रतिमा को रोका जाता है क्योंकि वहाँ माँ का मायका माना जाता है और वहाँ थोड़ी देर पूजा-अर्चना होती है।

समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों को फोटोज और वीडियोज भेजे, जो उनके हिसाब से पुलिस की क्रूरता को बयान करते हैं – लेकिन, कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हमने जिनसे बात की, उनमें दुर्गा पूजा कार्यक्रम का कैमरा भी हैंडल किया था, अतएव वो पूरी घटना के साक्षी भी हैं। वो बताते हैं कि इसके बाद मुंगेर गोला पर प्रतिमा आती है, जहाँ पर ‘मिलन’ होता है। दुर्भाग्य से वहाँ पर 4 बाँस टूट गए। दुर्गा पूजा समिति ने हमें बताया,

“अगर आप प्रतिमा के साथ जोर-जबरदस्ती कीजिएगा, अगर उन्हें समय से पहले विसर्जित करने के लिए दबाव बनाइएगा – तो हमारी प्रतिमा ऐसे नहीं जाती है। हमारे कहार ही उस प्रतिमा को उठाते हैं, जिनकी संख्या 32 होती है। हमारे कहारों पर लाठीचार्ज किया गया। श्रद्धालुओं को तितर-बितर कर दिया गया। किसी तरह हमने कहारों को वापस बुलाया। हमने उनसे गुजारिश की। माता का चेहरा एकदम उदास सा हो गया था, ऐसा भान हो रहा था। इसके बाद बाटा चौक पर हमारे साथ ऐसा दुर्व्यवहार हुआ कि पूरा मुंगेर देख कर रो पड़ा। फायरिंग प्रशासन ने ही की है। पुलिसकर्मी इंसास राइफल और पिस्टल लहराते नज़र आए।”

प्रशासन ने आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में क्यों लिया? इसके जवाब में समिति के पदाधिकारी कहते हैं कि उनके कम से कम 150 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था और उनके साथ क्रूरता की गई। उनका कहना है कि इनमें से कई अभी भी अलग-अलग थानों में पुलिस कस्टडी में हैं। एक और आरोप ये लगा है कि उनमें से जिन्हें छोड़ा भी गया है, उनके मोबाइल फोन्स पुलिस ने अपने पास रख लिए।

समिति के लोगों का कहना है कि दोषी पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाने के लिए ही ऐसा किया है। ताकि फायरिंग या लाठीचार्ज के दौरान की उनकी तस्वीरें वीडियोज बाहर न आ जाएँ। उनका एक और बड़ा आरोप ये है कि उनमें से कई लड़कों को एसपी लिपि सिंह के सामने लाकर और उन्हें जम कर पीटा गया। उनका कहना है कि उनलोगों के हाथ और सर पर लिपि सिंह के सामने ही बेरहमी से वार किया गया।

बता दें कि जदयू के राज्यसभा सांसद और पूर्व आईएएस अधिकारी लिपि सिंह के पति सुहर्ष भगत भी आईएएस अधिकारी हैं और वो फ़िलहाल बाँका के डीएम हैं। ये चर्चा आम है कि चुनाव के दौरान ट्रांसफर के क्रम में लिपि सिंह का स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया? उनके जदयू कनेक्शंस के बावजूद उन्हें चुनावी ड्यूटी पर लगाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अनंत सिंह पर कार्रवाई के कुछ महीने बाद वो एएसपी से एसपी बनी थीं। फ़िलहाल चुनाव आयोग ने उन्हें मुंगेर से हटा दिया है।

10वीं पास, फर्जी रिपोर्टर, ऋग्वेद-रामायण पर झूठ बोल कर करवाता है ईसाई धर्मांतरण | Fake Reporter makes Christian conversion

बिहार चुनावी यात्रा के दौरान ऑपइंडिया के हाथ बिहार के मधुबनी के बाबूबरही प्रखंड के बलराजपुर गाँव का एक वीडियो लगा। इसमें बच्चन शर्मा नाम का शख्स खुद को रिपोर्टर बताता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह शख्स आस-पास के गाँव में घूमता था और लोगों को ईसा मसीह की प्रार्थना करने के लिए प्रेरित करता था। वहाँ के लोगों ने ऑपइंडिया से भी पादरी के वहाँ आने की पुष्टि की।

ऑपइंडिया ने भी पादरी से बातचीत की। यह पूछने पर कि वो क्या काम करते हैं, उनका कहना था कि वो सोशल सर्विस करते हैं। धर्म परविर्तन को लेकर सवाल किए जाने पर बच्चन शर्मा का कहना था कि वो इसके बारे में नहीं जानते कि यह क्या होता है। उनका कहना था कि वो किसी धर्म को नहीं मानते, लेकिन ईसा मसीह को मानते हैं।

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फ़्रांस में इस्लामी आतंक का विरोध, भारत में समर्थन | Ajeet Bharti speaks on France beheadings and Islamic terror

इस्लाम अपने क्रूरतम रूप में दिख रहा है। यूरोप को भी झेलना पड़ रहा है। हमने उसके क्रूर रूप को भारत में कई बार देखा है। चाहे साबरमती एक्सप्रेस में 59 हिंदुओं जलाने की बात हो या फिर हाल ही में दिल्ली दंगों के दौरान हिंदुओं को घेरकर मारने के लिए रची गई साजिश।

फ्रांस के नीस शहर में एक महीने के अंदर दो आतंकी हमले हुए। 3 लोगों की गर्दन काट दी गई थी। फिर फ्रांस के चर्च में बम रखने की बात सामने आई। शार्ली एब्दो के कार्टून के साथ ही सैमुअल पैटी नाम के शिक्षक के गला रेतने वाली खबर से भी हम सभी अवगत हैं।

इसी तरह रुस में 16 साल का एक लड़का अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए चाकू मारने जा रहा था कि पुलिस ने उसे मार गिराया। बांग्लादेश में एक शख्स का पैर कुरान से टकरा गया। 4-5 लोग उसे मस्जिद ले गए, फिर घसीट कर बाहर लाया, मारा-पीटा और फिर आग के हवाले कर दिया।

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बिहार में जल की समस्या को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध: विनोद नारायण झा । Bihar Elections: Vinod Narayan Jha talks to OpIndia

ऑपइंडिया ने नल-जल योजना से ले कर भूजल स्तर को सही करने के लिए किए गए प्रयासों पर वरिष्ठ भाजपा नेता और निवर्तमान PHED मंत्री, एवं बेनीपट्टी विधायक प्रत्याशी विनोद नारायण झा से बातचीत की। इस दौरान हमने उनसे हर-घर-जल नल योजना की मौजूदा स्थिति के बारे में जानने की कोशिश की। हमने ये भी जानना चाहा कि लक्ष्य कब तक पूरा होने की उम्मीद है।

हमने उनसे तेजस्वी यादव को लेकर भी सवाल किए कि उन्होंने रोजगार की बात की है। ऐसा लगता है कि युवाओं के बीच तेजस्वी की लोकप्रियता बढ़ रही है, तो क्या ये पार्टी के लिए चिंता का विषय है? इस पर विनोद नारायण झा का कहना था कि वो चाँदी का चम्मच लेकर पैदा हुए, उन्हे कभी संघर्ष नहीं करना पड़ा।

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‘कोई ऐसा गंदा कार्टून बना दे, तो हम तो उसको मार देंगे’: मुनव्वर राणा ने फ्रांस के आतंकी हमलावर का किया बचाव

फ्रांस में हुए आतंकी हमले पर विवादित शायर मुनव्वर राणा ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने हमलावर का बचाव करते हुए कहा कि अगर उसकी जगह मैं होता तो मैं भी वही करता। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने के लिए तैयार हो जाए।

मुनव्वर राणा ने जी न्यूज से बात करते हुए कहा, “अगर अभी कोई शख्स मेरे बाप का कार्टून कोई ऐसा बना दे कोई गंदा, मेरी माँ का कोई ऐसा गंदा कार्टून बना दे, तो हम तो उसको मार देंगे। अगर कोई हमारे हिंदुस्तान में हमारे देवी-देवता का, माँ सीता का या भगवान राम का ऐसा कोई कार्टून बना दे जो गंदा हो, आपत्तिजनक हो, तो हम उसको मार देंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “हिंदुस्तान में हजारों सालों से ऑनर किलिंग को जायज मान लिया जाता है, कोई सजा नहीं होती है। तो फिर आप उसको नाजायज कैसे कह सकते हैं।”

मुनव्वर ने प्रधानमंत्री मोदी के आतंकवाद फैलाने वाले बयान पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ये राफेल की दरकार है, जो उन्हें ऐसा बयान देना पड़ा। मुनव्वर के मुताबिक, “मजहब वालों को चिढ़ाने के लिए ऐसा कार्टून बनाया गया। दुनिया में हजारों साल से ऑनर किलिंग होती है, अखलाक मामले में क्या हुआ, लेकिन तब किसी को तकलीफ नहीं हुई। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने पर मजबूर हो जाए।”

अपने इस विवादित बयान के बाद आज तक के साथ खास बातचीत में मुनव्वर राणा ने कहा कि मजहब एक खतरनाक खेल है और इससे इंसानों को दूर रहना चाहिए। शिक्षक का काम पढ़ाना है वो मोहम्मद साहब का कार्टून बनाकर क्यों दिखाएगा। उसे तो सिर्फ मोहम्मद साहब से दिक्कत है।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने फ्रांस हिंसा को जायज नहीं ठहराया। मेरी बात को आप समझ नहीं पाती हैं या फिर मेरी बात के दूसरे मतलब निकालती हैं। मैं यह कह रहा हूँ कि यहाँ से मकबूल फिदा हुसैन को देश छोड़कर इसलिए भागना पड़ा क्योंकि उन्होंने हिंदू मजहब से छेड़छाड़ की थी। नतीजे के तौर पर अपनी जान बचाकर देश छोड़ नहीं भागते तो उन्हें अपनी जान गँवानी पड़ती। वो यहाँ से चले गए और 90 साल के बूढ़े आदमी ने गैर मुल्क में दम तोड़ा।”

उन्होंने कहा कि मजहब एक खतरनाक खेल है और इससे आदमी को दूर रहना चाहिए। दुनिया में कार्टून इसलिए बनाए जाने लगे कि दुनिया में हर शख्स एक दूसरे को गालियाँ नहीं दे सकता था। कार्टून बनाने का मतलब है कि अल्लाह की बनाई हुई शक्ल को आप बिगाड़ कर पेश करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक मोहम्मद साहब का कार्टून बनाकर क्यों दिखाएगा। उसे दिखाना है तो वो खुदा का कार्टून दिखाए, हजरत ईसा का कार्टून दिखाए, हजरत मरियम का कार्टून दिखाए लेकिन वो नहीं दिखाएँगे। इसलिए कि वो खुद भी खुदा को भी मानता है। उसको सिर्फ मोहम्मद साहब से दिक्कत है।

कत्ल करने के मामले में मुनव्वर राणा ने कहा कि यह बुरा हुआ। मजहब के नाम पर पूरी दुनिया में ये रोजाना हो रहा है। आतंकवाद तो आतंकवाद होता है। धर्म बड़ा है या इंसान बड़ा है, इस सवाल पर राना ने कहा कि इंसान नहीं है तो धर्म नहीं है। इंसान के बगैर धर्म का तसव्वुर नहीं हो सकता।

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा राणा ने कॉन्ग्रेस का दामन थाम लिया। उन्हें पार्टी ने लखनऊ से कॉन्ग्रेस महिला समिति की नई उपाध्यक्ष बनाया है। मुनव्वर राणा की एक और बेटी फौजिया राणा भी कुछ दिनों पहले बिहार कॉन्ग्रेस में शामिल हुई थीं।

मुनव्वर राणा ने राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवम्बर 2019 में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था, “भारत के पूर्व CJI रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिंदुस्तान की एक ₹#डी भी नहीं बिकती है।“

उन्होंने एक विवादित ट्वीट करते हुए लिखा था कि भारत में 35 करोड़ इंसान और 100 करोड़ जानवर रहते हैं। मुनव्वर राणा ने यह ट्वीट भाजपा नेता संबित पात्रा को सम्बोधित करते हुए भारत में रहने वाले लोगों को लेकर लिखा था। शायर मुनव्वर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा था, “डियर संबित, कॉन्ग्रेस की जवानी में तो आप गब्हे पे रहे होंगे (गब्हे का मतलब आप उड़ीसा में नहीं, यूपी में पूछना)। लेकिन कोरोना पर सरकार की नाकामी ने मेरी इस बात को सही साबित किया कि भारत में 35 करोड़ इंसान और 100 करोड़ जानवर रहते हैं, जो सिर्फ वोट देने के काम आते हैं।”

बता दें कि पिछले दिनों फ्रांस में एक टीचर ने क्लास के अंदर पैगम्बर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था। जिसके बाद एक स्टूडेंट ने उस टीचर की हत्या कर दी। हालाँकि बाद में उस स्टूडेंट को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इस वारदात के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इसे इस्लामी आंतकवाद करार दिया और कहा कि इस्लाम हमारा भविष्य हथियाना चाहता है, जो कभी नहीं होगा। साथ ही उन्होंने पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून जारी रखने की बात कही थी।

पाकिस्तान में चल रही थी ऑनलाइन मीटिंग: हैकरों ने अचानक बजाया- ‘राष्ट्रगान’ व ‘श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में’, देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान में हो रही जूम बैठक का एक वीडियो वायरल हो रहा जिसमें लाइव ज़ूम मीटिंग में भगवान राम और भारत के राष्ट्र गान को बैकग्राउंड में बजते हुए सुना जा सकता हैं। ऐसी स्थिति में मीटिंग में शामिल लोग सन्न रह गए और एक दूसरे का ऑडियो बंद करने की सलाह देने लगे। यह घटना पाकिस्तानी सेना अधिकारियों के लिए बहुत बड़ी शर्मिंदगी है। बता दें कि इस वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि, इस ज़ूम मीटिंग को सोशल मीडिया पर हिंदू समर्थकों द्वारा हैक किया गया था।

हैकर्स द्वारा बाधित की गई मीटिंग इस्लामिक रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित की गई थी। इस वेबिनार में आगामी अमेरिकी चुनाव के संबंध में देश के भविष्य पर चर्चा करने के लिए कई पाकिस्तानी अधिकारियों ने भाग लिया था।

जैसे ही मीटिंग की शुरुआत हुई और होस्ट ने बैठक में शामिल सभी लोगों को म्यूट करने को कहा वैसे ही ट्रेड महासभा नाम के हिंदू समर्थक ग्रुप ने तुरंत ही भगवान राम, हनुमान और देश भक्ति गीत चलाना शुरू कर दिया।

आपको बता दें कि कुछ देर तक तो लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर में पाकिस्तान में हो रही इस बैठक में श्रीराम के भजन और भारत का राष्ट्रगान जन गण मन कहाँ से बजने लगा, वो भी तब जब मीटिंग भारत विरोधी विषय पर हो रही हो और जब तक उन्हें कुछ समझ आता तब तक इस मीटिंग में कई भजन और भारत के देशभक्ति के गीत चल चुके थे।

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद भारतीय यूजर्स पाकिस्तान के जमकर मजे ले रहे हैं। वे फेसबुक पर नदीम आबिद के जूम मीटिंग के लाइव के नीचे कमेंट करके पाकिस्तान पर हँसी उड़ा रहे हैं। वहीं, ट्विटर पर भी यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

मीटिंग हैक होने के बाद वेबिनार के होस्ट ने टेक्निकल समस्याओं का हवाला देना शुरू कर दिया। साथ ही होस्ट ने सभी लोगों से कहा कि हम कुछ देर बाद वापस से इसे शुरू करेंगे।

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय हैकर्स ने पाकिस्तानी जूम मीटिंग को हैक किया है और इससे उन्हें भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है।

गौरतलब है कि इस हफ्ते के मंगलवार को पाकिस्तानी राजनयिकों के एक समूह ने कुछ स्वघोषित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पाकिस्तान समर्थक लोगों के साथ मिलकर ‘जूम’ पर ऑनलाइन मीटिंग का एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें तथाकथित ‘भारतीय कब्जे में कश्मीर के 72 साल’ पर चर्चा की गई थी।

दिलचस्प बात यह है कि, अमेरिका के इस्लाम समर्थक सीजे वेर्लेमैन भी कश्मीर में कथित भारतीय अत्याचारों पर चर्चा के लिए बैठक का हिस्सा थे। इस मीटिंग में कश्मीर को लेकर काफी कुछ गलत कहा गया। ढाई घंटे से ज्यादा लंबे इस वीडियो में 47 मिनट के करीब हैकरों ने जूम मीटिंग पर धावा बोला। इस समय डॉ वलीद मलिक मीटिंग को संबोधित करते हुए कश्मीर पर जहर उगल रहे थे। तभी हैकरों ने उनके झूठे भारत विरोधी बयानों को दबाने के लिए बैठक में धावा बोल दिया।

सबसे पहले लगभग 16:55 मिनट पर भारत समर्थकों ने भगवान हनुमान का गीत बजाया। जिसके बाद इस आयोजन में मौजूद आयोजकों और अन्य मेहमानों को इस बात की भनक लग गई थी कि मीटिंग में हिंदुत्ववादी कंटेंट को प्रसारित किया जा रहा है।

इसके बावजूद इन लोगों ने मीटिंग में झूठ बोलना जारी रखा। फिर भारत समर्थक हैकरों ने जय ”श्री राम”, ”राजतिलक की करो तैयारी, आ रहे हैं भगवाधारी, ”श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में” जैसे गाने बजा दिए। जोकि पाकिस्तानी जूम मीट के दौरान लगभग दो मिनट तक बजता रहा, जिससे पाकिस्तानियों को चुप रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बिहार में अब पप्पू यादव का टूटा मंच, समर्थकों के साथ गिरे धड़ाम से, हाथ में फ्रैक्चर: देखें Video

बिहार विधानसभा चुनाव में आए दिन नेताओं के मंच टूट रहे हैं। अभी हाल में ही जिन्ना की तस्वीर के मामले में चर्चा में आए जाले विधानसभा के कॉन्ग्रेस उम्मीदवार मशकूर अहमद उस्मानी का मंच भाषण के बीच में ही टूट गया था और आज (अक्टूबर 31, 2020) मुजफ्फरपुर के मीनापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने पहुँचे जन अधिकार पार्टी (JAP) के अध्यक्ष का मंच धराशायी हो गया। उस वक्त पप्पू यादव मंच से भाषण दे रहे थे। इस घटना में उन्हें चोट आई है। उनके दाएँ हाथ में फ्रैक्चर में हो गया है।

इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस वक्त मंच टूटा उस वक्त पप्पू यादव मीनापुर में मंच से एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। आम लोगों के साथ ही चुनावी सभा में पार्टी कार्यकर्ताओं की काफी भीड़ थी। क्षमता से अधिक कार्यकर्ता मंच पर चढ़ आए थे। जिस वक्त पप्पू यादव सभा को संबोधित कर रहे थे, उसी बीच मंच टूट गया और वो सीधे जमीन पर जा गिरे। 

अचानक मंच टूटने की वजह से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जल्दी से पप्पू यादव को उठाया गया। कार्यालय प्रभारी अजय जायसवाल के अनुसार इलाज के लिए पास के ही एक अस्पताल में ले जाया गया। दाहिना हाथ पर प्लास्टर किया गया। घटना के बाद जाप अध्यक्ष ने कहा, “जनता के प्यार और आशीर्वाद से मुझे ज्यादा चोट नहीं आई। लोगों की दुआएँ मेरे साथ है। मैं स्वस्थ होकर जल्द ही जनता के बीच पुन: लौटूँगा।”

पप्पू यादव की पार्टी का चंद्रशेखर आज़ाद की आज़ाद समाज पार्टी, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) और कुछ अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन है।

बता दें कि इससे पहले 15 अक्टूबर को सारण जिले में जनता दल यूनाइटेड के नेता चंद्रिका राय की चुनावी रैली में भी भीड़भाड़ के कारण मंच गिर गया था। गनीमत रही कि वहाँ कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। राय के नामांकन पत्र दाखिल करने के तुरंत बाद सोनपुर विधानसभा क्षेत्र में यह घटना हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राजीव प्रताप रूडी भी मंच पर मौजूद थे।

इसी तरह 29 अक्टूबर को कॉन्ग्रेस प्रत्याशी मशकूर अहमद उस्मानी का मंच भी टूटा था, जब वह दरभंगा में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इसी दिन बाद में  चंपारण में एक और कॉन्ग्रेस रैली में एक मंच टूट गया था। उस वक्त पार्टी के नेता इमरान प्रतापगढ़ी और अखिलेश सिंह स्टेज पर थे।