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मध्य प्रदेश हनी ट्रैप: दलाली करते थे हाई-प्रोफ़ाइल पत्रकार, श्वेता और आरती ने शामिल किया था गैंग में

मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड में आए दिन नए ख़ुलासे हो रहे हैं। इस मामले में ताज़ा समाचार यह है कि जाँच दल ने पाया है कि सेक्स रैकेट में भोपाल के कई मीडियाकर्मियों के नाम भी शामिल हैं। इंडिया टीवी की ख़बर के अनुसार, इन नामों में एक हिंदी समाचार पत्र के क्षेत्रीय संपादक, एक समाचार चैनल के कैमरामैन और क्षेत्रीय सैटेलाइट चैनल के मालिक का नाम शामिल है।

इससे पहले यह ख़ुलासा हुआ था कि महिलाएँ कैसे हाई प्रोफ़ाइल और नामी लोगों को अपने जाल में फँसाती थीं। बता दें कि इन महिलाओं के जाल में फँस चुके कई राज्य मंत्रियों और आईएएस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।

ख़बर के अनुसार, मीडियाकर्मी हनी ट्रैप रैकेट के शिकार नहीं थे, बल्कि दलाल थे। मीडियाकर्मियों ने कथित तौर पर पीड़ित नौकरशाहों, मंत्रियों और रैकेट की सरगना श्वेता जैन के बीच दलाल के तौर पर सौदे करवाने में मदद की थी।

पत्रकारों और प्रमुख मीडियाकर्मियों के रैकेट में शामिल होने का आरोप सबसे पहले भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने लगाया था। मीडिया से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कहा था कि उनके पास रैकेट में शामिल 3 या 4 पत्रकारों के बारे में विशेष जानकारी है।

IANS ने एक हिन्दी दैनिक के प्रधान संपादक हेमंत शर्मा के हवाले से कहा है कि पत्रकारों का एक निश्चित समूह है, जो सत्ता के गलियारों में केवल ब्लैकमेलिंग और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं से पैसा ऐंठने के एकमात्र उद्देश्य से चलते हैं। शर्मा ने यह भी कहा है कि श्वेता और आरती दयाल ने कुछ पत्रकारों को अपने रैकेट में शामिल किया था, जिनका इस्तेमाल वे अपने पीड़ितों के साथ सौदे करने के लिए करती थी।

इसी कड़ी में मोनिका यादव जिसे अन्य महिलाओं के साथ गिरफ़्तार किया गया था, उसके पिता को पूछताछ के लिए इंदौर पुलिस ने हिरासत में लिया था। ख़बर में कहा गया है कि मोनिका ने ख़ुलासा किया था कि उसके घर में कुछ साक्ष्य छिपे हुए हैं और पुलिस टीम मोनिका के साथ राजगढ़ ज़िले के सांवंसी गाँव गई थी।

कथित तौर पर, मोनिका एक ग़रीब परिवार की एक प्रतिभाशाली लड़की थी, जिसे पत्रकारिता पाठ्यक्रम के लिए वित्तीय मदद देने का वादा कर आरती दयाल ने फँसाया था। मोनिका और आरती को उनके ड्राइवर ओमप्रकाश के साथ 18 सितंबर को इंदौर के एक होटल से गिरफ़्तार किया गया था, जहाँ वे एक सरकारी अधिकारी से 50 लाख रुपए लेने गए थे, जिसे वे ब्लैकमेल कर रहे थे।

आरती दयाल, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, श्वेता विजय जैन, मोनिका यादव और ओमप्रकाश कोरी नाम के ड्राइवर हाई प्रोफाइल हनी ट्रैपिंग रैकेट में गिरफ़्तार होने वाले पहले व्यक्ति थे।

इस पूरे कांड में जाँच टीम के हाथों एक एक हिट लिस्ट हाथ लगी थी, जिसमें 13 आइएस अधिकारियों के नाम सामने आए थे, जिन्हें लड़कियों ने प्रेम में फँसाया था और उनकी सेक्स वीडियो दिखाकर उनसे पैसे माँगने वाले थे। पुलिस को इस ब्लैकमेल करने वाले गिरोह से अभी तक 90 वीडियो मिल चुके हैं। इनमें सियासत से जुड़े लोगों से लेकर कई ब्यूरोक्रेट्स के चेहरे उजागर हुए। गिरोह में शामिल महिलाओं के पास से 8 सिम कार्ड भी मिले थे।

अब्दुल और नावेद ने बंदूक की नोंक पर किया दलित युवती का रेप, वीडियो बनाकर किया वायरल

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र में बलात्कार करने के बाद वीडियो वायरल करने का एक और मामला सामने आया है। बता दें कि अब्दुल और नावेद नाम के दो युवकों ने 20 वर्षीय एक दलित युवती के साथ बलात्कार किया और फिर उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित अब्दुल को बुधवार (सितंबर 25, 2019) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि एक अन्य आरोपित नावेद फरार है। रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “अपराध 12 सितंबर को हुआ था, लेकिन मंगलवार (सितंबर 24, 2019) की शाम को इसकी शिकायत दर्ज की गई। अब्दुल को एफआईआर दर्ज करने के 12 घंटे के भीतर स्वार रोड पर तोपखाना गेट इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया और आरोपित नावेद को पकड़ने के लिए पुलिस की 5 टीमों को लगाया गया है।”

दरअसल, 12 सितंबर 2019 को दलित लड़की गाँव में ही पास के खेत में चारा काटने गई थी, जहाँ नावेद और अब्दुल नाम के दो लोगों ने उसे दबोच लिया और जबरदस्ती उसे एक सुनसान इलाके में ले गए। यहाँ दोनों ने बंदूक की नोंक पर उसके साथ बलात्कार किया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपितों ने इसका वीडियो भी बनाया और फिर बाद में इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

आरोपितों की धमकी से डरकर पीड़िता ने अपने परिवार को इस बारे में कुछ भी नहीं बताया। मगर, आरोपित द्वारा वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के बाद पीड़िता के परिवारवालों को इस घिनौने सच का पता चला। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने रामपुर पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और दोनों आरोपितों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376-डी, 504, 325, एससी / एसटी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया।

इस बीच एसपी अजय पाल शर्मा ने कहा कि शुरुआती जाँच में ये पाया गया कि पीड़ित युवती का अब्दुल के साथ अफेयर था और अब्दुल ने फोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की थी। एसपी ने कहा कि उन्हें आरोपितों द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया साइटों पर अपलोड किए गए अपराध का 25-सेकंड का वीडियो भी मिला है। उन्होंने बताया कि पीड़िता को फिलहाल मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है। बाद में जाँच अधिकारी उसे सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेंगे। 

गौरतलब है कि ऐसी ही एक घटना 22 सितंबर को सामने आई थी जिसमें कौशाम्बी जिले के घोसिया गाँव में तीन युवकों द्वारा एक दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप किया गया था और इसका वीडियो बनाया गया था। इस मामले में, नाज़िक नाम के एक आरोपित को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि आदिल नाम का मुख्य आरोपित को अगले दिन पकड़ा गया, जो एक मजार में छिपा हुआ था। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद उसे दबोच लिया गया था। वहीं, तीसरे आरोपित मोहम्मद आकिब उर्फ बड़का को कौशाम्बी पुलिस ने सराय अकिल इलाके से हिरासत में ले लिया है। इस पर 25 हजार का इनाम भी रखा गया था।

इमरान पाकिस्तान के लिए खतरा, उनके भाषण देने और प्रेस कॉन्फ्रेंस पर लगे बैन: Pak सांसद

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को हर ओर से मुँह की खानी पड़ रही है। न केवल विदेशों में बल्कि उनका अपना मुल्क भी उनकी फजीहत करने से और उनकी कार्यनीतियों पर सवाल उठाने से नहीं चूक रहा। इन दिनों वो अपने देश की विपक्षी पार्टी के निशाने पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का कहना है कि इमरान खान के विदेशी दौरे पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। इसलिए अब इमरान के विदेशी दौरों पर रोक लगा देनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री इमरान खान जब भी बाहर जाते हैं तो उन्हें उससे घाटा होता है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के सेनेटर मुस्तफा नवाज़ खोखर ने गुरुवार (सितंबर 26, 2019) को इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा, “इमरान खान दुनिया में पाकिस्तान का पक्ष रखने की बजाय अपने मुल्क के खिलाफ ही बोल रहे हैं, जिसकी वजह से भारतीय मीडिया में पाकिस्तान का मज़ाक उड़ रहा है।”

अपनी बात रखते हुए खोखर ने इमरान खान की विदेश यात्रा पर कहा, “अपनी ईरान यात्रा के दौरान उन्होंने अपने मुल्क पर आतंकी देश होने का आरोप लगाया था और अब एक बार फिर उन्होंने पाकिस्तान का मजाक उड़ाया है। हालिया अमेरिकी यात्रा के दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना और आईएसआई पर अल-कायदा को प्रशिक्षण देने की बात कही जो देश के लिए नुकसानदायक है।”

उन्होंने अपने देश की सेना और खूफिया एजेंसी पर अल कायदा को प्रशिक्षण देने का आरोप लगाने वाले प्रधानमंत्री इमरान के बयान को बड़ा गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को यह समझने की जरुरत है कि कंटेनर और अंतरराष्ट्रीय मंच में फर्क होता है। उनकी विदेश यात्रा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।”

मुस्तफा नवाज खोखर ने ऐसे उदाहरणों का हवाला देते हुए इमरान खान के बयानों की खूब आलोचना की और कहा कि इमरान खान के विदेश में भाषण देने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पर बैन लगना चाहिए।

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी पर शक जताते हुए खोखर ने कहा, “विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी खुद प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं इसलिए उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। ऐसा संभव है कि वह जानबूझकर खान को गलत रास्ते पर ले जा रहे हों।”

गौरतलब है कि बीते दिनों इमरान खान के भाषणों और हरकतों की वजह से पाकिस्तान को सोशल मीडिया से लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में काफी फजीहत का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण पाकिस्तान के कई लोग अपने प्रधानमंत्री (इमरान खान) की आलोचना करते नहीं थक रहे।

लड़के-लड़की का साथ घूमना गैर-इस्लामिक, यूनिवर्सिटी में लगा बैन: लोगों ने कहा- ‘पूरे मुल्क में लागू हो फरमान’

पाकिस्तान की बाचा खान यूनिवर्सिटी ने अपने परिसर में ‘शिष्टाचार और अनुशासन’ बनाए रखने के लिए हाल ही में एक फरमान निकाला है। जानकारी के मुताबिक इस फरमान के अनुसार किसी लड़के-लड़की को साथ घूमने की आजादी नहीं है, क्योंकि इसे गैर-इस्लामिक बताते हुए कॉलेज परिसर में बैन कर दिया गया है।

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के चरसड्डा में स्थित इस विश्वविद्यालय में यह सर्कुलर 23 सितंबर को निकाला गया। इसे जारी करने वाले का नाम असिस्टेंट चीफ प्रॉक्टर फरमानुल्लाहों हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यूनिवर्सिटी में जारी हुए सर्कुलर में स्पष्ट रूप से लिखा है कि कॉलेज परिसर में ‘कपलिंग’ यानी जोड़े में घूमने पर बैन है।

सर्कुलर में बताया गया है कि ऐसी गतिविधियाँ गैर-इस्लामिक है और छात्रों को इनमें शामिल होने से रोका जाता है। इसके अलावा अगर कोई छात्र-छात्रा (जोड़े में) घूमते नजर आते हैं तो उनकी शिकायत उनके माता-पिता तक जाएगी। साथ ही उन्हें भारी जुर्माना भी देना होगा।

अब इस मामले में खास बात ये है कि पाकिस्तान यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किया गया ये सर्कुलर ट्विटर पर वायरल हो गया है, जिसके चलते लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, कुछ पाकिस्तानिों का मानना है कि ये यूनिवर्सिटी द्वारा उठाया शर्मनाक कदम है, वहीं कुछ का कहना है कि ऐसे सर्कुलर हर यूनिवर्सिटी में जारी होने चाहिए।

कुछ यूजर्स पाकिस्तान यूनिवर्सिटी के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हम कौन सी सदी में जी रहे हैं, तो कुछ इसके लिए बाचा खान यूनिवर्सिटी की सराहना कर रहे हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने पूछा है कि क्या ऐसे फैसलों से भूकंप जैसी आपदाएँ रुक जाएगीं, तो दूसरा शख्स मजाक उड़ाते हुए बोल रहा है कि ऐसे लोगों के लिए हज पर अलग से इंतजाम किया जाएगा।

ऐसे ही सोशल मीडिया पर ये सर्कुलर वायरल होता देख एक महिला यूजर ने बाचा खान यूनिवर्सिटी में दो पुरुष छात्रों पर एक साथ घूमने पर बैन की माँग उठाई है।

यहाँ बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इस फैसले को इस्लाम की शिक्षा की ओर एक बेहतरीन कदम भी बताया जा रहा है और ये भी माँग उठाई जा रही है कि उनके पूरे मुल्क में ऐसे पाबंदी औरती पर लगा दी जाए। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस खबर को सुनने के बाद बाचा खान यूनिवर्सिटी से सवाल पूछ रहे हैं कि वो कौन से कानून के तहत ऐसा कर रहे हैं? ये शर्मनाक है।

25000 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड में शरद पवार बिना समन पहुँच रहे ED ऑफिस, राजनीतिक स्टंट!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार को उनके दफ्तर आने पर रोक लगा दी है। ईडी ने शरद पवार से दफ्तर न आने का अनुरोध किया है और साथ ही कहा है कि जब उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किया जाए तभी वो ईडी दफ्तर पहुँचें। दरअसल, पवार पर महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।

हालाँकि ईडी ने अब तक उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है, इसके बावजूद पवार शुक्रवार (सितंबर 27, 2019) दोपहर 2 बजे ईडी दफ्तर पहुँचने वाले हैं। इसको लेकर बलार्ड पियर स्थित ईडी दफ्तर के बाहर और मुंबई के सात पुलिस थानों में धारा 144 लगा दी गई है। इधर, जाँच के लिए राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यालय में एक पुलिस दल स्निफर डॉग के साथ पहुँचा है।

बता दें कि एनसीपी का कार्यालय भी बलार्ड पियर में ही है, जहाँ पर ईडी का कार्यालय है। इसको लेकर काफी संभावना है कि पवार के आने पर अधिक संख्या में एनसीपी के समर्थक जुटेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले, जब ईडी ने इस मामले में पवार का नाम लिया था, तो एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई, बारामती और पुणे में विरोध प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की आशंका और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए, ईडी कार्यालय के बाहर धारा 144 के तहत लोगों के समूहों के आंदोलन को प्रतिबंधित करने के आदेश दिए गए हैं।

चुनावी माहौल में अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद पवार ने गुरूवार (सितंबर 25, 2019) को ट्वीट करते हुए कहा था कि वह खुद ईडी दफ्तर जाएँगे। पवार ने कहा था कि वह महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले के संबंध में अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जाँच एजेंसी के सामने पेश होंगे।

गौरतलब है कि मामला 25,000 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड से जुड़ा है। जाँच एजेंसी ने कर्ज देने और अन्य प्रक्रिया में कथित अनियमितता की जाँच के लिए पवार, और उनके भतीजे अजित पवार के साथ ही तकरीबन 70 अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी का मामला मुंबई पुलिस की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें बैंक के निदेशकों, राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सहकारी बैंक के 70 पूर्व पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।

पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए आई हूँ: रूसी महिलाओं ने गया में किया पिंडदान

भारत का सनातन धर्म और इसकी परम्पराएँ विश्व भर में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। विश्व के कई ऐसे देश हैं, जहाँ के लोग वर्षों से भारत आते रहे हैं और यहाँ की धार्मिक परम्पराओं पर रिसर्च करते रहे हैं। यह भारत की संस्कृति के प्रभाव का ही उदाहरण है कि हर साल गया में आयोजित पितृपक्ष मेले में दूसरे देशों के लोग भी आकर पितृ मुक्ति के लिए पिंडदान करते हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार (26 सितंबर) को रूस से छ: महिलाओं ने देवघाट पर पिंडदान किया। रूस से आई इन महिलाओं ने कहा कि गया उनके लिए बहुत ख़ास जगह है, यह बहुत स्पेशल है। उन्होंने कहा कि कर्मकांड की महत्ता की वजह से इस स्थान का महत्व और भी बढ़ जाता है।

पिंडदान करती रूसी महिलाएँ (तस्वीर सौजन्य: इंडिया टुडे)

रूसी महिलाओं ने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए सभी अनुष्ठान किए और सनातन धर्म के अनुसार फल्गु नदी में ‘पिंड दान’ किया। इस अनुष्ठान प्रक्रिया में पुजारी लोकनाथ गौड़ ने इन महिला तीर्थयात्रियों मदद की। उन्होंने कहा, “पिंड दान के लिए आने वाली महिलाएँ रूस के विभिन्न क्षेत्रों में रहती हैं। ये महिलाएँ ऐलेना कशिटसाइना, यूलिया वेर्मिन्को, एरेस्को मैगिटा, औक्सना कलीमेंको, इलोनोरा खातीबोबा और इरीना खुचमिस्तोबा हैं।”

फल्गू नदी में पिंडदान करती रूसी महिलाएँ (तस्वीर सौजन्य: प्रभात ख़बर)

गौड़ ने कहा कि महिलाओं का मानना ​​था कि अनुष्ठान करने से उनके पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलेगी। रूसी महिलाओं ने दान की सभी रस्में भारतीय वेशभूषा में निभाईं।

ऐलेना कशिटसाइना ने कहा, “भारत धर्म और आध्यात्मिकता का देश है। मुझे गया में आंतरिक शांति की अनुभूति होती है। मैं यहाँ अपने पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए आई हूँ।”

अपने पूर्वजों के लिए मोक्ष की कामना करती रूसी महिलाएँ (तस्वीर साभार: प्रभात ख़बर)

इंडिया टुडे की ख़बर के अनुसार, पिछले साल, रूस, स्पेन, जर्मनी, चीन, कजाकिस्तान के 27 विदेशी पर्यटकों ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए ‘पिंड दान’ किया था। लोकनाथ गौड़ कहते हैं कि हर साल पितृ पक्ष के अवसर पर, विदेशी पर्यटकों का एक समूह अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने की मंशा से यहाँ आता है। उन्होंने कहा कि यह जत्था बिहार के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के बाद स्वदेश लौट जाएगा।

‘पिंड दान’ के लिए लाखों लोग गया आते हैं, इस साल 28 सितंबर तक यह संख्या क़रीब आठ लाख तक पहुँचने की उम्मीद है।

NASA ने जारी की 3 हाई रेजॉलूशन तस्वीरें, कहा- लैंडर विक्रम की हुई थी हार्ड लैंडिंग

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रयान-2 मिशन के लैंडर विक्रम पर एक नई जानकारी दी है। नासा ने 26 सितंबर को 3 तस्वीरें जारी करते हुए बताया है कि भारत के चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर ने चाँद पर हार्ड लैंडिंग की थी। नासा ने बताया कि इसकी और अधिक तस्वीरें अब अक्टूबर में ली जाएँगी।

हार्ड लैंडिंग हुई यह कंफर्म है, लोकेशन और लैंडर का अभी तक पता नहीं (फोटो साभार: NASA)

बता दें कि ये हाई रेजॉलूशन तस्वीरें नासा के लूनर रेकॉन्सेंस ऑर्बिटर (Lunar Reconnaissance Orbiter) कैमरा के जरिए खींची गई हैं। नासा की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “चंद्रमा की सतह पर विक्रम की हार्ड लैंडिंग हुई, यह स्पष्ट है। मगर लैंडर के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। तस्वीरें शाम के अंधेरे में ली गईं हैं। बाकी तस्वीरें अक्टूबर में बेहतर प्रकाश की स्थिति में ली जाएँगी।”

नासा ने कहा कि लैंडर विक्रम को 6 सितंबर को शाम के 4:24 बजे चाँद की सतह पर लैंड करना था। चाँद पर सॉफ्ट लैंडिंग का यह भारत का पहला प्रयास था। अमेरिकी स्पेस एजेंसी के अनुसार, लूनर रेकॉन्सेंस ऑर्बिटर, लैंडिग साइट के ऊपर से 17 सितंबर को क्रॉस किया। इस दौरान एलआरओसी ने कई सारी हाई रेजॉल्यूशन तस्वीरें ली हैं। मगर शाम का समय होने के कारण वहाँ पर अधिकतर क्षेत्र धुँधला था। विक्रम लैंडर भी इसी धुँधले क्षेत्र में छिपा हो सकता है।

विक्रम लैंडिंग साइट का व्यू, इमेज विड्थ 87 किलोमीटर (फोटो साभार: NASA)

नासा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एलआरओ एक बार फिर लैंडिंग साइट के पास पहुँचने का प्रयास करेगा। अक्टूबर में जब प्रकाश की स्थिति अनुकूल होगी तो एक और कोशिश की जाएगी।

लैंडिंग साइट की नैरो एंगल तस्वीर (फोटो साभार: NASA)

गौरतलब है कि ‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ का 7 सितंबर को चाँद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ के प्रयास के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था। विक्रम 2 सितंबर को आर्बिटर से अलग हो गया था। विक्रम ने ‘रफ ब्रेकिंग’ और ‘फाइन ब्रेकिंग’ चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था, लेकिन ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ से पहले इसका संपर्क धरती पर मौजूद स्टेशन से टूट गया था। नासा के ताजा बयान से पता चलता है कि चंद्रमा के जिस अनछुए सतह पर भारत के महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट चंद्रयान-2 की सॉफ्ट लैंडिंग होनी थी, तकनीकी गलती की वजह से वहाँ लैंडर विक्रम की हार्ड लैंडिंग हुई।

IPS ऑफिसर SMH मिर्ज़ा गिरफ्तार: नारदा स्टिंग मामले में तृणमूल सांसदों, मंत्रियों के साथ रिश्वत का आरोप

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नारदा स्टिंग मामले में लिप्त रहने के आरोप में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के शीर्ष अधिकारी एसएमएच मिर्ज़ा को गुरुवार (26 सितंबर, 2019) को गिरफ़्तार कर लिया गया है। बता दें कि इस मामले में यह पहली गिरफ़्तारी है। गिरफ़्तारी के बाद पुलिस अधिकारी मिर्ज़ा को बैंकशाल कोर्ट में CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया था, जहाँ उन्हें पाँच दिनों तक यानी 30 सितंबर तक CBI हिरासत में भेज दिया गया। IPS मिर्ज़ा उस समय वर्धमान ज़िले के पुलिस अधीक्षक थे, जब नारद न्यूज़ पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल्स ने यह स्टिंग ऑपरेशन किया था। इसमें उन्हें पाँच लाख रुपए की कथित रिश्वत लेते देखा गया था।

ग़ौरतलब है कि नारदा स्टिंग मामला 2016 में सामने आया था। नारद न्यूज़ के मैथ्यू सैमुअल्स ने 2014 में 52 घंटे की वीडियो फुटेज वाला जो स्टिंग ऑपरेशन किया था, उसे उन्होंने 2016 में बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपलोड किया था। इस वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसदों, मंत्रियों और कोलकाता नगर निगम के मेयर को काम करने के एवज़ में पैसा लेते हुए दिखाया गया था।

स्टिंग ऑपरेशन में मिर्ज़ा ख़ुद यह कहते हुए दिखे कि वे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई मंत्री, सासंद, विधायक व नेताओं के काफ़ी क़रीबी हैं। इस मामले में CBI मिर्ज़ा से उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ करना चाहती है। साथ ही अन्य आरोपितों के साथ मिर्ज़ा का क्या आर्थिक लेन-देन हुआ, इसका भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी।

इस मामले में हुई पहली गिरफ़्तारी पर बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा का कहना है कि जल्द ही अन्य गिरफ़्तारियाँ होंगी। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि IPS मिर्ज़ा की गिरफ़्तारी बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी।

इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI को जाँच सौप दी गई थी। CBI ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के 12 शीर्ष नेताओं और एक IPS अधिकारी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। इन नेताओं में सांसद और पश्चिम बंगाल के मंत्री भी शामिल थे, जिनके ख़िलाफ़ रिश्वत और आपराधिक कदाचार से निपटने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ के लिए उन्हें निजाम पैलेस में आठ बार समन जारी किया गया था, इसके बाद उनकी गिरफ़्तारी हुई।

पाकिस्तान भी कोई देश है… पूर्व प्रधानमंत्री के साथ हिरासत में मारपीट, मुँह पर पानी वाला ग्लास फेंक कर मारा

भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी के साथ अधिकारियों ने मारपीट की और उनके मुँह पर पानी का गिलास फेंक दिया। जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद अब्बासी से अधिकारी पूछताछ कर रहे थे। इस दौरान एक अफसर नाराज हो गया और उनके मुँह पर पानी का गिलास फेंक कर मारा। बता दें कि भ्रष्टाचार के आरोप में इसी साल 19 जुलाई को अब्बासी को गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद से वे नेशनल अकांउटबिलिटी ब्यूरो (NAB) की हिरासत में हैं।

जियो न्यूज़ के अनुसार, अब्बासी से नैब के मुख्यालय में पूछताछ की जा रही थी। पूछताछ के दौरान अब्बासी ने कुछ सवालों को जवाब देने से इनकार कर दिया। उनके इस बर्ताव से नैब का एक अधिकारी गुस्से में आ गया। उसने आपा खोते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री से मारपीट की। मारपीट के बाद उसने गुस्से में पानी से भरा ग्लास अब्बासी पर फेंक दिया। हालाँकि, नैब की टीम में शामिल मोहम्मद जुबैर ने हालात को संभाल लिया। बताया जा रहा है कि अफसर ने मामले की रिपोर्ट रावलपिंडी नैब के महानिदेशक इरफान नईम मंगी को सौंपी है।

गौरतलब है कि 60 वर्षीय अब्बासी पर आरोप है कि जब वह पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कैबिनेट में पेट्रोलियम मंत्री थे, तब उन्होंने एलएनजी टर्मिनल के लिए नियमों के खिलाफ जाकर 15 साल का अनुबंध दिया था। इस घोटाले के कारण पाकिस्तान को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। एनएबी ने यह मामला 2016 में बंद कर दिया था, लेकिन 2018 में इस मामले को फिर से खोला गया।

हालाँकि नैब प्रवक्ता ने इस बारे में पूछे जाने पर इसे पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि ‘जियो न्यूज’ की यह सूचना पूरी तरह से आधारहीन और झूठी है। वहीं अदालत में पेश हुए अब्बासी की बात से यह साफ हुआ कि यह घटना वास्तव में घटी है।

वैसे, पाकिस्तान में राष्ट्राध्यक्षों से मारपीट का ये पहला मामला नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्रियों को हिरासत में बेइज्जत किए जाने के मामले पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। इससे पहले जनरल जिया उल हक के शासन में पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो और जनरल मुशर्रफ के शासन में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ जाँच एजेंसियों ने मारपीट की थी।

कौशाम्बी दलित नाबालिग गैंगरेप: पकड़ा गया तीसरा आरोपित मोहम्मद आकिब उर्फ बड़का, ₹25000 का था इनाम

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी गैंग रेप केस में आरोपित ₹25 हजार के इनामी मोहम्मद आकिब उर्फ बड़का को कौशाम्बी पुलिस ने सराय अकिल इलाके से हिरासत में ले लिया है। आकिब पर अपने दो दोस्तों आदिल, नाजिक के साथ मिल कर एक दलित नाबालिग लड़की का बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। शनिवार को हुई इस घटना का मुख्य आरोपित मोहम्मद आदिल उर्फ़ छोटका उर्फ आतंकवादी को पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है। एक अन्य आरोपित नाज़िक को पहले ही ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। इनकी धर-पकड़ के लिए पुलिस ने पाँच टीमें गठित की थीं। आज बड़का की गिरफ़्तारी के साथ पुलिस का यह अभियान सफलतापूवक सम्पन्न हो गया है।

बता दें कि घोसिया गाँव में घास काटने गई दलित नाबालिग लड़की के साथ नाज़िक, आकिब (बड़का) और आदिल (छोटका) ने बलात्कार किया था। तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो बनाने का काम आकिब ने किया था। वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है पीड़िता दलित नाबालिग लड़की गिड़गिड़ा रही है, ‘भैया आप मुझे जानते हो, अल्लाह के लिए छोड़ दो” फिर भी इन दरिंदों को रहम नहीं आई। वह रोती, चीखती, चिल्लाती रही और आदिल, नजिक जैसे दरिंदे उसकी चीख को फिल्माते रहे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दलित नाबालिग लड़की की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुँचे, नाजिक को पकड़ लिया, और उसकी जमकर पिटाई की। लेकिन बाकी दोनों मौक़े से भागने में क़ामयाब रहे थे।

पुलिस पर गोलीबारी करने लगा था ‘आतंकवादी’

पुलिस को ख़बर मिली थी कि आरोपित आदिल रावतपुर गाँव में छिपा हुआ है। इसके बाद चार थानों की पुलिस वहाँ उसे गिरफ़्तार करने पहुँचीं। आरोपित आदिल जंगल में स्थित एक मजार में छिपा हुआ था। जैसे ही पुलिस ने उसकी घेराबंदी की, वह तमंचे से गोलीबारी करने लगा। पुलिस सादी वर्दी में हथियारों से लैस होकर पहुँची थी। पहले तो ग्रामीणों को लगा कि गैंगवार जैसी कोई स्थिति उत्पन्न हो गई है लेकिन जैसे ही उन्हें असलियत पता चली, वे सभी पुलिस की तारीफ करने लगे।

इन्हें फाँसी तक चैन नहीं, खुद लड़ेगी केस

पीड़िता ने साफ़-साफ कहा है कि जब तक आरोपितों को फाँसी की सज़ा नहीं मिल जाती, तब तक उसे शांति नहीं मिल सकती है। पीड़िता ने मदद करने वाले नेताओं व संगठनों को धन्यवाद करते हुए लोगों से आगे आने की अपील की। पीड़िता ने कहा कि वह ख़ुद क़ानूनी लड़ाई लड़ेगी। आरोपित की गिरफ़्तारी करने वाली टीमों को ₹25 हज़ार का इनाम भी दिया जाएगा। वहीं पीड़िता का हालचाल जानने के लिए लगातार नेताओं की लाइन लगी रही। दलित सेना संगठन ने एसपी से मुलाक़ात कर आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।