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स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट चला रही शुरा ख़ान गिरफ़्तार, थाईलैंड की 6 लड़कियाँ छुड़ाई गईं

मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्पा की आड़ में चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान क्राइम ब्रांच ने 6 लड़कियों को भी वहाँ से निकाला। बचाई गई सारी लड़कियाँ थाईलैंड की हैं। पुलिस को पूर्वी मुंबई के पॉश वीले पार्ले क्षेत्र में स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट चलाए जाने की सूचना अपने सूत्रों से मिली थी। इस स्पा का उद्घाटन 2017 में एक लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेत्री ने किया था। शनिवार (अगस्त 17, 2019) की सुबह पुलिस अधिकारियों ने थाई वीले पर छापेमारी की

स्पा के मालिक शुरा ख़ान और सुमित सिंघानिया को गिरफ़्तार कर लिया गया है। इन दोनों पर अवैध रूप से वेश्यावृत्ति का धंधा चलाने का मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान 1.23 लाख रुपए, एक लैपटॉप, 3 स्वाइप मशीन, 3 वाउचर बुक्स और कुछ कागजात जब्त किए गए हैं। थाई विला मुंबई के दीक्षित रोड में स्थित है। बचाई गई सभी पीड़ित थाईलैंड की नागरिक हैं और वे टूरिस्ट एवं बिजनेस वीजा पर यहाँ रह रही थीं।

दोनों आरोपितों को PITA (अनैतिक ट्रैफिकिंग एक्ट) के तहत मामल दर्ज किया गया है। जब्त की गई संपत्ति, पीड़ितों व आरोपितों को स्थानीय पुलिस थाना को सौंप दिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

अब इंसानों के शरीर में धड़केगा सुअर का दिल: ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर का दावा

जल्द ही ऐसा मुमकिन है कि एक सुअर का दिल किसी इंसान के अंदर धड़के। यह बात सुनने में जरूर अटपटी लग सकती है, लेकिन ब्रिटेन के नामचीन डॉक्टर सर टेरेन्स इंग्लिश का कहना है कि सिर्फ 3 साल के भीतर सुअर के दिलों को इंसानों में ट्रांसप्लांट करना संभव हो सकता है। 40 साल पहले ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि इस तकनीक से हृदय रोगियों को एक नई जिंदगी मिल सकती है।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि इससे पहले सुअर की किडनी इंसानों के अंदर लगाई जाएगी। दरअसल, दुनिया भर में ह्यूमन ऑर्गन्स की जितनी माँग है, उतने डोनर नहीं मिल पाते। जिसकी वजह से उनकी मौत हो जाती है। इसी के मद्देनज़र दुनिया को कुछ बेहतर देने की कोशिश में मेडिकल वर्ल्ड में नए-नए एक्सपेरिमेंट किए जा रहे हैं। वैज्ञानिक इस ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के शरीर में सुअर का दिल लगाने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ गई है।

चूँकि, सुअर के अंगों का आकार इंसान के अंगों की तरह ही होता है, इसलिए इसे इंसान के लिए सही माना जा रहा है। डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग इसका विरोध कर सकते हैं, लेकिन क्या यह अच्छा नहीं होगा कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करके इंसान को बचाया जा सकेगा।

राम मंदिर के लिए हलचल तेज़: ‘पत्थर तराशने के काम में तेज़ी, राजस्थान से पहुँचेंगे कारीगर’

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई हो रही है और माना जा रहा है कि नवंबर तक अंतिम निर्णय आ जाएगा। दोनों ही पक्षों द्वारा अपनी-अपनी दलीलें पेश की जा रही हैं। सुनवाई कर रही पीठ की अध्यक्षता ख़ुद सीजेआई रंजन गोगोई कर रहे हैं। अब ख़बर आ रही है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने का काम तेज़ कर दिया गया है और इसके लिए अतिरिक्त कारीगरों को भी बुलाया जा रहा है। हालाँकि, वर्तमान में कारीगरों की कमी के कारण नक्काशीदार स्लैबों की सफाई का काम चल रहा है।

अभी 10-12 कारीगर साफ़-सफाई के कार्य में लगे हुए हैं। जल्द ही साधु-संतों की बैठक भी बुलाई जाएगी, जिसमें पत्थरों को तराशने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए मंथन किया जाएगा। विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा:

“जब से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज हुई है, राम भक्त भी उत्साह में हैं। मंदिर के लिए नक्काशीदार पत्थर की शीट्स और खम्भों की सफाई चालू है। पत्थरों को तेजी से तराशने का फैसला अयोध्या और अन्य स्थानों के संतों के सुझावों के अनुसार होगा और इस सम्बन्ध में बातचीत चालू है।”

विहिप प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रस्तावित राम मंदिर का ग्राउंड फ्लोर के निर्माण के लिए 70% पत्थरों को तराशने का कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने इस कार्य में तेज़ी लाने के लिए राजस्थान से भी कारीगर बुलाए जाने की बात कही। राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास ने उम्मीद जताई कि नवंबर तक मामले की सुनवाई ख़त्म हो जाएगी, इसीलिए पत्थरों को तराशने का कार्य तेज़ी से होना ज़रूरी है।

विहिप की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि जस्टिस रंजन गोगोई रिटायरमेंट से पहले इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सुना देंगे। इसीलिए वर्षों से धूल फाँक रहे स्लैबों की साफ़-सफाई कराई जा रही है।

नेहरू के देश पर हिन्दू प्रभुत्व वालों का कब्जा, भारत के परमाणु बमों पर ध्यान दे दुनिया: इमरान ख़ान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को हिन्दूफोबिया हो गया है। लगातार ट्वीट्स में पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा के लिए ‘हिन्दू प्रभुत्ववादी’ जैसे शब्दों का प्रयोग यह दिखाता है कि पाक पीएम को जम्मू कश्मीर मसले में केवल ‘हिन्दू एंगल’ ही दिख रहा है। इमरान ने एक के बाद एक चार ट्वीट कर भारत सरकार, पीएम मोदी और हिन्दुओं को भला-बुरा कहा। इमरान ख़ान ने लिखा कि जैसे जर्मनी पर नाज़ी ने कब्ज़ा कर लिया था, ठीक वैसे ही ‘फासिस्ट, रेसिस्ट और हिंदुत्व के प्रभुत्व’ वाले नेतृत्व ने भारत पर कब्ज़ा कर लिया है।

जम्मू कश्मीर को ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ बताते हुए उन्होंने दावा किया कि वहाँ 90 लाख लोगों को 2 हफ्ते से नजरबंदी की हालत में रखा गया है। इमरान ने लिखा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र को संज्ञान लेते हुए अपने प्रतिनिधियों को वहाँ भेज देना चाहिए था। भारत के राष्ट्रपिता और प्रथम प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए इमरान ने लिखा कि ‘इन हिन्दू प्रभुत्ववादियों’ से न सिर्फ़ भारत के अल्पसंख्यकों और पाकिस्तान को खतरा है, बल्कि गाँधी-नेहरू द्वारा जो भारत की संरचना बनाई गई थी, वो भी खतरे में है।

व्हाट्सप्प ज्ञान से फैलने वाले अफवाहों को बढ़ावा देते हुए खान ने लिखा कि गूगल सर्च कर के यह पता लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नाज़ी की नरसंहार वाली विचारधाराओं में क्या समानताएँ हैं? उन्होंने दावा किया कि 40 लाख भारतीय मुस्लिम हिरासत में हैं और उन्हें विभिन्न कैम्पों में रखा गया है। इमरान के अनुसार, इन मुस्लिमों की नागरिकताएँ भी छीन ली गई हैं। हालाँकि, अपने इस झूठे दावे को साबित करने के लिए उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।

इमरान खान ने लिखा, “दुनिया को यह ज़रूर देखना चाहिए। आरएसएस के ‘गुंडे’ खुले तौर पर हिंसा कर रहे हैं। जिन्न अब बोतल से बाहर आ चुका है। अगर विश्व समुदाय ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो नरसंहार और घृणा का यह सिद्धांत फैलता चला जाएगा।” भारत की परमाणु शक्ति से भयभीत इमरान ने विश्व समुदाय से अपील की कि भारत का परमाणु जखीरा ‘हिंदुत्व प्रभुत्ववादियों के चंगुल में है’ और इस पर ध्यान दिया जाए।

इमरान ख़ान इससे पहले भी आरएसएस और हिन्दुओं को लेकर भला-बुरा बोल चुके हैं। इससे पहले इमरान ने लिखा था कि कश्मीर में कर्फ्यू लगा है और जनता पर क्रैकडाउन किया जा रहा है। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे इस्लामिक देश के प्रधानमंत्री ने लिखा था कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। उन्होंने पूछा था, “क्या दुनियाँ सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?

‘मुस्लिम गुंडे नहाते समय मेरी माँ को घूरते’ – पीड़ित से The Wire के पत्रकार ने पूछा – तुम्हें बजरंग दल ने सिखाया?

बेगूसराय में दलितों को मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा लगातार अपना घर बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें संपत्ति बेच कर जाने को कहा जा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। एक नाबालिग दलित को भी पीटा गया। समाजसेवी संजीव नेवर ने एक ऑडियो जारी किया है, जिसमें ‘द वायर’ और ‘इंडिया स्पेंड’ का पत्रकार पीड़ित पर दबाव डालकर कहवाना चाह रहा है कि यह कोई सांप्रदायिक घटना या हेट क्राइम नहीं है।

ऊपर दिए गए ऑडियो में उमेश ख़ुद का परिचय प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ और ‘इंडिया स्पेंड’ के पत्रकार के रूप में देता है। पीड़ित ने पत्रकार को अपने साथ की गई ज्यादतियों का वर्णन करते हुए बताया कि स्थानीय मुस्लिम गुंडे उसकी नहाती हुई माँ को ग़लत इरादे से घूरा करते थे। साथ ही उसने अपने साथ हुई मारपीट का वाकया भी सुनाया।

पीड़ित ने बताया कि उसकी बहन से जबरन सड़कें साफ़ करवाई गईं। इसके बाद प्रोपेगंडा पत्रकार ने पीड़ित से पूछा कि क्या वहाँ पर बसे अन्य हिन्दू परिवारों के साथ भी मुस्लिम समुदाय द्वारा ऐसा ही व्यवहार किया जाता है? पीड़ित ने बताया कि वहाँ रह रहे हिन्दुओं को मुस्लिमों द्वारा जो भी काम दिए जाएँ, उन्हें पूरा करना होता है।

वहाँ मुस्लिम समयदाय के लोग दलितों से जबरन काम करवाते हैं लेकिन पीड़ित ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया था। पीड़ित ने बताया कि उसके परिवार में कोई भी बाहर झाड़ू-पोछा या साफ़-सफाई का कार्य नहीं करता है, इसीलिए उसने मुस्लिम समुदाय की बात मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पत्रकार उमेश ने पीड़ित लड़के से पूछा कि क्या पुलिस को शिकायत दिए जाने की प्रक्रिया में बजरंग दल भी शामिल था?

‘द वायर’ का पत्रकार यह जानना चाहता था कि क्या पीड़त ने बजरंग दल के कहने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया? हालाँकि, पीड़ित ने पत्रकार द्वारा बार-बार बात घुमाने के बाद भी अपने बयान पर कायम रहते हुए बताया कि पुलिस को उसने जो बयान दिया है, वह उसका ख़ुद का है और उसने किसी के प्रभाव में आकर यह बयान नहीं दिया है। हालाँकि, पीड़ित ने यह ज़रूर कहा कि शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में बजरंग दल ने समाजिक दायित्व निभाते हुए उसकी मदद की।

पत्रकार उमेश ने बेशर्मी दिखाते हुए पीड़ित से पूछा कि क्या मुस्लिमों ने उसे पीटते समय यह बताया कि उसे हिन्दू होने की वजह से पीटा जा रहा है? कथित फैक्ट चेकर वेबसाइट के पत्रकार की मानें तो जब तक आरोपित ख़ुद ऐसा नहीं कहता, तब तक यह नहीं माना जाएगा कि यह हेट क्राइम है। जून में आई स्वराज्य की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महादलित परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा था कि 10 जून की रात अचानक से उसके घर में भीड़ घुस आई और घर की दो औरतों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

आरोपितों ने पिस्तौल के दम पर बलात्कार करने की भी कोशिश की थी। पीड़ित महादलित परिवार को न्याय दिलाने की माँग के साथ भाजपा व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। बजरंग दल ने कहा था कि नूरपुर को कश्मीर एवं कैराना बनाने की कोशिश हो रही है, जिससे हिन्दू यहाँ से पलायन कर जाएँ।

सिर्फ अंग्रेजी से ही अच्छा पैसा कमाया जा सकता है, इस धारणा को बदलने की जरूरत: मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार (अगस्त 17, 2019) को कहा कि लोगों के बीच इस धारणा को बदलने की जरूरत है कि सिर्फ अंग्रेजी ज्ञान से ही अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। उन्होंने मातृभाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि अध्ययन के अन्य विषयों के साथ आध्यात्मिक ज्ञान देने की भी जरूरत है।

संघ प्रमुख ने शिक्षा प्रणाली में भारतीयता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति आजीविका चलाने के लिए पढ़ता है, तो यह शिक्षा नहीं है क्योंकि समाज में ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ अशिक्षित लोगों ने शिक्षित लोगों को नौकरियाँ दी हैं।

भागवत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में आरएसएस से संबद्ध शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (एसएसयूएन) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा में आध्यात्मिकता के बारे में बात की जाती है, तो कुछ लोगों की भौहें तन जाती हैं लेकिन मानविकी, वाणिज्य और विज्ञान जैसे अन्य विषयों के साथ इसकी भी आवश्यकता है। भागवत का कहना है कि लोगों ने ऐसी धारणा बना ली है कि कोई व्यक्ति केवल तभी अच्छा पैसा कमा सकता है, जब उसे अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान हो। लेकिन, इस धारणा को बदलने करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि जो लोग सिर्फ अपनी मूल भाषा जानते हैं, वो भी वह अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकसित देशों के उदाहरण दिए, जहाँ अधिकांश लोग केवल अपनी मातृभाषा को ही जानते हैं। मोहन भागवत ने कहा कि समाज में लोगों का कहना है कि शिक्षा प्रणाली को बदला जाना चाहिए, और यह लोगों द्वारा किया जा सकता है, क्योंकि भारत में शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है और समाज का भी इस पर कुछ नियंत्रण है। अगर समाज को लगता है कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव होना चाहिए, तो यह निश्चित रूप से होगा।

वाह मोदीजी! आप प्रशंसा के लायक हैं, आप देश के मार्गदर्शक हैं: ‘बिहारी बाबू’ का हृदय परिवर्तन

वरिष्ठ अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का हृदय परिवर्तन होता दिख रहा है। भाजपा में रहते हुए भी बार-बार अपनी ही पार्टी को कोसने वाले सिन्हा आज तो भाजपा में नहीं हैं लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बाँधे हैं। सिन्हा ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए भाषण को ‘साहसिक, तथ्यपरक और उत्तेजक’ बताया। बकौल शत्रुघ्न सिन्हा, प्रधानमंत्री ने उन सभी समस्याओं का काफ़ी अच्छी तरह से जिक्र किया, जिनसे देश आज जूझ रहा है।

जल-संकट पर बात करते हुए सिन्हा ने लिखा कि यह समस्या विकराल होती जा रही है और अगले 2 वर्षों में कई शहर सूखे की चपेट में आ जाएँगे। बता दें कि पीएम ने जल-संकट पर बात करते हुए जैन मुनि बुद्धिसागर की उस भविष्यवाणी का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब पानी किराने की दूकान पर बिकने लगेगा। पीएम ने बताया कि सरकार आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस मद में साढ़े तीन लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्च करने का संकल्प किया गया है।

पटना साहिब से लगातार दो बार सांसद रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से जनसंख्या नियंत्रण की तरफ ध्यान दिलाए जाने पर भी ख़ुशी जताई। ज्ञात हो कि स्वतंत्रता दिवस पर अपने सम्बोधन के दौरान पीएम ने जनसंख्या विस्फोट को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए देशवासियों से छोटे परिवार की अपील की थी। उन्होंने देश में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा था कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नयी चुनौतियाँ पेश करता है।

2019 लोकसभा चुनाव कॉन्ग्रेस के टिकट पर लड़ कर हार चुके सिन्हा इस बात से भी गदगद दिखे कि पीएम ने प्लास्टिक को ‘गुड बाय’ कह कर प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देने की अपील की। साथ ही सिन्हा ने पीएम द्वारा भारतीय पर्यटन को एक नया आयाम देने के लिए भी धन्यवाद किया। सिन्हा ने ट्विटर पर लिखा:

“इन समस्याओं के बारे में बातें तो बहुतों ने की हैं लेकिन किसी ने ठोस क़दम नहीं उठाए या योजनाएँ बना कर आगे बढ़ने का प्रयास नहीं किया। वाह! आप (पीएम मोदी) प्रशंसा और सराहना के लायक हैं।”

दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने में उनके विश्वस्त सहयोगियों में शामिल रहे सिन्हा ने सीडीएस के गठन को लेकर भी पीएम की प्रशंसा की। सिन्हा ने लिखा कि इससे बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का मार्गदर्शक और मित्र होने के नाते इन समस्याओं पर बात करने के लिए सही समय, सही दिन और सही मंच चुना है। पूरा देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

2 कश्मीरी IAS-IPS ने दिखाया दम, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की कर दी छुट्टी

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के पर कतरने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी ख़बरों को फैला कर लोगों को भ्रमित करने का काम पाकिस्तान बड़े ज़ोर-शोर से कर रहा है। फ़र्ज़ी ख़बरों के प्रचार-प्रसार के लिए पाकिस्तान फ़र्ज़ी फ़ोटो और वीडियो का जमकर सहारा ले रहा है। ऐसा करने के पीछे पाकिस्तान की मंशा दुनिया में भारत की छवि को ख़राब करना है।

पाकिस्तान की मंशा का पर्दाफ़ाश करने में भारत कभी पीछे नहीं रहा, उसकी इस हरक़त का मुँहतोड़ जवाब भी दिया गया, दिया जा रहा है। इन्हीं में एक हैं जम्मू-कश्मीर में पाक आतंकवादियों का काम तमाम करने वाले आईपीएस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन, जिन्होंने सबूतों और तर्कों के साथ सोशल मीडिया के मैदान में फर्जीवाड़ा और प्रोपेगेंडा फैला रहे पाकिस्तानियों को धूल चटाई।

श्रीनगर में तैनात आईपीएस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन ने रविवार (18 अगस्त) को ट्विटर पर लिखा, “पाकिस्‍तान के सिंध का एक डाकू कश्‍मीर में लड़ाई लड़ना चाहता है। जैसे कि अब तक जो लोग कश्‍मीर में लड़ने के लिए आए थे, वे कमजोर डाकू थे। पाकिस्‍तानी सेना हमेशा से ही अपना काम ऐसे डाकुओं को आउट सोर्स कर करती रही है। उसका काम भी डाकू जैसा ही है। इस डाकू का भी वही हश्र होगा जो पहले के डाकुओं का हुआ है।”

आईपीएस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन के अलावा आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी ने भी पाकिस्तानी प्रॉपेगैंडा की हवा निकालते हुए ट्विटर पर जम्मू-कश्मीर में शांति व्यवस्था की असली तस्वीर से लोगों को अपडेट करते रहे हैं।

एक विदेशी पत्रकार के ट्वीट जिसमें कश्मीर में अस्पतालों के फोन के काम नहीं करने के बारे में लिखा था, उसका जवाब देते हुआ आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी ने लिखा, “मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल और अन्‍य चिकित्‍सा सुविधाओं के प्रमुखों के टेलिफोन नंबर पूरे दिन काम कर रहे हैं। कृपया तथ्‍यों का सम्‍मान करें। आपके पास अटकलों के आधार पर ट्वीट करने के लिए और भी बहुत कुछ है।”


बिरयानी वाले परवेज ने 100km की स्पीड से चलाई जगुआर, बांग्लादेशी मोइनुन और फरहाना की कोलकाता में मौत

कोलकाता में बिरयानी चेन रेस्तरां के मालिक के बेटे परवेज ने अपनी जगुआर से एक मर्सिडीज को टक्कर मार दी। इसमें दो बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। पुलिस ने परवेज को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार (अगस्त 17, 2019) की सुबह परवेज की तेज गति से आ रही जगुआर ने शेक्सपियर सरानी और लाउडन स्ट्रीट के क्रॉसिंग पर पुलिस बूथ के समीप खड़ी एक मर्सिडीज को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मर्सिडीज पलट कर पुलिस बूथ से टकरा गई और इसकी चपेट में आकर दो बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य शख्स घायल हो गया।

दुर्घटना में मारे गए लोगों की पहचान बंग्लादेश के ढाका निवासी काजी मोहम्मद मोइनुन आलम और फरहाना इस्लाम तानिया के रूप में हुई है। इसके अलावा इनके एक अन्य शख्स की पहचान काजी सफी रहमतुल्लाह के रूप में हुई है, जिन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती किया गया है। शहर के बांग्लादेश के उप उच्चायोग के मुताबिक, काजी आँख के इलाज के लिए कोलकाता में थे और फरहान ढाका में सिटी बैंक के लिए काम करते थे।

पुलिस ने बताया कि जिस कार से टक्कर मारी गई थी, वो कोलकाता में एक प्रसिद्ध बिरयानी रेस्तरां चेन अर्सलान के मालिक के बेटे परवेज का है और रेस्तरां के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन 2017 में करवाया गया था। परवेज लंदन में अपनी पढ़ाई पूरी करके 2 साल पहले कोलकाता वापस आया है।

बता दें कि आरोपित परवेज टक्कर मारकर भाग गया था, लेकिन अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित परवेज के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 427 और 304 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि परवेज 100 किलोमीटर की अधिक स्पीड से गाड़ी चला रहा था।

फॉरेंसिक अधिकारी ने बताया कि दोनो गाड़ियों की जाँच करने के लिए वो डेटा रिकॉर्ड निकालने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कोलकाता में बांग्लादेश उप उच्चायोग अब विदेश मंत्राालय और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है ताकि शवों को वापस देश भेजने की व्यवस्था की जा सके।

हरियाणा कॉन्ग्रेस में टूट तय, पूर्व CM हुड्डा बोले- वसूलों पर जहॉं आँच आए वहॉं टकराना जरूरी है

हरियाणा में कॉन्ग्रेस का दो फाड़ होना तय हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसी भी वक्त पार्टी से किनारा करने का ऐलान कर सकते हैं। रोहतक में रविवार को महापरिवर्तन रैली में वे अपनी ही पार्टी कॉन्ग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि देशहित के मसले पर वे कोई समझौता नहीं करेंगे।

दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हुड्डा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस अब पहले जैसी नहीं रही। वह रास्ता भटक गई है। उन्होंने कहा कि वो ख़ुद को अतीत से मुक्त करने जा रहे हैं। हरियाणा कॉन्ग्रेस में उनके इस बयान के बाद खलबली मच गई है। महापरिवर्तन रैली में कई अन्य नेताओं ने भी हरियाणा में हुड्डा को कमान न दिए जाने पर कॉन्ग्रेस नेतृत्व को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब सरकार कुछ अच्छा करती है तो वे उसका समर्थन करते हैं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि कॉन्ग्रेस नेताओं ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह वो कॉन्ग्रेस नहीं है, जो हुआ करती थी। हुड्डा ने साफ़ कर दिया कि ‘देशभक्ति और आत्मसम्मान’ के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं कर सकते।

आर्टिकल 370 के मसले पर हुड्डा ने कहा, “मैं एक देशभक्त परिवार से हूॅं। जो आर्टिकल 370 पर फैसले का विरोध कर रहे मैं उनसे कहना चाहता हूॅं-वसूलों पर जहॉं आँच आए वहॉं टकराना जरूरी है, जो जिंदा है तो जिंदा दिखना जरूरी है।”

72 वर्षीय हुड्डा ने कहा कि वह राजनीति से संन्यास लेना चाहते थे, लेकिन ‘हरियाणा की हालत’ को देखते हुए उन्होंने संघर्ष करने का निर्णय लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी परिवार की चार पीढ़ियों का कॉन्ग्रेस से नाता रहा है। रोहतक में हुई रैली को दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सम्बोधित किया और भाजपा पर निशाना साधा। रोहतक से 4 बार सांसद रह चुके हुड्डा को कई अन्य नेताओं ने सलाह दी कि अगर बात नहीं बन रही है तो वह अलग पार्टी या मंच का गठन करें।