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12 अगस्त, रात 9 बजे, डिस्कवरी चैनल: 180 देशों में दिखेगा यह शो, भारतीय राजनीति में पहली बार

जल्द ही हम सबको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक नया चेहरा देखने को मिलने वाला है। दरअसल, 12 अगस्त को रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल के मशहूर शो ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ में प्रधानमंत्री मोदी बेयर ग्रिल्स के साथ नए अनुभवों को जीते हुए नजर आने वाले हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री मशहूर शो होस्ट के साथ उनके शो में विशाल प्राकृतिक विविधता और प्रकृति संरक्षण उपायों के बारे में भी चर्चा करेंगे। इसकी जानकारी खुद बेयर ग्रिल्स ने इंटरनैशनल टाइगर्स डे के मौक़े पर ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में पीएम मोदी के साथ बिताए समय की एक प्रमोशनल वीडियो को भी साझा किया है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “180 देशों के लोग जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनदेखे पहलू से परिचित होंगे। पीएम मोदी बताएँगे कि कैसे भारत में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान और भौगोलिक परिवर्तनों के लिए काम हो रहा है। मैन Vs वाइल्ड में मेरे साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डिस्कवरी पर 12 अगस्त को देखें।”

वैसे को पीएम मोदी परिवेश के हिसाब से खुद को परिस्थितियों में ढाल लेने के लिए पहचाने जाते हैं। लेकिन, बेयर ग्रिल्स द्वारा पोस्ट की गई प्रमोशनल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं। वे बेयर ग्रिल्स के साथ एक-एक लम्हे को खास अनुभव में बदलने के लिए खुशमिजाजी के साथ चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

वे वीडियो में स्पोर्ट्स ड्रेस में हैं और बेयर के साथ नाव से नदी पार करते हुए, जंगल घूमते हुए दिखाई दे रहे हैं। हम देख सकते हैं कि इस वीडियो में प्रधानमंत्री बेयर ग्रिल्स को शिकार और दूसरे कार्यों के लिए जंगल में मौजूदा चीजों से उपकरण बनाते हुए भी देख रहे हैं।

गौरतलब है कि विश्व भर में मशहूर इस शो में दुनिया की जानी-मानी कई हस्तियाँ अभी तक अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुकी हैं। अब इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम शामिल हो गया है। इससे पहले इस शो में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी भाग ले चुके हैं। जहाँ उन्होंने अलास्कन फ्रंटियर पर चढ़ाई करते हुए शो किया था। इसमें ओबामा ने मौसम परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवों के संरक्षण पर चर्चा की थी। जिसकी झलक आप नीचे वीडियो में देख सकते हैं।

बिजली बिल माँगने घर पहुँचे लोगों को बाँधकर रखे जनता: झामुमो सांसद

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष और राजमहल संसदीय क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा ने बिजली बिल को लेकर विवादित बयान दिया है। पिछले कुछ दिनों से झामुमो द्वारा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए संसद में जमकर हंगामा किया जा रहा है। इसी बीच पाकुड़ा परिसदन में ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओ की समस्याँ सुनने पहुँचे विजय हांसदा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली बिल न दें और यदि कोई बिजली बिल माँगने आए तो उसे बाँध कर बैठा दें।

इस दौरान हांसदा ने कहा कि रघुवर सरकार 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है और उपभोक्ताओं को नियमित बिजली नही मिल पा रही और बिजली दर में भी बढ़ोत्तरी की गई है। उनका कहना है कि जो सरकार 24 घंटे बिजली नहीं दे सकती, उसे बिजली बिल लेने का भी हक नही है। एक घंटा बिजली लेने और पैसा देने के लिए जनता नहीं बैठी है। अनियमित बिजली आपूर्ति में सुधार की माँग को लेकर सदन और सड़क दोनों जगह झामुमो ने आवाज उठाई, पर सरकार है जो कुछ सुन ही नही रही। अब पब्लिक के पास एक ही रास्ता बच गया है कि जो कोई घर में बिजली बिल का भुगतान माँगने पहुँचे, उसे बाँधकर बैठाया जाए।  

उन्होंने इसके लिए सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि एक घंटा बिजली देने से अच्छा है कि बिजली काट ही देना चाहिए। ग्रामीणों एवं उनके समर्थकों द्वारा लगातार ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में बिजली आपूर्ति सही तरीके से नहीं किए जाने के मामले को उनके समक्ष रखने पर उन्होंने ये बातें कहीं। सांसद हांसदा ने कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनो का होना जरूरी है।

गौरतलब है कि, झारखंड विधानसभा में शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को एक बार फिर मुख्य विपक्षी दल ‘झारखंड मुक्ति मोर्चा’ ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था, जिसकी वजह से विधानसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी। राज्य विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही प्रारंभ हुई, मुख्य विपक्षी झामुमो ने विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सदन के बाहर प्रदर्शन किया और राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाया और इन मामलों की जाँच सदन की समिति से कराने की माँग की।

इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई उत्तर न मिलने पर झामुमो सदस्य अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए और नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद मामला शांत न होता देखकर विधानसभाध्यक्ष दिनेश उरांव ने विधानसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।

बीवी-भतीजे को बनाया अपना स्टाफ: MP के विधायकों के लिए क्लर्क का काम करेंगे सरकारी मास्टर!

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों का तंत्र पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। अब राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की किल्लत और ज्यादा होगी। क्यों? क्योंकि अब वहाँ के अध्यापकों को राज्य के नवनिर्वाचित विधायकों के पर्सनल स्टाफ और क्लर्क के तौर पर नियुक्त किया गया है। सरकारी आँकड़ें बताते हैं कि राज्य के 4500 से ज्यादा स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में सभी मानदंडों को दरकिनार करते हुए, उसे ताक पर रखते हुए, जो शिक्षक हैं भी, उन्हें भी दूसरे काम पर लगा दिया गया है।

खबर के मुताबिक, राज्य के 10 नए विधायकों ने अपने स्टाफ में क्लर्क के तौर पर सरकारी स्कूल के शिक्षकों की नियुक्ति की है। बताया जा रहा है कि क्लर्क के रूप में नियुक्त इन शिक्षकों का वेतन भी विधायक ही तय करेंगे। बता दें कि इस शिक्षकों की नियुक्ति विधायक के स्टाफ के तौर पर होने की वजह से अब अनूपपुर जिले के सरकारी स्कूल की प्राथमिक शिक्षिका प्रेमवती सिंह मार्को को स्कूल जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह अपने पति फुंदलाल सिंह मार्को के साथ क्लर्क के पद पर तैनात हैं, जो कि पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस के विधायक हैं और चूँकि प्रेमवती अपने विधायक पति की क्लर्क की हैं, तो उनका वेतन उनके पति ही तय करेंगे।

इसी तरह, कटनी के बड़वारा से कॉन्ग्रेस विधायक ने अपने चचेरे भाई रघुराज सिंह को अपने पर्सनल स्टाफ रूप में तैनात किया है। हाल ही में नियुक्त किए गए 10 शिक्षकों में से यह सिर्फ दो शिक्षकों की कहानी है, जिन्हें 10 विधायकों के साथ पर्सनल स्टाफ़ के तौर पर काम पर लगाया गया है। इनमें से 9 विधायक कॉन्ग्रेस के हैं जबकि एक बीजेपी के। ये पोस्टिंग उन नियमों का उल्लंघन करते हुए की गई है, जो किसी भी गैर-शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की तैनाती पर रोक लगाते हैं।

बता दें कि शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के तहत सरकारी शिक्षकों को गैर-शिक्षण कार्यों के लिए नियुक्त किया जाना प्रतिबंधित है। इसको लेकर जनरल ऐडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट (जीएडी) ने 1995 में एक निर्देश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कलेक्टर इस बात की जाँच करेंगे कि विधायक द्वारा वांछित क्लर्क मानदंडों के अनुसार हैं या नहीं। 

स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश के 2,644 प्राइमरी स्कूल और 1,918 मिडिल स्कूल बिना नियमित शिक्षक के चल रहे हैं। एक अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बताया कि इन सभी स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं हैं। यहाँ पर बच्चों की पढ़ाई गेस्ट टीचर से करवाई जाती है। अगस्त 2005 में, जीएडी ने जिला कलेक्टरों को एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि शिक्षकों को विधायकों/सांसदों के क्लर्क के रूप में प्रतिनियुक्त किया जा रहा है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। इसलिए कलेक्टरों को 1995 में इस संबंध में विभाग द्वारा जारी किए गए मानदंडों का पालन करना चाहिए।

शिक्षकों की विधायक के पर्सनल स्टाफ को तौर पर नियुक्ति के बारे में विधायक फुंदलाल सिंह मार्को से पूछा गया कि क्या स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने के बावजूद शिक्षकों को गैर-शिक्षण कार्य के लिए नियुक्त करना सही है? तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि ये सही है या नहीं, यह जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट से पूछा जाना चाहिए, जिसने पोस्टिंग की थी। जानकारी के मुताबिक, मार्को के अलावा मुरली मोरवाल, दिलीप सिंह गुर्जर, प्रताप ग्रेवाल, बिशु लाल सिंह, कमलेश गौड़ जाटव, बनवारी लाल शर्मा, विजय राघवेन्द्र सिंह, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और भाजपा विधायक लीना जैन को क्लर्क के तौर पर शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं।

जब टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस मामले में जीएडी मंत्री डॉ गोविंद सिंह से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि कुछ मामले ही ऐसे होते हैं, जहाँ अपवाद हो जाते हैं। यहाँ पर दो चीजें हैं, जिनमें से पहली बात ये है कि क्लर्कों की कमी है और दूसरा प्रावधान ये है कि कोई भी शिक्षक किसी विधायक का क्लर्क तभी बन सकता है जब वो इसके लिए अपनी सहमति दे। साथ ही उन्होंने कहा कि जहाँ तक एक विधायक की पत्नी को उनके पर्सनल स्टाफ के रूप में नियुक्त करने का सवाल है, तो ये उनकी संज्ञान में नहीं है। ये नियुक्ति उनके द्वारा नहीं की गई है। हालाँकि, उन्होंने इस पर गौर करने की बात कही।

तुम कोई राजा हो… छोटे-मोटे कर्मचारी… तुम हमारी भीख पर टिके हो: मेनका गाँधी

उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर से भाजपा सांसद मेनका गाँधी एक बार फिर अपने बिगड़े बोल के कारण सुर्खियों में आईं हैं। जानकारी के मुताबिक मेनका सुल्तानपुर दौरे के अंतिम दिन कलेक्ट्रेट में जिले के सभी अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहीं थीं। इस दौरान उन्हें सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली विभाग से मिलीं। जिसके बाद उन्होंने इलाके में विद्युत समस्या पर सवाल खड़ा करते हुए बिजली विभाग के एसडीओ को न सिर्फ़ खरी खोटी सुनाई बल्कि उन्हें जमकर ज़लील भी किया और साथ ही कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी भी दे डाली।

दरअसल, मेनका गाँधी ने इस बैठक में एक गाँव में बिजली व्यवस्था को लेकर की गई शिकायत पर कई सवाल-जवाब किए। उन्होंने कहा उनके पास 4 से 5 हजार शिकायतें आतीं है, जिसमें सबसे ज्यादा शिकायत बिजली विभाग की होती है।

इस दौरान उनका सब्र बिजली विभाग के एसडीओ पर टूट पड़ा और उन्होंने अधिकारी को एक बात पर तो ये तक कह दिया, “तुम कोई राजा हो…छोटे-मोटे कर्मचारी…तुम हमारी भीख पर टिके हो।”

गौरतलब है इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और मेनका गाँधी को अपने बिगड़े बोलों के कारण फिर मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया पर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

जय श्री राम न बोलने पर युवक को जिंदा जलाया: मीडिया गिरोह ने खबर के नाम पर फिर परोसा ‘जहर’

उत्तर प्रदेश के चंदौली से आज सुबह एक 17 साल के मुस्लिम बच्चे को जय श्री राम न बोलने पर आग में झोंकने की खबर आई। खबर चलाई किसने – आजतक और इंडिया टुडे ने, वो भी बिना पूरी सच्चाई जाने ही! एक ही मीडिया समूह की दोनों वेबसाइटों पर इसे हेट क्राइम का एँगल दिया गया।

जब हमने इसकी सच्चाई जानने के लिए आगे खबर का फॉलोअप किया तो पता चला कि एएनआई ने इस घटना के संबंध में चंदौली के एसपी का बयान अपने ट्विटर पर ट्वीट किया है, जिसमें वे बताते नजर आ रहे हैं कि पुलिस ने बच्चे के बयानों में विरोधाभास पाया है। उनके मुताबिक एक चश्मदीद के बयान के अनुसार बच्चे को किसी समूह ने नहीं, बल्कि बच्चे ने खुद ही आग लगाई थी। मतलब ये मामला आत्मदाह का प्रतीत होता है।

जानकारी के मुताबिक खालीद नाम का यह बच्चा इस समय काशी के कबीर चौरा अस्पताल में भर्ती है। 45 प्रतिशत झुलसने के कारण उसकी स्थिति गंभीर है। पुलिस का मामले पर कहना है कि बच्चे ने खुद अपने आप को आग लगाई। वो अलग-अलग लोगों को अलग-अलग बयान दे रहा है। जिससे मामले में संदेह वाली स्थिति बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक बच्चे को देखकर लग रहा है जैसे उसे किसी ने ये सारी बातें सिखाई हैं, क्योंकि जिस जगह के बारे में बच्चा बता रहा है वहाँ की सीसीटीवी फुटेज में वो कहीं भी नहीं है।

चंदौली के एसपी संतोष कुमार सिंह के मुताबिक, पीड़ित बच्चे ने दो अलग बयान दिए हैं। पहले नाबालिग ने कहा कि वह महाराजपुर गाँव की ओर जा रहा था कि तभी वहाँ उसे 4 लोग मिले, जो उसे घसीटकर खेत में ले गए और आग लगा दी। उसके बाद उसने कहा घटना छतल गाँव की है, जो महाराजपुर से 1.5-2 किलोमीटर दूर है। बाद में उसे बीएचयू भेजा गया, जहाँ उसने फिर बयान बदला और बताया कि 4 लोग मोटरसाइकल पर आए और उसे अगवा करके हतीजा गाँव ले गए। पुलिस का इन बयानों को दर्ज करने के बाद संदेह इसलिए गहराया क्योंकि ये गाँव अलग-अलग दिशाओं में स्थित हैं।

खैर पुलिस द्वारा मामले की सच्चाई का पर्दाफाश करने के बाद पता चल चुका है कि बच्चा जय श्री राम का नारे वाली बात भी झूठ बोल रहा है, लेकिन सबसे तेज होने की होड़ में ‘इंडिया टुडे’ और उससे जुड़ा ‘आज तक’ जो हड़बड़ी दिखा रहे हैं, वो उनकी विश्वसनीयता पर एक सवालिया निशान है।

इंडिया टुडे ने हेड लाइन तो बदली लेकिन हेटक्राइम को दर्शाता अपना यूआरएल बदलना भूल गया

फिलहाल, इंडिया टुडे की वेबसाइट ने अपनी इस गलती को हेडलाइन का एँगल बदलकर सुधारने की कोशिश की है, लेकिन यूआरएल अब भी वही हेट क्राइम वाला ही है। वहीं आज तक ने भी अपनी हेडिंग से जय श्री राम को हटाकर पाठकों के सामने खुद को सबसे साफ़ दिखाने का प्रयास किया है। लेकिन दुनिया डिजिटल है और लोग मीडिया गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए स्क्रीनशॉट का उपयोग बखूबी करना जान गए हैं।

आजतक द्वारा एक घंटे में बदली गई हेडलाइन का स्क्रीनशॉट

कर्नाटक: येदियुरप्पा ने साबित किया बहुमत, विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने तत्काल प्रभाव से सौंपा इस्तीफा

कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे सियासी संकट पर आज विराम लग गया है। कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा सरकार को बहुमत प्राप्त हो गया है। इस दौरान विपक्ष ने मत विभाजन की माँग नहीं की। इसी के साथ सरकार अपने आगे के कामकाज में जुट गई है। राज्य में फ़िलहाल, 207 विधायकों वाली विधानसभा है, जिसमें बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए था और बीजेपी के पास 105 विधायक हैं।

सदन में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि वो किसी के ख़िलाफ़ बदले की राजनीति के साथ काम नहीं करते हैं, आगे भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार किसानों के लिए काम करना चाहती है, इसलिए मैं सभी से अपील करता हूँ कि सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव का समर्थन करें।”

इससे पहले जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सदन में बोलते हुए कहा, “मैं 14 महीने तक सरकार में रहा। मुझे आपके (बीएस येदियुरप्पा) सवालों के जवाब देने की कोई बाध्यता नहीं है। मुझे अपनी अंतरात्मा की आवाज का जवाब देने की जरूरत है। पिछले 14 महीनों से सब कुछ दर्ज किया जा रहा था। लोग जानते हैं कि मैंने क्या काम किया है।”

वहीं, सिद्धरमैया ने कहा, “हमें उम्मीद है कि आप (बीएस येदियुरप्पा) मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है। आप बागियों के साथ हैं, क्या आप एक स्थिर सरकार दे सकते हैं? यह नामुमकिन है, मैं इस अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करता हूँ क्योंकि इसका कारण सरकार का असंवैधानिक और अनैतिक होना है।”

एक और नाटकीय घटनाक्रम में कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार ने तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने सदन के सभी सदस्यों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया।

‘सांसद रमा देवी मेरी बहन की तरह हैं’ – भद्दी टिप्पणी करने के बाद आज़म ख़ान ने माँगी माफ़ी

25 जुलाई को लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पर पर चर्चा के दौरान सदन की अध्यक्षता कर रहीं बीजेपी सांसद रमा देवी पर सपा नेता आज़म ख़ान ने अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने रमा देवी से कहा था, “आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आँखों में आँखें डाले रहूॅं।” इस तरह की टिप्पणी से अध्यक्षता कर रहीं सांसद थोड़ी देर के लिए असहज हो गई थीं। आज़म ख़ान की इस भद्दी टिप्पणी से उनकी किरकिरी होना तय था, जो हुई भी।

इस मामले में ताज़ा समाचार यह है कि सपा नेता आज़म ख़ान ने सांसद रमा देवी के ख़िलाफ़ की गई अपनी भद्दी टिप्पणी के लिए माफ़ी माँग ली है और कहा कि सासंद रमा देवी मेरी बहन हैं।

औरत ही औरत की दुश्मन: आजम खान के बचाव में बोली बीवी- उर्दू की मिठास से गलतफहमी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी आज़म खान के बयान की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक बताया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “आज़म खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिंब है; उनका बचाव करके अखिलेश यादव ने भी प्रमाणित कर दिया कि उनकी सोच में भी कोई फ़र्क़ नहीं। जो सदन में महिला के साथ निंदनीय व्यवहार कर सकता है वह साधारण महिला से किस प्रकार का व्यवहार करता होगा, यह सोचने वाली बात है।” इसके साथ ही एक और ट्वीट में स्मृति ने आज़म खान को सभी पुरुष सांसदों पर धब्बा बताया।

जब मॉं-बेटे का चुम्मा सेक्स नहीं तो आजम खान गलत कैसे?

‘कॉन्ग्रेस-NCP के 50+ MLA हमारे सम्पर्क में’ – BJP के दावे के बाद महाराष्ट्र में सियासी उठापटक तेज़

पिछले एक महीने से कर्नाटक में लगातार सियासी उठापटक देखने को मिल रही है। इस उठापटक का नतीजा यह रहा कि सूबे में कॉन्ग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार गिर गई और इसका फ़ायदा बीजेपी को मिला। ऐसे ही कुछ बनते-बिगड़ते समीकरण महाराष्ट्र की राजनीति में भी देखने को मिल रहे हैं। ख़बर है कि महाराष्ट्र में बीजेपी, कॉन्ग्रेस-NCP (राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी) गठबंधन को एक बड़ा झटका देने की तैयारी में है।

सूबे में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया है कि कॉन्ग्रेस और NCP के क़रीब 50 विधायक उनके सम्पर्क में हैं। ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में इस दावे से सियासी गलियारे में हलचल तेज़ होना तय है।

बता दें कि गिरीश महाजन का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब NCP के कई नेता पहले से ही पार्टी को अलविदा कह चुके हैं। हाल ही में, NCP की वरिष्ठ नेता चित्रा वाघ का बयान आया था कि वो बीजेपी में शामिल होना चाहती हैं क्योंकि NCP का अब कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने यह ख़ुलासा भी किया था कि उनसे कई अन्य विधायकों ने अनुरोध किया था कि वो विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं।

इन दिनों NCP में इस्तीफ़ों का दौर भी जारी है। एक के बाद एक पार्टी के कई नेताओं ने अपना इस्तीफ़ा दिया, ज़ाहिर सी बात है इससे पार्टी कमज़ोर हुई है। 26 जुलाई को पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष चित्रा वाघ ने पार्टी के अंधकारमय भविष्य को देखते हुए इस्तीफ़ा दिया था। वहीं, पार्टी के मुंबई प्रमुख सचिन अहीर ने पहले से ही शिवसेना का दामन थाम लिया था। ख़बर तो यह भी है कि पूर्व मंत्री मधुकर पिचड के बेटे और NCP विधायक वैभव पिचड भी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। इन हालातों के मद्देनज़र यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि गिरीश महाजन के दावों में कितनी सच्चाई है।

फ़िलहाल, महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस के पाँव डगमगा रहे हैं और अगर यह स्थिति लगातार बनी रही तो निश्चित तौर पर NCP भी कमज़ोर हो जाएगी। इसके अलावा राज्य मंत्री गिरीश महाजन ने शरद पवार के उस दावे को भी ख़ारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल करके कॉन्ग्रेस और NCP के नेताओं को अपने खेमे में शामिल करने की कोशिश कर रही है।

नाम- सौरभ शुक्ला, काम: लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंड जुटाना, UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार (जुलाई 26, 2019) को एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने के आरोप में सौरभ शुक्ला नाम के शख्स को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार सौरभ भारत में रहकर लश्कर के कहने पर उनके लिए फंड जुटाने का काम कर रहा था।

मीडिया खबरों के मुताबिक सौरभ मध्य प्रदेश के सीधी जिले का रहने वाला है। वह प्रयागराज में रहकर बीए की पढ़ाई कर रहा था। सौरभ के पिता टीचर हैं। रविवार को हुई सौरव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि वो भारत से जानकारी जुटाकर पाकिस्तान के सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा को दिया करता था। इसके अलावा वह भारत से रुपए जमा करके पाकिस्तान भी भेजता था, ताकि आतंकी अपने मनसूबों को अंजाम दे सकें।

सौरभ फोन और इंटरनेट के माध्यम से लश्कर के सदस्यों से संपर्क करता था। इनसे अलग-अलग बैंक खाताओं में पैसे मंगवाकर आतंकियों तक सप्लाई भी करता था। अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस को काफ़ी समय से सौरभ की तलाश थी। पुलिस ने इसे पकड़ने के लिए बीते दिनों इस पर 25 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। साथ ही इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश एटीएस की भी मदद ली थी। अब फिलहाल, गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों का कहना है कि सौरभ से इस मामले में पूछताछ जारी है।

मुख्तार अपनी बेटियों से करता था जबरदस्ती: पत्नी ने शराब पिला, नशे की गोली खिला, गला घोंट कर मार डाला

बिजनौर में हुए मुख्तार अहमद हत्याकांड में पुलिस ने रविवार (जुलाई 28, 2019) को एक बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, पुलिस ने इस हत्याकांड के पीछे मृतक की पत्नी को ही दोषी पाया है। पुलिस के अनुसार महिला ने खुद बताया कि उसका पति नशे की हालत में अपनी बेटियों के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करता था। जिससे तंग आकर एक दिन महिला ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मामले की गुत्थी सुलझने के बाद अब पुलिस ने मुख्तार की पत्नी को हिरासत में ले लिया है। साथ ही जाँच को आगे बढ़ाया है।

नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार बिजनौर के एसपी संजीव त्यागी ने इस मामले पर बताया कि 8 जुलाई को धामपुर निवासी मुख्तार अहमद की हत्या हुई थी। जिसके बाद मुख्तार के भाई इरफान ने अपने भाई की पत्नी फिरदौस पर पहले दिन से हत्या करने का शक जताते हुए पुलिस में शिकायत की थी।

जाँच के बाद फिरदौस को हिरासत में लिया गया, जहाँ पूछताछ के दौरान उसने हत्या करने की बात स्वीकार ली। लेकिन जब उसने अपने इस कदम के पीछे का कारण बताया तो सबके होश उड़ गए।

इस पूछताछ में फिरदौस ने बताया कि उसका निकाह मुख्तार से 8 साल पहले 26 अप्रैल 2011 को हुआ था। वो मुख्तार की दूसरी पत्नी थी। मुख्तार का पहला निकाह नगीना की रजिया से हुआ था, लेकिन रजिया ने मुख्तार के हँगामे करने और मारपीट से तंग आकर ससुराल छोड़ दिया था। हालाँकि इसके बाद भी मुख्तार की आदतों में सुधार नहीं हुआ और जब उसकी शादी फिरदौस से शादी हुई वह तब भी मारपीट करता रहा।

फिरदौस के मुताबिक मुख्तार नशे की हालत में अपनी बेटियों को हवस का शिकार बनाने की कोशिश करता था और उसके विरोध करने पर उससे मारपीट करता था। इसलिए एक दिन उसने अपनी बेटियों को मुख्तार से बचाने के लिए पहले उसे शराब पिलाई, फिर खाने में नशे की गोलियाँ दी और फिर बेहोश होने पर उसने (फिरदौस ने) प्लॉस्टिक की रस्सी से उसका (मुख्तार) गला घोंटकर मार दिया।