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एक ही रात में 3 अलग-अलग जगह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाला लालू का 2 बेटा: अब मिलेगी बिहार की गद्दी?

आजकल लालू यादव के दोनों बेटे तेजस्वी और तेज प्रताप बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान में लगे हुए हैं। तेजस्वी यादव अपने पिता की अनुपस्थिति में महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं और तेज प्रताप भी अपने पिता की स्टाइल में कैम्पेनिंग कर रहे हैं। आज सारा बिहार दोनों को जानने लगा है। लेकिन, आज से लगभग 13 साल पहले ऐसा समय भी आया था, जब तेजस्वी और तेज प्रताप पर छेड़खानी के आरोप लगे थे।

जनवरी 1, 2008 को जब पूरी दुनिया नए साल का स्वागत करने में जुटी हुई थी, लालू यादव के बेटों पर लड़कियों से छेड़खानी के आरोप लगे थे। इसके अगले दिन ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, साउथ दिल्ली में कथित रूप से लड़कियों से छेड़खानी करने के कारण लालू यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी की कुछ अज्ञात युवकों ने जम कर पिटाई की थी। इस खबर में तेजस्वी यादव की जगह उनका निकनेम तरूण लिखा हुआ था।

नाम का मुद्दा जनवरी 2020 में भी उछला था, जब जदयू नेता नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लालू यादव से पूछा था कि बेनामी संपत्ति वाले दस्तावेज पर एक तरूण यादव का नाम लिखा है, तो वो जवाब दें कि ये तरूण यादव कौन हैं, उनके नाम से आपने जमीन खरीदी और तरूण यादव के पिता का नाम लालू यादव लिखा है। उस दौरान तेजस्वी ने बताया था कि वो तब क्रिकेट खेलते थे और उनका निकनेम तरूण था, व उनके भाई का तेजू।

खबर में आगे बताया गया था कि तब केंद्रीय रेल मंत्री रहे लालू यादव के बेटों पर पहले तो अशोका होटल और फिर दिल्ली के कनॉट प्लेस में लड़कियों से छेड़खानी का आरोप लगा। इसके बाद उन दोनों ने दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित छतरपुर में एक पार्टी में हिस्सा लेने का मन बनाया। उनके साथ दिल्ली पुलिस के PSOs और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवान भी थे। वहाँ से लौटते समय फिर विवाद हुआ।

आरोप लगा था कि दोनों ने मेहरौली में पार्टी कर रही लड़कियों पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की। वहाँ युवक-युवतियाँ एक फार्म हाउस में पार्टी कर रहे थे। वहाँ युवकों ने उनकी पिटाई कर दी। उनके साथ गए जवानों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों की पहचान छिपा ली। दोनों को जल्दी से अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज हुआ। एक बॉडीगार्ड का रिवाल्वर भी छीन लिया गया था।

इसके बाद हथियार गायब होने और सार्वजनिक ड्यूटी पर सरकारी कर्मचारियों के साथ बदतमीजी का मामला दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया था। इस मामले में न तो लड़कियों और न ही लालू के बेटों ने कोई मामला दर्ज कराया था लेकिन सरकारी हथियार गुम होने के कारण मामला दर्ज करना पड़ा। तब तेज प्रताप की उम्र 19 साल और तेजस्वी की उम्र मात्र 17 साल थी। युवकों ने दिल्ली पुलिस के एक जवान की भी पिटाई की थी, फिर भाग निकले।

अगस्त 2018 में जदयू ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसका जवाब देते हुए राजद के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा था कि उस समय ये लोग काफी छोटी उम्र के थे और उस उम्र में ये चीजें ‘सामान्य’ मानी जाती हैं। उन्होंने खबरों को नकारा नहीं और पूछा था कि अगर ये लोग उस उम्र में लड़कियों को नहीं देखेंगे और ऐसी हरकतें नहीं करेंगे तो कब करेंगे? जदयू ने नीरज कुमार और संजय सिंह ने इस मुद्दे को उठाया था।

अक्टूबर 2020 में ही बिहार में राजद के 37 वर्षीय दलित नेता शक्ति मलिक की हत्या के मामले में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को आरोपित बनाया गया था। दलित नेता शक्ति मलिक की रविवार (अक्टूबर 4, 2020) को पूर्णिया स्थित उनके आवास के बाहर ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। शक्ति मलिक को राजद सुप्रीमो लालू यादव ने पार्टी से निकाल दिया था, जिसके बाद उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में किस्मत आजमाने का फैसला किया था। हालाँकि, इस मामले में दोनों को क्लीन-चिट मिल चुकी है और अपराधी पकड़े जा चुके हैं।

पुलवामा का वो गाँव जिसने पूरे भारत को लिखना सिखाया: PM मोदी ने ‘मन की बात’ में किया जिक्र

कमजोर राजनीतिक नेतृत्व और इच्छाशक्ति के कारण जम्मू कश्मीर राज्य सदियों तक आतंक और कट्टरपंथ का शिकार रहा। यही वजह है कि भारत के इस सबसे महत्वपूर्ण हिस्से की पहचान मात्र जिहाद और आतंकवाद बनकर रह गया। हालाँकि, घाटी से आर्टिकल 370 के निष्क्रीय होते ही लोगों के जनजीवन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला है और हालात बहुत हद तक सुधरते नजर आ रहे हैं।

केंद्र सरकार और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाटी के लोगों के जीवन, अर्थव्यवस्था सुधारने और उन्हें पहचान दिलाने में पूरी कोशिश कर रहे हैं। लोग अब जान पा रहे हैं कि कश्मीर या पुलवामा का हमारे दैनिक जीवन से जुड़ी वस्तुओं में सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यही नहीं, पुलवामा ने इस देश को साक्षर बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है।

कश्मीर का ‘पेंसिल वाला गाँव’ – उक्खू

आज पीएम मोदी ने अपने रेडियो प्रसारण मन की बात करते समय ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ के तहत जम्मू-कश्मीर के बारे में एक ऐसी अनोखी बात का जिक्र किया जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते होंगे। पढ़ाई के शुरुआती दौर में हम सबने हाथों में पेंसिल पकड़कर लिखना-पढ़ना सीखा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका उत्पादन कश्मीर के पुलवामा जिले के उक्खू गाँव से होता है, जो कि ‘पेंसिल वाले गाँव’ के नाम से भी जाना जाता है।

‘मन की बात’ के 70वें कार्यक्रम में पीएम मोदी ने आज (अक्टूबर 25, 2020) कहा कि आज पुलवामा पूरे देश को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज यदि देश भर के छात्र अपना होमवर्क करते हैं, नोट्स तैयार करते हैं तो यह पुलवामा के लोगों की कड़ी मेहनत की वजह से है। देश में पेंसिल स्लेट की माँग का लगभग 90% कश्मीर घाटी से पूरा होता है। इसमें पुलवामा की बड़ी हिस्सेदारी है।

पुलवामा के एक छोटे से गाँव से शुरू हुई पेंसिल स्लेट बनाने की प्रक्रिया अब पूरे पुलवामा ज़िले में फैल गई है। पेंसिल स्लेट के इस उद्योग से पुलवामा में हर साल 100 करोड़ का कारोबार किया जाता है। कुल मिला कर यहाँ इसकी 17 यूनिट है जिसके जरिए पूरे देश में 90% पेंसिल स्लेट की सप्लाई की जाती है।

जानकारी के मुताबिक, देश की सभी बड़ी पेंसिल कंपनियाँ कश्मीर के पुलवामा से पेंसिल बनाने के लिए कच्चा माल खरीदती हैं। पेंसिल स्लेट का उत्पादन करने वाले बताते हैं कि अगर उन्हें कच्चा माल मिलेगा तो इस कारोबार को पूरे कश्मीर में फैलाया जा सकता है। इससे प्रदेश में रोजगार बढ़ेगा और प्रदूषण भी नहीं होगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कश्मीर के इन नम इलाकों में पाया जाने वाला यह पेड़ चिनार की ही एक किस्म है। यहाँ दर्जनों छोटी-छोटी इकाइयाँ इस लकड़ी को पेंसिल इंडस्ट्री को मुहैया कराने के कारोबार में लगी हुई हैं।

पीएम मोदी ने भी इन लकड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, “कश्मीर घाटी में चिनार की लकड़ी में उच्च नमी की मात्रा और कोमलता है, जो इसे पेंसिल के उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। एक समय में हम पेंसिल के लिए लकड़ी का आयात करते थे, लेकिन पुलवामा अब इस क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बना रहा है। यहाँ का उक्खू देश विदेश में पेंसिल विलेज के नाम से जाना जाता है।”

समाचार पत्र ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नटराज और अप्सरा पेंसिल जैसे ब्रांड बनाने वाली हिंदुस्तान पेंसिल्स को यहीं से कच्चा माल मिलता है। यह कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी पेंसिल निर्माता है।

महिलाओं को रोजगार का बड़ा साधन

गौरतलब है कि इस उद्योग में बड़ी संख्या में महिलाएँ काम कर रही है। लगभग 2000 लोगों को इस उद्योग के चलते रोजगार मिला है। उक्खू गाँव के घरों में ही छोटी-छोटी यूनिट्स में महिलाएँ कुशलता से कारीगरी कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस उद्योग में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही महिलाओं की प्रशंसा करते हुए कहा, “यहाँ पेंसिल स्लेट के उत्पादन के लिए कई इकाइयाँ काम कर रही हैं, जिनसे रोज़गार पैदा हो रहा है। इन यूनिट्स में महिलाएँ बड़ी संख्या में काम कर रही हैं।”

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ के तहत पुलवामा के पेंसिल स्लेट उद्योग की तारीफ करते हुए कहा, “पुलवामा ने यह विशिष्ट पहचान तब हासिल की, जब यहाँ के स्थानीय लोगों ने कुछ अच्छा करने का फैसला किया। उन्होंने इसके लिए जोखिम उठाया और खुद को इसके लिए पूरी तरह से समर्पित कर दिया।” प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं पुलवामा के भाइयों और बहनों और उनके परिवारों की सराहना करता हूँ, जो भारत को शिक्षित करने में योगदान दे रहे हैं।”

‘शैतान, रं#$ अपना धंधा बढ़ा रही है…अल्लाह जहन्नुम में जलाएगा’ – हिंदू पति के साथ दुर्गा पूजा पर सांसद नुसरत को गाली

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद नुसरत जहां एक बार फिर से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। दुर्गा पूजा में शामिल होने के कारण उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने गुनाह किया है और इस्लाम की तौहीन की है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने कल अपने ट्विटर पर उनकी एक वीडियो शेयर की। इस वीडियो में वह धाक खेलती, माँ दुर्गा के सामने हाथ जोड़ती और नृत्य करती नजर आईं।

https://www.instagram.com/reel/CGugN7pFtS-/?utm_source=ig_embed

नुसरत जहां ने दुर्गा पूजा के अवसर पर अपने इंस्टाग्राम पर भी अपनी डांस की वीडियो अपलोड की। हालाँकि थोड़ी ही देर में कट्टरपंथियों ने उनपर निशाना साधना शुरू कर दिया। इनमें से कुछ लोग भारत के थे और कुछ बांग्लादेश के भी थे।

मोहम्मद वसीम ने लिखा, “शर्म आनी चाहिए तुम्हें नुसरत जहां, तुम्हें हमारे धर्म की इज्जत करनी चाहिए। कोई तुम्हें जश्न मनाने से नहीं रोक रहा लेकिन तुम मूर्ति पूजन कर रही हो। शर्म आनी चाहिए। तुम मजहब के नाम पर कलंक हो। मैं तुम्हें हदीस पढ़ने की सलाह दूँगा।”

मोहम्मद तारिक ने ट्विटर पर लिखा, “लोकप्रियता के लिए कुछ भी करेगी, नाचना-गाना तो इसका पहले से धंधा है, कोई अपना धंधा बढ़ा रहा है क्या बुरा है।”

गौरतलब हो कि इस्लाम में नाचने और गाने को ‘हराम’ कहा जाता है। इसी आधार पर शायद तारीक ने नुसरत जहां को चरित्रहीन कहते हुए उनके डांस के लिए ‘धंधा’ शब्द का प्रयोग किया।

कुछ कट्टरपंथियों ने उन्हें शैतान, रं#&, जहानमी लिखा। एक यूजर ने लिखा, “अल्लाह इस औरत को जहन्नुम में जलाएगा।” अली नामक यूजर ने उन्हें, “रं&* की औलाद बताया।” शैफुद्दीन कहता है, “शैतान की नस्ल हो तुम, तुमको शर्म नहीं आती इतना गंदा काम करने से।”

इंस्टाग्राम पर केवल डांस की वीडियो पोस्ट करने पर एक्ट्रेस को जान से मारने की धमकियाँ भी मिली। @shahbuzgalisa नाम की यूजर ने लिखा, “मौत का खौफ करो। कयामत का दिन नजदीक है।” दूसरी यूजर ने लिखा, “वाह! तुम लोग दुर्गा पूजन के बाद भी खुद को मजहबी कहते हो।” एक कट्टरपंथी ने इस बात पर हैरानी जताई कि उसे समझ नहीं आ रहा कि ये महिला (नुसरत) अब तक जीवित कैसे है।

दुर्गा पूजा से पहले भी नुसरत पर भड़के थे कट्टरपंथी

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नुसरत जहां को इस्लामी कट्टरपंथियों का शिकार होना पड़ा हो। पिछले महीने भी उन्हें इसी तरह निशाना बनाया गया था, जब उन्होंने महालया के अवसर पर माँ दुर्गा की भाँति श्रृंगार किया था और सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट की थी। @mkkhan486 आईडी से उनके लिए लिखा गया था, “तुम्हारा समय नजदीक आ गया है। अल्लाह से डरो। क्या तुम अपना शरीर ढक कर नहीं रख सकती। छी छी छी।”

एक अन्य का कहना था कि मजहबी होने के नाते नुसरत को यह सब करते हुए शर्म आनी चाहिए। लेकिन उनमें कोई शर्म नहीं बची है। यूजर ने यह भी कहा था कि नुसरत जहान्नुम में जाएँगी। उन्हें कोई शर्म नहीं है। मगर अल्लाह उन्हें देख रहा है।

याद दिला दें कि पिछले साल भी जब नुसरत जहां ने निखिल जैन से शादी के बाद दुर्गा पूजा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, तब भी कट्टरपंथियों ने इसी तरह उन्हें अपने निशाने पर लिया था और उनकी शादी को लेकर कई सवाल उठाए थे। साथ ही उन्हें जल्द ही मारने की धमकी भी दी थी।

वहीं नुसरत की शादी से नाराज देवबंद के उलेमा ने कहा था कि अगर उन्हें ग़ैर-मज़हबी कार्यों में इतनी ही रुचि है तो वो अपना नाम बदल लें। उलेमा ने पूछा कि अभिनेत्री नुसरत आख़िर ग़ैर-मज़हबी काम कर क्यों रही हैं?

‘6 वर्जिन हूर आपके लिए, लेकिन चाहिए 72 तो… अपग्रेड करना पड़ेगा’ – इस्लाम और आतंक पर वीर दास

अभिनेता वीर दास के एक कॉमिक एक्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो इस्लाम को ‘एप्पल’ कम्पनी के साथ जोड़ कर देखते हुए मजाक-मस्ती करते नज़र आ रहे हैं और लोग उनके चुटकुलों पर ठहाके भी लगा रहे हैं। इस वीडियो में वीर दास कहते हैं कि वो हिन्दू हैं और इसीलिए ‘हेट क्राइम’ से नहीं डरते क्योंकि ‘कर्म के सिद्धांत’ के आधार पर वो बियॉन्से बन कर वापस आ जाएँगे।

बता दें कि बियॉन्से अमेरिका की मशहूर गायिका हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एक ‘रिलीजियस फोबिया’ है क्योंकि उन्हें लगता है कि दुनिया लगातार बदल रही है और सारे धर्म इस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने मजाक करते हुए कहा कि दुनिया के सभी बड़े मजहबों को ‘अपडेट’ किए जाने के जाने की ज़रूरत है, इसीलिए इन सभी मजहबों को लेकर ‘एप्पल’ कम्पनी को दे देना चाहिए।

‘इस्लाम 6S और जीसस प्रो वर्जन’

उन्होंने कहा कि हर 6 महीने के बाद इन मजहबों को एप्पल अपडेट करेगा और फिर से लॉन्च करेगा, जो काफी अच्छा होगा। उदाहरण गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हमें ‘इस्लाम 6S’ की ज़रूरत होगी तो उसे लॉन्च कर दिया जाएगा। बता दें कि उन्होंने एप्पल कम्पनी के स्मार्टफोन के मॉडल के आधार पर इस्लाम का भी नया नामकरण किया। साथ ही उन्होंने कहा कि तब हमें ‘जीसस प्रो’ की ज़रूरत पड़ सकती है।

इसके बाद वीर दास आतंकवाद के मुद्दे पर आ गए और कहा कि इससे आतंकवाद को भी कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब भी ‘जिहाद’ का काम करना चाहेगा, तो इसके लिए उसे सबसे पहले एप्पल कम्पनी के साथ एक नए ऑनलाइन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करना पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ‘जिहाद आईडी’ बनानी पड़ेगी, फिर सारे डिवाइसेज के बॉम्ब्स को उस आईडी के साथ सिंक्रनाइज करना पड़ेगा।

वीर दास ने आगे चुटकुले छोड़ते हुए इस वीडियो में कहा कि ऐसा करने पर हो सकता है कि कोई एक ऐसा बम हो जो एप्पल के आईट्यून्स के साथ काम करने में सक्षम नहीं हो और फिर इसके लिए आईट्यून्स का नया वर्जन डाउनलोड करना पड़े। इसके बाद उन्होंने कहा कि जन्नत में आपको 72 वर्जिन हूर मिलने ही वाले हैं, लेकिन आपके आईक्लाउड में मात्र 6 वर्जिन हूरें आ सकती हैं, तो फिर आपको अपग्रेड करना पड़ जाएगा।

बता दें कि हिन्दू धर्म का मजाक उड़ाने के कारण कई कॉमेडियंस लोगों एक रडार पर आ चुके हैं। सितम्बर 2019 में अर्मिन नवाबी ने ट्विटर पर माँ काली की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा था, “मैं हिन्दू धर्म से प्यार करने लगा हूँ। मुझे पहले नहीं पता था कि तुम्हारी देवियाँ इतनी कामुक हैं। फिर कोई और धर्म क्यों अपनाएगा?” ईरानी-कनाडाई कॉमेडियन अर्मिन नवाबी के खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) ने शिकायत भी दर्ज कराई थी।

एक दीया सैनिकों के लिए भी जलाएँ, खरीददारी में स्‍थानीय उत्पादों को दें प्राथमिकता: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (अक्टूबर 25, 2020) को ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को सम्बोधित किया। दशहरा को उन्होंने असत्य पर सत्य की जीत का त्यौहार बताते हुए शुभकामनाएँ दी और कहा कि पहले, दुर्गा पंडाल में, माँ के दर्शनों के लिए इतनी भीड़ जुट जाती थी। एकदम, मेले जैसा माहौल रहता था, लेकिन, इस बार ऐसा नहीं हो पाया। PM मोदी ने कहा कि पहले, दशहरा पर भी बड़े-बड़े मेले लगते थे, लेकिन इस बार उनका स्वरूप भी अलग ही है।

एक दिया सैनिकों के नाम

दशहरा व अन्य त्यौहारों के मौके पर पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में याद दिलाया कि हमें अपने उन जाँबाज सैनिकों को भी याद रखना है, जो, इन त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं और भारत-माता की सेवा और सुरक्षा कर रहें हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार मनाने हैं। साथ ही अपील की कि हमें घर में एक दीया, भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है। उन्होंने देश के वीर जवानों से कहा कि आप भले ही सीमा पर हैं, लेकिन पूरा देश आपके साथ हैं, आपके लिए कामना कर रहा है।

वोकल फॉर लोकल

पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम लोकल के लिए वोकल हो रहे हैं तो दुनिया भी हमारे लोकल उत्पादों की फैन हो रही है। हमारे कई स्थानीय उत्पादों में वैश्विक होने की बहुत बड़ी शक्ति है। पीएम ने इस दौरान खादी का उदाहरण दिया। उन्होंने ‘मन की बात’ में कहा कि लम्बे समय तक खादी, सादगी की पहचान रही है, लेकिन, हमारी खादी आज, ‘इको-फ्रेंडली फैब्रिक’ के रूप में जानी जा रही है। स्वास्थ्य की दृष्टि से ये ‘बॉडी फ्रेंडली फैब्रिक’ है, ‘ऑल वेदर फैब्रिक’ है और आज खादी फैशन स्टेटमेंट तो बन ही रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खादी की लोकप्रियता तो बढ़ ही रही है, साथ ही, दुनिया में कई जगह, खादी बनाई भी जा रही है। उन्होंने उदाहरण के लिए मेक्सिको के ओहाका (Oaxaca) का नाम लिया। उन्होंने बताया कि इस इलाके में कई गाँव ऐसे है, जहाँ स्थानीय ग्रामीण, खादी बुनने का काम करते है। आज, यहाँ की खादी ‘ओहाका खादी’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ओहाका में खादी कैसे पहुँचीं, ये भी कम रोचक नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि दरअसल, मेक्सिको के एक युवा मार्क ब्राउन ने एक बार महात्मा गाँधी पर एक फिल्म देखी। ब्राउन ये फिल्म देखकर बापू से इतना प्रभावित हुए कि वो भारत में बापू के आश्रम आए और बापू के बारे में और गहराई से जाना-समझा। पीएम मोदी ने आगे बताया कि तब ब्राउन को एहसास हुआ कि खादी केवल एक कपड़ा ही नहीं है बल्कि ये तो एक पूरी जीवन पद्धति है। इससे किस तरह से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता का दर्शन जुड़ा है ब्राउन इससे बहुत प्रभावित हुए।

यहीं से ब्राउन ने ठाना कि वो मेक्सिको में जाकर खादी का काम शुरू करेंगे। उन्होंने, मेक्सिको के ओहाका में ग्रामीणों को खादी का काम सिखाया, उन्हें प्रशिक्षित किया और आज ‘ओहाका खादी’ एक ब्रांड बन गया है। इस प्रोजेक्ट की वेबसाइट पर लिखा है ‘The Symbol of Dharma in Motion’। उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गाँधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी हुई। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा:

“आपको ये जानकार खुशी होगी कि पूरे भारत में अनेक लोग हैं जिन्हें ज्ञान के प्रसार से अपार खुशी मिलती है। ये वो लोग हैं जो हमेशा इस बात के लिए तत्पर रहते हैं कि हर कोई पढ़ने के लिए प्रेरित हो। मध्य प्रदेश के सिंगरौली की शिक्षिका, उषा दुबे जी ने तो स्कूटी को ही मोबाइल लाइब्रेरी में बदल दिया। वे प्रतिदिन अपने चलते-फिरते पुस्तकालय के साथ किसी न किसी गाँव में पहुँच जाती हैं और वहाँ बच्चों को पढ़ाती हैं। बच्चे उन्हें प्यार से किताबों वाली दीदी कह कर बुलाते हैं। इस साल अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के निरजुली के रायो गाँव में एक ‘सेल्फ-हेल्प लाइब्रेरी’ बनाई गई है। दरअसल, यहाँ की मीना गुरुंग और दिवांग होसाई को जब पता चला कि कस्बे में कोई लाइब्रेरी नहीं है तो उन्होंने इसकी फंडिंग के लिए हाथ बढ़ाया।”

“आपको ये जानकार हैरानी होगी कि इस लाइब्रेरी के लिए कोई सदस्यता शुल्क ही नहीं है। कोई भी व्यक्ति दो हफ्ते के लिए किताब ले जा सकता है। पढ़ने के बाद उसे वापस करना होता है। ये लाइब्रेरी सातों दिन, चौबीसों घंटे खुली रहती है। आस-पड़ोस के अभिभावक यह देखकर काफी खुश हैं, कि उनके बच्चे किताब पढ़ने में जुटे हैं। खासकर उस समय जब स्कूलों ने भी ऑनलाइन क्लासेज शुरू कर दी हैं। वहीं चंडीगढ़ में एक NGO चलाने वाले संदीप कुमार जी ने एक छोटी गाड़ी में मोबाइल लाइब्रेरी बनाई है, इसके माध्यम से गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए मुफ्त में किताबें दी जाती हैं।”

“इसके साथ ही गुजरात के भावनगर की भी दो संस्थाओं के बारे में जानता हूँ जो बेहतरीन कार्य कर रही हैं। उनमें से एक है ‘विकास वर्तुल ट्रस्ट’। यह संस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत मददगार है। यह ट्रस्ट 1975 से काम कर रहा है और ये 5000 पुस्तकों के साथ 140 से अधिक पत्रिकाएँ उपलब्ध कराता है। ऐसी एक संस्था ‘पुस्तक परब’ है। ये एक नए किस्म का प्रोजेक्ट है जो साहित्यिक पुस्तकों के साथ ही दूसरी किताबें निशुल्क उपलब्ध कराते हैं। इस लाइब्रेरी में आध्यात्मिक, आयुर्वेदिक उपचार, और कई अन्य विषयों से सम्बंधित पुस्तकें भी शामिल हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ऐसे ही एक व्यक्ति पोन मरियप्पन से भी बात की, जो अपने सैलून में ही पुस्तकालय चलाते हैं। पीएम मोदी ने सरदार पटेल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में देशवासियों की असाधारण उपलब्धियाँ, हमारे देश, हमारी संस्कृति के अलग-अलग आयामों पर, आप सबसे बात करने का अवसर मिला। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा देश प्रतिभावान लोगों से भरा हुआ है। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के जरिए न सिर्फ दशहरा बल्कि वाल्मीकि जयंती सहित कई अन्य आने वाले त्यौहारों की भी चर्चा की।

‘एक फोन से किसी का भी काम छीन लेते हैं महेश भट्ट’: पूजा भट्ट ने कहा- लवीना हमारी रिश्तेदार नहीं

सुशांत सिंह राजपूत मामले में बॉलीवुड के वरिष्ठ फिल्म निर्देशक व निर्माता महेश भट्ट पर अब ड्रग्स नेटवर्क चलाने का आरोप लगे हैं, जिसके बाद उन्होंने आरोप लगाने वाली लवीना लोध के खिलाफ ही कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया है। सुमित सभरवाल की पत्नी लवीना लोध ने खुद को महेश भट्ट के भाँजे सुमित सभरवाल की पत्नी बताते हुए कई आरोप लगाए थे। महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने तो इस बात से भी इनकार कर दिया कि लवीना लोध उनके पिता महेश भट्ट की रिश्तेदार है।

महेश भट्ट की बेटी पूजा ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला उनके परिवार की रिश्तेदार नहीं है और सुमित भी उनके पिता के भाँजे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सुमित उनके पिता की कम्पनी ‘विशेष फिल्म्स’ के सीनियर प्रोडक्शन मैनेजर / हेड ऑफ प्रोडक्शन हैं। वहीं महेश भट्ट के वकील ने अपने क्लाइंट की तरफ से इन आरोपों को नकारा है। उन्होंने इन आरोपों को ‘झूठा और मानहानिकारक’ बताते हुए कहा कि क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वकीलों की सलाह के बाद महेश भट्ट क़ानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय लेंगे। लवीना ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनके पति सुमित के फोन में कई लड़कियों की तस्वीरें मिली, जिन्हें वो निर्देशकों को सप्लाई करते हैं और महेश भट्ट को इन सबकी जानकारी है। उन्होंने महेश भट्ट को इंडस्ट्री का सबसे बड़ा डॉन बताते हुए कहा था कि उनके हिसाब से न चलने पर वो किसी का भी जीना हराम कर देते हैं।

लवीना ने आरोप लगाया कि महेश भट्ट ने कितने लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी है, कितने एक्टर्स, डायरेक्टर्स को उन्होंने काम से निकाल दिया है, वो एक फोन करते हैं पीछे से और लोगों का काम चला जाता है। उन्होंने कहा कि महेश भट्ट उनके घर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं और पुलिस में कोई उनकी शिकायत भी नहीं लिखता। उन्होंने भट्ट को ताकतवर और प्रभावशाली बताते हुए अपनी सुरक्षा को खतरा होने की बात कही।

वहीं, सुमित की तरफ से अमायरा और पब्बी को ड्रग्स दिए जाने के आरोपों पर अमायरा दस्तूर के वकील ने कहा है कि उनके क्लाइंट को इस बात का दुःख है कि कुछ लोग आरोप लगाने के लिए इस हद तक गिर सकते हैं। क़ानूनी कार्रवाई की बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये वीडियो झूठ और गलत तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने अमायरा की तरफ से सारे आरोपों को नकार दिया। अभी तक इस मामले में पुलिस की तरफ से शिकायत दर्ज किए जाने की सूचना नहीं है।

लवीना ने कहा थाअगर कल कोई हादसा मेरे साथ या मेरे परिवार के साथ होता है तो उसके पीछे केवल महेश भट्ट, मुकेश भट्ट, सुमित सबरवाल, साहिल सहगल, कुमकुम सहगल जिम्मेदार होंगे। कम से कम लोगों को पता तो चले कि बंद दरवाजे के पीछे इन्होंने कितने लोगों की जिंदगी बर्बाद की है और ये क्या क्या कर सकते हैं। क्योंकि महेश भट्ट बहुत ताकतवर और रसूख वाला इंसान है।

आदित्य ठाकरे को ‘बेबी पेंगुइन’ कहने पर ट्विटर यूज़र को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुंबई और नागपुर पुलिस ने नागपुर के रहने वाले समित ठक्कर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार को आदित्य ठाकरे को बेबी पेंगुइन कहे जाने से आपत्ति है। गिरफ्तारी की वजह यह भी बताई गई है कि समित ठक्कर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। बताया जा रहा है कि ट्विटर यूजर समित ठक्कर ने सोशल मीडिया पर आदित्य ठाकरे को बेबी पेंगुइन कहा था। 

समित ठक्कर पर मामला दर्ज 

2 जुलाई को समित पर दो प्राथमिकी दर्ज की गई, पहली नागपुर में और दूसरी वीपी रोड पुलिस थाना मुंबई। समित पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया मंचों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और नितिन राउत पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। 1 और 30 जून को समित ने ठाकरे परिवार पर टिप्पणी की थी 1 जुलाई को राउत पर टिप्पणी की थी।

अदालत ने दिया वीपी रोड पुलिस थाने में हाजिर होने का आदेश

ठक्कर ने इस प्रकरण में अपनी गिरफ्तारी टालने के लिए बॉम्बे उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। साथ ही अदालत से निवेदन किया है कि एफ़आईआर ख़त्म कर दी जाए। 1 अक्टूबर को हुई इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश एसएस शिंदे और एमएस कर्णिक की पीठ ने आदेश दिया कि ठक्कर जाँच में सहयोग करें और बयान दर्ज कराने के लिए वीपी पुलिस थाने में मौजूद हों।

5 अक्टूबर को समित ठक्कर ने वीपी रोड पुलिस थाने में अपने दो वकीलों के साथ आए और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान मुंबई पुलिस की साइबर सेल टीम भी मौजूद थी, इसके बाद ठक्कर वाशरूम जाने का बहाना बना कर थाने से भाग गया। 9 अक्टूबर को समित ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान बयान दिया था कि वह थाने से इसलिए भागा क्योंकि उसे डर था कि साइबर सेल की टीम उसे गिरफ्तार कर लेगी। फिर अदालत ने अपने आदेश में कहा कि फ़िलहाल समित पर किसी भी तरह की कार्रवाई न की जाए और पुलिस एफ़आईआर की कॉपी उपलब्ध करा कर उसका बयान दर्ज कराए। 

जारी किए गए आदेशानुसार 16 अक्टूबर को दोबारा ठक्कर को पुलिस थाने में पेश होना था लेकिन वह पेश नहीं हुआ। 23 अक्टूबर को ठक्कर के अधिवक्ता ने अभिनव चंद्रचूड़ उसकी जगह पर पेश होने से मना कर दिया था साथ ही ‘ब्रीफ़’ भी लौटा दी। इसके बाद अधिवक्ता रसपाल सिंह रेनू ने न्यायालय क इस बात की जानकारी दी कि चंद्रचूड़ ने ब्रीफ़ लौटा दी है और नया अधिवक्ता प्रदान करने के लिए मोहलत दी जाए।

ठक्कर के समर्थन में ट्विटर पर #BabyPenguin कर रहा है ट्रेंड

समित ठक्कर को कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किए जाने पर सोशल मीडिया यूजर्स उसके समर्थन में उतर आए और ट्विटर पर #BabyPenguin ट्रेंड करने लगा। ठक्कर पर आरोप है कि उसने आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का ‘मोहम्मद आज़म शाह’ उर्फ़ ‘बेबी पेंगुइन’ कहा था। इसके अलावा ठक्कर ने उद्धव ठाकरे को आधुनिक युग का ‘औरंगज़ेब’ कहा था और नितिन राउत पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। 

क्यों कहा जाता है आदित्य ठाकरे को बेबी पेंगुइन 

सोशल मीडिया पर अक्सर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का ‘पेंगुइन’ कहकर मजाक बनाया जाता है। इसके पीछे वजह यह है कि महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस सरकार के दौरान उन्होंने मुंबई के चिड़ियाघर में पेंगुइन लाने पर जोर दिया था।

आदित्य ठाकरे की जबरदस्ती पर पेंगुइन को दक्षिण कोरिया के सियोल से मुंबई चिड़ियाघर में लाने के लिए एक असफल परियोजना शुरू की गई थी। और फिर इसके लिए कृत्रिम वातावरण बनाया गया था, लेकिन कुछ दिनों के बाद, कुछ पेंगुइन्स की मौत हो गई।

मुंबई में मौसम ऐसे पक्षियों के अनुकूल नहीं है और ऐसे प्रोजेक्ट पर अनावश्यक रूप से पैसा लगाया गया। पेंगुइन के प्रति आदित्य ठाकरे परिवार और उनकी पार्टी के लगाव के कारण ही उन्हें ‘बेबी पेंगुइन’ नाम देकर मजाक बनाया जाता है।

अतीक अहमद के 11 बैंक खातों को योगी सरकार ने किया सीज, ₹250 करोड़ की संपत्ति हो चुकी धूल

उत्तर प्रदेश के कथित बाहुबलियों पर हो रही कार्रवाई के क्रम में अतीक अहमद के कई बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी (PDA) द्वारा पूर्व सांसद की 200 करोड़ रुपए से भी अधिक की सम्पत्तियों को नेस्तनाबूत किए जाने के बाद अब जिला प्रशासन उसके 11 बैंक खातों को कुर्क करने की कार्रवाई में जुट गया है। बैंकों को पत्र भेज कर इन खातों को सीज किया जाएगा और उसमें पड़े रुपए भी जब्त होंगे।

प्रयागराज के डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत ये कार्रवाई करने का आदेश दिया है। शुक्रवार (अक्टूबर 30, 2020) तक इन बैंक खातों की जब्ती की प्रक्रिया पूरी कर के डीएम को रिपोर्ट भेजी जानी है। उसने कई शहरों के कई बैंकों में खाते खुलवा रखे थे। मौजूदा बैंक खातों में से 7 प्रयागराज में, 2 नई दिल्ली में और 2 बलरामपुर में हैं। दिल्ली पार्लियामेंट हाउस की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच और लखनऊ सचिवालय के बैंक अकाउंट की जब्ती की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।

वहीं उसकी एक और संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया पूरी की गई है। शनिवार को अतीक अहमद के 450 वर्ग गज के एक प्लॉट को जब्त कर लिया गया। शहर के धूमनगंज थाना क्षेत्र के नीम सरांय कालोनी में प्रयागराज कानपुर हाईवे पर स्थित इस प्लॉट की कीमत 4.5 करोड़ रुपए है। प्रशासन ने अपनी जाँच में पाया है कि अतीक अहमद ने अपनी अवैध कमाई से इसे बनवाया था। इस जगह को सरकारी कब्जे में लेकर यहाँ सरकार का बोर्ड लगा दिया गया है।

‘Zee News’ की खबर में दिए गए आँकड़ों के अनुसार, अतीक अहमद की अब तक 200 करोड़ रुपए से अधिक की सम्पत्तियों को जब्त किया जा चुका है। इसके साथ ही उसके कई गुर्गों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की गई है। उसके गुर्गों की 50 करोड़ रुपए की संपत्ति पर बुलडोजर चला है। इस तरह से कुल आँकड़ा 250 करोड़ रुपए हो जाता है। अभी कार्रवाई रुकी नहीं है और उसकी और सम्पत्तियों को नेस्तनाबूत किया जाना है।

हाल ही में पंजाब के जेल में बंद विधायक मुख़्तार अंसारी के करीबी आजम कादरी के गाजीपुर स्थित अस्पताल सहित अवैध सम्पत्तियों को ध्वस्त किया गया। वहाँ स्थित उसकी ‘शम्म-ए-हुसैनी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर’ अस्पताल को बुलडोजर की मदद से धूल में मिला दिया गया, जो अवैध रूप से कब्ज़ा की गई ज़मीन पर बनी हुई थी। मुख़्तार अंसारी के करीबी आजम ने हमीद सेतु के पास व गंगा के ठीक किनारे इस अस्पताल को बनवाया हुआ था। 

बायडेन ने ‘चुराया’ भाजपा का ‘बिहार मॉडल’: जीतने पर अमेरिकी नागरिकों को देंगे फ्री वैक्सीन

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बायडेन (Joe Biden) ने अपने देशवासियों से वादा किया है कि अगर उनकी जीत होती है तो वो मुफ्त में कोरोना वायरस की वैक्सीन मुहैया कराएँगे। उन्होंने शुक्रवार (अक्टूबर 23, 2020) को कहा कि अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं तो सभी अमेरिकी नागरिकों को मुफ्त कोरोना वैक्सीन मिलेगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और प्रभावशाली वैक्सीन के आते ही ये सबके लिए उपलब्ध होनी चाहिए, भले ही किसी ने स्वास्थ्य बीमा कराया हो या नहीं।

अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में अब 10 दिन से भी कम समय शेष है। हालाँकि, अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प भी कह चुके हैं कि अगले कुछ हफ़्तों में वैक्सीन आ जाएगी और इसे सबके लिए मुफ्त होनी चाहिए। लेकिन, 2.25 लाख अमेरिकी नागरिकों के मारे जाने के बाद जो बायडेन कोरोना वायरस के खिलाफ कमजोर तैयारी के लिए ट्रम्प को घेर रहे हैं।

बायडेन ने कहा कि ये वायरस पिछले कुछ दशकों में आई सबसे बड़ी आपदा है और ये धीमा होने का नाम ही नहीं ले रहा है, इससे अमेरिका के सभी प्रांतों के लोग मर रहे हैं। 77 वर्षीय राष्ट्रपति उम्मीदवार ने कहा कि वायरस के आने के 8 महीने बीत जाने के बावजूद डोनाल्ड ट्रम्प के पास इससे निपटने के लिए कोई योजना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प ने हाथ खड़े कर दिए हैं और इतनी संख्या में हुई मौतों पर वो चुप हैं।

उन्होंने कहा कि वो जैसे ही जीतेंगे, कोरोना वायरस से आगे निकलने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि जीवन पहले की तरह पटरी पर लौट सके। उन्होंने कहा कि वो एक ‘नेशनल टेस्टिंग प्लान’ तो बनाएँगे ही, साथ में ही सरकारी इमारतों और ट्रांसपोर्ट्स में ‘नेशनल मास्क मैंडेट’ की भी घोषणा करेंगे। उन्होंने सत्ता में आते ही कॉन्ग्रेस में इससे सम्बंधित बिल पारित कराने का वादा किया है।

बता दें कि बिहार चुनाव में घोषणापत्र जारी करते हुए भाजपा ने भी सरकार बनने के बाद सभी को मुफ्त में कोरोना वायरस की वैक्सीन मुहैया कराने का वादा किया है। इसके बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि केवल बिहार के लिए ऐसा किया जा रहा है। जबकि सच्चाई ये थी कि ये स्वास्थ्य योजनाओं को लागू करने का दायित्व राज्य सरकारों पर होता है और भाजपा ने बिहार में सरकार बनने पर मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराने का वादा किया।

शिवसेना के संजय राउत तो भाजपा से यहाँ तक पूछ बैठे कि बाकी राज्य पाकिस्तान में हैं क्या? विपक्षी दलों और मीडिया ने इसे ‘केवल बिहार में मुफ्त वैक्सीन’ कह कर प्रचारित किया, जिससे दूसरे राज्यों में संशय का माहौल बने। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और हर पार्टी ये घोषणा करने को स्वतंत्र है कि वो सत्ता में आने पर क्या करेगी। हालाँकि, यही विपक्षी नेता जो बायडेन के बयान पर चुप हैं।

अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की हवा को गंदा बता दिया था। इसके जवाब में बायडेन ने उन्हें दिलाया कि ‘दोस्तों’ के लिए ऐसे शब्दों का उपयोग नहीं किया जाता और ये वैश्विक क्लाइमेट चेंज से निपटने का तरीका नहीं है। रिपब्लिकन उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार कमला हैरिस भी भारतीय-तमिल मूल की हैं। बायडेन ने कहा था कि रूस और चीन गंदे हैं, भारत गन्दा नहीं है। हालाँकि, ट्रम्प भी भारतीय मूल के वोटरों को रिझाने में लगे हुए हैं।

ये भी याद करने की ज़रूरत है कि 1992 में अमेरिकी सीनेट के फॉरेन रिलेशंस कमिटी ने रूस से कहा कि वो भारत के साथ 250 मिलियन डॉलर के करार पर आगे बढ़ा तो उसे 24 बिलियन डॉलर की अमेरिका की आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। कमिटी के तब अध्यक्ष रहे जो बायडेन ने तब इसे ‘खतरनाक’ बताते हुए इसे रोकने के लिए प्रस्ताव दिया था। उन्होंने इसे मानवाधिकार और आर्म्स करारों के उल्लंघन के साथ जोड़ कर देखा था। जबकि, तत्कालीन राष्ट्रपति सीनियर बुश को इससे कोई आपत्ति नहीं थी।

‘संजुक्ता बासु घिनौना जीव है’ – TimesNow को यह कहने के लिए माँगनी होगी माफी

न्यूज़ ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने टाइम्स नाउ को आदेश दिया है कि वह राहुल गाँधी की घनघोर प्रशंसक संजुक्ता से माफ़ी माँगे। इसकी वजह यह है कि टाइम्स नाउ ने संजुक्ता बासु को हिन्दू हेटर (Hindu Hater) कह कर संबोधित किया था और इन दावों का खंडन करने का मौका भी नहीं दिया। 

क्या है मामले की पृष्ठभूमि 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार टाइम्स नाउ ने 6 अप्रैल 2018 में एक कार्यक्रम का प्रसारण किया था, जिसमें संजुक्ता बासु को ‘हिन्दू हेटर’, ‘आर्मी हेटर’, ‘राहुल गाँधी की ट्रोल आर्मी’ और ‘वाइल क्रियेचर’ (घिनौना जीव) जैसे नामों से संबोधित किया था। इस पर संजुक्ता बासु ने आरोप लगाया था कि टाइम्स नाउ ने इस विवाद में उनका नाम बेहद अपमानजनक और अभद्र तरीके से घसीटा है। इसके बाद कॉन्ग्रेस की परम प्रिय संजुक्ता ने यह भी कहा कि इस मामले पर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया। 

संजुक्ता ने कहा, “मेरा ऐसा मानना है कि कार्यक्रम विश्वसनीय नहीं था क्योंकि उसका आधार ही गलत था और उसमें दिए गए तर्क भी बेहद सीमित थे। मिसाल के तौर पर उन्होंने (टाइम्स नाउ) ने खुद यह बात स्वीकार की थी कि 6 अप्रैल 2018 को भाजपा नेता अमित शाह द्वारा किए गए किसी ‘कुत्ते बिल्ली हँसी मज़ाक’ की प्रतिक्रिया में यह कार्यक्रम प्रसारित किया गया था।

संजुक्ता बासु के NBSA में शिकायत दर्ज कराने के 19 महीने के बाद टाइम्स नाउ को यह आदेश दिया गया। इस मामले के संबंध में हो रही सुनवाई पर NBSA की निष्क्रियता को देखते हुए संजुक्ता बासु ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद समूह ने मामले में दखल दिया और टाइम्स नाउ को माफ़ी माँगने का आदेश दिया। 

NBSA का आदेश – सीधे प्रसारण के दौरान माँगी जाए माफ़ी

NBSA ने अपने आदेश कहा है कि 27 अक्टूबर को टाइम्स नाउ संजुक्ता बासु के नाम का बड़े अक्षरों में उल्लेख करते हुए (ऑन एयर) माफ़ी माँगे। 

आदेश में लिखा है, “हम इस बात पर खेद जताते हैं कि 6-04-2018 को टाइम्स नाउ चैनल पर रात 8 बजे प्रसारित किए गए India Upfronr@ और 9 बजे प्रसारित किए गए “The Newshour Debate’@ के संबंध में हमने संजुक्ता बासु की शिकायत का पक्ष शामिल नहीं किया। इसलिए रिपोर्टिंग के दौरान निष्पक्षता और तटस्थता के सिद्धांतों की अवहेलना करने की बात को ध्यान में रखते हुए इस बात पर स्पष्टीकरण देते हैं कि इसका उद्देश्य संजुक्ता बासु का अपमान करना नहीं था।” 

चैनल को इस बात का भी आदेश दिया गया है कि वह एक हफ़्ते के भीतर माफ़ी माँगने के प्रसारण की सीडी भी उपलब्ध कराए। इसके अलावा टाइम्स नाउ को यह आदेश भी दिया गया है कि वह एक हफ़्ते के अंदर अपनी वेबसाइट और यूट्यूब पर मौजूद इस मामले से जुड़े हर अपमानजनक वीडियो लिंक भी हटा दे।

संजुक्ता बासु ने राहुल गाँधी को दिया इस जीत का श्रेय

संजुक्ता बासु ने इस बात के लिए पूरा श्रेय राहुल गाँधी को दिया है। संजुक्ता बासु ने कहा कि राहुल गाँधी से मुलाक़ात के बाद यह लड़ाई शुरू हुई और इस वजह से यह ऐतिहासिक है। 

वह इस बात से उत्साहित थीं कि टाइम्स नाउ द्वारा ‘हिन्दू हेटर’ कहे जाने के बावजूद राहुल गाँधी ने उनसे मुलाक़ात करने में झेंपने की बजाय ट्विटर पर फॉलो बैक किया। 

संजुक्ता बासु के मुताबिक़ पुलवामा भीतर का षड्यंत्र था

पुलवामा में हुए भयावह आतंकवादी हमले के कुछ ही घंटे बाद संजुक्ता बासु ने पाकिस्तान प्रायोजित सीआरपीएफ़ जवानों पर हुए हमले को देश के भीतर की साजिश घोषित किया था। बिना किसी का नाम लिए उनका कहना था कि यह हमला भारतीय जनता पार्टी के निर्देश पर हुआ है। 

राहुल गाँधी भी करते हैं फॉलो 

पिछले साल 2019 के लोकसभा चुनावों में हार के कुछ हफ़्तों बाद राहुल गाँधी ने संजुक्ता बासु को फॉलो किया था। राहुल गाँधी ने ऐसा तब किया था, जब संजुक्ता बासु ने कहा था कि ट्विटर पर सिर्फ उनकी और राहुल गाँधी की बात को अहमियत दी जाती है। 

इस मामले में भी बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि ट्विटर पर ऐसे सिर्फ 2 लोग हैं, जिनकी आवाज़ कुछ महत्वपूर्ण है और इन दोनों को ही चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आखिरकार अंतरिक्ष तकनीक के आधुनिकरण से ऐसे दो लोगों को क्यों फर्क पड़ना चाहिए, जिनकी बातों का ट्विटर पर महत्व है।

इसके बाद संजुक्ता ने यहाँ तक कह दिया कि सिर्फ इन दो लोगों को ही देश के भविष्य की चिंता है। इसके बाद उन्होंने खुद ही बताया था कि उन दो लोगों में एक वह खुद हैं और दूसरा आप लोग (नेटिज़न्स/फॉलोअर्स) बताएँ। 

अगले दिन जब उस दूसरे व्यक्ति को कोई नहीं पहचान पाया, तब उन्होंने खुद इस बात की घोषणा कर दी कि ट्विटर पर पूरे दिल से काम करने वाले दूसरे व्यक्ति राहुल गाँधी हैं। इसके बाद संजुक्ता बासु ने कहा कि राहुल गाँधी ने शीला दीक्षित ने निधन पर ट्वीट किया, कश्मीर को लेकर ट्रंप के बयान का पर ट्वीट किया, इन दोनों बातों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था। 

इतना ही नहीं राहुल गाँधी के इस्तीफ़े ने संजुक्ता बासु की आँख में आँसू ला दिए थे। 

संजुक्ता बासु इतनी अवसादग्रस्त को गई थीं कि उन्होंने देश को ही ‘गुडबाय/अलविदा’ कह दिया था। हालाँकि फ़िलहाल वह भारत में ही रह रही हैं।