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कॉन्स्टेबल पर पिस्टल तानने वाला मोहम्मद शाहरुख अब भी फरार, दिल्ली दंगों को लेकर हिरासत में 514

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में हिंसा के दौरान सरेआम पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने और आठ राउंड गोलियाँ चलाने वाला मोहम्मद शाहरुख अब भी फरार बताया जा रहा है। पहले उसे गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर आई थी। लेकिन, न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि उसकी तलाश की जा रही है। कई मीडिया रिपोर्टों में पुलिस अधिकारियों के हवाले से भी उसके फरार होने की बात कही गई है। लोकल पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। शाहरुख अपने पूरे परिवार के साथ फरार बताया जा रहा है।

एक पुलिस अधिकारी ने समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस लगातार इस्लामी शूटर की तलाश कर रही है। शाहरुख के गिरफ्त में आने के बाद ही इस बात का पता चल सकता है कि उसने वह पिस्तौल और कारतूस कहाँ से खरीदे थे, जिसका इस्तेमाल उसने दंगों के दौरान किया था। न्यूज पोर्टल द क्विंट ने भी दिल्ली पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा है कि शाहरुख को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

वहीं गुरुवार शाम को गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पिछले 36 घंटे में नॉर्थ-ईस्ट जिले के हिंसा प्रभावित किसी भी थाना क्षेत्र में कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। शुक्रवार (फरवरी 28, 2020) को हालात को देखते हुए सेक्शन 144 से लोगों को 10 घंटे के लिए राहत दी जाएगी। आगे कहा गया है कि अभी तक दिल्ली हिंसा में कुल 48 FIR दर्ज की गई हैं, जिसमें दंगे भड़काने, जान से मारने, संपत्ति का नुकसान आदि के मामले शामिल हैं। आने वाले समय में और भी FIRदर्ज की जाएगी। पुलिस ने फिलहाल 514 संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जाँच के दौरान आगे और भी गिरफ्तारी की जा सकती है।

बता दें कि कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में CAA के मुद्दे के लेकर हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। वहीं 200 से अधिक घायल लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अलग-अलग अस्पतालों में लगभग 30 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 106 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

हिंसा की जाँच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के तहत दो एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी की एक टीम को डीसीपी जॉय टिर्की लीड करेंगे, जबकि जबकि दूसरी टीम के हेड डीसीपी राजेश देव होंगे। दोनों एसआईटी टीमों में चार-चार ACP होंगे यानी कुल आठ एसीपी। इसके अलावा तीन-तीन इंस्पेक्टर, चार-चार सब-इंस्पेक्टर और बाकी पुलिसकर्मी रहेंगे। यह SIT क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी बीके सिंह की अगुआई में काम करेगी।

ताहिर हुसैन फरार: AAP से निलंबित होते ही बचाव में आगे आया अमानतुल्लाह खान

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों के दौरान आप पार्षद ताहिर हुसैन का चॉंदबाग स्थित घर हिंसा का केंद्र था। ऑपइंडिया को स्थानीय लोगों ने बताया कि उसकी इमारत में करीब 3000 दंगाई जमा थे। उसके घर की छत पर पत्थरों और पेट्रोल बम का जखीरा मिला है। यहॉं से पत्थरबाजी हुई थी और पेट्रोल बम फेंके गए थे। आईबी के अंकित शर्मा की हत्या भी उसके ही गुंडों ने की थी।

अब खबर आ रही है कि ताहिर हुसैन फरार हो गया है। दिल्ली हिंसा और अंकित शर्मा की हत्या के सिलसिले में मामला दर्ज होने के ठीक एक दिन बाद उसके फरार होने की खबर सामने आई है। टाइम्स नाउ ने यह जानकारी दी है।

ताहिर हुसैन को कल AAP ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने भी कहा था कि दंगा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वो किसी भी पार्टी का हो। इसके बाद ही पार्टी से ताहिर हुसैन की निलंबन की बात सामने आई। खुद पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रात के 10.06 पर इसकी जानकारी दी गई।

ट्वीट में बताया गया कि दिल्ली हिंसा मामले में पार्षद ताहिर हुसैन को जाँच पूरी होने तक आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। लेकिन थोड़ी देर बाद ही पार्टी के ‘अज़ीज़’ नेता ताहिर के बचाव में उतर आए और उसे निर्दोष घोषित करने लगे।

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट आने के करीब 16 मिनट बाद यानी 10: 21 पर ही अपने अकाउंट से ट्वीट किया। अमानतुल्लाह ने ताहिर खान को बेकसूर घोषित कर दिया। साथ ही भाजपा पर आरोप लगाया कि अपने नेताओं को बचाने के लिए और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए ताहिर हुसैन को झूठे केस में फँसा रही है।

गौरतलब है कि पार्टी की ओर से आए आधिकारिक बयान और अमानतुल्लाह खान की ओर से जारी बयान में गहरा विरोधाभास है। पार्टी एक ओर जहाँ ताहिर हुसैन के ख़िलाफ़ एक्शन लेकर जनता के सामने अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रही है, वहीं अमानतुल्लाह दंगों में जिसकी मुख्य भूमिका बताई जा रही उसका बचाव कर रहे हैं।

ताहिर हुसैन पर कल दयालपुर पुलिस थाने में आईपीसी की धारा-302 (हत्या) का मामला दर्ज किया गया। आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा सहित 4 लोगों को मार कर उनकी लाश को नाले में फेंकने का आरोप है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन के घर को सील कर उसके ख़िलाफ़ जाँच शुरू कर दी है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के खजूरी ख़ास क्षेत्र स्थित ताहिर हुसैन की फैक्ट्री को भी सील कर दिया गया है।

एफआईआर दर्ज किए जाने से पहले ताहिर ने विडियो जारी कर अपनी भूमिका पर सफाई दी थी। उसका कहना था, “बहुत सारी भीड़ जबर्दस्ती मेरा गेट तोड़ अंदर आना चाहती थी। मैंने पुलिस बुलाई। वो आए। हमारे मकान की तलाशी ली गई। जब कोई दंगाई नहीं दिखा तो मैं पुलिस के सहयोग से जान बचाकर बाहर निकला। पुलिसवालों की निगरानी एक दिन रही उसके बाद पुलिस चली गई। मैं एक सच्चा, अच्छा भारतीय मुस्लिम हूॅं, मैं आगे भी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के लिए काम करता रहूॅंगा। मैं खुद जान बचाकर परिवार के साथ एक रिश्तेदार के पास हूॅं। मैं बच्चे की सौगंध खाकर कहता हूॅं कि इन सबसे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मैं इस तरह की घटिया राजनीति नहीं कर सकता।”

ग्राउंड रिपोर्ट: ताहिर हुसैन की छत से चली गोली अनूप सिंह की गर्दन में लगी, आर-पार निकल गई

हिंसा प्रभावित क्षेत्र चाँद बाग में गुरुवार को नेशनल मीडिया का जमाबड़ा लगा हुआ था। बड़ी संख्या में हर एक जगह पुलिस फोर्स तैनात थी। दुकानों के शटर गिरे हुए थे और जिन दुकानों के शटर आधे अधूरे उठे हुए थे इलाके में हुई हिंसा के खौफनाक मंजर को बखूबी प्रदर्शित कर रहे थे। सड़कों पर पुलिस फोर्स से ज्यादा मीडिया और मीडिया से ज्यादा ईंट-पत्थरों के टुकड़ों की मौजूदगी थी। कुछ लोग टोपी लगाए दुकानों के किनारे भटक रहे थे तो कुछ लोग गलियों में लगे बंद गेट से एक कैदखाने की तरह बाहर की ओर डरावने चेहरों से झाँक रहे थे।

हमने किसी तरह एक बंद गेट के पास से करावल नगर की एक गली में प्रवेश किया और इलाके में पीड़ितों का हाल-चाल लेते हुए मूँगा नगर पहुँच गए। इस बीच जानकारी मिली कि एक अनूप नाम का व्यक्ति दंगाई भीड़ का पीड़ित है। इसके बाद हम पूछते हुए पीड़ित अनूप सिंह के घर जा पहुँचे। जहाँ हमने देखा कि मकान की दूसरी मंजिल पर कमरे में पड़े एक बेड पर अनूप सिंह घायल अवस्था में पड़े हुए हैं। इसके बाद हमने अपना परिचय दिया और उनसे आपबीती बताने का अनुरोध किया।

अनूप सिंह ने बताया, “सोमवार को क्षेत्र में हुई हिंसा के बाद से इलाके का माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन मंगलवार को दंगाईयों ने एक बार फिर से हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते दंगाई ईंट पत्थरों से हिंदुओं की बंद दुकानों को अपना निशाना बनाने लगे। तेज होती आवाजें सुनकर मैं घर से बाहर की ओर हालात को देखने और जानने के लिए निकला। गली के बाहर आते ही मैंने देखा कि ताहिर हुसैन की छत पर खड़े सैकड़ों लोग नीचे खड़े लोगों पर पहले तो ईंट-पत्थर फेंक रहे हैं इसके बाद वह काँच की बोतले से पैट्रोल बम फेंकने लगे और फिर तो दंगाईयों ने छत से सीधी फायरिंग करना शुरू कर दिया। इसी बीच मैं वहाँ से बचकर भागने ही वाला था कि अचानक से एक गोली मेरी की गर्दन में आकर लगी।”

अनूप आगे बताते हैं कि वह समझ नहीं सके कि उनको गोली लगी है या फिर कोई पत्थर लगा है, ज्यादा खून बहने पर आस-पास खड़े लोगों ने उन्हें सँभाला और इसके बाद बाईक से डॉक्टर के पास ले जाने लगे। उन्होंने बताया कि जब परिजन उन्हें घायल अवस्था में असपताल लेकर जा रहे थे। उस दौरान भी दंगाइयों ने उन पर ईंट-पत्थर बरसाए। किसी तरह वो जब डॉक्टर के पास पहुँचे तो डॉक्टर ने बताया कि उनको गर्दन में गोली लगी हुई है, न कि पत्थर से वो घायल हुए। इसके बाद अनूप को तत्काल जीटीबी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहाँ से अवकाश मिलने के बाद अनूप कल अपने घर पर पहुँचे। उनके दिल में बैठे डर का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि जितने समय उन्होंने आपबीती हमें बताई उतने समय उनका शरीर डर के कारण काँपता रहा और वह बार बार यही कहते रहे, “मुझे अब कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।”

20 वर्षीय अनूप सिंह और उनके परिजन डरे हुए बताते हैं कि उन्होंने इस तरह की हिंसा जीवन में उन्होंने कभी नहीं देखी। इस्लामी भीड़ और उनकी तैयारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो वह पहले तो हिंदुओं की दुकानों को और फिर हमारे मकानों को भी वह अपना निशाना बनाना चाहते थे। अच्छा हुआ दिल्ली पुलिस का कि उसने समय रहते हालातों को काबू में किया। वह बताते हैं कि इस घटना से उनके मन में इतना डर फैला है कि वह पिछले तीन दिनों से किसी भी काम के लिए घर से बाहर तक नहीं निकले।

आँतें फाड़कर निकाल दी गई, 6 लोगों ने 400 से ज़्यादा बार चाकू भोंका: IB के अंकित शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

नृशंस हत्या की परिभाषा हर अंकित शर्मा जैसे हिन्दुओं की लाश की पोस्टमॉर्टम के रिपोर्ट के आने के बाद एक अलग क्रूरता के साथ बदल जाती है। पोस्टमॉर्टम के मुताबिक उनके शरीर का एक भी हिस्सा ऐसा नहीं था जिसमें चाकू के गहरे घाव न हों। डॉक्टर ने लिखा है कि 400 से ज़्यादा बार उन्हें चाकुओं से गोदा गया। 

इस क्रूर अमानुषिक हत्याकांड और यातना को अंजाम देने में कम से कम 6 लोगों के शामिल होने की बात डॉक्टर बताते हैं। उन्होंने कहा है कि अंकित शर्मा को 6 लोगों ने लगातार 2 से 4 घंटे तक 400 बार चाकुओं से गोदा होगा। साथ ही, उनकी आँत को शरीर से बाहर निकाल दिया था। फोरेंसिक डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह से यातना का शिकार और क्षत-विक्षत बॉडी उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा। 

इससे पहले, अंकित शर्मा को AAP के पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडे घसीट कर ले गए और मार डाला। उनके पिता रवींद्र शर्मा ने बेटे की मौत के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार बताया है। अंकित आईबी में कार्यरत थे। उनके पिता भी आईबी में ही बतौर हेड कॉन्स्टेबल कार्यरत हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के घर से लगातार बमबारी और पत्थरबाजी होती रही।

ताहिर हुसैन के घर के बाहर भी पत्थरों का जमावड़ा लगा हुआ है। हुसैन के घर के बाहर कई बोतलें और पेट्रोल बम पड़े हुए हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी इमारत की छतों पर भी पत्थर और बम देखे गए हैं। विदेशी मीडिया पोर्टल ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ)’ ने अपने लेख में लिखा है कि अंकित के भाई अंकुर ने बताया कि ‘जय श्री राम’ बोलते हुए आई मुस्लिम भीड़ ने अंकित की हत्या कर दी। अंकुर ने प्रोपेगेंडा पोर्टल की इस ख़बर को नकार दिया है। अंकुर ने ऑपइंडिया से बात करते हुए स्पष्ट कहा कि डब्ल्यूएसजे में उनके हवाले से जो बातें लिखी है वह उन्होंने कही ही नहीं है।

अंकुर ने बताया कि गुरुवार (फरवरी 25, 2020) को उनके भाई अंकित ड्यूटी से लौट कर बाइक पार्क करने के बाद मोहल्ले के लोगों से बातचीत करने निकल गए। उन्होंने कहा था कि वे इलाक़े के लोगों को जानते हैं और दंगा रोकने में कामयाब होंगे। परिवार के लाख मना करने के बावजूद अंकित हिन्दुओं और मुस्लिमों- दोनों से ही बातचीत करने और उन्हें समझाने निकल गए। हालाँकि, हिन्दुओं ने तो अंकित की बात मान ली लेकिन मुस्लिम समुदाय शांति के लिए राजी नहीं हुआ। तभी ताहिर हुसैन के इमारत से पत्थरबाजी शुरू हो गई और मुस्लिम भीड़ ने अंकित को पकड़ कर घसीटना शुरू कर दिया। वे उन्हें पकड़ कर हुसैन की इमारत में ले गए।

अंकुर ने रतन लाल और अपने भाई की हत्या के बारे में बात करते हुए बताया कि अब ‘वो लोग’ पुलिस वालों को चुन-चुन कर मार रहे हैं। अंकित को भी इसीलिए मारा क्योंकि उन्होंने बताया कि वे एक आईबी ऑफिसर हैं। अंकित मोहल्ले में सबके पसंददीदा व्यक्ति थे और वो सभी से घुलमिल कर रहते थे। उनका शव नाले में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। अंकुर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंकुर ने कहा:

“मेरे भाई अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन ने मारा है। वो यहाँ दंगाइयों का सबसे बड़ा सरगना है। वही दंगे करवा रहा है। जब मेरे भाई को मजहबी भीड़ घसीटते हुए ले जा रहे थे, तब वही उन्हें निर्देश दे रहा था कि क्या और कैसे करना है। अरविंद केजरीवाल मेरे भाई को दंगाई साबित कर देंगे। मेरा भाई दंगाई नहीं था। वो एक सरकारी अधिकारी था, जो लोगों को समझा रहा था कि झगड़ा मत करो। वो दोनों तरफ के लोगों को जानता था, इसलिए उन्हें समझाने गया था।”

अंकुर की माँग है कि उनके मृत भाई अंकित शर्मा को ‘शहीद’ का दर्जा मिले। अंकित के गर्दन और अन्य हिस्सों में कई जगह धारदार हथियार के वार से कटे हुए निशान मिले थे। अंकुर ने बताया कि मारने से पहले उन्हें काफ़ी टॉर्चर किया गया।

AAP पार्षद ताहिर हुसैन का घर व फैक्ट्री सील, FIR दर्ज: खफा जावेद अख्तर ने पुलिस को कोसा, निलंबित

आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी कहा है कि दंगा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चहीए, चाहे वो किसी भी पार्टी का हो। गुरुवार (फरवरी 27, 2020) को ताहिर हुसैन के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया। उस पर दयालपुर पुलिस थाने में आईपीसी की धारा-302 (हत्या) का मामला दर्ज किया गया है। आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा सहित 4 लोगों को मार कर उनकी लाश को गन्दी नाली में फेंकने का आरोप लगा है। ताहिर के घर से बमबारी और पत्थरबाजी होती रही।

नेहरू विहार के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के चाँदबाग़ स्थित निवास पर कई पत्थर और पेट्रोल बम भी देखे गए। इनका इस्तेमाल कर के हिन्दुओं पर तबाही बरपाई गई। ताहिर ने एक वीडियो जारी कर के दावा किया कि उसके घर पर उपद्रवियों का कब्ज़ा है और उसका या उसके परिवार का पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। अब तक दिल्ली दंगों में मरने वालों की संख्या 38 पहुँच गई है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में कई हिन्दुओं के घरों व दुकानों को जला डाला गया। साथ ही मंदिरों को भी नुकसान पहुँचाया गया है। मुस्लिम भीड़ ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ चिल्लाते हुए हिन्दुओं पर टूटी थी।

वहीं दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन के घर को सील कर के उसके ख़िलाफ़ जाँच शुरू कर दी है। उसके ख़िलाफ़ दंगे भड़काने का मामला भी दर्ज हुआ है। केजरीवाल ने तो यहाँ तक कहा है कि अगर उनकी पार्टी का कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे दोगुनी सज़ा मिलनी चाहिए। आप नेता संजय सिंह ने भी सभी दोषियों को सज़ा मिलने की बात कही। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के खजूरी ख़ास क्षेत्र में स्थित ताहिर हुसैन की फैक्ट्री को भी सील कर दिया गया है। अब देखना ये है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। ताहिर हुसैन ने कहा है कि अगर पुलिस उसे गिरफ़्तार करना चाहती है तो वह पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार है।

38 मौतों में से 34 जीटीबी हॉस्पिटल में हुई है जबकि 3 मौतों की ख़बर लोकनायक जेपी अस्पताल से आई है। एक मौत जग प्रवेश चंद्रा हॉस्पिटल में हुई है। दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुल्लाह ख़ान ने कहा है कि बोर्ड नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के प्रभावित इलाक़ों में राशन व अन्य चीजों का वितरण करेगा। अभी तक पुलिस ने कुल 105 लोगों को विभिन्न मामलों में गिरफ़्तार किया है। उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने पूरी स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक भी की।

जावेद अख़्तर ने कहा है कि इतने लोग मर गए और अभी तक पुलिस एक फैक्ट्री सील कर के उसके मालिक को ढूँढ रही है। उन्होंने कहा कि इतने लोग मारे गए, कई घायल हुए और कइयों के घर जला दिए गए, लेकिन पुलिस ऐसे आदमी को ढूँढ रही है, जिसका नाम संयोग से ताहिर है। खफा जावेद अख्तर ताहिर के मजहब की ओर इशारा करते हुए बता रहे थे कि दिल्ली पुलिस उन्हें निशाना बना रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप) ने पार्षद ताहिर हुसैन को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया।

33 सालों में नहीं देखा ऐसा भयानक मंजर, हमारा सब कुछ बर्बाद कर दिया: ‘श्याम चाय वाले’ की आपबीती

दंगा प्रभावित क्षेत्र चाँद बाग में हमने चौथे दिन जैसे ही प्रवेश किया ऐसे ही कोने वाली दुकान पर हमारी नज़र गई। दुकान के बाहर बड़ी मात्रा में संतरे बिखरे हुए दिखाई दे रहे थे। दरअसल, तथाकथित दंगाइयों ने दुकान को आग के हवाले कर दिया था, जिसमें दुकान पूरी तरह से राख हो चुकी थी। कुछ लोगों के साथ मीडिया वाले बिखरे हुए संतरों के फोटो और वीडियो बनाने में लगे हुए थे। दंगा प्रभावित क्षेत्र की यह पहली तस्वीर थी, लेकिन हमें इस वारदात के हर एक किरदार के बारे में पता करना था जो अलग-अलग रूप में सामने आए। हमें सच्चाई सामने लानी थी।

हम आगे तैनात फोर्स के बीच से गुजरते हुए करावल नगर स्थित उस मकान के सामने पहुँच गए, जिसे अंकित शर्मा का आरोपित और नगर पार्षद ताहिर हुसैन का बताया गया, जहाँ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ मीडिया कर्मीयों का जमावड़ा लगा हुआ था। इस बीच हमारी नज़र ताहिर हुसैन के मकान के सामने वाली लगी में गई, जहाँ हमने देखा गली के बंद गेट के पीछे से करीब 25-30 लोग मीडिया की कवरेज और पुलिस फोर्स की कदम ताल को अपनी डरी हुई आँखों से देख रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि इस तरफ किसी भी मीडिया के कैमरे की नज़र नहीं गई।

खैर, हमने हिम्मत की और पूछ लिया कि आप डरे हुए हैं या फ़िर कि इस दंगे के पीड़ित भी? हमने पूछा ही था कि एक के बाद एक पीड़ित अपनी दर्दनाक व्यथा को बताने लगे। हमें हर उस बात को जानना था जिसे बड़े बड़े मीडिया हाउस चार दिन की अपनी कवरेज में दिखा नहीं सके। हमने कड़ी मशक्कत के बाद गली में प्रवेश किया और उस पीड़ित से सबसे पहले बात की, जिनकी आँखों में हमें देखने ही आँसू आ गए। वह कोई और नहीं बल्कि करावलनगर में चाय बेचने वाले श्याम साहनी थे, जोकि ताहिर हुसैन के मकान के सामने ही ‘श्याम टी स्टॉल’ के नाम से पिछले कई वर्षों से चाय बेचने का काम करते हैं।

श्याम साहनी अपनी पत्नी और बड़े बेटे के साथ बदहवास अवस्था और पूरी तरह से डरे हुए जमीन पर पैर फैलाए लोगों के बीच बैठे हुए थे। जब हमने श्याम से बात की तो श्याम साहनी ने बताया,

“मैं बीते सोमवार को अपनी दुकान पर बैठे चाय बना रहा था, सुबह से ही क्षेत्र के मुस्लिमों का सीएए के ख़िलाफ विरोध जारी था। इसी बीच पता चला कि हजारों की इस्लामी भीड़ दुकानों में तोड़-फोड़ करती हुई चाँद बाग की ओर से करावल नगर की ओर बढ़ती हुई आ रही है। हमने तुरंत ही शटर को गिराया और पीछे के दरवाजे में निकल गए, लेकिन इसके बाद भी दंगाई भीड़ ने हमारी दुकान के शटर को सिलाई मशीन से तोड़ दिया और दुकान में पहले तो लूटपाट की फिर जमकर तोड़फोड़ मचाई। इसके बाद ताहिर की छत से आ रहे पट्रोल बम से दुकान के बाहरी हिस्से में आग लग गई।”

श्याम रोते हुए बताते हैं, “यह सब वह गली में छुपकर देख रहे थे, लेकिन बेबस थे चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच जानकारी मिली कि मुस्लिमों की भीड़ हिंदुओं के घरों को अपना निशाना बना रही है। हम यमुना विहार स्थित अपने घर की तरफ दौड़े और पत्नी को बोला जल्दी बच्चों को लेकर घर से निकलो हमने अपने-अपने चारों बच्चों को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र से निकाला और दूसरी गली में एक परिचित के घर पहुँचा दिया। हम इतने डर गए कि सोमवार को पूरे दिन और पूरी रात भूखे प्यासे बच्चों के साथ घर में कैद रहे। बाहर निकलने तक की हिम्मत नहीं हुई। दूसरे दिन पुलिस फोर्स की तैनाती हुई तो दुकान की तरफ देखा तो उसे देखकर खूब रोना आया।”

वहीं आस पास के लोगों ने बताया कि श्याम ने तीन दिन से न तो कपड़े बदले हैं और न ही खाना खाया है। वहीं श्याम बताते हैं, “अब हमारा सब कुछ बर्बाद हो चुका है। कुछ समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें और कहाँ जाएँ।” श्याम के मुताबिक दुकान में करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ।

बिहार वैशाली के चंदपुरा पातेपुर गांव के रहने वाले श्याम साहनी पुत्र रामचन्द्र साहनी करीब 20 साल पहले दिल्ली में नौकरी करने के लिए आए थे। इसके बाद वह बच्चों को भी अपने साथ दिल्ली ले आए। श्याम के चार बेटे नीरज कुमार, धीरज कुमार, सन्नी और रोशन हैं, जोकि दिल्ली में हुई हिंसा से बेहद डरे हुए हैं।

उसकी चड्डी उतार खम्भे से बाँध कर चप्पल से मारूँगा: इम्तियाज ने कपिल मिश्रा पर रखा ₹5 लाख का इनाम

भाजपा नेता कपिल मिश्रा को जानबूझ कर विलेन बनाया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने उपद्रवियों द्वारा सड़क अवरुद्ध कर लोगों को परेशान किए जाने के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी। घृणा का आलम ये है कि जबरदस्ती कपिल मिश्रा का नाम लिया जा रहा है ताकि वारिस पठान, शरजील इमाम और असदुद्दीन ओवैसी जैसों के बयानों पर पर्दा डाला जा सके। कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ घृणा अब सोशल मीडिया तक पहुँच गई है, जहाँ असामाजिक तत्व उनके ख़िलाफ़ लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति ने पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा पर 5 लाख रुपए का इनाम रख दिया है।

मुंबई के रहने वाले इम्तियाज शेख (फेसबुक पर ‘आंबेडकर’) ने कहा कि अगर कोई कपिल मिश्रा को ज़िंदा पकड़ कर उसके पास ले जाएगा तो उसे 5 लाख रुपए दिए जाएँगे। इम्तियाज ने इस बारे में एक विडियो शूट किया और कहा कि वो कपिल मिश्रा को एक खम्भे से बाँध कर धुलाई करेगा, जिसका यूट्यब और फेसबुक पर लाइव प्रसारण होगा। उसने दावा किया कि कपिल मिश्रा के मुँह पर हल्के-हल्के से चप्पल मारे जाएँगे। उसने आरोप लगाया कि मिश्रा ने समुदाय विशेष को घुसपैठिया कहा है।

इम्तियाज ने ‘अस्सलाम वालेकुम’ और ‘जय भीम’ कहते हुए विडियो में अपनी बात शुरू की और कपिल मिश्रा और घुसपैठियों के ख़िलाफ़ बोलने वाले अन्य लोगों के बारे में कहा कि उनकी चड्डी उतार कर उनके पिछवाड़े पर लात मारी जाएगी। उसने कहा कि कोई भी नेता हो या बड़ा इंसान हो, मुस्लिमों को घुसपैठिया कहने वाला सबसे बड़ा घुसपैठिया है। इम्तियाज ने दावा किया कि आज मंच पर खड़े होकर चिल्लाने वाले कभी इतना चिल्लाएँगे कि उन्हें कोई बचाने भी नहीं आएगा।

इम्तियाज़ आंबेडकर का फेसबुक प्रोफ़ाइल

इम्तियाज ने कपिल मिश्रा को 18 लोगों की मौत का जिम्मेदार बताते हुए कहा कि वो एक ‘घटिया आदमी’ है। इम्तियाज ने ये भी कहा कि अगर कपिल मिश्रा की जान भी चली जाती है तो कोई दिक्कत नहीं है। उसने ऐलान किया कि बांग्लादेशियों को कोई घुसपैठिया नहीं कह सकता है। उसने कहा:

“केजरीवाल जी, आप इनलोगों के आगे झुकने लगे हो। लगता है कि आप भी कहीं न कहीं डगमगा रहे हो। हम आपका आदर-सम्मान करते हैं अरविन्द जी। आप इन पुलिसकर्मियों को समझाइए। अगर आप विफल रहते हैं तो हम संविधान वाले इन्हें समझाएँगे। हमें पता है कि इनका क्या करना है। आपने दिल्ली में इतनी सुख-सुविधाएँ दे रखी हैं, इसके लिए धन्यवाद। लेकिन, इतने लोगों की जान की क़ीमत क्या है? भाषण देना आसान है लेकिन अगर आपका बेटा मर जाए तो आपको कैसा लगेगा? आप बहुत अच्छे इंसान हो लेकिन आप पर भाजपा का दबाव है। मैं ज़रूर मामूली दिखता हूँ लेकिन 5 लाख रुपए देने की मेरी औकात है। बस, कपिल मिश्रा को मेरे पास ज़िंदा लेकर आओ।”

इम्तियाज ने कपिल मिश्रा को जान से मारने की धमकी दी, देखें विडियो

इम्तियाज आंबेडकर के इस विडियो का कई लोगों ने विरोध किया लेकिन उसने विडियो नहीं हटाया। उसने कहा कि हिन्दू राष्ट्र वालों को अपने गाँव-मोहल्ले तक सीमित रहना चाहिए नहीं तो हमारे देश के तिरंगे पर हिन्दू राष्ट्र का लेबल चिपकाया तो तुम्हें नंगा दौड़ा कर मारेंगे, बीच सड़क पर मारेंगे। इम्तियाज ने कहा कि कपिल मिश्रा को दौड़ा-दौड़ा कर मारते हुए विडियो को सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: हिंदू ने टोपी पहन खुद को बताया इमरान, ताहिर हुसैन के गुंडों से बचाई जान

ग्राउंड रिपोर्ट: चुन-चुन कर जलाई हिन्दुओं की दुकानें, ताहिर हुसैन के तहखाने वाली इमारत में थे 3000 गुंडे

किसी ने काट लिया कलावा तो किसी ने फाड़ दिया ‘जय श्री राम’ का स्टीकर: पलायन करते हिन्दुओं का डर

ग्राउंड रिपोर्ट: मुस्लिम भीड़ ने शिव मंदिर पर किया था कब्जा, छत से हिन्दुओं पर हो रही थी पत्थरबाजी

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिन्दुओं के ख़िलाफ़ भड़की हिंसा में कई लोगों के मारे जाने की ख़बर है। हिंसा का आलम ऐसा था कि मुस्लिम भीड़ ने आईबी अधिकारी से लेकर सामान्य जनों तक, किसी को नहीं बख्शा। ये हिंसा की पूरी वारदात हिन्दुओं के प्रति घृणा से उत्पन्न हुई थी। जिस तरह कई मंदिरों को निशाना बनाया गया है, उससे तो कम से कम यही जाहिर होता है। ऑपइंडिया ने ऐसे ही एक मंदिर का दौरा किया, जहाँ तोड़फोड़ की गई थी। उस मंदिर में हुई घटना के बारे में जनता को बताना ज़रूरी था, इसीलिए हमने वहाँ जाकर स्थानीय लोगों से बात की थी कि आखिर हुआ क्या था?

स्थानीय लोगों ने बताया कि मुस्तफाबाद से होते हुए मुस्लिम भीड़ आई, जिसमें अधिकतर युवा थे। वे सभी चाँदबाग़ की पुलिया पर इकट्ठे हो गए। वहाँ से वे लोग आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद ताहिर हुसैन की इमारत की छत पर पहुँच गए, जहाँ से उन्होंने पत्थरबाजी और बमबारी की। ताहिर के बारे में बता दें कि उसके गुंडों पर ही आईबी अधिकारी अंकित शर्मा और 3 अन्य लोगों की हत्या का आरोप है। अंकित को दंगाई घसीट कर ले गए और टॉर्चर कर मार डाला।

ऑपइंडिया को पता चला है कि स्थानीय शिव मंदिर की छत पर मुस्लिम भीड़ चढ़ गई। छत पर वे लोग पीछे से चढ़े। ‘शिव मंदिर’ के पीछे से सीढ़ी लगा कर उन्होंने मंदिर पर कब्ज़ा कर लिया। मंदिर पर कब्ज़ा करने के साथ-साथ आसपास के घरों पर भी मुस्लिम भीड़ ने कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद मंदिर की छत से हिन्दुओं पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। एक तरफ ताहिर हुसैन की इमारत की छत से पत्थरबाजी हो रही थी, दूसरी तरफ़ मंदिर से पत्थरबाजी हो रही थी।

लोगों ने बताया कि ताहिर हुसैन के घर में रिक्शे और बाइक से पत्थर ले जाया जा रहा था। मुस्लिम युवक लगातार पत्थर लाने के लिए आवाजाही कर रहे थे। ऊपर संलग्न किए गए विडियो और फोटो में आप देख सकते हैं कि किस तरह मंदिर में तबाही मचाई गई। मंदिर में जम कर तोड़फोड़ की और पेट्रोल बम भी फेंका गया।

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चाँदबाग में दंगों के दौरान एक फर्नीचर के दुकान में भी आग लगा दी गई। ऑपइंडिया ने ‘अरोड़ा फर्नीचर’ के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों से संपर्क किया और वहाँ जाकर स्थिति का जायजा लिया। पता चला कि पूरे फ्लोर पर आग लगाई गई और समानों को लूट लिया गया। दुकान के मालिक ने बताया कि इस वारदात को कट्टरपंथियों ने अंजाम दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि मजहबी भीड़ ने ‘अरोड़ा फर्नीचर’ वाली इमारत के सभी फ्लोर पर आग लगा दी और वहाँ रखे कुछ समानों को भी फूँक डाला। बाकी समान वो अपने साथ लूट कर ले गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि उसी गली में एक समुदाय विशेष के व्यक्ति की भी दुकान थी, जिसे जरा सा भी नुकसान नहीं पहुँचाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक़, दंगाई भीड़ ने दुकानों का बोर्ड पढ़-पढ़ कर ये तय किया कि किसे जलाना है और किसे छोड़ना है। यानी, हिन्दुओं की दुकानों को जलाया गया और दूसरे मजहब की दुकानों का छूआ भी नहीं। एक ‘गोयल मेडिकल स्टोर’ है, उसे भी लूट लिया गया। वैश्य समाज के लोगों की दुकानें थीं, जिन्हें या तो आग के हवाले कर दिया गया, या फिर लूट लिया गया।

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इसका मतलब है कि सारे हिन्दुओं की दुकानों के बारे में जानकारी इकट्ठी कर ली गई थी। हिन्दुओं की गाड़ियों को भारी संख्या में जलाया गया। लोगों ने स्थानीय निगम पार्षद ताहिर हुसैन के बारे में बताया कि उसकी इमारत का परिसर बहुत बड़ा है, जिसमें एक तहख़ाना भी है। हुसैन आम आदमी पार्टी का नेता है और पार्टी भी उसके बचाव में उतर आई है। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा सहित 4 लोगों की हत्या का आरोप भी उसके ही गुंडों पर है। चारों को मार कर उनकी लाशों को चाँदबाग़ की नाली में फेंक दिया गया था।

लोगों ने बताया कि ताहिर हुसैन के घर में क़रीब 3000 दंगाई जमा थे। कई संदिग्ध लोगों का आना-जाना लगा हुआ था, यानी काफ़ी पहले से इसकी साज़िश रची जा रही थी। अंकित शर्मा के बारे में लोगों ने बताया कि उन्हें घसीट कर ले जाया गया था। जब अंकित को पता चला कि ताहिर के गुंडे तीन लोगों को पकड़ के ले गए हैं, तब वो उन्हें छुड़ाने और लोगों को समझाने निकले थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि उसके थोड़ी देर बार ही अंकित की माँ अपने बेटे को ढूँढ़ते हुए चिंतित सी घूम रही थी। बाद में उनकी मौत की ख़बर आई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित के मृत शरीर पर पत्थर बाँध कर नाले में फेंक दिया गया था। चाँदबाग़ में एक पुल है, जिसके दूसरी तरफ़ मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। स्थानीय लोग इस पुलिया को ‘बॉर्डर’ भी कहते हैं। स्थानीय हिन्दू उस पुलिया को ‘बॉर्डर’ कह कर भी सम्बोधित करते हैं। दरअसल, ताहिर हुसैन का घर ही इस तरीके से बनाया गया है कि उससे चारों ओर का इलाक़ा कवर हो और अंदर जो भी लोग हों, वो एकदम सुरक्षित रहें। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनलोगों ने ही उसे जिताया और वो अब उनके साथ ही ऐसा व्यवहार कर रहा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए अपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए स्थानीय लोगों ने नाराज़गी जताई। लोगों ने कहा कि वो हमेशा मीडिया में बयान देते रहते हैं और सुर्ख़ियों में बने रहते हैं, लेकिन उनके पार्षद की दंगों में भागीदारी सामने आई है तो उन्होंने मुँह पर टेप चिपका लिया है। कई ऐसे लोग भी सीएम से नाराज़ दिखे, जिन्होंने हालिया चुनावों में आम आदमी पार्टी को वोट दिया था।

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भड़काऊ भाषण को लेकर सोनिया, राहुल और प्रियंका समेत 7 नेताओं पर FIR को लेकर दिल्ली HC में याचिका

कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में तीनों पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करने की माँग की गई है।

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। अब इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। कॉन्ग्रेस नेताओं के अलावा इस याचिका में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप विधायक अमानतुल्ला खान, AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान का भी नाम शामिल है।

इस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट चेतन शर्मा ने दर्ज किया। इस याचिका में कहा गया है कि ‘नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के लिए सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी ने लोगों को भड़काया। भड़काऊ भाषण देकर उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए कहा। इस तरह के भड़काऊ भाषणों के चलते कई जगह हिंसा की घटनाएँ भी देखने को मिली।

गौरतलब है कि इस मामले में हाईकोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। बीजेपी नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। बीजेपी नेता ने याचिका में लॉ
कमीशन के अनुसार भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। साथ ही हेट स्पीच पर लॉ कमीशन की सिफारिशें लागू करने की माँग की गई है।

यहाँ बता दें कि एएनआई के ट्वीट के अनुसार वारिस पठान को उनके भड़काऊ बयान “15 करोड़ हैं मगर 100 करोड़ के ऊपर भारी हैं” पर नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में उन्हें 29 फरवरी से पहले जाँच अधिकारी पेश होकर अपना बयान देने को कहा गया है।