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14 साल की लड़की से गैंगरेप, फोटो-विडियो किया Viral: राहुल (अलादीन का बेटा), जैकम और इमरान पर FIR

थानागाजी गैंगरेप के बाद राजस्थान के अलवर जिले के बड़ौदा मेव थाना इलाके में एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ गैंगरेप कर उसकी तस्वीरें वायरल करने का मामला सामने आया है। मामला करीब 11 दिन पुराना 17 जुलाई का बताया जा रहा है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़िता की कजिन की नज़र वायरल फोटोज पर पड़ी। इस संबंध में पीड़िता की माँ ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस सक्रियता से मामले की छानबीन में जुट गई है।

अलवर के बड़ौदा मेव थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, वारदात 17 जुलाई को घटित हुई थी। यहाँ पड़ोस में ही रहने वाली जैकम की पत्नी रौनक, 14 वर्षीय किशोरी को दोपहर में करीब 12 बजे अपने घर बुलाकर ले गई थी। वहाँ रौनक ने अपने घर में किशोरी को पहले से सीढ़ियों पर बैठे अपने परिचित राहुल (जो कि अलादीन का बेटा है) के हवाले कर दिया। उसके बाद राहुल ने कथित रूप से किशोरी का बलात्कार किया। इस दौरान रौनक का पति जैकम पहले से ही छत पर मौजूद था। उसने इस दौरान मोबाइल से किशोरी की अश्लील फोटो खींच ली और वीडियो भी बना लिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, “किशोरी से रेप करने के बाद राहुल (अलादीन का बेटा) चला गया। उसके बाद जैकम ने भी किशोरी को उसके अश्लील फ़ोटो दिखाकर उससे रेप किया। इस गैंगरेप की घटना में जैकम की पत्नी रौनक ने भी आरोपितों का पूरा साथ दिया। रेप के बाद जैकम की पत्नी रौनक ने किशोरी को धमकी देते हुए कहा कि घटना के बारे किसी से कुछ मत बताना। अन्यथा उसके अश्लील फोटो वॉट्सएप पर वायरल कर बदनाम कर दिया जाएगा। इससे किशोरी डर गई और चुपी साध ली।”

इस घटना के करीब पाँच दिन बाद पीड़िता को रास्ते में घंटोली उर्फ इमरान खान मिला। इमरान ने भी पीड़िता को ब्लैकमेल करते हुए अकेले में मिलने को कहा। इमरान ने पीड़िता को धमकी दी कि जैकम द्वारा खींचे गए अश्लील फोटो उसके पास हैं। अगर वह नहीं आई तो वह उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इतने के बाद भी जब पीड़िता ने इमरान से मिलने से मना कर दिया तो उसने अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।

तेजी से वायरल अश्लील फोटो जब सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता के चचेरे भाई के पास पहुँचे तो परिजनों को इस घटना के बारे में पता चला। इस पर उन्होंने पीड़िता से पूछताछ तो उसने पूरी घटना बता दी। इसके बाद पीड़िता की माँ ने शनिवार को थाने पहुँचकर आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कराया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बड़ौदा मेव थानाधिकारी दिनेश मीणा ने बताया कि इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इनमें राहुल (अलादीन पुत्र) और जैकम के खिलाफ गैंगरेप, जैकम की पत्नी रौनक के खिलाफ सहयोग करने और इमरान के खिलाफ आईटी एक्ट व ब्लैकमेल करने तथा रेप की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का अभी मेडिकल करवाया जा रहा है। इस मामले की जाँच लक्ष्मणगढ़ डीएसपी ओमप्रकाश मीणा कर रहे हैं।

अभी तक गैंगरेप के इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। आरोपितों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने गैंगरेप, सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करने और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पश्चिम बंगाल: नहर में तैरती मिली BJP कार्यकर्ता की लाश, TMC पर हत्या का आरोप

पश्चिम बंगाल में सियासी हिंसा चरम पर है। एक भाजपा कार्यकर्ता की लाश नहर में तैरती मिली। मृतक की पहचान काशीनाथ घोष के तौर पर हुई है। उनका शव हुगली के गोघाट में रविवार (जुलाई 28, 2019) की सुबह नहर से बरामद किया गया। भाजपा ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर उनकी हत्या का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घोष टीएमसी कार्यकर्ता लालचंद बाग की हत्या में आरोपी थे। लालचंद की 22 जुलाई को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

हालॉंकि लालचंद की हत्या में अपने कार्यकर्ताओं की संलिप्तता से बीजेपी इनकार करती रही है। उसका कहना है कि लालचंद की हत्या टीएमसी की भीतरी लड़ाई के चलते हुई।

गौरतलब है कि बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा की अब तक कई भाजपा कार्यकर्ता भेंट चढ़ चुके हैं। बीते दिनों बैरकपुर से भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के घर पर भी हमला किया गया था। यहॉं तक कि राज्य के निवर्तमान राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण की नीति के कारण राज्य का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया था।

अब मांझी बहके, कहा- जब मॉं-बेटे का चुम्मा सेक्स नहीं तो आजम खान गलत कैसे?

लोकसभा में भाजपा सांसद रमा देवी पर सपा सांसद आजम खान की टिप्पणी पर जारी विवाद के बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शर्मनाक बयान दिया है। आजम का बचाव करते हुए मांझी ने कहा है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है।

हिन्दुस्तानी अवामी मोर्चा (हम) के अध्यक्ष मांझी ने कहा, “जब भाई-बहन मिलते हैं और एक-दूसरे को चुम्मा लेते हैं तो क्या वह सेक्स कहलाता है? मां अपने बेटे को चुम्मा लेती है, बेटा मां को चुम्मा लेता है, क्या वह सेक्स होता है? आजम खान ने भी उसी लहजे में अपनी बात कही थी। लेकिन, उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। इसीलिए वह इस्तीफा ना दें, माफी मॉंग लें।”

गौरतलब है कि लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान आजम ने अशोभनीय टिप्पणी की थी। उस समय रमा देवी सदन की अध्यक्षता कर रही थीं। आजम की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकाल दिया गया था।

लेकिन इस बयान के लिए आजम खान की चौतरफा निंदा हो रही है। शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की थी। बैठक में तय किया गया कि अपनी टिप्पणी के लिए आजम खान सदन में माफी माँगे। यदि वे ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

पाकिस्तान समेत अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश से आए हिन्दुओं व 6 अल्पसंख्यक समूहों को हर सुविधा देगी सरकार

केंद्र सरकार पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिन्दू समेत छ: अल्पसंख्यक समूहों के लोगों को भारतीय नागरिकों के समान ज़रूरी सुविधाएँ व सरकारी रियायतें देगी। सरकार अब इन हिन्दुओं व 6 अल्पसंख्यक समूहों को सुविधा देने की समय-सीमा की बाध्यता समाप्त कर देगी। केंद्र ने सैद्धांतिक रूप से यह तय किया है कि पड़ोसी देशों से आए इन धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए समय-सीमा और दस्तावेज़ रोड़ा नहीं बनेंगे।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले, 31 दिसंबर 2014 तक या उससे पहले आए लोगों को बिना वैध दस्तावेज़ के भारत में रहने संबंधी आदेश जारी किए गए थे। ख़बर के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि शीर्ष स्तर पर तय किया गया है कि पड़ोसी देशों से उत्पीड़न के चलते भारत आने को मजबूर हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए सीमा का प्रतिबंध नहीं होगा। इस संबंध में राज्यों को जल्द ही दिशा-निर्देश दिए जाएँगे।

दरअसल, नागरिकता संशोधन विधेयक अभी आगे नहीं बढ़ पाया है। फ़िलहाल, इस पर सहमति बनाने की कोशिशें चल रही हैं। इस संशोधन विधेयक, 2019 का मुख्य मक़सद बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के 6 अल्पसंख्यक समुदायों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है।

नया विधेयक नागरिकता कानून-1955 में संशोधन के लिए तैयार किया गया है। इस विधेयक के क़ानून बनने के बाद अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेज़ों के भी भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी और जब तक उन्हें नागरिकता नहीं मिलेगी, उन्हें दीर्घावधि वीजा व कार्यकारी आदेशों के आधार पर सुविधाएँ मिलती रहेंगी।

बता दें कि भाजपा ने 2014 के चुनावों में इसका वादा किया था। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने इस विधेयक पर अपनी प्रतिबद्धता फिर दोहराई थी। ऐसी संभावना है कि संबंधित अल्पसंख्यक समूहों से लगभग 30,000 लोग हैं, जो भारत में लंबी अवधि के वीज़ा पर रह रहे हैं, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

घाटी में बड़े हमले की फिराक में आतंकी, इसलिए भेजे 10,000 अतिरिक्त जवान

पाकिस्तानी जमीन पर फल-फूल रहे आतंकी संगठन कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने की फिराक में हैं। यही कारण है कि केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात करने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को जवानों पर बड़े हमले की साजिश रचे जाने का इनपुट मिला है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल ने पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी ग्रिड के अधिकारियों के साथ बैठक कर घाटी में सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया। इसी इनपुट के आधार पर सरकार ने एहतियातन अतिरिक्त जवानों को तैनात करने का फैसला किया है और खुद डोवाल हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर के दो दिन के दौरे से डोवाल के लौटने के बाद केन्द्र सरकार ने घाटी में अर्ध सैनिक बलों की 100 और कंपनियॉं तैनात करने का फैसला किया था। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अतिरिक्त जवानों की तैनाती आतंकरोधी अभियानों को मजबूती देने और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ करने के लिए की गई है। सीआरपीएफ़ की 50, सीमा सुरक्षा बल की 30 और बीएसएफ तथा आईटीबीपी की 10-10 कंपनियॉं तैनात होंगी।

जम्मू-कश्मीर में अभी राज्यपाल शासन है। इससे पहले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियों को 24 फरवरी को कश्मीर भेजा गया था। उस समय लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था का हवाला देते हुए तैनाती की गई थी। अमरनाथ यात्रा के लिए भी राज्य में करीब 40 हजार अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।

अतिरिक्त जवानों की तैनाती के फैसले ने कश्मीरी नेताओं और अलगाववादियों को बेचैन कर रखा है। इनका आरोप है कि जवानों की भारी तैनाती से केन्द्र घाटी में डर का माहौल पैदा कर रहा है। जवानों की अतिरिक्त तैनाती के साथ अनुच्छेद 35ए को खत्म किए जाने की अटकलों ने भी जोर पकड़ लिया है।

कर्नाटक के 14 बागी MLA स्पीकर द्वारा अयोग्य करार, येदियुरप्पा के लिए राह आसान या कठिन?

एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत कर्नाटक के स्पीकर रमेश कुमार ने रविवार (28 जुलाई 2019) को कॉन्ग्रेस और जेडीएस के बागी 14 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया। इस तरह अब कुल अयोग्य विधायकों की संख्या 17 हो गई है क्योंकि इससे पहले 3 विधायकों को अयोग्य घोषित किया जा चुका है। बता दें कि बागी विधायकों ने स्पीकर के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए चार सप्ताह का समय माँगा था। इस पर रविवार को स्पीकर ने उन्हें समय देने से इनकार कर दिया और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।

इसके अलावा स्पीकर रमेश कुमार ने यह भी घोषणा की कि अयोग्य घोषित किए गए सभी विधायक विधानसभा का 15वाँ कार्यकाल ख़त्म होने के बाद ही चुनाव लड़ सकेंगे। बता दें कि रविवार को अयोग्य घोषित किए गए विधायकों में कॉन्ग्रेस के 11 और जेडीएस के 3 विधायक शामिल हैं। इनमें बैराठी बसावराज, मुनिरथना, एसटी सोमशेखर, रोशन बैग, आनंद सिंह, के गोपालाइहा, नारायण गौड़ा, एमटीबी नागराज, बीसी पाटिल, एएच विश्वनाथ, प्रताप गौड़ा पाटिल, डॉ सुधाकर, शिवराम हैब्बर और श्रीमंत पाटिल शामिल हैं।

इन विधायकों के अयोग्य ठहराए जाने के बाद कर्नाटक विधानसभा में सदस्यों की संख्या 207 हो गई है। साथ ही बहुमत का आँकड़ा अब 104 हो गया है। ग़ौरतलब है कि बीएस येदियुरप्पा को सोमवार (29 जुलाई 2019) को सदन में विश्वास मत हासिल करना है। राज्य में BJP के पास 105 विधायकों का समर्थन है। सियासी गणित में अगर और उलट-फेर नहीं हुआ तो बहुमत सिद्ध करने में कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन सरकार चलाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में अपने फ़ैसले से अवगत कराते हुए स्पीकर ने बताया कि उन्होंने यह फ़ैसला बिना किसी ड्रामे के सभ्य तरीक़े से लिया है।


इमरान, राम रहीम और आसाराम बापू को दिखाया BJP का सदस्य, ग़ुलाम फ़रीद शेख गिरफ़्तार

गुजरात के अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने शनिवार (27 जुलाई 2019) को ग़ुलाम फ़रीद शेख (40 वर्षीय) को गिरफ़्तार किया। उस पर फर्जीवाड़े से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सदस्य बताने का आरोप है।

ख़बर के अनुसार, फ़रीद शेख ने जालसाज़ी से न केवल इमरान खान को भाजपा का पंजीकृत सदस्य दिखाया, बल्कि बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह और आसाराम बापू को भी भाजपा का सदस्य बताया। ऐसा उसने भाजपा के सदस्यता अभियान को बदनाम करने के उद्देश्य से किया। इसके अलावा उसने सोशल मीडिया पर कथित रूप से इनके फ़र्ज़ी ई-सदस्यता कार्ड भी अपलोड किए।

भाजपा के अहमदाबाद शहर के महासचिव कमलेश पटेल ने कहा कि आरोपित ने भगवा पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए इमरान खान, आसाराम बापू और गुरमीत राम रहीम के जाली ई-सदस्यता कार्ड प्रसारित किए।

पटेल द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, भाजपा ने 6 जुलाई से सदस्यता अभियान शुरू किया था, जिसके लिए पार्टी ने नए सदस्यों को पार्टी में पंजीकृत करने के लिए एक सेलफोन नंबर जारी किया। यदि कोई व्यक्ति पार्टी के नंबर पर कॉल करके बताए गए स्टेप्स को फॉलो करते हुए, दिए गए वेब लिंक पर अपना व्यक्तिगत विवरण, फोटोग्राफ और सेलफोन नंबर अपलोड करता है, तो उसे पार्टी के लोगो (Logo) के साथ सदस्यता कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड को ई-कार्ड कहा जाता है, जिसमें एक यूनिक नंबर सदस्य को दी जाती है।

भाजपा सदस्यों को ग़ुलाम फ़रीद शेख की इस जालसाज़ी के बारे में 24 जुलाई को पता चला, जब उसने इमरान खान, आसाराम बापू और राम रहीम की तस्वीरों वाले कार्ड को भाजपा का प्राइमरी सदस्य बताते हुए सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

तस्वीर सौजन्य: इंडिया टूडे

साइबर सेल ने फ़रीद शेख के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा-465 (जालसाजी), आईपीसी की धारा-469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए जालसाज़ी) और आईपीसी की धारा-471 (वास्तविक दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के रूप में इस्तेमाल करना) और सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम (पहचान की चोरी के लिए सजा) धारा-66-C के तहत मामला दर्ज किया है।

Video वायरल: यूपी में काँवड़िए को हुई थकान, तो SP अजय कुमार ने खुद दबाए पैर

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में शनिवार (जुलाई 27, 2019) को प्राकृतिक चिकित्सा सेवा शिविर के उद्घाटन करने पहुँचे एसपी अजय कुमार ने वहाँ एक शिवभक्त को दर्द से कराहता देख पैर दबाकर उसकी सेवा की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, जब एसपी शिविर का शुभारंभ करके वहाँ से निकलने लगे तो उन्होंने शिविर के अंदर एक काँवड़िए को पैर के दर्द से कराहते देखा। उसे देख एसपी वापस मुड़े और दर्द से कराह रहे शिव भक्त के पैरों को दबाने लगे। उन्होंने पास में रखा एक स्टूल मँगाया और उस पर बैठकर काफी देर तक काँवड़िए का पैर दबाकर उसकी सेवा की और उसकी कुशलता पूछते रहे।

इस वीडियो को शामली पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है। वीडियो को शेयर करते हुए शामली पुलिस ने लिखा है, “सुरक्षा के साथ-साथ सेवा भी। एसपी अजय कुमार द्वारा चिकित्सा शिविर का उद्घाटन करने के बाद चिकित्सा शिविर में आए हुए भक्तों की सेवा की गई।” एसपी ने वहाँ से गुजरने वाले शिवभक्तों को अच्छी सेवा दिए जाने की बात कहते हुए कहा कि एक अच्छी पुलिस वही है, जो इंसानी मूल्यों को समझे। जब सिपाही, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर घायलों की मदद कर सकते हैं तो वो कमजोरों को आराम क्यों नहीं पहुँचा सकते हैं।

एसपी अजय कुमार का कहना है कि एक पुलिस अफसर होने के नाते उनका कर्तव्य बनता है कि वो लोगों को अच्छी व्यवस्था उपलब्ध कराएँ। उन्होंने कहा, “मैं अपने पुलिस विभाग के सहकर्मियों से भी कहना चाहता हूँ कि सिर्फ सुरक्षा प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है, लोगों की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। मेरा उद्देश्य सेवा करना है। दूरदराज से पैदल चलकर लोग हरिद्वार जल लेने जा रहे हैं। मैंने इसी सच्चे मन से काँवड़िए के पैर दबा उनकी थकान उतारने की कोशिश की है।”

काँवड़ियों पर फूल बरसाते एसपी अजय कुमार

बता दें कि इससे पहले शामली के एसपी अजय कुमार की एक फोटो भी सामने आई थी जिसमें वे हेलीकॉप्टर से काँवड़ियों पर फूल बरसाते हुए दिखाई दे रहे हैं। देश भर में काँवड़ यात्रा पूरे जोश और उत्साह के साथ चल रही है। काँवड़ियों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस काफी अलर्ट दिख रही है।

मॉब लिंचिंग के नाम पर हिन्दू धर्म को बदनाम करने की गहरी साजिश: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार (जुलाई 27, 2019) को वृन्दावन के वात्सल्य ग्राम में आयोजित संघ की अखिल भारतीय सामाजिक सद्भाव समिति की द्विदिवसीय बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि देशभर में हिन्दू धर्म एवं संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साजिश रची जा रही है।

उन्होंने कहा कि कहीं भीड़ हिंसा के नाम पर सियासत करके समाज में घृणा फैलाने का काम किया जा रहा है, तो कहीं गाय के नाम पर। कुछ राज्यों में तो एक योजना के तहत धर्म परिवर्तन भी करवाया जा रहा है। भागवत ने कहा कि देश में आज जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए सभी प्रचारकों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है।

संघ प्रमुख ने हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए भिन्न-भिन्न मत-पंथों और उपासना पद्धतियों के लोगों को साथ बैठकर समाज में जाति एवं वर्गों के बीच पनप रहे भेदभाव को समाप्त करने की कोशिश करने के लिए कहा। उनका कहना है कि जब ऐसा होगा तो निश्चित रूप से सामाजिक स्तर पर कई समस्याएँ हल हो जाएँगी। इस बैठक में भारतीय सामाजिक सद्भाव समिति से जुड़े उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, त्रिपुरा और मेघालय समेत सभी राज्यों के प्रतिनिधि एवं संघ से जुड़े अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

संघ के सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों की रिपोर्ट सामने रखी। संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, दतात्रेय होसबोले और भैया जी जोशी ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें माहौल बिगाड़ने के लिए एक ही वर्ग के झगड़े को मॉब लिंचिंग का नाम दे दिया गया। बाद में पुलिस जाँच से सच्चाई सामने आई। उन्होंने कहा कि ये सब हिन्दू संस्कृति को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।

बैठक में कहा गया कि अगर भारत में धर्म, संस्कृति व जीवन मूल्य नष्ट हो गए, तो यह विश्व में सभी जगह नष्ट हो जाएँगे। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए संकुचित विचारों से ऊपर उठना होगा, हिन्दू समाज को शक्तिशाली होना होगा, भेदभाव मिटाना होगा तभी एक बार फिर गौरवशाली हिन्दू समाज बन पाएगा और विश्व का कल्याण होगा।

फैक्ट-चेक: कुत्ते-गाय में नवभारत टाइम्स के पत्रकार ने लगाया हिन्दू-मुस्लिम ‘एंगल’

“कुत्ते ने गाय को काटा, मालिकों में हुआ बवाल” ऑपइंडिया जैसे राष्ट्रीय स्तर पर जाने जाने वाले पोर्टल के कवर करने लायक खबर नहीं है। और यह बात हम किसी दर्प में नहीं, अपनी पत्रकारिक जिम्मेदारी में कह रहे हैं- जिम्मेदारी उन लाखों पाठकों की जो अपना समय हमारे पोर्टल को देते हैं, हमारे साथ आर्थिक सहयोग करते हैं और हमारी खबरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर करते हैं।

हमने कलम देश में एक गलत लेकिन प्रचलित नैरेटिव का काउंटर-नैरेटिव बनने के लिए उठाई है। लेकिन आज हमें ऐसी ‘छोटी’ खबर इसलिए कवर करनी पड़ रही है, क्योंकि यह दिखाना ज़रूरी है कि जिस नैरेटिव को काउंटर करने के लिए हम लड़ रहे हैं, वह कितने सूक्ष्म स्तर तक पैबश्त है। कितनी गहरी उसकी जड़ें हैं और कैसे वह छोटी-से-छोटी घटना पर अपना ‘एंगल’ लगाने में नहीं हिचकिचाता।

पटना के एक मोहल्ले बाकरगंज में एक व्यक्ति के कुत्ते ने दूसरे पड़ोसी की गाय को काट लिया तो दोनों में बवाल हो गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सामान्य बात है। हमारे देश में तो “तेरे पेड़ की छाया मेरे कपड़े नहीं सूखने दे रही” पर हिंसक बवाल होते हैं, लोग ₹20 के विवाद पर ₹60-70 की गोली चलाकर हत्या कर देते हैं। और इसीलिए पुलिस का भी त्वरित पहुँचना कोई ‘बड़ी खबर’ नहीं है।

बड़ी खबर है नवभारत टाइम्स जैसे बड़े समाचार पत्र, जिसकी खबरों का संदर्भ अक्सर ऑपइंडिया भी लेता है, के पत्रकार का इसे ‘मुस्लिम कुत्ते ने हिन्दू के गाय को काटा’ जैसा वाहियात एंगल देना। ट्विटर पर नवभारत टाइम्स के पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा ने यही किया। बिना किसी सबूत के उन्होंने यह अफ़वाह उड़ाई कि हिन्दू “मुस्लिम के कुत्ते” की अफ़वाह सुनकर बवाल काटने लगे और बाद में कुत्ते का मालिक हिन्दू निकलने पर शांत हो गए। जिस दैनिक भास्कर की खबर को उन्होंने अपने ट्वीट के साथ लिंक किया है, उसमें ऐसा कुछ नहीं है। विरोध होने पर भी उन्होंने न अपने एंगल के पक्ष में कोई सबूत पेश किया और न ही अपनी गलती मानी।

मिश्रा जी जैसे बड़े पत्रकारों से सत्य और तथ्य की लकीर बड़ी करने की उम्मीद की जाती है, न कि फ़ेक न्यूज़ के दौर में सिकुड़ रही लकीर को और छोटा करते जाने की। बेहतर होगा यह काम मिश्रा जी हिटलर का लिंग नापने वालों और जीजा-साली के प्रेम संबंधों से लेकर नाबालिगों की डॉक्सिंग और छह महीने की बच्ची की स्टॉकिंग का शगल रखने वालों के लिए छोड़ दें। आप ‘गंभीर’ पत्रकार हैं, पत्रकारिता में गंभीरता दिखाएँ।