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13 गाँव के 10 हजार लोग बुलाकर प्रसाद के नाम पर धोखे से खिला दी भैंसे की बिरयानी

उत्‍तर प्रदेश के महोबा में पिछले महीने 31 अगस्त को पीर बाबा के उर्स में 13 गांवों के लोगों को आमंत्रित किया गया। उर्स का यह मेला चरखारी कोतवाली के सालट गाँव में पिछले 6 साल से लगता आया है। यह हिंदू-बहुल क्षेत्र है और इस समारोह में आस-पास के मुस्लिमों के साथ-साथ हिंदू भी बड़ी संख्या में भाग लेते आए हैं। लेकिन इस बार का आमंत्रण प्रसाद के नाम पर नॉनवेज बिरयानी परोसने के कारण विवाद का रूप ले लिया।

गाँव के बाहर बनी पीर बाबा की मजार पर उर्स के आयोजन में हिस्सा लेने आए हिंदुओं को धोखे से मांसाहारी बिरयानी खिलाई गई – वो भी प्रसाद के नाम पर। न तो प्रसाद बाँटने वाले ने, न ही प्रसाद बनवाने वाले ने यह घोषणा कि बिरयानी में भैंसे का मांस मिला हुआ है। ऐसी स्थिति में हिंदू श्रद्धालु भी धोखे में बिरयानी को प्रसाद समझ खाने लगे। जब उन लोगों को खाने के दौरान मांस और हड्डियाँ मिलीं तो बवाल हुआ।

इस मामले में 23 नामजद समेत 43 लोगों के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है। कल्लू, शहादत, छुट्टन, रमजान, रशीद, मुन्ना, पप्पू, मजीद, नजीर, कमरुद्दीन, हजरत, बशीर, राजू, अंसार, अकरम, साबिर, शरीफ, समीम, यूनुस, यूसुफ, भूरा और मुन्ना के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसके अलावा 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी धोखाधड़ी सहित कुछ अन्य धाराओं में रिपोर्ट हुई है।

कल्लू काजी ने आमंत्रित किया था लोगों को

उर्स में शामिल होने के लिए कल्लू काजी ने ही आस-पास के 13 गाँव वालों को आमंत्रित किया था। धोखा खाए लोगों का आरोप है कि कल्लू काजी ने ही धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर प्रसाद के नाम पर धोखे से भैंसे की बिरयानी खिला दी। जब लोगों को इस बारे में पता चला और बवाल हुआ तो पंचायत बुलाई गई। इस पंचायत में कल्लू काजी ने लोगों को गंगा स्नान कराने और शुद्धिकरण के लिए 50,000 रुपए देने का वादा किया।

विधायक के आने पर FIR

पंचायत के फैसले से असंतुष्ट कुछ लोग इस मामले को लेकर स्थानीय विधायक के पास चले गए। इसके बाद विधायक ब्रजभूषण राजपूत गाँव पहुँचे और आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया।

भारतीय दंड संहिता के 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, सद्भाव के खिलाफ पूर्वग्रहपूर्ण कार्य करने संबंधी) 295A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों, इरादों द्वारा किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को या उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के संबंध में), 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत FIR किया गया है।

मजार में महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण

विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया कि सालट गाँव के बाहर बनी पीर बाबा की मजार फर्जी है। उन्होंने कहा कि यहाँ झाड़-फूँक के नाम पर महिलाओं का शारीरिक शोषण किया जाता है। उन्होंने माँग किया कि भैंसे की मांस वाली बिरयानी खिलाकर हिंदुओं की भावनाओं के साथ जो खिलवाड़ की गई है, उसकी जाँच के साथ-साथ इस मजार के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की भी जाँच होनी चाहिए।

बिजली चोरी में पकड़े गए भू-माफिया आजम खान: हमसफर रिसॉर्ट पर पड़ा बिजली विभाग का छापा

समाजवादी पार्टी के नेता भूमाफिया सांसद आजम खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जहाँ उनपर अब तक 78 FIR दर्ज हो चुके हैं तो वहीं एक बार फिर उनके हमसफर रिसॉर्ट पर गुरुवार को बिजली विभाग ने छापा मारकर रिसॉर्ट में बिजली की चोरी करते हुए पकड़ा है। फ़िलहाल, तुरंत कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रिसॉर्ट का बिजली कनेक्शन काट दिया है और उनपर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हमसफ़र रिसॉर्ट में बिजली के आलावा नलकूप और पानी के कनेक्शन को लेकर भी छानबीन की गई है। जाँच के बाद जेई राहुल ने बताया कि यहाँ पाँच किलोवाट का कनेक्शन लिया गया है। लेकिन रिसॉर्ट में बहुतायत में चोरी की बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था, इसलिए फिलहाल कनेक्शन काट दिया गया है।

कार्रवाई करते बिजली विभाग के कर्मचारी

गौरतलब है कि आजम खान के छोटे बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के नाम पर ये रिजॉर्ट है। आजम खान का परिवार ही इस रिजॉर्ट को चलाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, एसडीएम पीपी तिवारी ने कहा, “हमसफर रिसॉर्ट में पानी की टंकी होने और हमसफर रिसॉर्ट को अवैध तरीके से पानी की सप्लाई किए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद जाँच की गई है। फिलहाल, विभाग अब इस बात की छानबीन में जुटा है कि पानी का कनेक्शन वैध है या नहीं। इसके लिए नगरपालिका से भी संपर्क किया गया है। दूसरा, यहाँ नलकूप विभाग का ट्यूबवेल लगा हुआ है। उसे किसानों की सिंचाई के लिए लगाया गया था। प्रथम दृष्टया किसानों से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें यहाँ से पानी नहीं मिलता है। अब सारे रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, रिकॉर्ड आने के बाद साफ हो जाएगा कि पानी किसानों को जाता था या सिर्फ हमसफर रिसॉर्ट को।”

गौरतलब है कि बिजली चोरी के संबंध में कहा गया है कि रिसॉर्ट में एक केबल डाला गया था। इनका जितना लोड है, उस हिसाब से कनेक्टिविटी नहीं है। मामले में बिजली विभाग के एसडीओ आए थे, उन्होंने बिजली की चोरी की वारदात पकड़ी है। और मामले में एफआईआर दर्ज करने को कह दिया गया है।

बता दें कि जौहर यूनिवर्सिटी के विवादों में आने के बाद से ही नया विवाद उनके रिजॉर्ट हमसफ़र से भी जुड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिजॉर्ट की जो बाउंड्री वॉल नाले पर कब्जा करके बनाई गई थी, उसे अगस्त महीने में ही प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया था। तब डीएम ने कहा था कि अवैध कब्जा और उस अवैध कब्जे को हटाने में जो खर्च आया था, वह भी आजम खान से ही वसूला जाएगा।

चालान और ट्रैफिक रूल से बचने का लोगों ने ढूँढ लिया जुगाड़, Video वायरल

देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 लागू होने के बाद से ही जहाँ एक के बाद एक भारी भरकम चालान सुर्ख़ियों में है तो वहीं सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह से इस नियम और उसके प्रावधानों का मजाक उड़ा रहे हैं।

बता दें कि नया मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद वाहन चालकों की मुसीबत हो गई है। इससे उनकी यातायात नियमों के लिए प्रति लापरवाही भारी पड़ रही है। सिरसा और फतेहाबाद में बाइक सवारों पर बुधवार (सितम्बर 4, 2019) को भी जमकर गाज गिर चुकी है। छह बाइक सवारों के 107500 रुपए के चालान काटे गए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिरसा में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने एक मोटरसाइकिल चालक का 23 हजार का चालान कर दिया। फतेहाबाद में तीन बुलेट बाइक चालक पर 52500 रुपए और दो मोटरसाइकिल चालकों के 16-16 हजार के चालान काटे गए। ये तो कुछ थोड़े से उदाहरण है, सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से नया ट्रैफिक संशोधन अधिनियम और चालानों की चर्चा से लेकर एक से बढ़कर एक मीम्स ट्रेंड कर रहा है।

नए ट्रैफिक नियमों की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक चुटकुलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें लोग बढ़ाए गए जुर्मानों का अपने-अपने अंदाज में विरोध भी कर रहे हैं और उसके मजे भी ले रहे हैं।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालाँकि, यह वीडियो पुराना है, ऐसे में इसे देख कर यह न मान लें कि नए नियम लागू होने के बाद ऐसा कुछ हुआ है। वायरल वीडियो का कैप्शन है ‘बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना गैरकानूनी है, चलना नहीं।’ इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि लोग व्यस्त सड़क पर उतर कर पैदल टहलते हुए जा रहे हैं।

आईपीएस अधिकारी पंकज नैन ने भी इसे ट्वीट करते कहा, “ट्रैफिक चालान से बचने के अनोखे तरीके और भारतीय जुगाड़ के राजा-रानी हैं, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता है।”

वहीं तमाम दूसरे ट्विटर यूजर्स ने भी इस पर खूब मज़े लिए हैं। तमाम जोक्स ट्रेंड कर रहे हैं।


आप कौन हैं, क्या करते हैं: SC ने रॉबर्ट वाड्रा के रिश्तेदार पूनावाला की कश्मीर पर याचिका ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने आज जम्मू-कश्मीर में संचार अवरोध के ख़िलाफ़ रॉबर्ट वाड्रा के रिश्तेदार तहसीन पूनावाला की अलग याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। CJI रंजन गोगोई ने टिप्पणी करते हुए कहा, “वह क्या करता है? वो किस पृष्ठभूमि का है? जम्मू-कश्मीर के साथ उसका क्या संबंध है? क्या आप चाहते हैं कि हम यह सब पूछें?” पूनावाला अब हस्तक्षेप याचिका दायर कर सकते हैं।

एक सामाजिक कार्यकर्ता और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बहनोई, पूनावाला ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी और अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के बाद राज्य में तालाबंदी (लॉकडाउन) का मुद्दा उठाया था। पूनावाला का तर्क था कि अनुच्छेद-370 के निरस्त होने से संविधान के अनुच्छेद-19 (बोलने की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का हनन हो रहा है।

SC ने कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक, अनुराधा भसीन की याचिका पर भी केंद्र को नोटिस जारी किया और आज किसी भी आदेश को पारित करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि अंतिम सुनवाई 16 सितंबर को होगी।

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद, अनुराधा भसीन ने राज्य में संचार पर लगी पाबंदियों के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि सूचनाओं के आदान-प्रदान पर व्यापक रोक, बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मोबाइल, इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाओं सहित संचार के सभी तरीकों को तुरंत बहाल करने के लिए केंद्र सरकार को दिशा-निर्देश जारी करने की माँग की थी।

तैराकी कोच ने नाबालिग एथलीट से की छेड़छाड़, किरेन रिजिजू ने लिया संज्ञान; नहीं मिलेगी पूरे देश में कहीं नौकरी

सोशल मीडिया पर एक चौंका देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में, मूल रूप से पश्चिम बंगाल का और वर्तमान में गोवा के मापुसा में रहने वाला तैराकी कोच, सुरजीत गांगुली को 15 साल की राष्ट्रीय स्तर की तैराक के साथ क्रूरतापूर्वक छेड़छाड़ करते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को काफ़ी शेयर किया गया जिससे गांगुली की यह शर्मनाक हरक़त प्रशासन तक अपनी पहुँच बना सके।

लोगों द्वारा बड़े स्तर पर विरोध जताए जाने पर, किरेन रिजिजू ने तैराकी कोच के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की है। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ”मैंने इस घटना पर गहन विचार किया। गोवा स्विमिंग एसोसिएशन ने कोच सुरजीत गांगुली के अनुबंध को समाप्त कर दिया है। मैं भारत के तैराकी संघ से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहा हूँ कि इस कोच को भारत में कहीं भी काम न दिया जाए। यह सभी फेडरेशन और शिक्षण संस्थानों पर लागू है।”

युवा मामले और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजिजू ने पुलिस से इस जघन्य अपराध के लिए कोच के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

तैराकी के क्षेत्र में इससे पहले भी शर्मसार करने वाली कई घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। ख़बर के अनुसार, 2018 में पैरा स्वीमिंग कोच पर रेप के आरोप के चलते तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था। एक महिला ने कोच पर जयपुर में हुई नेशनल पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप के दौरान यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके अलावा,  2016 मेंं कोच पर एक सात साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। इसके बाद कोच को पुलिस हिरासत में ले लिया गया था।

जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की तैयारी: PM मोदी ने महातिर मोहम्मद से मिलकर रूस में उठाया मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रूस दौरे के दूसरे दिन व्लादिवोस्तोक में मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से भगौड़े जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में बात की। जिसके बाद दोनों पक्षों ने फैसला किया कि उनके अधिकारी अब इस मामले के संबंध में संपर्क में रहेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों ने ये बात भी स्वीकारी कि ये मुद्दा दोनों देशों के लिए बेहद महत्तवपूर्ण हैं।

विदेश सचिव विजय गोखले ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा, “पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के सामने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया और दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई है कि ये मुद्दा दोनों देश के लिए काफी अहम है। ऐसे में दोनों देश के अधिकारी इस मसले पर एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे।”

गौरतलब है कि सांप्रदायिक भड़काऊ बयान देकर इस्लामिक उपदेशक के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले जाकिर नाईक मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में मोस्ट वांटेड अपराधी है। जिसके कारण भारत सरकार ने उसे और उसके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को 5 साल के प्रतिबंध के साथ इसे गैरकानूनी संगठन घोषित किया है। 2016 में जाकिर नाईक गिरफ्तारी के डर से भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था और तब से वो वहीं रह रहा है।

हालाँकि, पिछले साल मलेशिया सरकार जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के नाम पर अपनी ओर से एक्शन लेने के लिए इंकार कर चुकी थी लेकिन बीते दिनों जब जाकिर नाइक ने वहाँ के हिंदुओं को लेकर विवादित बयान दिया तो वहाँ के एक मंत्री और पाँच सासंदों ने अपील की कि जाकिर को देश से बाहर निकाल दिया जाए। अब ऐसे में हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री के बीच उठा ये मुद्दा कोई बड़ा निष्कर्ष निकाले और जाकिर का जल्द से जल्द भारत को प्रत्यर्पण हो, ताकि उस पर लगे आरोपों के तहत मुमकिन कार्रवाही हो सके।

कुरान के हिसाब से वो मस्जिद रह जाएगा? SC के जज ने मुस्लिम पक्ष के वकील को उनकी ही बातों में फँसाया

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है। हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रख चुका है और मुस्लिम पक्ष द्वारा इन दिनों अपनी दलीलें दी जा रही हैं। लेकिन इसी बीच सुनवाई के 19वें दिन यानी बुधवार को कोर्ट में कुछ ऐसा हुआ जिसने मुस्लिम पक्ष के वकील को उनकी ही बातों में फँसा दिया। दरअसल, अपनी दलीलें पेश करते-करते मुस्लिम पक्ष की ओर से स्वीकार कर लिया गया कि वहाँ पर पहले हिंदू पूजा करते थे और वह (मुस्लिम पक्ष) इसका विरोध नहीं करते बल्कि उनके (हिंदुओं) हकदार होने के दावे को स्वीकारते हैं।

अब जैसे ही धवन ने अपनी ये दलील कोर्ट के सामने रखी, पीठ के न्यायाधीशों ने उन पर सवालों की झड़ी लगा दी और कहा कि इसका मतलब है कि आप मान रहे हैं कि विवादित जमीन पर मस्जिद के साथ मंदिर था।

जिसके बाद धवन ने खुद को घिरा हुआ देखकर ये कह डाला कि निर्मोही अखाड़ा बाहर चबूतरे पर पूजा करते थे। उन्होंने कहा कि पहले बाबरी मस्जिद के आँगन में राम की मूर्ति थी, जिसकी पूजा अखाड़ा करता था, लेकिन दिसंबर 1949 को वो मूर्ति मस्जिद के बीच गुंबद के नीचे रख दी गई। जिस पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उनसे पूछा कि मतलब आप अखाड़ा के सेवा और पूजा अधिकारों को मान रहे हैं और ये कह रहे हैं कि पूजा बाबरी मस्जिद के बाहरी प्रांगण में होती थी, वहाँ मूर्ति थी।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने भी उनकी दलील पर प्रतिक्रिया दी और कहा, “आपने अपने मुकदमे में दो माँगे की हैं – एक तो उसे मस्जिद घोषित किया जाए और दूसरा, दिए गए नक्शे के पूरे क्षेत्र पर मालिकाना हक दिलाया जाए। आपकी दूसरी माँग में पूरा क्षेत्र शामिल है, लेकिन अगर आप निर्मोही अखाड़ा का सेवा-पूजा का अधिकार स्वीकार कर रहे हैं मतलब, आप वहाँ का एक हिस्सा उन्हें दे रहे हैं। ऐसे में पूरी जगह पर अकेला आपका दावा नहीं रह जाता।”

अब न्यायाधीशों के सवाल में लगातार खुद को फँसता देख धवन ने कहा कि निर्मोही सिर्फ सेवा-पूजा का अधिकार माँग रहे हैं, वह मालिकाना हक नहीं माँग रहे। वे सुविधा के अधिकार के तहत वहाँ पूजा करते थे, लेकिन मस्जिद पर मालिकाना हक वक्फ और मुस्लिम का ही था।  धवन ने ये भी कहा कि हिंदू-मुस्लिम एक साथ हो सकते हैं, लेकिन ये हमारी संपत्ति है। फिर भी अगर लोग यहाँ आकर प्रार्थना करना चाहते हैं तो हम इसकी अनुमति दे देंगे।

इस सुनवाई के बीच में जस्टिस चंद्रचूड़ ने उनसे स्पष्ट करके कहा कि अगर आप अखाड़े के पूजा अधिकारों को मान रहे हैं, तो आप भगवान के अधिकारों को भी मान रहे हैं, क्योंकि बिना भगवान के पूजा अधिकारों की बात नहीं आ सकती। अगर आप मानते हैं कि हिंदुओं को मस्जिद के अंदर चबूतरे में पूजा करने का अधिकार है तो क्या फिर भी कुरान के कानून के हिसाब से वो मस्जिद रह जाएगा?

इस बीच न्यायाधीश नजीर ने धवन से यह भी पूछा कि क्या हिंदू मुस्लिम एक साथ प्रार्थना कर सकते हैं? भारतीय संदर्भ में जहाँ सूफियों का वर्चस्व रहा, इसे लेकर इस्लामिक कानून क्या है? इस पर धवन ने कहा, “ये सच है कि कुरान का कानून एक आदर्श कानून है। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय को तय करना है कि क्या ये समकालीन संदर्भ में प्रयुक्त होगा या नहीं।” जिसके बाद न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने उन्हें टोकते हुए कहा कि मतलब आप विवादित जमीन पर अपने अधिकारों के लिए नहीं बल्कि हिंदुओं के साथ सह अस्तित्व की वकालत कर रहे हैं?

‘माननीय CM योगी जी, मेरी बेटी की अश्लील फोटो बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया, मेरी मदद करें’

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से धर्म परिवर्तन का एक घिनौना सच सामने आया है। जहाँ एक पिता ने अपनी बेटी के अपहरण और उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में एक स्कूल प्रबंधक सलमान सुहेल के ख़िलाफ़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही पुलिस को भी तहरीर देकर मामले को थाने में दर्ज करवाया है। अब पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

लड़की के पिता का नाम राजेश कुमार है और पूरा मामला दरियाबाद थाना क्षेत्र के कमोली गाँव का है। राजेश ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में बताया है कि वह सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले व्यक्ति हैं। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय है।

उनकी मानें तो उनकी बेटी खुशबू श्रीवास्तव (19 वर्ष) हरिहर सिंह विमला देवी महिला महाविद्यालय जगदीशपुर बजूरी बाराबंकी में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। लेकिन इसके अलावा वह खंसा हाजी तुफैल अहमद इंटर कॉलेज उदईमऊ में बतौर शिक्षक भी पढ़ाती है। पिता के मुताबिक उनकी बच्ची 27 अगस्त को अपने घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं आई। परिजनों ने उसको खोजने की खूब कोशिश की लेकिन वह जब नहीं मिली तो 28 सितंबर को थाने पहुँचकर एफआईआर दर्ज करवाई।

उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रबंधक सलमान सुहेल ने बहला-फुसलाकर उनकी बच्ची को धर्म परिवर्तन के लिए और अपने साथ या किसी अन्य मुस्लिम युवक के साथ शादी कराने के लिए अगवा कर लिया है। बच्ची भी किसी डर में उसी के पक्ष में बात कर रही है। लेकिन सलमान उन्हें फोन करके धमका रहा है। वह कह रहा है कि अगर वह लोग उसके ख़िलाफ़ कोई भी कार्रवाई करेंगे तो वह उनके पूरे परिवार को जान से मार देगा।

हालाँकि, फिलहाल परिवार की तहरीर पर मामले को धारा 366 के तहत दर्ज कर लिया गया है और कहा जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं की जल्द ही गिरफ्तारी होगी। लेकिन फिर भी पिता ने मुख्यमंत्री को इस मामले में पत्र लिखकर प्रार्थना की है कि इस प्रकरण में वह अतिशीघ्र कार्रवाई करने की कृपा करें। ताकि उनके धर्म की रक्षा मुस्लिम जेहादियों से हो सकें।

चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से बेल नहीं, CBI के बाद अब ED कर सकती है गिरफ्तार

INX मीडिया मामले में कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज INX मीडिया धन शोधन मामले में कॉन्ग्रेस नेता पी चिदंबरम को अग्रिम ज़मानत देने से बृहस्पतिवार (5 सितंबर) को इनकार कर दिया। कोर्ट ने ED द्वारा दर्ज INX मीडिया धन शोधन मामले में अग्रिम ज़मानत नहीं देने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली चिदंबरम की याचिका भी ख़ारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट का कहना है, “प्रारंभिक चरण में अग्रिम ज़मानत देना जाँच को विफल कर सकता है… यह मामला अग्रिम ज़मानत देने के योग्य नहीं है। आर्थिक अपराध अलग-अलग स्तर पर हैं और इसे अलग दृष्टिकोण के साथ निपटाया जाना चाहिए।”

अब प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ के लिए पी चिदंबरम को हिरासत में ले सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एजेंसी पूर्व वित्त मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चिदंबरम ट्रायल कोर्ट के समक्ष नियमित ज़मानत की अर्ज़ी दाखिल कर सकते हैं।

ग़ौरतलब है कि INX मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम अभी भी (5 अगस्त तक) केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की हिरासत में हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआइ और ईडी ने ये दलील दी थी कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने पुत्र कार्ति के साथ मिलकर एयरसेल मैक्सिस डील मामले में ‘बेहद गंभीर आर्थिक अपराध’ किया है, इसलिए उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

‘मैं इमरान के बिना नहाने का सोच भी नहीं सकती, मैं नहाती हूँ तो सिर्फ इमरान के साथ’

लंबे बाल वाला मर्द मॉडल: एक्स्क्यूज़ मी, ये क्या?

लड़की मॉडल: जानू इसमें कुछ खास है।

लंबे बाल वाला मर्द मॉडल: कुछ खास!

लड़की मॉडल: हूँ!

लंबे बाल वाला मर्द मॉडल: क्या मैं इसे खोल सकता हूँ?

लड़की मॉडल: हाँ, खोलें लेकिन जरा प्यार से।

लंबे बाल वाला मर्द मॉडल: अरे वॉउ, ये तो इमरान सोप है। क्या आप भी इमरान सोप इस्तेमाल करती हैं?

लड़की मॉडल: हाँ, मैं भी इमरान की दीवानी हूँ। मैं इमरान के बिना नहाने का सोच भी नहीं सकती। मैं नहाती हूँ तो सिर्फ इमरान के साथ।

लंबे बाल वाला मर्द मॉडल: अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी चर्म नरमों नाजुक हों, और आपको नहाते हुए भी मज्जा (मजा) आ जाए तो आप भी इमरान सोप इस्तेमाल करें।

ये किसी अश्लील फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं है बल्कि पड़ोसी और आतंकवादी देश के प्रधानमंत्री इमरान खान के नाम वाले साबुन का विज्ञापन है। वैसे तो यह विज्ञापन साल 2016 का है लेकिन पत्रकार नायला इनायत ने इसे 4 सितंबर 2019 की रात को ट्वीट कर इसे फिर से चर्चा में ला दिया।

पाकिस्तान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहाँ के प्रधानमंत्री को नान-टिमाटर तक के लिए कैबिनेट मीटिंग बुलानी पड़ जाती है। वहाँ बेचारा कोई बिजनेसमैन आखिर साबुन बेचे तो बेचे किसके नाम पर! सेना भी इमरान को यूज कर रही है, सो लगे हाथ बिजनेसमैन भी उसका नाम भुना लिए।

अभी स्थिति क्या है, पता नहीं। लेकिन इमरान के खुद के देश में बालाकोट के बाद जो उसकी छवि बनी है, उससे यह कयास जरूर लगाया जा सकता है कि यह साबुन अब शायद ही कोई नहाने के लिए इस्तेमाल करता होगा। हाँ, संडास से आने के बाद हाथ धोने के लिए शायद!