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‘आपकी सरकार अल्पमत में, 16 मार्च को विश्वासमत हासिल करें और संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराएँ’

ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और इस बीच राज्यपाल ने 16 मार्च यानी सोमवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दे दिया है। कॉन्ग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार के लिए संकट कम होने का नाम नहीं ले रहे। राज्यपाल ने कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दे दिए हैं। राज्यपाल ने इसके लिए विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। 

बता दें कि विधानसभा का सत्र भी 16 मार्च को सुबह 11 बजे से शुरू होना है और राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा। मतदान बटन दबाकर की किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी विधानसभा स्वतंत्र व्यक्तियों से कराएगी। 

मध्यरात्रि जारी पत्र में राज्यपाल ने कहा कि सरकार अभिभाषण के ठीक बाद बहुमत साबित करे। विश्वास मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर होगा, अन्य किसी तरीके से नहीं। इसकी संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। यह कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च को प्रारंभ होगी और स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी। कमलनाथ को भेजे पत्र राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 व 175 (2) एवं अन्य संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार को फ्लोर टेस्ट करवाने का आदेश दिया है।

राज्यपाल द्वारा सीएम कमलनाथ को लिखा गया पत्र

राज्यपाल द्वारा कमलनाथ को भेजे गए पत्र में कहा गया है, “मुझे सूचना प्राप्त हुई है कि मध्य प्रदेश विधानसभा के 22 विधायकों द्वारा अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को प्रेषित किया है। इन विधायकों ने अपने पद त्याग करने की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया दोनों माध्यमों से भी दी है। मैंने इस बाबत मीडिया कवरेज को ध्यान से देखा है। मुझे भी इन 22 विधायकों ने अपने पृथक-पृथक पत्र दिनांक 10.03.2020 द्वारा त्याग पत्र भेजे हैं। 22 में से 6 विधायक जो आपकी सरकार में मंत्री थे, जिन्हें आपकी अनुशंसा पर मंत्री पद से हटाया गया था, उनका विधानसभा अध्यक्ष द्वारा त्यागपत्र भी आज स्वीकार कर लिया गया है।”

राज्यपाल द्वारा सीएम कमलनाथ को लिखा गया पत्र

पत्र में आगे लिखा है, “आपने भी स्वयं अपने पत्र दिनांक 13.03.2020 द्वारा विश्वासमत हासिल करने सी सहमति दी है एवं मुझे विधानसभा के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी से भी एक ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्होंने उक्त परिस्थितियों का उल्लेख किया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा त्यागपत्र देने वाले एवं अन्य सदस्यों पर अवांछित दवाब बनाया जा रहा है।”

आगे राज्यपाल ने लिखा है, “उपरोक्त से मुझे प्रथमदृष्टया विश्वास हो गया है कि आपकी सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और आपकी सरकार अल्पमत में है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है। इसलिए संवैधानिक रुप से अनिवार्य एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक हो गया है कि दिनांक 16.03.2020 को मेरे अभिभाषण के तत्काल पश्चात आप विधानसभा में विश्वासमत हासिल करें। इस संबंध में अनुच्छेद 174 सहपठित 175 (2) एवं मुझमें निहित अन्य संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं निर्देश देता हूँ कि 16 मार्च को को 11 बजे मेरे अभिभाषण के तत्काल बाद विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा।”  

इससे पहले भाजपा ने 16 मार्च से पहले विधानसभा का सत्र बुलाने और फ्लोर टेस्ट की माँग की थी। प्रदेश में बीजेपी बहुत ही कॉन्फिडेंट नजर आ रही है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा नेता गोपाल भार्गव और डॉ. नरोत्तम मिश्र सारे हालात पर नजर रख रहे हैं। बीजेपी का कहना है कि बजट सत्र में राज्यपाल मौजूदा सरकार के कामकाज का ब्यौरा देते हैं लेकिन जब सरकार ही अल्पमत में है तो इसका सवाल ही नहीं उठता।

बता दें कि जिन 22 विधायकों ने मुख्यमंत्री को इस्तीफे सौंपे हैं, अगर स्पीकर भी उनका इस्तीफा स्वीकार करते हैं तो उन विधायकों की सदस्यता चली जाएगी और ऐसे में सरकार में 99 विधायक रह जाएँगे। फिलहाल स्पीकर ने 6 मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार किए हैं इसलिए सरकार में 115 विधायक हैं। सभी के इस्तीफे स्वीकार होने पर विधानसभा में बहुमत का आँकड़ा 104 पर आ जाएगा। ऐसे में बीजेपी विप जारी करके फ्लोर टेस्ट में बाजी मार सकती है और कमलनाथ की सरकार गिर सकती है।

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शाह अली ने मैट्रिमोनियल साइट से युवती को फाँसा, मिलने के बहाने बुलाकर किया रेप

दिल्ली में शादी का वादा कर एक महिला से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी का नाम शाह कंवर अली है। एक न्यूज एजेंसी ने पुलिस के हवाले से बताया है कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि अली से उसकी दोस्ती मैट्रिमोनियल साइट के जरिए हुई थी। उसने पीड़िता से शादी का वादा किया और मिलने के एक गेस्ट हाउस में बुलाया। यहीं उसने महिला के साथ जबर्दस्ती की।

28 वर्षीय पीड़ित महिला का अपने पति से तलाक का केस चल रहा है। दोनों कुछ दिनों में अलग होने वाले हैं। दोबारा शादी के लिए पीड़िता ने मैट्रिमोनियल साइट पर अपना अकाउंट बनाया था। यहीं अली के संपर्क में वह आई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डिफेंस कॉलोनी की रहने वाली पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि शादी का वादा करने के बाद 2 जनवरी को अली उसे एक गेस्ट हाउस में ले गया। वहाँ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद अली फरार हो गया। इस घटना के बाद उसने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए।

पीड़ित महिला ने अपने साथ हुई इस घटना के बारे में परिवार के सदस्यों को बताया। इसके बाद रेप की शिकायत डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपित युवक शाह कंवर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

20 करोड़ हो, पुलिस से मत डरो, लड़ कर मरो: समुदाय विशेष को भड़का रहे HC के पूर्व जज

CAA, NRC और NPR पर देश के तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग ने भी जनता को गुमराह करने और भड़काने का खूब प्रयास किया है। इसी का एक उदाहरण बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे हैं। बीजी कोलसे का जनवरी माह में दिए गए भाषण का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें वे समुदाय विशेष के लोगों को उनका ‘संख्याबल’ याद दिलाते हुए उन्हें सड़कों पर उतरने की राय देते हुए देखे जा रहे हैं।

जिस विडियो से यह क्लिप ली गई है, उसमें पूर्व जस्टिस कोलसे समुदाय विशेष के लोगों से यह शिकायत भी करते हैं कि वो लोग कभी इकट्ठे नहीं होते। इसके कारण उन्हें आदिवासियों को अपनी सभाओं में बुलाना पड़ता है। पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे के भाषण को ट्वीट करते हुए लिखा है, “इस देश की अदालतें यूँ ही आतंकवादियों के लिए रात को नहीं खुल जातीं। यूँ ही दंगाइयों के अधिकारों के लिए खड़ी नहीं होती। ज्यूडिशियरी में #UrbanNaxals घुसे पड़े हैं। महाराष्ट्र के पूर्व न्यायाधीश को सुनिए- कैसे मुस्लिमों को भड़का रहे हैं- 20 करोड़ हो, पुलिस से मत डरो, लड़ कर मरो।”

इस विडियो में पूर्व जस्टिस कोलसे को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आप लोग संख्या में कुछ कम नहीं हैं। 20-25 करोड़ की आबादी है, यदि रास्ते पर आते तो दुनिया हिल जाती लेकिन आप लोग डरते थे। कोलसे ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए आपत्ति जताते हुए कहा है कि उन्हें अपने ‘आरएसएस मुक्त भारत’ की सभा मे आदिवासी लाने पड़े, क्योंकि मुस्लिम नहीं आते थे।

उन्होंने कहा कि यह आप लोगों को निर्णय लेना है कि आप लड़कर मरेंगे या सड़कर मरेंगे। यह विडियो जनवरी, 2020 का है। वह जमात-ए-इस्लामी हिन्द के कार्यक्रम में जनसभा को सम्बोधित कर रहे हैं। विडियो के पूरे भाग में उन्होंने ब्राह्मणवाद पर भी कटाक्ष करते हुए कहा है कि जहाँ ब्राह्मणवाद की सरकार हो, वहाँ से भ्रष्टाचार कभी जा ही नहीं सकता है। यह कार्यक्रम जमात-ए-इस्लामी हिंद मुंबई, मराठी पत्रकार संघ और एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) की ओर से संयुक्त रूप में किया गया था।

जस्टिस कोलसे हमेशा ही अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। इससे पहले उन्होंने जस्टिस लोया की मृत्यु पर आरोप लगाते हुए कहा था कि किसी दिन उन्हें भी मार दिया जाएगा।

पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे का यह पूरा भाषण आप इस लिंक पर देख सकते हैं –

पोते के लिए दवा लेने निकले थे भोला बाबा, ‘बॉर्डर’ पार करते ही 200 दंगाइयों ने घेरकर मार डाला

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों में मजहबी हिंसक भीड़ ने निर्मम तरीके से हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया। आईबी के अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट निर्ममता की पुष्टि करते हैं। दिलबर नेगी को हाथ-पैर काट आग में झोंक दिया गया था। अब तक जो तथ्य उभरकर सामने आए हैं वे इन दंगों के पूर्व सुनियोजित होने का इशारा करते हैं। दंगाइयों के हाथों मारे गए लोगों में से एक नाम विनोद कश्यप का भी है। ब्रह्मपुरी में उनकी हत्या की गई थी। इस घटना का विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा कर एक फैक्ट फाइंडिंग टीम ने रिपोर्ट तैयार की है। इस टीम में सुप्रीम कोर्ट की वकील मोनिका अरोड़ा, दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामलाल आनंद कॉलेज के इंग्लिश डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रेरणा मल्होत्रा, मिरांडा हाउस में असिस्टेंट प्रोफेसर सोनाली कानिटकर, पीजीडीएवी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रुति मिश्रा तथा असिस्टेंट प्रोफेसर दिव्यांशा शर्मा शामिल हैं। इस टीम ने अपनी रिपोर्ट में कई सुझाव दिए हैं। साथ ही कई घटनाओं का ब्यौरा दिया है। रिपोर्ट में विनोद कश्यप की जघन्य हत्या के बारे में भी विस्तार से बताया गया है।

इसके मुताबिक विनोद कश्यप की ब्रह्मपुरी की गली नंबर 1 में मजहबी भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उनका बेटा मोनू उस जिहादी उन्मादी बर्बर भीड़ के हमले में बच गया था। कश्यप डीजे का काम करते थे। तमाम मुश्किलों से पार पा एक खुशहाल जिंदगी जी रहे थे। वे हर साल काँवड़ लेकर जाते थे। इसके कारण परिवार और दोस्तों के बीच ‘भोले बाबा’ के नाम से जाने जाते थे।

24 फरवरी की रात लगभग 10:30 बजे विनोद अपने बेटे मोनू के साथ पोते के लिए दवाई लेने निकले। माहौल तनावग्रस्त था। फिर भी कुछ ही दूरी पर स्थित कल्याण मेडिकल स्टोर तक जा कर दवा लाने में कोई खतरा नहीं था। लेकिन जो हुआ वह किसी ने नहीं सोचा था। एक पत्थर आकर विनोद के बेटे मोनू को लगी और बाइक स्लिप कर गई।

सड़क पर मृत पड़े विनोद कश्यप और उनके बेटे के सिर पर लगे टॉंके (साभार: GIA फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट)

बाप-बेटे के गिरते ही अल्लाह हू अकबर के नारे लगाती 200 लोगों की भीड़ ने उनको घेर लिया। भीड़ ने विनोद कश्यप और उसके बेटे मोनू कश्यप को तब तक पीटा जब तक विनोद की मौत नहीं हो गई। मोनू मरने का नाटक कर बच निकला। सोशल मीडिया के वायरल विडियो में विनोद के शव को घसीटती हुई भीड़ साफ़ नजर आती है। भोले बाबा का शव सड़क पर घसीटा जा रहा था! इस घटना को याद करते ही मोनू की जख्म से लाल हुई आँख से आँसू बहने लगते हैं। मोनू के सिर पर कम से कम 40 घाव हैं। सोशल मीडिया में आई तस्वीरों में खून से लथपथ मोनू मृत पड़े अपने पिता को जगाने के लिए झकझोरता नजर आया था।

टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस घटना को लेकर उनलोगों ने काफी विस्तार से स्थानीय लोगों से बात की। उस सड़क को भी देखा जहॉं विनोद कश्यप की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों ने टीम को ​बताया कि विनोद ने उस दिन बस एक गलती कर दी थी। वे वजीराबाद इलाके के उस रेखा को लाँघ गए थे जो समुदाय विशेष के लिए ‘बॉर्डर’ है।

असम को ठिकाना बना ‘डॉ. बम’ बड़े शहरों को बनाता निशाना, पाकिस्तान जाने की भी थी प्लानिंग

परोल पर जेल से बाहर निकला आतंकी जलीस अंसारी उर्फ डॉ. बम जनवरी में मुंबई से फरार हो गया था। उसे उत्तर प्रदेश के कानुपर से पकड़ा गया था। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में उसके खतरनाक मंसूबे सामने आए हैं। उसने बताया है कि वह असम को ठिकाना बनाकर देश के कई बड़े शहरों को निशाना बनाना चाहता था। इतना ही नहीं वह पाकिस्तान जाने की भी फिराक में था। उसकी योजना वहॉं नाम और पहचान बदकर शिक्षक के रूप में कुछ समय तक रहने की थी।

मुंबई की एक जेल में बंद आतंकी जलीस से पूछताछ करने के लिए लखनऊ से एनआईए टीम मुंबई पहुँची। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद मुंबई एनआईए टीम के साथ लखनऊ टीम ने आतंकी जलीस से जेल में पूछताछ की। आतंकी ने पूछताछ में एजेंसी के अधिकारियों को बताया कि वह अपना नाम और पहचान बदलने के बाद कुछ समय तक टीचर बनकर पाकिस्तान में रहने वाला था। उसके बाद वहाँ से वह वापस असम आ जाता। यहाँ पर उसके सम्पर्क सूत्रों ने पूरी तैयारी करने का आश्वासन दे रखा था। असम में एक गुप्त ठिकाने पर वह अपना अड्डा बनाता और सम्पर्क सूत्रों के माध्यम से देश के बड़े शहरों में आतंकी घटनाओं की योजना बनाई जाती।

एक अधिकारी ने पूछा कि ठिकाने के रूप में असम ही क्यों? आतंकी ने जवाब दिया कि वहाँ पर प्रतिबंधित संगठनों के लिए काम करना आसान है। वर्तमान समय में वहाँ सुरक्षा बहुत ज्यादा सख्त नहीं है और आसानी से योजनाओं को अंजाम देने का उसे मौका मिल जाता है।

90 के शुरूआती दशक से अब तक 50 से ज्यादा जगहों पर बम धमाके कर चुके जलीस को 17 जनवरी को यूपी के कानपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसे अजमेर जेल से 21 दिन के परोल पर छोड़ा गया था। इसी बीच वह अचानक गायब हो गया था।

अंसारी को बम बनाने में महारत हासिल है। इसके कारण उसे डॉ. बम भी कहते हैं। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था और उन्हें बम बनाना सिखाता था।

कोरोना पर रविवार को सार्क देशों का मंथन, PM मोदी करेंगे विडियो कॉन्फ्रेंस

रविवार को सार्क देशों की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी। इस दौरान वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के उपायो पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी अगुवाई करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि विडियो कॉन्फ्रेंस शाम 5 बजे से शुरू होगी।

सार्क में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और अफगानिस्तान शामिल हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने विडियो कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव दिया था। इसको लेकर सार्क देशों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई थी।

मोदी ने इस महामारी से निपटने के लिए सार्क देशों से चर्चा का आह्वान किया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “मैं कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मजबूत रणनीति बनाने के लिए सार्क देशों के नेतृत्व से प्रस्ताव करता हूॅं। हम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने नागरिकों को स्वस्थ रखने के लिए बातचीत करेंगे। हम एकजुट होकर दुनिया के सामने एक मिसाल पेश कर सकते हैं और इसे स्वस्थ रखने में योगदान दे सकते हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई थी कि दक्षिण एशिया जहाँ विश्व की बड़ी आबादी रहती है, अपने लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

इस पहल पर पड़ोसी और मित्र देश ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। भूटान के पीएम व पेशे से डॉक्टर लोटे शेरिंग ने जवाब देते हुए ट्वीट में लिखा, “इसे लीडरशिप कहते हैं। इस क्षेत्र के सदस्य होने के नाते इस वक्त हम सभी को साथ आना चाहिए। छोटी अर्थव्यवस्था ज्यादा प्रभावित हुई है, हम जरूर सहयोग करेंगे। आपके नेतृत्व में मुझे कोई शक नहीं है कि हम प्रभावशाली परिणाम देखेंगे।”

भारत में कोरोना संक्रमण के 83 मामलों की अब तक पुष्टि हो चुकी है। दो मौतें भी हुई हैं। सरकार ने इसे आपदा घोषित करते हुए संक्रमण मौत होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए की मदद दी घोषणा की है। इससे निपटने के अभियान या इससे जुड़ी अन्य गतिविधि के दौरान मौत होने पर भी परिजनों को इतने की ही आर्थिक मदद दी जाएगी।

गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर से यह संक्रमण शुरू हुआ था। अब तक दुनिया के 114 देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। कोरोना वायरस संक्रमण 5,000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है। दुनियाभर में 1,34,300 से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं। यही कारण है कि WHO ने बुधवार को इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था।

गुजरात में भी फँसी कॉन्ग्रेस, विधायक जाएँगे राजस्थान: जयपुर में पहले से ही हैं मध्य प्रदेश के MLA

मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद अब गुजरात में भी कॉन्ग्रेस की मुसीबत बढ़ती दिख रही है। यहॉं बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव का गणित इस कदर उलझा दिया है कि उसे क्रॉस वोटिंग का खतरा दिख रहा है। इसे देखते हुए उसने अपने विधायकों को राजस्थान शिफ्ट करने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पर खतरा मंडराने के बाद से कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर के ही रिसॉर्ट में रख रखा है।

गुजरात कॉन्ग्रेस विधायक हर्षद रिबाड़िया का कहना है कि हॉर्स ट्रेडिंग के भय से वे लोग खुद को राजस्थान शिफ्ट करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार के राज्यसभा चुनाव में भी कॉन्ग्रेस विधायकों को बीजेपी ने अपने पाले में लाने की कोशिश की थी। इस बार फिर से ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए विधायकों को सुरक्षित रखकर उन्हें वोट देने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 35 कॉन्ग्रेस विधायक जयपुर और 15 उदयपुर ले जाए जा रहे हैं। विधायकों के एक जत्थे के साथ राज्यसभा उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल तो दूसरे के साथ दूसरे राज्यसभा उम्मीदवार भरत सिंह सोलंकी होंगे। यह कदम पॉंच विधायकों के पाला बदलने की आशंका को देखते हुए उठाया गया है। असल में गुजरात विधानसभा का जो मौजूदा गणित है उसमें दो-दो सीट पर भाजपा और कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों की जीत पक्की है। लेकिन, भाजपा तीन सीट जीतने का दावा कर रही है। उसके तीन उम्मीदवारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है।

दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने बजट सत्र स्थगित कर फ्लोर टेस्ट की मॉंग की है। बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मिलकर इसका अनुरोध किया। उनसे कहा कि वे राज्य सरकार को बहुमत साबित (फ्लोर टेस्ट) करने के लिए निर्देश दें। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। राज्य की कमलनाथ सरकार पर संकट ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के कारण पैदा हुआ है। सिंधिया समर्थक मंत्रियों और विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।

इसके अलावा बताया जा रहा है कि राजस्थान में भी उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपनी उपेक्षा से नाराज हैं। इतना ही नहीं राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक करीबी को उम्मीदवार बनाए जाने से भी पार्टी नेता नाराज हैं।

₹1900 करोड़ लोन दिया, बदले में लुटियन दिल्ली में हाफ रेट पर लिया बंगला: यस बैंक वाले कपूर का कारनामा

यस बैंक घोटाले की जॉंच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है राणा कपूर और उनके परिजनों की कारगुजारियॉं भी सामने आती जा रही है। इस मामले में सीबीआई ने बैंक के संस्थापक राणा कपूर और उनकी पत्नी बिंदू के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक नया मामला दर्ज किया है। यह मामला दिल्ली के पॉश अमृता शेरगिल मार्ग पर 1.2 एकड़ में फैले एक बंगले से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि बैंक से कर्ज दिए जाने के बदले में राणा ने हाफ रेट पर यह बंगला हासिल किया था। राणा कपूर 16 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह बंगला एक रियल एस्टेट फर्म से बाजार भाव से आधी कीमत पर खरीदा गया। बदले में यस बैंक से 1900 करोड़ रुपये का कर्ज मुहैया कराया गया। जॉंच एजेंसी को संदेह है कि आधी कीमत पर हुआ यह सौदा ब्लिस अडोब प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कपूर को दी गई रिश्वत थी। इस कंपनी के दो निदेशकों में से एक कपूर की पत्नी बिंदू है।

पहले यह बंगला गौतम थापर का था। उन्होंने यस बैंक से 600 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट लोन लिया था। इसके बदले बंगला गिरवी रखा गया। लोन लेने के कुछ हफ्तों बाद ही थापर ने बंगला बेचकर लोन चुकाने की बात कही। इसके बाद बिंदु के नाम से एक शेल कंपनी ब्लिस अडोब प्राइवेट लिमिटेड बनाई गई। यस बैंक ने इस बंगले की बिक्री के अडोब को बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया। अडोब ने सबसे ज्यादा बोली से महज कुछ ज्यादा (378 करोड़) देकर बंगला खरीद लिया।

आरोप है कि कपूर ने अडोब के जरिए भुगतान कर 378 करोड़ रुपए में बंगला खरीदा। यह राशि बाजार मूल्य से 307 करोड़ रुपए कम थी। सीबीआई ने थापर, राणा कपूर और उनकी पत्नी बिंदु के खिलाफ IPC और भ्रष्टाचार रोधक कानून के प्रावधानों के अंतर्गत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जाँच एजेंसी ने दिल्ली और मुंबई में कई स्थानों पर छापेमारी की है।

वहीं मोदी कैबिनेट ने शुक्रवार को यस बैंक के रीकंस्ट्रक्शन को मंजूरी दे दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ”यस बैंक की 49% इक्विटी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) निवेश करेगा। दूसरे निवेशकों से भी बैंक की मदद के लिए कहा जा रहा है।” आरबीआई ने यस बैंक के लिए रीकंस्ट्रक्शन प्लान पेश किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो भी फैसले लिए हैं, वह यस बैंक के खाताधारकों के हित को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।

राणा कपूर पर सीबीआई ने पहली FIR 8 मार्च को दर्ज की थी। इसमें कपूर और उनके परिवार की कंपनी ‘डू इट अर्बन वेंचर्स’ और ‘दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (डीएचएफएल) के प्रमोटर-डायरेक्टर कपिल वाधवान के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था।

विदेश से आए थे ब्राह्मण…इस देश को हिंदुस्तान की जगह भारत कहें मुस्लिम: उद्धव ठाकरे के कॉन्ग्रेसी मंत्री

सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध करते-करते नितिन राउत ने ब्राह्मणों को लेकर विवादित टिप्पणी की है। राउत महाराष्ट्र की उद्धव सरकार के कैबिनेट मंत्री हैं। कॉन्ग्रेस के एससी विभाग के अध्यक्ष भी। उन्होंने कहा है कि ब्राह्मण खुद विदेश से आए हैं। वे दूसरों को पहचान पत्र दिखाने के बारे में क्या सिखाएँगे। राउत ने यह बात आठ मार्च को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस कार्यक्रम का आयोजन फुले, साहू, आंबेडकर विचार संरक्षण समिति की ओर से किया गया था।

राउत ने NPR लागू नहीं होने देने की चेतावनी दी। कहा कि इसे तभी लागू होने दिया जाएगा जब वही प्रावधान बने रहेंगे जो कॉन्ग्रेस पार्टी 2010 में लेकर आई थी। उन्होंने कहा कि यदि आप मुझसे मेरे दादा का प्रमाण-पत्र दिखाने के लिए कहते हैं, तो मैं आपको दिखा सकता हूॅं। डॉ आंबेडकर ने मुझे दलित होने के बावजूद शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया था। इसलिए, मैं अपने दादाजी का प्रमाण-पत्र ला सकता हूं। लेकिन उनका क्या, जिन्हें अच्छी शिक्षा का अवसर नहीं मिल सका? वो ब्राह्मण जो स्वयं बाहर से आए थे, वो अब हमें ज्ञान दे रहे हैं, तो मैं ऐसा कभी नहीं होने दूँगा।

राउत ने कहा कि देश के मुस्लिम उस हालत में नहीं रह रहे होते, जिस हालत में आज हैं। वे बाबा साहेब के दिखाए रास्ते पर चले जिन्होंने हिंदुस्तान के बजाय भारत कहा। राउत ने कहा कि जब साउथबोरो कमीशन भारत आया, तो बाबासाहेब ने उनके सामने अपील दायर की। उस समय, बाबासाहेब से पूछा गया कि आप किसका प्रतिनिधित्व करते हैं?

उस समय बाबासाहेब ने कहा, मैं पहले भी एक भारतीय हूँ और अंत में भी एक भारतीय ही हूँ। मैं मुस्लिमों को बताना चाहूँगा कि अगर आप बाबासाहेब को अपना नेता मानते, उनकी सोच के साथ आगे बढ़े होते और इस देश को हिंदुस्तान कहना बंद कर देते, तो आज ऐसा नहीं होता। आज आपके पास मौका है और मैं आपसे अपील करता हूँ कि आप आज से खुद को भारतीय कहें और देश को हिंदुस्तान कहना बंद कर दें।

कोरोना से हुई मौत… तो परिजनों को नहीं मिलेंगे ₹4 लाख: इलाज में SDRF फंड से किया जाएगा खर्च

देश में कोरोना संक्रमण के 83 मामलों की अब तक पुष्टि हो चुकी है। दो मौतें भी हुई हैं। इसका प्रसार रोकने के लिए केंद्र सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 को आपदा घोषित कर दिया है। इससे पीड़ितों को स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड यानी एसडीआरएफ के अंतर्गत मदद करने का रास्ता खुलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया था कि अब इस वायरस के संक्रमण से यदि मौत होती है तो मृतक के परिजनों को चार लाख रुपए की मदद दी जाएगी। इससे निपटने के अभियान या इससे जुड़ी अन्य गतिविधि के दौरान मौत होने पर भी परिजनों को इतने की ही आर्थिक मदद दी जाएगी। अब केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण से मौत होने पर ऐसा कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। सरकार अब इन रुपयों का इस्तेमाल क्वारंटाइन (इलाज), सैम्पल कलेक्शन और स्क्रीनिंग के लिए करेगी। अब एसडीआरएफ फंड का ही इस्तेमाल कोरोना से संक्रमित लोगों के लिहाज के लिए ज़रूरी उपकरण व सामान ख़रीदने हेतु भी किए जाएँगे।

कोरोना से दिल्ली और कर्नाटक में अब तक एक-एक मौत के मामले सामने आए हैं। सऊदी अरब से हाल में लौटे कलबुर्गी के 76 वर्षीय एक व्यक्ति की गुरुवार को मौत हो गई थी। वहीं, दिल्ली की 68 वर्षीय एक महिला की शुक्रवार रात राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि देश में अब तक सामने आए 83 मामलों में 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें इटली के 16 पर्यटक और कनाडा का एक नागरिक है।

इसका प्रसार रोकने के लिए भारत ने एक तरह से खुद को दुनिया से अलग-थलग कर लिया है। 15 अप्रैल तक यात्री वीजा सस्पेंड कर दिया है। साथ ही अपने नागरिकों को भी विदेश यात्रा से बचने की सलाह दी है। कई राज्यों में कोरोना वायरस के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, समेत देश के कई राज्यों में सिनेमा हॉल और सभाओं पर भी इस वायरस से होते संक्रमण के चलते पाबंदियाँ लगा दी गई हैं। दिल्ली में इसे महामारी घोषित किया जा चुका है तथा कर्नाटक में शादी समारोह पर भी रोक लगा दी गई है।

गौरतलब है कि चीन के वुहान शहर से यह संक्रमण शुरू हुआ था। अब तक दुनिया के 114 देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। कोरोना वायरस संक्रमण 5,000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है। दुनियाभर में 1,34,300 से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं। यही कारण है कि WHO ने बुधवार को इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था।