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ग्रीन रूम में घुसा TMC नेता, बंदूक की नोंक पर किया महिला सिंगर का यौन उत्पीड़न

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के माणिकतला में एक कार्यक्रम में परफॉर्म कर रही महिला गायक के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की गई। पीड़ित गायिका ने शुक्रवार (सितंबर 6, 2019) को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता भानु पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

घटना गुरूवार (सितंबर 5, 2019) रात की है। महिला सिंगर माणिकतला के मुरारीपुकुर क्लब में आयोजित प्रोग्राम में बैंड के साथ परफॉर्म करने पहुँची थी। आधी रात में ब्रेक लेने के लिए वह स्टेज से सटे ग्रीन रूम में गई। इसी दौरान भानु के साथ ही क्लब के कुछ मेंबर भी अंदर घुस आए और गायिका से बातचीत करने की कोशिश की।

पीड़िता ने बताया कि पहले उनलोगों ने किडनी की बीमारी से जूझ रहे उसके पिता के इलाज के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की बात कही। फिर उनलोगों ने ग्रीन रूम से सभी कालाकारों को बाहर निकाल दिया। एक कलाकार को तो धक्का भी दे दिया। इसके बाद बंदूक की नोंक पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।

पीड़ित महिला सिंगर का आरोप है कि आरोपित ने उसे तकरीबन आधे घंटे तक टॉर्चर किया। उसने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे, जिसमें महिलाएँ भी थीं। लेकिन, उसके चिल्लाने पर भी कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच जारी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अल्लाह और मज़हब के नाम पर बॉलीवुड छोड़ने वाली ज़ायरा की नई फ़िल्म, प्रियंका के साथ पुरानी तस्वीरें वायरल

फ़िल्म अभिनेत्री ज़ायरा वसीम की नई मूवी आ रही है। ज़ायरा वसीम ने जून 2019 में यह कह कर फ़िल्म इंडस्ट्री छोड़ने की घोषणा की थी कि अभिनय उन्हें अल्लाह और मज़हब से दूर कर रहा है। अब उनकी नई फ़िल्म आ रही है, जिसमें प्रियंका चोपड़ा और फरहान अख्तर भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म 11 अक्टूबर को रिलीज होगी। ज़ायरा वसीम की एक पुरानी फोटो भी वायरल हुई है, जिसमें वह प्रियंका और फरहान के साथ किसी बीच पर दिख रही हैं।

प्रियंका चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर इस फोटो को पोस्ट किया, जिसमें ज़ायरा वसीम भी दिख रही हैं और वह काफ़ी ख़ुश नज़र आ रही हैं:

जब ज़ायरा ने लम्बा-चौड़ा पोस्ट लिख कर अभिनय से दूरी बनाने का ऐलान किया था, तब कई लोगों ने अंदेशा जताया था कि वह अपनी अगली फ़िल्म के प्रमोशन के लिए जानबूझ कर कंट्रोवर्सी क्रिएट कर रही हैं। ज़ायरा की नई फ़िल्म ‘The Sky Is Pink’ का प्रमोशन चालू हो चुका है और इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई कुछ तस्वीरों में वह अपने को-स्टार्स के साथ दिखाई दी हैं। इस फोटो को ज़ायरा के सह-अभिनेता रोहित सुरेश सर्राफ ने इंस्टाग्राम पर डाला:

ट्विटर पर एक यूजर ने पूछा कि क्या ज़ायरा वसीम के लुन्गी पहनने से इस्लाम ख़तरे में नहीं आता? बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा करते समय ज़ायरा ने कई जगह पाक किताब कुरान को उद्धृत करते हुए बताया था कि कैसे बॉलीवुड उन्हें कुरान के इल्म और सच के मार्ग से भटका रहा था। उन्होंने कबूल किया था कि अपने पेशे से वह खुश नहीं हैं।

एक अन्य यूजर ने पूछा कि क्या इस पहनावे से उनकी मज़हबी मान्यताएँ प्रभावित्र नहीं हो रही हैं? उसे जवाब देते हुए एक अन्य यूजर ने एक ‘विक्टिम कार्ड’ का फोटो ट्वीट किया। ज़ायरा के अभिनय छोड़ने की घोषणा के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने संभावना जताई थी कि उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड के कहने पर ऐसा किया होगा।

लोगों ने पूछा कि जब ज़ायरा वसीम ने बॉलीवुड छोड़ दी है तो वह इन सेलेब्स के साथ क्या कर रही हैं? लोग अभी भी इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में हैं कि ज़ायरा की बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा कब से लागू होगी और कब तक चलेगी? कुछ लोगों ने तो यहाँ तक दावा किया कि वह आध्यात्मिक शांति के लिए बीच (समुद्र के किनारे) पर गई हैं।

‘नॉर्थ-ईस्ट से थे घटोत्कच, मणिपुर में हुई थी अर्जुन की शादी…Article 371 से नहीं होगी छेड़छाड़’

महाभारत युद्ध में वर्णित घटोत्कच और बभ्रुवाहन को केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर-पूर्व से संबंधित बताया है। गुवाहाटी में नॉर्थ ईस्ट काउंसिल (एनईसी) के 68वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद शाह का नॉर्थ-ईस्ट का यह पहला दौरा है। वे ऐसे वक्त में असम पहुॅंचे हैं जब 31 अगस्त को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की रिपोर्ट जारी की गई है।

एनईसी को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने भगवान श्री कृष्ण और पांडव अर्जुन का संबंध भी उत्तर-पूर्व से जोड़ा। कहा कि अर्जुन की शादी भी यही मणिपुर में हुई थी। श्री कृष्ण के पोते का विवाह भी नॉर्थ ईस्ट मे हुआ था। साथ ही शाह ने उत्तर-पूर्व के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी विशिष्ट संस्कृति के संरक्षण के लिए बने संविधान के अनुच्छेद 371 का भाजपा सरकार सम्मान करती है और उसके साथ वह छेड़छाड़ नहीं करेगी।

प्राज्ञज्योतिषपुर में हुई थी घटोत्कच की शादी

महाभारत और स्कन्द पुराण के अनुसार पांडव भीम के बेटे घटोत्कच का विवाह भगवान श्री कृष्ण ने अपने हाथों मारे गए प्राज्ञज्योतिषपुर (महाभारत काल में असम का नाम) के राजा नरकासुर की बेटी मौरवी/अहिलावती के साथ तय किया था। इसी तरह महाभारत में अर्जुन के पांडवों को मिले वनवास के समय मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा से विवाह करने का भी ज़िक्र है। शाह इन्हीं का उल्लेख कर रहे थे। इसके अलावा भगवान श्री कृष्ण के पोते प्रद्युम्न ने भी असम के शासक बाणासुर की बेटी उषा से विवाह किया था।

‘371 का करते हैं हम सम्मान’

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से उत्तर-पूर्व की विशिष्ट संस्कृति के संरक्षण के लिए बने संविधान के अनुच्छेद 371 के भविष्य पर भी कुछ लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया था। यह अनुच्छेद भी उत्तर-पूर्व के राज्यों की विधानसभाओं को राष्ट्रीय संविधान में हुए संशोधनों को लागू करने के बारे में विवेकाधिकार देता है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह 370 की तरह व्यापक नहीं, बल्कि केवल स्थानीय संस्कृति को सीधे-सीधे प्रभावित करने वाले विषयों तक ही सीमित है। इसलिए शाह ने भरोसा दिलाया कि इन प्रावधानों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

‘भाजपा तो महमूद गजनवी की भी ग्रैंडफादर, उसने रहम कर छोड़ दिया था, इन्होंने कुछ नहीं छोड़ा’

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह राजपूत ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी की तुलना महमूद गजनवी से की है। उन्होंने कहा कि गजनवी ने देश को लूटा और बीजेपी वाले पूरा खजाना लूटकर ले गए।

राजपूत रविवार (सितंबर 8, 2019) को ग्वालियर में थे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महमूद गजनवी जब हिंदुस्तान लूटने के लिए आया तो सोमनाथ मंदिर को लूटा था। उसने रहम करके कुछ छोड़ दिया था, लेकिन भाजपा तो गजनवी की भी ग्रैंडफादर निकली। उसने तो प्रदेश में कहीं कुछ नहीं छोड़ा। शिवराज के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पिछले 15 सालों में ऐसा कोई विभाग नहीं छोड़ा जहाँ लूट नहीं की गई हो। पूरा प्रदेश खोखला हो गया है। इसी समस्या से सीएम कमलनाथ को जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कर्ज के गर्त में है, पूरा प्रदेश खोखला है। जिसकी वजह से कमलनाथ सरकार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हालाँकि इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार के बीच जारी सियासी घमासान पर प्रतिक्रिया देने से वे बचते दिखे। राजपूत ने कहा, “दिग्विजय सिंह देश के बड़े नेता हैं और उमंग सिंघार भी प्रदेश के बड़े नेताओं में से एक हैं। ऐसे में इसको लेकर मैं कोई ज्यादा टिप्पणी नहीं करूँगा, ये कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के अधिकार क्षेत्र की बात है।”

प्रदेश के बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस के मंत्री भाजपा नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इसलिए इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि उनकी सरकार की 9 महीने की विफलताओं पर किसी का ध्यान न जाए।

तुम्हारे बाप का ऑफिस है क्या?: मायावती के गठबंधन साथी ने डिप्टी कमिश्नर को धमकाया

पंजाब में लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस द्वारा डिप्टी कमिश्नर के साथ बदतमीजी करने का मामला सामने आया है। मामला गुरदासपुर का है। दोनों की कहासुनी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में विधायक बैंस अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। ये झड़प डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर में ही हुई। विधायक के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया गया है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक ने डिप्टी कमिश्नर से कहा- “ये तेरे बाप का ऑफिस है क्या?” इस पर डिप्टी कमिश्नर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि ये जो आप बाप-बाप की रट लगाए बैठे हैं, यह सही भाषा नहीं है। सिमरजीत सिंह के भाई भी विधायक हैं और लुधियाना की राजनीति में बैंस बंधुओं का ख़ासा दबदबा है। एसडीएम की शिकायत के बाद सिमरजीत बैंस के ख़िलाफ़ बदसलूकी का मामला दर्ज हुआ है।

सिमरजीत सिंह बैंस लोक इंसाफ पार्टी के संस्थापक हैं। वह 2017 पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन में रह चुके हैं। फिलहाल उनकी पार्टी पंजाब डेमोक्रेटिक अलायन्स का हिस्सा है, जिसमें मायावती की बसपा, वामपंथी सीपीआई और अन्य पार्टियाँ शामिल हैं। इस गठबन्धन ने मायावती को प्रधानमंत्री चेहरा घोषित कर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था।

‘हम दुनिया के बेस्ट सुसाइड बम बनाते हैं’ – पाकिस्‍तान के विज्ञान और टेक्‍नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करने के बाद से बौखलाया पाकिस्तान सोशल मीडिया पर ट्रोल आर्मी बनकर रह गई है। इस काम में पाकिस्तान के बच्चे से लेकर वहाँ की सरकार के मंत्री तक शामिल हैं। हालाँकि पाकिस्तान में भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो पाकिस्तान के मंत्रियों की बेवकूफी पर शर्मिंदा हैं।

इस बार भारत के मिशन चंद्रयान पर हुए ‘ट्वीट वॉर’ की शुरुआत पाकिस्‍तान के विज्ञान और टेक्‍नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी ने की है। लेकिन उनका दाँव उल्टा पड़ गया। न सिर्फ चंद्रयान पर उन्हें जम कर गालियाँ पड़ीं बल्कि उनका 2013 का एक ऐसा ट्वीट ढूँढ लाया गया, जिससे वो पूरी दुनिया के लिए मनोरंजन का जरिया बन गए हैं।

पाकिस्‍तान के विज्ञान और टेक्‍नॉलजी मंत्री फवाद चौधरी ने नवंबर 06, 2013 को एक ट्वीट में लिखा था- “We make world’s best suicide bombers” यानी, “हम दुनिया के सबसे बेहतरीन आत्मघाती बम बनाते हैं।”

फवाद खान के इस ट्वीट के सामने आते ही ट्विटर यूजर्स ने उनका जमकर मजाक बनाया और फवाद खान ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। इसके बाद ट्विटर यूज़र्स ने फवाद खान की जमकर क्लास लगाई और अपनी प्रतिक्रियाएँ कुछ इस तरह से दी-

ट्विटर यूजर @rose_k01 ने इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए फवाद खान के लिए लिखा- “क्या हुआ ट्वीट क्यों डिलीट कर दिया मियाँ? आपने सुसाइड बम बनाने के पाकिस्तान के मुख्य पेशे के बारे में बताने वाला ट्वीट डिलीट क्यों किया?”

ऑपइंडिया CEO राहुल रौशन ने भी इसका मजाक बनाते हुए ट्वीट में लिखा- “Endians ने पाकिस्तान की विज्ञान और तकनीकी में हासिल की हुई उपलब्धियों को बताने वाले ट्वीट को डिलीट करने के लिए उसे मजबूर किया।”

जम्‍मू-कश्‍मीर पर भारत के फैसले से बौखलाए पाकिस्‍तान के नेता और मंत्री लगातार अपनी इन्हीं हरकतों की वजह से हास्य का विषय बन चुके हैं। इसी क्रम में कुछ समय पहले ही पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता आसिफ गफूर ने भी भारत पर निशाना साधने की कोशिश की थी लेकिन खुद ही मजाक बन गए। गफूर ने भारत के चंद्रयान-2 पर 900 करोड़ रुपए के खर्च को 900 अरब बता दिया।

इससे पहले भी चंद्रमा की सतह से ठीक पहले ‘विक्रम’ के खो जाने के एक ट्वीट पर फवाद चौधरी ने लिखा- “जो काम आता नहीं, पंगा नहीं लेते ना….डियर इंडिया।”

फवाद चौधरी ने एक भारतीय ट्वीट पर रिप्‍लाई करते हुए लिखा- “सो जा भाई, चंद्रमा की बजाय मुंबई में उतर गया खिलौना।” पाकिस्‍तानी मंत्री फवाद चौधरी के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर कॉमेंट की बाढ़ सी आ गई।

एक यूजर ‘बाला’ ने लिखा- “तुम पाकिस्‍तानी लोग केवल बकरियों और टमाटर के सपने देखो। जाओ और दुनिया के हरेक राजधानी में भीख माँगने का काम जारी रखो।”

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फेक न्यूज़ फ़ैलाने में फँसे ‘पत्तलकार’, दलितों पर अत्याचार की खबर निकली प्रोपगेंडा

उत्तर प्रदेश में पुलिस ने फेक न्यूज़ फ़ैलाने में दो पत्रकारों के खिलाफ FIR दर्ज की है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने बिजनौर के तीतरवाला बासी गाँव के दलित परिवारों के बारे में फेक न्यूज़ फैलाई थी कि वे अत्याचारों से आजिज़ आ गाँव छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनमें से एक स्थानीय अख़बार के साथ काम करता है और दूसरा स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल का रिपोर्टर है।

विशाल और राशिद नामक इन पत्रकारों ने दावा किया था कि गाँव के हैंडपंप से पानी निकालने से रोके जाने पर तीतरवाला बासी गाँव का एक दलित परिवार गाँव छोड़ने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने दलितों को पानी लेने से रोकने का आरोप दलित समुदाय के ही एक प्रभावशाली परिवार पर लगाया था।

बिजनौर के एसपी (शहर) लक्ष्मी निवास मिश्रा के मुताबिक विशाल और राशिद द्वारा चलाई गई खबरों की तफ्तीश करने पर पुलिस ने पाया कि कोई भी दलित परिवार गाँव नहीं छोड़ रहा है। पुलिस के दावे के मुताबिक पत्रकारों ने रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ की है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि दलितों ने अपने घर के आगे ‘घर बिकाऊ है’ का बोर्ड पत्रकारों की सलाह पर ही लगाया था। पत्रकारों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है।

इसके अलावा आजमगढ़ में भी एक पत्रकार को प्राइमरी स्कूल टीचर को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जनसंदेश टाइम्स के लिए स्ट्रिंगर (फ्रीलांस पत्रकार) के तौर पर काम करने वाले संतोष कुमार जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल प्रशासन को धमकी दे छात्रों और शिक्षकों की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया। सरकारी स्कूल शिक्षकों से वसूली की।

आजमगढ़ के फूलपुर स्थित एक स्कूल के प्रिंसिपल राधेश्याम यादव ने जायसवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यादव के मुताबिक जायसवाल ने छात्रों के हाथ में झाड़ू पकड़ाकर फोटो खींची थी। जायसवाल को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Breaking: विक्रम लैंडर की मिली लोकेशन, ऑर्बिटर से मिली थर्मल इमेज – इसरो प्रमुख

इसरो प्रमुख के शिवन ने मीडिया को सम्बोधित करते हुए बताया कि इसरो ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की स्थिति का पता लगा लिया है। चाँद की सतह पर विक्रम लैंडर की थर्मल इमेज ऑर्बिटर से मिल गई है। लेकिन उससे (विक्रम लैंडर से) सम्पर्क अभी भी स्थापित नहीं हो पा रहा है। शिवन ने कहा कि सम्पर्क स्थापित होने पर मीडिया को सूचित कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि, भारत के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चंद्रयान-2 का सफर अपनी मंजिल से महज 2.1 किलोमीटर पहले थम गया था। चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग से मात्र 2.1 किलोमीटर की दूरी से पहले कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। 

(यह डेवलपिंग स्टोरी है। और जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा। )

₹14,500 करोड़ के बैंक लोन फ्रॉड मामले में अहमद पटेल के बेटे को ED ने फिर किया तलब

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के करीबी और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्टर्लिंग बायोटेक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलब किया है। ईडी ने फैसल पटेल को गुरुवार (सितंबर 12, 2019) को पूछताछ के लिए पेश होने का आदेश दिया है।

ईडी गुजरात की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के संचालक संदेसरा बंधुओं के साथ अहमद पटेल के बेटे और दामाद के संबंधों और लेनदेन की जाँच कर रही है। बता दें कि, गुजरात में फॉर्मा क्षेत्र की इस कंपनी का संचालन वडोदरा का संदेसरा परिवार करता है। आरोप है कि 14,500 करोड़ रुपए के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में दवा कंपनी और उसके प्रमुख प्रवर्तक नीतिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा आरोपित हैं। फिलहाल, ये सभी फरार हैं। संदेसरा परिवार की प्रमुख राजनीतिज्ञों के साथ नजदीकी की भी प्रवर्तन निदेशालय जाँच कर रहा है। सीबीआई और आयकर विभाग भी इनके खिलाफ भ्रष्टाचार और कर चोरी के मामले में जाँच कर रहा है।

संदेसरा बंधुओं ने कारोबार बढ़ाने की बात कहकर स्टर्लिंग बायोटेक के नाम पर आंध्रा बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के समूह से 5,383 करोड़ रुपए का लोन लिया था। मगर उन्होंने वापस नहीं किया। बैंकों की शिकायत पर सीबीआई ने अक्टूबर 2017 में स्टर्लिंग बायोटेक के प्रमोटर नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और दीप्ति संदेसरा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।

ईडी ने जुलाई में अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी का बयान भी रिकॉर्ड किया था। फिर इसके बाद संदेसरा समूह के कर्मचारी सुनील यादव से भी सीबीआई ने पूछताछ की थी। बताया जाता है कि सुनील यादव ने ही
फैसल पटेल और संदेसरा बंधुओं के बारे में बताया था। स्टर्लिंग बायोटेक से जुड़ी लोन की धोखाधड़ी की कीमत करीब 14 हजार 500 करोड़ रुपए है और इस मामले में ईडी फैसल पटेल से पहले भी पूछताछ कर चुकी है।

‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ गाने वाले ‘ढोंगाचार्य’ को चाहिए चंद्रयान-2 की ‘असफलता’ का सबूत

कॉन्ग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन को चंद्रयान-2 की ‘असफलता’ के सबूत चाहिए। साथ ही वह विपक्ष से भी नाराज़ हैं, क्योंकि वह चंद्रयान-2 की नाकामी पर सरकार से सबूत की माँग नहीं कर रहा। 2014 में संभल और 2019 में लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ कर जमानत जब्त करा चुके प्रमोद कृष्णन इससे पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं। अपने आप को संत बताने वाले प्रमोद कृष्णन ने ट्विटर पर लिखा:

“सर्जिकल ‘स्ट्राइक्स’ और बालाकोट हमले के ‘सबूत’ माँगने से हुए भयंकर नुक़सान की वजह से विपक्ष इतना ‘भयभीत’ है कि चंद्रयान-2 की ‘असफलता’ पर भी कोई ‘सवाल’ नहीं उठा रहा।”

संभल स्थित कल्कि धाम के पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस की सभाओं में भी काफ़ी सक्रिय रहते हैं और यूपी में उन्हें पार्टी का आध्यात्मिक चेहरा माना जाता है। प्रमोद कृष्णन द्वारा यह कहना ग़लत है कि चंद्रयान-2 असफल हुआ, क्योंकि लैंडर विक्रम का चाँद की सतह पर उतरना इस मिशन का एक हिस्सा मात्र था, पूरा चन्द्रयान-2 मिशन की व्यापकता और उद्देश्य इससे कहीं बहुत बड़ा है।

इसरो प्रमुख के. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 अपने लक्ष्य का 95% प्राप्त करने में सफल रहा है। पूरे देश ने वैज्ञानिकों का हौंसला बढ़ाते हुए उन्हें आगे के मिशन और प्रोजेक्ट्स के लिए शुभकामनाएँ दी। यहाँ तक कि कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने भी इसरो वैज्ञानिकों की तारीफ करते हुए बयान दिया। ऐसे में, प्रमोद कृष्णन का ऐसा बोलना ख़ुद उन्हीं की पार्टी लाइन से अलग है।

प्रमोद कृष्णन लोगों के बीच अपने उस वीडियो की वजह से भी जाने जाते हैं, जिसमें उन्होंने उदित नारायण के गाने ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ को गाया था। मंच पर गायकों के साथ स्टेज साझा करते हुए उन्होंने झूमते हुए यह गाना गया था। आप भी उनकी इस परफॉरमेंस का आनंद उठा सकते हैं:

तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त: प्रमोद कृष्णन की आवाज़ में

प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस के टिकट पर संभल और लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें दोनों बार बुरी हार का सामना करना पड़ा था। जब भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी एक बड़े और महत्वपूर्ण मिशन को 95% सफल बता रही है, तब किसी नेता का इस तरह से बयान देना कहाँ तक उचित है? प्रमोद कृष्णन हमेशा साधु के वेश में रहते हैं और सफ़ेद वस्त्र पहनते हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्र उन्हें ‘ढोंगाचार्य’ कहते हैं।

वैसे, प्रमोद कृष्णन ने यह साफ़ नहीं किया कि उन्हें किस प्रकार का सबूत चाहिए? अभी इसरो अगले 14 दिनों तक लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करेगा। अभी तक इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है कि विक्रम ने क्रैश लैंडिंग की। ऐसे में प्रमोद कृष्णन सबूत के रूप में क्या चाहते हैं, यह सोचने लायक बात है।