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हरामखोर = आलसी, PoK पाकिस्तान का हिस्सा: कॉन्ग्रेसी नेता अर्शी खान ने टीवी डिबेट में दिया ये सारा ज्ञान

बिग बॉस शो से फेम कमा कर साल 2019 में कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़ने वाली अर्शी खान ने टीवी डिबेट के दौरान एक हैरान करने वाला दावा किया। उन्होंने ऑन टीवी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बता डाला।

भाजपा नेता संबित पात्रा के साथ डिबेट करते हुए अर्शी खान लगातार PoK को पाकिस्तान का हिस्सा बताती रहीं। हालाँकि बीच में जब भाजपा नेता ने उनसे पूछा कि क्या वह PoK का मतलब भी जानती हैं? तो उन्होंने सवाल का जवाब देने की बजाय निराधार बहस जारी रखी।

भाजपा नेता संबित पात्रा उन्हें समझाते रहे कि PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है और किसी भी स्थिति में उसे पाकिस्तान का अंग नहीं बताया जा सकता है।

इसके बाद जब पात्रा ने उनसे सवाल किया कि क्या वह शिवसेना नेता संजय राउत के उस बयान का समर्थन करती हैं, जिसमें कंगना रनौत को उन्होंने ‘हरामखोर लड़की’ कहा? तो इस सवाल का जवाब देते हुए अर्शी खान कहती हैं कि हरामखोर कोई गाली नहीं है।

अर्शी खान ने पूरे मुद्दे को ‘हलाल’ और ‘हराम’ से जोड़ते हुए दावा किया कि ‘हलाल’ मतलब ऐसा इंसान जो कड़ी मेहनत करता है और जो ऐसा नहीं करता या आलसी और निकम्मा होता है, उसे ‘हराम’ कहा जाता है।

बता दें, हलाल और हराम अरबी शब्द हैं। इनमें ‘हलाल’ को इस्लाम में जायज माना जाता है और ‘हराम’ को इस्लामी कानून के मुताबिक निषिद्ध माना गया है। इस्लामी कानून के मुताबिक जिन कार्यों को अल्लाह ने गलत बताया है, वो सभी हराम होते हैं यानी अर्शी खान के मुताबिक हरामखोर वो होता है जो ‘हराम’ कार्यों को करता है, जिन्हें अल्ला ने मना किया हुआ है।

कौन हैं अर्शी खान?

गौरतलब है कि बिग बॉस में आने के बाद अर्शी खान ने साल 2019 में कॉन्ग्रेस को ज्वाइन किया था। उससे पहले उनकी एक तस्वीर विवादों का हिस्सा बनी थी। जिसमें उन्होंने अपने शरीर पर पाकिस्तान के झंडे को पेंट करवाकर फोटो खिंचवाई थी।

जानकारी के मुताबिक, अर्शी खान अफगानिस्तान में पैदा हुई थीं। लेकिन मात्र 4 साल की उम्र में वह भारत आ गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पाकिस्तान प्रेम को कई बार जाहिर किया है। साथ ही वहाँ की नागरिकता पाने की इच्छा भी जताई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्शी खान ने एक बार पाकिस्तान रिएलिटी शो ‘अर्शी का स्वयंवर’ में भाग लेने का निर्णय भी ले लिया था। जिसके लिए उन्हें 2 करोड़ रुपए ऑफर दिए गए थे। हालाँकि दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी ये नहीं बताया कि उन्हें किस न्यूज चैनल ने ऑफर किया था।

‘जिस थाली में खाते हो…’ – जया बच्चन ने बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला स्वीकारने के बजाय BJP सांसद रवि किशन को घेरा

जहाँ एक तरफ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड के ड्रग्स नेटवर्क और कंगना रनौत के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई पर अमिताभ बच्चन की चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, राज्यसभा में संसद सत्र के दौरान उनकी पत्नी और समाजवादी पार्टी से सांसद जया बच्चन ने उलटा गोरखपुर के भाजपा सांसद रवि किशन पर ही निशाना साध दिया। रवि किशन ने बॉलीवुड के ड्रग्स नेटवर्क को लेकर आवाज़ उठाई थी।

जया बच्चन ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल मुट्ठी भर लोगों के कारण आप पूरे बॉलीवुड को ड्रग्स एडिक्टेड नहीं बता सकते, उनकी छवि नहीं खराब कर सकते। रवि किशन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद भी करते हैं। साथ ही सरकार पर ऐसी ‘भाषा’ पर लगाम लगाने को भी कहा। उन्होंने ‘बॉलीवुड को बदनाम करने की साजिश’ पर सदन में जीरो आवर नोटिस भी दिया।

जया बच्चन ने रवि किशन पर निशाना साधते हुए कहा कि वो इस बात से शर्मिंदा हैं कि एक दिन पहले उसी सांसद ने बॉलीवुड में ड्रग्स की बात करते हुए पूरी इंडस्ट्री को भला-बुरा कहा, जो इसी का एक हिस्सा हैं। संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान जया बच्चन ने ये बातें कही। बता दें कि एनसीबी ने ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद ये चर्चा जोरों पर है।

बता दें कि अभिनेता और सांसद रवि किशन ने संसद में बॉलीवुड के ड्रग्स नेटवर्क का मुद्दा उठाया था। बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमा चुके अभिनेता ने ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा था कि ये पड़ोसी देशों की साजिश है। उन्होंने एनसीबी की कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा था कि कई लोगों को पकड़ा भी गया है लेकिन वो केंद्र सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान और चीन से ड्रग्स तस्करी काफी बढ़ गई है, जिससे हमारे युवा बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि पंजाब और नेपाल के रास्ते भारत में ड्रग्स की अवैध सप्लाई की जा रही है। उन्होंने पड़ोसी देशों की इस साजिश का अंत करने के लिए इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जल्द से जल्द गिरफ़्तारी की माँग की थी। अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन को ये नागवार गुजरा और इसीलिए उन्होंने गोरखपुर सांसद पर निशाना साधा।

8000 गरीब पुजारियों को ₹1000 का मासिक भत्ता और मुफ्त आवास: चुनाव से पहले ममता बनर्जी की ‘हिंदू राजनीति’

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सियासी खेल शुरू हो गए हैं। हाल में भाजपा अध्यक्ष जय प्रकाश नड्डा ने ममता बनर्जी पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया था। हालाँकि ममता बनर्जी ने आरोपों से मुक्ति पाने के लिए कल ब्राह्मणों के लिए बड़ा ऐलान कर दिया। ममता सरकार ने साल 2021 के चुनावों से पहले राज्य के 8000 से अधिक गरीब सनातन ब्राह्मण पुजारियों को 1000 रुपए का मासिक भत्ता और मुफ्त आवास देने की घोषणा की।

बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “हमने पहले सनातन ब्राह्मण संप्रदाय को कोलाघाट में एक अकादमी स्थापित करने के लिए भूमि प्रदान की थी। इस संप्रदाय के कई पुजारी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। हमने उन्हें प्रतिमाह 1,000 रुपए का भत्ता प्रदान करने और राज्य सरकार की आवासीय योजना के तहत मुफ्त आवास प्रदान करके उनकी मदद करने का फैसला किया है।”

इसके अलावा उन्होंने हिंदी अकादमी और दलित अकादमी स्थापित करने की भी बात की। उन्होंने हिंदी दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है और उसमें भाषायी आधार पर पूर्वग्रह नहीं है।

उन्होंने कहा, “हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं। हमने एक नई हिंदी अकादमी स्थापित करने का निर्णय किया है। हमने एक दलित साहित्य अकादमी भी स्थापित करने का निर्णय किया है। दलितों की भाषा का बंगाली भाषा पर प्रभाव है।”

ममता बनर्जी ने सोमवार को जिलों में मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे के नवीनीकरण की योजना का भी अनावरण किया। इस दौरान ममता ने अपनी सरकार के ‘सर्व धर्म समन्वय’ प्रस्ताव के तहत बिष्णुपुर के बंकुरा स्थित 14वीं शताब्दी के मंदिरों के जीर्णोद्धार पर विशेष जोर दिया।

यहाँ बता दें कि ममता बनर्जी का यह कदम जेपी नड्डा के आरोप लगाने के बाद आया है। इसलिए इस पर सवाल उठने लाजिमी हैं। ममता सरकार को हमेशा अल्पसंख्यकों के प्रति झुकाव और उनके अनुसार बनाई गई नीतियों के लिए घेरा जाता रहा है। इससे पहले बंगाल में इमाम और मुअज्जिनों को वक्फ स्टेट बोर्ड से इसी तरह का भत्ता मिलता आया है। इसके लिए बोर्ड को टीएमसी सरकार से ग्रांट मिलती है।

क्या कहा था भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने?

आगामी चुनावों के मद्देनजर जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि 5 अगस्त को जब राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ उसी दिन ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन लगा दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करके उन्होंने करोड़ों लोगों की इच्छाओं को कुचलने का काम किया। ये अलग बात है कि बकरीद में लॉकडाउन हटा लिया गया था। जो यह दर्शाता है कि राज्य सरकार की नीतियाँ हिंदू विरोधी मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित हैं।”

पश्चिम बंगाल में होने वाली राजनीतिक हत्याओं का मुद्दा उठाते हुए नड्डा ने पूछा कि यह जंगलराज नहीं तो क्या है? उन्होंने कहा, “100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मारा गया है। दुख होता है, यह जो अपने आप को लोकतंत्र के चैंपियन कहते हैं, ऐसे मौकों पर उनकी आवाज नहीं निकलती है। हमें इसी मानसिकता को हटाना है।”

रिया, शौविक पर कसा शिकंजा: ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क के 6 और लोग गिरफ्तार, NCB ने कहा – ‘डायरेक्ट/इनडायरेक्ट लिंक है’

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले से जुड़े ड्रग नेक्सस से संबंधित 6 और लोगों को गिरफ्तार किया है। करमजीत सिंह, ड्वेन फर्नांडिस, संकेत पटेल, अंकुश अरनेजा, संदीप गुप्ता और आफताब फतेह अंसारी को गिरफ्तार किया गया है।

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में इन सभी 6 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। NCB ने सोमवार (14 सितंबर, 2020) को कहा कि ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपित ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हैं और ये सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती और सुशांत राजपूत से जुड़े हुए हैं।

NCB ने अपने रिमांड आवेदन में कहा कि रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ नशीले पदार्थों की कथित खरीद, सप्लाई करने और उसका उपयोग करने से संबंधित मामले में इन 6 को गिरफ्तार किया गया है। NCB के सूत्रों की मानें तो ड्वेन रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती के सीधे संपर्क में था।

शौविक के स्कूली दोस्त करमजीत पर आरोप है कि उसने सुशांत के कर्मचारी दीपेश सावंत और घर के मैनेजर सैमुअल मिरांडा के माध्यम से 10 से अधिक बार ड्रग्स सप्लाई की थी। करमजीत को NCB ने शौविक को ड्रग्स उपलब्ध कराने के आरोप में हिरासत में लिया।

रिया, उसके भाई शौविक और सुशांत राजपूत से इन ड्रग्स पेडलर का लिंक बताते हुए NCB अधिकारियों ने अदालत को बताया कि अंकुश अर्नेजा ने अनुज केशवानी से हशीश और MDMA खरीदा, जो पश्चिमी मुंबई में ड्रग्स का कारोबार करता है। इतना ही नहीं, NCB ने छापे के दौरान केशवानी से बड़ी मात्रा में नशीले ड्रग्स बरामद किया था।

ड्रग पेडलर केशवानी एक अन्य ड्रग पेडलर काजान इब्राहिम के सीधे संपर्क में था। काजान इब्राहिम इस मामले में अभी जमानत पर बाहर है। इब्राहिम ही वो शख्स है, जिसने दीपेश सावंत को ड्रग्स दिए थे। शौविक चक्रवर्ती के कहने पर दीपेश सावंत रिया चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत के सीधे संपर्क में था।

NCB अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि अनुज अरनेजा एक अन्य गिरफ्तार आरोपित करमजीत सिंह के भी संपर्क में था। करमजीत तो डायरेक्टली शौविक के संपर्क में था। ये दोनों (करमजीत और शौविक) व्हाट्सएप चैट से ड्रग्स की खरीद या सप्लाई के बारे में बात करते थे।

आपको बता दें कि शौविक चक्रवर्ती ने NCB के सामने कथित तौर पर स्वीकार कर लिया था कि रिया के कहने पर उसने ड्रग्स खरीदे थे। इतना ही नहीं, शौविक का दावा है कि रिया ने उसके अलावा सुशांत के पूर्व मैनेजर सैमुएल मिरांडा से भी ड्रग्स मँगाए, क्योंकि वह कई ड्रग तस्करों के संपर्क में था।

मीडिया ने तो 5 ही बताए थे… लेकिन लव जिहाद के 12 मामले मिले SIT को कानपुर में: इस्लामी संगठन की भूमिका पर जाँच

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पिछले दिनों लव जिहाद के बढ़ते मामलों की जाँच के मद्देनजर एसआईटी का गठन हुआ था। अब खबर है कि इस एसआईटी ने अपनी पड़ताल में एक दर्जन मामले ऐसे पकड़े हैं, जहाँ विवाह के लिए धर्म परिवर्तन करवाया गया। एसआईटी इनका पता लगाने के बाद ये जानने की कोशिश कर रही है कि कहीं इनके पीछे किसी संगठन का तो हाथ नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर की अगुवाई वाली एसआईटी ने हाल में ‘लव जिहाद’ के एक दर्जन से ज्यादा मामले पकड़े हैं। इनमें ज्यादातर मामले जूही इलाके से हैं। अब एसआईटी इस बात की जाँच करेगी कि कहीं लव जिहाद रैकेट में किसी कथित इस्लामी संगठन का तो हाथ नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शालिदी यादव से फातिमा बनी युवती के केस का खुलासा होने के बाद से हिंदूवादी संगठनों ने कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल से मिल कर लव जिहाद के मामलों की जाँच की माँग की थी। इसी माँग को पुलिस महानिरीक्षक ने स्वीकारते हुए एसआईटी के गठन का आदेश दिया था, जिसका नेतृत्व बाद में दीपक भूकर को सौंपा गया।

अपर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर की अगुवाई वाली इस टीम का काम हिन्दू लड़कियों को बरगलाकर कथित रूप से शादी के बहाने उनका धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के काम करने के तरीकों तथा अन्य पहलुओं की जाँच करना था।

यहाँ बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कानपुर में विवाह के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने की बात जान कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही ये बात स्पष्ट की थी कि सरकार किसी भी तरह का लव जिहाद बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए थे कि कार्ययोजना बना कर ऐसी घटनाओं को चिह्नित किया जाए और फिर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि ‘लव जिहाद’ से न सिर्फ़ सांप्रदायिक माहौल बिगड़ता है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा का मामला भी इससे जुड़ा हुआ है। मजहब की आड़ में महिलाओं पर अत्याचार रोकने के लिए सरकार सतर्क है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने भी ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ने की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि अगर इस मामले में नए क़ानून की भी आवश्यकता होगी तो विचार किया जाएगा।

पिछले दिनों हमने देखा कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके खासकर कानपुर में लव जिहाद के तमाम मामले उजागर हुए। चाहे फिर वह जूही कालोनी की शालिनी यादव का हो या लखीमपुर खेरी की वह 18 वर्षीय दलित जिसके शव को काट कर किसी दिलशाद ने तालाब में फेंक दिया था। इसके बाद पंकी मामला जहाँ मोहसिन और आमिर को मुस्कान केस में गिरफ्तार किया था और फिर गोविंद नगर का केस जहाँ ‘काला जादू करके’ लड़की का ब्रेनवॉश किया और उसका धर्मपरिवर्तन कराया गया। ये सभी मामले कानपुर से आने के बाद इन मामले में एसआईटी की टीम अब वहाँ लव जिहाद मामले की जाँच में जुटी है।

लव जिहाद का ट्रेनिंग ग्राउंड है जूही कॉलनी?

कानपुर की जूही कॉलनी के संप्रदाय विशेष के लड़कों का हिंदू लड़कियों से अफेयर गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन अगर इसमें कोई पैटर्न या ट्रेंड दिखता है तो जरूर सोचनीय है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार इस कॉलनी के संप्रदाय विशेष के लड़के संगठित लव जिहाद कर रहे हैं।

पिछले 2 महीने में कानपुर इलाके में घर से भागी 5 लड़कियाँ। इन पाँचों लड़कियों के भागने और जिन आरोपितों के संग वो भागीं, पूरी रिकॉर्ड्स दैनिक जागरण के पास है। जूही कॉलनी में चल रहे लव जिहाद का संगठित नेक्सस या ट्रेनिंग इन्हीं पाँचों भागी लड़कियों के आधार पर समझ सकते हैं।

  • भागी शालिनी यादव – आरोपित मोहम्मद फैसल – रहने वाला जूही कॉलनी का
  • कल्याणपुर के आवास विकास निवासी दो सगी बहनें भागीं – आरोपित शाहरुख (पिता का नाम कमाल) और शाहरुख (पिता का नाम खलील) – रहने वाला दोनों जूही कॉलनी का
  • पनकी रतनपुर कॉलनी निवासी युवती व उसकी छोटी बहन – आरोपित मो. मोसीन, छोटी बहन सतर्क हुई तो मामला खुल गया – रहने वाला जूही कॉलनी का

जिन स्थानीय लोगों से बातचीत पर दैनिक जागरण की 20 दिन पहले आई यह रिपोर्ट आधारित है, उसके अनुसार आरोपित युवकों के कई लड़कियों से संबंध हैं। रिपोर्ट में यह भी संदेह जताई गई है कि अभी तक कुछ ही थानों के मामले निकाले गए हैं और 5 हिंदू लड़कियों के संप्रदाय विशेष के लड़कों से प्रेम-प्रसंग (जो एक ही इलाके से होने के कारण संगठित लव जिहाद की ओर इशारा कर रहे हैं) की बात सामने आई है लेकिन विभिन्न थानों में दर्ज भागने वाली लड़कियों की जाँच अगर अच्छे से की जाए तो यह संख्या एक दर्जन से अधिक होगी और सभी आरोपितों के तार जूही कॉलनी से जुड़े मिलेंगे।

स्पष्ट है कि जिस लव जिहाद की ओर 20 दिन पहले स्थानीय लोग इशारा कर रहे थे, SIT की जाँच में इनकी संख्या दर्जनों में निकलने वाली सच होती दिख रही है।

मंदिर में लाउडस्पीकर पर बवाल: 5 दिन में तीसरी घटना, पहले मार-पीट… अब परिणाम भुगतने की धमकी, एक्शन में UP पुलिस

उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित केमरी के सिघड़ियान मोहल्ले में मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर विवाद हो गया। इससे उत्पन्न हुए तनाव के बाद दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर के मामला शांत कराना पड़ा। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँच कर पूरे मामले को शांत कराया। मंदिर में लाउडस्पीकर को लेकर हुए विवाद के बाद उत्पन्न हुए तनाव के सम्बन्ध में 3 लोगों का चालान किया गया है।

इन तीनों पर इलाक़े की शांति भंग करने का आरोप लगाया गया है। ये घटना मोहल्ले के वार्ड नंबर-3 में स्थित एक शिव मंदिर का है, जो वर्षों पुराना है। इस मंदिर में शाम के समय अक्सर लोग जुटते थे और भजन-कीर्तन हुआ करता था। इसके लिए लाउडस्पीकर का भी प्रयोग किया जाता था। लेकिन, कोरोना संक्रमण आपदा के कारण लगाए गए लॉकडाउन के बाद सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।

कुछ दिनों पहले सरकार ने मंदिर में चुनिंदा लोगों को सोशल डिस्टेंडिंग का पालन करते हुए भजन-कीर्तन करने की अनुमति दे दी, जिसेक बाद ये क्रम फिर से शुरू हो गया। तभी समुदाय विशेष के कुछ युवक सड़क पर आकर हंगामा करने लगे। उन्होंने भजन-कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में लाउडस्पीकर तेज़ आवाज़ में बज रहा है और इसे लेकर हंगामा शुरू कर दिया।

चूँकि रामपुर के उस शिव मंदिर में पहले से ही इसी तरह से भजन-कीर्तन होता आ रहा था, इसीलिए श्रद्धालुओं ने लाउडस्पीकर बंद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने लगा। वहाँ मौके पर सूचना मिलने के बाद पहुँची पुलिस ने तीन व्यक्तियों शाहिद हुसैन, मुहम्मद आसिफ व नावेद अली को गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय शांति भंग करने के आरोप में उनका चालान भी काट दिया। पुलिस ने दोनों ही पक्षों से वार्ता की और उन्हें समझा-बुझा कर मामला शांत कराया।

मंदिर के लाउडस्पीकर से दिक्कत, बस जगह अलग

उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र स्थित एक गाँव में भी ऐसी ही घटना हुई, जहाँ महादेव मंदिर में आरती के दौरान ही एक युवक ने पहुँच कर हंगामा शुरू कर दिया और कहने लगा कि उसे लाउडस्पीकर की वजह से मोबाइल पर बात करने में परेशानी हो रही है। इस मामले में एक ग्रामीण ने मुन्ना, जमील और रहीस नामक युवकों के खिलाफ तहरीर दी है।

इन सभी युवकों ने न सिर्फ गाली-गलौज किया, बल्कि मंदिर में लाउडस्पीकर बजाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी तक दी। इसके बाद वहाँ बड़ी संख्या में लोग पहुँच गए। सूचना मिलने के बाद पहुँची पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। अभियोग पंजीकृत कर के तीनों आरोपितों से पूछताछ जारी है और गाँव में स्थिति नियंत्रण में है, ऐसा पुलिस ने बताया है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर अभी भी आक्रोश में हैं।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित एक गाँव में मंदिर के भीतर लाउडस्पीकर बजाने की वजह से कुछ युवकों ने स्वराज सिंह को बुरी तरह पीट दिया था। मारपीट करने वाले गुलज़ार, अफज़ल, शराफ़ समेत कुछ अन्य लोग थे। पुलिस द्वारा इस मामले में 3 आरोपितों को गिरफ्तार किए जाने की खबर आई थी। स्वराज सिंह ने बताया था कि कुछ युवक मौके पर लाठी और डंडे लेकर आए और उन्होंने बेटी के सामने खूब पीटा। 

सुशांत के हत्यारों और ड्रग्स स्कैंडल से आदित्य ठाकरे का है कनेक्शन: कंगना का दावा- इसलिए उद्धव उन्हें बना रहे निशाना

शिवसेना के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार और अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच विवाद शांत होता नहीं दिख रहा है। कंगना ने दावा किया है कि अपने बेटे आदित्य ठाकरे को बचाने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उन्हें निशाना बना रहे हैं। कंगना की माने तो बॉलीवुड माफिया, सुशांत सिंह राजपूत के हत्यारों और ड्रग्स रैकेट का आदित्य से कनेक्शन है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “महाराष्ट्र के सीएम की मूल समस्या यह है कि मैंने फिल्म माफिया, सुशांत सिंह राजपूत के हत्यारों और उसके ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया, जो उनके प्यारे बेटे आदित्य ठाकरे के साथ हैं। यह मेरा बड़ा अपराध है, इसलिए अब वे मुझे फिक्स करना चाहते हैं, ठीक है, देखते हैं कि कौन किसे फिक्स करता है।”

गौरतलब है कि मुंबई में 5 दिन बिताने के बाद कंगना रनौत सोमवार (सितंबर 14, 2020) को बहन रंगोली के साथ मनाली पहुँच गईं। उन्होंने चंडीगढ़ पहुँचते ही एक ट्वीट किया और बताया कि उन्हें पहले मुंबई में कैसा महसूस होता था और अब कैसा महसूस किया।

उन्होंने लिखा, “चंडीगढ़ मे उतरते ही मेरी सिक्योरिटी नाम मात्र रह गई है। लोग ख़ुशी से बधाई दे रहे हैं। लगता है इस बार मैं बच गई। एक दिन था जब मुंबई में माँ के आँचल की शीतलता महसूस होती थी। आज वो दिन है जब जान बची तो लाखों पाए। शिव सेना से सोनिया सेना होते ही मुंबई में आतंकी प्रशासन का बोल-बाला।”

इस ट्वीट से पहले कंगना ने अपने एक ट्वीट में बताया था कि वह भारी मन से वापस जा रही हैं। उन्होंने लिखा, “भारी मन से मुंबई से वापस लौट रही हूँ। जिस तरह मुझे इन दिनों परेशान किया गया, मेरे ऊपर अटैक किया गया, मुझे गलत चीजें बोली गईं, मेरा घर तोड़ने की धमकी दी गई और मेरा ऑफिस तोड़ा, सिक्योरिटी को हथियार के साथ मेरे आसपास रहने के लिए कहा गया, मुझे लगता है POK से तुलना करना सही था।”

बता दें कि कंगना रनौत 9 सितंबर को मुंबई आई थीं। उनके मुंबई पहुॅंचने से पहले बीएमसी ने उनके ऑफिस पर ‘अवैध निर्माण’ के चलते बुलडोजर चला दिया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसी दिन कंगना के ऑफिस में तोड़फोड़ पर रोक लगा दी थी, लेकिन उससे पहले ही बीएमसी काफी तोड़फोड़ कर चुकी थी।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही कंगना लगातार बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद और माफिया को लेकर मुखर हैं। मुंबई पुलिस पर उनके सवाल उठाने के बाद शिवसेना उन पर लगातार हमलावर हैं। पहले उन्हें मुंबई नहीं आने की धमकी दी गई। इसके बाद उनके ऑफिस पर कार्रवाई की गई। कंगना ने दावा किया था कि उनका घर गिराने की धमकी भी दी जा रही है। इसके बाद से ही यह वह लगातार शिवसेना और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर हमलावर हैं।

आगरा में बन रहे मुगल म्यूजिम का नाम बदलेगा, छत्रपति शिवाजी पर होगा नाम: CM योगी का ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने आगरा में बन रहे मुग़ल संग्रहालय का नाम बदलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा आगरा में निर्माणधीन म्यूज़ियम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम स्थापित किया जाएगा। ताजमहल के पूर्व में बन रहे इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 150 करोड़ रुपए है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है, “उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रवादी विचारों को पोषित करती है। गुलामी की मानसिकता के चिह्नों को छोड़ कर राष्ट्र के प्रति गौरवबोध कराने मुद्दों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे नायक हैं, मुग़ल किसी भी स्थिति में हमारे नायक नहीं हो सकते हैं।” उन्होंने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश है। नए उत्तर प्रदेश में गुलामी की मानसिकता के चिह्नों के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस सम्बंध में ट्वीट करते हुए जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्यटन विभाग को इस मामले में जल्द कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पर्यटन विभाग के मुख्य सचिव जितेन्द्र कुमार को इस मामले में जल्द कार्रवाई आगे बढ़ाने का आदेश दिया गया है। ख़बरों के मुताबिक़ पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के दौर से जुड़ी चीज़ें रखी जाएँगी। इसके अलावा आगरा में बन रहे संग्रहालय में मुग़ल काल से जुड़ी वस्तुओं और दस्तावेज़ों को भी रखा जाएगा।

योगी सरकार के आदेश के अनुसार पर्यटकों के लिए यहाँ कई तरह के विशेष प्रबंध किए जाएँगे। इसके अलावा सरकार संग्रहालय के भीतर ज़रदोज़ी और संगमरमर के पत्थरों पर हुई नक्काशी का छोटा केंद्र बनाने की तैयारी भी कर रही है। इस संग्रहालय के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार ने इस सम्बंध में पर्यटन विचाग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया है कि संग्रहालय में मराठाओं के इतिहास से जुड़ी चीज़ों को प्रदर्शित किया जाएगा।   

CM yogi adityanath announced mughal museum being built in agra will be named after chatrpati shivaji maharaj

मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे PFI और SDPI: तीस्ता सीतलवाड़ और नोमानी ने निजी बातचीत में कबूली

तीस्ता सीतलवाड़ और स्वराज अभियान से जुड़े वामपंथी कार्यकर्ता जिया नोमानी निजी तौर पर स्वीकार करते हैं कि पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठन देश के मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाते हैं।

समाचार चैनल टाइम्स नाउ द्वारा एक्सेस किए गए एक टेप में, स्वराज अभियान से जुड़े कार्यकर्ता जिया नोमानी को कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों द्वारा उत्पन्न खतरे को लेकर चिंता जताते हुए सुना जा सकता है।

टाइम्स नाउ द्वारा एक्सेस किए गए टेप में, ज़िया नोमानी तीस्ता सीतलवाड़ से कहते हैं, “मुझे पूरा यकीन है कि आप सभी को बेंगलुरु में होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को लेकर देश में सेट हो रहे नैरेटिव से काफी चिंता होगी। हम आरएसएस से लड़ने की बात करते हैं और अगर हम मुस्लिम समुदाय से आने वाले दक्षिणपंथियों से नहीं लड़ते हैं, तो हमें उनसे लड़ने का नैतिक अधिकार नहीं है। क्योंकि यह ढोंग है।”

जिया नोमानी ने आगे कहा, “अगर हम SDPI और PFI जैसे संगठनों से नहीं लड़ते हैं। अब हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं और हम इस पर बहस कर सकते हैं कि इस तरह के संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए या नहीं, लेकिन युवाओं के कट्टरता के लिए उन पर मुकदमा जरूर चलाया जाना चाहिए।” जिया नोमानी का यह भी कहना है कि एसडीपीआई और पीएफआई अपने वैचारिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए हिंसा का उपयोग करने के लिए तैयार रहते हैं।

नोमानी ने यह भी कहा, “उन्हें (मुस्लिमों) गलत बताया जाता है। उन्हें सिर्फ इतना बताया जाता है कि बाबरी मस्जिद टूट गया। अब हमें बदला लेना है, क्योंकि न्यायिक व्यवस्था हमारे समर्थन में नहीं है।”

तीस्ता सीतलवाड़ ने जवाब दिया, “जहाँ कहीं भी मुस्लिम समुदाय में इस तरह की प्रवृत्ति विकसित हो रही है, इसके खिलाफ कड़े बयान नहीं दिए जाते हैं और यह गलत है … मैं केवल इतना कहूँगी कि एसडीपीआई और पीएफआई हमारे जैसे लोगों और हमारे संगठनों के लिए के समस्यात्मक है। हमने उनके साथ सार्वजनिक मंच साझा नहीं करने के लिए एक सार्वजनिक स्टैंड लिया है।” इस बातचीत में वे दोनों निजी तौर पर इस बात से सहमत दिखाई देते हैं कि एसडीपीआई और पीएफआई वाकई खतरनाक हैं।

कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पीएफआई का हिंसा का इतिहास है। उनके सदस्य हिंसा के कई मामलों में जाँच के घेरे में हैं। दिल्ली दंगों की जाँच और नागरिकता संशोधन कानून के मद्देनजर देश भर में हुई हिंसा के दौरान पीएफआई की भूमिका संदिग्ध रही है और पीएफआई के कई सदस्यों को दंगों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है। हालाँकि, वामपंथी संगठन सार्वजनिक रूप से उनका विरोध करने में बहुत हिचकिचा रहे हैं, हालाँकि वे निजी तौर पर मानते हैं कि ये खतरनाक संगठन हैं।

चीनी सेना और सरकार से जुड़ी फर्म ने 24 लाख लोगों की निजी जानकारियाँ जुटाई, 10 हजार भारतीय भी

इस बात में कोई शक नहीं है कि तमाम डाटा एजेंसी पब्लिक डोमेन में मौजूद ज़रूरी लोगों की जानकारी इकट्ठा करती हैं। लेकिन चिंता की बात तब होती है जब वह डार्क वेब या हैकिंग की मदद से ऐसा कुछ करती हैं। चीन की डाटा फर्म ज्हेनहुआ (zhenhua) से जुड़ी कुछ ऐसी ही घटना सामने आई है। हाल ही में क्रिस्टोफर बल्डिंग और रोबर्ट पेटर एल द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ के अनुसार चीन पब्लिक डोमेन में मौजूद जानकारी इकट्ठा कर रहा है और वह भी अनैतिक तरीकों से। 

चीन अपने देश के घरेलू डोमेन में मौजूद निजी जानकारी इकट्ठा करने की बात स्वीकार करता है। लेकिन इस दस्तावेज़ के मुताबिक़ चीन पूरी दुनिया के लगभग 24 लाख लोगों की निजी जानकारी इकट्ठा करता है और उनकी निगरानी भी करता है। चीनी कंपनी चाइना रिवाइवल दुनिया भर के लाखों करोड़ों लोगों का Overseas Key Information Data Base (OKIDB) तैयार किया है। 

इसमें 24 लाख लोग, 65 हज़ार संस्थान, 250 करोड़ लेख और लगभग 230 करोड़ सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं। इससे भी ज़्यादा हैरानी की बात यह सामने आई है कि इस डाटा बेस में मौजूद 10 से 20 फ़ीसदी जानकारी पब्लिक डोमेन में मौजूद नहीं है। इसके अलावा डाटाबेस में लोगों के संपर्क, पारिवारिक संपर्क, पता, फोन नंबर, मेल आईडी, पद और काम जैसी अहम जानकारी भी शामिल है। 

इसके लिए चीनी कंपनी चाइना रिवाइवल ने लोगों के सोशल मीडिया पोस्ट, तस्वीर, लाइक्स, ट्वीट, रीट्वीट और शेयर जैसी निजी गतिविधियों से जानकारी निकाली है। इस बात पर भी संदेह जताया जा रहा है कि लोगों के बैंक, नौकरी और कागज़ात से सम्बंधित जानकारी भी निकाली गई है। इन सबसे ज़्यादा उल्लेखनीय बात यह है कि कंपनी चीन की सरकार को दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रसारित की जाने वाली ख़बरों की जानकारी भी देता है। ख़ासकर भारत में क्या दिखाया जाता है इस पर चीनी सरकार की निगरानी सबसे ज्यादा रहती है। 

चीन की यह कंपनी इस पूरी प्रक्रिया में हाइब्रिड वॉरफेयर की प्रक्रिया का भी इस्तेमाल कर रही है। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़ साल 1999 के दौरान चाइना पीपल लिबरेशन आर्मी (चीनी सेना) ने इसकी प्रस्तावना तैयार की थी। एक ऐसा वॉरफेयर जिसके ज़रिए सेना, राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों से ध्यान हटाया जाता है। दुनिया के तमाम जानकारों और विशेषज्ञों ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है।

कुछ ने तो यहाँ तक कहा है कि “चीन की तरफ से इस तरह की बड़े पैमाने पर डाटा चोरी होती रहती है। दुनिया के लिए यह वाकई बड़ा ख़तरा और चुनौती है। चीन की ऐसी कंपनी ऐसी गतिविधियों को अंजाम देकर चीन की सरकार और सेना की मदद करती हैं।” 

वहीं अगर भारत की बात करें तो करीब 10 हजार लोगों का डाटा चुराने की बात कही जा रही है। इनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सोनिया गाँधी, ममता बनर्जी, अशोक गहलोत, अमरिंदर सिंह, उद्धव ठाकरे, नवीन पटनायक, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, पियूष गोयल, भारत के मुख्य न्यायाधीश अरविन्द बोबड़े, सीडीएस मुखिया बिपिन रावत और कम से कम 15 पूर्व थल सेना, नौसेना और वायु सेना अध्यक्ष भी शामिल हैं।  

यह सिर्फ इतने तक सीमित नहीं है बल्कि देश के पत्रकार, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, अभिनेता, धर्मगुरु जैसे लोग भी शामिल हैं। इन साड़ी जानकारियों से इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत के खिलाफ साज़िश रचने और नैरेटिव तैयार करने के लिए कितने बड़े पैमाने पर तैयारी हुई है। यह सिर्फ भारत के लोगों के साथ ही नहीं बल्कि अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे बड़े देश के लोगों के साथ भी हो रहा है।