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प्रयागराज: करोड़ों की जमीन पर बाहुबली अतीक अहमद का था कब्जा, 4 बुलडोजर से निर्माण ध्वस्त

पूर्व सांसद अतीक अहमद की अवैध सम्पत्तियों पर बुलडोजर चलने का सिलसिला लगातार जारी है। प्रयागराज के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस के नवाब यूसुफ रोड पर स्थित उसकी अवैध संपत्तियों को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है।

यहाँ सरकारी जमीन पर कई सालों से बहुबली अतीक अहमद ने कब्ज़ा जमा रखा था। उसने इस जमीन पर निर्माण करा कर इसे रेस्टॉरेंट संचालक को गोदाम बनाने के लिए दे दिया था। 500 वर्ग गज की इस जमीन की कीमत करोड़ों में है। विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस की टीम ने चार बुलडोजरों के साथ पहुँच कर इसे ध्वस्त कर दिया।

‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अतीक अहमद ने जमीन को ‘फ्री होल्ड’ करने के लिए अर्जी भी दी थी, लेकिन डीएम ने इसे रिजेक्ट कर दिया था। बिना प्रमाणित नक़्शे बनवाए गए ऐसे भवनों को चिह्नित करने का काम प्रशासन पहले ही कर चुका है।

अतीक अहमद की सम्पत्तियों को जब्त करने और उन पर बुलडोजर चलाने का काम गैंगस्टर एक्ट के तहत किया जा रहा है। उसकी जिन 7 सम्पत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है, उसकी अनुमानित कीमत 60 करोड़ रुपए है।

इससे पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शनिवार को पुलिस की मदद से अतीक के करीबी रिश्तेदार इमरान के सिविल लाइंस इलाके में स्थित करोड़ों रुपए की नजूल की जमीन पर कब्जे वाली बिल्डिंग को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया था। बता दें आईएस 227 गैंग के सरगना अतीक अहमद का साढू इमरान 25 हजार का इनामी है। उसने बिना पीडीए से नक्शा पास कराए जमीन पर निर्माण कराया था। अतीक अहमद पर 38 मामले दर्ज हैं।

5 साल की बच्ची को अगवा कर रेप किया, हत्या कर अधजला शव कूड़ेदान में फेंका: सड़कों पर उतरे लोग, कराची की घटना

पाकिस्तान के कराची में एक 5 साल की मासूम के रेप और हत्या का मामला सामने आया है। बच्ची का अधजला शव कल कूड़ेदान से बरामद हुआ। शुक्रवार (सितंबर 4, 2020) को उसका अपहरण किया गया था। पुलिस ने इस संबंध में 1 युवक को हिरासत में लिया है। पूरे कराची में इस समय घटना के ख़िलाफ़ लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, मासूम का शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में भेजा गया। रिपोर्ट में सामने आया कि जलाने से पहले उसके सिर पर जोरदार हमला किया गया था, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। इसके बाद उसे कूड़ेदान में फेंका गया।

डॉन की खबर के अनुसार, बच्ची का अपहरण कराची की पुरानी सब्जी मंडी इलाके से हुआ था। 2 दिन बाद सीधे उसका शव रविवार की सुबह उसी इलाके के एक खाली प्लॉट में कूड़ेदान के अंदर अधजली अवस्था में बरामद हुआ।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लेकर उसका डीएनए टेस्ट कराने को भेज दिया गया है। बता दें 5 साल की बच्ची के साथ हुई बर्बरता के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक पर लोग प्रदर्शन करके आरोपित की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। साथ ही उसे बिलकुल वैसी ही सजा देने की गुहार लगा रहे हैं, जैसे साल 2018 में जैनब अंसारी के दोषी को मिली थी।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में 2 साल पहले भी ऐसा एक केस सामने आया था। जब 6 साल की जैनब का अपहरण कर रेप किया गया और फिर उसे मार डाला गया। इस वारदात को अंजाम देने वाले को अक्टूबर 2018 में फाँसी हुई थी।

सोशल मीडिया पर वकार जाका ने भी बच्चों के साथ दुष्कर्म करने वालों के ख़िलाफ़ आवाज उठाई है। वहीं सांसद आलमगीर खान ने भी इंसाफ के लिए आरोपित को जनता के सामने फाँसी देने की माँग की है। कुछ लोगों ने इस घटना को सुनने के बाद पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था को घटिया बताया है।

‘कल मेरी संपत्ति ध्वस्त करेंगे’: धमकियों के बाद कंगना के ऑफिस पर शिवसेना की BMC का धावा

पहले तो महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन, खासकर शिवसेना नेताओं ने अभिनेत्री कंगना रनौत को धमकाने की कोशिश की। इसके आगे वे नहीं झुकीं तो शिवसेना शासित वृहन्न मुंबई नगरपालिका (BMC) के कुछ अधिकारियों ने सोमवार (सितंबर 7, 2020) को कंगना के मुंबई स्थित दफ्तर पर रेड मारी। अभिनेत्री ने वीडियो ट्वीट करते हुए इसे बदले की कार्रवाई बताया है।

कंगना रनौत ने ट्वीट कर लिखा, “ये मुंबई में मणिकर्णिका फ़िल्म्स का ऑफ़िस है। इसे मैंने पंद्रह साल मेहनत कर कमाया है। मेरा ज़िंदगी में एक ही सपना था कि मैं जब भी फ़िल्म निर्माता बनूँ, मेरा अपना खुद का ऑफ़िस हो। मगर लगता है ये सपना टूटने का वक़्त आ गया है। आज वहाँ अचानक बीएमसी के कुछ लोग आए हैं।”

कंगना ने फिर दूसरा वीडियो शेयर किया, जिसमें बीएमसी के लोग कंगना के ऑफिस में सब कुछ नाप रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए कंगना ने लिखा, “वे जबरदस्ती मेरे ऑफिस में घुस गए और सब कुछ नापने लगे। जब मेरे पड़ोसियों ने आपत्ति जताई तो उन्हें भी परेशान किया। अधिकारियों की भाषा कुछ इस तरह थी, “वो जो मैडम है उसकी करतूत का परिणाम सबको भरना होगा। मुझे सूचित किया गया कि वे कल मेरी संपत्ति को ध्वस्त कर रहे हैं।”

अभिनेत्री ने तीसरा ट्वीट करते हुए लिखा, “मेरे पास सभी कागज हैं और बीएमसी की परमिशन भी। मैंने अपनी प्रॉपर्टी में कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया है। बीएमसी को स्ट्रक्चर प्लान भेजना चाहिए यह दिखाने के लिए कहाँ गैरकानूनी कंस्ट्रक्शन हुई है, वो भी नोटिस के साथ। लेकिन उन्होंने आज मेरे ऑफिस पर रेड मारी बिना किसी नोटिस के और कल वह सब कुछ ध्वस्त कर देंगे।”

गौरतलब है कि कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार का विवाद बढ़ता जा रहा है। शिवसेना नेता संजय राउत के साथ कंगना रनौत की बयानबाजी के बाद केंद्र सरकार ने एक्ट्रेस को Y-कैटेगरी की सुरक्षा दे दी। इसके चंद घंटे बाद मुंबई महानगर पालिका ने कंगना रनौत के ऑफिस पर छापा मार दिया।

इससे पहले कंगना रनौत ने ट्वीट कर संजय राउत से कहा था कि यह उनका देश है और वे कहीं भी जा सकती हैं। कंगना सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में परिवारवाद, ग्रुपिज्म व ड्रग एंगल की बात लगातार उठाती रही हैं। वे इस मामले में लगातार सुशांत की मौत को साजिश बताती रही हैं।

संजय राउत ने कंगना को हरामखोर कहा था। गौरतलब है कि इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को धमकी देते हुए कहा था कि वह फिल्म ‘माफिया’ से ज्यादा शहर के पुलिस बल से डरने वाले अपने बयान के बाद वापस मुंबई जाने से परहेज करें।

HSTDV : इस अत्याधुनिक तकनीक के सफल प्रयोग के साथ ही विश्व का चौथा देश बना भारत, राजनाथ सिंह ने दी बधाई

भारत ने स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह परीक्षण स्वदेशी रूप से विकसित स्क्रैमजेट इंजन का उपयोग करके किया गया। इससे पहले जून 2019 में इसका पहला परीक्षण किया गया था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार (सितंबर 07, 2020) को HSTDV के सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह तकनीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “DRDO ने आज स्वदेशी रूप से विकसित स्क्रैमजेट प्रपल्शन प्रणाली का उपयोग करते हुए हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्सट्रेटर वाहन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस सफलता के साथ, सभी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियाँ अब अगले चरण की प्रगति के लिए स्थापित हो गई हैं।”

उल्लेखनीय है कि HSTDV का भविष्य में न केवल हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा, बल्कि इसकी मदद से काफी कम लागत में सैटेलाइट लॉन्चिंग की जा सकेगी। HSTDV हाइपरसोनिक और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के लिए यान के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। यह एक दोहरे उपयोग की तकनीक है और कई असैन्य कार्यों में भी इसका प्रयोग किया जाएगा।

हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने के लिए एक मानव रहित HSTDV माख 6 (Mach 6) की गति से क्रूज कर सकता है और महज 20 सेकंड में 32.5 किमी की ऊँचाई तक जा सकती है और एक बार इसे सफलतापूर्वक हासिल करने के बाद, भारत उन देशों के चुनिंदा क्लब में प्रवेश करेगा, जिनके पास ऐसी तकनीक है।

यह विमान हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रणाली विकसित करने संबंधी देश के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ओडिशा के बालासोर में एपीजे अब्दुल कलाम परीक्षण रेंज (व्हीलर द्वीप) से हाइपरसोनिक तकनीक विकसित करने और सफलतापूर्वक परीक्षण करने के बाद भारत अब संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन गया। यह स्वदेशी तकनीक ध्वनि की गति (माख 6) की छह गुना गति से यात्रा करने वाली मिसाइलों के निर्माण का रास्ता आसान करेगी।

DRDOद्वारा विकसित HSTDV का परीक्षण आज सुबह 11.03 बजे अग्नि मिसाइल बूस्टर का उपयोग कर के किया गया और पाँच मिनट तक चला।

इस आधुनिक तकनीक के सफल प्रयोग और इसकी भविष्य की संभावनाओं से अवगत लोगों का कहना है कि इस परीक्षण का मतलब है कि DRDO में अगले पाँच वर्षों में स्क्रैमजेट इंजन के साथ एक हाइपरसोनिक मिसाइल विकसित करने की क्षमता होगी, जिसमें दो किलोमीटर प्रति सेकंड से अधिक की क्षमता होगी।

सोमवार सुबह 11.03 बजे, अग्नि मिसाइल बूस्टर इस हाइपरसोनिक वाहन को 30 किमी की ऊँचाई तक ले गया, जिसके बाद वे अलग हो गए। इसके बाद, वाहन का एयर इनटेक खुल गया और जिसके कारण परीक्षण स्क्रैमजेट इंजन को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वाहन ने सभी पूर्व-निर्धारित पैरामीटर्स पर सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया, जिसमें 2500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और हवा की गति को संभालने की क्षमता भी शामिल है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परीक्षण के तुरंत बाद DRDO को बधाई दी और स्वदेशी रूप से एक स्क्रैमजेट इंजन बनाने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

पहले संजय राउत ने कंगना को हरामखोर कहा और अब शिवाजी की दुहाई देकर कह रहे ‘हम महिलाओं का सम्मान करते हैं’

संजय राउत ने कंगना रनौत को ‘हरामखोर’ कह कर संबोधित किया था। एक महिला पर ऐसी अभद्र टिप्पणी के चलते संजय राउत की जम कर आलोचना हुई। बड़े पैमाने पर विरोध होने के बाद संजय राउत अब उस बयान का डैमेज कंट्रोल करते हुए नज़र आ रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे लोगों में ऐसा संदेश जाए कि वह एक महिला का सम्मान नहीं करते हैं। 

कंगना रनौत के लिए अपशब्द का इस्तेमाल करने वाले के बाद संजय राउत ने परिस्थितियों को अपने हित में करने के लिए शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप जैसे ऐतिहासिक हिंदूवादी चेहरों का उल्लेख किया। उन्होंने इतना कुछ इसलिए किया जिससे ऐसा लगे कि शिवसेना महिलाओं का सम्मान करती है। इसके पहले भी शिवसेना और उनके प्रवक्ता संजय राउत को अमर्यादित और असंसदीय भाषा का उपयोग करने के चलते आलोचना का सामना करना पड़ा है। 

क्षेत्रवाद का अहंकार दिखाते हुए संजय राउत ने लिखा जो शिवसेना पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगा रहे हैं वह खुद मुंबई और मुंबई देवी का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “लोगों को यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि वह इस तरह के आरोप लगा कर मुंबई और मुंबई देवी का अपमान कर रहे हैं।” इसके बाद संजय राउत ने लिखा शिवसेना महिलाओं के सम्मान के लिए लगातार लड़ती रहेगी। शिवसेना सुप्रीमो ने भी हमें यही सिखाया है।

संजय राउत की तरफ से किया गया इतना बड़ा दावा कि शिवसेना महिलाओं का सम्मान करती है कंगना रनौत पर की गई टिप्पणी से आधार पर बिलकुल सही साबित नहीं होता है। दरअसल हाल ही में कंगना ने इस बात पर चिंता जताते हुए बयान दिया था कि मुंबई पाक अधिकृत कश्मीर जैसा लगने लगा है। ख़ासकर जब से मुंबई में ‘आज़ादी के नारे’ नज़र आने लगे हैं। कंगना ने मुंबई की दीवारों पर लिखे गए आज़ादी के नारों पर आपत्ति जताई थी। इस पर संजय राउत ने उन्हें मुंबई में कदम नहीं रखने की धमकी दे दी थी। 

इस पर कंगना ने कहा था कि उन्हें मुंबई आने से कोई नहीं रोक सकता है। कंगना के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा था, “महाराष्ट्र के बाप छत्रपति शिवाजी महाराज हैं, मुझे लगता है ऐसे व्यक्ति के बाप को इधर लाकर दिखाना पड़ेगा। आप भी (रिपोर्टर) अपना बाप दिखाइये अगर है तो।”

इस बात पर न्यूज़ नेशन के पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या आप कोई गैर क़ानूनी कार्रवाई करेंगे जिससे कंगना रनौत मुंबई में दाखिल न हों पाएँ। इस बात का जवाब देते हुए संजय राउत ने कहा, “क़ानून क्या है? उस लड़की ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है क्या वह क़ानून का सम्मान था? आप उस ‘हरामखोर लड़की के वकील की तरह क्यों बात कर रहे हैं?”       

4 ईसाई संगठनों सहित 6 NGO के विदेशी चंदा लेने पर रोक, 2 US दानदाता भी शक के घेरे में

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस साल चार ईसाई संगठनों के विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि किसी भी संगठन के लिए विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए गृह मंत्रालय से एफसीआरए मँजूरी होना अनिवार्य है।

The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, जिन चार ईसाई समूहों का FCRA सस्पेंड किया गया है, उनमें झारखंड का Ecreosoculis North Western Gossner Evangelical, मणिपुर का Evangelical Churches Association (ECA), झारखंड का Northern Evangelical Lutheran Church और मुंबई स्थित New Life Fellowship Association (NLFA) शामिल हैं। इसके अलावा दो अमेरिकी दानदाता Seventh Day Adventist Church और Baptist Church भी मंत्रालय के शक के घेरे में हैं। ये दोनों यूएस बेस्ड हैं।

न्यूजीलैंड में न्यू लाइफ चर्चों के मिशनरियों के आगमन के बाद 1964 में न्यू लाइफ फैलोशिप एसोसिएशन भारत में अस्तित्व में आया। सरकार ने 10 फरवरी, 2020 को इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इससे पहले, बजरंग दल ने अप्रैल और सितंबर 2019 में एसोसिएशन द्वारा ‘प्रार्थना सभाओं’ में खलल डाली थी और लोगों का धर्मांतरण करने के लिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की थी।

इसी प्रकार, Evangelical Churches Association की उत्पत्ति वेल्श प्रेस्बिटेरियन मिशनरी से हुई, जो 1910 में भारत आया था। यह 1952 में एक पूर्ण एसोसिएशन बन गया। इसे मणिपुर से संचालित किया जाने लगा। द हिंदू की रिपोर्ट में कहा गया है कि Ecreosoculis North-Western Gossner Evangelical, जिसका FCRA लाइसेंस हाल ही में निलंबित कर दिया गया है, को छोटानागपुर, जर्मनी के गॉसनर मिशन से ट्रेस किया जा सकता है। चौथा एसोसिएशन, Northern Evangelical Lutheran Church 1987 में भारत में स्थापित किया गया था और इससे 99 देशों के लगभग 7.7 करोड़ ईसाई जुड़े हुए हैं।

इन चार ईसाई एसोसिएशनों के अलावा सरकार ने दो अन्य संगठनों के भी FCRA लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इन संगठनों के नाम राजनांदगाँव लेप्रोसी हॉस्पिटल एंड क्लीनिक और डॉन बॉस्को ट्राइबल डेवलपमेंट सोसायटी हैं। गृह मंत्रालय ने अब तक 20,674 लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। फिलहाल 22,457 गैर-सरकारी संगठनों के पास FCRA लाइसेंस हैं और लगभग 6,702 संगठनों के लाइसेंस की समय सीमा समाप्त हो गई है। मोदी सरकार के पहले पाँच वर्षों में, 14,800 से अधिक गैर सरकारी संगठनों को FCRA नियमों के उल्लंघन के लिए अपंजीकृत किया गया था।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल रिपोर्टों में बताया गया कि दक्षिण भारत के कई पेंटेकोस्टल ने आर्थिक सहायता के कारण अपने धार्मिक अभियानों को रोक दिया है। पादरी को अब ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार के काम के लिए वेतन नहीं मिल रहा। वो अब बैंक का लोन चुकाने में भी असमर्थ हैं, जो कि उन्होंने अपने घर और वाहन खरीदने के लिए बैंक से लिए थे। सिर्फ केरल की ही बात करें, तो वहाँ पर 100 से अधिक पेंटेकोस्टल मिशन सार्वजनिक स्थानों और सड़क के किनारे प्रचार करते हैं।

पेंटेकोस्टल मिशन मुख्य रूप से विदेशी फंडों पर निर्भर हैं। कड़े विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के मानदंडों सहित मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों से इन विदेशी फंडों में भारी कमी आई है। 2014 तक केरल को प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई, जो केंद्र सरकार द्वारा धन के विवरण और स्रोत की माँग के बाद अचानक बंद हो गई। ऑर्गनाइज़र की रिपोर्ट के मुताबिक FCRA क्रैकडाउन के परिणामस्वरूप धन के विदेशी प्रवाह में अचानक 40% की अचानक गिरावट आई है।

बलिदानी तिब्बती सैनिक की अंतिम विदाई में शामिल हुए BJP नेता राम माधव, चीन के कब्जाए क्षेत्रों में ही उसे घेरने उतरा भारत

लेह में बलिदान हुए तिब्बती कमांडो नीमा तेंजिन का पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी शामिल हुए। तिब्बत के नीमा तेंजिन को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों का बड़ा हुजूम उमड़ पड़ा, जिसमें ‘विकास रेजिमेंट जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए गए। नीमा तेंजिन की अंतिम यात्रा में राम माधव जैसे बड़े नेता का शामिल होना चीन के लिए एक कड़ा सन्देश बताया जा रहा है।

भारत ने अब चीन को उसके घर में ही घेरने की तैयारी कर रखी है। साथ ही उसके कब्जाए इलाकों में ही उसे घेरा जा रहा है, जो विस्तारवादी चीन की दुखती रग है। नीमा तेंजिन ‘स्पेशल फ्रंटियर फ़ोर्स’ का हिस्सा थे। भारत-चीन तनाव के बीच लैंड माइंस की चपेट में आने के कारण उनकी मौत हो गई थी। बता दें कि 29-30 अगस्त की रात चीन के सैनिकों ने भारतीय क्षेत्रों में गड़बड़ी की कोशिश की थी, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया।

नीमा तेंजिन की अंतिम विदाई में भारत और तिब्बत के झंडे साथ-साथ दिखे। इस मौके पर लेह में तिब्बत की आज़ादी का भी नारा गूँजा। भारत ने चीन को ये सन्देश दे दिया है कि तिब्बती भी उसके अपने ही हैं और उनके गौरव और पराक्रम पर भारत को गर्व है। ‘आजतक’ के अनुसार, लेह के स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि ये पहली बार है जब किसी तिब्बती के योगदान को इस तरह से भारत ने इतना सम्मान दिया है।

पत्रकार दावा डोलमा ने कहा कि ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी को ये समझाएँ कि सेना में शामिल होने के लिए उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है, ऐसा वे अपनी इच्छा से कर रहे हैं। इस दौरान लेह में तिब्बती नागरिकों ने वहाँ के स्थानीय गीत गाए। ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगे। चीन हमेशा से तिब्बत के प्रति संवेदनशील रहा है और दलाई लामा से भारत की नजदीकियों का भी विरोध करता रहा है।

ज्ञात हो कि सब-सेक्टर नॉर्थ से लेकर सब-सेक्टर साउथ तक 5000 ITBP के जवानों को लद्दाख और चीन सीमा से सटे उससे जुड़े इलाकों में तैनात किया गया है। बता दें कि हाल ही में जब चीन ने सीमा पर मौजूदा स्थिति को बिगाड़ने का प्रयास किया था तो उसे नाकाम करने में ITBP के जवान भी शामिल थे। पांगोंग त्सो के दक्षिण में ऊँचाई वाली जगहों पर भारतीय सेना मौजूद है, जिससे चीन के हर इरादे को नाकाम किया जा सकता है।

‘महात्मा गाँधी और सरदार पटेल का है गुजरात, उसे मिनी पाकिस्तान बोलने पर माफी माँगें संजय राउत’

शिवनेता सांसद संजय राउत से भाजपा ने माफी की माँग की है। राउत ने हाल ही में अहमदाबाद की तुलना मिनी पाकिस्तान से की थी। भाजपा का कहना है कि राउत ने ऐसा बयान सिर्फ गुजरात को बदनाम करने के लिए दिया। पार्टी की माँग है कि राउत इसके लिए गुजरात व अहमदाबाद के लोगों से माफी माँगें।

बता दें कि इससे पहले मुंबई में संजय राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि क्या अभिनेत्री कंगना रनौत में इतना साहस है कि वह अहमदाबाद की तुलना ‘मिनी पाकिस्तान’ से उसी प्रकार कर सकें, जैसे उन्होंने मुंबई को पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) बताया था।

उनसे जब सवाल किया गया कि क्या वह अपनी ‘हरामखोर’ वाली टिप्पणी के लिए माफी माँगेंगे, तब उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जो भी यहाँ रहता है और काम करता है, यदि वह मुंबई, महाराष्ट्र और मराठी लोगों के बारे में अशोभनीय बातें करता है तो मैं (उनसे) कहूँगा कि पहले वह माफी माँगें, उसके बाद ही मैं माफी माँगने पर विचार करूँगा।”

आगे राउत ने कहा, “यदि वह लड़की मुंबई को ‘मिनी पाकिस्तान’ कहने के लिए माफी माँगे, तब ही मैं इसके बारे में सोचूँगा। क्या उसमें अहमदाबाद के बारे में यही कहने का साहस है?”

राउत की इस जिद्द के बाद भाजपा प्रवक्ता भरत पंड्या ने कहा कि शिवसेना नेता ने अहमदाबाद को मिनी पाकिस्तान कहकर गुजरात का अपमान किया है। पंड्या का कहना है, “उन्हें गुजरात, अहमदाबाद और अहमदाबादियों से माफी माँगनी चाहिए। साथ ही शिवसेना को गुजरात, गुजरातियों और गुजरात के नेताओं को जलन, घृणा और द्वेष की भावना से निशाने पर लेना बंद करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “गुजरात महात्मा गाँधी और सरदार पटेल का है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकजुट कर भारत की एकता और अखंडता को मजबूत किया। उन्होंने जूनागढ़ और हैदराबाद को पाकिस्तान में मिलने से रोका और हिम्मत व ताकत से भारत का हिस्सा बनाया।”

पंड्या ने नरेंद्र मोदी व अमित शाह का उदाहरण देते हुए कहा, “अनुच्छेद 370 को खत्म करके कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने का सरदार पटेल का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरा किया है, जो गुजरात से हैं।” उन्होंने कहा कि अतीत और वर्तमान में भारत की एकता और अखंडता के लिए गुजरात योगदान याद रखा जाना चाहिए।

महाराष्ट्र से प्यार है, बड़े ऑफर ठुकरा मराठा इतिहास पर बनाई फिल्म: कंगना रनौत

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनौत ने बॉलीवुड माफिया से लेकर इंडस्ट्री में फैले ड्रग एडिक्शन तक अपनी बात खुल कर रखी। उन्होंने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। इसके बाद महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं, खासकर शिवसेना सांसद संजय राउत ने उन पर लगातार हमले किए।

राउत ने मुंबई पर मराठियों का अधिकार बताते हुए कंगना पर महाराष्ट्र और शिवाजी महाराज का अपमान करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्हें अपशब्द भी कहे।

कंगना भी लगातार शिवसेना नेता के बयानों पर करारा जवाब दे रही है। अपने हालिया ट्वीट में उन्होंने महाराष्ट्र के प्रति अपने प्रेम को जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि बॉलीवुड में सफल होने के बाद उन्हें कई बड़ी हस्तियों के साथ काम करने के ऑफर मिले। मगर, उन्होंने उन फिल्मों को करने से मना कर दिया और शिवाजी तथा रानी लक्ष्मीबाई पर फिल्में बनाईं।

उन्होंने लिखा,”सफलता मिलने के बाद मुझे बड़े हीरो के साथ काम करने का ऑफर हुआ और बड़े बैनर की फिल्म ऑफर हुई। लेकिन मैंने मना कर दिया तो मुझे सभी के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। मेरी पहली स्वतंत्र फिल्म में मैंने गौरवशाली मराठा इतिहास शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मीबाई पर फिल्म बनाई, क्योंकि मुझे महाराष्ट्र से प्यार है।”

उल्लेखनीय है कि कंगना रनौत ने पिछले साल फिल्म ‘मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झाँसी’ को डायरेक्ट किया था। इसमें उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई का किरदार निभाया था। इस फिल्म को लोगों ने न केवल पसंद किया था, बल्कि फिल्म की राष्ट्रपति भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग भी हुई थी। फिल्म देखने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें बधाई भी दी थी।

बता दें कि कंगना रनौत को मिल रही धमकियों के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कंगना रनौत को Y-कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की है। उन्हें संजय राउत के अलावा शिवसेना के एक विधायक और मुंबई के मेयर ने भी धमकाया था।

सुरक्षा मिलने पर उन्होंने गृहमंत्री को आभार व्यक्त भी किया है। उन्होंने लिखा, “वो (अमित शाह) चाहते तो हालात के चलते मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाने की सलाह देते मगर उन्होंने भारत की एक बेटी के वचनों का मान रखा, हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लाज रखी।” अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर ‘जय हिन्द’ भी लिखा।

नॉलेज इकॉनमी बनेगा भारत, खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के कैम्पस: गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस में बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नेशनल एजुकेशन पालिसी (NEP 2020)’ को लेकर आयोजित गवर्नर्स कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि NEP 2020 में पढ़ने की बजाए सीखने पर ज्यादा जोर दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ स्थानीय निकायों की भी जिम्मेदारी है कि वो शिक्षा नीति को अच्छे से लागू करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा, देश की आकांक्षा को पूरा करने का बड़ा माध्यम है।

पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा नीति में सरकार का दखल और प्रभाव, कम से कम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति से जितना शिक्षक, अभिभावक, छात्र जुड़े होंगे, उतना ही उसकी प्रासंगिकता और व्यापकता, दोनों ही बढ़ती है। देश के लाखों लोगों ने, शहर में रहने वाले, गाँव में रहने वाले, शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने, इसके लिए अपना फीडबैक दिया था, अपने सुझाव दिए थे। कार्यक्रम में सभी राज्यों के राज्यपाल उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गाँव में कोई शिक्षक हो या फिर बड़े-बड़े शिक्षाविद, सबको राष्ट्रीय शिक्षा नीति, अपनी शिक्षा शिक्षा नीति लग रही है। सभी के मन में एक भावना है कि पहले की शिक्षा नीति में यही सुधार तो मैं होते हुए देखना चाहता था। प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की स्वीकारता की बड़ी वजह करार दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भविष्य में तेजी से बदलते जॉब्स और काम करने का तरीके को लेकर चर्चा कर रही है। पीएम ने कहा:

“ये पॉलिसी (NEP 2020) देश के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के मुताबिक ज्ञान और स्किल्स, दोनों मोर्चों पर तैयार करेगी। लंबे समय से ये बातें उठती रही हैं कि हमारे बच्चे बैग और बोर्ड एग्ज़ाम के बोझ तले, परिवार और समाज के दबाव तले दबे जा रहे हैं। इस पॉलिसी में इस समस्या को प्रभावी तरीके से समाधान किया गया है। 21वीं सदी में भी भारत को हम एक नॉलेज इकॉनमी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। नई शिक्षा नीति ने Brain Drain को दुरुस्त करने के लिए और सामान्य से सामान्य परिवारों के युवाओं के लिए भी सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के कैम्पस भारत में स्थापित करने का रास्ता खोला है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि ये शिक्षा नीति, सरकार की शिक्षा नीति नहीं है। ये देश की शिक्षा नीति है। जैसे विदेश नीति देश की नीति होती है, रक्षा नीति देश की नीति होती है, वैसे ही शिक्षा नीति भी देश की ही नीति है। उन्होंने कहा कि कोई भी System, उतना ही Effective और Inclusive हो सकता है, जितना बेहतर उसका गवर्नेंस मॉडल होता है। उन्होंने इसे लागू करने के लिए जनता का सहयोग भी माँगा।

ज्ञात हो कि बच्‍चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्‍या से निपटने के लिए सितंबर 2020 में तीसरा राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत सोमवार (सितम्बर 7, 2020) से ही हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने पिछले माह तीस तारीख को आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ के 68वें एपिसोड में पोषण की महत्‍ता पर जोर देते हुए देशवासियों को पोषण माह को सफल बनाने के लिए सहयोग करने को कहा था।