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घाटी में आतंक फैलाने के लिए हाफिज सईद से करोड़ों लेते थे अलगाववादी कश्मीरी नेता: NIA दाखिल करेगी चार्जशीट

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए कई अलगागवादी नेताओं को लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता था। इस लिस्ट में अलगावदी नेता यासीन मलिक, शब्बीर अहमद शाह, आसिया अंद्राबी, मशरत आलम समेत 5 अलगाववादी नेताओं के नाम शामिल हैं।

अब राष्ट्रीय आतंक विरोधी कानून (UAPA) के नए कानून के तहत इन नेताओं के खिलाफ NIA चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके लिए NIA ने 214 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। NIA को हाफिज सईद से अलगाववादियों को आतंकियों को फंडिंग और पत्थरबाजी के लिए धन मिलने के सारे सबूत हैं। NIA ने यह खुलासा यासीन मलिक की डिजिटल डायरी से मिली जानकारी के आधार पर किया है।

बता दें कि आतंकी फंडिंग के मामले में कई अलगाववादी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसी NIA इस मामले को इन्वेस्टीगेट कर रही है। जिसमें एक के बाद एक कई बड़े खुलासे हुए हैं कि आतंकी फंडिंग का तार भारत के अलावा और किन देशों से जुड़ा है।

एनआईए की इंटेरोगेशन रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक, उमर फारूक के रिकमेंडेशन लेटर के जरिए पाकिस्तान लीगल वीजा देकर कश्मीर के युवाओं को पाक में आतंक की ट्रेनिंग देता था। साथ ही एनआईए की रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि आसिया अंद्राबी ने यासीन मलिक के रिकमेंडेशन लेटर के जरिए पाकिस्तान में आतंक की ट्रेनिंग के लिए जाने वाले कश्मीरी युवाओं का कंफर्मेशन अपने इंटेरोगेशन रिपोर्ट में किया है।

खबर के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि एनआईए होम मिनिस्ट्री की मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर सकती है, जिसमें पाकिस्तान के जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद का नाम भी हो सकता है।

BBC जैसा चैनल खोलकर पाक उठाएगा मुस्लिम मुद्दे: लोगों ने कहा- क्या न्यूयॉर्क टाइम्स, CNN, अलजजीरा.. कम पड़ गए

कश्मीर मामले को वैश्विक पटल पर उठाकर हर ओर से अपनी फजीहत करवाने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों मलेशिया प्रधानमंत्री और तुर्की के राष्ट्रपति से मिलकर बीबीसी जैसा एक अंग्रेजी चैनल खोलने की योजना बना रहे हैं। जिसके संबंध में आज उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट से घोषणा भी कर दी है।

इमरान खान के मुताबिक तीनों देश मिलकर ऐसा न्यूज चैनल खोल रहे हैं, जो मुस्लिमों के मुद्दों पर प्रकाश डालेगा और इस्लामोफोबिया के ख़िलाफ़ भी लड़ाई लड़ेगा। इमरान खान ने अपने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की है। जिसमें उनके साथ मलेशिया प्रधानमंत्री महातिर और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान उनके साथ बैठे नजर आ रहे हैं।

इमरान भले ही इस बैठक को और इस फैसले को एक उपलब्धि की तरह मान रहे हों, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स फिर भी उनसे और सवाल कर रहे है।

जाने माने पत्रकार आदित्य राज कौल इस ट्वीट पर दो टूक कहते हैं कि पाकिस्तान, मलेशिया और तुर्की इंसानियत और आतंकवाद की लड़ाई को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं हैं, अब इस्लामिक प्रोपेगेंडा और नफरत फैलाने के लिए हमारे पास एक और मुखपत्र आ गया है। आदित्य ने अपने ट्वीट में पूछा है कि क्या इस मुस्लिम चैनल के संपादक जाकिर नाइक होने वाले हैं?

उनके अलावा साजिदा अख्तर नाम की यूजर पूछती हैं कि क्या अपने इस चैनल में वो चाइना में उघूर मुस्लिमों के साथ होते बर्ताव के बारे में बात करेंगे? वहीं बक्षी सिंह पूछते हैं कि उघूर मुस्लिमों पर भी कोई बात होगी या सिर्फ़ भारत के ख़िलाफ़ फर्जी प्रोपेगेंडा फैलाया जाएगा।

लोग हैरान है कि पाकिस्तान मलेशिया और तुर्की के साथ मिलकर इतनी बड़ी बात खुलेआम कह रहा है और मीडिया गिरोह के किसी व्यक्ति को इस बात में खबर नहीं दिख रही। मीडिया चैनल इसपर बात करने से कतरा रहा है। लोग पूछ रहे हैं क्या ये खबर सुर्खियों में आने वाली खबर नहीं है? यूजर्स का कहना है कि सोचिए जरा अगर नरेंद्र मोदी नेपाल और सुरीनाम जैसे हिन्दू राष्ट्रों के साथ ऐसा कोई बैठक करते तो सभी लोगों का गुस्सा फूट पड़ता।

यूजर्स का कहना है कि हर भारतीय को मलेशिया को बॉयकॉट करने की बात अपने हर ट्वीट के नीचे लिखनी चाहिए।

तुर्की के इस फैसले में शामिल होने पर लोग बोल रहे हैं कि तुर्की ने हजारों रिपोर्टर्स और विपक्ष के लोगों को जेल पहुँचाया है और अब ये हमें ज्ञान दे रहा है। लोगों का कहना है कि वो चाहते वो उस शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं जब भारत तुर्की से अपने संबंध तोड़ेगा।

लोगों का कहना है कि इमरान द्वारा शेयर की गई तस्वीर में तीन देश एक साथ बैठकर इस बात पर राय कायम कर रहे हैं कि सोशल मीडिया और टीवी चैनल्स के जरिए कैसे इस्लाम को पूरे विश्व में फैलाया जाए। ये शर्मनाक है कि ये अपने देश के प्रधानमंत्री हैं।

यूजर्स इस चैनल के खुलने पर ये भी बोल रहे हैं कि इनके पास पूरे विश्व भर में अजेंडा फैलाने के लिए बीबीसी, सीएनएन, अलजजीरा, न्यूयॉर्क टाइम्स और वाशिंगटन पोस्ट जैसे चैनल हैं और इन्हें अब भी एक चैनल की जरूरत है जो मुस्लिमों के मुद्दों पर प्रकाश डाले।

उल्लेखनीय है कि न्यूयॉर्क दौरे के दौरान 74वें सत्र में संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में कहा था कि इस अंग्रेजी चैनल पर वे मुस्लिमों से जुड़ी सीरीज और फिल्में दिखाएँगे, जिसमें मुस्लिम शिक्षा और इस्लामिक इतिहास से जुड़ी बाते होंगी।

फारूक अब्दुल्ला को सुप्रीम झटका: हिरासत के खिलाफ याचिका खारिज, जज ने कहा- इसमें विचार करने को कुछ भी नहीं

जम्‍मू कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री फारूक अब्‍दुल्‍ला को सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (सितंबर 30, 2019) को एमडीएमके नेता वाइको द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को रिहा करने की माँग की गई थी।

CJI रंजन गोगोई ने पीठ का नेतृत्व करते हुए कहा कि 16 सितंबर को जम्मू कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत अब्दुल्ला के खिलाफ हिरासत का आदेश जारी होने के बाद इस याचिका पर विचार करने लायक कुछ भी नहीं बचा है। इसका कोई मतलब नहीं बनता है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद फारूक अब्दुल्ला को घर में ही नजरबंद कर लिया गया था। इसके बाद 16 सितंबर की रात उनके खिलाफ हिरासत का आदेश जारी किया गया था।

बता दें कि जम्म्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के बाद एमडीएमके चीफ वाइको समेत कई नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था। जिसमें फारूक अब्‍दुल्‍ला को पेश करने की बात कही गई थी। वाइको ने अपनी याचिका में कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उन्हें जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के बाद से हाउस अरेस्ट में रखा गया है।

सरदार मैंने तुम्हारा नमक खाया है: कालिया, दिग्गज अभिनेता विजू खोटे का 77 साल की उम्र में निधन

फिल्म ‘शोले’ में ‘कालिया’ का मशहूर किरदार निभाने वाले विजू खोटे का सोमवार (सितंबर 30, 2019) सुबह मुंबई में निधन हो गया। विजू 77 साल के थे। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने अपने घर पर ही अंतिम साँस ली। विजू हिंदी के अलावा मराठी फिल्मों में भी एक्टिव थे। 1964 में फिल्मी करियर शुरू करने वाले वेटरन ऐक्टर ने 300 से अधिक हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया है। इसके अलावा उन्होंने छोटे पर्दे पर भी खूब काम किया।

फिल्म ‘शोले’ में चर्चित किरदार कालिया के अलावा विजू खोटे को फिल्म ‘अंदाज अपना अपना’ में रॉबर्ट की भूमिका के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने फिल्म शोले के अपने डायलॉग, ‘सरदार मैंने तुम्हारा नमक खाया है’ से दर्शकों का खूब दिल जीता था। विजू खोटे का 1993 में आया टीवी सीरियल ‘जबान संभाल के’ काफी पॉपुलर हुआ था। विजू खोटे की आखिरी फिल्म ‘जाने क्यों दे यारों’ थी, जो कि साल 2018 में रिलीज हुई थी। विजू खोटे के निधन की खबर से बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर है। फिल्मी जगत के लोगों के साथ उनके तमाम फैन्स काफी दुखी हैं। सेलेब्स ट्विटर के माध्यम से अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने विजू खोटे के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अशोक पंडित ने ट्वीट में लिखा, “एक बेहतरीन एक्टर के निधन की खबर सुनकर काफी दुखी हूँ। मेरी संवेदना उनके परिवार के लोगों के साथ है।”

बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए विजू खोटे के निधन पर दुख जाहिर किया है। ईशा ने लिखा, “आपने सबसे बेस्ट फिल्मों में हमें कई यादगार रोल्स दिए हैं। इंडियन सिनेमा में आपके योगदान के लिए शुक्रिया। आपकी आत्मा को शांति मिले।”

टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक ने भी विजू खोटे को ट्वीट करते हुए श्रद्धांजलि दी है। कविता ने लिखा,  “सीरियल FIR के स्पेशल एपिसोड में विजू खोटे के साथ काम करने का मौका मिला। जिस तरह आज वो चले गए ऐसे ही एक-एक करके हम लोग भी चले जाएँगे। आपकी आत्मा को शांति मिले।”

‘अमेरिका से भीख के लिए पाक के कठपुतली प्रधानमंत्री ने मानी आतंकवादियों को प्रशिक्षित करने की बात’

बलूच नेता मेहरान मेरी ने शनिवार (सितंबर 28, 2019) को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार वैश्विक मंच से स्वीकार किया कि 1980 के दशक में कट्टरपंथी आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया गया। मेहरान मेरी का कहना है कि इमरान खान का यह कबूलनामा एक सोची समझी रणनीति का हिस्‍सा है। उन्होंने ऐसा दुनिया में वैश्विक स्‍तर पर देश की छवि को सुधारने के लिए किया है।

बलूच नेता ने कहा, “यह पहली बार है कि पाकिस्तान के कठपुतली प्रधानमंत्री (इमरान खान) ने (संयुक्त राष्ट्र) सुरक्षा परिषद जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कबूल किया कि उसने 80 और 90 के दशक में आतंकवादियों को पनाह दिया और प्रशिक्षित किया था और अब कह रहा है कि उसने जो किया उसके लिए खेद है। इमरान खान के इस बयान से साफ तौर पर झलक रहा है कि वो केवल अमेरिका से अपने भीख के कटोरे में धन प्राप्त करने के लिए ऐसा बोल रहे हैं।”

बता दें कि इमरान खान ने अपने संबोधन में 1980 के दशक और 1990 के दशक के दौरान जिहादियों को प्रशिक्षित करने और उनसे संपर्क बनाए रखने में पाकिस्तान की भूमिका को स्वीकार किया था। मेहरान मेरी ने कहा कि इमरान खान ने ये दिखाने का प्रयास किया कि उनका देश इस्लाम का चैंपियन है। कुछ छंदों का पाठ करके, उन्होंने इस्लामी दुनिया का समर्थन हासिल करने की कोशिश की। लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ था। हर कोई पाकिस्तान, उसकी सैन्य नेतृत्व और इसकी कठपुतली सरकार की वास्तविकता को जानता है।

बलूच नेता ने खान के भाषण को देश द्वारा कश्मीर मुद्दे पर वैश्विक समर्थन हासिल करने का एक और विफल प्रयास माना। मेरी ने कहा कि यह देखना मजेदार है कि पाकिस्तानी सेना और उसके गुर्गों को कश्मीर के मुद्दे पर इतनी चिंता है कि वे एक एनजीओ के रूप में काम कर रहे हैं, देशों की लॉबी करने की कोशिश कर रहे हैं (और जाहिर तौर पर सभी देश उनकी अनदेखी कर रहे हैं)। आगे उन्होंने कहा कि उनकी अक्षमता इस तथ्य में इतनी दिखाई देती है कि पिछले शुक्रवार को वो कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के लिए समर्थन इकट्ठा पास की समय सीमा से चूक गए। जाहिर है कि उनके पास संख्या नहीं थी। मगर समय सीमा से चूक जाना हाई स्कूल होमवर्क की तरह लगता है, जिसे करना वो भूल गए। इस बनाना रिपब्लिक में असमानता साफ दिखाई दे रही है।

गौरतलब है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को हर तरफ से मुँह की खानी पड़ रही है। पाकिस्तान ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीयकरण करने की बहुत कोशिश की, लेकिन किसी देश ने भी इस पर पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। सार्क देशों समेत कई देशों ने ये कहते हुए भारत के इस फैसले का समर्थन किया कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है।

बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही: यूपी-बिहार में अब तक 109 की मौत, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

बिहार में लगातार बारिश से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ आ गई है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ के क़हर ने अब तक 29 लोगों की जान ले ली है। राज्य सरकार ने भारतीय वायु सेना से पटना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर्स के ज़रिए खाद्य पैकेट और दवाएँ को पहुँचाने का अनुरोध किया है।

बिहार के प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 19 टीमों को बचाव और निकासी अभियानों को चलाने के लिए पहले से ही तैनात किया जा चुका है। कल रात तक पटना के निचले इलाकों से 235 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। 

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने बाढ़ की दिल दहला देने वाली कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।

बाढ़ के कारण रोते हुए इस रिक्शावाले को देखकर कलेजा मुँह को आता है। अस्पतालों की हालत भी काफ़ी बिगड़ गई है, जहाँ पानी भर गया है।

भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की 13 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 20 अन्य ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। पटना जंक्शन और कई अन्य स्थानों पर रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए।

हालाँकि, बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश रुक गई है, लेकिन मौसम विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी किया है और उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश होने की भविष्यवाणी की है। दोनों राज्यों में बारिश के क़हर से अब तक 109 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

हनी ट्रैप काण्ड: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह ने कहा- सत्ता पाने के लिए पहले भी होता रहा है महिलाओं का उपयोग

मध्यप्रदेश की राजनीति में हनी ट्रैप खुलासे के बाद इन दिनों खलबली मची हुई है। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर पत्रकार तक इस मामले में बदनाम होते नजर आ रहे हैं। नेताओं के बोल पर भी इस समय लगाम नहीं है। सब अपनी राजनीति साधने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह भी ने इस मामले में महिलाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने रविवार (सितंबर 29, 2019) को कहा कि इस तरह के कांड सामने आना कोई नई बात नहीं है और इतिहास में भी इसके प्रमाण है कि सत्ता पाने के लिहाज से महिलाओं का इस्तेमाल होता रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लक्ष्मण सिंह ने मीडिया सवालों का जवाब देते हुए कहा कि ऐसे काण्ड हजारों साल से चले आ रहे हैं। पहले भी महिलाओं का उपयोग सत्ता पाने के लिए युद्ध में होता था। उन्होंने कहा,“महिलाओं के कारण महाभारत सरीखे कई युद्ध हुए हैं। पहले और दूसरे विश्वयुद्ध में भी महिलाओं का उपयोग किया गया था। हिटलर और चर्चिल ने भी (अपने विरोधियों के खिलाफ) महिलाओं का इस्तेमाल किया था।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि हालाँकि, मोहपाश में फँसाकर सरकारी ठेके हासिल करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल सरासर गलत है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस का विशेष जाँच दल मामले की जाँच में जुटा है और रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले में कार्रवाई होगी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर मामले में जाँच के बाद भाजपा संतुष्ट नहीं होगी, तो सीबीआई जाँच करवा ली जाएगी।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में पकड़ी गई श्वेता ने पूछताछ के दौरान जाँच टीम के आगे साफ़ किया है कि हनी ट्रैप का मुख्य उद्देश्य सरकारी ठेके, एनजीओ को फंडिंग करवाना और हाई प्रोफ़ाइल लोगों को अपने जाल में फँसाना था। श्वेता ने बताया कि उसने कई बड़ी कंपनियों को ठेके दिलवाने में मदद की। श्वेता के इस काम में उसकी साथी आरती दयाल ने अहम भूमिका निभाई। 

बता दें कि इस सेक्स रैकेट मामले में भोपाल के कई मीडियाकर्मियों के नाम सामने आ चुके हैं, जो श्वेता और आरती के लिए दलाली का काम करते थे। मीडियाकर्मियों ने कथित तौर पर पीड़ित नौकरशाहों, मंत्रियों और रैकेट की श्वेता जैन के बीच दलाल के तौर पर सौदे करवाने में मदद की थी। इन मीडियाकर्मियों में एक हिंदी समाचार पत्र के क्षेत्रीय संपादक, एक समाचार चैनल के कैमरामैन और क्षेत्रीय सैटेलाइट चैनल के मालिक का नाम शामिल था।

लुका-छिपी का खेल अब और नहीं, जरूरत पड़ी तो फिर पार करेंगे LOC: आर्मी चीफ की PAK को दो-टूक

भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नियंत्रण रेखा पर आए दिन हो रही गोलीबारी के बीच पाकिस्तान को चेताया है। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान पाकिस्तान को प्रॉक्सी वॉर पर लताड़ लगाई है, परमाणु बम के मायने समझाए हैं और साथ में ये भी कहा है कि वह पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के माहौल का दुरुपयोग नहीं करने देंगे। इसके लिए अगर एलओसी पार करने की जरूरत पड़ी तो वे वह भी जरूर करेंगे।

अपने साक्षात्कार में उन्होंने बालाकोट में जैश के सक्रिय होने पर और सर्जिकल स्ट्राइक से दिए गए संदेश पर जवाब देते हुए कहा कि पिछली दो स्ट्राइक ने यह संदेश दिया है कि जब तक दूसरी ओर शांति है वह एलओसी पार नहीं करेंगे, लेकिन अगर पाकिस्तान माहौल बिगाड़ने का प्रयास करता है या फिर उन आतंकियों को नियंत्रित करता है, जो उसके लिए प्रॉक्सी का काम करते हैं तो ज्यादा समय तक लुका-छिपी का खेल नहीं चलेगा, सेना को अगर सीमा पार जाना पड़ा, चाहे हवाई मार्ग से हो या थल मार्ग से तो सेना जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अब लुका-छिपी का खेल नहीं चलेगा। अब अगर भारत एलओसी पार करेगा, तो वायु, जमीन या दोनों के रास्ते करेगा।”

जनरल रावत ने अपने इस साक्षात्कार के जरिए पाकिस्तान को आतंकियों का समर्थन करने के लिए फटकार भी लगाई। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के बाद की स्थिति पर बात की और कहा कि जब से ऐसा हुआ है तब से पड़ोसी मुल्क खुलेआम जिहाद की बात कर रहा है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान मेंं आतंकी शिविर रहे हैं, जिन्हें उनका मुल्क हमेशा से एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करता रहता है।

आर्मी चीफ ने परमाणु हथियार के मायनों पर बात करते हुए कहा कि परमाणु हथियार निवारण का हथियार हैं। वे युद्ध में लड़ने वाले हथियार नहीं हैं। जनरल रावत कहते हैं, “मुझे यह समझ में नहीं आता कि जब कोई यह दावा करता है कि वह उसका इस्तेमाल पारंपरिक युद्ध में करेगा या उस पर हमले की स्थिति में करेगा। क्या कभी विश्व समुदाय आपको इस तरह से परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने देगा? पाकिस्तान का बयान रणनीतिक हथियारों के इस्तेमाल की अनुचित समझ को दर्शाता है।”

उन्होंने सेना की कार्रवाई पर बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान फिर से हिंसा पैदा करने की दिशा में युवाओं को भड़काने के लिए कुछ लोगों को सीमा पार भेजने के लिए परेशान है। इसलिए, वे (सेना) यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी आतंकी सीमा में न घुस पाए, जिसके चलते वह आतंकी गतिविधियों पर भी निशाना साध रहे हैं। सेना का मकसद घुसपैठ को रोकते हुए कश्मीर में शांति को सुनिश्चित करना है।

सेना चीफ ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से कहा है कि वहाँ व्यापक स्तर पर लोगों को यह समझना चाहिए कि जो हो रहा है, वह सही के लिए हैं। उन्होंने प्रॉपगेंडा फैलाने वालों को घेरते हुए कहा कि एक बड़ा धड़ा ये अफवाह फैला रहा है कि कश्मीरियों के अधिकार उनसे छीने जा रहे हैं, लेकिन अगर लोग स्वयं इसका विश्लेषण करेंगें तो वह इसके गुण दोष समझ पाएँगे। वे समझ जाएँगे कि उन्हें ज्यादा मिला है और बहुत ही कम खोना पड़ा है।

इस साक्षात्कार के जरिए सेना प्रमुख ने कश्मीरियों को समझाने का भी प्रयास किया कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी हो जाने से उन्हें क्या-क्या लाभ है? उन्होंने हिरासत में लिए युवाओं की स्थिति भी स्पष्ट करते हुए बताया कि सिर्फ़ आर्टिकल 144 का उल्लंघन करने वालों को हिरासत में लिया गया है, क्योंकि वह माहौल को बिगाड़ने का और सरकार की कोशिशों को बाधित करने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हकीकत में देखा जाए तो प्रतिबंध दूसरी ओर से लागू हो रहे हैं, न की सुरक्षा बलों के द्वारा। उनकी मानें तो सुरक्षा बल सिर्फ़ यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग बाहर आकर आगजनी, लूटपाट और हिंसा न करें।

INX मीडिया स्कैम: केंद्र ने दी IAS प्रबोध सक्सेना पर केस चलाने अनुमति

INX मीडिया मामले में केद्र सरकार ने IAS अधिकारी प्रबोध सक्सेना के ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमा चलाने की अनुमति दे दी है। बता दें कि प्रबोध कुमार ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव के पद पर हैं।

इस मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि उन्हें इस संदर्भ में सूचना तो मिली है, लेकिन आधिकारिक तौर पर सरकार से अब तक कोई पत्राचार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यह मामला केंद्र सरकार का है, इसलिए सभी क़ानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगामी कार्रवाई की जाएगी।  

ख़बर के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से प्रबोध सक्सेना समेत चार बड़े अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है, इन चारों के ख़िलाफ़ प्रोसिक्यूशन की मंज़ूरी दी गई है। CBI इस मामले में इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ कोर्ट में चालान पेश करेगी। इसके साथ ही प्रबोध सक्सेना का नाम ऑफ़िसर ऑन डाउटफुल इंटेग्रिटी की लिस्ट में आ जाएगा। 1990 बैच के IAS अधिकारी प्रबोध सक्सेना के ख़िलाफ़ INX मीडिया मामले में सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) ने केस चलाने की सिफ़ारिश की थी।

ग़ौरतलब है कि केंद्र सरकार ने शनिवार (28 सितंबर) को INX मीडिया मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को चार अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की अनुमति दे दी थी। इनमें नीति आयोग की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सिंधुश्री खुल्लर शामिल थीं। अन्य अधिकारयों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के पूर्व सचिव अनूप के पुजारी, वित्त मंत्रालय में निदेशक रहे प्रबोध सक्सेना और आर्थिक मामले विभाग के पूर्व अवर सचिव रबींद्र प्रसाद शामिल थे। ये सभी कथित रूप से INX मीडिया के विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड मंज़ूरी की प्रक्रिया में शामिल थे।

बता दें कि इस मामले में वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम आरोपित हैं। CBI ने 22 जनवरी को चार अधिकारियों के ख़िलाफ़ फ़ौजदारी का मुक़दमा दर्ज कराने की माँग की थी। पिछले दिनों सुनवाई के दौरान पी चिदंबरम को कोर्ट से बड़ा झटका लगा था। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 3 अक्टूबर तक बढ़ा दिया था। बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता पाँच सितंबर से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

इमरान ने कश्मीर के आतंक को बताया जिहाद, कहा- हम ऐसा अल्लाह को खुश करने के लिए कर रहे हैं

अमेरिका से लौटकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर को लेकर फिर आग उगली है। हर मंच पर नाकाम हो चुके इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद को जिहाद बताते हुए कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों का समर्थन जारी रखेगा, भले ही दुनिया में कोई उनका समर्थन करे या न करे।

इमरान खान ने कहा कि जो लोग कश्मीरियों के साथ खड़े हैं, वे जिहाद कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से इमरान ने कहा, “अगर दुनिया कश्मीरियों के साथ नहीं है तो कोई बात नहीं। हम हमेशा उनका साथ देंगे। ऐसा करना जिहाद है। हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम अल्लाह को खुश करना चाहते हैं। जब वक्त साथ नहीं देता तो उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। निराश न हों क्योंकि कश्मीरियों को हमसे काफी उम्मीदें हैं, वो हमारी तरफ देख रहे हैं। अगर पाकिस्तानी लोग कश्मीर के साथ हैं, तो वो जरूर जीतेंगे।”

गौरतलब है कि इमरान खान ने शुक्रवार (सितंबर 27, 2019) को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दा उठाया था और माँग की थी कि भारत कश्मीर से “अमानवीय कर्फ्यू” हटाए तथा सभी “राजनीतिक कैदियों” को रिहा करे। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इमरान खान के कश्मीर मुद्दे पर की गई बात को गंभीरता से नहीं लिया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में 15 मिनट की तय समय सीमा की अनदेखी कर 50 मिनट तक बोलने वाले इमरान ने अपना भाषण कश्मीर पर ही केंद्रित रखा और भारत पर परमाणु बम के हमले की भी धमकी दे डाली। इमरान खान का युद्ध राग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उसी मंच से कुछ समय पहले दिए गए शांति संदेश के ठीक उलट था। पीएम मोदी ने कहा था कि भारत एक ऐसा देश है जिसने विश्व को ‘युद्ध नहीं बुद्ध’ दिए।