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PM मोदी की तुलना आसाराम और गुरमीत राम रहीम से… जिसने किया, वो एक कॉन्ग्रेसी नेता है

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोर के साथ तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विरोधी खेमे की ओर से विभिन्न किस्म की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने आधिकारिक आवास पर मोर को खिलाते हुए देखा गया।

लेकिन यह वीडियो सिर्फ इसी वजह से अब चर्चा में नहीं है। वीडियो में पीएम मोदी का नया लुक भी विरोधियों के लिए समस्या का कारण बन गया है। यही वजह है कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने अपनी कुत्सित मानसिकता का परिचय देते हुए पीएम मोदी के नए लुक की तुलना गुरमीत राम रहीम और आसाराम सी कर डाली। कॉन्ग्रेस नेता गौरव पाँधी ने कहा कि पीएम मोदी का नया रूप ‘आसाराम और राम रहीम का डरावना मिश्रण’ है।

ट्विटर पर कॉन्ग्रेस नेता गौरव पाँधी ने लिखा, “मुझे नहीं पता कि उनकी पीआर टीम क्या करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन्होंने उन्हें आसाराम और राम रहीम का खौफनाक मिश्रण बना दिया है।”

पीएम मोदी द्वारा अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो पोस्ट किए जाने के कुछ दिनों बाद पाँधी की यह टिप्पणी आई है। पीएम मोदी ने जो वीडियो पोस्ट किया था, उसमें वह अपने सुबह के व्यायाम के दौरान अपने आवास पर मोर को दूध पिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। 1.47 मिनट के इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी आवास से उनके कार्यालय तक चलने की कुछ झलकियाँ भी हैं।

कॉन्ग्रेस नेता गौरव पाँधी के इस घृणित ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है। कुछ लोगों ने पाँधी का समर्थन किया, जबकि अन्य ने उनकी इसके लिए निंदा की है।

सृष्ठि राजीव शर्मा ने इस घटिया तुलना पर अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है, “ये इस संगठन के राष्ट्रीय स्तर के पद धारक हैं। ये लोग अपनी पार्टी में 2 मिनट की लोकप्रियता के लिए 2 कौड़ी के वान्नाबी ट्रोल की तरह व्यवहार करते हैं।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा है, “यह वही है, जिस पर आकर अब कॉन्ग्रेस ठहर गई है – अपराधियों के साथ पीएम की तुलना करना। क्या यह गाँधी परिवार की आंतरिक मंडली की CWC बैठक और दरार को छिपाने के लिए है? किसी भी तरह से आप सत्ता में वापस नहीं आएँगे। यदि यह आपको खुश करता है, तो आगे बढ़ें।”

रिया के साथ अब वो हॉस्पिटल भी लपेटे में, जहाँ चुपके से शव-गृह में घुस गई थी सुशांत की ‘गर्लफ्रेंड’

अभिनेता सुशांत सिंह केस में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने रिया चक्रवर्ती के कूपर अस्पताल की मोर्चरी में जाने पर नोटिस जारी किया है। कूपर अस्पताल और डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है कि किस नियम के आधार पर रिया को मोर्चरी के अंदर जाने दिया गया। पुलिस ने उन्हें क्यों नहीं रोका। मुम्बई पुलिस और अस्पताल से जवाब माँगा गया है।

बता दें कि सुशांत की मौत के बाद उनका पोस्टमॉर्टम मुंबई के कूपर अस्पताल में ही किया गया था। पोस्टमॉर्टम के अगले दिन रिया सुशांत के शव को देखने के लिए अस्पताल पहुँची थी। अस्पताल की ओर से रिया को शव को देखने की इजाजत दी गई थी। इसी पर महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने कूपर अस्पताल और मुंबई पुलिस से जवाब माँगा है।

गौरतलब है कि सुशांत के निधन के बाद रिया सुशांत के शव को देखने के बाद रोने लगीं और सॉरी बाबू कहा था। सुशांत के दोस्त और फिल्म मेकर सुरजीत सिंह राठौर ने हाल ही में रिपब्लिक टीवी को दिए गए इंटरव्यू में बताया था कि 15 जून को रिया चक्रवर्ती को वो ही सुशांत का शव दिखाने के लिए मोर्चरी लेकर गए थे।

सुरजीत सिंह राठौर ने बताया था कि रिया चक्रवर्ती 15 जून को कूपर अस्पताल में सुशांत के अंतिम दर्शन के लिए गई थीं। इस दौरान रिया ने सुशांत के शव को देखकर कहा था ‘सॉरी बाबू’। रिया की इस बात को सुन सुरजीत को भी थोड़ा अटपटा लगा था। इसके बाद से रिया के ऊपर और भी सवाल उठने लगे।

बता दें कि इस पूरे मामले में रिया चक्रवर्ती मुख्य आरोपित हैं। रिया और रिया के परिवार वालों से ईडी ने इस मामले में पूछताछ की थी। माना जा रहा है कि सुशांत की मौत की जाँच कर रही सीबीआई रिया और उनके परिवार से पूछताछ कर सकती है। सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में अब सीबीआई एक-एक करके सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। 

एक्टर की मौत के बाद मामले की जाँच करने वाले मुंबई पुलिस के अधिकारी भी अब सीबीआई के शक के दायरे में आ गए हैं। मंगलवार (अगस्त 25, 2020) को केस से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। वहीं, सीबीआई ने इस मामले में मुंबई पुलिस के 2 अधिकारियों के खिलाफ समन जारी किया है। समन पाने वालों में से एक मुंबई पुलिस के जाँच अधिकारी और दूसरे सब इंस्पेक्टर हैं।

इसके अलावा रिया चक्रवर्ती के ड्रग्स वाली चैट सामने आने के बाद सीबीआई इस बारे में सिद्धार्थ पिठानी, कुक केशव ठाकुर, कुक नीरज, हाउस मैनेजर सैमुअल मीरांडा, स्टाफ दीपेश सावंत से भी ड्रग्स वाली बात को लेकर एक बार फिर पूछताछ कर सकती है।

4 महीने तक नाबालिग का बलात्कार करने वाला इरफान हुआ गिरफ्तार: लड़की के गर्भवती होने के बाद दर्ज हुआ था मामला

बिहार के पूर्णिया जिला के कसबा में एक महादलित लड़की के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म करने और उसे जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मोहम्मद इरफान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जानकारी कसबा थानाध्यक्ष ने ही मीडिया को दी है।

भास्कर की खबर के अनुसार, कसबा थानाध्यक्ष पंकज आनंद ने बताया कि थाना क्षेत्र के धनखनियाँ गाँव में नाबालिग महादलित लड़की के दुष्कर्म व यौन शोषण केस में नामजद आरोपित मोहम्मद इरफान को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद उसे मंडल कारागार पूर्णिया भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि 13 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का यह मामला कुछ दिनों पहले उजागर हुआ था। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि मोहम्मद इरफान ने पीड़िता के साथ लगातार चार महीने तक दुष्कर्म किया। वह पीड़िता को धमकी भी दिया करता था कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे जान से मार देगा।

इस दौरान पीड़िता गर्भवती भी हो गई। पीड़िता ने पूछताछ के दौरान एसडीपीओ आनंद पांडेय को बताया कि उसने गर्भवती होने की बात अपनी भाभी को बताई थी। जिसके बाद उन्होंने अपने पति यानी पीड़िता के भाई को इसके बारे में बताया। फिर भाई ने आरोपित इरफान के खिलाफ कसबा थाना में शिकायत दर्ज करवाई और पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

पीड़िता के भाई के अनुसार उन्हें इस घटना की जानकारी मई में ही मिली थी। उस समय वह पंजाब में थे और लॉकडाउन की वजह से वापस नहीं आ पा रहे थे। उन्होंने बताया कि पीड़िता और उसकी भाभी मोहम्मद इरफान की वजह से कसबा थाना में जाकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करवा रही थी।

कुछ समय पहले भी आया था महादलित लड़ती से दुष्कर्म का मामला

यहाँ बता दें कसबा थाना क्षेत्र में ही पिछले दिनों एक 15 वर्षीय महादलित युवती को अगवा कर गाँव के ही तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म के बाद उसे बंधक बना लिया गया, जिसे पुलिस ने छुड़ाया।

हालाँकि, पुलिस ने गैंगरेप की बात से इनकार कर दिया था। मौके से सभी आरोपित भी फरार हो गए थे। मामले में मोहम्मद मुजफ्फर मुख्य आरोपित था। मोहम्मद मुजफ्फर अपने सहयोगियों नवाजिश और अबू बकर के साथ मिलकर पीड़िता का अपहरण कर लिया था।

पीड़िता की माँ ने दावा किया था कि अगवा करने से पहले उनकी बेटी को बेहोश किया गया था। आरोपितों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। पीड़िता की माँ ने बताया कि सुबह उसे घर में न पाकर परिजन बेचैन हो गए और तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि पीड़िता को मोहम्मद मुजफ्फर ने बंधक बना कर रखा था।

ड्रग एंगल का खुलासा होने के बाद ED ने जया साहा को भी भेजा समन: CBI कर सकती है रिया की चैट का विश्लेषण

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले ‘ड्रग’ एंगल का खुलासा होने के बाद ईडी ने रिया चक्रवर्ती की टैलेंट मैनेजर जया साहा को समन भेजा है। जया साहा का नाम रिया के साथ हुई ‘ड्रग्स’ चैट में सामने आया था

प्रवर्तन निदेशालय के अलावा नारकोटिक्‍स ब्‍यूरो के अध‍िकारी भी अब इस संबंध में मीटिंग करने वाले हैं। इस मीटिंग में सुशांत केस में ‘ड्रग ऐंगल’ पर चर्चा होगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इनके अलावा सीबीआई की टीम भी अब ईडी के साथ मिलकर रिया के फोन का विश्लेषण कर सकती है।

जया साहा के साथ ड्रग्स पर हुई बातचीत का खुलासा जिस चैट से हुआ, उसमें रिया ने जया से कहा था,  “चाय, कॉफी या पानी में 4 बूंदें डालो और उसे पीने दो। असर देखने के लिए 30 से 40 मिनट रुको।” इसके अलावा अप्रैल 2020 में एक अन्य चैट में मिरांडा ने जया से कहा कि ‘स्टफ’ लगभग ख़त्म हो चुका है। अप्रैल 2020 की ही एक चैट में शौविक से Hash और Bud लेने की बात हो रही है, जो लोअर लेवल के ड्रग्स हैं।

इस चैट का खुलासा होने के बाद सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी ट्वीट कर सीबीआई से तुरंत ऐक्शन लिए जाने की गुहार लगाई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “यह एक आपराधिक मामला है। सीबीआई को इस पर तुरंत ऐक्शन लेना चाहिए।”

वहीं, दूसरी ओर व्हॉट्सएप चैट्स में ड्रग्स के लेन-देन की बात सामने आते ही रिया के वकील ने दावा किया है कि रिया ने जिंदगी में कभी भी ड्रग्स नहीं लिया और वो ब्लड टेस्ट के लिए तैयार है।

याद दिला दें, इससे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सुशांत को ड्रग दिए जाने के बिंदु को उठाया था। उन्होंने पूछा था कि आखिर एक्टर की मुलाकात दुबई के ड्रग डीलर से क्यों हुई थी। उन्होंने ये भी दावा किया था कि सुशांत मामले में पोस्टमार्टम देर से करवाया गया ताकि पेट में जहर घुल सके।

बता दें कि सुशांत सिंह की मौत के बाद से उनके परिवार वाले और उनके फैन्स इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने सुशांत से जुड़े कई लोगों को शक के घेरे में रखा था। जिसके बाद से अब तक मामले की पड़ताल में सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती, रिया के भाई शोविक, पिता इंद्रजीत, सुशांत के सीए संदीप श्रीधर, सुशांत की पूर्व मैनेजर और रिया की मैनेजर श्रुति मोदी, रिया के सीए रितेश शाह, सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी, हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और दिवंगत अभिनेता के अन्य निजी स्टाफ से पूछताछ की जा चुकी है और कइयों की भूमिका अब तक संदिग्ध है।

‘प्रशांत भूषण और राहुल गाँधी एक हो जाएँ’ – Pak मीडिया दोनों पर फिदा, दक्षिणपंथी ताकतों से लड़ने को उकसाया

पाकिस्तानी मीडिया अब प्रशांत भूषण का फैन हो गया है। पाकिस्तान के सबसे बड़े अखबार ‘डॉन’ में लिखे एक लेख में अधिवक्ता प्रशांत भूषण और पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की जम कर तारीफ करते हुए उन्हें साथ मिल कर काम करने की सलाह दी गई है। लिखा है कि प्रशांत का मतलब शांत होता है लेकिन वो ऐसे नहीं हैं जबकि राहुल का मतलब विजेता होता है लेकिन फ़िलहाल वो इसमें फिट नहीं बैठते।

पाकिस्तानी अख़बार ने लिखा कि राहुल गाँधी एक दुर्लभ विपक्षी नेता हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मनमानी’ वाले शासन के खिलाफ आवाज उठाते हैं और इसके लिए उनकी सराहना होनी चाहिए। साथ ही सलाह दी गई है कि अगर वो और प्रशांत भूषण अपनी ‘विशालकाय’ ऊर्जा के साथ एक हो जाएँ तो भारत में ‘कठोर’ दक्षिणपंथी शासन द्वारा लोकतंत्र को कुचलने से रोका जा सकता है। ये लेख ‘डॉन’ के दिल्ली संवाददाता जावेद नकवी ने लिखा है।

उन्होंने लिखा है कि लोकसभा में 10% से भी कम सीटों पर सिमटी कॉन्ग्रेस ही एकमात्र पार्टी है, जिसकी पहुँच कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक है। साथ ही लिखा कि कॉन्ग्रेस पिछले कई सालों में हुई गलतियों की भी प्रतिनिधि है, जिससे दक्षिणपंथी नेताओं को सत्ता पाने का मौका मिला। दावा किया गया है कि कॉन्ग्रेस ने क्रोनी कैपिटलिज्म को ऑक्सीजन दिया, जिससे सामाजिक विभाजनकारी ताकतों ने सत्ता ले ली।

पाकिस्तानी अख़बार का दावा है कि प्रशांत भूषण उद्योगपतियों और राजनेताओं के बीच के नेक्सस को ख़त्म करने का प्रयास करते रहे हैं। साथ ही उन्हें दलितों और संप्रदाय विशेष के लिए बोलने वाला बताया गया है। लेख में लिखा है कि वो कश्मीर के अधिकार के लिए भी आवाज़ उठाते रहे हैं। उन्हें असहमति के असंख्य समर्थकों और अमूल-चूल बदलाव का वाहक एक्टिविस्ट करार दिया गया है। बताया गया है कि वो अरुंधति रॉय के फैन हैं, जिन्होंने कोर्ट की अवमानना का सामना किया था। लेख में आगे लिखा है:

“अरुंधति रॉय की तरह ही प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट में जजों से माफ़ी माँगने से इनकार कर दिया। प्रशांत भूषण का राजनीतिक अनुभव बड़ा है। वो आम आदमी पार्टी में थे, जिसने मोदी लहर को 2015 में रोका। जब केजरीवाल ने अपने साथियों को धमकाना शुरू किया तो वो पार्टी से अलग हो गए। वो अमीर उद्योगपतियों के खिलाफ रहे हैं, जो राजनितिक सत्ता चलाते हैं। लेकिन, वो जानते हैं कि वो अकेले नहीं लड़ सकते। उन्हें एक साथी की ज़रूत है। वो उस सपने के प्रतीक हैं, जो एक आदर्श नेता का होता है – आम आदमी के लिए शक्तिशाली लोगों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करना।”

इसके बाद राहुल गाँधी की तारीफ करते हुए दोनों को एक होने की सलाह दी गई है। कहा गया है कि राहुल को मीडिया और भाजपा ने बदनाम कर रखा है। दावा किया गया है कि अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन पर उनकी नाराजगी को सत्तापक्ष ने हाईजैक कर लिया। लेख के अनुसार, राहुल गाँधी ने राम मंदिर, चीन विवाद, कोरोना आपदा और राफेल पर सरकार के खिलाफ बोला। सलाह दी गई कि दोनों अपने नामों के बहकावे में न आकर भाग्य के प्रस्ताव को स्वीकारें और एक हो जाएँ।

बता दें कि प्रशांत भूषण अवमानना के मामलों में घिरे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रशांत भूषण ने अपनी टिप्पणी के जवाब में जो बयान दिया है, वह ज्यादा अपमानजनक है। सुनवाई में प्रशांत भूषण ने वर्ष 2009 में दिए अपने बयान पर खेद जताया था लेकिन बिना शर्त माफ़ी नहीं माँगी थी। उन्होंने कहा था कि तब मेरे कहने का तात्पर्य भ्रष्टाचार कहना नहीं था, बल्कि सही तरीक़े से कर्तव्य न निभाने की बात थी।

पाँव छू कर मिन्नतें करती रही माँ, सिमरन नहीं कर सकी बात: अपहरण कर बलात्कार और इस्लाम कबूल करने को किया गया था मजबूर

पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों का अपहरण करके उनको जबरन इस्लाम कबूल करवाने और निकाह कराए जाने के कई मामलों के बीच सिमरन नाम की बच्चीं के साथ भी ऐसा ही किए जाने की खबर आई थी, जिसके बाद परिवार का फूट-फूट कर रोते हुए वीडियो वायरल हो गया था। अब सिमरन के परिवार को अपनी बच्ची से मिलने की इजाजत तो दे दी गई है लेकिन उसकी मानसिक अवस्था ऐसी हो गई है कि वो किसी से कुछ बात करने को तैयार नहीं।

‘वॉइस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी’ ने ट्विटर पर उस वीडियो को शेयर क़िया, जिसमें पाकिस्तान का पीड़ित हिन्दू परिवार अपनी बच्ची सिमरन से मिल रहा है लेकिन वो किसी से कुछ बात नहीं कर रही है और न ही किसी के सवालों का जवाब दे रही है। सिमरन की माँ और चाची को उससे मुलाकात करने की इजाजत दी गई। वीडियो में उसकी माँ को उससे मिन्नतें करते हुए देखा जा सकता है।

बताया गया है कि सिमरन को इतना प्रताड़ित किया गया है, धमकियाँ दी गई हैं और उस स्तर पर उसका ब्रेनवॉश किया गया है कि वो एक मूर्ति की तरह बैठी हुई है और उसकी माँ द्वारा उसके पैर छू कर मिन्नतें किए जाने को बावजूद कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी माँ बार-बार उसके पाँव छूती है, उसे पुचकारती है और उसे प्यार से सहलाती है लेकिन सिमरन ने उनके किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।

बताते चलें कि सिमरन का कुछ समय पहले घोटकी-सिंध के मीरपुर इलाके से कट्टरपंथियों ने अपहरण किया था। फिर बलात्कार कर उसे इस्लाम कबूल करवा दिया गया। परिवार ने इंसाफ के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई। लेकिन कोर्ट ने उसे यह कहकर खारिज कर दिया कि एक इस्लाम मानने वाले का गैर-इस्लामी परिवार से कोई संबंध नहीं होता। अगर उन्हें उनसे मिलना है तो उन्हें भी इस्लाम कबूल करना होगा।

राहत ऑस्टिन का सिमरन मामले में कहना है कि कोर्ट ने यह फैसला लिखित में नहीं दिया। जब परिवार को यह बात बोली गई तब लड़की कठघरे में न्यायाधीश के सामने थी। लेकिन माँ और हिंदू परिजनों को उससे मिलने नहीं दिया गया। जज ने धर्म परिवर्तन की बात भी तब बोली जब उन्होंने अपनी बेटी से मिलने का अनुरोध किया। ऐसे कई मामले हैं जो पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति को बयान करते हैं।

ऑनलाइन क्लास के लिए पहाड़ी पर झोपड़ी में रहने वाली छात्रा की मदद के लिए आगे आया PMO और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के कारण घर से दूर पहाड़ी पर झोपड़ी बनाकर पढ़ने वाली महाराष्ट्र की छात्रा स्वप्नाली सुतार की मदद के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय आगे आया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सीधे हस्तक्षेप से सुनिश्चित किया गया कि स्वप्नाली को नेटवर्क कनेक्टिविटी के कारण अपनी ऑनलाइन क्लासेज में कोई समस्या न आए। प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मदद से कुछ ही दिन पहले चर्चा में आई स्वप्नाली सुतार अब अपने घर से ही अपनी ऑनलाइन क्लासेज जॉइन कर पा रही हैं।

महाराष्ट्र स्थित सिंधुदुर्ग जिले के दुर्गम इलाके में मौजूद दरिस्ते गाँव की निवासी स्वप्नाली सुतार के पढ़ाई के प्रति जूनून की कहानी जब आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संज्ञान में आई तो कुछ ही दिनों में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस समस्या का तत्काल निवारण किया गया और अब स्वप्नाली अपनी पढ़ाई इन्टरनेट के जरिए घर से ही जारी रख पा रही है।

आकाशवाणी संवाददाता की रिपोर्ट में ही बताया गया कि इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत के प्रत्येक गाँव को अगले हजार दिनों के भीतर एक ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट मिलेगा। स्वप्नाली सुतार ने शायद ही सोचा होगा कि यह वास्तविकता में भी तब्दील हो सकता है और उसके दूरदराज के गाँव में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध हो सकेगा।

कोरोना वायरस के दौरान जारी लॉकडाउन के कारण स्वप्नाली अपने ही गाँव में रह गई और इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण स्वप्नाली मुंबई वेटरनरी कॉलेज द्वारा आयोजित ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने में असमर्थ थी। इस समस्या के निवारण के लिए स्वप्नाली के भाइयों ने उसके लिए 2 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी के ऊपर एक झोपड़ी के आकार का शेड बनाने में मदद की, ताकि उसके मोबाइल में नेटवर्क आ सके और उसे वह बिना किसी समस्या के अपनी पढ़ाई जारी रख सके।

स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया द्वारा स्वप्नाली के संकल्प को सराहा गया और इस कहानी को चैनलों पर दिखाया गया, जिस कारण यह प्रधानमंत्री कार्यालय की नज़र में भी आ सका। एक सप्ताह के भीतर ही इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने स्वप्नाली के गाँव पहुँचकर ग्राम पंचायत के माध्यम से स्वप्नाली के घर तक सीधे केबल बिछाई। मीडिया और सरकार को उनकी त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हुए, स्वप्नाली ने कहा कि वह अब अपने घर से ही सुरक्षित तरीके से अध्ययन कर सकती है।

बिना परमिशन ताजिया ले जा रहे युवक को पुलिस ने पकड़ा, UP के बाराबंकी में बवाल, पत्थरबाजी: करनी पड़ी पीएसी तैनात

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी में मंगलवार (अगस्त 25, 2020) के दिन अचानक से माहौल बिगड़ गया। दरअसल, हुआ यूँ कि एक युवक बिना अनुमति लिए ताजिया लेकर जा रहा था, जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई। जैसे ही संप्रदाय विशेष के समाज के लोगों को यह पता चला कि ताजिया ले जाने वाले युवक को पुलिस ले गई है, सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।

संप्रदाय विशेष समाज के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन उतना उग्र हो गया कि बाराबंकी पुलिस को भी इसे संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। संप्रदाय विशेष समाज के लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। अफवाह फैलने लगी और प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती चली गई। बाराबंकी, गोण्डा, बहराइच और श्रावस्ती को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण बुद्धा मार्ग को संप्रदाय विशेष के प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया, जिससे आवागमन ठप्प हो गया।

शहावपुर गाँव का उक्त युवक मसौली कसबे से ताजिया लेकर घर जा रहा था। लोगों का आरोप है कि बाराबंकी पुलिस ताजिया सहित उक्त युवक को लेकर थाने ले गई। जैसे ही यह खबर फैली, संप्रदाय विशेष समाज के लोग घर से निकल कर सड़क जाम कर नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे। शहावपुर गाँव के प्रंचायत प्रतिनिधि वसीम अंसारी का आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों ने उनके घर का भी घेराव किया।

उन्होंने इस घटना से अनभिज्ञता जताई। पुलिस को जब इसकी सूचना मिली और वो अंसारी के घर पहुँची तो प्रदर्शनकारी भाग खड़े हुए। ‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, बाराबंकी के अपर एसपी आरएस गौतम ने बताया कि सभी को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि कोरोना संक्रमण आपदा के कारण इलाक़े में धारा-144 लागू है और किसी को भी इस तरह से आवागमन करने की अनुमति नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर इसमें कोई रुकावट पैदा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, उन्होंने ताजिया के साथ संप्रदाय विशेष के युवक को थाना ले जाने वाले मामले में और छानबीन की बात भी कही। मौके पर तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात की गई है। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने अभद्रता की, जिसे प्रशासन ने नकार दिया है। फ़िलहाल माहौल शांत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में मुहर्रम को लेकर जारी किए गए गाइडलाइन्स में इस दौरान 5 से ज्यादा लोगों के जुटने को प्रतिबंधित किया गया था। साथ ही दिशा-निर्देशों में ये भी कहा गया है कि ताजिया को सड़कों पर या चौक पर नहीं रखा जा सकेगा। इसी तरह कानपुर में भी मुहर्रम को लेकर मजलिस चल रही थी, जहाँ पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कानपुर के ग्वालटोली में लगभग 60 लोग एक मकबरे में जुट गए थे।

पुलिस जब मजलिस के मुखिया डॉक्टर अली को थाने ले गई तो पीछे-पीछे भीड़ भी वहाँ पहुँच गई। जब लोगों ने संप्रदाय विशेष के समाज के उपद्रवियों की करतूतों को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करना शुरू किया तो उग्र भीड़ पत्थरबाजी करने लगी। बीच-बचाव करने के बाद पुलिस ने डॉक्टर अली को सरकारी गाइडलाइन्स के अनुसार मातम मनाने की इजाजत दी, जिसके बाद भीड़ वहाँ से तितर-बितर हुई।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल 5 लोगों के साथ मुहर्रम का जुलुस निकालने की अनुमति नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों की सरकारों को पक्षकार बनाते हुए कहा कि मुहर्रम का जुलुस हर इलाक़े में निकलता है, इसीलिए उनकी बात सुननी ज़रूरी है। सीजेआई बोबडे ने कहा कि अभी हाल ही में उन्होंने लोगों को दादर, बायकला और चेंबूर के मंदिरों में एक सीमित क्षमता में प्रार्थना समारोह में प्रार्थना करने की अनुमति दी थी क्योंकि वहाँ की सरकारें इसके पक्ष में थीं।

पत्रकार सुष्मिता सिन्हा ने तीज की पुस्तक को बनाया टॉयलेट पेपर, शेयर किया Video: हो रही गिरफ्तारी की माँग

पत्रकार सुष्मिता सिन्हा की सोशल मीडिया पर जम कर आलोचना हो रही है। वो अक्सर उग्र वामपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्रियाँ शेयर करने के कार विवादों में रहती हैं लेकिन फ़िलहाल कारण कुछ और है। दरअसल, सुष्मिता सिन्हा ने हरतालिका तीज व्रत की पवित्र पुस्तक को ‘टॉयलेट पेपर’ के रूप में प्रयोग किया है। सुष्मिता सिन्हा का दावा है कि उन्होंने हरतालिका तीज पर महिलाओं द्वारा उपवास किए जाने के विरोध में ये वीडियो बनाया।

अपने यूट्यूब चैनल पर बनाए गए वीडियो में सुष्मिता सिन्हा ने हरतालिका तीज की पुस्तक हाथ में लेकर कहा कि उन्होंने इस ‘रद्दी’ के लिए पूरे 15 रुपए खर्च किए हैं और पूछ रही हैं कि अब इसका क्या प्रयोग किया जाना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि तीज की कथा वाली पुस्तक को वो टॉयलेट पेपर बनाएँगी या टिश्यू पेपर, इस सम्बन्ध में उन्हें सलाह चाहिए। ‘हिन्दू आईटी सेल’ ने इसका विरोध किया है।

अपने ट्वीट में ‘हिन्दू आईटी सेल’ ने जानकारी दी है कि सुष्मिता सिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई, जिसमें उन्होंने दिखाया कि हरतालिका तीज व्रत कथा की पुस्तक उनके टॉयलेट में ‘टॉयलेट पेपर’ की जगह टँगी हुई है। बता दें कि उत्तर भारत में तीज का पर्व महिलाओं के बीच खासा लोकप्रिय है और उस दिन वो अपने परिवार के सुखद भविष्य के लिए उपवास करती हैं और पूजा करती हैं।

‘हिन्दू आईटी सेल’ ने कहा कि वामपंथियों को सीधे-सादे हिन्दुओं और उनके देवी-देवताओं को गाली देने में खासा मजा आता है। सुष्मिता सिन्हा के बारे में बताया गया है कि वो ‘बोलता हिंदुस्तान’ के लिए काम करती हैं, जो मोहम्मद रहमान के स्वामित्व में है। वैसे ये पहली बार नहीं है, जब उन्होंने इस तरह की हरकत की हो। उन्होंने राम मंदिर भूमिपूजन के अगले दिन 6 अगस्त को एक फोटो शेयर करते हुए लिखा कि जो ज़िंदा हैं, उन्हें तो नहीं मिला घर, लेकिन एक पत्थर को मिल गया।

उन्होंने जो फोटो शेयर किया था, उसमें भगवान राम नरेंद्र मोदी को कह रहे हैं कि बेटा, तुमने ये तो कहा था कि 2022 तक सबको घर मिलेगा लेकिन मुझे भी मिलेगा, ऐसा नहीं कहा था। बता दें कि पीएम मोदी की रामभक्ति को दर्शाती इस तस्वीर में वो घुटने के बल बैठ कर श्रीराम को प्रणाम कर रहे हैं। इसी पर तंज कसते हुए सुष्मिता सिन्हा ने ये ट्वीट डाला। सुष्मिता के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

जैसे ही उनकी करतूतें लोगों को पता चली और विरोध शुरू हुआ, सुष्मिता सिन्हा ने विक्टिम कार्ड खेलना चालू कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तार करने की बात चल रही है लेकिन क्या वो लोग गिरफ्तार नहीं किए जाएँगे, जिन्होंने उनके वीडियो में उन्हें बलात्कार की धमकी दी है। साथ ही तीज की पुस्तक में लिखी बातों को भी उन्होंने ‘शत-प्रतिशत महिला-विरोधी’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इस पुस्तक से उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं।

वहीं सुष्मिता ने अपनी सफाई में कहा है कि लोग बिना पूरा वीडियो देखे टिप्पणी कर रहे हैं जबकि उन्होंने बस तीज की किताब में लिखी महिला-विरोधी कंटेंट को पढ़ा भर था। उन्होंने अपना पूरा वीडियो भी शेयर किया, जिसमें पूछा गया है कि इसमें पुरुषों के लिए कहीं कुछ क्यों नहीं लिखा हुआ है? हालाँकि, इसके बाद उन्होंने इसे ‘रद्दी किताब’ बताया। बता दें कि उस किताब पर हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरें भी थीं।

इससे पहले माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ बताने वाली विवादित हीर खान को प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि इस विवादित वीडियो को बनाने के बाद हुई शिकायतों से डर से हीर खान अपने एक रिश्तेदार के घर छुपी हुई थी। हीर खान इस वीडियो में हिन्दुओं को ‘काफिर’ बताते हुए कहती है, “सीता ₹#डी थी, सीता %$ड़ मरवाती थी, सीता चु$% मरवाती थी।”

‘दुर्दशा में ताहिर का परिवार, मिले प्रोटेक्शन’ – अमानतुल्ला के ट्वीट पर कपिल मिश्रा ने कहा – हुसैन की बीवी को AAP देगी टिकट

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट में दावा किया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित और पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन की पत्नी को टिकट देगी। ज्ञात हो कि ताहिर हुसैन वर्तमान में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में जेल में बंद है।

कपिल मिश्रा ने यह ट्वीट आम आदमी पार्टी नेता अमनातुल्ला खान के ट्वीट के बाद किया है, जिसमें उन्होंने ताहिर हुसैन के परिवार वालों की दुर्गति बयान की है। AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली के उप राज्यपाल से गुजारिश की है कि वह ताहिर हुसैन के परिवार को सुरक्षा दें। उन्होंने ट्वीट करके यह बात कही है।

बुधवार (अगस्त 26, 2020) को AAP नेता अमनातुल्ला खान ने एक ट्वीट में लिखा, “ताहिर हुसैन के बच्चे आज मुझसे मिले और रोते हुए मुझसे कहा कि हमारा क्या क़ुसूर है? डर की वजह से आज हम अपने ही घर में नहीं रह पा रहे हैं, अकाउंट सीज़ होने की वजह से स्कूल की फ़ीस तक नहीं दे पा रहे। राज्यपाल साहब से मेरी गुज़ारिश है कि ताहिर हुसैन की फैमिली को प्रोटेक्शन दी जाए।”

इसकी अगली सुबह एक ट्वीट में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा, “आतंकी ताहिर हुसैन की बीवी को टिकट देगी AAP, जेल में ताहिर हुसैन को मिलेगी VVIP सुविधाएँ। देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति नहीं देगी केजरीवाल सरकार। अंकित शर्मा के हत्यारे के परिवार से मिला अमानतुल्ला खान।”

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट के साथ Kreately.in पर प्रकाशित एक खबर का लिंक भी शेयर किया है। इस खबर के अनुसार, दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में ताहिर हुसैन को वीवीआईपी सुविधाएँ देने की तैयारी चल रही है। इसमें कथित तौर पर बताया गया है कि दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगे और IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के दौरान ताहिर हुसैन लगातार अमानतुल्ला खान और संजय सिंह के संपर्क में था।

Kreately.in की इस रिपोर्ट के अनुसार, “अब केजरीवाल कुछ भी करके ताहिर हुसैन की चुप्पी खरीदना चाहता हैं। इसी मकसद से केजरीवाल का खास दूत अमानतुल्ला खान ताहिर हुसैन के परिवार से मिला। चर्चा है कि केजरीवाल ने ताहिर हुसैन की चुप्पी के बदले उसकी बीवी को चुनाव में टिकट देने का संदेश भिजवाया है। साथ ही ये भी कहा है कि केजरीवाल सरकार ताहिर हुसैन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देगी। दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में ताहिर हुसैन को VVIP सुविधाएँ देने की भी तैयारी की जा रही है। ताहिर हुसैन के खिलाफ IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या, सैकड़ो हिंदुओं की हत्या की साजिश, बम, गोली और एसिड से दुकानें, घर और हिंदुओं को जलाने व मारने के सबूत हैं और चार्ज शीट दायर हो चुकी है।”