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सुसाइड नोट में चिदंबरम को जिम्मेदार बता पूर्व वायुसेना कर्मचारी ने लगाई फॉंसी

उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में रविवार (अगस्त 8, 2019) को आर्थिक तंगी से परेशान चल रहे वायुसेना के पूर्व कर्मचारी बिजन दास ने एक होटल में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अपने इस कदम के पीछे बिजन ने मंदी और भ्रष्टाचार को वजह बताया है। साथ ही सुसाइड नोट में इन हालातों के लिए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को दोषी ठहरायाहै।

सुसाइड नोट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने गायक बेटे की मदद करने की भी गुहार लगाई है। साथ ही जिला प्रशासन से गुजारिश की कि उनके शव को उनके परिवार को न सौंपकर प्रयागराज में ही दफना दिया जाए।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

जानकारी के मुताबिक बिजन असम के दरांग जिले के मंगलदाई थाना क्षेत्र के निवासी थे और 6 सितंबर को वह इलाहाबाद आए थे। यहाँ उन्होंने करीब 1:30 बजे प्रयाग होटल में एक कमरा लिया था और तब से वो यहीं थे।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रविवार की सुबह से ही उनके कमरे में कोई हलचल नहीं थी। सुबह 8 बजे जब सफाईकर्मी उनके कमरे में सफाई करने पहुँचा तो दरवाजा नहीं खुला, उसे लगा बिजन सो रहे हैं, इसलिए वो वापस आ गया। लेकिन जब 10 बजे चाय और 11 बजे नाश्ते के वक्त भी बिजन का दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

करीब 3:30 बजे पुलिस आई तो कमरे को खोला गया, जहाँ बिजन का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना बिजन के घरवालों को दी और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। फिलहाल मामले की जाँच जारी है।

साभार: आजतक

कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को कमरे से शराब की खाली शीशी, सिगरेट, चिप्स के पैकेट और एक मोबाइल मिला। इसके अलावा टेबल पर पाँच पन्नों का एक सुसाइड नोट भी था। जिसमें खुलासा हुआ कि मृतक अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान था। जिसके लिए वह मंदी, भ्रष्टाचार और चिंदंबरम को दोषी मानता है।

साभार:आजतक

अपने सुसाइड नोट में मृतक ने प्रधानमंत्री मोदी से अपने गायक लड़के के लिए मदद की गुहार लगाई है और साथ ही बताया है कि उनका लड़का 2010 में लिटिल चैंप में भी शामिल हो चुका हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह आगे नहीं बढ़ पाया। बिजन ने अपने सुसाइड नोट में दरख्वास्त की है कि उनके शव के पास उनके परिवार या फिर उनके बेटे को न बुलाया जाए, क्योंकि वो नहीं चाहते उनका बेटा उनका शव देखे।

दैनिक जागरण में प्रकाशित बिजन के सुसाइड नोट का हिंदी अनुवाद

सुसाइड नोट में लिखा गया है कि आर्थिक कुप्रबंधन होने पर उसका प्रभाव तात्कालिक नहीं, बल्कि कुछ साल बाद होता है। ऐसे में मोदी सरकार को ही अकेले आर्थिक मंदी के लिए दोषी ठहराना गलत है। नोटबंदी और जीएसटी का अस्थायी प्रभाव रहा होगा, लेकिन इस वजह से आर्थिक मंदी नहीं आई। कोयला, टूजी स्प्रेक्ट्रम समेत कई घोटालों के जरिए करोड़ों रुपये का गोलमाल हुआ। चिदंबरम भ्रष्टाचार के भागीदार हैं। गौरतलब है कि ​पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

कबूतर से जहर खींचने वाला पाकिस्तान पानी से भी चला चुका है कार

कबूतर के ज़रिए पाकिस्तान में हेपेटाइटिस-बी का “ज़हर खींच कर” इलाज करने के वायरल वीडियो ने एक बार फिर आगा वकार की यादें ताज़ा कर दीं हैं- उस ‘डिबेट’ के साथ ही, जिसमें हम यह सोचने की कोशिश करते हैं कि विभाजन के समय अपने मन-मुताबिक सब कुछ पाने के बाद भी पाकिस्तान आज ऐसा दो कौड़ी का देश के नाम पर मीम क्यों है। 2012 में इस पाकिस्तानी ‘अविष्कारक’ ने ‘वॉटर कार किट’ बनाने की घोषणा की थी, जिससे कार बिना जीवाश्म ईंधन (डीजल-पेट्रोल) के केवल पानी के दम पर चलनी की बात कही थी। उस समय पाकिस्तान या उम्मत ही नहीं, पूरी दुनिया में इसके चर्चे हुए थे। लेकिन बुलबुला अंत में बुलबुला ही निकला।

जापान-अली बाबा की कॉपी निकला ‘मॉडल’

आगा वकार ने दावा किया था कि उसने पानी के अणुओं (मॉलिक्यूल्स) को उनके अवयवों हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणुओं (एटम्स) में तोड़ने का आसान तरीका ईजाद कर लिया है और उसी प्रक्रिया में उत्पन्न ऊर्जा से वह कार दौड़ा सकता है। अभी तक परिदृश्य यह था कि पानी को हाइड्रोजन-ऑक्सीजन में तोड़ने का ‘आसान’ तरीका सारी दुनिया खोज रही थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि पानी को हाइड्रोजन-ऑक्सीजन में तोड़ने पर ऊर्जा तो बहुत ज़्यादा निकलती है, लेकिन इससे अधिक ऊर्जा पानी के अणु को तोड़ने में खप जाती है।

आगा वकार ने इस प्रक्रिया को कम ऊर्जा की खपत में पूरी कर लेने का दावा कर तहलका मचा दिया था। चूँकि उस समय अरब क्रांति और आईएस के उभार के चलते मध्य-पूर्व से तेल की सप्लाई पर शंका के बादल थे, इसलिए दुनिया और ज्यादा उत्साहित हो गई। एक टीवी शो में पाकिस्तान के संघीय मंत्री ने उसकी कार की सवारी भी की। पाकिस्तान को चोरी का परमाणु बम दिलाने वाले अब्दुल कादिर खान ने भी ‘जाँच’ कर के आगा वकार को ‘सर्टिफिकेट’ दे दिया “there is no fraud involved,” का।

और इसी तरह आगा वकार का बुलबुला बड़ा होता गया। आगा वकार के चारों ओर पाकिस्तानी मीडिया भी नाचने लगी। स्थापित वैज्ञानिकों ने कई तरह के सवाल उठाए, लेकिन पाकिस्तान में उनकी कौन सुनता।

अंत में हालाँकि यह बुलबुला फ़ुस्स हो ही गया। इस बुलबुले में छेद करने वालों में खुद पाकिस्तान के ट्रिब्यून अख़बार की वेबसाइट पर छपा एक ब्लॉग था, जिसने आगा वकार के मॉडल और डिज़ाइन में इसके पहले जापान में अविष्कृत एक मिलते-जुलते यंत्र और eBay व Ali Baba पर बिक रहीं किटों में बहुत हद तक समानता देखी। फिर न्यू यॉर्क टाइम्स में छपे एक लेख में आगा वकार की बखिया उधेड़ने के साथ ही पाकिस्तान में थीसिस में नकलचोरी, डॉक्टरेट डिग्री जारी करने में गड़बड़झाले जैसी कई चीज़ें प्रकाश में आईं, जोकि विज्ञानोन्मुख समाज के लिए धब्बा होतीं हैं।

असली वैज्ञानिक को अँधेरे में धकेला, ‘जिहाद’ बना मूलमंत्र

जब हिंदुस्तान-पाकिस्तान आज़ाद हुए, तो पाकिस्तान को ऐसा नहीं है विकास और प्रगति के मौके नहीं मिले, या उनसे संसाधन छीन लिए गए। उन्हें सेना मिली, वैज्ञानिक मिले, संस्थान मिले, अंग्रेजी हुकूमत के हिंदुस्तानी खज़ाने का एक हिस्सा मिला। हिंदुस्तान में हालाँकि उद्योग-धंधे तो थे, लेकिन कच्चा माल देने वाली अधिकांश जगहें पाकिस्तान के हिस्से में गईं; कराची मुंबई की बजाय बेहतर स्थिति में था क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुखतम बंदरगाह बनने के लिए।

लेकिन पाकिस्तान ने इन सब पर कोई ध्यान नहीं दिया। उसके दिमाग में केवल दो चीज़ें रहीं- “हँस के लिया है पाकिस्तान, लड़ के लेंगे हिंदुस्तान” और इसे पूरा करने के लिए एटम बम हथियाने की दाँव-पेंच, सेना के आगे राजतंत्र ही नहीं आम जनता का भी समर्पण, नागरिक विज्ञान की अनदेखी और महंगी सैन्य तकनीकों (जिनका आम आदमी की ज़िंदगी पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना था) का आयात।

परमाणु बम की तकनीक ‘नकलचोरी’ करने वाले अब्दुल कादिर खान को सर पर बिठाने वाले पाकिस्तान में असली वैज्ञानिकों की नाकद्री का अब्दुस सलाम से बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता। जिसने 1979 आते-आते ‘गॉड पार्टिकल’ के विषय पर न केवल विश्व-विख्यात रिसर्च की, बल्कि उसका लोहा मनवाकर नोबेल भी जीत लिया, उन्हें पाकिस्तान ने कभी भाव नहीं दिया। क्यों? क्योंकि वे उस अहमदी समुदाय के थे, जिन्हें कट्टरपंथी ‘सच्चा’ नहीं मानते।

नतीजा यही है कि 2012 में आगा वकार ने पाकिस्तान में 20 घंटे की बिजली कटौती आम होने का फायदा उठाकर उल्लू बनाया, सेना के चुनिंदा अफ़सर हिंदुस्तान से जिहाद का हवाला देकर मूर्ख बना रहे हैं, और जिहादी कठमुल्ला बना आम आदमी यह जानते हुए भी कि उसका c****या कट रहा है, ख़ुशी-ख़ुशी कटवाए जा रहा है।

आजम खान के बहाने दंगा कराने की फिराक में अखिलेश यादव: कॉन्ग्रेस नेता फैसल खान

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोमवार (सितंबर 9, 2019) को रामपुर जाने के कार्यक्रम का कॉन्ग्रेस ने विरोध किया है। मुकदमों से घिरे रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद भू-माफिया आजम खान के बचाव में अखिलेश यादव के आगे आने से कॉन्ग्रेस बेहद नाराज है। अखिलेश यादव के रामपुर जाने से पहले वहाँ पर सपा के कार्यकर्ताओं को जुटाया जा रहा है, जिसकी वजह से कॉन्ग्रेस को रामपुर में दंगा होने की आशंका नजर आ रही है।

कॉन्ग्रेस का मानना है कि अखिलेश यादव के रामपुर जाने से माहौल बिगड़ेगा। कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष फैसल खान लाला ने इस बाबत सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को एक पत्र लिखकर अखिलेश पर दंगा कराने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने आरोप लगया है कि अखिलेश यादव के इस दौरे से रामपुर सहित पूरे प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की साजिश है।

फैसल खान ने अपने पत्र में लिखा है कि आजम खान के खिलाफ कई संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उनके खिलाफ कुल 80 मुकदमे दर्ज हैं। आजम खान के खिलाफ ना सिर्फ जमीन का बल्कि लूट, चोरी, डकैती, गैर इरादतन हत्या, भड़काऊ भाषण, हिंसा फैलाना, किसान और बेसहारा लोगों की जमीन पर कब्जा करने जैसे मामले दर्ज हैं। आजम खान के विश्वविद्यालय से पुलिस ने चोरी का सामान भी बरामद किया है और उन्हें भू-माफिया भी घोषित किया है।

फैसल खान ने आगे लिखा है कि इन सब के बाद भी अखिलेश यादव 9 सितंबर को आजम खान का समर्थन करने के लिए रामपुर पहुँच रहे हैं और मोहर्रम के दिन यहाँ का माहौल खराब करना चाहते हैं। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सपा, आजम खान के बहाने पूरे प्रदेश में दंगा कराना चाहती है। ऐसे में अगर अखिलेश यादव रामपुर आते हैं तो वह पीड़ित परिवारों के साथ उनका विरोध करेंगे। फैसल खान का कहना है कि अगर आजम खान सही हैं तो सड़क पर लड़ने की बजाए वह कानून का सहारा लें और कोर्ट में आरोपों का जवाब दें।

बता दें कि, पुलिस ने हाल ही में रामपुर पुलिस ने आजम खान के खिलाफ समन जारी किया था और फिर उनके रामपुर स्थित आवास पर वारंट भी चिपकाया गया है। वहीं, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव आजम खान के पक्ष में खड़े हैं। उनका कहना है कि आजम खान पर गलत तरीके से केस दर्ज किए गए हैं। इसलिए अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने आजम खान पर कार्रवाई के खिलाफ अभियान चलाने का ऐलान किया है।

काला धन: स्विस बैंकों से मिलने लगी जानकारी, डर से कई ने खाते किए बंद

स्विस बैंकों में खाता रखने वाले अपने नागरिकों की जानकारी भारत को मिलनी शुरू हो गई है। एक सितंबर से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच बैंकिंग सूचनाओं के स्वतः आदान-प्रदान के समझौते के प्रभावी होने के बाद पहली बार जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इन सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है। ये जानकारी उन खातों से जुड़ी है जिन्हें कार्रवाई के डर से पहले ही बंद करा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जो जानकारी मिली है उनमें इन खाताधारकों की पहचान तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध होने का अनुमान है। बैंक अधिकारियों के हवाले से बताया है कि स्विट्जरलैंड की सरकार के निर्देश पर वहॉं के बैंकों ने आँकड़े भारत को सौंपे हैं। इसमें हर उस खाते में लेन-देन का पूरा विवरण है जो 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हैं। इससे काला धन जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में काफी मदद मिल सकती है।

बताया जाता है कि काला धन के खिलाफ मोदी सरकार की मुहिम को देखते हुए बीते कुछ सालों में स्विस बैंकों में काफी संख्या में खाते बंद कर उनमें जमा पैसा निकाले गए हैं। भारतीयों के भी कम से कम 100 ऐसे पुराने खाते हैं जिन्हें 2018 से पहले ही बंद करा दिया गया था। ये खाते वाहन कल-पुर्जा, रसायन, वस्त्र, रीयल एस्टेट, हीरा एवं आभूषण, इस्पात आदि कारोबार से जुड़े लोगों से संबंधित बताए जाते हैं।

गौरतलब है कि लोकसभा में इसी साल जून में वित्त मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 1980 से लेकर साल 2010 के बीच भारतीयों ने 246.48 अरब डॉलर से लेकर 490 अरब डॉलर के बीच काला धन देश के बाहर भेजा था। एनआईपीएफपी, एनसीएईआर और एनआईएफएम के अध्ययन के आधार पर समिति ने यह आकलन किया था।

हिंदी भाषी बहुसंख्यकों के तु्ष्टीकरण से कॉन्ग्रेस जीरो होकर खत्म हो जाएगी: शशि थरूर

हाल में अपने बयानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर के अपनी पार्टी यानी कॉन्ग्रेस के निशाने पर आने वाले शशि थरूर ने रविवार को कॉन्ग्रेस पार्टी को कुछ जरूर राय दी है। शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी है कि वह ‘ज़ीरो’ होकर ख़त्म होने से बचने के लिए अपनी धर्मनिरपेक्षता की नीति की रक्षा करे।

शशि थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि कॉन्ग्रेस पार्टी को धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा सोचना कि हिंदी पट्टी में बीजेपी से मुकाबला करने के लिए बहुसंख्यक तुष्टीकरण जरूरी है, गलत है। यदि मतदाता के पास असली चीज और उसकी नकल के बीच किसी एक को चुनने का विकल्प हो, तो वह हर बार असली को ही चुनेगा।

‘बहुसंख्यक तुष्टिकरण से कॉन्ग्रेस हो जाएगी ज़ीरो’

अपनी किताब ‘दि हिंदू वे: एन इंट्रोडक्शन टू हिंदुइज्म’ के लोकार्पण से पहले एक साक्षात्कार में थरूर ने कहा- “हिंदी पट्टी में पार्टी के संकट का समाधान ‘बहुसंख्यक तुष्टीकरण’ में या ‘कोक लाइट’ की तर्ज पर किसी तरह के ‘लाइट हिंदुत्व’ की पेशकश में नहीं है और इस राह पर चलने से ‘कॉन्ग्रेस जीरो’ हो जाएगी।”

उन्होंने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा हिंदू होने का दावा ‘ब्रिटिश फुटबॉल के बदमाश समर्थकों’ की अपनी टीम के प्रति वफादारी से अलग नहीं है।

‘अधिकांश भारतीय रूढ़िवादिता का विरोध करते हैं’

तिरुअनंतपुरम से कॉन्ग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि एक सतर्क आशावादी के रूप में वह कहना चाहेंगे कि बड़ी संख्या में ऐसे भारतीय हैं, जो हाल के ‘रूढ़िवादी रुझान’ का विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे लगातार यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत को लेकर ‘विकृत विचार’ सफल न हो।

इस बातचीत में थरूर ने दावा किया कि सत्तारूढ़ लोगों द्वारा जो प्रचार किया जा रहा है वह सही मायनों में हिंदुत्व नहीं है, बल्कि वह एक महान मत को ‘विकृत करना’ है, जिसे उन्होंने विशुद्ध राजनीतिक और चुनावी लाभ के लिए एक संकीर्ण राजनीतिक हथियार में बदल दिया है।

‘भाजपा की सफलता से डरने की जरूरत नहीं’

थरूर ने कहा कि भाजपा की सफलता से भयभीत होने के बजाय कॉन्ग्रेस के लिए बेहतर होगा कि वह उन सिद्धांतों के लिए खड़ी हो, जिन पर उसने हमेशा विश्वास किया है और देश को उनके अनुसरण के लिए प्रेरित करे।
उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व की खूबसूरती यह है कि हमारे यहाँ कानून बनाने के लिए न तो कोई पोप होता है और न ही ‘सच्चाई क्या है’ इस पर कोई इमाम फतवा जारी करता है। साथ ही न कोई अकेला पवित्र ग्रंथ होता है।

₹86500 का कटा चालान, ₹70000 देकर छुड़ाई जान: अब तक का सबसे भारी ट्रैफिक जुर्माना

संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के 1 सितंबर से लागू होने के बाद से नियम तोड़ रहे लोगों पर भारी जुर्माने की खबरें बढ़ती ही जा रही हैं। लेकिन लोगों के लाख नाराज़गी जाहिर करने के बाद भी न ही केंद्र सरकार नियमों में ढिलाई करने के मूड में दिख रही है, न ही (अधिकाँश) राज्य सरकारें नियमों को लागू करने में ढिलाई के। ताज़ातरीन मामला ओडिशा के सम्भलपुर जिले का है, जहाँ एक ट्रक ड्राइवर द्वारा दिया गया जुर्माना नए नियमों के हिसाब से अब तक का सबसे भारी जुर्माना भरने वाला साबित हुआ है।

सोशल मीडिया पर वायरल रसीद के मुताबिक अशोक जाधव ने ₹70,000 का अर्थ-दंड पिछले हफ्ते चुकाया है। पूरा जुर्माना तो ₹86,500 का था, लेकिन 5 घंटों की मनुहार करने के बाद जाधव ने ₹70,000 चुका कर जान बचाई। मामला 3 सितंबर का है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ट्रक पर एक JCB मशीन लदी हुई थी।

₹1 करोड़ कुल जुर्माना वसूल चुका है ओडिशा

ओडिशा में 4 हजार से अधिक चालान कट चुके हैं। यही नहीं, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नियम लागू होने के पहले चार दिनों में ओडिशा ने करीब ₹1 करोड़ के आस-पास (₹88 लाख) का जुर्माना वसूला है, जो कि पूरे देश में उच्चतम है। इस मामले के पहले भी ओडिशा के भुवनेश्वर में एक ऑटो-चालक पर कई सारे ट्रैफिक नियम (बिना लाइसेंस गाडी चलाने, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट न होने, इंश्योरेंस सर्टिफिकेट न होने और शराब पी कर गाड़ी चलाने) तोड़ने के लिए ₹47,500 का जुर्माना किया गया था। उस मामले में तो चालक ने यह कहकर चालान भरने से इंकार कर दिया कि उसने एक हफ्ते पहले ही वह ऑटो महज़ ₹26,500 में खरीदा था, और उसके पास इतने भारी जुर्माने के लिए पैसे नहीं हैं।

लोगों की समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बाबत एक कॉल सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। राज्य के वणिज्य और परिवहन सचिव जी श्रीनिवास ने मीडिया को जानकारी दी कि यह कॉल सेंटर कटक के परिवहन आयुक्त के दफ्तर में खुलेगा, और सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक इस पर बात हो सकेगी।

पाकिस्तान के वो 6 आविष्कार, जिसने पूरी दुनिया में मचा दी सनसनी, विदेशी मीडिया में भी हुए चर्चे!

परसन्ताप की पराकाष्ठा का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानियों ने चंद्रयान-2 के 3.84 लाख किलोमीटर के सफर में महज़ आखिरी 2 किलोमीटर की गड़बड़ की खिल्ली उड़ानी शुरू कर दी। ट्विटर पर रॉ एजेंटों की जानकारी बटोरने वाले साइंस और टेक्नॉलजी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन इसमें सबसे आगे हैं। ऐसे में “सूप बोले तो बोले, छलनी क्या बोले जिसमें खुद ही बहत्तर छेद” की तर्ज पर पाकिस्तान के खुद के ‘साइंसदानों’ के कारनामों पर एक नज़र डालना ज़रूरी है:

पानी की टार्ज़न कार

स्वघोषित ‘अविष्कारक’ आगा वकार ने 2012 में दावा किया कि उन्होंने पानी से ऊर्जा लेकर चलने वाली कार बना ली है। उनके मुताबिक उस कार की ऊर्जा पानी को हाइड्रोजन-ऑक्सीजन में तोड़ने से उत्पन्न होती थी।

हालाँकि वहाँ की मुट्ठी-भर वैज्ञानिक कौम ने इस दावे की हवा निकाल दी, लेकिन उसी देश की जाहिल जनता ने वकार को सर पर बैठा लिया। टीवी शो होस्ट से लेकर मंत्रियों तक सबने आगा वकार को रातोंरात पाकिस्तान का स्टार बना दिया। चोरी की तकनीक से परमाणु बम बनाने वाले अब्दुल कादीर खान तक ने भी आगा को ‘सर्टिफिकेट’ दिया किसी भी तरह की धांधलेबाजी नहीं करने की!

सूरज-पानी से पेट्रोल

2018 में कमर आगा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक पाकिस्तानी, वो भी वैज्ञानिक नहीं बल्कि नेता, ने दावा किया कि वह पानी और सौर ऊर्जा से पेट्रोल बना सकता है। डॉ. मुअज़्ज़म निज़ामी ने, जो पाकिस्तान अमन लीग के चेयरमैन हैं, दावा किया कि वह और उनके सहयोगी “पेट्रोल बनाने के नए तरीके के अलावा सोलर रेडिएशंस से चीनी निकालने में भी” सफल हुए हैं। उन्होंने इसके लिए 95 करोड़ पाकिस्तानी रुपयों की माँग की, और उम्मीद जताई कि अगले आम चुनावों के पहले तक वे यह पेट्रॉल जनता को मुहैया करा देंगे।

पाकिस्तानी एजेंसी ने भेजा हबल टेलिस्कोप!!!

पाकिस्तान के साइंस और टेक्नॉलजी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने दावा किया कि दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष दूरबीनों में से एक हबल टेलिस्कोप को NASA ने नहीं, पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी SUPARCO ने भेजा था। जबकि सच्चाई यह है कि SUPARCO (Space and Upper Atmosphere Research Commission – पाकिस्तान की नेशनल स्पेस एजेंसी) ने अपना पहला सैटेलाइट ही 1990 में भेजा था, 30 साल की जद्दोजहद के बाद, वह भी चीन के तरस खा कर मदद करने पर!

फिदायीन जिहादी भी ‘अविष्कार’?

फवाद ने एक ट्वीट में यह भी कहा था कि पाकिस्तान “सबसे अच्छे” आत्मघाती बम धमाके करने वाले हमलावर पैदा करता है। हालाँकि अब उन्होंने वह ट्वीट डिलीट कर दिया है, लेकिन यह तो एक बार फिर रिकॉर्ड में आ ही गया है कि ये जिहादी कोई धोखे से आए ‘डिफेक्टिव पीस’ नहीं, मुख्य ‘प्रोडक्ट’ हैं जिन्ना की फैक्ट्री के।

हेपेटाइटिस ‘चूसने’ वाले कबूतर

पाकिस्तान के एक आदमी का वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक कबूतर का नितम्ब वाला भाग एक कथित हेपेटाइटिस-बी के मरीज की नाभि से सटाते हुए दावा करता है कि कबूतर का नितम्ब हेपेटाइटिस के ‘कीड़े’ को चूस रहा है।

जिन्नातों के साथ भी जिहाद!

पाकिस्तान ने इंसानों से साथ-साथ अब जिन्नातों को भी “मजहबी” और “काफिर” में बाँटना शुरू कर दिया है। यही नहीं, अब धरती के बाद “ऊपरी दुनिया” में भी ‘दार-उल-इस्लाम’ बनाने का शौक इस कदर इनके सिर चढ़ा हुआ है कि “काफिर” जिन्नों को भी जबरन अल्लाह-परस्त जिन्न बनाने के लिए पाकिस्तानी बाकायदा कर्म-कांड करते हैं।

कुणाल कामरा ने शेयर किया ऐसा वीडियो जिसे देखकर लोगों ने कहा- इसके ‘फ्यूज कंडक्टर’ निकाल दिए गए हैं

चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ के चाँद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबंधित घटनाक्रम के मद्देनजर इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित किया। इसके बाद एक बेहद भावुक पल देखने को मिला, जब इसरो अध्यक्ष के सिवन को पीएम मोदी ने गले लगाकर उनका मनोबल बढ़ाया।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। वीडियो में इसरो वैज्ञानिक के सिवन (ISRO Chief K Sivan) को पीएम मोदी कुछ देर तक गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाते नजर आए।

इस वीडियो को शेयर करने वालों में एक विवादित कॉमेडियन कुणाल कामरा भी हैं। कुणाल कामरा ने ANI न्यूज़ एजेंसी द्वारा शेयर किया गया ट्वीट रीट्वीट करते हुए लिखा- “पीएम मोदी ने जो समर्थन और प्रेम इसरो वैज्ञानिकों के प्रति दिखाया है, यही हर अभिभावक को अपने बच्चों के प्रति दिखाना चाहिए, जब वो अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं। इस तरह के पल हमें अपने देश से दोबारा प्यार करने पर विवश कर देते हैं।”

कुणाल कामरा के इस ट्वीट के बाद ट्विटर यूजर्स ने MEMEs के जरिए अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दी-

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा कि लगता है एजाज खान के बाद इसके फ्यूज कंडक्टर भी निकाल दिए गए हैं। दरअसल, कुछ समय पहले ही बॉलीवुड कलाकार एजाज खान ने टिक-टॉक पर विवादित वीडियो अपलोड करने को लेकर मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया था।

इस वीडियो में एजाज भारतीय जनता पार्टी के तारीफों के पुल बाँधते नज़र आए थे। एजाज खान को भड़काऊ वीडियो अपलोड करके साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन जब वो जेल से बाहर आए तो उनके सुर ही बदल चुके थे।

कुणाल कामरा को अक्सर पीएम मोदी और सरकार विरोधी घटिया चुटकुलों के नाम पर कॉमेडी करने के लिए जाना जाता है। इसी वजह से अक्सर उनके साथ सड़क पर भी लोगों द्वारा बदसलूकी की कुछ घटनाएँ भी सामने आती रही हैं। यही कारण है कि पीएम मोदी और इसरो (ISRO) की तारीफ करने पर कुणाल कामरा के ट्वीट पर लोग हैरानी व्यक्त कर रहे हैं।

इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस में belly dance: सच में ‘अद्भुत’ है इमरान खान का नया पाकिस्तान

पाकिस्तान द्वारा अज़रबैजान के बाकू में आयोजित इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस के वीडियो वायरल हो रहे हैं और लोग बहुत चाव से देख रहे हैं। इसलिए नहीं कि इमरान खान ने कोई बहुत हैरतअंगेज़ बात कह दी, या पाकिस्तान को खरबों डॉलर की भीख मिल गई हो। बल्कि इसलिए कि लोगों को पाकिस्तान में पैसा लगाने के लिए हर तरीके से मनाने में नाकाम पाकिस्तान अब उन्हें belly dance से लुभाने की कोशिश कर रहा है!

Sarhad Chamber of Commerce ने किया था आयोजन

सरहद चैंबर ऑफ़ कॉमर्स नामक संगठन द्वारा आयोजित इस कॉन्फ्रेंस को लेकर वहाँ की स्तम्भकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता गुल बुखारी ने ट्वीट कर कहा, “जब पाकिस्तान के General Doctrine मुख्य अर्थशास्त्री ने निवेशकों को लुभाने के लिए पाकिस्तान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन कॉन्फ्रेंस, अज़रबैजान में बेली डांसरों का इस्तेमाल किया…”

सबसे मज़े की बात यह है कि इस इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस का आयोजन खैबर पख्तूनख्वा के लिए किया गया था, जोकि पाकिस्तान का सबसे ज्यादा दहशतगर्दी और जिहाद से पीड़ित प्रान्त है। यह न केवल तालिबान के गढ़ों में से एक माना जाता है, बल्कि यहाँ कट्टरपंथी इस्लामी कायदों का हवाला देकर महिलाओं को तरह-तरह की बंदिशों में रखते हैं। यानी जैसे कपड़ों में नृत्यांगनाओं (बेली डांसरों) को नचा कर खैबर पख्तूनख्वा के लिए निवेश जुटाने की कोशिश कर रहा है पाकिस्तान, वैसे कपड़ों में वे लड़कियाँ अगर उसी प्रान्त में निकल जाएँ तो कठमुल्ले पहले उनका गैंगरेप कर उन्हें इस ‘हिमाकत’ की आधी सज़ा देंगे, फिर बाकी की सज़ा अल्लाह से लेने के लिए गला रेत कर ऊपर भेज देंगे।

कर्ज में डूबा बदहाल पाकिस्तान

पाकिस्तान पिछले कुछ समय से (अमेरिकी मदद बंद होने के बाद) कटोरा लेकर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के चौराहे पर है, लेकिन कोई खास मदद मिल नहीं रही है। IMF ने $6 अरब का कर्ज देने की घोषणा तो की है, लेकिन इसके बदले IMF की पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था में दखलंदाज़ी बेहद बढ़ जाएगी। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने उसे महज़ $30 लाख देकर टरका दिया है।

इमरान खान और PM मोदी हैं एक ही माँ के बेटे – कॉन्ग्रेस नेता का विवादित बयान

अनुच्छेद 370 और चंद्रयान-2 के मुद्दे पर पाकिस्तान और उसके मंत्री ही ऐसे नहीं हैं, जो केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर बयानबाजी कर सरकार को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हों। कॉन्ग्रेस पार्टी भी निरंतर अपने बयानों से सरकार विरोधी माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है। इस बार कॉन्ग्रेस नेता ने पिछले सारे विवादित बयानों की हदें पार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक ही माँ का बेटा कह दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी करने वाले नेता कर्नाटक कॉन्ग्रेस के नेता रामनाथ राय हैं। कॉन्ग्रेस नेता रामनाथ राय ने पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और इमरान खान एक ही माँ के बेटे हैं और दोनों चुनाव जीतने के लिए एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। साथ ही, रामनाथ राय ने कहा कि ये दोनों एक ही तरह के नेता हैं।

रामनाथ राय कर्नाटक कॉन्ग्रेस के बड़े नेता हैं। वे मई 23, 2013 से लेकर मई 15, 2018 तक पूर्व CM सिद्धारमैया की सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामनाथ राय ने कहा- “मोदी और इमरान खान एक ही माँ के बेटे हैं, दोनों चुनाव जीतने के लिए एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, दोनों एक ही तरह के नेता हैं।”

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में कॉन्ग्रेस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामनाथ राय केंद्र की मोदी सरकार और कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार के खिलाफ जमकर बरसे और कहा कि इस सरकार को कर्नाटक की फिक्र नहीं है।

रामनाथ राय के इस विवादित बयान पर BJP नेता शोभा करंदलाजे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस का चरित्र एक बार फिर सबके सामने आ गया है।

उन्होंने रामनाथ राय के बयान को ट्वीट करते हुए लिखा है- “कॉन्ग्रेस के लोगों की सोच और संस्कृति एक बार फिर सबके सामने आ गई है। कर्नाटक के पूर्व मंत्री PM मोदी और PM इमरान खान की तुलना करते हैं और कहते हैं कि दोनों एक ही माँ के बेटे हैं। हमारे देश और PM को नीचा दिखाना ही सालों पुरानी इस पार्टी का एक मात्र काम है।”