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नमाज के लिए सड़क जाम, अयोध्या से लौट रहे बजरंगी आगरा में पढ़ने लगे हनुमान चालीसा

उत्तर प्रदेश के आगरा में सोमवार (अगस्त 12, 2019) को नमाज के लिए सड़क जाम किए जाने से गुस्साए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर ही हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया। आगरा के अलीगढ़ हाइवे पर स्थित खंदौली कस्बे में ईदगाह के बाहर सड़क पर लोग बकरीद की नमाज अता कर रहे थे। इस दौरान प्रशासन ने ट्रैफिक को रोक दिया था। जिसकी वजह से सड़क पर दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन खड़े हो गए थे। रोके गए ट्रैफिक में बजरंग दल के सदस्‍यों से भरी बस भी फँसी हुई थी।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

खबर के मुताबिक, अलीगढ़ के बजरंगदल के 80 पदाधिकारी और कार्यकर्ता अयोध्या में रामलला के दर्शन करने गए थे। सोमवार को बस से आगरा-अलीगढ़ हाईवे से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बस ट्रैफिक में फँस गई। नमाज खत्म होने के बाद वाहन धीरे-धीरे निकाले जा रहे थे। इसी दौरान चौराहे पर तैनात दारोगा ने बस चालक से अभद्रता कर दी। बस में सवार बजरंग दल के चार पदाधिकारी बात करने गए तो उनसे भी अभद्र व्यवहार किया गया।

इससे गुस्साए कार्यकर्ता हाईवे पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे। उनका कहना था कि अगर नमाज के लिए वाहन को रोका जा सकता है तो वे भी रोड पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ेंगे। करीब 20 मिनट तक हंगामे के बाद सीओ एत्मादपुर अतुल सोनकर के समझाने पर कार्यकर्ता शांत हुए। बस में सवार अलीगढ़ बजरंग दल के गौरक्षा प्रमुख केदार सिंह का कहना था कि पुलिस की अभद्रता पर विरोध दर्ज कराया गया था।

अरुंधति रॉय, ममता बनर्जी और कॉन्ग्रेस के भरोसे पाकिस्तान: कश्मीर पर Pak सीनेटर का कबूलनामा

आज जब दुनिया भर में पाकिस्तान की फजीहत हो रही है और भारत उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने में लगा हुआ है, पाकिस्तान को आतंकियों और अलगाववादियों ने नहीं बल्कि भारत के कुछ बुद्धिजीवियों और नेताओं से ज्यादा उम्मीदें हैं। अनुच्छेद 370 के अहम प्रावधानों को ख़त्म करने के साथ ही जम्मू कश्मीर को मिला विशेषाधिकार भी नहीं रहा। राज्य को पुनर्गठित कर के इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया। लद्दाख विधायिका रहित केंद्र शासित प्रदेश होगा। पाकिस्तान ने इस निर्णय के ख़िलाफ़ चीन का दरवाजा खटखटाया लेकिन उसे अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।

तालिबान ने भी पाकिस्तान को डाँट पिलाई। रूस ने भारत के निर्णय को संवैधानिक दायरे में रह कर लिया गया फैसला बताया। मालदीव और यूएई जैसे मुस्लिम देशों ने भी भारत का ही समर्थन किया। अब बौखलाए पाकिस्तान को अरुंधति रॉय, ममता बनर्जी और कॉन्ग्रेस पार्टी से उम्मीदें हैं। लेखिका अरुंधति रॉय अक्सर भारतीय सेना के ख़िलाफ़ बयान देती रहती हैं और कश्मीर पर भारतीय रुख के विपरीत बोलने का उनका पुराना इतिहास रहा है।

पाकिस्तानी टीवी चैनल पर बहस

कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जिस तरह से संसद में जम्मू कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा साबित करने की कोशिश कर के भारतीय स्टैंड के ख़िलाफ़ बयान दिया, उससे पाकिस्तान को ज़रूर बल मिला होगा और इसीलिए अब वहाँ कॉन्ग्रेस को पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति जताने वालों में देखा जा रहा है। पाकिस्तानी राजनेता और पत्रकार मुशाहिद हुसैन ने अरुंधति, कॉन्ग्रेस, कम्युनिष्ट पार्टी (वामदल) और ममता से समर्थन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि ये सब आपके (पाकिस्तान के) साथ हैं।

मुशाहिद ने कहा कि ये तीनों पाकिस्तान से सहानुभूति रखते हैं और पाकिस्तान के हित में वो मददगार साबित हो सकते हैं। वीडियो में (17 मिनट 40 सेकंड पर) आप देख सकते हैं कि एंकर पूछता है कि कश्मीर में मुस्लिमों की समस्याएँ किस तरह से ख़त्म होंगी? इस सवाल के जवाब में हुसैन ने कहा कि भारत एक बहुत बड़ा देश है और वहाँ सब कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन नहीं करता। हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान को धैर्य रखना होगा क्योंकि अरुंधति, ममता और कॉन्ग्रेस नेताओं जैसे कुछ पाकिस्तान के प्रति सहानुभूति रखने वाले लोग हैं।

हुसैन ने दावा किया कि पूरा भारत मोदी के साथ नहीं है। इससे पहले तारिक़ पीरजादा नामक पाकिस्तानी विश्लेषक ने हिन्दुओं के नरसंहार की बात करते हुए कहा था कि कश्मीर में जाकर बसने वाले किसी भी हिन्दू को एक मिनट भी जिन्दा रहने का अधिकार नहीं है। टीवी बहस के दौरान पीरजादा ने ये बातें कही थीं।

J&K में बैन हटाने से SC का इनकार, कहा- मामला संवेदनशील है सरकार को समय दिया जाना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में लगे प्रतिबंध हटाने के बारे में तत्काल कोई भी आदेश देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सरकार को सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। कोर्ट प्रशासन के हर मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि हम स्थिति का रोजाना रिव्यू कर रहे हैं और मानवाधिकार का कोई हनन नहीं हो रहा है।

जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेटस देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 (Article-370) के प्रावधानों में बदलाव करने के बाद कुछ लोगों ने विरोध प्रकट किया है। इसके बाद सरकार ने राज्य में कुछ अल्पकालिक प्रतिबन्ध लगा रखे हैं। कोर्ट ने फिलहाल इन प्रतिबंधों को हटाने से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार रोजाना स्थिति का जायजा ले रही है और ऐसे में स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जाए। अगर ऐसा ही रहा तो आप बाद में बताना हम तब मामले को देखेंगे। फि‍लहाल सुनवाई 2 हफ्ते के लिए टाल दी गई है।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पास होने के बाद से सरकार ने ऐहतिहातन पूरे जम्मू और श्रीनगर में धारा-144 लगा रखी है और कश्मीर घाटी में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सरकार ने मोबाइल फोन कनेक्शन और इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगाई हुई है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि ये कब तक चलेगा? इस पर अटॉर्नी जनरल ने जवाब देते हुए कहा कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को कम से कम असुविधा हो।

‘BJP सत्ता में आती है तो देश ‘हिंदू-Pak’ में तब्दील हो जाएगा’ – शशि थरूर के ख़िलाफ़ अरेस्ट वॉरंट जारी

कोलकाता के एक मजिस्ट्रेट (मेट्रोपॉलिटियन कोर्ट) ने कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर के ख़िलाफ़ आज (अगस्त 13, 2019) अरेस्ट वॉरंट जारी किया। अदालत द्वारा ये वॉरंट शशि थरूर पर उनकी ‘हिंदू-पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी को लेकर जारी किया गया है, जिसके संबंध में वकील सुमित चौधरी ने उन पर पिछले साल केस दर्ज किया था।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई महीने में सुमित चौधरी ने कॉन्ग्रेस नेता पर मामला दर्ज कराते हुए उन पर आरोप लगाया था कि उन्हें थरूर के बयान से गहरी चोट पहुँची है, साथ ही संविधान का भी अपमान हुआ है।

सुमित चौधरी ने इस दौरान शशि थरूर के उस बयान पर शिकाकत की थी जिसमें कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा की जीत के बाद भारत को ‘हिंदू-पाकिस्तान’ बनाए जाने की बात कही थी। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि 2019 में अगर भाजपा सत्ता में आती है तो देश ‘हिंदू पाकिस्तान’ में तब्दील हो जाएगा। साथ ही इस दौरान शशि थरूर ने ये भी कहा था कि 2019 में दोबारा सरकार में आने पर भाजपा एक नया संविधान लिख सकती है, जिससे राष्ट्र पाकिस्तान बनने के मार्ग पर बढ़ जाएगा। फिर, राष्ट्र में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सामने करने वाला कोई नहीं होगा।

थरूर के इस बयान पर भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से उन्हें माफ़ी माँगने को कहा था। साथ ही एक टूक जवाब देते हुए कहा था कि पाकिस्तान बनाने के पीछे किसी और का नहीं बल्कि कॉन्ग्रेस का ही हाथ था।

कश्मीर की लेडी ऑफिसर: एक अपनों से करा रही बात, दूसरे के कंधों पर सुरक्षा का भार

कश्मीर के हालात इन दिनों देश में चर्चा का सबसे महत्वपूर्ण मसला है। ऐसे माहौल में दो महिला अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा में हैं। एक हैं 2013 बैच की आईएएस ऑफिसर डॉ. सईद सहरीश असगर और दूसरी, 2016 बैच की आईपीएस ऑफिसर पीडी नित्य।

कश्मीर की पहली महिला आईएएस डॉ. सईद सहरीश असगर को घाटी के लोगों की उनकी परिजनों से बात कराने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पीडी नित्य को श्रीनगर के राम मुंशी बाग से लेकर हरवन दागची गाँव तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इस इलाके में न केवल डल झील और राज्यपाल का आवास आता है, बल्कि इन्हीं इलाकों में स्थित इमारतों में वीआईपी लोगों को हिरासत में रखा गया है।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से सुरक्षा के लिहाज से घाटी में कई पाबंदियाँ बनी हुई हैं। इनमे फ़ोन और इंटरनेट सेवा बंद करना भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलवामा की डॉ. असगर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने से केवल चार दिन पहले ही सूचना निदेशक नियुक्त की गईं थी। कुछ दिन पहले था उनका काम लोगों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। अब पिछले 8 दिन से उनका काम लोगों की परेशानियाँ सुनना और उसका समाधान निकालना है।

बता दें कि एक साल के बटे की माँ डॉ. सईद सहरीश असगर एमबीबीएस हैं और जम्मू में डॉक्टरी की प्रैक्टिस कर चुकी हैं। वह कहती हैं कि वह बतौर डॉक्टर मरीजों का इलाज करती थीं, लेकिन आज घाटी में उनके सामने अलग चुनौतियाँ हैं जिनसे निपटने के लिए कड़ाई और नरमी दोनों की साथ-साथ जरूरत है।

नित्य छत्तीसगढ़ के दुर्ग से हैं। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों के साथ-साथ वीवीआईपी की सुरक्षा भी देखनी होती है। जिसके कारण वह कई बार लोगों के गुस्से का शिकार हो जाती हैं। वो कहती हैं कि छत्तीसगढ़ की जिंदगी और यहाँ की उनकी जिंदगी में बहुत फर्क है। बता दें कि पीडी नित्य पहले एक सीमेंट कंपनी में मैनेजर की थीं। उन्होंने केमिकल इंजिनियरिंग से बीटेक कर रखी है। कश्मीरी और हिंदी के अलावा वह तेलुगू भी बहुत अच्छे से बोल लेती हैं।

‘तुम चोर हो, हमारा पैसा खा रहे हो’ UN की अपनी ही महिला अधिकारी पर भड़का पाकिस्तानी, देखें VIDEO

कश्‍मीर पर भारत के फैसले के बाद पाकिस्‍तान जहाँ दुनियाभर से मदद की गुहार लगा रहा है, वहीं खुद विदेशों में रह रहे पाकिस्‍तानी नागरिक भी अपने नेतृत्‍व से खुश नजर नहीं आ रहे हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाकिस्‍तान की स्‍थाई सदस्य मलीहा लोधी को उस वक्‍त शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब एक कार्यक्रम के दौरान पाक‍िस्‍तानी शख्‍स ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “तुम एक चोर हो और तुम पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने लायक नहीं हो।” सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोधी पाकिस्तानी नागरिक के सवालों के जवाब देने से बचते हुए दिखाई दे रही हैं।

दरअसल, मलीहा लोधी संयुक्‍त राष्‍ट्र के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात कर रही थीं, तभी एक पाकिस्‍तानी शख्‍स ने उनसे सवाल किया कि क्‍या उसके सवालों का जवाब देने के लिए उनके पास एक मिनट का भी वक्‍त नहीं है। इसके बाद मलीहा की तरफ से किसी जवाब का इंतजार किए बगैर वो शख्स बोलना शुरू कर देता है कि वो पिछले 15-20 वर्षों से क्‍या कर रही हैं? वो पाकिस्तान का प्रतिनिधित्‍व करने लायक नहीं हैं।

मलीहा उन्हें रोकते हुए कहती हैं कि यह सवाल पूछने का तरीका नहीं है और फिर वो बिना जवाब दिए ही वहाँ से निकलने लगीं। तभी शख्स कहता है कि वो एक पाकिस्तानी है और उसे सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। जब अधिकारियों ने शख्स को रोकने की कोशिश की तो उसने कहा, “अब लोग आप तक ऐसे ही पहुँचेंगे। आप चोर हो। इतने सालों से आप हमारा पैसा खा रहे हो। आपको शर्म आनी चाहिए। इतने सालों से आप पाकिस्तानियों के पैसे पर ऐश कर रही हैं। आप हमारा प्रतिनिधित्व करने के योग्य नहीं हैं।” 

वीडियो वायरल होने के बाद कई पाकिस्तानी नागरिक इस शख्स के समर्थन में आ गए हैं और पाकिस्तानी अधिकारियों की काबिलियत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ट्विटर पर एक यूजर ने सवाल पूछने वाले को सलाम करते हुए कहा, “सलाम है भाई जिसने सवाल किया। शाबाश।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “वह शख्स बिलकुल सही है। उन्होंने पिछले 15 सालों से यूएन में हमारे लिए कुछ नहीं किया है। वह वहाँ क्या कर रही हैं?” वहीं, कुछ लोगों ने भी इस मौके को न गँवाते हुए लिखा कि वो अमेरिका में बहुत रह चुकी हैं। उन्हें अमेरिका से वापस पाकिस्तान भेज दीजिए।

Man Vs Wild: इमरान ने बेयर ग्रिल्स को बुलाया, स्वागत में चीनी बम के साथ खड़े थे लश्कर के आतंकी आका!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में कुछ पल गुजारे और इसका वीडियो लोकप्रिय टीवी कार्यक्रम ‘Man Vs Wild’ के एपिसोड के स्कवरी चैनल पर सोमवार (अगस्त 12, 2019) को दुनिया भर में प्रसारित किया गया। इस एपिसोड में पीएम मोदी ने बेयर ग्रिल्स के साथ नाव की सवारी भी की। सबसे ख़ास बात यह कि इस नाव को ग्रिल्स द्वारा मौके पर ही बनाया गया था। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने अपने बचपन के दिनों और प्रकृति से अपने जुड़ाव को याद करते हुए कई किस्से सुनाए।

अब ख़बर आई है कि पाकिस्तान भी पीएम मोदी की सोच से प्रभावित होकर ऐसा ही कुछ करने वाला है और इसके लिए वहाँ के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने बेयर ग्रिल्स के पास रिक्वेस्ट भी भेजी है। बेयर ग्रिल्स इस बात को लेकर आशंकित थे कि इमरान इसके लिए पाकिस्तान का कौन सा जगह चुनेंगे। लेकिन, पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक बैठक के बाद तय किया कि असली पाकिस्तान को दुनिया से रूबरू कराने और पर्यटन उद्योग को नया जीवन देने के लिए मुजफ्फराबाद के जंगलों से ज्यादा अच्छी कौन सी जगह हो सकती है?

फिर क्या था, कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लेने के लिए बेयर ग्रिल्स खुद मुजफ्फराबाद पहुँचे। वहाँ के जंगलों में उन्हें रिसीव करने के लिए लश्कर-ए-तैयबा, हिज़्बुल मुजदिद्दीन और जमात-उल-दावा के आतंकी आका पहुँचे। बेयर ग्रिल्स को आतंकी कैम्पों की ख़ूबसूरती से परिचित कराया गया। इस ख़ास अवसर पर कैम्पों को नई-नई एके-47 की बंदूकों, चीन में निर्मित बम के गोलों और पड़ोसी देशों में निर्यात करने हेतु तैयार किए गए पत्थरों से सजाया गया।

इसके बाद बेयर ग्रिल्स को मुजफ्फराबाद के सबसे बड़े संस्थान शवाई नाला कैम्प में ले जाया गया। बेयर ग्रिल्स भी तपाक से कुछ ऐसे लोगों के बारे में पूछ बैठे, जिन्होंने इस कैम्प से निकल कर दुनिया भर में नाम कमाया हो। इसके बाद बेयर ग्रिल्स को जकीउर रहमान लखवी, डेविड हेडली और अबू जुंदाल का नाम बताया गया। बेयर ग्रिल्स तब बेहोश होते-होते बचे कि डेविड हेडली से मिलने के लिए उन्हें अमेरिका के जेल में जाना पड़ेगा। खैर, बेयर ग्रिल्स ने मुजफ्फराबाद की भौगोलिक परिस्थितियों को परखना शुरू किया।

बेयर ग्रिल्स ने कैम्प के निवासियों से पूछा कि उनके लिए यहाँ सबसे बड़ी चुनौती क्या है? इसके बाद पाकिस्तानी आकाओं व अधिकारियों ने ग्रिल्स को बताया कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों की नज़रों से बचना उनके लिए सबसे कठिन चुनौती है। पाकिस्तान के आतंकी आकाओं ने बताया कि आसपास के क्षेत्र में कभी भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नामक तूफ़ान आ जाया करता है, जिसके कहर से बचना काफ़ी मुश्किल है। इसके अलावा उन्होंने सीमा पार करने में होने वाली कठिनाई से बेयर को वाकिफ कराया।

इतने बड़े सर्वाइवल इंस्ट्रक्टर होने के बावजूद बेयर ग्रिल्स इस बात से चिंतित हो गए कि उन्होंने सभी प्रकार की कठिनाइयों से बचने का रास्ता तो खोज निकला है लेकिन ये पाकिस्तानी जिस तूफ़ान का जिक्र कर रहे हैं, वह क्या बला है? बेयर ग्रिल्स को पाकिस्तानियों ने बताया कि दूसरे देशों में जहाँ शिक्षित होने के बाद युवा महानगरों और बड़े शहरों में चले जाते हैं, पाकिस्तान के युवा इतने पर्यावरण-प्रेमी हैं कि उनमें से अधिकतर अपनी शिक्षा-दीक्षा पूरी करते ही ‘ख़ास ट्रेनिंग’ के लिए जंगलों का रुख करते हैं।

बेयर ग्रिल्स पाकिस्तान के पर्यावरण प्रेम से अचंभित नज़र आए। यूनिवर्सिटी और बड़े कॉलेजों के स्नातक लोग भी उन्हें पाकिस्तान के जंगलों में मिले। उन्होंने इस पर रिसर्च करने की ठानी है कि बाकी देशों के युवा पढ़ाई पूरी होने के बाद बड़े शहरों का रुख क्यों करते हैं, जबकि पाकिस्तान में कई शिक्षित लोग जंगलों, गुफाओं और पर्यावरण के नजदीक बने कैम्पों में जीवन व्यतीत करते हैं। बेयर ग्रिल्स को इसके बाद एक तबाह बिल्डिंग दिखी, जिससे उनकी उत्सुकता फिर से जाग उठी।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने बेयर को बताया कि इस बिल्डिंग में चीन से लाए जाने वाले बमों को रखा जाता है। चूँकि वे चीन में निर्मित होते हैं, वे अपने-आप कहीं भी ब्लास्ट होने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि मुजफ्फराबाद के कई बिल्डिंग्स आज जर्जर हालत में आ चुके हैं। वैसे फिलहाल बेयर ग्रिल्स ने पाकिस्तान में कार्यक्रम शूट करने की योजना कैंसिल कर दी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि ये देश पहले से ही भूखे-प्यासे सर्वाइव करने में सक्षम है और उन्हें कुछ सीखने की जरूरत नहीं।

सिक्किम: 25 वर्षों तक CM रहे चामलिंग को छोड़ पार्टी के सभी विधायक BJP में शामिल

सिक्किम में पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को छोड़ कर उनकी पार्टी के सभी विधायक भाजपा में शामिल होने वाले हैं। एएनआई की ख़बर के अनुसार, राज्य विधानसभा में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) के 15 विधायक थे, जिनमें से 14 ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने का फैसला लिया है। इस बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद अब पूर्व सीएम चामलिंग अपनी पार्टी के इकलौते विधायक रह गए हैं। लगातार 25 वर्षों तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे पवन चामलिंग की पार्टी 2019 विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी।

सिक्किम में लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव कराए गए थे। इस चुनाव के बाद सिक्किम क्रन्तिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग राज्य के मुख्यमंत्री बने। 15 विधायकों के साथ चामलिंग विपक्ष में बैठे थे, वहीं तमांग ने 17 विधायकों के साथ नई सरकार का गठन किया था। ख़बर लिखे जाने तक 15 में से 10 एसडीएफ विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।

एसडीएफ के 15 विधायकों में से 10 ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव की उपस्थिति में भाजपा ज्वाइन कर ली।

बिहार: शिवभक्तों की गाड़ी पर पथराव, महिला श्रद्धालुओं को भी नहीं बख्शा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र में सोमवार (अगस्त 12, 2019) को डीजे बजाने से रोकने को लेकर विशेष समुदाय के लोगों ने शिवभक्तों के साथ मारपीट की। जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान न केवल जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई बल्कि लोगों की बाइक और साइकलें भी फूँक दी गई। साथ ही कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा डीजे की गाड़ी को भी तोड़ डाला गया। जिसका वीडियो आप खबर के नीचे दिए लिंक में देख सकते हैं। पूरी घटना में पाँच लोग गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मामला शांत कराने के लिहाज से मौक़े पर पहुँची पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस काे लाठीचार्ज करना पड़ा फिर जाकर किसी तरह मामला शांत हुआ। पूरे मामले के मद्देनजर फिलहाल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। तनावपूर्ण स्थिति के कारण जिलाधिकारी एसएसपी समेत भारी संख्या में पुलिस कैंप कर रही। इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर चकमुरमुर में 500 की संख्या में महिलााएँ जलभरी कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए निकली थीं कि इसी बीच डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी। कुछ असामाजिक तत्वों ने जलभरी गाड़ी के साथ तोड़-फोड़ किया और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में जुट गए। पत्थरबाजी होने लगी। मुस्लिम पक्ष के लोगों ने डीजे की गाड़ी को तोड़ डाला और लोगो को पिटाई कर दी।

जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने बताया कि जिन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है उसपर नामजद एफआईआर किया जाएगा। जो भी लोग शामिल है उसपर कड़ी करवाई की जाएगी। घटना से संबंधी वीडियो आप नीचे ऑपइंडिया के यूट्यूब लिंक पर जाकर देख सकते हैं।

Article 370: चिदंबरम के चेहरे पर कालिख पोतने वाले को इनाम देगा मुस्लिम यूथ एसोसिएशन

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फैसले को संप्रदाय से जोड़ने को लेकर वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की चौतरफा आलोचना हो रही है। अलीगढ़ के मुस्लिम यूथ एसोसिएशन ने चिदंबरम के चेहरे पर कालिख पोतने वाले व्यक्ति को 21,000 रुपए नकद इनाम देने की घोषणा की है।

जानकारी के मुताबिक, मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के प्रमुख मोहम्मद आमिर रशीद का कहना है कि चिदंबरम की टिप्पणी हिन्दू- मुस्लिम की एकता के लिए नुकसानदेह है। रशीद ने कहा कि वो चिदंबरम का मुँह काला करने वाले को अपनी ईदी  (ईद के दौरान उपहार के रूप में प्राप्त नकद) में से 21,000 रुपए देंगे।

गौरतलब है कि, पी चिदंबरम ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल राज्य है, इसलिए आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किया गया है। यदि यह राज्य हिन्दू बहुल होता तो भाजपा सरकार इस मुद्दे को छूती भी नहीं।

इस दौरान चिदंबरम ने सात राज्यों में सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सभी पार्टियों ने राज्यसभा में बीजेपी के कदम के खिलाफ डर की वजह से सहयोग नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के सौरा क्षेत्र में लगभग 10 हजार लोगों ने विरोध किया जो कि एक सच है। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें गोलीबारी हुई, ये भी सच्चाई है। इसके साथ ही चिदंबरम ने कहा था कि देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा कभी कोई उदाहरण नहीं आया जब एक राज्य को केन्द्रशासित प्रदेश बना दिया गया हो।