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कश्मीर पर तुर्की के पाक समर्थन से रिश्तों में आई तल्खी के बीच भारत ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

भारत सरकार ने आज (बुधवार, 23 अक्टूबर, 2019 को) तुर्की की यात्रा करने के बारे में अपने नागरिकों को चेताया है। चेतावनी के लिए भारत सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को कहा गया है कि यदि वे यूरेशिया (यूरोप और एशिया महाद्वीपों के बीच का भाग) में स्थित इस देश की यात्रा करते हैं तो बहुत सावधानी बरतें। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए हैं जिनसे इस मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के देश में फँसे भारतीय लोग सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

भारत की सरकार को तुर्की की यात्रा कर रहे भारतीय लोगों से लगातार सवाल मिल रहे हैं क्षेत्र के हालातों को देखते हुए। हालाँकि उस देश में भारतीय नागरिकों को लेकर हुई किसी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट अब तक नहीं है, लेकिन यात्रियों को सलाह है कि तुर्की की यात्रा करते समय सावधानी बरतें। जिन्हें सलाह की ज़रूरत है वे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों के ज़रिए भारतीय मिशन या पोस्ट के सम्पर्क में आ सकते हैं।” तुर्की की राजधानी अंकारा में स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट करते हुए कहा।

भारत और तुर्की के बीच के रिश्ते ख़राब हो चुके हैं जब से उसके राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्डोगन ने नई दिल्ली के कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय का विरोध पिछले महीने (सितंबर 2019) में अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर में हुए 73वें संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिवेशन में किया था। नई दिल्ली ने इसका कड़ा विरोध करते हुए अंकारा को आड़े हाथ लिया था और उसे नसीहत भी दी थी कि “ज़मीन पर जो हालात हैं”, वह ऐसे संवदनशील मुद्दे पर बयान देने के पहले उन्हें समझे। भारत यही नहीं रुका। इसके बाद भारत ने उत्तर-पूर्वी सीरिया के ख़िलाफ़ तुर्की के सैन्य हमले को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने चेताया कि अंकारा के हरकतों से क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

“हम उत्तर-पूर्वी सीरिया में तुर्की की एकतरफ़ा सैन्य हमले को लेकर चिंता में हैं। तुर्की की हरकतों से क्षेत्र की स्थिरता और आतंक के खिलाफ़ लड़ाई को खतरा हो सकता है। उसके क्रियाकलापों से मानवीय और नागरिक संकट पैदा होने की भी संभावना है। हम तुर्की से संयम बरतने की अपील करते हैं।” विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार ने 10 अक्टूबर को कहा था।

अब झारखंड में BJP का हाथ ​थामने की होड़: कॉन्ग्रेस के 2, झामुमो के 3 MLA सहित 6 ने बदला पाला

महाराष्ट्र और हरियाणा के बाद अब बारी झारखंड में विधानसभा चुनाव की है। दोनों राज्यों की तरह यहॉं भी विपक्षी खेमे में चुनाव से पहले भगदड़ मच गई है। एक साथ विपक्ष के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इनमें से तीन विधायक झामुमो के और दो कॉन्ग्रेस के हैं। एक अन्य विधायक नौजवान संघर्ष मोर्चा के भानु प्रताप शाही हैं।

झामुमो छोड़ने वाले विधायक हैं कुणाल षाड़ंगी, जेपी पटेल और चमारा लिंडा। वहीं, कॉन्ग्रेस से सुखदेव भगत और मनोज भगत ने भाजपा का दामन थामा है। इनके अलावा पूर्व डीजीपी डीके पांडेय और पूर्व आईएएस सुचित्रा सिन्हा ने भी भाजपा की सदस्यता ली है।

राँची में महामिलन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास की मौजूदगी में सभी छह विपक्षी विधायकों ने भाजपा की औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान मुख्यमंत्री के अलावा नंद किशोर यादव, लक्ष्मण गिलुवा के साथ तमाम दिग्गज नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस और झामुमो के सभी विधायक पिछले एक महीने से भाजपा के संपर्क में थे। इस बीच कॉन्ग्रेस ने तो अपने विधायकों को रोकने की भी बहुत कोशिश की, लेकिन वह उन्हें अपने पाले में बनाए रखने में नाकाम रहे। कहा जा रहा है कि ये सभी विधायक अपनी पसंद की सीट पर चुनाव लड़ने की शर्त पर भाजपा में शामिल हुए हैं। वहीं, कुछ को यकीन है कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। मुमकिन है कि अब भाजपा में शामिल हुए सभी विधायक दिल्ली आएँगे और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एवं पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं से मुलाकात करेंगे।

प्रभात खबर के अनुसार झामुमो छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए जेपी पटेल ने बताया कि उन्होंने अमित शाह की पहल पर मंगल पांडे और दूसरे साथियों से बात करके तय किया है कि वे अब महागठबंधन या ठगबंधन को सबक सिखाएँगे। उन्होंने ऐलान किया कि इस बार वे भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाएँगे। उनका कहना रहा कि राज्य में संकेत मिल रहे हैं फिर से भाजपा झंडा ही लहरेगा।

तुम हत्या करो, जमानत मैं कराऊँगा: कमलेश तिवारी के हत्यारों से आसिम अली

कमेलश तिवारी के दोनों हत्यारों अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन को गुजरात एटीएस ने शामलाजी इलाक़े से धर-दबोचा, जो गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित है। दोनों हत्यारों की गिरफ़्तारी से पहले सूरत से 3 साज़िशकर्ताओं को गिरफ़्तार किया गया था। बिजनौर के 2 मौलाना भी पुलिस के शिकंजे में हैं। इस मामले में एक गिरफ़्तारी महाराष्ट्र पुलिस ने भी की है। नागपुर से गिरफ़्तार आसिम अली केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ख़िलाफ़ चुनाव भी लड़ चुका है। उसने एक वीडियो में कमलेश तिवारी की हत्या को जायज ठहराते हुए इस नृशंस कृत्य की प्रशंसा भी की थी।

कहा जा रहा है कि आसिम अली और अन्य साज़िशकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से ही संपर्क में आए थे। साज़िशकर्ताओं ने दोनों हत्यारों को आश्वासन दिया था कि हत्या के बाद अगर वो पकड़े भी जाते हैं तो उनका जमानत करवा दिया जाएगा। नागपुर से गिरफ़्तार किया गया सैयद आसिम सूरत के तीनों साजिशकर्ताओं फैज़ान, रशीद और शेख सलीम के लगातार संपर्क में था। हत्यारों ने सूरत में अपने साथियों को फोन कर के हत्या की सूचना दी थी, जिसके बाद आसिम को इस ख़बर से अवगत कराया गया था। आसिम ने न सिर्फ़ हत्यारों की जमानत कराने का ठेका लिया था बल्कि उसने इस हत्याकांड का पूरा ख़र्च उठाने की भी जिम्मेदारी ली थी।

जब सूरत के साजिशकर्ताओं ने आसिम को कॉल कर के इस घटना की जानकारी दी थी, तब आसिम ने उन्हें आगे की व्यवस्था सँभाल लेने का भरोसा दिलाया था। आरोपित आसिम यूट्यूब पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने के लिए कुख्यात था और उसका वीडियो देख कर दोनों हत्यारे इस काण्ड को अंजाम देने के लिए प्रेरित हुए थे। इसके बाद वे दोनों आसिम से सोशल मीडिया पर बात करने लगे थे। फिर फोन पर बात होने लगी थी। आसिम ने आरोपितों को कई भड़काऊ वीडियो भेजे थे, जिससे वे हत्या के लिए प्रेरित हुए। हालाँकि, आसिम और हत्यारों की कभी मुलाक़ात हुई थी या नहीं, इसे लेकर संशय बना हुआ है।

बाकी के भी जो हत्यारों के मददगार पकड़े गए हैं, उनमें से कितनों ने अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन से मुलाक़ात की थी, इस बारे में पता लगाया जा रहा है। इतना साफ़ हो गया है कि सोशल मीडिया के जरिए ये लोग लगातार संपर्क में थे। आसिम अली ने पूछताछ के दौरान स्वीकारा है कि उसे पूरी साज़िश की जानकारी पहले से थी और 18 अक्टूबर को इस घटना को अंजाम दिया जाना है, यह भी उसे पता था। आसिम के बारे में पता चला है कि उसने 2 महीने पहले मुस्लिम युवाओं को मॉब लिंचिंग से बचने के लिए आत्म सुरक्षा के नाम पर लाठियाँ बाँटी थी।

वहीं, उधर कमलेश तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी आ गई, जो इस हत्या की भयावहता को दिखाता है। तिवारी के सीने के बाईं तरफ चाकू से वार किए जाने की पुष्टि की गई है। इस वार से उनके शरीर में लगभग 4 सेंटीमीटर का सुराख़ हो गया था। उनके गले को 2 जगह से रेता गया। 15 बार ताबड़तोड़ चाकू मारने के बाद गोली भी मारी गई थी।

20 साल के दलित प्रेमी संग भागी 18 वर्षीय मुस्लिम युवती: मुस्लिम बहुल गॉंव से डर कर भागा दलित परिवार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के लुहारी खुद गॉंव में एक प्रेमी युगल के भागने के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। यह गॉंव मुस्लिम बहुल है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक 18 वर्षीय मुस्लिम लड़की रविवार (अक्टूबर 20,2019 ) को अपने 20 वर्षीय प्रेमी के साथ घर से भाग गई। उसका प्रेमी दलित है।

पुलिस प्रेमी युगल की तलाश में जुटी है। थाना प्रभारी सूबे सिंह के अनुसार युवती के परिवार ने युवक के खिलाफ अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना के बाद मुस्लिम बहुल गॉंव में तनाव फैल गया जिसे देखते हुए गॉंव में सुरक्षा सख्त कर दी गई है। भारी पुलिस फोर्स के साथ पीएसी की तैनाती भी की गई है। पुलिस ने कहा कि दलित परिवार युवती के परिवार की ओर से हमला किए जाने के भय से गॉंव से भाग गया है।

युवती के पिता ने तीन युवकों अंकित, जॉनी और एक अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जॉंच में जुटी है। परिजनों के अनुसार युवती नाबालिग है।

वहीं, इसी तरह की एक अन्य घटना में पुलिस ने युवती को बरामद कर लिया है। दैनिक जागरण की खबर के अनुसार मुजफ्फरनगर के गॉंव खुड्डा निवासी मुस्लिम युवती प्रेम प्रसंग के चलते 27 सितंबर को प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। उसके पिता ने गॉंव के योगेश, राजकुमार और अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। सोमवार को पुलिस ने युवती को बरामद कर मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। दारोगा केपी सिंह ने बताया कि बुधवार को युवती को कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

पहले गोली मारी फिर चाकू से 15 वार, गर्दन पर 12 cm गहरा घाव: कमलेश तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट

हिन्दू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में सभी साज़िशकर्ता और दोनों हत्यारे पकड़े जा चुके हैं। सूरत से मौलाना शेख, फैजान और रशीद पठान को गिरफ़्तार किया गया था। मंगलवार (अक्टूबर 21, 2019) को गुजरात एटीएस ने अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन को गिरफ़्तार कर लिया। आरोपितों ने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया है। ये दोनों लगातार यूपी पुलिस को चकमा दे रहे थे, लेकिन इन्हें गुजरात और राजस्थान की सीमा से धर-दबोचा गया। अशफ़ाक़ एमआर का काम करता था, वहीं मोईनुद्दीन जोमाटो का डिलीवरी बॉय था। हत्या के 5 दिनों बाद दोनों की गिरफ़्तारी संभव हो सकी।

अब कमलेश तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने से उनकी हत्या की नृशंसता को लेकर नया खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कमलेश तिवारी को 15 बार चाकू मारा गया था। हत्यारों ने पहले गोली मारी और फिर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए गए। चाकू से सीने पर ही 7 बार वार किए गए। चाकू के वार से गर्दन पर 12 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर गहरा घाव हुआ। गला रेतने के कारण ही कमलेश की मौत हो गई।

18 अक्टूबर को हुए इस हत्याकांड के दौरान हत्यारे मिठाई के डब्बे में चाकू रख कर तिवारी के घर ले गए थे। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने कमलेश तिवारी के सीने के बाईं तरफ चाकू से वार किए जाने की पुष्टि की है। इस वार से उनके शरीर में लगभग 4 सेंटीमीटर का सुराख़ हो गया था। उनका गला 2 जगह से रेता गया।

रिपोर्ट के मुताबिक तिवारी के चेहरे के बाईं तरह बुलेट इंजरी मिली है। गोली उनके चेहरे पर दागी गई थी। हालाँकि, ये भी जाँच का विषय है कि किसी ने बुलेट की आवाज़ क्यों नहीं सुनी? पॉइंट 32 बोर पिस्टल से चली गोली की आवाज़ न तो उनके बॉडीगार्ड और न ही उनकी पत्नी को सुनाई दी। जबकि वारदात के समय ग्राउंड फ्लोर पर ही मौजूद थे। पिस्टल को चाकू के साथ मिठाई के डब्बे में ही ले जाया गया था या फिर इसे कहीं और छिपाया गया था, इस बारे में पुलिस को भी कुछ संशय है।

पुलिस का कहना है कि ये अवैध हथियार है। इसीलिए, इसे किन परिस्थितियों में वहाँ तक पहुँचाया गया, ये जाँच का विषय है। पुलिस इस एंगल से भी जाँच कर रही है कि पिस्टल हत्यारे लेकर आए थे या फिर वह पहले से ही वहाँ पर मौजूद था? हत्यारों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद भी तिवारी को गोली मारी। इससे पता चलता है कि वे उनकी मौत के लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते थे। यूपी के क़ानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा है कि डे-टू-डे हियरिंग के जरिए 6 महीने के भीतर सुनवाई पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सरकार हत्यारों के लिए सजा-ए-मौत की माँग करेगी।

कमलेश तिवारी के साथ-साथ हिन्दू समाज पार्टी के यूपी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गौरव गोस्वामी की भी हत्या की साज़िश रची गई थी और उन्हें भी मिलने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वो किसी काम में व्यस्त होने की वजह से नहीं जा पाए। अशफ़ाक़ ने रोहित सोलंकी के नाम से फ़र्ज़ी फेसबुक आईडी बना कर ख़ुद को हिंदूवादी दिखाया था और कमलेश तिवारी को राम मंदिर के लिए भीड़ जुटाने का लालच दिया था।

केरल नन रेप केस: बिशप और उसके साथी सोशल मीडिया में कर रहे बदनाम, शिकायत दर्ज, कोर्ट में तलब

केरल में 44 वर्षीय नन के साथ रेप का विरोधी करने वाली ननों का संघर्ष खत्म होता नहीं दिख रहा। बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर दुष्कर्म का आरोप है। आरोपित पर अब एक नन ने मानसिक तौर पर उत्पीड़ित करने का आरोप लगाया है। अदालत ने मुलक्कल को 11 नवंबर को तलब किया है।

मानसिक उत्पीड़न को लेकर नन ने मंगलवार को केरल महिला आयोग के पास एक शिकायत दर्ज कराई। इसके मुताबिक नन को मुलक्कल और उसके लोग सोशल मीडिया के जरिए बदनाम कर रहे हैं।

शिकायत के मुताबिक सोशल मीडिया में कुछ वीडियो पोस्ट किए गए हैं जिसमें पीड़िता का चेहरा दिखाई पड़ता है। शिकायतकर्ता नन ने कहा कि इस तरह का कार्य केरल उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित जमानत शर्तों का उल्लंघन है और मामले में राज्य महिला आयोग से हस्तक्षेप की मॉंग की गई है।

शिकायतकर्ता के अनुसार फ्रैंको मुलक्कल ऐसा करके चश्मदीद और पीड़िता को बदनाम करना और धमकाना चाहता है। नन का आरोप है कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कुराविलंगड़ कई बार बलात्कार किया। मामला सामने आने के बाद मुलक्कल को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि वह इन आरोपों को खारिज करता रहा है और फिलहाल जमानत पर बाहर है।

इससे पहले खबर आई थी की पीड़ित नन का समर्थन करने वाली पाँच ननों में से चार को कुराविलंगद कॉन्वेंट (Kuravilangad convent) स्कूल छोड़ने के लिए कहा है। मिशनरीज ऑफ़ जीसस की तरफ़ से उन्हें यहाँ भेजा गया था। इससे जाहिर है कि बलात्कार के आरोपी बिशप के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन करने वाले ननों की सामूहिक ताकत को तोड़ने की साजिश रची जा रही है।

फिदायीन बन मोदी को उड़ाना चाहती है पाकिस्तानी सिंगर रबी पीरजादा, साँप-बिच्छू भेजने की भी दे चुकी है धमकी

पाकिस्तान की एक गायिका हैं रबी पीरजादा। आजकल अपनी गायकी से ज्यादा अजीबोगरीब वजह से सुर्ख़ियों में रहती हैं। उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उड़ाने की ख्वाहिश जताई है। इसके लिए वह फिदायीन बनने को तैयार हैं। उन्होने बकायदा एक तस्वीर ट्वीट की है, जिसमें आत्मघाती हमलावरों की तरह उन्होंने अपने शरीर से विस्फोटक बॉंध रखा है। वैसे यह स्पष्ट नहीं है यह सुसाइड बेल्ट असली है या नकली।

इससे पहले ट्विटर पर वीडियो डाल उन्होंने भारत सॉंप-बिच्छू भेजने की धमकी दी थी। अब ताजा तस्वीर में पाकिस्तानी गायिका ने पीएम मोदी को आत्मघाती हमले का डर दिखाया है। बता दें कि पाकिस्तान के एक मीडिया पैनलिस्ट ने एक बार न्यूज़ चैनल पर चर्चा के दौरान ही बौखलाहट में भारत में आत्मघाती हमलावर भेजे जाने की बातों की पुष्टि कर दी थी। पुलवामा में भी जो हमला हुआ, वो आत्मघाती हमला ही था। उसके बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया था। रबी पीरजादा की बात करें तो वह गायिका के साथ-साथ अभिनेत्री हैं और ख़ुद को कश्मीरी बताती हैं।

इससे पहले पीरज़ादा ने भारत पर साँपों से आक्रमण करने की धमकी दी थी। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो डाल कर भारत और ख़ासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अजीबोगरीब धमकियाँ दी थीं। इस वीडियो में वह साँपों और मगरमच्छों के साथ खेलती हुई दिखी थीं। ‘शोर शराबा’ नामक रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म में अभिनय कर चुकी रबी पीरज़ादा ने वीडियो के माध्यम से कहा था कि उनके दोस्त (साँप और मगरमच्छ) सीमा पार कर के भारत के लोगों को मारने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं, वो ये भी कहती दिखी थीं कि भारत के लोग नरक में जाकर मरेंगे। साँपों और मगरमच्छों की बात करते हुए पीरज़ादा ने कहा था कि उनके ये सभी दोस्त शांतिप्रिय हैं।

2017 में पीरज़ादा ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान ख़ान की आलोचना की थी। उन्होंने सलमान ख़ान पर युवाओं को अपराधी बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सलमान युवाओं के बीच अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान के नेता और फ़ौज के अधिकारी भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। इसमें वहॉं के सेलिब्रिटीज भी पीछे नहीं हैं।

POK में प्रदर्शनकारियों के बाद पत्रकारों पर टूटा कहर, पाक पुलिस ने प्रेस क्लब में घुसकर पीटा

पाक अधिकृत कश्मीर (POK) के मुजफ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों पर अपना कहर बरसाने के बाद पुलिस ने वहाँ के पत्रकारों को भी प्रेस क्लब में घुसकर पीटा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार (अक्टूबरर 22, 2019) को पीओके के प्रेस क्लब में पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पिपुल्स नेशनल एलांएस द्वारा की जा रही प्रेस वार्ता के दौरान दबिश दी और फिर जमकर पत्रकारों पर लाठी बरसाई। पत्रकारों के कैमरे और अन्य उपकरण भी तोड़ दिए।

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गौरतलब है कि मुजफ्फराबाद में ये एक दिन में दूसरी घटना है, जहाँ पाक पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आया। पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर पीटा गया। एएनआई द्वारा जारी की वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस किस तरह बेरहमी से पत्रकारों को मार रही है।

जानकारी के मुताबिक प्रेस वार्ता में जेकेपीएनए ने गुरुवार को लंदन में पाकिस्तान हाई कमीशन के गेट के सामने धरना देने की धमकी दी थी। जिसके बाद मुजफ्फराबाद में पाक पुलिस ने ये कार्रवाई की। इस घटना से पहले मुजफ्फराबाद में ही AIPA (ऑल इंडिपेंडेंट पार्टीज अलायंस) के बैनर तले पाकिस्तान से आजादी की माँग उठाने वाले प्रदर्शनकारियों पर भी पुलिस ने अपनी बर्बरता दिखाई थी।

इस रैली में पहुँचकर पुलिस ने लोगों पर लाठीचार्ज किया था। आँसू गैस के गोले दागे और फायरिंग भी की थी। इस दौरान दो लोगों की मौत और 80 लोगों के घायल होने की खबर आई थी। बता दें कि पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें पाक पुलिस प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटती और फायरिंग करती दिख रही है।

30 दिन में 2 बार तिहाड़ पहुॅंचीं सोनिया, अब मनी लॉन्ड्रिंग में फॅंसे कॉन्ग्रेस के ‘संकटमोचक’ शिवकुमार से मिलीं

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने बुधवार (अक्टूबर 23, 2019) को तिहाड़ जेल में बंद कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार से मुलाकात की। डीके शिवकुमार मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। सोनिया के साथ कॉन्ग्रेस महासचिव और कर्नाटक में पार्टी के प्रभारी केसी वेणुगोपाल भी थे। शिवकुमार पिछले 50 दिनों से तिहाड़ में बंद हैं। पिछले महीने सोनिया ने आईएनएक्स मीडिया केस में तिहाड़ में बंद रहे पी चिदंबरम से भी मुलाक़ात की थी। कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष का इस तरह अपनी पार्टी के दागी नेताओं से जेल जाकर मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

डीके शिवकुमार को कर्नाटक में कॉन्ग्रेस का संकटमोचक माना जाता है। जब राज्य में चुनाव के बाद सरकार गठन का दौर चल रहा था, तब अस्पष्ट बहुमत होने के कारण भाजपा और कॉन्ग्रेस, दोनों ने ही सत्ता पर दावा किया था। उस समय शिवकुमार के रिसोर्ट में ही विधायकों को ठहराया गया था। यहाँ तक कि ऐसे मौक़ों पर विधायकों के आवागमन के लिए भी उन्हीं की कम्पनी की बसें प्रयोग की जाती रही हैं। शिवकुमार ने कुमारस्वामी की पार्टी से कॉन्ग्रेस के गठबंधन में भी अहम भूमिका निभाई थी।

डीके शिवकुमार पिछले 3 दशक में कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के 4 अलग-अलग मुख्यमंत्रियों की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। हाल ही में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी उनसे मिलने तिहाड़ पहुँचे थे। कॉन्ग्रेस-जेडीएस के रिश्तों में खटास के बावजूद शिवकुमार से मिलने के सवाल पर कुमारस्वामी ने कहा कि राजनीतिक मसले अलग होते हैं और वो यहाँ व्यक्तिगत रिश्ते के कारण आए हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि शिवकुमार प्रतिशोध की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। शिवकुमार को मानसिक रूप से मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि वो उन्हें हिम्मत देने आए हैं।

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष द्वारा तिहाड़ जाकर चिदंबरम और शिवकुमार से मुलाक़ात करना यह दिखाता है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी है, भले ही वो कितने ही गंभीर आरोप का सामना क्यों न कर रहे हों। कहा जा रहा है कि गुजरात राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल की जीत में शिवकुमार की बड़ी भूमिका थी, इसीलिए पार्टी उनके साथ खड़ी है। उस चुनाव में अमित शाह ने व्यक्तिगत दिलचस्पी ली थी और मतगणना के दौरान वह ख़ुद वहाँ मौजूद थे। अहमद पटेल के पक्ष में विधायकों की गुटबंदी और उन्हें रिसोर्ट में ठहराने तक का सारा इंतजाम शिवकुमार ने ही किया था।

कश्मीर में अल-कायदा का सरगना हामिद लोन साथियों संग ढेर, ज़ाकिर मूसा के मारे जाने के बाद सँभाली थी कमान

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलवामा जिले में हुई मुठभेड़ में जवानों ने तीन आतंकियों को मार गिराया। इनमें हामिद लोन भी है। वह अल-कायदा के कश्मीर यूनिट का सरगना था। जाकिर मूसा के मारे जाने के बाद उसने इस आतंकी समूह की कमान सॅंभाली थी।

मुठभेड़ मंगलवार (अक्टूबर 22, 2019) को पुलवामा के अवंतिपोरा इलाके के राजपुरा गाँव में करीब चार घंटे चली। मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद हुआ। ढेर हुए दो अन्य आतंकियों की पहचान नवीद टाक और जुनैद बट्ट के तौर पर की गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सेना को मंगलवार (अक्टूबर 22, 2019) की दोपहर पुलवामा के अवंतिपोरा के पास कुछ आतंकियों के होने की सूचना मिली थी। इसके सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसओजी और सीआरपीएफ की टीमों को मौके पर भेजा गया। इलाके में सख्त घेराबंदी की गई और राजपुरा गाँव के सभी एंट्री पॉइंट्स सील कर दिए गए। घर-घर की तलाशी ली गई।

सुरक्षाबल की सख्ती देखकर आतंकी घबरा गए और उन्होंने जवानों पर फायरिंग करके वहाँ से भागने की कोशिश की। राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने उनके ठिकाने को घेर लिया और जवाबी कार्रवाई शुरू की गई। करीब 4 घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद रात के करीब 8 बजे सुरक्षाबल ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया।

जाकिर मूसा इसी साल मई में मार गिराया गया था। उसके मारे जाने के दो हफ्ते बाद हामिद कमांडर घोषित किया गया था। 30 वर्षीय हामिद पुलवामा का ही रहने वाला था। जुलाई 2017 में मूसा अल कायदा के कश्मीर यूनिट का कमांडर बना था। उससे पहले वह हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था। 2016 में बुरहानी वानी के मार गिराए जाने के बाद उसने ही हिज्बुल की कमान सॅंभाली थी।

जाकिर मूसा इसी साल मई में मार गिराया गया था। उसके मारे जाने के दो हफ्ते बाद हामिद कमांडर घोषित किया गया था। 30 वर्षीय हामिद पुलवामा का ही रहने वाला था। जुलाई 2017 में मूसा अल-कायदा के कश्मीर यूनिट का कमांडर बना था। उससे पहले वह हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था। 2016 में बुरहानी वानी के मार गिराए जाने के बाद उसने ही हिज्बुल की कमान सॅंभाली थी।