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ममता सरकार का नया फरमान- सड़कों पर नहीं बनेंगे दुर्गा पूजा के पंडाल

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने दुर्गा पूजा को लेकर नया फरमान जारी किया है। इस संबंध में राज्य सचिवालय नवान्न की तरफ से गुरुवार (जुलाई 5, 2019) को राज्यभर के सभी थानों के लिए एक निर्देश जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि राज्यभर में कहीं भी दुर्गा पूजा के आयोजन सड़क पर नहीं होने चाहिए, ताकि यातायात बाधित न हो। इस निर्देश में कहा गया है कि सड़क के पास यदि दुर्गा पूजा होती है तो उसका पंडाल सड़क को घेरकर नहीं बनना चाहिए।

निर्देश में साफ तौर पर यह कहा गया है कि यदि कहीं पूजा पंडाल के कारण सड़क जाम की स्थिति या लोगों के परेशानी होनी की संभावना भी दिखती है तो ऐसी स्थिति में उक्त जगह पंडाल निर्माण की अनुमति नहीं होगी और ना ही उसे पूजा की अनुमति दी जाएगी। न केवल थानों में बल्कि राज्यभर के सभी पंजीकृत पूजा कमेटियों को भी इस निर्देश की प्रति भेजी गई है।

पिछले कई वर्षों से राज्यभर से ऐसी शिकायतें मिलती थीं कि सड़कों का अधिकतर हिस्सा घेरकर दुर्गा पूजा के आयोजन होते हैं। इसकी वजह से लोगों को यातायात में परेशानी होती है। कई उपनगरीय क्षेत्रों में तो पूरी यातायात व्यवस्था दुर्गा पूजा के पंडाल की वजह से चरमरा जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्देश जारी किया है।

गौरतलब है कि, दुर्गा पूजा में अब महज कुछ महीने ही बाकी हैं और कई पूजा कमेटियों ने महीनों पहले से पंडाल की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। राज्य के अन्य हिस्सों के साथ-साथ महानगर कोलकाता में कई बड़े पूजा पंडाल सड़क के बीचों-बीच बनते हैं। दशहरा की पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन वे सारी सड़कें पुलिस की ओर से बंद कर दी जाती है, जहाँ पंडाल बनाए जाते हैं। वहाँ से गुजरने वाली गाड़ियों को दूसरे रूट से मोड़ दिया जाता है। सैकड़ों सालों से उसी जगह पर पूजा होती आई है। ऐसे में राज्य सरकार के इस नए फरमान ने पूजा आयोजकों को परेशानी में डाल दिया है। कई लोगों ने इसे लेकर नाराजगी भी जताई है।

तमिलनाडु: मंदिर की 25 मूर्तियों को तोड़ने वाले 5 नाबालिग गिरफ़्तार

तमिलनाडु पुलिस ने 5 नाबालिग लड़कों को 25 सीमेंट की मूर्तियों को तोड़ने और तिरुवूरुर ज़िले के पेरियानायकी अम्मन मंदिर में मूर्तियाँ तोड़ने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार, पुलिस ने नाबालिग लड़कों को मंदिर में लोहे की छड़ें चुराने के बाद पकड़ा, जिन्हें वो शराब ख़रीदने के लिए बेचने की फ़िराक में थे। यह घटना मंदिर में होने वाले अभिषेक समारोह से पहले हुई थी।


जिन मूर्तियों को नष्ट किया गया, उनमें भगवान मुरुगन, पेरियानायकी, काल भैरव शामिल थे। वहीं, जो मूर्तियाँ क्षतिग्रस्त थीं, वे अलग-अलग जानवरों की थीं।

फ़िलहाल, नाबालिग आरोपित तंजावुर शहर के एक किशोर गृह (सुधार गृह) में हैं।

मोदी 2.0 का पहला बजट: गाँव, गरीब और किसान पर फोकस

इस साल आम चुनावों में भाजपा को जो जबर्दस्त जनादेश हासिल हुआ उसमें ग्रामीण भारत की बड़ी भूमिका रही है। यही कारण है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में तमाम योजनाओं के केंद्र में “गाँव, गरीब और किसान” को रखा गया है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा भी कि सरकार अपनी सभी योजनाओं में अंत्योदय को प्राथमिकता देगी। साथ ही गाँव, गरीब और किसान की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता है।

2022 में आजादी की 75वीं वर्षगांठ पूरे होने पर जो परिवार कनेक्शन लेने के इच्छुक नहीं होंगे, उनको छोड़कर ग्रामीण भारत के सभी परिवारों को बिजली और एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराने की प्रतिबद्धता सीतारमण ने जताई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दो प्रमुख योजनाओं उज्जवला और सौभाग्य के कारण ग्रामीण परिवारों के जीवन में नाटकीय बदलाव आया है और उनका जीवन आसान हुआ है। बीते पाँच साल में सात करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और करीब-करीब शत-प्रतिशत गॉंवों में बिजली पहुँचने की बात भी वित्त मंत्री ने कही।

https://www.indiabudget.gov.in/hbudgetspeech.php

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार का लक्ष्य 2022 तक सभी को घर मुहैया कराना है। शौचालय, बिजली और एलपीजी कनेक्शन के साथ उपलब्ध कराए जा रहे ऐसे 1.54 करोड़ घर गॉंवों में बनाए गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 2022 तक 1.95 करोड़ और घर बनाए जाएँगे। यह काम कितनी तेजी से चल रही है यह बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2015-16 में इस तरह के घर को पूरा करने में औसतन 314 दिन लगते थे, जो अब घटकर 114 दिन हो चुका है। जल-जीवन मिशन के तहत सरकार ने 2024 तक गाँवों के हर घर तक पानी पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर, 2014 से अब तक 9.6 करोड़ शौचालय बनाए गए हैं। इस साल गाँधी जयंती पर देश पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा। लिहाजा, स्वच्छता अभियान के तहत अब हर गाँव में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर सरकार का फोकस होगा। उन्होंने बताया कि 1,25,000 किलोमीटर के रोड नेटवर्क को पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा। गॉंवों को बाजार से जोड़ने वाली सड़कों को भी अपग्रेड किया जाएगा।

साथ ही वित्त मंत्री ने जन-धन खाते पर महिलाओं के लिए पाँच हजार रुपए ओवरड्राफ्ट की सुविधा देने और देश के हर जिले में महिला स्वयं सहायता समूह योजना शुरू करने की भी घोषणा बजट में की है। इससे भी ग्रामीण भारत की महिलाओं के सशक्तिकरण में मदद मिलने की उम्मीद है। यही कारण है कि बजट पेश किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ये देश को समृद्ध और जन को समर्थ बनाने वाला बजट है। इस बजट से गरीब को बल मिलेगा। युवा को बेहतर कल मिलेगा।’

बजट 2019: Zero Budget Farming से बदलेगी देश के किसानों की तस्वीर, दोगुनी होगी आय

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (जून 5, 2019) कई बड़ी घोषणाएँ की। इन घोषणाओं में रेलवे में निजी भागीदारी बढ़ाने से लेकर देश में जल्द आदर्श किराया क़ानून लागू करना तक शामिल हैं। अपनी घोषणाओं के बीच में वित्त मंत्री ने जीरो बजट फार्मिंग का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि बजट 2019 में जीरो बजट खेती को बढ़ावा मिलेगा ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सके। अब ये कैसे होगा और जीरो बजट फार्मिंग आखिर है क्या? आइए जानते हैं।

दरअसल, जीरो बजट खेती में कीटनाशक, रासायनिक खाद और हाइब्रिड बीज या फिर किसी भी आधुनिक तकनीक/ उपाय का इस्तेमाल नहीं होता है। जीरो फार्मिंग खेती पूर्ण रूप से प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर होती है।
इस खेती में किसान सिर्फ़ प्राकृतिक खेती के लिए उनके द्वारा बनाई गई खाघ और अन्य चीजों का प्रयोग करते हैं, जिससे उन्हें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती। देश के कई क्षेत्रों में किसानों ने इस प्रणाली के तहत खेती करना शुरू किया है, जिससे काफ़ी कम समय के अंदर यह बहुत लोकप्रिय भी हुई है।

बताया जाता है कि ऐसी खेती से उगाई गई फसल सेहत के लिए स्वास्थ्यवर्धक होती है और किसानों को खेती करने के दौरान शून्य रुपए का खर्चा आता है, जिसके कारण इसे जीरो बजट फार्मिंग का नाम दिया गया है। जिन किसानों ने इस प्रणाली को अपनाया है, आज वह इससे लाभ कमा रहे हैं। इसलिए देश भर के किसानों के बीच इसे बढ़ावा देने के लिए आज संसद में बजट पेश करने के दौरान इसका जिक्र हुआ।

बता दें इस तरह की खेती में किसान रासायनिक खाद की जगह जो खुद के द्वारा निर्मित देशी खाद का इस्तेमाल करते हैं, उसे ‘घन जीवा अमृत’ कहा जाता है। यह गोबर, गौमूत्र, चने के बेसन, गुड़, मिट्टी तथा पानी से बनाई जाती है। इसके अलावा कीटनाशकों की जगह नीम, गोबर और गौमूत्र से बना नीमास्त्र का इस्तेमाल करते हैं, जिससे फसलों में कीड़े लगने का संभावनाएँ न्यूनतम हो जाती हैं। इस खेती में संकर प्रजाति के बीजों की जगह देशी बीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके अलावा इस खेती में सिंचाई,जुताई और मड़ाई का सारा काम बैलों की मदद से किया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार के डीजल या ईंधन से चलने वाले तकनीक का प्रयोग नहीं होता और न ही किसान की जेब पर जोर पड़ता है।

‘सेमीफाइनल में जाने के लिए सऊदी अरब देगा पाकिस्तान टीम को 250 रन उधार’

इस विश्वकप क्रिकेट मुकाबले में पाकिस्तान पर लगभग हर क्रिकेट प्रेमी की निगाह है। साल 1992 की चैंपियन पाकिस्तान आईसीसी विश्व कप-2019 के अपने अंतिम लीग मैच में आज बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल मुकाबले में जगह बनाने की सम्भावनाएँ लगभग शून्य हैं। जो तरीके हैं, वो भी इतने आसान नहीं हैं। इस कारण पाकिस्तान की टीम को लेकर ट्विटर यूज़र्स लगातार MEME और क्रिएटिव व्यंग्य इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

दरअसल, पाकिस्तान को अगर विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुँचना है तो उसे आज लार्ड्स स्टेडियम में बांग्लादेश के साथ होने वाले मुकाबले के दौरान एक असंभव सा दिखने वाला लक्ष्य हासिल करना होगा।

इंग्लैंड द्वारा न्यूजीलैंड को हराए जाने के बाद पाकिस्तान के लिए सेमीफाइनल में जाना काफी मुश्किल हो गया है। वह आगे तभी जा सकता है, जब वह पहले बल्लेबाजी करे और 400 का स्कोर खड़ा करे और फिर बांग्लादेश को 84 रनों पर आउट कर दे।

समीकरण यह है कि अगर पाकिस्तान टॉस हार जाता है तो वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा और अगर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी लेता है तो उसे यह मैच 316 रनों से हर हाल में जीतना होगा। यह जीत का वह अंतर है, जो अब तक वनडे इतिहास में अब तक किसी भी टीम ने हासिल नहीं किया है।

देखते हैं, क्या है ट्विटर यूज़र्स की प्रतिक्रिया पाकिस्तान टीम की सेमीफाइनल तक पहुँचने की सम्भावना पर –

@GabbbarSingh ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर कटाक्ष करते हुए लिखा है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब ने 250 रन उधार देने का वादा किया है।

BUDGET 2019: रेलवे को रफ्तार देने के लिए ₹50 लाख करोड़ की जरूरत, स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का लक्ष्य

देश की पहली पूर्णकालिक महिला केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार (जुलाई 5, 2019) को संसद में पेश कर रही हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला केंद्रीय बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने रेलवे के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। इस दौरान वित्तमंत्री ने साफ, सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा पर जोर दिया। 

बजट भाषण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि तेजी से विकास और यात्री माल ढुलाई सेवाओं के लिए पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) का उपयोग किया जाएगा। इस बजट में 657 किलोमीटर मेट्रो को चालू किया गया है, जबकि 300 किलोमीटर नए मेट्रो प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिली है। साथ ही सीतारमण ने रेलवे किराए में सुधार के लिए आदर्श किराया कानून बनाने का भी प्रस्ताव भी पेश किया है। इसके जरिए रेलवे यात्रियों की जरूरत, सुविधाओं और विभाग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किराया तय करेगी।

यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत ये है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल बजट पेश करते हुए यात्री किराए में किसी तरह की बढ़ोत्तरी की घोषणा नहीं की है। उन्होंने आदर्श किराया कानून बनाए जाने की बात कही है। इस कानून के तहत रेल यात्रियों की जरूरत, सुविधाओं और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे किराया तय करेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशनों के जीर्णोद्धार के लिए रेलवे द्वारा इस वर्ष एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें पूर्व रेलमंत्री पीयूष गोयल की स्टेशनों का सौंदर्यीकरण करने की योजना भी शामिल है।

वित्तमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल और मेट्रो प्रोजेक्ट में पीपीपी मॉडल के जरिए निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रेल ढाँचे के मॉडर्नाइजेशन और स्वीकृत योजनाओं को पूरा करने के लिए 50 लाख करोड़ रुपए की जरूरत है। इन परियोजनाओं को वर्ष 2018 से वर्ष 2030 तक पूरा होना है। रेलवे के ढाँचागत विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें रेल पटरी के विस्तार और सुधारीकरण के साथ स्टेशन का ढाँचा भी शामिल होगा। स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का लक्ष्य है, ताकि वहाँ हर तरह की सुविधा उपलब्ध हो।

इसके अलावा मालगाड़ियों के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCs) का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क का कंजेशन खत्म होगा और यात्री गाड़ियों के साथ ही माल ढुलाई को भी पहले से ज्यादा तेज और समबद्ध करना संभव हो सकेगा।

मोहम्मद नन्हे ने दिन दहाड़े किया 6 साल की मासूम बच्ची का रेप, CCTV में हुआ कैद

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-23 में 6 साल की बच्ची के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार बच्ची को खून से लथपथ हालत में रोड किनारे झाड़ियों में बेसुध हालत में पाया गया। यहाँ किसी राहगीर की नजर उस पर पड़ी और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद बच्ची को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक बताया।

डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट की नसें कटी हुईं हैं, साथ ही उसके पेट पर दांतों से काटे जाने के गहरे जख्म भी मिले हैं। उसकी हालत बेहद गंभीर हैं।

घटना 2 जुलाई की दोपहर की है लेकिन सीसीटीवी में कैद हो जाने के कारण अब आरोपित का पता भी चल गया है। पुलिस ने फुटेज देखकर मोहम्मद नन्हे नाम के दरिंदे को रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

एनडीटीवी इंडिया की खबर के अनुसार 24 साल का नन्हें बुलंदशहर निवासी जाहिद का बेटा है। आरोपित 3 महीने पहले ही बुलंदशहर से दिल्ली आया था। लेकिन यहाँ आकर वह कोई खास काम नहीं करता था। लोगों ने उसे आवारा बताया है।

बता दें, सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ़ दिख रहा है कि दिन दहाड़े मोहम्मद नन्हें नाम के इस शख्स ने बच्ची को अपने साथ ले जाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को दोपहर 1: 30 बजे कॉल आई और उसके बाद इलाके के लोगों ने मिलकर बच्ची के माता-पिता का पता लगाया। बच्ची की माँ घरों में साफ़ सफाई का काम करती है जबकि पिता बेलदारी का काम करके घर का खर्चा चलाते हैं।

MDMK चीफ वाइको देशद्रोह के मामले में दोषी: 1 साल की जेल, ₹10,000 का जुर्माना

एमडीएमके प्रमुख गोपालस्वामी वाइको को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराया गया है। इस मामले में वाइको को चेन्नई की एक विशेष अदालत ने 1 साल की सजा और ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। हालाँकि, वाइको की अपील पर कोर्ट ने तुरंत सजा पर रोक लगा दी है। सजा पर रोक के बाद अब वाइको राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। वाइको को तमिलनाडु में स्टालिन ने डीएमके कोटा से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। यह चुनाव 18 जुलाई को होने वाला है। इसके लिए वाइको शनिवार (जुलाई 6, 2019) को नामांकन दाखिल करेंगे।

गौरतलब है कि, वाइको पर आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के समर्थन में अत्यधिक भडक़ाऊ भाषण देने के आरोप में साल 2009 में मुकदमा दर्ज किया गया था। वाइको ने 15 जुलाई 2009 को चेन्नई में आयोजित एक समारोह में भाग लिया था, जिसमें उन्होंने अपनी पुस्तक ‘आई एक्यूज’ के तमिल अनुवाद का विमोचन किया था। इस दौरान उन्होंने श्रीलंकाई गृह युद्ध पर भाषण देते हुए आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम का समर्थन किया था।

दर्शकों को संबोधित करते हुए वाइको ने कथित तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की और सरकार पर श्रीलंका में नरसंहार का आरोप लगाया। उनके भाषण का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) और धारा 153 (ए) के तहत मामला दर्ज किया था ।

गुजरात: हरेन पांड्या केस में SC ने HC का फैसला पलटा, 12 आरोपितों को ठहराया दोषी, 7 को उम्रकैद

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और गुजरात सरकार की अपीलों पर अपना फैसला सुना दिया है। उच्चतम न्यायालय ने गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या हत्याकांड में 12 आरोपितों को दोषी ठहराया है। गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या की साल 2003 में हत्या करने के आरोपों का सामना कर रहे 12 लोगों को बरी करने के फैसले को सीबीआई और गुजरात सरकार ने चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सात आरोपितों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। गुजरात हाईकोर्ट ने साल 2003 के हरेन पांड्या हत्याकांड के सभी 12 आरोपितों को हत्या के आरोप से बरी कर दिया था।

जानकारी के मुताबिक, फैसले के बाद शीर्ष अदालत ने गैर सरकारी संगठन की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमे न्यायालय की निगरानी में पांड्या हत्याकांड की नए सिरे से जाँच कराने का अनुरोध किया गया था। न्यायालय ने इस हत्याकांड की नए सिरे से जाँच के लिये जनहित याचिका दायर करने पर इस गैर सरकारी संगठन पर 50,000 रूपए का जुर्माना लगाया और कहा कि इस मामले में अब किसी और याचिका पर विचार नहीं होगा।


हरेन पांड्या गुजरात में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में गृहमंत्री थे। उनकी अहमदाबाद में सुबह की सैर के दौरान लॉ गार्डन के समीप 26 मार्च 2003 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीबीआई के अनुसार, राज्य में 2002 के साम्प्रदायिक दंगों का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई। सीबीआई और राज्य पुलिस ने गुजरात उच्च न्यायालय के 29 अगस्त 2011 के फैसले को गलत बताते हुए अपील दायर की थी।

हुर्रियत नेताओं के पक्ष में उतर आए शाह फैसल, बच्चों को विदेश भेजने का किया खुला समर्थन

हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने हुर्रियत नेताओं को बेनकाब करते हुए खुलासा किया था कि घाटी के बच्चों के हाथ में पत्थर पकड़ाने वाले हुर्रियत नेता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजकर पढ़ाते हैं। जिसके बाद इस मामले ने काफ़ी तूल पकड़ा था और हर जगह मीडिया खबरों में ये बात छाई हुई थी कि 112 अलगाववादी नेताओं के 210 बच्चे विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

अब इसी मामले के मद्देनजर टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार आईएस अधिकारी से राजनीति में आने वाले शाह फैसल ने अलगाववादियों का बचाव करते हुए बयान दिया है, “हुर्रियत नेताओं को अपने बच्चों को विदेश भेजने का पूरा अधिकार है। जब दूसरे लोग अपने बच्चों को विदेश भेज सकते हैं तो हुर्रियत नेता क्यों नहीं भेज सकते।“

लेकिन, बता दें कि शाह फैसल ने जिस प्रकार से बयान देकर अलगाववादियों का समर्थन करने की कोशिश की है, मसला वैसा है ही नहीं। यहाँ केवल अन्य लोगों की भाँति बच्चों को विदेश भेजने के लिए इन नेताओं पर सवाल नहीं उठ रहे हैं बल्कि इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ये नेता राज्य की शिक्षा व्यवस्था से लेकर चुनावों तक में खलल डालते हैं। घाटी के लोगों को भड़काते हैं, लेकिन जब अपने बच्चों की बात आती है, तो उन्हें विदेश भेजकर उच्च शिक्षा सुनिश्चित करते हैं।

अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, 112 अलगाववादी नेताओं के 210 बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं। कश्मीर के बच्चों के हाथों में क़िताब की जगह पत्थर देकर उनका भविष्य बर्बाद करने वाले ये अलगावादी ख़ुद के बच्चों के भविष्य को लेकर काफ़ी सजग हैं।

4 हुर्रियत नेताओं के 21 पुत्र, पुत्रियाँ, बहनें और बहुएँ अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, इरान, तुर्की, मलेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों में पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन यही अलगावादी राज्य के बच्चों का भविष्य अधर में लटका कर रखते हैं। उनके सभी परिजन विदेश में ऐशोआराम की ज़िंदगी जी रहे हैं।