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टिकटॉक प्रमुख को मेनका गाँधी ने लगाई लताड़, कहा- सलाह नहीं माँगी थी, बर्बरता रोकने को कहा था

पशुओं पर अत्याचार कर कंटेंट क्रिएट करने वालों के ख़िलाफ़ टिकटॉक ने कार्रवाई करने से मना कर दिया है। इस बात की जानकारी पशु एक्सटिविस्ट व भाजपा सांसद मेनका गाँधी ने ट्वीट कर दी है।

मेनका गाँधी ने टिकटॉक को इस संबंध में पिछले दिनों एक पत्र लिखा था। उन्होंने पशुओं के साथ बर्बरता करने वाले यूजर्स के ऊपर कार्रवाई करने के लिए कुछ जानकारी माँगी थी। लेकिन टिकटॉक ने उनकी इस माँग को ठुकरा दिया।

इसके बाद भाजपा नेता ने टिकटॉक को जवाबी पत्र लिखा। इसमें उन्होंने भारत में टिकटॉक प्रमुख श्री बंसल को जमकर लताड़ लगाई और पूछा कि वे भारत के लिए काम कर रहे हैं या फिर चीन के लिए?

मेनका गाँधी ने अपने जवाबी पत्र में श्री बंसल की भारतीय सरकार के आदेशों को न पालन करने वाली मंशा को उजागर किया। साथ ही ये भी कहा कि उनसे ‘अपील’ करने की सलाह देने के लिए नहीं कहा था। उनसे टिकटॉक पर जो बर्बरता दिखाई जाती है, उसे रोकने के लिए कहा गया था।

मेनका ने पत्र मे लिखा, “आपको ऐसा कंटेंट पर जुर्माना लगाने का प्रावधान करना चाहिए था और अपनी ओर से ये सब रोकना चाहिए था। “

पशु एक्टिविस्ट मेनका गाँधी द्वारा शेयर किए गए पत्र के अनुसार उन्होंने टिकटॉक पर पशु-पक्षियो के साथ बर्बरता करने वाले अकाउंट्स के नाम और पता उजागर करने की माँग की थी।

उन्होंने टिकटॉक से ऐसे वीडियो रोकने, अपने प्लेटफॉर्म से हटाने और जुर्माना लगाने का प्रावधान करने की माँग की थी। इसके अलावा मेनका गाँधी ने यह भी माँग की थी कि इस तरह के वीडियो पोस्ट करने वालों के अकाउंट कैंसल कर दिए जाएँ। इनका नाम-पता अथॉरिटीज को उपलब्ध कराया जाए, जिससे कार्रवाई की जा सके।

लेकिन, जब, टिकटॉक प्रमुख की ओर से अटपटा जवाब आया तो उन्होंने श्री बंसल को जवाबी पत्र में सारी बातें लिखते हुए आखिर में कहा, “आप भारत के लिए काम कर रहे हैं या चीन के लिए? यह स्वीकार्य नहीं है। मैं तुरंत बेहतर और मजबूत कमिटमेंट चाहती हूँ और इसपर कार्रवाई होते देखना चाहती हूँ।”

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कई ऐसी वीडियोज सामने आए हैं जिसमें हमने कंटेट क्रिएट करने के नाम पर लोगों का अमानवीय चेहरा देखा। कहीं पर बिल्ली को धागे से लटका कर प्रताड़ना दी गई, तो कहीं कुत्ते के हाथ-पाँव बाँधकर पानी में फेंक दिया गया।

मेनका गाँधी ने बताया कि उनके पास पिछले 3 महीने में करीब 100 ऐसे वीडियोज आए, जिनमें जानवरों के साथ क्रूरता होती दिखाई दी। लेकिन टिकटॉक फिर भी ऐसे वीडियो अपने प्लेटफॉर्म से हटाने में असफल रहा है। उन्होंने अपने पत्र में चीन के इस ऐप पर झूठी अफवाहें फैलाने के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और जानवरों के प्रति हिंसा बढ़ाने का आरोप लगाया।

सपा, बसपा ने सोनिया गाँधी की मीटिंग से किया किनारा, आप ने कहा- कॉन्ग्रेस ने बुलाया ही नहीं

कॉन्ग्रेस की घटती साख का इससे भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अब विपक्षी दलों को भी लामबंद करने में कामयाब नहीं हो पा रही है। सोनिया गॉंधी की ओर से बुलाई गई 18 विपक्षी दलों की मीटिंग से सपा, बसपा और आप जैसे दलों ने किनारा कर लिया है।

कोरोना संकट के बीच प्रवासी मजदूरों और महामारी से निपटने के लिए सरकार की नीतियों पर चर्चा करने के लिए सोनिया गाँधी ने शुक्रवार (मई 22, 2020) को यह मीटिंग बुलाई थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, दोनों पार्टियों ने विपक्ष की इस महाबैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। लेकिन संसद में दोनों पार्टिंयाँ विपक्ष का समर्थन करने के लिए अपने पार्टी प्रतिनिधियों को भेजेगी।

इसके अलावा, आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उन्हें सोनिया गाँधी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि इस बैठक के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल होंगे।

जानकारी के मुताबिक, विपक्ष की इस बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन, डीएमके सुप्रीमो एमके स्टालिन भी भाग लेंगे।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोनिया गाँधी द्वारा बुलाई विपक्ष की बैठक का निमंत्रण स्वीकार कर लिया था। लेकिन वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने में व्यस्त रहीं।

बसपा सुप्रीमो ने कॉन्ग्रेस पर जताई नाराजगी

गौरतलब है कि इस बैठक में सपा-बसपा के न शामिल होने के कारण काफी कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन ध्यान दिला दें कि इस मीटिंग से पहले बसपा प्रमुख मायवती ने ट्विटर पर राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार के फैसले नाराजगी जाहिर की थी

उन्होंने लिखा था, “राजस्थान की कॉन्ग्रेसी सरकार द्वारा कोटा से करीब 12000 युवा-युवतियों को वापस उनके घर भेजने पर हुए खर्च के रूप में यूपी सरकार से 36.36 लाख रुपए और देने की जो माँग की है वह उसकी कंगाली व अमानवीयता को प्रदर्शित करता है। दो पड़ोसी राज्यों के बीच ऐसी घिनौनी राजनीति अति-दुखद है।”

इसके बाद अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “कॉन्ग्रेसी राजस्थान सरकार एक तरफ कोटा से यूपी के छात्रों को अपनी कुछ बसों से वापस भेजने के लिए मनमाना किराया वसूल रही है, तो दूसरी तरफ अब प्रवासी मजदूरों को यूपी में उनके घर भेजने के लिए बसों की बात करके जो राजनीतिक खेल कर रही है यह कितना उचित व कितना मानवीय है।”

तेलंगाना: कुएँ से निकले बिहार और बंगाल के मजदूरों के शव, मृतकों में 6 एक ही परिवार के

तेलंगाना के वारंगल जिले से चौंकाने वाली घटना सामने आई हैं। यहाँ एक कुएँ से कल (21मई 2020) से लेकर अब तक कुल 9 प्रवासी मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं।

खबरों के अनुसार शव वारंगल जिले के गीसुकोंडा मंडल के गोर्रेकुंटा गॉंव में कोल्डस्टोरेज के पीछे बने कुएँ में मिले हैं। सभी मृतक प्रवासी मजदूर थे। बंगाल और बिहार के रहने वाले थे और कोल्डस्टोरेज में काम करते थे।

यह घटना उस वक्त उजागर हुई जब जूट मिल के मालिक एस. भास्कर गुरुवार को गोदाम पहुँचे। उन्होंने देखा कि एक परिवार के सभी सदस्य लापता हैं। उनके मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ थे। लिहाजा उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन किया। इसके बाद शाम के वक्त खोजबीन के दौरान इन लोगों की लाश कुएँ से मिली।

मकान मालिक ने बताया कि लॉकडाउन होने के बाद वे सभी उनके गोदाम के एक कमरे कमरे में रहते थे। आमदनी बंद होने के बाद वे परेशान हो गए थे और अपने-अपने गाँव जाना चाहते थे।

पुलिस ने बताया कि कुएँ से पहले पंप के जरिए पानी निकाला गया, उसके बाद शव बाहर निकाले जा सके। ये सारे शव दो परिवार के थे। छह मृतक एक ही परिवार से हैं। इनमें एक बच्चा और एक महिला भी थी।

बहरहाल गीसुगोंडा पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम हॉस्पिटल भेजा गया है। साथ ही संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जाँच में जुट गई है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पड़ताल की जा रही है।

संघियों को बलात्कारी बताने वाले कॉन्ग्रेस नेता पंकज पुनिया 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

कॉन्ग्रेस नेता पंकज पुनिया को हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस बात की जानकारी न्यूज नेशन के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया ने अपने ट्वीट के जरिए दी है।

दीपक चौरसिया ने ट्वीट में लिखा है, “पंकज पुनिया को एक आपत्तिजनक पोस्ट के माध्यम से ‘धार्मिक भावनाएँ आहत करने’ के आरोप में कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कॉन्ग्रेस नेता के ट्वीट के बाद आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में रोष था, जिसको लेकर कॉन्ग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।”

उल्लेखनीय है कि कॉन्ग्रेस नेता पंकज पुनिया को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हुई थी। कॉन्ग्रेस नेता ने प्रभु श्रीराम का अपमान किया था और संघियों को बलात्कारी बताया था।

पंकज पुनिया ट्वीट योगी

इस ट्वीट के बाद पुनिया के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश के हजरतगंज और नोएडा पुलिस ने आईटी एक्ट सहित कई मामलों में FIR दर्ज हुई थी। हजरतगंज में उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के मामले में केस दर्ज हुआ था। वहीं, नोएडा में कॉन्ग्रेस नेता के खिलाफ़ धारा 295ए, 500, 505, 153ए और 66 आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।

बता दें, पंकज पुनिया से पहले यूपी के कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू को भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। लल्लू की गिरफ्तारी बुधवार को प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के इंतजाम को लेकर उपजे विवाद के कारण हुई थी।

पुनिया पर जहाँ ट्वीट में  ‘संघियों’ को बलात्कारी बताने, श्रीराम के नाम का गलत इस्तेमाल करने और योगी सरकार की आलोचना भद्दे तरीके से करने का आरोप है। अजय लल्लू समेत प्रियंका गाँधी के निजी सचिव संदीप सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप है। इनके ख़िलाफ़ शिकायत मंगलवार को दर्ज हुई थी।

अजमेर: दरगाह इलाके में नाबालिग को बनाया बंधक, गैंगरेप में शामिल हबीबुल्ला निकला कोरोना संक्रमित

राजस्थान के अजमेर में 17 साल की नाबालिग लड़की से कई दिनों तक गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार युवकों में से एक मोहम्मद हबीबुल्ला कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता के सहयोग से पीड़िता ने दरगाह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मेडिकल जाँच में वह गर्भवती पाई गई।

17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने पुलिस से शिकायत की थी कि उसे दरगाह क्षेत्र में तीन पुरुषों द्वारा कैद में रखा गया था। उनके द्वारा बार-बार बलात्कार किया जाता था। इस मामले में हबीबुल्ला, असगर और राहिक की गिरफ्तारी 19 मई को हुई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजमेर में नाबालिग से बलात्कार मामले के तीन आरोपियों में से एक- मोहम्मद हबीबुल्ला बृहस्पतिवार (मई 21, 2020) को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। परीक्षण के बाद, हबीबुल्लाह को जेएलएन अस्पताल में एक अलग कैदी वार्ड में भेजा गया।

घर से भागकर पहुँची थी अजमेर

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक रजत विश्नोई ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन से पहले दिल्ली की रहने वाली पीड़िता घर से भागकर अजमेर पहुँची थी। अजमेर स्टेशन पर अंदर कोट निवासी असगर अली ने उससे संपर्क किया और बहला-फुसलाकर कई दिनों तक अंदर कोट में बंधक बनाकर रखा।

17 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी थी था कि वह पास के ही गाँव की रहने वाली है और सितंबर, 2019 में घरवालों से नाराजगी के चलते अपनी सहेली के साथ रह रही थी। इस बीच पीड़ित युवती गर्भवती भी हो गई। उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि आरोपितों को गिरफ्तार करने और पूछताछ करने के दौरान सभी आवश्यक सावधानी बरती गई। लेकिन अगर मेडिकल कर्मचारी सलाह देते हैं, तो उन्हें उन सभी पुलिस अधिकारियों का भी परीक्षण करना होगा जो इस केस से जुड़े हुए थे।

मोहम्मद हबीबुल्ला की कोरोना वायरस रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब पीड़ित लड़की और पुलिसकर्मियों समेत आरोपित के संपर्क में आए सभी लोगों के सैम्पल की जाँच की जा रही है। गैंगरेप मामले में पकड़े गए तीनों आरोपित कथित तौर पर बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से दरगाह इलाके में रह रहे थे।

UAE की राजकुमारी हिंद अल कासिमी ने मंदिर में पूजा करने का वीडियो किया शेयर, कट्टरपंथियों ने कहा- ‘काफिर’

भारत में दूसरे मजहब के साथ होने वाले कथित उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली संयुक्त अरब अमीरात की राजकुमारी हिंद अल कासिमी ने एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें कासिमी एक मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से पूजा अर्चना करती हुई दिखाई दे रही हैं। इसके बाद वीडियो को देख भड़के कट्टरपंथियों ने अल कासिमी को काफिर करार दे दिया है।

दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात की राजकुमारी हिंद अल कासिमी ने बुधवार(20 मई, 2020) को अपने ट्विटर एकाउंट से चेन्‍नै के गोल्‍डेन टेंपल के दर्शन-पूजन करने का एक पुराना वीडियो शेयर किया। इसके साथ ही कासिमी ने लिखा, “मैंने मुस्लिम होने के बाद भी पूजा की और मुझे मंदिर के अंदर अद्भुत ऊर्जा का अहसास हुआ। मैंने भारत में पुड्डुचेरी के पहाड़ों को देखा। मैं खेतों में गई। मैंने साड़ी और बिंदी खरीदा। मैंने गोल्‍डेन टेंपल की यात्रा की। केले के पत्‍ते पर खाना खाया।”

राजकुमारी कासिमी ने कहा कि पूरा मंदिर सोने से बना हुआ था। मैं मुस्लिम हूँ, लेकिन लोगों के साथ प्रार्थना को साझा करने के लिए गई थी। मंदिर में मैंने लक्ष्‍मी, श‍िव, हनुमान के दर्शन किए। उन पर जल अर्पित किया। उन्‍होंने कहा कि लोगों को अविश्‍वसनीय भारत को देखना चाहिए।

इसके बाद कट्टरपंथियों ने उन्हें ‘काफिर’ कहकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। हालाँकि, राजकुमारी ने उन्हें करारा जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी। जवाब देते हुए राजकुमारी ने कहा, “यह हराम तब होता जब मैंने अपने खुदा के अलावा किसी और ईश्वर की इबादत की होती। मैं अपने खुदा की इबादत करती हूँ और वे अपने। मैं मंदिर की वास्तुकला से बेहद प्रभावित हुई और सोने के मंदिर के ढाँचे ने मन मोह लिया। मैंने नए दोस्तों से मुलाकात की और उनके साथ खाना खाया। उनसे संस्कृति और धर्म पर बात की। इसमें गलत क्या है?”

आपको बता दें कि इससे पहले 16 अप्रैल, 2020 को यूनाइटेड अरब अमीरात की प्रिंसेस हेंड अल कासिमी ने एक व्यक्ति को इसीलिए देश से बाहर निकाल फेंकने की धमकी दी, क्योंकि उसने तबलीगी जमात के उन लोगों का बचाव न करने की सलाह दी थी, जिन्होंने दुनिया भर के कई देशों में कोरोना का संक्रमण फैलाया।

भारत में भी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज़ मस्जिद में हज़ारों जमाती जुटे थे, जो लॉकडाउन के बावजूद मजहबी कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे थे। इसके बाद वो कई राज्यों में फ़ैल गए, जिससे कोरोना का संक्रमण देश भर में तेज़ गति से फैला था।

सोनिया गाँधी के खिलाफ मामला दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी पर हो FIR: कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार का कर्नाटक CM को खत

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने को लेकर पार्टी नेता डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पत्र लिखा है। इसमें सोनिया के खिलाफ दर्ज मामला निरस्त करने की मॉंग की गई है। शिवकुमार कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष हैं।

पत्र में शिवकुमार ने उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मॉंग भी की है जिसने सोनिया गॉंधी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। साथ ही उसे निलंबित करने को भी कहा है।

मुख्यमंत्री, राज्य के गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक और शिवमोगा पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में शिवकुमार ने कहा है कि शिकायतकर्ता ने सोनिया गाँधी के खिलाफ गलत सूचना के आधार पर राजनीतिक मकसद से शिकायत दर्ज की है।

डीके शिवकुमार ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व द्वारा ट्वीट को गलत समझा गया। साथ ही सत्यता की जाँच किए बिना झूठी सूचना के आधार पर प्रवीण कुमार को सोनिया गाँधी के खिलाफ सागर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करने के लिए उकसाया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि सागर पुलिस द्वारा सोनिया गाँधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर स्वस्थ आलोचना करने के अधिकार को छीनने के इरादे से कानून का दुरुपयोग किया गया है।

कॉन्ग्रेस पार्टी की ओर से PM-CARES Fund के खिलाफ किए गए ट्वीट पर कर्नाटक के शिवमोगा के सागर तालुका में कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में कॉन्ग्रेस अंतरिम अध्यक्ष की पहचान सोशल मीडिया अकाउंट के हैंडलर के रूप में की गई थी। शिकायत में सोनिया गाँधी पर PM-CARES Fund के बारे में लोगों को गुमराह करने और भड़काने का आरोप लगाया गया है।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने 11 मई को पीएम केयर्स फंड के गलत इस्तेमाल का दावा करते हुए ट्वीट किया था जिसमें फंड के बारे में गलत जानकारी दी गई थी। एफआईआर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से भड़काऊ बयान देना) और 505 (सार्वजनिक उपद्रव के लिए जिम्मेदार बयान) के तहत दर्ज किया गया है।

प्रयागराज: रिश्तेदारों के खूनी संघर्ष में सपा नेता राघवेंद्र यादव ने खोजा ‘जाति विशेष’, फेक न्यूज पर SSP ने हड़काया

प्रयागराज में बीते दिनों जमीन विवाद को लेकर रिश्तेदारों में खूनी संघर्ष हो गया। तीन की मौत हो गई। लेकिन, सपा नेता राघवेंद्र यादव ने इस मामले को जातिवादी रंग देने की कोशिश की। उसके दावों को गलत करार देते हुए SSP ने मामले में की गई कार्रवाई से अवगत कराया है।

जमीन विवाद में 3 लोगों की लाठी-डंडे से मार-मारकर बेरहमी से हत्या की गई थी। पड़ताल में मालूम चला कि आरोपित और पीड़ित पक्ष न केवल एक जाति के हैं, बल्कि रिश्तेदार भी हैं। जमीन को लेकर इनके बीच सालों से दुश्मनी थी।

मगर, समाजवादी पार्टी के नेता राघवेंद्र यादव ने इस घटना को जातिवादी रंग देने की कोशिश की और सरेआम सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाई। 20 मई को राघवेंद्र यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस घटना को लेकर यूपी सरकार को घेरा और दावा किया कि योगी सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।

उसने मृतक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा,”इलाहाबाद में दिनदहाड़े लाठी-डंडे से पीटकर एक जाति विशेष की हत्या कर दी गई। योगी जी से अब UP नहीं सँभाला जा रहा। वादे करने से नहीं चलती सरकार। उन वादों को निभाना भी बहुत जरूरी होता है। इस मामले में यूपी की सरकार पूरी तरह से विफल नजर आ रही है।”

प्रयागराज के एसएसपी ने इस ट्वीट पर संज्ञान लिया।

प्रयागराज पुलिस ने राघवेंद्र के ट्वीट के जवाब में लिखा, “कृपया जातिगत रंग न दें। दोनों पक्ष एक ही परिवार, रिश्तेदार तथा जाति के हैं। ठोस कार्रवाई करते हुए दस अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया है।”

एक अन्य ट्वीट में एसएसपी प्रयागराज के ट्विटर अकाउंट से बताया गया, “मौके पर पुलिस बल मौजूद है, 10 अभियुक्तों को हिरासत पुलिस में लिया गया है एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।”

क्या है मामला?

प्रयागराज के कोरांव इलाके के निश्चिंतपुर गाँव में बुधवार (मई 20, 2020) को जमीन के सालों पुराने विवाद में तीन सगे भाइयों की लाठी और बंदूक के बट से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में एक महिला समेत 3 लोग घायल हुए थे। पूरे मामले में पुलिस ने चार महिलाओं सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया।

पड़ताल में मालूम चला था कि पीड़ित पक्ष के 5 लोग पहले से ही जेल में थे। उन्होंने कुछ साल पहले आरोपित पक्ष के घर के एक सदस्य की हत्या कर दी थी।

कोरांव में जमीन के झगड़े में तीन सगे भाइयों की हत्या से सनसनी
साभार: दैनिक जागरण

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मदीन सिंह यादव और शिवनारायण सिंह यादव में करीब 40 साल से जमीन का विवाद बना हुआ था। करीब 6 साल पहले ब्रह्मदीन के परिवार ने शिवनारायण के घर के सदस्य मुलायम सिंह यादव की हत्या कर दी। जिसके बाद ब्रह्मदीन और उसके तीन पुत्र व दामाद जेल में बंद हो गए। मगर, बाकी चार पुत्र मुंबई में ऑटो चलाते रहे।

ऐसे में कोरोना संकट के कारण चारों भाई 10 दिन पहले गाँव लौटे तो विवाद दोबारा बढ़ गया। ब्रह्मदीन के चारों बेटों में से बड़े बेटे ने बताया कि 20 तारीख को दोपहर 12 बजे वह भाइयों के साथ खेत की जोताई करने गया, तभी विरोधी परिवार के लोग उन पर टूट पड़े। उन लोगों ने खेत पर अपना हक जताया और लाठी-डंडे से चारों भाइयों पर हमला बोल दिया। चारों में से बड़े भाई विंध्यवासिनी ने इस दौरान मौके से भागकर अपनी जान बचाई ।

पाक एयरलाइंस का विमान कराची हवाई अड्डे के पास रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त, 98 थे सवार

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक विमान जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे कराची के पास एक रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। पीआईए के प्रवक्ता अब्दुल सत्तार ने दुर्घटना की पुष्टि की है।

पीआईए की ओर से जारी यात्री सूची के अनुसार विमान PK-8303 में 98 लोग सवार थे। इनमें सात क्रू मेंबर थे। 91 यात्रियों में से 51 पुरुष, 31 महिलाएँ और नौ बच्चे थे। हादसे में हताहत होने वाले लोगों को लेकर तस्वीर फिलहाल पूरी तरह साफ नहीं है।

सोशल मीडिया पर जारी किए जा रहे फुटेज में दुर्घटनास्थल से धुएँ के गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों की मदद के लिए एंबुलेंस और बचाव अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे हैं। पिछले साल भी गिलगित हवाई अड्डे पर उतरने के दौरान रन-वे से दूर जाने के बाद एक पीआईए विमान दुर्घटना से बाल-बाल बच गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के स्वास्थ्य और जनसंख्या कल्याण मंत्री ने सिंध स्वास्थ्य मंत्री के मीडिया समन्वयक, मीरान यूसुफ के अनुसार, विमान दुर्घटना के कारण कराची के सभी बड़े अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया है।

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, विमान छह मकानों से टकराया है। टकराते ही पूरे इलाके में चारो तरफ धुँआ फ़ैल गया। तत्काल एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की दमकलें पहुँच गईं है। घायलों को नजदीक के अस्पताल में ले जाया गया है। जहाँ हादसा हुआ है वहाँ तंग गलियाँ हैं।

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता संजय झा को कोरोना, ट्वीट कर कहा- संक्रमण को हल्के में न लें…

कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय झा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। संक्रमित होने की जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी।

संजय झा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया हूँ। मुझमें कोई लक्षण नहीं हैं। मैं अगले 10-12 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में हूँ। कृप्या इस संक्रमण को हल्के में न लें, यह किसी को भी हो सकता है। सभी अपना ध्यान रखें।”

इस ट्वीट के बाद लोगों ने उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ऐसे लोगों की तलाश में जुट गई है, जो कुछ दिनों के भीतर किसी न किसी रूप में उनके करीब आए हैं। हालाँकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि वे कैसे संक्रमित हुए।

बता दें कि संजय झा वर्ष 2013 से ही कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वे अक्सर राजनीतिक मामलों को लेकर टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखते हैं।

आपको बता दें कि देश में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है। केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन 4.0 के तहत लोगों को काफी राहत दी गई है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि लाख कोशिशों के बाद भी कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 3583, जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 1,18,447 हो गई है। इनमें से 66,330 केस एक्टिव हैं। वहीं अभी तक 48533 मरीज ठीक होकर अस्पताल से अपने घरों को लौट चुके हैं।