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Video: 11.32 सेकंड में दूती चंद ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, बनीं देश की पहली महिला एथलीट

भारतीय धाविका दूती चंद ने इटली के नेपल्स में 30वें वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स (30वाँ समर यूनिवर्सियाड) की 100 मीटर प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि को हासिल करने वाली वो देश की पहली महिला एथलीट हैं।

23 साल की दूती मात्र 11.32 सेकंड में रेस पूरी कर पहले पायदान पर रहीं। उनके नाम 100 मीटर में 11.24 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी दर्ज है। अपने ट्विटर हैंडल से उन्होंने लिखा, “मुझे नीचे गिराने की कोशिश करो, लेकिन मैं मज़बूती से वापसी करुँगी।”  

खेल मंत्री किरण रिजीजू ने दूती को बधाई देते हुए ट्वीट किया और लिखा, “मैं बचपन से इन खेलों में गोल्ड जीतने का इंतज़ार कर रहा हूँ। आख़िरकार भारत को गोल्ड मेडल मिला। दूती को विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में गोल्ड जीतने पर बधाई।” इसके साथ ही उन्होंने गोल्ड मेडल की इस जीत वाली वीडियो को भी शेयर किया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दूती को बधाई देते हुए ट्वीट किया और लिखा, “यूनिवर्सिटी खेलों में 100 मीटर फर्राटा जीतने पर दूती को बधाई। यह भारत का इन खेलों में पहला स्वर्ण है और हम बहुत गौरवान्वित हैं। इस प्रदर्शन को ओलंंपिक में क़ायम रखें।”

भारतीय धाविका दूती के गोल्ड मेडल जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, “एक असाधारण एथलीट की असाधारण उपलब्धि! अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत जीत हासिल करने के लिए बधाई दूती चंद… आप इसकी सही हक़दार हैं। आपने भारत को गौरवान्वित किया है।” 

स्विट्जरलैंड की डेल पोंटे 11.33 सेकंड के साथ दूसरे और जर्मनी के लीसा क्वायी 11.39 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।

पिछले साल, भारतीय स्प्रिंटर हेमा दास ने विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। दूती का अपना निजी राष्ट्रीय रिकॉर्ड 11.24 सेकंड है।

प्रेमी की हत्या, बेटी को मारी गोली: अफरोज़-नूरजहाँ ने दी अपनी बेटी को प्यार करने की सजा

उत्तर प्रदेश के बहादुरपुर इलाके से ऑनर किलिंग का चौंकाने वाला मामले सामने आया है। यहाँ बेटी के प्रेम संबंध के कारण उसके माता-पिता ने उसे गोली मार दी और फिर मृत समझकर झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए। अगले दिन सुबह कुछ स्थानीय लोगों द्वारा घायल युवती को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया और पुलिस को इसकी सूचना दी गया। यहाँ मजिस्ट्रेट ने उसका बयान लिया और फिर गंभीर स्थिति होने के कारण उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। लड़की बारथर गाँव की रहने वाली है।

मजिस्ट्रेट को दिए बयान में लड़की ने बताया कि उसके पिता अफरोज़, उसकी माँ नूरजहाँ और मामा इफजाद ने उसे आमिर से प्रेम करने के कारण गोली मारी, क्योंकि वे उन दोनों के रिश्ते के ख़िलाफ़ थे। पुलिस के मुताबिक लड़की के परिजनों पर आमिर (लड़की के प्रेमी) को मारने का भी इल्जाम है। आमिर की हत्या के संबंध में सिविल लाइन पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज हो रखी है।

जानकारी के अनुसार लड़की के परिजनों ने 6 जुलाई को आमिर की हत्या करने के बाद उसे भमोला में रेलवे लाइन पर फेंक दिया था और फिर लड़की को मारने की साजिश रची। आमिर की हत्या का पता चलते ही लड़की अपने घर वालों के ख़िलाफ़ हो गई थी, इसलिए वे उसे बाइक पर बैठाकर एटा चलने के लिए मलावन थाना क्षेत्र में ले आए। यहाँ तीनों ने युवती के गले में गोली मारी और मृत समझकर झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।

लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपितों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन फरार होने के कारण कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

‘जय श्री राम’ कत्ल का नारा! हिन्दूफ़ोबिया से ग्रसित सिर्फ BBC नहीं, Western Media की लम्बी फेहरिस्त

BBC का हिन्दूफ़ोबिया अब बारिश में खुले गटर की तरह छलक-छलक कर बाहर आ रहा है। इस नफ़रती प्रोपेगंडा फ़ैलाने वाले मीडिया आउटलेट के लिए हिन्दुओं का “जय श्री राम” कत्ल का नारा हो गया है, इसलिए कि एक भीड़ ने किसी समुदाय विशेष के शख्स को चोरी के संदेह में पीटा (जोकि गलत ज़रूर है लेकिन ‘सेक्युलर’ रूप से सर्वव्यापी है), और कुछ दिन बाद वह हिरासत में मर गया। और यह वही बीबीसी है, जो 1500 के करीब ब्रिटिश युवा लड़कियों और बच्चियों का बलात्कार करने वाले पाकिस्तानी का पाप उन्हें ‘एशियन’ बता कर चीनी-जापानी-हिंदुस्तानी-लंकाईयों में बाँट देता है, और जिसे दहशतगर्दी का इस्लामिक कनेक्शन “अल्लाहू अकबर” चिल्ला कर बार-बार होने वाले बम धमाकों और गोलीबारी के बाद भी नहीं दिखता।

लेकिन बीबीसी इस गंदगी में अकेला नहीं है। इसके चाचा के साले, फूफा के लड़के और गाँव वाली भाभी के दामाद भी हैं इस खेल में- और इन सबकी भारत और हिन्दुओं के बारे में रिपोर्टिंग को आप वायर, स्क्रॉल, या कारवाँ से अलग करके नहीं बता सकते कि कौन सा हिन्दूफ़ोबिक कथन इंडिपेंडेंट के सम्पादक का है, कौन सा वायर के मौसमी संवाददाता का। वही हिन्दुओं का दानवीकरण, वही समुदाय विशेष के अपराधियों की पहचान ढकने की कोशिश, वही ‘डरा हुआ शांतिप्रिय’ का नैरेटिव और हिंदुस्तान को ‘लिंचिस्तान’ बताना।

बीबीसी के कारनामों की लम्बी फेहरिस्त

बीबीसी बेशक इस ‘क्लब’ का ‘क्वीन’ है- इसमें दोराय की कोई गुंजाईश नहीं। और यह इसका आज का खेल नहीं है। 2004 में एक एनजीओ ने बिना किसी आधार, बिना किसी आँकड़े के समुदाय विशेष के 2002 दंगों के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए काम कर रहे ‘सेवा’ नामक एक हिन्दू संगठन पर गबन का आरोप लगाया। बीबीसी ने निराधार आरोप लगाने वाले को उस इस्लामी और वामपंथियों के संगठनों के आरोपों का जवाब देने के लिए ‘सेवा’ को महज़ एक-तिहाई समय दिया। उसी साल ‘ईश्वर’ के विषय पर बनी 90 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री में एक भी हिन्दू या सिख को अपना पक्ष रखने का मौका बीबीसी ने नहीं दिया था।

आज एक भीड़-हत्या में न केवल मज़हबी एंगल, बल्कि जय श्री राम को हत्या का नारा बना देने का औचित्य ढूँढ लाया बीबीसी इस बात पर मुँह में दही जमाकर बैठा है कि पिछले डेढ़ महीने में हिन्दुओं पर मज़हबी उन्माद में हुए डेढ़ दर्जन हमलों को मज़हबी हमले बोलने की इसे फुर्सत नहीं है।

साभार: आनंद रंगनाथन

बीबीसी के काले कारनामों की फेहरिस्त इतनी लम्बी है कि बाकी पापी बच के निकल जाएँगे, इसलिए नमूने के तौर पर ऊपर लगा शाम शर्मा का यह वीडियो देख लीजिए। इसी में उस घटना का ज़िक्र भी है जब बीबीसी ने पाकिस्तानियों के बलात्कार का पाप पूरे एशियाई-ब्रिटिश समुदाय के सर लादने का प्रयास किया था।

मुंबा देवी से इंडिपेंडेंट वालों की एलर्जी

इंडिपेंडेंट के ‘आखिरी प्रिंट सम्पादक’ ने, जोकि हिंदुस्तान के दुर्भाग्य से भारतवंशी है, और हिन्दुओं के किसी बुरे कर्म के चलते उनके जैसे नाम वाला भी है, ने मुंबई को ‘बम्बई/बॉम्बे’ पुकारे जाने की वकालत की थी। हिन्दू मुम्बा देवी के नाम पर शहर का नाम रखे जाना ही आपत्ति का कारण था। इसकी बजाय लाखों हिन्दुस्तानियों को भूखा तरसा कर मार देने वाले और गुलाम बनाकर रखने वाले औपनिवेशिक शासकों का दिया हुआ नाम इंडिपेंडेंट के सम्पादक को ज्यादा प्यारा था।

CNN के लिए अघोरी ही इकलौते हिन्दू

CNN, जोकि भारत में CNN-News18 का साझीदार भी है, ने अपनी ‘बिलीवर’ डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ में हिन्दुओं के प्रतिनिधित्व/चित्रण के लिए चुना अघोरियों को- और उनमें भी विशिष्ट रूप से उन अघोरियों को, जो जले शवों पर से मानव-माँस खाते हैं। हम हिन्दुओं को इस पंथ या आस्था के लोगों में कोई शर्म नहीं है, लेकिन बिना परिप्रेक्ष्य के इसे दिखाकर ‘स्कॉलर’ रेज़ा असलन ने समूचे हिन्दू समाज को ही श्वेत समुदाय के दिमाग में बने ‘कैनिबल’ यानी मानवभक्षी जंगलियों के समुदाय में फिट करने का प्रयास किया था।

हालाँकि यह ‘डिस्क्लेमर’ दे दिया कि अघोरी समस्त हिन्दू समुदाय के प्रतिनिधि नहीं हैं, लेकिन यह केवल एक कोरम पूरा करना भर था- अगर सचमुच हिन्दुओं को गलत चित्रित करना मकसद नहीं था, तो अघोरियों की जगह शाक्त, वैष्णव, कबीरपंथी, नाथपंथी से लेकर आदिवासी समुदाय भी हजारों नहीं तो सैकड़ों की तादाद में थे, और उन सभी की अपनी एक अनूठी संस्कृति थी। लेकिन उससे हिन्दूफ़ोबिया का मकसद कहाँ पूरा होता?

New York Times- खुले में शौच शास्त्रों के सर मढ़ दिया

न्यू यॉर्क टाइम्स में 13 जून 2014 को एक लेख छपा, जिसमें लेखक ने खुले में शौच की बात करते हुए हिन्दू धर्म शास्त्रों को हिन्दुओं के खुले में शौच करने के लिए ज़िम्मेदार बता दिया। यह दिमाग में पुराने शौच की तरह बजबजाते हुए हिन्दूफ़ोबिया के अतिरिक्त क्या हो सकता है? सौभाग्यवश हिन्दू अमेरिकन फाउंडेशन ने इसका विस्तृत खण्डन प्रकाशित कर दिया था, वरना साँप-मदारी वाले देश की तरह यह भी हिंदुस्तान और हिन्दुओं का अगला स्टीरियोटाइप बन गया होता कि हिन्दू खुले में शौच इसलिए करते हैं कि उनका धर्म उन्हें ऐसा करने के लिए कहता है।

सरस्वती नदी के अस्तित्व के वैज्ञानिक प्रमाण अब मिलने लगे हैं। लेकिन उन सभी को झुठला कर, केवल इसलिए कि इस नदी का नाम हिन्दुओं की एक देवी के नाम पर है, न्यू यॉर्क टाइम्स ने बाकायदा एक वीडियो प्रकाशित किया, जिसका मकसद विज्ञान, प्रमाण, तथ्य आदि ‘छोटी-मोटी’ चीज़ों को परे रखकर केवल हिन्दुओं की आस्था पर हमला करना था। इस बार उनका भंडाफोड़ हिन्दू लेखक और स्कॉलर राजीव मल्होत्रा ने किया।

अंत में तबरेज़ अंसारी के विषय पर एक अंतिम बात, जो बीबीसी जानता है, लेकिन बताता नहीं, क्योंकि वह हिन्दूफ़ोबिक नैरेटिव को काट देगी। तबरेज़ की जगह अगर कोई ‘राजू’ होता तो उसकी भी पिटाई, उसके साथ भी हिंसा तय बात थी। चोर-उचक्कों के साथ भीड़-हिंसा, कानून हाथ में लेकर अपराधियों को सजा देना, यह सब कतई समर्थन लायक नहीं हैं, शर्तिया दंडनीय हैं, लेकिन अंततः यह सब ‘सेक्युलर’ हैं। इसका सबूत यह है कि जिस झारखंड में तबरेज़ की हत्या हुई, उसी झारखण्ड में एक नसीम ने राजू बनकर, हाथ में कलावा पहनकर चोरी की कोशिश की। फिर भी पकड़े जाने पर पिटाई हुई ही।

मीडिया का यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह हिन्दूफ़ोबिया से पीड़ित है। इसीलिए इतनी घिनौनी कवरेज कर रहा है। इसके इन कुचक्रों को लगातार काटे जाने की ज़रूरत है, वरना जैसा कि ऊपर बताया है, यह गिरोह तैयार बैठे हैं हिन्दुओं को एक बार फिर दुनिया की नज़रों में साँप-मदारियों वाली कौम बना देने के लिए।

मैच के बाद माँजरेकर ने जडेजा को लेकर किया ऐसा ट्वीट की मिल रही हैं गालियाँ

कॉमेंटेटर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय माँजरेकर और विवाद का रिश्ता गहरा होने लगा है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को ट्विटर पर ब्लॉक करने वाले माँजरेकर का भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा के साथ चल रहे विवाद ने आज एक नया मोड़ ले लिया।

विश्वकप क्रिकेट के सेमीफाइनल मैच में भारत की टीम को आज न्यूजीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा। लेकिन, इस मैच में रविंद्र जडेजा की पारी काफी सराहनीय रही। इसके बाद संजय माँजरेकर ने एक ऐसा ट्वीट कर दिया जिससे सभी क्रिकेट प्रेमी भड़क गए और अपनी प्रतिक्रियाएँ देने लगे।

दरअसल, न्यूजीलैंड के साथ सेमीफाइनल मुकाबला समाप्त होने के बाद माँजरेकर ने ट्वीट किया, “अच्छा खेला जडेजा।” और ट्वीट के आखिर में एक आँख मारने वाली इमोजी भी लगा दी। हो सकता है कि इस ट्वीट के माध्यम से माँजरेकर ने गरमा-गर्मी के माहौल को हल्का करने की कोशिश की हो, लेकिन ट्विटर यूज़र्स की प्रतिक्रियाएँ तो यही बताती हैं कि कम से कम वो तो ऐसा नहीं मानते हैं।

वो ‘ज्वलनशील’ ट्वीट जिससे क्रिकेट प्रेमी खफा हो गए
माँजरेकर के ट्वीट से ‘गब्बर’ भी गुस्सा है

दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ खेले जाने वाले मैच से पहले संजय माँजरेकर ने आईएएनएस से कहा था कि वह इंग्लैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद भी कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को अगले मैच में जगह देते। रवींद्र जडेजा ने इस पर माँजरेकर से खिलाड़ियों का सम्मान करने को कहा था। इसके बाद जडेजा ने ट्विटर पर लिखा था, “मैंने आपसे दोगुने मैच खेले हैं और अभी भी खेल रहा हूँ। जिन्होंने कुछ हासिल किया है उसका सम्मान करना सीखिए।”

UP: मदरसे से मिला हथियारों का जखीरा, संचालक मोहम्मद साजिद समेत 6 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस द्वारा एक मदरसे की छापेमारी में चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस ने मदरसे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने मदरसा संचालक समेत 6 के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मदरसे में 25 बच्चे पढ़ते हैं। मदरसे से हथियारों की सप्लाई का खेल चलने की बात जान हर कोई हैरान है।

पुलिस को हथियार सप्लाई करने में इस्तेमाल होने वाली स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी मदरसे से मिली है जिस पर ‘शिवसेना’ लिखा है। मदरसे में हिकमत (हकीम द्वारा दवा देने) की आड़ में हथियार सप्लाई किए जाते थे। पुलिस ने मदरसा संचालक मुहम्मद साजिद समेत 6 आरोपितों को पकड़ा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सभी आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। सीओ अफजलगढ़ कृपाशंकर कन्नौजिया ने बुधवार (जुलाई 10, 2019) को पुलिस टीम के साथ शेरकोट में कंदला रोड स्थित मदरसा दारुल कुरान हमीद में छापेमारी की। मदरसे से 36 बोर का एक पिस्टल व आठ कारतूस, 315 बोर के तीन तमंचे व 32 कारतूस, 32 बोर का एक रिवॉल्वर व 16 कारतूस बरामद हुए।

पुलिस ने मदरसे से स्योहारा के मोहल्ला शेखान निवासी फईम अहमद, शेरकोट निवासी साजिद, धामपुर के मोहल्ला अफगान निवासी जफर इस्लाम, अफजलगढ़ के गाँव फतेहपुर जमाल निवासी सिकंदर अली, बिहार निवासी साबिर व शेरकोट निवासी अजीजुर्रहमान को दबोचा है।

इसके बाद मोहल्ला नोंदला में पुलिस ने आरिफ के मकान में छापा मारा। पुलिस का कहना है कि आरिफ तांत्रिक का काम भी करता है। बताया गया है कि मदरसे में एक सेफ में दवाइयों के डिब्बे रखे थे, इन्हीं में से हथियार मिले हैं। सीओ कृपा शंकर कनौजिया का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मदरसे में कुछ बाहरी लोगों का आना जाना है, इसी आधार पर छापेमारी की गई।

पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, मदरसे में हिकमत का काम होता है। माना जा रहा है कि हथियार खरीदने वाले ग्राहक मरीज बनकर ही मदरसे में आते थे। हिकमत की आड़ में हथियार बेचने व सप्लाई करने का काम मदरसे से किया जा रहा था। किसी को शक भी नहीं होता था कि दवाई लेने के नाम पर मदरसे में आया व्यक्ति हथियार लेकर जा रहा है। साजिद मदरसे का संचालक बताया जाता है।

मदरसे में पकड़ा गया साबिर बिहार का रहने वाला है। पुलिस का मानना है कि वह बिहार से हथियार लाकर सप्लाई करता था, किसी को शक न हो इसलिए गाड़ी पर शिवसेना लिख रखा था।

मदरसे में पकड़े गए आरोपितों का पुराना आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि एक आरोपित आगरा में हुई लूट में वांछित है। एक अन्य आरोपी देहरादून में एक व्यक्ति की गला काटकर हत्या करने का दोषी है। पुलिस का मानना है कि वारदातों को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मदरसे में आकर छिप जाते थे।

जमशेद ने मुझे घसीटा, बदतमीजी की, गालियाँ दीं: कोलकाता की अभिनेत्री हुई Uber driver से अभद्रता की शिकार

कोलकाता की एक लड़की ने ‘समुदाय विशेष’ के व्यक्ति की बदतमीज़ी की आपबीती फेसबुक पर शेयर की है। पेशे से अभिनेत्री स्वास्तिका दत्ता ने फेसबुक पर बताया है कि कैसे जमशेद नामक Uber ड्राइवर उन्हें उनके गंतव्य पर ले जाने की बजाए अपने इलाके में ले गया, उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अन्य लोगों को इकठ्ठा कर उन्हें धमकाया।

गंतव्य पर छोड़ने से कर दिया मना

स्वास्तिका के फेसबुक पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने जमशेद की गाड़ी कैब बुक करने वाले एप्प उबर से बुक की थी। सुबह सवा आठ बजे उन्हें घर से पिकअप करने के बाद जमशेद को उन्हें उनके स्टूडियो (Dassani 2, Rania) पहुँचाना था। लेकिन, स्वास्तिका के मुताबिक उसने बीच में ही उनकी यात्रा अपनी ओर से समाप्त कर दी और उनसे गाड़ी से उतर जाने को कहा। स्वास्तिका के इनकार करने पर उसने गाड़ी अचानक ही उल्टी दिशा में घुमा दी। अपने इलाके में वह गाड़ी ले गया और स्वास्तिका का आरोप है कि उसने उन्हें गालियाँ देनी शुरू कर दीं।

स्वास्तिका के मुताबिक ड्राइवर ने उन्हें ज़बरदस्ती गाड़ी से खींच कर निकाला। स्वास्तिका को जब गुस्सा आया और उन्होंने मदद की गुहार लगाई तो उसने उन्हें धमकी दी और अन्य लड़कों को बुला लिया। स्वास्तिका का कहना है कि उसने कहा, “की कोरबि कॉर, देखि की कोरते पारिश” (देखता हूँ क्या कर लेती हो)

स्वास्तिका का कहना है कि चूँकि उन्हें शूटिंग के लिए देर हो रही थी, तो वह वहाँ से चलीं आईं और उन्होंने अपने पिता को फ़ोन किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह उचित कानूनी कार्रवाई करेंगी।

गोवा में कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका, 15 में से 10 MLA भाजपा में शामिल

कर्नाटक में जेडीएस के साथ गठबंधन सरकार बचाने की कोशिशों में जुटी कॉन्ग्रेस को गोवा में बड़ा झटका लगा है। गोवा में पार्टी के 15 विधायकों में से दो तिहाई यानी 10 सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो गए हैं।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि विपक्ष के नेता सहित कॉन्ग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं। इसके साथ ही 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 27 हो गई है। सावंत ने बताया कि कॉन्ग्रेस विधायक राज्य और अपने क्षेत्र के विकास के लिए भाजपा में बिना किसी शर्त के शामिल हुए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकान्त कावेलकर के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस से अलग हुए विधायकों के गुट ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में इन विधायकों ने कॉन्ग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी दी। जब विधायक विधानसभा अध्यक्ष से मिलने पहुंचे तो सदन के उपाध्यक्ष माइकल लोबो और सीएम सावंत भी मौजूद थे।

कावलेकर ने कॉन्ग्रेस छोड़ने का कारण बताने से इनकार करते हुए कहा कि वे बाद में बयान जारी करेंगे। इससे पहले जून में गोवा भाजपा के अध्यक्ष विजय तेंदुलकर ने दावा किया था कि कॉन्ग्रेस के 10 विधायकों ने पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई है। उस वक्त उन्होंने कहा था कि विधानसभा में बहुमत होने के कारण पार्टी ने इस प्रस्ताव पर ​फिलहाल फैसला नहीं किया है।

मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद इस साल मार्च में सावंत गोवा के मुख्यमंत्री बने थे।

PAK को IMF ने दी चेतावनी- 6 अरब डॉलर भी डूबने से नहीं बचा पाएगा

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) भले पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने के लिए राजी हो गया हो पर इससे उसकी आर्थिक हालत सुधरने की उम्मीद नहीं है। पाकिस्तान में आर्थिक गतिविधियाँ इस हद तक सुस्त पड़ती जा रही हैं कि खुद आईएमएफ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उसका भारी-भरकम पैकेज भी पाकिस्तान को नहीं बचा जाएगा। आईएमएफ ने कहा है कि अगर पाकिस्तान ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए तो वहाँ की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। ऐसे में आम लोगों पर महँगाई का बोझ कई गुना बढ़ जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान के पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद से पिछले 10 महीने में पाकिस्तानी रुपए में 30% की गिरावट आई है। पिछले साल 18 अगस्त को पाकिस्तानी रुपया 123.35 पर था, जो 26 मई, 2019 को 160 के पार चला गया। पाकिस्तान के इतिहास में इतनी छोटी अवधि में इतनी बड़ी गिरावट पहली बार हुई है।

नकदी के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को आईएमएफ 6 अरब डॉलर यानी लगभग 41 हजार करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज देने पर राजी हो गया है। पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों की जीवन दशा को सुधारने के मकसद से यह कर्ज मंजूर किया गया है।

पाकिस्तान का वजूद विदेश से मिलने वाली सहायता पर ही टिका है। विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान का संकट सिर्फ वित्तीय नहीं, बल्कि सिस्टेमिक और स्ट्रक्चरल भी है। इसके कारण उसके अस्थिर होने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में राहत पैकेज भले ही उसे फौरी संकट से उबार ले, लेकिन इससे आने वाले संकट की जमीन तैयार होगी, जिसे संभालना और मुश्किल होगा।

“मुझे अफसोस है कि मेरा शरीर एक लड़के का था, लेकिन मेरा व्यवहार एक लड़की की तरह था”

पिछले साल सितंबर में आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिक यौन संबंध के सम्बन्ध में) को हटाने के बावजूद भारत में एलजीबीटीक्यूआई (LGBTQI) लोगों का उत्पीड़न जारी है। सामाजिक उत्पीड़न से निराश अविंशु की फेसबुक पोस्ट से पता चलता है कि भले ही कानून बदल जाए, लेकिन समाज खुद को बदलने में हमेशा देर कर देता है।

समलैंगिक होने के कारण कथित भेदभाव से दुखी मुंबई के 20 साल के अविंशु पटेल की आत्महत्या और उसके खुदकुशी नोट ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। अविंशु ने समुद्र में कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मंगलवार (जुलाई 09, 2019) को यह जानकारी दी। उसका शव पिछले सप्ताह (बुधवार) तमिलनाडु की राजधानी चेन्नै के नीलंकरई बीच पर मिला। उसने कथित तौर पर समलैंगिक होने के कारण अपनी जान दी। मौत को गले लगाने से पहले उसके द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट को जिसने भी पढ़ा, वह सतब्ध रह गया। अविंशु पटेल ने फेसबुक पर हिन्दी और अंग्रेजी में किए दो पोस्ट में कहा है कि उसकी खुदकुशी के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

अविंशु ने दो जुलाई को हिन्दी में किए पोस्ट में लिखा, ”मैं एक लड़का हूँ, सभी यह जानते हैं। लेकिन मैं जिस तरह से चलता हूँ, सोचता हूँ, भाव व्यक्त करता हूँ, बात करता हूँ, वह लड़की की तरह है। भारत के लोगों को यह पसंद नहीं आता है।”

“लोग मेरे हाव-भाव से नफ़रत करते हैं”

अविंशु को प्यार से लोग अवी कहते थे। वह मूलरूप से मुंबई का रहने वाला था और पिछले महीने ही चेन्नै के एक स्पा में काम करने गया था। फेसबुक पर 1750 शब्दों के सुसाइड नोट में उसने कहा कि वह गे है, इसलिए उसे परेशान किया जा रहा। उसने लिखा, “लोग मेरे शारीरिक हाव-भाव से नफरत करते हैं। मैं अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करता हूँ, लेकिन यह स्वाभाविक रूप से मेरे शरीर की गतिविधियों में दिखाई देती है। वे (लोग) मुझसे नफरत करते हैं, वे मेरे पीठ पीछे मेरा मजाक उड़ाते हैं…वे मुझे हिजड़ा, छक्का और बैलया कहते हैं…मुझे बहुत अफसोस है कि मेरा शरीर एक लड़के का था, लेकिन मेरा व्यवहार एक लड़की की तरह था।”

“मेरी गलती नहीं है कि मैं समलैंगिक हूँ, यह भगवान की गलती है”

अंग्रेजी पोस्ट में अवि ने लिखा, “मुझे उन देशों पर गर्व है जो समलैंगिक लोगों और ट्रांसजेंडरों को सम्मान देते हैं। मुझे अपने सहयोगी भारतीयों पर भी गर्व है। यह मेरी गलती नहीं है कि मैं समलैंगिक हूँ, यह भगवान की गलती है। मुझे अपनी जिंदगी से नफरत है।”

अविंशु अपने घर का इकलौता कमाने वाला था। वह नंदुरबार जिले के शाहदा में रहता था। उनके पिता रवींद्र सब्जी विक्रेता थे, लेकिन दिल की बीमारी से पीड़ित होने के कारण काम नहीं कर पाते। अवि के बचपन का नाम अमोल था। आत्महत्या करने से पहले दो जुलाई की शाम 5 बजे के आसपास उसने अपने रूममेट सहित कुछ अन्य लोगों से इस बात का जिक्र किया था कि वह मरने जा रहा है। अवि के चाचा दीपक ने बताया कि लगभग पाँच महीने पहले अवि की माँ ने उसके ऊपर शादी करने का दबाव बनाया था तब वह उनके पास आया था। घर में तनाव था, लेकिन बाद में वह चेन्नै काम करने चला गया।

कर्नाटक: बेंगलुरु से मुंबई तक शह-मात का खेल जारी, सुप्रीम कोर्ट पहुँचे बागी MLA

कर्नाटक में चल रहे हाई-वोल्टेज सियासी नाटक में नए-नए मोड़ सामने आ रहे हैं। एक तरफ़ कॉन्ग्रेस-जद (एस) गठबंधन में पड़ी फूट बढ़ने के संकेत आ रहे हैं तो दूसरी ओर राज्यसभा के नेता विपक्ष और कॉन्ग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने जेडीएस नेता और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के पिता एचडी देवेगौड़ा को गले भी लगाया। देवेगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

आज़ाद, डीके शिवकुमार हिरासत में

प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु में राजभवन के निकट प्रदर्शन करने के दौरान आज़ाद सहित कई कॉन्ग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने राज्यपाल वजुभाई वाला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें केंद्र में सत्तासीन भाजपा के इशारे पर काम करने वाला बताया। आज़ाद कॉन्ग्रेस नेताओं की बैठक में भी शामिल हुए।

वहीं, बागी विधायकों से मिलने मुंबई पहुँचे कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह बागी विधायकों के ‘कैम्प’ में तब्दील होटल रेनेसां के बाहर से न हटने पर अड़ गए थे।

येदियुरप्पा ने माँगा इस्तीफा, राज्यसभा में कॉन्ग्रेस का हंगामा

पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की माँग की है। उनके मुताबिक संख्या बल अब भाजपा के पास है और कुमारस्वामी को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष को उचित कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है।

इस बीच, इस मुद्दे पर राज्य सभा में कॉन्ग्रेस ने जमकर हंगामा किया। इसके कारण सदन को दोपहर तीन बजे के लिए स्थगित करना पड़ा था।

बागी सुप्रीम कोर्ट में, जेडीएस विधायक कर रहे योग

जहाँ एक ओर बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, वहीं बेंगलुरु के प्रेस्टीज गोल्फशायर क्लब में रुके जेडीएस विधायक योग कर रहे हैं।

बागी विधायकों की शिकायत है कि उनके स्वैच्छिक इस्तीफ़े के बाद भी विधानसभा स्पीकर केआर कृष्ण कुमार तत्काल निर्णय नहीं ले रहे और मामले को लटका रहे हैं।