अपने भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की बदजुबानी को अपनी ‘कम ज़हरीली’ भाषा से ढँकने वाले असदुद्दीन ओवैसी कल खुद ही विष-वमन करते नज़र आए। हमेशा हिन्दुओं को, राष्ट्रवादियों को “संविधान में राष्ट्रवाद नहीं लिखा”, “संविधान में हिन्दुओं के लिए फलाना-ढिकाना नहीं है” की दुहाई देने वाले AIMIM प्रमुख ने न केवल समुदाय विशेष से आस्था और मजहब के आधार पर, मुस्लिमों को वोट देने की अपील की, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का समर्थन करने वाले मुस्लिमों को ‘छक्का’ (हिजड़ों, उभयलैंगिकों, ट्रांसजेंडरों समेत LGBT समुदाय के लिए प्रयुक्त अपमानजनक शब्द) भी बताया। वे नांदेड़, महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के पहले एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
6 फीसदी लोग छक्के, क्योंकि मोदी को वोट देते हैं?
कभी राष्ट्रीय स्तर के यूनिवर्सिटी क्रिकेट खिलाड़ी रहे ओवैसी ने अपनी ज़हर की
राजनीति में भी क्रिकेट को घसीट लिया। 2014 और 2019 में 6-6% मुस्लिम वोट मोदी के
खाते में जाने की बात का ज़िक्र जनसभा में करते हुए उन्होंने कहा, “6 का जो नंबर है, क्रिकेट मैच में छक्का बोलते हैं।” और-तो-और, सुन रही जनता ने इस पर तालियाँ भी बजाईं, समर्थन में हूटिंग भी की।
Owaisi was in nanded yesterday..
while reacting to aadarsh kaka’s statement that H ppl dnt vote M candidate so he did nt gave ticket to M man from nanded south..
हमेशा हिन्दुओं को सेक्युलरिज़म का तकाजा याद कराने वाले ओवैसी ने मुस्लिमों से सेक्युलरिज़म भूल जाने की अपील की। “हमको अपने नुमाइंदों की ज़रूरत है।” देश में उन्होंने सेक्युलरिज़म को ‘अस्पताल के वेंटिलेटर पर’ बताया।
40-50 मुस्लिम सांसद मिल कर याकूब को बचा लेते
याकूब मेमन की फाँसी का ज़िक्र करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि अगर याकूब मेमन की फाँसी के समय संसद में 40-50 मुस्लिम सांसद होते तो कॉन्ग्रेस पर सियासी दबाव बनाकर उसकी मौत की सज़ा को उम्रकैद में तब्दील कराया जा सकता था। (हालाँकि ऐसा वे कॉन्ग्रेस की मदद से भी कैसे कर पाते, यह समझ से परे है, क्योंकि मेमन की फाँसी के समय 2015 में पूर्ण बहुमत की सरकार भाजपा की थी, और राजनीतिक रास्ते से किसी की फाँसी रोकने के लिए गृह मंत्रालय की अनुशंसा चाहिए होती, जो कि सत्ताधारी होने के चलते भाजपा के ही हाथ में रहता,कॉन्ग्रेस, 40-50 अतिरिक्त मुस्लिम सांसदों या ओवैसी के हाथ में नहीं।)
Owaisi said do away with Secularism. We want Muslims in govt. We couldn’t save Terrorist Yakub Memon as we were not united.
In short he means demography is changing and he is dreaming to making India ISLAMIC Nation.
इस मामले में सिख समुदाय को भी घसीटते हुए
उन्होंने व्यंगात्मक तौर पर सिख समुदाय को ‘सलाम’ किया। “तुमने हमको आईना दिखा
दिया कि जिसके पास सियासी ताकत है, उसी की बात
सुनी जाती (है)।” ओवैसी का कहना था कि पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत
सिह की हत्या के आरोपित बलवंत सिंह राजोआना की फाँसी सिखों के तुष्टिकरण के लिए ही
रोकी गई थी।
पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गुरुवार ( अक्टूबर 10, 2019) को मोदी उपनाम की टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में अपना बचाव करने के लिए सूरत की एक अदालत में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से खुद को निर्दोष करार देने की माँग की। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने पूछा था कि सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों है?
Gujarat: Rahul Gandhi appeared at Surat Court in connection with a case over his comment”Why do all thieves have Modi in their names”. He has filed an application for permanent exemption.Court has given a date of 10th Dec for reply to his application. (earlier visuals) pic.twitter.com/otzMu25rKW
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीएच कपाड़िया ने मई में भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर एक शिकायत को स्वीकार करने के बाद राहुल गाँधी को समन जारी किया था। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए पहली नजर में इसे राहुल गाँधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला माना। पूर्णेश मोदी द्वारा दर्ज की गई शिकायत में कहा गया था कि राहुल गाँधी ने अपने बयान से पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया है।
जानकारी के मुताबिक राहुल गाँधी ने इस मामले में पेशी से छूट के लिए अर्जी डाली है। कोर्ट ने कहा है कि 10 दिसंबर को उनकी इस अर्जी पर जवाब दिया जाएगा। बता दें कि स्थायी छूट के लिए आवेदन के तहत, एक अभियुक्त को आपराधिक कार्यवाही में उपस्थित होने से छूट दी जा सकती है, बशर्ते कि कुछ शर्तें पूरी हों।
I am in Surat today to appear in a defamation case filed against me by my political opponents, desperate to silence me.
इस मामले में राहुल गाँधी ने खुद को बेकसूर बताते हुए इसे उन्हें चुप कराने के लिए विपक्ष की साजिश करार दिया। साथ ही उन्होंने इस बारे में ट्वीट कर कहा- “मुझे चुप कराने के लिए बेकरार मेरे राजनीतिक विपक्षियों द्वारा दाखिल किए मानहानि के लिए पेश होने मैं आज सूरत में हूँ। मैं कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूँ जो मेरे साथ एकजुटता और समर्थन जताने के लिए यहाँ इकट्ठा हुए हैं।”
राहुल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जुलाई में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल गाँधी को सुनवाई में निजी तौर पर पेश होने से छूट दी थी और अगली सुनवाई की तारीख 10 अक्टूबर नियत की थी।
इसी तरह के एक अन्य मामले में वह शुक्रवार (अक्टूबर 11, 2019) को दोपहर 3 बजे अहमदाबाद के एक कोर्ट में पेश होंगे। बता दें कि अहमदाबाद में एक स्थानीय भाजपा पार्षद ब्रह्मभट्ट ने राहुल गाँधी के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर किए गए अपमानजनक टिप्पणी को लेकर केस दर्ज करवाया है। उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी के ऊपर देश भर में विभिन्न अदालतों में कई मानहानि के मामले दर्ज हैं।
हमारे देश में दुर्गा पूजा का उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। जहाँ एक तरफ़ भक्तजन आस्था के इस पर्व में सराबोर दिखते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ मुस्लिम समुदाय ने आस्था के इस पर्व पर हिंसात्मक गतिविधियोंं को अंजाम देकर न सिर्फ़ हिन्दुओं की आस्था को तार-तार किया बल्कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों में कई तरह के व्यवधान भी डाले। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि महज़ 2 दिनों में हिन्दुओं के धार्मिक पर्व पर ईंट-पत्थर, तलवार और हथियार से कितने बार हमले किए गए, कितनी मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इतना ही नहीं, विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए।
बलरामपुर में दुर्गा पूजा पर हमला कर ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे लगाए, 8 गिरफ़्तार
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एक मुस्लिम इलाक़े से गुज़र रहे दुर्गा विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाज़ी की घटना सामने आई। कथित तौर पर तलवार समेत अन्य हथियार भी चलाए गए, जिसके कारण विसर्जन को जा रहे हिन्दू घायल भी हुए। हमले की शुरुआत हिन्दुओं पर, देवी के विग्रह पर कचरा फेंक कर अपवित्र करने से हुई। उसके बाद मस्जिद और आस-पास की छतों से हिन्दुओं पर ईंट-पत्थर से हमला होने लगा, जिसके बाद मुस्लिम लाठी-डंडों के इस्तेमाल पर उतर आए। हमले के समय मुस्लिम ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगा रहे थे। कुछ कट्टरपंथी दुर्गा पूजा के जुलूस में सुबह ही शामिल हो गए थे। वो लोग जुलूस के साथ चलते हुए मस्जिद वाली गली आए और फिर पथराव करने वाले अन्य मुस्लिमों की भीड़ का हिस्सा बन गए। इस पूरे घटनाक्रम के चश्मदीद और पीड़ित सूरज मुख्य दंगाई के तौर पर हाजी मकबूल, ‘लंगड़’, और नाजिम का नाम लेते हैं।
इस घटना एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें देखा जा सकता है कि दुर्गा पूजा के बाद देवी-विसर्जन के लिए जा रहे जुलूस पर भारी पत्थरबाजी की गई। यूपी पुलिस ने इस वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
बस्ती में विसर्जन के रास्ते में मांस के टुकड़े बिखेरे गए, 400 लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बस्ती ज़िले में मूर्ति विसर्जन जुलूस के रास्ते पर कथित तौर पर मांस के टुकड़े मिलने से तनाव की स्थिति बन गई। इस मामले में 400 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। इस मामले पर डीआईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि जब एक जुलूस रामजानकी मार्ग होते हुए विसर्जन के लिए निकला तो रास्ते में मांस के टुकड़े मिले, जिससे जुलूस में शामिल लोग नाराज़ हो गए।
पुलिस ने मौक़े पर पहुँचकर मामले को शांत कराया, लेकिन जैसे ही जुलूस शांति से आगे बढ़ा कि तभी कुछ उपद्रवियों ने अफ़वाह फैलाकर लोगों को भड़का दिया। इस दौरान मीट की तीन दुकानों और एक बाइक को जला दिया गया। डीआईजी के मुताबिक़, हिंसा को बढ़ने से पहले ही मौक़े पर पहुँचकर भारी पुलिस फ़ोर्स तैनाती कर दी गई। फ़िलहाल, वीडियो क्लिप के ज़रिए दंगाईयों की पहचान की जा रही है।
बदायूँ के मंदिर में मूर्ति तोड़ी गई, अज्ञात के ख़िलाफ़ मामला दर्ज
उत्तर प्रदेश के बदायूँ के उघैती में नवरात्रि के आख़िरी दिन रविवार की देर रात कुछ अराजक तत्वों ने इलाक़े में स्थित शिव मंदिर में तोड़फोड़ करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही इलाक़े में तनाव बढ़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि रविवार (6 अक्टूबर) की रात को लोग मंदिर में पूजा-अर्चना करके अपने घर जा रहे थे, उस समय तक मंदिर की सभी प्रतिमाएँ सुरक्षित थीं, लेकिन अगले दिन सुबह-सुबह के समय सभी प्रतिमाएँ क्षतिग्रस्त मिलीं।
मौक़े पर पहुँची पुलिस ने वीडियोग्राफ़ी करवाते हुए लोगों को शांत करवाया और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस ने मंदिर का जायजा लिया और मीडिया को बताया कि उघैती में शिव मंदिर में मूर्ति क्षतिग्रस्त की गई है। इस पर पुलिस ने अज्ञात के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया।
असम में रफ़ीकुल अली ने तिलक लगा कर लक्ष्मी मंदिर की मूर्ति तोड़ी, आभूषण चुराए
असम के बारपेटा में मंगलवार (8 अक्टूबर) को हिन्दू मंदिर पर हमले की ख़बर सामने आई। मुस्लिम हमलावर रफ़ीकुल अली ने माँ लक्ष्मी के मंदिर में घुसकर आग लगा दी। उस पर देवी के सोने-चाँदी के आभूषण चुराने, मन्दिर की फ़र्श तोड़ने और मन्दिर में लगे आगामी लक्ष्मी पूजन की जानकारी संबंधी पोस्टर को फाड़ने का भी आरोप है। स्थानीय मीडिया के अनुसार लोगों ने हमलावर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। मंदिर में घुसकर हमले की इस घटना को अंजाम देने के लिए उसने माथे पर तिलक लगाया था, जिससे उसके मुस्लिम होने का भेद न खुल सके।
अरुणाचल के दोईमुख बाज़ार में माँ दुर्गा समेत कई मूर्तियाँ तोड़ी गईं
अरुणाचल प्रदेश के दोईमुख में नवरात्रि के दौरान मॉं दुर्गा की प्रतिमाओं को तोड़ने की घटना सामने आई थी। तोड़-फोड़ दोईमुख बाजार वेलफेयर कमिटी के पूजा पंडाल में की गई। कमिटी के अध्यक्ष डोबम रोबी ने घटना की निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। दोईमुख बाज़ार राज्य की सबसे पुरानी टाउनशिपों में से एक है। गिरफ़्तार आरोपित नबाम अचुमा, नबाम सोनाम और ताना चांगरिआंग सोशल मीडिया पर ईसाई समुदाय से ताल्लुक़ रखने वाले बताए गए। कहा जा रहा है कि मज़हबी द्वेष के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया।
बंगाल के केतुग्राम में दुर्गा की मूर्ति का सर तोड़ा, वेदी का ढाँचा गिराया, एक गिरफ़्तार
बंगाल के केतुग्राम स्थित श्रीरामपुर गाँव में लोगों ने दशमी के अगले दिन (9 अक्टूबर) देखा कि सरकारबाड़ी मंदिर के ‘पूजो मंडप’ में प्रतिष्ठित दुर्गा मूर्ति का सिर ग़ायब है और उनके आभूषण भी ग़ायब थे। कुछ समय बीत जाने के बाद मूर्ति का सिर क्षत-विक्षत अवस्था में एक तालाब में पाया गया। पुलिस ने इस मामले में शक़ के आधार पर एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में मंदिर का दरवाज़ा बंद किया गया था, लेकिन सुबह खिड़की टूटी मिली।
गया में समुदाय विशेष ने किया मूर्ति विसर्जन पर पथराव, 12 गिरफ़्तार
बिहार के गया में मूर्ति विसर्जन के लिए भक्तजनों की भीड़ एक स्थल पर पहुँची तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नारेबाजी शुरू हो गई। यह नारेबाजी एक समुदाय विशेष के लोगों को इतनी नागवार गुज़री कि उन्होंने भक्तों की भीड़ से नारेबाजी के ख़िलाफ़ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लेकिन, पड़ोसी देश के ख़िलाफ़ नारेबाजी जारी रही। स्थिति को संभालने के लिए कोतवाली थानाध्यक्ष संजय कुमार ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों के बीच ग़ुस्सा भड़क गया। इस बीच दो पक्षों के बीच ईंट-पत्थर से हमले किए गए।
इस दौरान दुखहरणी चौक रोड पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। ज़िला पुलिस बल, वरिष्ठ अधिकारी, दंगा नियंत्रण वाहन सहित अन्य सुरक्षा बल भी घटना स्थल पर मौजूद थे। भारी तनाव की सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक सिंह एवं एसएसपी राजीव मिश्रा मौक़े पर पहुँचे और हालात का मुआयना किया। एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान जामा मस्जिद के पास पत्थरबाज़ी मामले में FIR की जाएगी। पुलिस पर पथराव के मामले में कई युवकों को गिरफ़्तार किया गया है। इनमें एक पुलिस जवान के सिर पर चोट लगी थी। इन युवकों ने मंगलवार की रात से सुबह तीन बजे तक लगातार पुलिस पर पथराव किया। जवाब में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
जहानाबाद में मूर्ति विसर्जन पर हुई पत्थरबाज़ी
बिहार के जहानाबाद शहर में मूर्ति विसर्जन के दौरान मंदिर के पास पत्थरबाज़ी की गई। पत्थरबाज़ी के दौरान चार पुलिसकर्मी और 10 लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो पुलिसकर्मियों और छ: अन्य लोगों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई जगहों पर आगजनी भी की गई। खबर लिखे जाने तक देवी की सभी मूर्तियाँ पंचमहला के पास हैं। डीएम, एसपी ने मूर्तियों को संगम घाट पर पहुँचाने के लिए लोगों से बातचीत की है।
मूर्ति विसर्जन के लिए जा रहे जुलूस पर पत्थरबाज़ी के बाद पीड़ित लोगों ने हमलावरोंं के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई किए जाने की माँग की है, इसके लिए उन्होंने शहर के सभी चौक को जाम भी कर दिया है।
अक्सर देखा जाता है कि मार्क्सवादी लोग वेद और उपनिषदों के औचित्य को खारिज करते पाए जाते हैं, लेकिन इस बार कुछ अलग हो रहा है। मीडिया खबरों के मुताबिक केरल में वामपंथी दल कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया वेदों और उपनिषदों के सार पर सेमिनार आयोजित करने वाला है। कहा जा रहा है कि उनका ये कदम दक्षिण भारतीय प्रदेश केरल में संघ परिवार को बढ़ते प्रभाव को रोकने के प्रयास के रूप में उठाया जा रहा है। राज्य की सत्ताधारी गठबंधन एलडीएफ की सहयोगी पार्टी सीपीआई 3 दिन की इस संगोष्ठी को राज्य के कन्नूर में 25 अक्टूबर को आयोजित करेगी। इसका नाम ‘भारतीयम 2019’ रखा जाएगा।
इस कार्यक्रम को दिवगंत वामपंथी नेता एनई बलराम की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का पूरा दारोमदार एनई बलराम मेमोरियल ट्रस्ट के पास हैं। जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय महासचिव डी राजा द्वारा होगा जबकि समापन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष और वरिष्ठ सीपीआई नेता सीएन चंद्रन ने इस आयोजन पर जानकारी देते हुए कहा है कि भारतीय दर्शनशास्त्र दिवंगत नेता एनई बलराम का पसंदीदा विषय था। इस कार्यक्रम में 9 विशेषज्ञ, वेद, उपनिषद, पुराण और एपिक पर अपने पत्र पेश करेंगे।
सीएन चंद्रन के अनुसार वे इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए ‘सांप्रदायिक ताकतों’ को अपने हित के लिए हिन्दू धर्म ग्रंथों का गलत इस्तेमाल किए जाने से रोकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस सेमिनार में भारतीय धर्मग्रंथों के वैज्ञानिक संदर्भों पर चर्चा की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएन चंद्रन ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता इस आयोजन में भाग नहीं लेंगे। इसके अलावा कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस संगोष्ठी में भाग ले सकता है।
पीटीआई से बातचीत में भाकपा नेता ने बताया कि इस संगोष्ठी में ‘वेद और ईसायत’ तथा ‘वेद, बौद्ध धर्म और सूफी’ जैसे विषयों पर अलग से शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में इस विषय पर चर्चा होगी कि वामपंथी विचारधारा का वेद और उपनिषद के प्रति क्या रवैया रहा है और पार्टी के विचारकों का इसके प्रति क्या नजरिया रहा।
सीएन चंद्रन के मुताबिक वेद और उपनिषद वैज्ञानिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन संघ परिवार के लोग इस विषयों पर अपना एकाधिकार मानते हैं और फिर उनकी गलत व्याख्या करते हैं।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने भी कन्नूर में श्रीकृष्ण जयन्ती पर बालगोकुलम की शोभायात्रा निकालकर ऐसा ही आयोजन किया था। इसके अलावा अभी बीते दिनों कुछ वामपंथी नेता नवरात्रि पर बधाई देने को लेकर चर्चा में आए थे। जिसमें राजनीतिक दल सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी का नाम भी शामिल था। उन्होंने नवमी और विजयदशमी पर लोगों को बधाई दी थी। जिसके कारण लोगों ने उन्हें इन पर्वों का अर्थ समझाते हुए इनका महत्तव भी बताया था।
दुर्गा पूजा के सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ उसकी भव्यता के लिए प्रख्यात पश्चिम बंगाल से दुर्गा मूर्ति की बुरी खबर आ रही है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक राज्य के केतुग्राम स्थित श्रीरामपुर गाँव में लोगों ने दशमी के अगले दिन (9 अक्तूबर, 2019) उठ कर पाया कि सरकारबाड़ी मन्दिर के ‘पूजो मंडप’ में प्रतिष्ठित दुर्गा मूर्ति का सर गायब है। साथ ही कुछ गहने भी नहीं हैं। बाद में मूर्ति का क्षत-विक्षत सर घर के पीछे एक तालाब में मिला।
आरोपित युवक गिरफ्तार
इस घटना से उत्तेजित हुए ग्रामीणों ने केतुग्राम थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में शक के आधार पर एक युवक को गिरफ्त में ले लिया है। लोगों के मुताबिक हमलावरों ने सरकारबाड़ी मन्दिर के पास खाली जगह में बनी काली ठाकुर बेदी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
हालाँकि सरकारबाड़ी मन्दिर कहने को गाँव के सरकार परिवार का है, लेकिन पिछले 300 सालों से सभी ग्रामीण सरकारबाड़ी मन्दिर के ‘दुर्गा पूजो’ में शरीक होते हैं। मंगलवार रात को पूजो खत्म होने के बाद मन्दिर का दरवाज़ा बंद किया गया था, लेकिन सुबह यहाँ की खिड़की टूटी मिली।
सरकार परिवार के प्रतुल सरकार ने स्थानीय मीडिया को बताया कि बारिश के चलते प्रतिमा का विसर्जन नहीं हो पाया था। इस कारण से बुधवार दोपहर को विसर्जन की विधि संपन्न की गई।
(खबर लिखे जाने तक इस घटना को किसी अंग्रेजी या हिंदी मीडिया के कवर करने की ऑपइंडिया को जानकारी नहीं है। हम यह खबर केवल स्थानीय बांग्ला मीडिया की कवरेज के अनुवाद के आधार पर लिख रहे हैं।)
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता और कराची के पूर्व मेयर आरिफ अजाकिया ने दशहरे की शुभकामना देते हुए पाकिस्तान को आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी पर्व को मनाने में कोई बुराई नहीं है। त्योहार को मनाते समय धर्म को बीच में नहीं लाना चाहिए। आरिफ ने कहा कि बड़े ही अजीब हैं मुफ्ती लोग, पश्चिम बंगाल की टीएमसी सांसद नुसरत जहां मुस्लिम होकर दुर्गा पूजा करे तो गलत है, लेकिन उसी पंडाल में अगर अजान हो तो वाह-वाह। पाकिस्तान में रहने वाले हिन्दू अगर रोजा रखकर रमजान करें तो वह अच्छा।
आगे उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री को बार-बार पैसे की जरूरत है। अमेरिका अकेले इन्हें नहीं पाल सकता है। अमेरिका के अलावा सऊदी अरब, कतर, दुबई जैसे कई देशों से आर्थिक मदद की अपेक्षा करता है और भीख माँगकर गुजारा कर रहा है। साथ ही आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक से पैसे माँग कर ला रहा है इमरान खान।
इसके अलावा उन्होंने इमरान खान के हुकूमत पर बात करते हुए कहा कि उनकी हुकूमत जाने वाली है। उन्होंने कहा कि पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने और फौज जबरन पीटीआई को लेकर शासन में आई है। उन्हें इमरान खान की काबिलियत के बारे में पता है। इमरान की टीम आज भी वही है जो चुनाव से पहले थी। उनके नंगे-पुंगे दोस्त, स्मगलर, चोर, चोरबाजारी वाले दोस्त की टीम है। ये सबकुछ बाजवा या फौज को पता था। ये लाना ही ऐसे लोगों को चाह रहे हैं। उन्होंने आर्मी के उस शख्स के नाम का भी खुलासा किया, जिसकी वजह से आज इमरान खान प्रधानमंत्री पद है। यह नाम जनरल फैज हामिद का है।
इमरान ने सत्ता में आने के लिए अपनी पूरी साख को दांव पर लगा दी। बाजवा इससे जो कहता है, ये करता है और जब ये बाजवा के कहने चुपचाप पर चल रहा है तो फिर ये इसको क्यूँ हटाएँगे? उन्होंने कहा कि बाजवा जब इसे भीख माँगने के लिए भेजता है तो ये कभी सऊदी चला जाता है, तो कभी कहीं और। बाजवा ने कश्मीर पर हल्ला मचाने के लिए कहा तो कर दिया। खुद बाजवा, जिसने 70 साल तक इस कौम को कश्मीर के नाम पर लूटा, वो चुप है। इसके साथ ही उन्होंने FATF पर बात करते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करेगा, क्योंकि अमेरिका के पार्टनर तो बहुत सारे हैं, लेकिन वफादार नौकर एक ही है और वो है पाकिस्तान।
उन्होंने अपने वीडियो में भारत के धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होने का सराहा है जबकि पाकिस्तान को कट्टरपंथी इस्लामी राष्ट्र की छवि को लेकर कोसा भी है। उनका कहना है कि भारत में जो अल्पसंख्यक हैं उन्हें वहाँ पर बराबरी का हक मिला हुआ है, जबकि पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों को कोई हक नहीं है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि पाकिस्तान में 90 फीसद लोग जाहिल हैं जो बिना सोचे-समझे ही मौलवियों की बातों पर वाह-वाह करते हैं।
इस दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि जो पीएम मोदी को गलत ठहराने की कोशिश में लगे हैं उन्हें एक बार अपने गिरेबान में झाँक लेना चाहिए। भारत में जितने हक वहाँ के अल्पसंख्यकों को दिए गए हैं इतने तो पाकिस्तान में सोचे भी नहीं जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि कराची जैसे शहर में पानी माफिया जबरदस्त फल-फूल रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में सिर्फ कराची ही नहीं हर छोटी और बड़ी जगहों का यही हाल है।
पाकिस्तान में नमृता चंदानी नाम की हिन्दू लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत पर एक नया खुलासा हुआ है। डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही नमृता की मौत पर एक रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से हुई।
पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज के अनुसार हिस्तोपैथोलॉजिकल जाँच रिपोर्ट ने संकेत दिए हैं कि नमृता की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई। इस रिपोर्ट को 26 सितंबर को जम्होरो में लियाकत यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज द्वारा संकलित किया गया था। इसमें दावा किया गया है कि छात्रा की मौत अप्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि जहर खाने से हुई है। रिपोर्ट में बताया गया कि इसी कारण से उसके शरीर में बदलाव दिखा।
#NimritaKumari‘s death occurred due to suffocation: report
वहीं, बता दें कि पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट में नमृता की मौत के कारणों को नहीं बताया गया है, उसमें कहा गया है कि सबूतों से मालूम चलता है कि उन्होंने आत्महत्या ही की। लेकिन इस बात के कोई सबूत नहीं मिले जिससे पता चले उनकी हत्या हुई।
गौरतलब है कि नमृता का शव पिछले महीने 16 सितंबर को लरकाना के शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी में उनके हॉस्टल के कमरे में छत के पंखे पर लटका मिला था। वह विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ डेंटर सर्जरी की पढ़ाई कर रही थीं। वे घोटकी के मीरपुर मथेलो की रहने वाली हैं, जहाँ इस घटना से कुछ दिन पहले ही दंगे हुए थे।
Nimrita Chandani was a bright medical student, her dead body been found from her hostel room, it’s not a suicide case..her death is suspicious we demand independent enquiry about her death. #JusticeForNimritapic.twitter.com/CGW65hbCIC
नमृता की मृत्यु पर उनके भाई डॉ विशाल सुंदर का कहना था कि उनकी बहन के शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान मिले हैं, जैसे कोई उसे पकड़ रहा हो। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ये बताया गया था कि गला घोंटने के साफ़ निशान दिखाई दे रहे थे। लेकिन फिर भी वहाँ की पुलिस और प्रशासन शुरू से इस घटना को आत्महत्या साबित करने की कोशिश करता रहा। कुछ दिन बाद वहाँ की एक अदालत ने इस मामले में न्यायिक जाँच की इजाजत देने से भी इंकार कर दिया था और अब ये रिपोर्ट जो बताती है नमृता ने जहर खाया।
कॉन्ग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मतिउर्रहमान खां उर्फ बबलू ने सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मतिउर्रहमान खां ने पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा को तहरीर देकर कहा है कि सांसद उनकी हत्या कराना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों लखनऊ से लौटते समय शाहजहांपुर में उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट भी सांसद आजम खान ने ही करवाया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
एसपी को दी तहरीर में पूर्व कॉन्ग्रेस नेता ने कहा है कि वह सांसद और उनके बेटे के विरुद्ध मुकदमों और भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए शिकायत करते रहे हैं। सांसद के सताए लोगों की पैरवी करते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीबीआइ, ईडी, मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को कई बार पत्र भी लिखे। जनता के साथ सांसद के खिलाफ धरने प्रदर्शन किए। इसकी वजह से आजम खान और उनके पुत्र उनसे रंजिश रखते हैं। उन्होंने कहा कि वो अपने लोगों से उन्हें धमकियाँ दिलवाते हैं।
बता दें कि 3 अक्टूबर को मतीउर्रहमान लखनऊ से कार में सवार होकर रामपुर जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार शाहजहांपुर पहुँची तो एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में मतीउर्रहमान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस दौरान उनकी पसलियों और कंधे में फ्रैक्चर हो गया था। इसके साथ कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। हादसे के बाद मतीउर्रहमान उर्फ बबलू को शाहजहांपुर स्थित शीतल ट्रामा सेंटर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। अब उनकी हालत में सुधार को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कॉन्ग्रेस नेता मतीउर्रहमान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर सांसद आजम खान व उनके विधायक बेटे को आरोपित बताया है। मतीउर्रहमान ने आरोप लगाया कि ट्रक चालक ने उनकी गाड़ी को जानबूझकर टक्कर मारी थी। उन्होंने एसपी डाॅ अजय पाल शर्मा को तहरीर देते हुए कहा है कि 6 अक्टूबर को उनके चचेरे भाई का निधन हो गया था। इसलिए परिवार के सभी लोग वहाँ गए हुए थे। जिला अस्पताल में वह अकेले थे। इसी बीच रात करीब 11 बजे एक व्यक्ति अस्पताल पहुँचा और वह उन्हें धमकी देने लगा। उस व्यक्ति ने कहा कि आजम खान के विरोध करने का अंजाम तो देख लिया होगा। अगर आगे से कुछ ऐसा किया तो जान से हाथ धो बैठोगे। उन्होंने जिलाधिकारी को भी पत्र दिया है। कॉन्ग्रेस नेता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जाँच के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बस्ती जिले में मूर्ति विसर्जन के रास्ते पर कथित तौर पर माँस का टुकड़ा मिलने पर इलाके में हिंसा भड़क गई। मामला इतना ज्यादा बिगड़ गया कि पुलिस को 400 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करना पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मूर्ति विसर्जन के लिए जाने वाले रास्ते में माँस का टुकड़ा देखकर श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने वहाँ नारेबाजी शुरू कर दी। घटना 8 तारीख यानी मंगलवार को दशहरे के अवसर पर घटी।
भड़की भीड़ ने इसके बाद इलाके के पास मौजूद माँस की कुछ दुकानों को भी निशाना बनाया और वहाँ खड़ी मोटरसाइकल में तोड़फोड़ की गई।
हालाँकि, अधिक नुकसान होने से पहले मौक़े पर पहुँची पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया और भीड़ को शांत करवाकर मामले में जाँच शुरू की। घटना के बाद भारी बल की पुलिस की मौजूदगी में मूर्ति विसर्जन हुआ।
बस्ती क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आशुतोष कुमार ने इस मामले के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मूर्ति विसर्जन के रास्ते पर माँस का टुकड़ा देखकर लोग नाराज हो गए और एक मोटरसाइकिल एवं 3 माँस की दुकान को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने 400 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है।
डीआईजी ने बताया कि हिंसा ज्यादा भड़कती उससे पहले मौके पर भारी पुलिस फोर्स ने पहुँचकर हालात को काबू में किया। उपद्रवी आगजनी के बाद मौके से फरार हो गए। डीआईजी ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो क्लिप और लोगों के मोबाइल फोन की क्लिप के जरिए आरोपितों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में शांति है। लेकिन अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि विजयादशमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में भी प्रतिमा विसर्जन जूलूस में हिंसा की खबर सामने आई। यहाँ पर 2 पक्षों के बीच जमकर बवाल हुआ और दोनों तरफ से पथराव भी किए गए। पूरी घटना में 8 लोगों के गिरफ्तार होने की खबर है, जबकि इस हिंसा में 16 घायल बताए जा रहे हैं।
वायुसेना दिवस पर देश को मिले पहले राफेल की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा फ्रांस में शस्त्र पूजा किए जाने पर बवाल हो गया है। कॉन्ग्रेस ने राफेल पर शस्त्र पूजा के दौरान ‘ऊँ’ लिखे जाने को तमाशा बताया है और कहा है कि मोदी सरकार के साथ सबसे बड़ी समस्या है कि वे बिना ठोस काम किए हर चीज को नौटंकी बना देते हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कॉन्ग्रेस के इस बयान पर उसे भारतीय रीति रिवाजों व परंपराओं का विरोधी बताया है।
ऐसे जुबानी तकरार में इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और पुरानी वीडियो वायरल होने लगी है, जो दर्शाती है कि कॉन्ग्रेस आज भले ही मोदी सरकार को राफेल की शस्त्र पूजा करने पर घेर रही है, लेकिन उनके खुद के नेता भी इन क्रियाकलापों को करते आए हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल होती वीडियो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की है। जिसमें वे एक जहाज के जलावतरण के मौक़े पर उसकी पूजा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में होती कमेंट्री से साफ हो रहा रहा है कि पंडित नेहरू नारियल तोड़कर जहाज को पानी में उतारने की रस्म की विधि से पूरा कर रहे हैं।
पंडित नेहरू की ये वीडियो सैयद अतहर देहलवी द्वारा 14 मार्च 2018 को ट्विटर पर ट्वीट की गई थी। जिसमें उनका दावा था कि ये वीडिया 14 मार्च 1948 का है। जिस समय आजादी के बाद भारत ने अपने पहले जहाज ‘जल ऊषा’ को वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हिंद महासागर में उतारा था। वीडियो में साफ है कि कुछ पंडित मंत्र पढ़ते दिख रहे हैं और पीछे होती कमेंट्री बता रही है कि पूर्व प्रधानमंत्री नारियल तोड़कर जहाज को समुद्र में उतारने की रस्म पूरी कर रहे हैं।
श्री @rajnathsingh जी ने कोई नया काम तो नहीं किया की दोनों और से शोर मच गया आज़ाद व सेक्युलर भारत में नेहरू जी के समय ही से सरकारी योजनाओं व समारोह का आरंभ मंत्र अनुष्ठान दीपक नारियल एवं अन्य भारतीय व क्षेत्रीय परंपराओं के साथ होता आ रहा है हाँ अब राजनीतिक फ़ायदों के लिए होता है https://t.co/7fUl3sklJ9
— Syed Athar Dehlavi सैयद अतहर देहलवी سید اطہر دہلوی (@maulanadehlavi) October 9, 2019
अब ऐसे में जब राफेल की पूजा पर विवाद छिड़ा, तो सैयद अतहर देहलवी ने बुधवार को अपने पुराने ट्वीट को दोबारा रिट्वीट करते हुए लिखा कि राजनाथ सिंह ने फ्रांस में जो किया उसमें कुछ भी नया नहीं हैं।
उन्होंने लिखा कि आजाद और सेक्यूलर भारत में पंडित नेहरू के समय से ही सरकारी योजनाओं और समारोहों की शुरुआत मंत्रोच्चार, दीपक, नारियल और अन्य भारतीय व क्षेत्रीय परंपराओं के साथ होती रही है।
इसके बाद, इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरुशरण कौर की भी एक तस्वीर वायरल हुई। जिसे खुद कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया सेल के राष्ट्रीय संयोजक सरल पटेल ने ट्वीट किया है। इसमें मनमोहन सिंह की पत्नी एक हाथ में नारियल पकड़े नजर आ रही हैं और उनके बगल में नेवी के कुछ अफसर खड़े हैं।
As far as the respects of Indian Traditions are concerned.
This is the picture from 2009.
Gursharan Kaur, wife of PM Dr Singh breaking coconut on the hull of INS Arihant, marking its launch.
खास बात ये है राफेल की पूजा को तमाशा करार देने वाली कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया संयोजक ने ही यह तस्वीर ये दर्शानेे को शेयर की है कि कॉन्ग्रेस भी भारतीय परंपराओं का सम्मान करती रही है।
इस तस्वीर के बारे में पटेल ने दावा किया है कि यह 2009 की तस्वीर है जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरुशरण सिंह नारियल तोड़कर आईएनएस अरिहंत को लॉन्च कर रही थीं।