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ड्रग सिंडिकेट का मेंबर है सुशांत का स्टाफ दीपेश, रिया ने कबूली ड्रग्स खरीदने की बात

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले ड्रग्स ऐंगल की जॉंच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने रविवार को करीब छह घंटे रिया चकवर्ती से पूछताछ की। उसे सोमवार को भी ब्यूरो ने हाजिर होने को कहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रिया ने ड्रग्स खरीदने की बात कबूल ली है।

इस मामले में एनसीबी रिया के भाई शौविक और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुएल मिरांडा को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही रिया को तलब किया गया था। यह बात भी सामने आई है कि सुशांत का स्टाफ दीपेश सावंत एक ड्रग्स सिंडिकेट का मेंबर है।

एनसीबी के अधिकारी संदीप वानखेड़े ने कहा, “हमने रिया चक्रवर्ती का बयान रिकॉर्ड कर लिया है। रिया चक्रवर्ती आज लेट आई थीं, इसलिए पूछताछ पूरी नहीं हो पाई। कल भी पूछताछ जारी रहेगी।”

बता दें कि एनसीबी की पूछताछ में रिया ने कई बातें कबूल की है। रविवार (सितंबर 6, 2020) को मामले की मुख्य आरोपित रिया चक्रवर्ती ने नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि वह अपने भाई शौविक के माध्यम से ड्रग्स खरीदती थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिया चक्रवर्ती ने एनसीबी अधिकारियों को बताया कि वह सैमुएल मिरांडा के बारे में जानती है जो 17 मार्च को ज़ैद से ड्रग्स खरीदने गया था। उसके कबूलनामे के मुताबिक, रिया को न केवल इस सौदे के बारे में पता था, बल्कि वह अपने भाई शौविक चक्रवर्ती के साथ ड्रग रैडर जैद के साथ कॉर्डिनेशन भी कर रही थी।

साथ ही रिया ने 15 मार्च की चैट की बात कबूल की। रिया ने स्वीकार किया कि 15 मार्च की चैट सही थी, जिसमें वह और शौविक ड्रग्स के बारे में बात कर रही थीं। रिया ने बताया कि वह अपने भाई शौविक के जरिए सुशांत के लिए ड्रग्स मँगवा रही थी।

एनसीबी की पूछताछ में रिया ने कबूल करते हुए कहा कि उसे मालूम था कि उसका भाई बासित से ड्रग्स खरीदता था। बासित, रिया के घर भी आता जाता था। ड्रग्स एंगल के खुलासे के बाद कई ड्रग पैडलर्स का नाम सामने आया है। इसके लेकर एनसीबी ने गहन जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है। कई इलाकों में छापेमारी भी की है।

NCB ने इस मामले में गिरफ्तार दीपेश सावंत को लेकर बयान जारी करते हुए कहा है, “दीपेश सावंत के बयान और NCB द्वारा एकत्र किए गए डिजिटल सबूतों से यह साफ होता है कि दीपेश हाइ सोसायटी हस्तियों और ड्रग सप्लायर्स से जुड़े ड्रग सिंडिकेट का एक एक्टिव सदस्य है।” एनसीबी ने सुशांत के स्टाफ दीपेश सावंत को शनिवार (सितंबर 5, 2020) को गिरफ्तार किया था।

बता दें कि एनसीबी को मोबाइल फोन चैट रिकॉर्ड तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा हासिल हुआ था जिसमें प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीद में रिया, सैमुएल मिरांडा, शौविक चक्रवर्ती, दीपेश सावंत आदि की संलिप्तता सामने आई थी। एनसीबी ने दीपेश सावंत के अलावा रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत के हाउस मैनेजर रहे सैमुएल मिरांडा को गिरफ्तार किया था।

BJP कार्यकर्ता को TMC के गुंडों ने पीट-पीटकर मार डाला, बेटी से कहा- तेरा भी यही हाल करेंगे: परिजनों ने बताया रॉबिन के साथ क्या हुआ था

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुँच चुकी है। इसे सत्ताधारी दल का पूरा संरक्षण मिला है। इस तरह की एक घटना पश्चिम बंगाल के कलना स्थित पथर घाटा में हुई। यहाँ रॉबिन पॉल नाम के भाजपा कार्यकर्त्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। 

मृतक के परिवार वालों का कहना है कि उनके घर के सामने मनरेगा के तहत काम हो रहा था। मनरेगा कर्मचारी घर के सामने मौजूद पेड़ काटने लगे तो रॉबिन ने इस पर आपत्ति जताई। दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और कुछ ही देर में यह हिंसक हो गया। मौके पर तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के लगभग 50 से अधिक कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए और उन्होंने रॉबिन की लिंचिंग कर दी।

पहले उसे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने मिल कर पीटा। फिर उसे नज़दीक के गाँव लेकर गए। वहाँ टीएमसी के डिप्टी चीफ ने उसके साथ जम कर मारपीट की। जैसे ही परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली वह परेशान होकर घटनास्थल पर पहुँचे।

परिवार वालों ने आरोप लगाया कि जब रॉबिन को उसकी बेटी ने पानी देने का प्रयास किया तो तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उसे रोक दिया। उन्होंने रॉबिन की बेटी को मौके पर धमकाया कि अगर वह अपने पिता की मदद करती है तो उसका भी यही हाल कर दिया जाएगा।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके घटनास्थल पर पहुँची और रॉबिन को कलना स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फ़िलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू हो चुकी है। 

मरने से पहले रॉबिन ने भी इस मामले में होना बयान दिया था। उसने कहा था, “भारी संख्या में लोग आए और उन्होंने मेरे साथ बेरहमी से मारपीट की। वह मनरेगा में काम करने वाले लोग थे।” इसके बाद रिपोर्टर ने घटना में शामिल लोगों का नाम पूछा। जवाब में उसने बतया, “वे एक राजनीतिक दल के लोग थे। तृणमूल कॉन्ग्रेस के लोग।” रविवार (6 सितंबर 2020) को भारतीय जनता पार्टी (बंगाल) ने इस घटना पर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया। 

ट्वीट में लिखा था, “टीएमसी के गुंडों ने कलना के भाजपा कार्यकर्ता रॉबिन पॉल की पीट-पीट कर लिंचिंग कर दी। टीएमसी की खूनी राजनीति की वजह से आज एक और भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी जान गँवा दी। टीएमसी इस तरह खून बहा कर नेताओं में दहशत फैलाना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी, टीएमसी द्वारा की जाने वाली हिंसा का अंत तक सामना करेगी।” 

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा था, “भाजपा कार्यकर्ता रॉबिन पॉल को पश्चिम बंगाल के कलना में टीएमसी के गुंडों ने पीट-पीटकर मार डाला। राज्य में हिंसा की राजनीति अपने चरम पर पहुँच चुकी है। ममता बनर्जी की सुरक्षा और संरक्षा में यह गुंडे भाजपा कार्यकर्ताओं के दिमाग में डर पैदा करना चाहते हैं। लेकिन हम डरने वालों में से नहीं हैं। आखिर कब तक अराजकता का यह माहौल बना रहेगा?”

एक भाजपा कार्यकर्ता ने एबीपी आनंदा से बात करते हुए इस बारे में कई अहम जानकारी दी। भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, “हत्या बादल पात्रा ने कराई है जो टीएमसी का सक्रिय नेता है। 100 दिन के रोज़गार (मनरेगा योजना) की आड़ में उन्होंने रॉबिन पर हमला किया। उन्होंने पेड़ काटने जैसी मामूली बात पर विवाद किया और 50 से 60 लोगों ने उसकी लिंचिंग कर दी। यह एक जघन्य अपराध है और हम इस मामले में सीबीआई जाँच की माँग करते हैं।” 

अपने बचाव में कलना के टीएमसी अध्यक्ष ने कहा, “हम मौके पर मनरेगा योजना संबंधी काम कर रहे थे। मैं पेड़ काट कर सड़क जोड़ने का काम कर रहा था, तभी रॉबिन वहाँ आया और उसने मुझ पर हमला किया।” आरोपों के लेकर टीएमसी नेता ने कहा, “यह पूरी तरह झूठ है। बादल पात्रा मनरेगा के कामकाज की देख-रेख कर रहा था, तभी रॉबिन पॉल ने धारदार हथियार से उस पर हमला किया। उसने बिना कारण पात्रा पर हमला किया और हमला इतना घातक था कि उसे 20 से 25 टाँके तक लगाए गए। फ़िलहाल उसकी हालत दयनीय है। रॉबिन अक्सर हथियार लेकर चलता था. जिसकी वजह से टीएमसी के कार्यकर्ता डर के माहौल में रहते थे।”

पश्चिम बंगाल में हिंसा की ऐसी घटनाएँ नई नहीं है। बीते 28 अगस्त को रायगंज के घुघुदंगा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर कुछ शरारती तत्वों ने दो व्यापारियों से 1 लाख रुपए लूट लिए थे। पुलिस ने शुरुआत में कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद रायगंज पुलिस ने अनूप कुमार रॉय नाम के भाजपा नेता को पूछताछ के लिए बुलाया था। पुलिस के मुताबिक़ अनूप कुमार रॉय पूछताछ के दौरान थाने में बीमार हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रायगंज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उनकी मौत हो गई। 

पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाते हुए बंगाल बीजेपी के प्रमुख ने कहा था, “एक भाजपा कार्यकर्ता जिसने महज़ 8 महीने पहले सीपीआईएम से इस्तीफ़ा देकर पार्टी की सदस्यता ली थी, पुलिस ने उस व्यक्ति को उसके घर से उठा लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके साथ इतना अत्याचार किया कि उसकी किडनी खराब हो गई। फिर पुलिस उसे किसी अन्य जगह पर लेकर गई और वहाँ उसे 5 गोलियाँ मारी। पुलिस ने उसके परिवार वालों को बताए बिना उसका पोस्टमार्टम तक कर दिया।”

उन्होंने कहा था, “पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचित करके शव लेकर जाने के लिए कहा। यह पूरी प्रक्रिया गैर कानूनी है, पुलिस उसे थाने क्यों लेकर गई? फिर पुलिस ने उसके साथ इतनी बुरी तरह मारपीट क्यों की? सबसे अहम उस पर गोलियाँ क्यों चलाई गई?”        

‘हम जुबैर के साथ’: बच्ची की ऑनलाइन प्रताड़ना में FIR के बाद AltNews का प्रतीक सिन्हा

‘ऑल्टन्यूज़’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर पर बच्ची की ऑनलाइन प्रताड़ना को लेकर मामला दर्ज होने के बाद प्रतीक सिन्हा सामने आया है। प्रतीक भी इस प्रोपेगेंडा साइट का सह संस्थापक है। उसने सोशल मीडिया में ऐलान किया है कि ऑल्टन्यूज़ जुबैर के साथ खड़ा है। उसे डराने धमकाने की कोशिश की जा रही है।

जुबैर का समर्थन करते हुए कहा गया है कि ग़ैरकानूनी तरीकों का इस्तेमाल करके ऑल्टन्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर पर हमला करने की कोशिश की जा रही है। इन बातों को मद्देनज़र रखते हुए ऑल्टन्यूज़ अपने सह-संस्थापक के साथ खड़ा है। ज़ुबैर ने फ़ेक न्यूज़ नैरेटिव का सामना करने में अहम भूमिका निभाई है। यह बात बहुत से ऐसे लोगों को पसंद नहीं आती है जो भ्रामक ख़बरों के सहारे भारतीय लोकतंत्र को दबाने का प्रयास करते हैं।

ऑल्ट न्यूज़ का बयान

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने जुबैर के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि इस मामले में ट्विटर के निवेदन के बाद NCPCR ने उसे मोहम्मद जुबैर के ट्वीट के सम्बन्ध में और अधिक जानकारी देने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। जुबैर के ट्वीट के बाद उसे फॉलो करने वाले ट्विटर एकाउंट्स @de_real_mak और @syedsarwar ने भी बच्ची के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था, इसीलिए एफआईआर में उनका नाम भी शामिल है।

फैक्ट चेकिंग के नाम पर लोगों की निजी और गोपनीय जानकारियाँ सार्वजानिक करने के लिए कुख्यात समूह ऑल्टन्यूज़ के संस्थापकों में से एक मोहम्मद जुबैर ने शुक्रवार (अगस्त 07, 2020) को एक ट्विटर यूजर को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने के लिए बच्ची की तस्वीर सार्वजानिक कर दी थी। बताया गया था कि यह बच्ची उस यूजर की पोती थी और उसे जुबैर के ट्वीट के बाद रेप की धमकियाँ मिली थी।

ट्रेन में भीख माँगने की अनुमति देने का कोई प्लान नहीं: मीडिया रिपोर्ट्स का रेलवे ने किया खंडन

शेखर गुप्ता की The Print ने शनिवार  (सितंबर 5, 2020) को एक लेख प्रकाशित किया। इस लेख में दावा किया गया कि ट्रेन के डिब्बों के अंदर और स्टेशनों पर भीख माँगना अपराध मुक्त हो सकता है, क्योंकि इस तरह की योजना प्रस्तावित है। 

अपनी रिपोर्ट में The Print ने अज्ञात सोर्स का हवाला देते हुए दावा किया कि रेलवे ने इंडियन रेलवे ऐक्ट 1989 में संशोधन के लिए केंद्रीय कैबिनेट को एक प्रस्ताव भेजा है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस योजना पर रेलवे ने आम जनता से सुझाव माँगे हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रस्तावित योजना में रेल गाड़ी, प्लेटफॉर्म या रेलवे के अन्य परिसरों में भीख माँगने को अपराध मुक्त किया जाने का सुझाव है।

ThePrint report on begging on trains

The Print ने उसी लेख में यह भी बताया कि रेलवे एक्ट 1989 के सेक्शन 144 के मुताबिक रेल गाड़ी, रेलवे प्लेटफॉर्म या अन्य रेल परिसर में भीख माँगना अपराध है और इसके लिए कैद या जुर्माना या दोनो हो सकते हैं।

4 सितंबर को The Hindu ने भी इस तरह की रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। The Hindu ने भी दावा किया था कि रेलवे के नए प्रस्ताव के बाद अगर कोई व्यक्ति ट्रेनों या स्टेशनों पर भीख माँगते हुए पाया जाता है तो उन्हें कोई जुर्माना नहीं देना होगा, इससे प्रभावी रूप से भीख माँगने की ‘अनुमति’ मिल सकती है।

Network18 ने भी इसी तरह के दावे करने वाले एक लेख के लिए The Hindu की रिपोर्ट का हवाला दिया। इसमें यह भी दावा किया गया था कि ट्रेन के डिब्बों में स्मोकिंग करने के रोक को भी वापस लिया जाएगा। इसकी जगह मौके पर 100 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा। इन दावो में कहा गया था कि बिना टिकट चलने वाले यात्रियों को जेल नहीं भेजा जाएगा। इस तरह की कोई गलती करने वाले लोगों से केवल जुर्माना वसूला जाएगा।

हालाँकि रविवार (सितंबर 6, 2020) को इन मीडिया रिपोर्ट्स पर बयान जारी करते हुए भारतीय रेल के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव रेलवे ने नहीं भेजा है। रेलवे के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ट्रेनों, स्टेशनों या प्लेटफॉर्म पर भीख माँगने की इजाजत देने की भी कोई योजना या प्रस्ताव रेलवे के पास नहीं है।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी तरह कुछ मीडिया हाउस ने खबर चलाई थी कि अब मोदी सरकार का गुणगान करने के लिए तीन हजार भिखारियों को भर्ती किया जाएगा। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय एक ऐसी योजना बना रही है जिसमें तीन हजार भिखारी चुने जाएँगे। इनका काम विभिन्न रेलगाड़ियों में यात्रियों के सामने मोदी सरकार की सफलताओं के गीत गाना होगा।

ऑल इंडिया रेडियो और पीआईबी ने इस दावे को खारिज करते हुए बताया था कि ये दावा झूठा है और सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं बनाई जा रही है।

रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए दिल्ली में कॉलोनी, मस्जिद: जकात फाउंडेशन का सामने आया नक्शा

जकात फाउंडेशन समुदाय विशेष के युवाओं को सिविल सेवा में भर्ती होने के लिए ट्रेनिंग ही नहीं देता है। यह बात सामने आई है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले रोहिंग्या घुसपैठियों की भी वह मदद कर रहा है। इनके लिए जकात ने दिल्ली में दारुल हिजरात (Darul Hijrat) नामक ‘मेकशिफ्ट कैंप’ स्थापित किया है।

एक नक्शा सामने आया है। इससे पता चलता है कि मस्जिद के साथ रोहिंग्या लोगों के लिए स्थायी कॉलोनी बनाई जाएगी। यहॉं फाउंडेशन का स्थायी कार्यालय भी होगा।

ज़कात फाउंडेशन का दावा है कि पूरी परियोजना को गृह मंत्रालय की मँजूरी हासिल है। फाउंडेशन के उपाध्यक्ष एसएम शकील परियोजना के प्रभारी हैं।

ज़कात फाउंडेशन इस्लामिक सिद्धांतों पर रोहिंग्या लोगों को शिक्षित करता है। इस समय दिल्ली में कई रोहिंग्या बस्तियाँ हैं। इनमें से सबसे प्रमुख हैं शाहीन बाग, कालिंदी कुंज, विकास पुरी और खजूरी खास। इनमें से कुछ क्षेत्रों में फरवरी के महीने में राष्ट्रीय राजधानी में सांप्रदायिक दंगों के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा देखी गई थी।

हमने पहले ज़कात फ़ाउंडेशन की खतरनाक विचारधारा और विदेशों में इस्लामिक संगठनों और रेडिकल इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक से इसके कनेक्शन पर रिपोर्ट की थी। वे नागरिकता संशोधन अधिनियम और यूनिफॉर्म सिविल कोड के भी विरोधी हैं। 

गौरतलब है कि हाल ही में, ज़कात फाउंडेशन शरिया काउंसिल के सदस्य कलीम सिद्दीकी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता था कि हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित होने की आवश्यकता है, क्योंकि यदि वे इस्लाम नहीं कबूल करंगे तो नर्क में जलेंगे। 

वीडियो में कलीम हिंदू धर्म में होने वाले अंतिम संस्कार की क्रिया पर भी सवाल उठाते हैं और उदाहरण देकर समझाते हैं कि इसलिए हिंदू इस्लाम कबूल करना चाहते हैं, क्योंकि वे जहन्नुम की आग से खुद को बचाना चाहते हैं।

…तो अमेरिका पर फिर होगा 9/11 जैसा आतंकी हमला: जानिए, लादेन की भतीजी नूर ने अमेरिकियों को क्यों चेताया

खूँखार आतंकी ओसामा बिन लादेन की भतीजी नूर बिन लादेन ने दावा किया है कि जो बिडेन अगर संयुक्त राष्ट्र अमेरिका का राष्ट्रपति बनने में कामयाब हो गए तो 9/11 जैसा हमला होने की आशंका होगी। उनके अनुसार ऐसी स्थिति को सिर्फ डोनाल्ड ट्रम्प ही रोक सकते हैं। नूर ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ से बातचीत के दौरान ये बातें कही। ट्रम्प समर्थक नूर वैसे तो स्विट्ज़रलैंड में रहती हैं लेकिन वो खुद को दिल से अमेरिकन ही मानती हैं।

नूर और उनका परिवार ओसामा के उलट अपने नाम को अंग्रेजी में ‘लादेन’ की जगह ”लादिन (Ladin) लिखता है। नूर की माँ कार्मेन डफौर स्विस लेखिका हैं और उनके पिता इस्लाम बिन लादेन 26/11 के मास्टरमाइंड ओसामा के सौतेले बड़े भाई हैं। नूर के माता-पिता का काफी पहले ही तलाक हो गया था। नूर और उनकी बहन का पालन-पोषण स्विट्जरलैंड में ही हुआ था। उनकी बहन भी कई फोटोशूट के कारण सुर्ख़ियों में रहती आई हैं।

नूर ने कहा कि जब बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति थे और जो बिडेन उप-राष्ट्रपति हुआ करते थे, उस दौर में आईएसआईएस को बढ़ाने का अच्छा-खासा मौक़ा मिला। नूर का मानना है कि इसी कारण खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन आईएसआईएस का यूरोप तक प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रम्प ने ये दिखा दिया है कि वो विदेशी ताकतों से अमेरिका को और हमें बचा सकते हैं। 33 वर्षीय नूर ने अपने पहले इंटरव्यू में ये बातें कही।

नूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे पहले कि आतंकी कुछ करें, वो उनकी जड़ों को ही काट डालते हैं। उन्होंने दावा किया कि वो 2015 के शुरूआती दिनों से ही डोनाल्ड ट्रम्प की बड़ी समर्थक हैं, जब उन्होंने बतौर राष्ट्रपति उम्मीदवार चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि वो ट्रम्प को देखती हैं और उनके संकल्पों की सराहना करती हैं। उन्होंने कहा कि ट्रम्प को दोबारा लौट कर आना ही चाहिए।

बकौर नूर, ट्रम्प का फिर से चुन कर आना न सिर्फ अमेरिका के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे पश्चिमी सभ्यता के लिए ये अच्छा है। इस दौरान नूर ने इस्लामी कट्टरपंथ और वामपंथ के बीच दिख रहे गठजोड़ की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि अगर हम पिछले दो दशकों में यूरोप में हुए सारे आतंकी हमलों पर नजर डालें तो हमें पता चलता है कि इस्लामी कट्टरपंथ ने हमें जड़ से हिला दिया है, हमारे समाज में घुसपैठ कर ली है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में ये काफी भयावह है कि वामपंथियों ने इसी कट्टरवादी इस्लामी विचारधारा के साथ पूरी तरह गठजोड़ कर लिया है। उन्होंने कहा कि वो अपने आसपास के लोगों के विरोध के बावजूद ट्रम्प के स्लोगन ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA)’ वाला हैट पहनती हैं। उन्होंने बताया कि एक बार तो उन्हें ये हैट पहनने के लिए टोक भी दिया गया था। नूर अमेरिका को अपना दूसरा घर मानती हैं और वहाँ की राजनितिक खबरों से खुद को अपडेटेड रखती हैं।

नूर का कहना है कि फॉक्स न्यूज़ पर आने वाला ‘Tucker Carlson Tonight’ उनका पसंदीदा शो है। नूर का कहना है कि वो किसी भी मजहब के बिना ही बड़ी हुई हैं। साथ ही वो अमेरिका की राजनेता इल्हाना उमर की विरोधी हैं। उनका कहना है कि अगर उमर को लगता है कि अमेरिका में इतनी ज्यादा नफरत है तो उन्हें अमेरिका छोड़ कहीं और चले जाना चाहिए। उन्होंने इस्लामी कट्टरवाद की विरोधी नेता लॉरा लूमर की प्रशंसा की।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प अक्सर ‘रैडिकल इस्लामिक टेररिज्म’ के खिलाफ मुखर रहे हैं और हर छोटे-बड़े मंच से इसका विरोध करते रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी के अमेरिका में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में भी अपने इस संकल्प को दोहराया था, जिसके बाद ऑडियंस से उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। अपने अहमदाबाद दौरे में भी उन्होंने ये बात कही थी। आईएसआईएस के खिलाफ उनके सख्त रवैये के कारण कई लोग उन्हें पसंद करते हैं।

आमिर और नसीरुद्दीन शाह को हरामखोर नहीं कहा, मैं 9 को आ रही हूँ: कंगना की संजय राउत को खरी-खरी

खुद को हरामखोर कहने वाले शिवसेना सांसद संजय राउत को अभिनेत्री कंगना रनौत ने वीडियो जारी कर जवाब दिया है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं की धमकी के बावजूद वह 9 सितंबर को मुंबई जाएँगी।

कंगना ने अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट पर वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, “संजय जी मुझे अभिव्यक्ति की पूरी आज़ादी है। मुझे अपने देश में कहीं भी जाने की आज़ादी है। मैं आज़ाद हूँ।”

वीडियो में कंगना ने कहा है, “संजय राउत जी आपने मुझे कहा कि मैं एक हरामखोर लड़की हूँ। आप एक सरकारी मुलाजिम हैं। आप तो जानते ही होंगे कि इस देश मे हर दिन नहीं, हर घंटे कितनी लड़कियों के साथ बलात्कार हो रहे हैं। कितनी लड़कियों का शोषण किया जा रहा है। उनकी बॉडी काट कर एसिड डाल फेंक दी जा रही है। उनके काम के जगहों पर उनको गालियाँ दी जा रही है, उनका अपमान किया जा रहा है। उनके खुद के पति उनका कान, नाक, मुँह और जबड़े तोड़ रहे हैं।”

एक्ट्रेस वीडियो में आगे कहती हैं कि संजय जी आपको पता है इन सबका जिम्मेदार कौन है? इन सबका जिम्मेदार है ये मानसिकता। आपने जिसका भौंडा प्रदर्शन पूरे समाज के सामने, पूरे देश के सामने किया है। वो मानसिकता इसकी जिम्मेदार है और इस देश की बेटियाँ आपको इसके लिए माफ नहीं करेंगी। आपने उन सब महिलाओं का शोषण करने वालों का सशक्तिकरण किया है। इस देश की बेटियाँ आपको माफ़ नहीं करेंगी।

कंगना ने अपने वीडियो में उस समय को भी याद किया जब आमिर खान और नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि उन्हें देश में रहने से डर लगता है। उन बयानों को याद करते हुए कंगना ने कहा है, “जब आमिर खान और नसीरुद्दीन शाह ने देश के खिलाफ कहा था, तब तो किसी ने हरामखोर नहीं कहा?”

कंगना रनौत ने आगे कहा, “जिस मुंबई पुलिस की मैं तारीफ करते नहीं थकती थी, आप देख लीजिए मेरे पुराने कोई भी इंटरव्यू। आज जब वो पालघर की लिंचिंग में साधुओं के सामने कुछ नहीं करते हैं। एक लाचार बाप सुशांत के पिता के एफआईआर नहीं लेते हैं और मेरे स्टेटमेंट नहीं लेते हैं तो इस प्रशासन के चलते हुए मैं उनकी निंदा करती हूँ। ये मेरी अभिव्यक्ति की आजादी है। मैं उनकी निंदा करती हूँ और संजय जी मैं आपकी निंदा करती हूँ। आप महाराष्ट्र नहीं हैं। आप ये नहीं कह सकते कि मैंने महाराष्ट्र की निंदा की है।”

उन्होंने मुंबई वापस आने के बारे में बोलते हुए कहा, “संजय जी मैं 9 सिंतबर को आ रही हूँ और आपके लोग कह रहे हैं कि मेरा जबड़ा तोड़ देंगे और मुझे मार डालेंगे। आप लोग मार डालिए क्योंकि इस देश की जो मिट्टी है वो ऐसे ही खून से सींचकर इस देश की गरिमा है और अस्मिता के लिए न जाने कितने लोगों ने अपनी जान दी है और हम भी देंगे क्योंकि हमको भी वो कर्ज निभाना है। मिलते हैं 9 सितंबर को। जय हिंद जय महाराष्ट्र।”

गौरतलब है कि इससे पहले संजय राउत ने सोशल मीडिया के जरिए कंगना पर निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीट के जरिए कंगना को धमकाने की कोशिश की थी। राउत ने ट्वीट किया, “मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना, पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हूँ।”

राउत ने कहा था, “अगर वह लड़की महाराष्ट्र से माफी माँगती है तो मैं माफी माँगने के बारे में सोचूँगा। वह मुंबई को मिनी पाकिस्तान कहती है। क्या उसमें हिम्मत है कि वह यही बात अहमदाबाद के लिए कह दे?”

सना खान का यार सैफ अंसारी गिरफ्तार: एक देवी-देवताओं को गाली देती, दूसरा यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करता

सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के लिए अश्लील टिप्पणी करने वाली हीर खान उर्फ सना खान के सहयोगी सैफ अंसारी को भी पुलिस ने कानपुर स्थित उसके घर से अरेस्ट कर लिया है। हीर खान के वीडियो को सैफ ही यूट्यूब पर अपलोड करता था। कट्टरपंथी संगठनों के साथ सैफ के कनेक्शन की भी पुलिस पड़ताल कर रही है।

प्रयागराज पुलिस ने ट्वीट कर इस मामले की जानकारी साझा की है। पुलिस ने कहा, “सोशल मीडिया पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने सम्बन्धी भड़काऊ भाषण देने व अपलोड करने वाली महिला सना उर्फ हीर खान का मित्र अभियुक्त सैफ अंसारी को गिरफ्तार किया गया।” यह गिरफ्तारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीक्षित के नेतृत्व में खुल्दाबाद पुलिस द्वारा की गई है।

प्रयागराज पुलिस ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी किया है। इसके मुताबिक, “प्रयागराज की रहने वाली सना उर्फ हीर खान के साथ मिलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से धर्म विशेष व सरकार को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की गई है, इन वीडियोज को अपलोड किए जाने से भारत के विभिन्न धर्मों व समुदायों में वैमनस्यता फैलाने वाला घृणा पैदा करने वाला कृत्य किया गया है। आरोपी सैफ अंसारी, हीर खान के साथ मिलकर भड़काऊ टिप्पणी करने वाली वीडियो प्रेषित करता था।”

विज्ञप्ति के मुताबिक, अंसारी के खिलाफ प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आईटी कानून की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज है। सना खान को इस मामले में 25 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। सना खान के फोन और कॉल रिकॉर्ड की भी पुलिस जाँच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन-कौन से लोग उससे जुड़े हुए थे। हीर खान फेसबुक, ट्विटर के अलावा यूट्यूब के जरिए भड़काऊ कंटेट जारी करती थी और हिंदू देवी-देवताओं को गाली भी देती थी।

हीर खान से पूछताछ के दौरान पुलिस को सैफ अंसारी का पता चला था। सैफ ने पुलिस रिमांड में बताया कि वह पहले गुजरात के सूरत में दर्जी का काम करता था। सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी दोस्ती हीर खान से हुई। लॉकडाउन में वह कानपुर वापस आ गया था। इसी दौरान वह हीर के साथ मिल कर वीडियो बनाता और उसे यूट्यूब पर अपलोड कर उसके लिंक को व्हाट्सअप के जरिए लोगों को भेज वायरल करता था।

गौरतलब है कि हीर खान को प्रयागराज पुलिस ने 25 अगस्त को गिरफ्तार किया था। हीर खान को उसके यूट्यूब चैनल पर हिंदू विरोधी वीडियो पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। 28 वर्षीय यूट्यूबर (YouTuber) पर धारा 153A/505 IPC और 66 IT कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा हीर खान पर राष्ट्रदोह का मामला भी दर्ज किया गया था।

यूट्यूब चैनल ‘ब्लैक डे 5 अगस्त’ पर हीर खान ने ऐसा वीडियो साझा किया था, जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं को जम कर गालियाँ बकी गई थी। यूट्यूबर हीर खान ने इस वीडियो में माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ शब्द का प्रयोग किया था और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ करार दिया था। गिरफ्तारी के बाद हीर खान का पाकिस्तानी कनेक्शन भी सामने आया था।

नोमान ने रेप किया, रहबर ने Video बनाया: सहारनपुर की नाबालिग पीड़िता ने जहर खा कर दी जान

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नोमान ने 17 साल की नाबालिग से रेप किया। उसके ड्राइवर रहबर ने इसका वीडियो बनाया। इसके बाद पीड़िता ने शुक्रवार (4 सितंबर 2020) को ज़हर खा कर जान दे दी। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र की है। नाबालिग से जब नोमान रेप कर रहा था तो उसका ड्राइवर रहबर इसका वीडियो बना रहा था। उन्होंने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को भी बताया तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देंगे। ख़बरों के मुताबिक़ परिवार वालों ने बताया कि पीड़िता वीडियो की बात से अवसाद में थी।  

शुक्रवार की दोपहर उसने ज़हर खा लिया। परिवार वाले उसे सामुदायिक अस्पताल लेकर गए। वहाँ से लड़की को सहारनपुर स्थित बड़े अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसकी मृत्यु हो गई। लड़की के भाई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ नोमान ने उसकी बहन के साथ बलात्कार किया था और ड्राइवर रहबर ने घटना का वीडियो बनाया। उन्होंने पहले धमकी दी कि वह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर देंगे और उसके बाद आरोपितों ने वीडियो साझा कर दिया। 

इसके बाद नोमान और रहबर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 306 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना पर पुलिस अधीक्षक सहारनपुर ग्रामीण अशोक कुमार मीणा ने कहा, “हमें जानकारी मिली थी कि नाबालिग लड़की ने ज़हर खा लिया है। इसके बाद पीड़िता के परिवार वालों ने लिखित में शिकायत दी कि दो युवकों ने उसके साथ बलात्कार किया है। आरोपितों ने बलात्कार का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इस बात से आहत होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है और आगे की कार्रवाई जारी है।”   

‘सुशांत की आड़ में बॉलीवुड को कर रहे बदनाम’: जावेद अख्तर की बेटी से लेकर करीना कपूर तक ने किया समर्थन

प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ़ इंडिया ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में मीडिया कवरेज पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि इसकी आड़ में फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम किया जा रहा है। गिल्ड के इन आरोपों का बॉलीवुड के कई नामचीनों ने समर्थन किया है। इसमें जावेद अख्तर की फिल्मकार बेटी जोया अख्तर से लेकर करीना कपूर तक शामिल हैं।

गिल्ड के बयान को सोशल मीडिया पर जोया और उनके भाई फरहान अख्तर ने साझा किया है। करीना कपूर ने जोया की इंस्टाग्राम स्टोरी को शेयर कर अपना समर्थन देते हुए लिखा, “मैं अपनी इंडस्ट्री के साथ हूँ (With My Industry)।”

साभार: kareena kapoor instagram

प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया को बॉलीवुड अभिनेत्री और अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर का भी साथ मिला। सोनम कपूर ने इस चिट्ठी को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए एकजुटता दिखाई।

इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री और शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने भी इसका समर्थन किया है। इसमें स्वरा भास्कर का भी नाम शामिल है।

अपने स्टेटमेंट में गिल्ड ने कहा, “पिछले कुछ महीनों से सभी मीडिया द्वारा भारतीय फिल्म उद्योग की प्रतिष्ठा पर लगातार हमला किया जा रहा है। एक होनहार युवा कलाकार की दुखद मृत्यु को कुछ लोग फिल्म उद्योग और उसके सदस्यों का नाम बदनाम करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।”

बयान में कहा गया है कि एक युवा एक्टर के मौत को कुछ लोगों ने बॉलीवुड को किसी भयानक और अंधकार भरी जगह साबित करने का हथियार बना लिया है, जहाँ शोषण और अपराध ही होता है। ऐसा दिखाया जा रहा है कि बॉलीवुड में बाहर से आने वाले लोगों को समझौतों और शर्तों के बिना कहीं पहुँचने नहीं दिया जाता और उनसे भेदभाव किया जाता है। जाहिर है ऐसी धारणाओं को मीडिया संस्थाएँ अपनी रेटिंग्स बढ़ाने में इस्तेमाल करती हैं। लेकिन यह सब कुछ गलत है।

गिल्ड ने लिखा है, “इंडस्ट्री ने लाखों लोगों को रोजगार दिया है। टूरिज़्म को बढ़ावा दिया है। 100 सालों से ज्यादा से सबका मनोरंजन करती आ रही है और दुनिया भर की कलाओं का प्लेटफॉर्म देती आ रही है। जब भी जरूरत पड़ी है, इंडस्ट्री ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं।”

गौरतलब है कि एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर लोगों ने आरोप लगाया था कि ‘भाई-भतीजावाद’ की वजह से ही सोनम फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। इसके बाद सोनम कपूर ने फादर्स डे के मौके पर ट्विटर पर नेपोटिज्म का बचाव करते हुए कहा था कि अनिल कपूर की बेटी होने पर उन्हें गर्व है। उन्हें यह बात कहने में हिचक नहीं है कि अपने कर्म की वजह से वह उनके घर पैदा हुईं और इसका उन्हें फायदा हुआ।

हर मुद्दे पर अपनी राय काफी मुखर होकर रखने वाली अभिनत्री कंगना रनौत ने पिछले दिनों इंडस्ट्री के फिल्म-माफियाओं को लताड़ लगाते हुए कहा था कि इस काम में ऐसे गिरोह हैं जिनका लक्ष्य राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुशांत सिंह राजपूत के मामले को सीबीआई को हस्तांतरित करने के बाद रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी से बात करते हुए, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा कि जावेद अख्तर, नसीरुद्दीन शाह जैसे लोगों को फिल्म उद्योग में भाई-भतीजावाद और पक्षपात की मानसिकता को स्थापित करने के लिए काम किया है।