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अजहर, सईद के साथ दाऊद व लखवी भी UAPA के तहत आतंकी घोषित; अमेरिका ने किया समर्थन

भारत के संशोधित UAPA क़ानून के तहत मौलाना मसूद अजहर, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहिम, ज़कीउर्रहमान लखवी को आतंकवादी घोषित करने के बाद बाद अमेरिका ने भी भारत के इस रुख़ का समर्थन किया है। अमेरिका का कहना है कि 4 कुख्यात आतंकियों को नामित करने के लिए भारत के नए क़ानूनी अधिकार प्रयोग का वो समर्थन करते हैं और उनके इस कार्य के लिए प्रशंसा भी करते हैं। यह नया क़ानून भारत और अमेरिका को आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के साझा प्रयासों और संयुक्त कार्रवाइयों में सहायक होगा।

ग़ौरतलब है कि बुधवार (4 सितंबर) को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज़ सईद और ज़कीउर्रहमान लखवी को सरकार ने आतंकवादी घोषित किया है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी इस लिस्ट में शामिल है। ये कार्रवाई मोदी सरकार के नए विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) (UAPA) क़ानून के तहत की गई।

आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए बनाए गए इस कानून के तहत व्यक्ति विशेष को भी आतंकी घोषित किया जा सकता है। सरकार ने संसद में दावा किया था कि यह कानून सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों से चार क़दम आगे रखेगा। 

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक लिस्ट में पहले नंबर पर पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मसूद अज़हर है। मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद को नंबर दो पर रखा गया। तीसरे नंबर पर दाऊद इब्राहिम है।

अमित शाह के देश के गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, आतंकवाद विरोधी UAPA संशोधन विधेयक 2019 को हाल ही में भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया था। विपक्षी दलों द्वारा काफ़ी प्रतिरोध के बीच, आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए भारत सरकार को अधिक शक्ति देने के लिए इस विधेयक पारित किया गया था। अज़हर और हाफ़िज़ सईद दोनों ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित वैश्विक आतंकवादी हैं।

पूजा ने कामरान खान से किया था निकाह, अब मिलती है पूजा-पाठ करने पर ससुराल वालों की धमकी और प्रताड़ना

झारखंड में सिंदरी में एक मुस्लिम द्वारा हिंदू लड़की से शादी कर उसे प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पति के अलावा ससुर और जेठानी के ख़िलाफ़ जबरन धर्म परिवर्तन और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट में बुधवार (11 सितंबर) को इस मामले की सुनवाई होगी।

दैनिक जागरण के धनबाद संस्करण में प्रकाशित खबर

ख़बर के अनुसार, पीड़िता पूजा सिंह ने अपनी शिक़ायत में आरोप लगाया कि उसने कामरान अहमद के साथ 2 जुलाई, 2013 को शादी की थी। शादी के समय उसने शपथ पत्र दायर किया था कि वो हिंदू रीति-रिवाज़ को मानेगी और उस पर धर्मांतरण के लिए किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा। शादी के बाद कामरान दिल्ली चला गया जबकि पूजा खुद सिंदरी में रहने लगी।

इसके बाद, कामरान के पिता अली अहमद खान ने पूजा को ताने देना शुरू कर दिया कि वो अब हिन्दू नहीं है, इसलिए हिंदू रीति-रिवाज़ को न माने। उसकी जेठानी साज़िया ख़ान ने पूजा को प्रताड़ित करते हुए कहा कि वो अपनी नौटंकी (पूजा-पाठ) बंद करे। पूजा के आरोप के अनुसार, 20 जून 2017 को जब वो मंदिर में पूजा करने गई तो उसके ससुर अली अहमद ने उसका सारा सामान फेंक दिया और कहा कि वो अब उनके मजहब की तरह रहे, और हिंदू धर्म को मानने का ड्रामा बंद करे।

पूजा ने इस प्रकरण की सूचना जब अपने पति को दी तो उसने पूजा का साथ न देते हुए कहा कि उससे जैसा कहा जा रहा है, वो चुपचाप वैसा ही करे। पूजा ने जब अपने ससुर और जेठानी की बात नहीं मानी तो उससे उसके जेवरात छीनकर, मारपीट कर उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद वो अपने मायके आ गई।

पूजा ने बताया कि रविवार (1 सितंबर, 2019) को वो अपने मायके में थी। वहाँ उसके पति और ससुर आए और उसके साथ गाली-गलौच करने लगे और कहा कि अगर उसे अपना दांपत्य जीवन बिताना है तो वो इस्लाम क़बूल कर ले। इस घटना की शिक़ायत पीड़िता ने थाने जाकर की। इसी संबंध में अब कोर्ट में 11 सितंबर को सुनवाई होगी।

मशहूर बांग्ला अभिनेत्री को बताया कॉल गर्ल, चिपकाए पोस्टर: लिखा – फोन करो और कमाओ ₹2000

‘तुमै अमै मिले’, ‘सुबर्णलता’ और ‘भूमिकन्या’ जैसे बांग्ला टीवी सीरियल्स में काम करके अपनी पहचान बनाने वाली बृष्टि रॉय इन दिनों काफ़ी परेशान चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले कुछ दिनों से उन्हें बंगाल के अलग-अलग इलाकों से पुरुषों की कॉल आ रही हैं जो उनसे फोन पर भद्दी बातें करते हैं और ज्यादातर एस्कॉर्ट सर्विस के बारे में पूछते हैं।

बृष्टि के मुताबिक सबसे पहले उन्हें 24 अगस्त को शाम 4:30 बजे कॉल आया था। शुरू में उन्हें लगा कि कोई स्पैम कॉल होगा,लेकिन कुछ देर बाद उनके फोन पर लगातार कॉल आने लगे। उन्होंने परेशान होकर इन फोन नंबर्स को ब्लैक लिस्ट में डालना शुरू कर दिया। लेकिन तब भी सिलसिला रुका नहीं।

उनके मुताबिक इस घटना के बाद उनके एक दोस्त ने बताया कि उसने बृष्टि के पोस्टर सियालदाह-लक्ष्मीकांतपुर लोकल में देखें, जिसे देखकर वो हैरान रह गया।

इन पोस्टर्स पर बृष्टि का नाम, उनका फोन नंबर लिखा था और साथ ही ये भी लिखा था कि अकेले लोग रात को इस नंबर पर बात करें। फोन करने वाला 2000 तक कमा सकता है।

पोस्टर्स की जानकारी मिलते ही बृष्टि ने थाने में मामला दर्ज करवाया और बताया कि उन्हें रोज लगभग 250-300 ऐसे ही कॉल आ रहे हैं। जो उनसे घिनौनी बातें करते हैं।

जानकारी के मुताबिक उनके यह पोस्टर सिर्फ़ सियालदह-लक्ष्मीकांतपुर में नहीं बल्कि टॉलीगंज, जादवपुर और सोनारपुर के विभिन्‍न स्‍थानों के दीवारों पर भी लगे हुए हैं। जिनके आधार पर मामले को थाने में दर्ज कर लिया गया है। लेकिन, फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। कहा जा रहा है कि इसके पीछे किसी रैकेट का हाथ हो सकता है। जिसका उद्देश्य बृष्टि को बदनाम करना है।

मीडिया से बातचीत में बृष्टि ने इस मामले पर बताया है, “मैंने फोन नंबर चेंज करने के बारे में सोचा, लेकिन अभी नहीं कर सकती क्योंकि पुलिस जाँच जारी है। उन्हें यह नंबर चाहिए क्योंकि यह पोस्टर पर छपा हुआ है। मेरे सारे जरूरी नंबर इसी में हैं और मैं रातोंरात इसे नहीं बदल सकती। मैं हालात से जूझ रही हूँ। मैं जानती हूँ कि मैं निर्दोष हूँ। और यह किसी की मुझे तंग करने की शरारत है। लेकिन मैं आसानी से हार नहीं मानने वाली। मुझे भरोसा है कि दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।”

मुझे मिड डे मील बनाने के लिए सामान नहीं दिए जाते: मिर्ज़ापुर स्कूल की कुक ने प्रशासन की खोली पोल

मिर्ज़ापुर में एक सरकारी स्कूल में छात्रों को मिड डे मील के नाम पर नमक-रोटी दिए जाने की बात सामने आई थी। स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल ने इसका वीडियो बनाया था, जिसके बाद डीएम ने वहाँ छानबीन करने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की। हालाँकि, डीएम अनुराग पटेल बाद में पलट गए और पत्रकार को ही दोषी ठहराने लगे। उनका कहना था कि प्रिंट के पत्रकार ने वीडियो क्यों बनाया, फोटो क्यों नहीं क्लिक किया? पत्रकार पर मुक़दमे दायर कर दिए गए और उसके साथी को जेल भेज दिया गया।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कहा कि ये एक साज़िश के तहत किया गया है। डीएम भी इसी नैरेटिव को आगे बढ़ाते दिखे। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। मामला जमालपुर के शिउर का है। वहाँ के जिस सरकारी स्कूल का यह मामला है, उस स्कूल में मिड डे मील तैयार करने वाली कुक रुक्मणि देवी ने कहा है कि पत्रकार की कोई ग़लती नहीं है। उन्होंने स्कूल के ही किसी मुरारी सर का नाम लेते हुए कहा कि सारी ग़लती उनकी है।

उन्होंने कहा कि जब बच्चों को नमक-रोटी खाने दिया गया था, तभी पत्रकार पवन ने वहाँ पहुँच कर मामले का वीडियो बनाया। जब रुक्मणि देवी से पूछा गया कि बच्चे नमक-रोटी खाने को मजबूर क्यों हैं तो उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी तरफ से संसाधन दिए ही नहीं जाते हैं ताकि बच्चों को अच्छा खाना खिलाया जा सके। रुक्मिणी देवी ने सवाल किया कि जब उन्हें संसाधन ही नहीं दिया जाएगा तो वह छात्रों के लिए खाना कैसे बनाएँगी? देखें वीडियो:

कुक रुक्मणि देवी ने बताया कि बच्चों को केला और दूध भी देने का नियम है लेकिन हर चीज में कोताही बरती गई। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले बच्चे नमक-चावल खाने को भी मजबूर हो चुके हैं। इस मामले में डीएम अनुराग पटेल की पोल खुलती दिख रही है, जिन्होंने पहले तो कहा कि स्कूल स्तर पर गड़बड़ी हुई है और बात में पत्रकार को ही संदिग्ध बताने लगे।

उधर मिर्ज़ापुर में कई स्थानीय पत्रकार सड़क पर उतरे। उनकी माँग थी कि पत्रकार पवन के ख़िलाफ़ दर्ज की गई एफआईआर और उनके ख़िलाफ़ लगाईं गई धाराएँ वापस ली जाएँ। पत्रकारों ने रात को सड़क पर उतर के विरोध प्रदर्शन किया।

पर्यटन इंडेक्स: 6 वर्ष में 31 स्थान की छलांग के साथ भारत की स्थिति में भारी सुधार, पाक की हालत बदतर

वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म प्रतिस्पर्धा इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में काफ़ी सुधार हुआ है। इस इंडेक्स के माध्यम से यह पता चलता है कि कौन सा देश पर्यटन के लिए कितना सही है? भारत की रैंकिंग और उसे मिलने वाले अंकों में सुधार हुआ है। जहाँ 2017 में 40वाँ रैंक से 2019 में 34वाँ रैंक हासिल कर भारत ने 2 वर्षों में 6 स्थान की छलांग लगाई है। वहीं अगर पाकिस्तान की बात करें तो उसकी रैंकिंग 121 है और वह दक्षिण एशिया में पर्यटन के हिसाब से सबसे ख़राब स्थिति में है।

ये रैंकिंग वर्ल्ड इकनोमिक फोरम द्वारा जारी किया गया है। अगर टॉप के 25% देशों की बात करें तो भारत ने 2017 के मुक़ाबले सबसे बड़ी छलांग लगाई है। अगर हम 2013 के आँकड़े को देखेंगे तो पता चलता है कि मोदी सरकार के आने के बाद से पर्यटन के क्षेत्र में भारत लगातार नई सीढ़ियाँ चढ़ रहा है। 2013 में भारत का रैंक 65 था। अर्थात, 5 वर्षों में भारत ने 31 स्थानों की लम्बी छलांग लगाई है।

प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों के मामले में समृद्ध होने के कारण वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भारत की प्रशंसा की है। हालाँकि, पर्यावरण को लेकर चिंता जताई गई है। 140 देशों की इस सूची में स्पेन टॉप पर है। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी, जापान और अमेरिका आते हैं। फोरम का कहना है कि पर्यटन इंडेक्स में भारत दक्षिण एशिया में एक बड़ी उपस्थिति रखता है और क्षेत्र की पर्यटन जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान देता है।

दक्षिण एशिया के अन्य देशों की बात करें तो वे भारत की रैंकिंग के सामने कहीं नहीं टिकते। वर्ल्ड इकॉनिमिक फोरम इस रैंकिंग को प्रकाशित करने से पहले सभी देशों में पर्यटकों की सुरक्षा, आवागमन, पर्यावरण और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित कई मानकों का अध्ययन करता है।

कट्टरवादी समाज वाला पाकिस्तान दुनिया का सबसे ख़तरनाक देश: पूर्व US डिफेंस सेक्रेट्री

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के पूर्व रक्षा सचिव जिम मैटिस ने कहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई देशों के साथ डील किया लेकिन पाकिस्तान उनमें सबसे ख़तरनाक देश रहा। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दुनिया का सबसे ख़तरनाक देश है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बहुत बड़ी समस्या है। मैटिस अफ़ग़ानिस्तान में भी सक्रिय रहे हैं।

अपनी पुस्तक में अमेरिका के पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी ने लिखा है कि दुनिया में चल रही हर एक गतिविधि को पाकिस्तान ‘भारत से दुश्मनी’ वाले चश्मे से देखता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इस नीति से अफ़ग़ान लोगों को काफ़ी हानि हुई है। उन्होंने कहा कि ओसामा बिन लादेन को संरक्षण देने वाला पाकिस्तान न सिर्फ़ अफ़ग़ान तालिबान का पोषक रहा है बल्कि उसने आतंकवादी संगठन अलकायदा को भी संसाधन मुहैया कराया है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान जैसे कई ऐसे आतंकी समूह सक्रिय हैं, जो पाकिस्तानी सरकार को उखाड़ फेंक कर खलीफा का राज स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में समाज अतिवादी होता जा रहा है और ऊपर से वह अपने परमाणु हथियारों के जखीरे में लगातार वृद्धि कर रहा है। मैटिस ने कहा:

“पाकिस्तान में सरकार के ख़िलाफ़ जिहादी कट्टरता बढ़ती जा रही है। यह एक ऐसे बुरे सपने को साकार कर सकता है जिसमें हमें इस्लामाबाद में एक परमाणु शक्ति संपन्न कट्टरवादी सरकार देखने को मिले। पाकिस्तान और अमेरिका का रिश्ता भी काफ़ी उलझा हुआ है।”

69 वर्षीय जिम मैटिस ने 2017 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ मतभेदों के कारण रक्षा सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था। यूनाइटेड स्टेट्स मरीन से रिटायर हो चुके मैटिस पर्शियन गल्फ वॉर, अफ़ग़ानिस्तान युद्ध और इराक युद्ध के दौरान अहम भूमिका निभा चुके हैं।

बलूचिस्तान में पाक फ़ौज कर रही महिलाओं-बच्चों का क़त्लेआम: इमरान ख़ान का वीडियो वायरल

ट्विटर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह अपने ही देश की फौज को लताड़ लगाते हुए नज़र आ रहे हैं। इस वीडियो में इमरान ख़ान पाकिस्तानी फ़ौज की असलियत उजागर करते हुए कहते हैं कि पाकिस्तानी फ़ौज बलूचिस्तान में निर्दोष लोगों का क़त्लेआम कर रही है। लोगों ने इस वायरल वीडियो को ट्वीट कर इमरान से पूछा कि क्या वह अब भी अपने देश की फ़ौज के प्रति यही राय रखते हैं?

इमरान ख़ान अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं और अक्सर भारत को परमाणु युद्ध की धमकी देते रहते हैं। लेकिन जिस फ़ौज के बल पर वह धमकियाँ देते हैं, कभी उन्होंने उसी फ़ौज के बारे में कहा था:

“हमारी फ़ौज बलूचिस्तान में अपने ही लोगों पर बम बरसा रही है। हम अपने ही लोगों को कैसे मार सकते हैं? जरा सोचिए अपने ही लोगों पर बम बरसाना और उन्हें मारना कितना अनुचित है। ट्राइबल क्षेत्रों में 60 लाख लोगों पर बम बरसाए जा रहे हैं। उनकी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। वो रिफ्यूजी कैम्पों में जीवन बसर करने को मजबूर हैं। अभी जो अवैध क़त्लेआम चल रहा है, उसका क्या? जो चल रहा है वह मानवता के ख़िलाफ़ अपराध है।“

जम्मू कश्मीर के आईपीएस इम्तियाज हुसैन ने इमरान ख़ान को उनके इस बयान की याद दिलाते हुए बलूचिस्तान में चल रहे नरसंहार की याद दिलाई। हुसैन ने लिखा कि इमरान ख़ान ने ख़ुद स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी फ़ौज बलूचिस्तान में वैसा ही आतंक मचा रही है, जैसा उसने बांग्लादेश में किया था। हुसैन ने लिखा कि इस भ्रम के कारण इमरान सोचते हैं कि जम्मू कश्मीर में भी भारतीय सेना यही कर रही।

जम्मू कश्मीर के पुलिस अधिकारी इम्तियाज हुसैन ने अपनी ट्वीट में बताया कि जम्मू कश्मीर में कहीं भी नरसंहार नहीं हुआ है, वायुसेना का प्रयोग नहीं किया गया है और न ही तोपों का प्रयोग किया गया है। बता दें कि पाकिस्तान बार-बार ‘जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा अत्याचार’ का राग छेड़ता रहता है। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी स्वीकार कर चुके हैं कि अगर इस मामले को पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट में लेकर जाता है तो सबूतों के अभाव में इसमें कोई दम नहीं होगा।

कुरैशी ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान के पास जम्मू कश्मीर को लेकर अपना नैरेटिव साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। अब जब इमरान ख़ान का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, ट्विटर पर लोग उनसे पूछ रहे हैं कि कभी बलूचिस्तान में पाक फ़ौज द्वारा महिलाओं-बच्चों का क़त्लेआम की बात करने वाले ख़ान ने आज पीएम बनने के बाद अपना सुर बदल क्यों लिया है?

13 सितम्बर तक रिमांड पर भेजे गए कॉन्ग्रेस नेता डीके शिवकुमार, पूछताछ में नहीं कर रहे थे सहयोग

डीके शिवकुमार को आज बुधवार (सितम्बर 4, 2019) को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट से डीके शिवकुमार की 14 दिन के रिमांड की माँग की थी। लेकिन कोर्ट ने 13 सितम्बर तक की रिमांड पर ED को सौंप दिया है। कर्नाटक कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता शिवकुमार को मंगलवार की रात ईडी ने गिरफ़्तार कर लिया था। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्रवाई की गई। ईडी ने अदालत को बताया कि इनकम टैक्स विभाग द्वारा की गई जाँच और गवाहों के बयान से शिवकुमार के ख़िलाफ़ सबूत मिले हैं।

एजेंसी ने अदालत को बताया कि समन जारी किए जाने के बाद शिवकुमार हाजिर तो हुए लेकिन वह प्रश्नों का जवाब देने की बजाय टालमटोल करते रहे। ईडी के अनुसार, कॉन्ग्रेस नेता ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। ईडी ने अदालत में यह भी कहा कि जाँच अभी महत्वपूर्ण स्थिति में है और सभी डाक्यूमेंट्स डीके शिवकुमार के सामने रख कर उनसे पूछताछ करना ज़रूरी है।

जाँच एजेंसी के अनुसार, कई ऐसी बातें हैं जो व्यक्तिगत रूप से सिर्फ़ डीके शिवकुमार को ही पता है और मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले के तह तक जाने के लिए उनको कस्टडी में लेना ज़रूरी है। वहीं शिवकुमार की तरफ से बहस करते हुए वरिष्ठ वकील और कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि समन भेजे जाने के बाद शिवकुमार जाँच एजेंसी के समक्ष पेश हुए, वह भागे नहीं।

डीके शिवकुमार ने जमानत एप्लीकेशन पेश करते हुए जमानत की माँग की। जबकि ईडी ने कहा कि शिवकुमार ने जानबूझ कर जाँच प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश की और उनके पास मिले कैश का स्रोत नहीं बताया। सिंघवी ने रिमांड को अपवाद बताते हुए कहा कि रिमांड रेयर केस में ही दिया जा सकता है, कोर्ट इसका निर्णय ले।

42000 फॉलोवर वाला Tik-Tok सेलेब्रिटी शाहरुख़ ख़ान निकला मोबाइल लुटेरा, साथियों संग गिरफ़्तार

ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें शाहरुख़ ख़ान नाम का एक टिक-टॉक सेलेब्रिटी भी शामिल है। वह टिक-टॉक पर डांस करते हुए वीडियो डाला करता था और उसके डांस को लोग पसंद भी करते थे। शाहरुख़ ख़ान अब एक मोबाइल झपटमारी गिरोह का सदस्य निकला है। उसे पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। टिक-टॉक पर उसके 42,000 से भी अधिक फॉलोवर्स हैं। पुलिस शाहरुख़ सहित अन्य आरोपितों से पूछताछ कर रही है।

ये गिरोह मोबाइल और कैश की लूटपाट करता था। ऐसा ये महँगे शौक पूरा करने के लिए करते थे। शाहरुख़ के अलावा आसिफ फैज़ान और मुकेश नामक व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया गया है। लुटेरों के पास से 5 मोबाइल फोन, एक बाइक और कैश भी बरामद किए गए हैं। सभी आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे गौतम बुद्ध नगर में अब तक लूटपाट की 6 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

पिछले कुछ दिनों से इलाक़े में मोबाइल लूट की घटनाएँ बढ़ गई थीं, जिसके बाद बीटा-2 थाने की पुलिस ने गिरोह की धर-पकड़ के लिए अभियान चलाया। ये लुटेरे हथियार के दम पर राहगीरों से उनके फोन व रुपए लूट लिया करते थे। पुलिस ने अपने मुखबिरों को अलर्ट कर पेट्रोलिंग में तेज़ी लाई थी। पुलिस को पता चला है कि टिक-टॉक पर वीडियो बनाने वाला शाहरुख़ ही इस गैंग का लीडर है।

शाहरुख़ लूटपाट की घटना को अंजाम देने से पहले इलाक़े की रेकी करता था और पुलिस मूवमेंट पर भी नज़र रखता था। लूट के बाद वह समान व रुपए का बँटवारा करता था। शाहरुख़ कुछ महीने पहले तक सऊदी अरब में ड्राइविंग का काम करता था। उसके टिक-टॉक अकाउंट पर डाले गए अधिकतर वीडियो सऊदी अरब में ही शूट किए गए हैं। वह ग्रेटर नोएडा में लूटपाट कर बचने के लिए बुलंदशहर चला जाया करता था।

‘कश्मीरी’ पोर्न स्टार जॉनी सिन्स ने पूर्व पाक राजनयिक को किया ट्रोल, कहा- मेरी आँखें एकदम मस्त हैं

लीजेंडरी पोर्न अभिनेता जॉनी सिन्स ने पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित को ट्रोल किया है। जॉनी सिन्स ने अब्दुल बासित को टैग करते हुए ट्विटर पर लिखा कि उनकी आँखें बिलकुल ठीक हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि अब्दुल बासित को नए फॉलोवर्स मुबारक हों। दरअसल, यह सब शुरू हुआ अब्दुल बासित द्वारा जॉनी सिन्स को पीड़ित कश्मीरी समझ कर उनका फोटो रीट्वीट करने के बाद। ये देखिए जॉनी सिन्स का स्पष्टीकरण:

दरअसल, ट्विटर पर अब्दुल बासित ने एक ऐसा ट्वीट रीट्वीट किया था, जिसमें एक अडल्ट फिल्म कलाकार के स्क्रीनशॉट को कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहाँ की पीड़ित जनता बताकर दिखाया जा रहा है। भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने ट्विटर पर शेयर की जा रही तस्वीरों को कश्मीर में पेलेट गन्स से पीड़ित लोगों की तस्वीर समझकर रीट्वीट किया। ये देखिए ट्वीट, जिसके जाल में अब्दुल फँस गए:

यह भी जानने लायक बात है कि इस तरह की तस्वीरें आजकल सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के लोगों का मजाक बनाने के लिए ट्विटर यूजर्स इस्तेमाल कर रहे हैं। कई पाकिस्तानी नेता, अधिकारी और फ़ौज के लोग इस मज़ाक के जाल में फँस जा रहे हैं।

ये वही अब्दुल बासित हैं जिन्होंने हाल ही में एक विवादास्पद बयान में कहा है कि 2016 में आतंकी बुरहान वानी की हत्या के बाद उन्होंने प्रख्यात सोशलाइट-कॉलमनिस्ट शोभा डे से जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह के पक्ष में वकालत करवाई। हालाँकि, शोभा डे ने इस दावे का खंडन किया है।