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‘वायु’ से डरकर चीन की हवा टाइट, 10 समुद्री जहाजों ने ली भारत में शरण

चक्रवाती तूफान ‘वायु’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार तूफान ‘वायु’ 13 जून को तड़के वारावल, दीव क्षेत्र में पोरबंदर और महुआ के बीच गुजरात तट पर टकरा सकता है। वहीं, ‘वायु’ तूफान से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने भारत में शरण ली है। इन्हें रत्नागिरी बंदरगाह में ठहराया गया है।

भारतीय तटरक्षक महानिरीक्षक केआर सुरेश ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “चक्रवाती तूफान से बचने के लिए 10 चीनी जहाजों ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी बंदरगाह में शरण ले रखा है। मानवीय दृष्टिकोण के तहत सभी चीनी जहाजों को भारतीय तटरक्षक बल के सुरक्षा घेरा में रहने की इजाजत दे दी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (जून 11, 2019) को चक्रवाती तूफान ‘वायु’ की वजह से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लिया।

अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान ‘वायु’ महाराष्ट्र से उत्तर में गुजरात की ओर बढ़ रहा है। गुजरात के मुख्य सचिव ने ये भी बताया कि लोगों को वहाँ से हटाने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है। विभाग ने अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसकी गति 115 से 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। 

ऑस्ट्रेलिया में दौड़ेगी भारत में बनी मेट्रो, मेक इन इंडिया की एक और सफलता

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ लगातार सफलता के नए आयाम छूता जा रहा है। पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक वीडियो ट्वीट कर लिखा, “मेक इन इंडिया की एक और सफलता। गोयल ट्वीट में लिखा है कि अब ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भारत में बनी अत्याधुनिक मेट्रो दौड़ेगी। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से देश तकनीक की दुनिया में उभरता हुआ सितारा बन रहा है।

बता दें कि देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत की गई। वीडियो में बताया गया है कि भारत में बने मेट्रो रेलवे कोच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी मेट्रो लाइन पर चलेंगे। सिडनी में पहली बार ड्राइवर लेस मेट्रो लाइन खुली है, जिसमें 6 कोच वाली 22 एल्सटॉम ट्रेनों के द्वारा सेवा दी जाएगी। यह मेट्रो नॉर्थ वेस्ट रेल लिंक में तल्लावांग स्टेशन से चैट्सवुड स्टेशन के बीच कुल 13 स्टेशनों में चलेगी।

इन ट्रेनों के आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में असेंबल किया गया है। ये ट्रेनें पूरी तरह से स्वचालित हैं और इसमें एलईडी लाइट, आपातकालीन इंटरकॉम, सीसीटीवी कैमरे जैसी सभी अत्याधुनिक सुविधाएँ हैं। कंपनी ने 15 सालों के लिए डिपो चलाने और सिग्नलिंग सिस्टम की देख-रेख के लिए सिडनी मेट्रो के साथ संधि की है। भारत में निर्मित ये मेट्रो दुनिया भर में ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का प्रमाण हैं।

पाकिस्तान का कर्ज 6 हज़ार अरब से बढ़कर 30 हज़ार अरब रुपए के पार, 30 जून है डेडलाइन

आतंक और आतंकियों की शरणस्थली पाकिस्तान की हालत बेहद खस्ता है। पाकिस्तान में मंगलवार (जून 11, 2019) को बजट-2019 पेश किया गया। चिंता की बात यह है कि पाकिस्तान में बजट पेश होने से एक दिन पहले यानी सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक की चरमराई आर्थिक स्थिति जनता के सामने रखते हुए इमरान ने कहा, “आप सभी से मेरी अपील है कि संपत्ति घोषित स्कीम में हिस्सा लें।

इमरान खान ने कहा कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज 6 हजार अरब रुपए से बढ़कर 30 हजार अरब रुपए तक पहुँच गया है। कर्ज में डूबे पाकिस्तान की हालत बेहद पतली हो गई है। देश की स्थिति में थोड़ी सी सुधार की आस में इमरान खान को कहना पड़ा कि अगर आप टैक्स नहीं देते तो हम देश को आगे नहीं ले जा सकेंगे।”

इमरान खान ने चरमराई पाक की अर्थव्यवस्था को कुछ यूँ समझाया, उन्होंने कहा कि जो आप सालाना टैक्स जमा करते हैं, तक़रीबन 4 हजार अरब रुपया, उसमें से आधा टैक्स इन कर्ज की किस्तें अदा करने में चली जाती है। जो बाकी पैसा बचता है उसमें यह मुल्क अपने खर्चे पूरा नहीं कर सकता है।

बता दें पाकिस्तान को पश्त हालात से निकालने के लिए लोगों से अधिक से अधिक टैक्स देने। साथ ही 30 जून 2019 तक का अपनी आवाम को वक़्त दिया है, जिसके अंदर उन्हें अपनी बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट को घोषित करने की अपील की है। इमरान ने यहाँ तक कहा है कि उनके अधिकारियों को सब पता है। इमरान खान को ऐसा इसलिए करना पद रहा है कि इस समय पाकिस्तान के पास अपनी रोजमर्रा के खर्च चलाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं।

इस समय पाकिस्तान की स्थिति बहुत ही ख़राब है, उस पर से आतंकी छवि होने और चरमराई अर्थव्यस्था के कारण इस समय पाकिस्तान को कोई भी देश क़र्ज़ भी देने को तैयार नहीं है। इमरान खान ने खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हुए कहा था कि अपने समूचे इतिहास में देश इतना ऋणग्रस्त कभी नहीं रहा, जितना पिछले 10 साल में हो गया है।

इमरान ने सरकार के खर्चे काट कर किसी तरह देश चलाने की भी तरकीब निकालने की कोशिश की, इसके लिए लक्जरी कारों से लेकर भैंस तक की नीलामी की थी। बता दें कि इमरान खान ने किसी तरह देश की डूबती अर्थव्यवस्था को हल्का सा सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास की 102 लग्जरी कारों में से 70 कारें बेंच दी थीं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बता दें कि पाकिस्‍तान में 11 जून, 2019 को आम बजट पेश किया गया है। यह इमरान खान सरकार का पहला बजट है। इस बार का बजट 7.022 लाख करोड़ पाकिस्‍तानी रुपए का है।

अलीगढ़ में बच्ची को कचरे से निकालने वाली महिला को मिल रही हैं समुदाय विशेष से धमकियाँ

एक ओर जहाँ अलीगढ़ के टप्पल में ढाई साल की बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अब इस मामले को नया रूप देने पर उतर आए हैं। अब तक इस मामले में आरोपित जाहिद की पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची का शव जिस कपड़े में लिपटा हुआ था, वो जाहिद की पत्नी का दुपट्टा था।

दरअसल, बच्ची का शव कचरे के ढेर में बरामद हुआ था। अब इसे ढूँढने वाली महिला को कुछ लोग धमकियाँ दे रहे हैं। ट्विटर पर आज एक वीडियो सामने आया है जिसमें कचरा साफ़ करने वाली उस महिला को यह कहते हुए देखा जा सकता है कि उन्हें समुदाय विशेष के लोग धमकियाँ दे रहे हैं।

वीडियो में महिला कह रही हैं कि इलाके में समुदाय विशेष के द्वारा उन पर पर रिश्वत लेकर मृतक बच्ची को खुद वहाँ फेंकने के आरोप तक लगाए जा रहे हैं। उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही महिला को अपने परिवार की सुरक्षा का भी डर सता रहा है। कुछ ट्विटर यूज़र्स का कहना है कि यह महिला एक हिन्दू है जो कि SC है। सम्भावनाएं जताई जा रही हैं कि महिला को इस प्रकरण को उजागर करने के कारण डराया-धमकाया जा रहा है।

Video: हार की समीक्षा के लिए इकट्ठा हुए थे कॉन्ग्रेसी, आपस में ही भिड़ पड़े

कॉन्ग्रेस के अंदर उठा-पटक थमने का नाम नहीं ले रही है। बाहर चाहे कुछ भी खबरें हों, लेकिन मीडिया में सामने आ रही कुछ निंदनीय घटनाएँ ये बताती हैं कि अंदरूनी मनमुटाव तो जारी है। दरअसल, लोकसभा चुनावों में यूपी में कॉन्ग्रेस की हार की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई। इस बैठक में कॉन्ग्रेस के कई नेता इकट्ठा हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बैठक में पश्चिम यूपी के कॉन्ग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।

बैठक दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में हो रही थी। लेकिन पहले कॉन्ग्रेस नेता परिसर के अंदर आपस में भिड़े और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भी वहीं उनकी तू-तू मै-मैं हो गई। हालाँकि, जब कॉन्ग्रेस नेताओं से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये उनका आंतरिक मामला है। कॉन्ग्रेस नेता सिर्फ बैठक में ही नहीं बल्कि परिसर के बाहर भी एक दूसरे से बहस करते दिखाई दिए। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है

कॉन्ग्रेस नेता सिर्फ परिसर के अंदर ही नहीं भिड़े बल्कि परिसर के बाहर भी एक दूसरे से भिड़ते दिखे और बैठक के बाद कैम्पस में जमकर हंगामा हुआ। इस वीडियो में लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद लोकसभा सीट से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा के पिता और शहर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज पार्टी के गाजियाबाद जिला अध्यक्ष हरेंद्र कसाना के साथ उलझते देखे गए।

आज की समीक्षा बैठक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 10 जिले की थी। सिंधिया और राजबब्बर ने 10 जिले के प्रत्याशियों, पूर्व विधायक, पूर्व सांसदों और पदाधिकारियो की समीक्षा बैठक बुलाई थी। अगली बैठक 14 जून को लखनऊ में होगी।

AAP विधायक को दिल्ली कोर्ट ने ठहराया दोषी, 3 महीने की हो सकती है जेल

पूर्वी दिल्ली के कोंडली निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनोज कुमार को दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने साल 2013 में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान एक पोलिंग स्टेशन के पास उत्पाती बर्ताव करने और सरकारी कर्मचारी के काम में रुकावट डालने का दोषी करार दिया है। विधायक के खिलाफ पुलिसवालों की गवाहियों को भरोसेमंद पाते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 186 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 131 के तहत दोषी ठहराया है।

अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को ठुकरा दिया कि महज पुलिसवालों की गवाहियों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। एसीएमएम विशाल ने कहा कि कानून में ऐसी कोई प्रीपोजिशन नहीं है कि निष्पक्ष गवाहों से मेल खाने के बावजूद पुलिसवालों की गवाहियों को मंजूर न किया जाए। हर व्यक्ति से ईमानदारी के साथ काम करने की उम्मीद की जाती है और यह कल्पना पुलिसवालों पर भी उतनी ही लागू होती है जितनी किसी दूसरे व्यक्ति पर। पुलिसवालों की गवाहियों को महज इस आधार पर ठुकराया नहीं जा सकता कि वे पुलिस बल से जुड़े हैं और जाँच और अभियोजन के केस के सफल होने में उनका हित जुड़ा है। ऐसे साक्ष्यों को न्यायिक विवेक के साथ और व्यक्तिगत रूप से परखने की जरूरत पड़ती है। सिर्फ इसीलिए कि वे पुलिसवाले हैं, उनके पक्ष पर शक करने का आधार नहीं बन सकता। अदालत ने कहा कि मामले में अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य भरोसे के लायक हैं। वे संदेह से परे केस को साबित करने में सफल रहे।

गौरतलब है कि, ये मामला मनोज और उनके 50 समर्थकों द्वारा एमसीडी स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर हंगामा करने से संबंधित है। इन पर आरोप है कि इन लोगों ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान ही स्कूल का मेन गेट बंद कर दिया था। 4 दिसंबर 2013 में कल्याणपुरी थाने में दर्ज केस के मुताबिक आप विधायक ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर कल्याण पुरी स्थित एमसीडी प्राइमरी स्कूल पर बने पोलिंग स्टेशन पर उत्पाती बर्ताव किया। वहाँ दिल्ली विधानसभा के लिए मतदान हो रहा था। आप विधायक ने वहाँ चुनाव कराने में लगे पुलिस वालों के काम में रुकावट डाली, पुलिस कॉन्स्टेबल को धमकाया और पुलिवालों समेत चुनाव अधिकारियों को पोलिंग बूथ के अंदर बंद कर दिया। इतना ही नहीं, मनोज कुमार और उनके समर्थकों ने मतदान समाप्त होने के बाद भी अपना आंदोलन जारी रखा और बूथ के बाहर EVM बक्से को ले जाने की अनुमति नहीं दी।

इस अपराध के लिए मनोज कुमार को मिलने वाली सजा पर 25 जून को सुनवाई होगी। ये सुनवाई एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट समर विशाल द्वारा की जाएगी। ऐसी संभावना है कि आप विधायक को अधिकतम तीन महीने के लिए जेल में रखा जा सकता है या फिर जुर्माना लगाया जा सकता है।

UP के शामली में 15 साल की नाबालिग लड़की से सामूहिक बलात्कार में सुहेल और सोनम फरार

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में दो व्यक्तियों ने 15 वर्षीय एक लड़की को कथित तौर पर अगवा कर लिया और उसका सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार (जून 10, 2019) को कंधला थाना क्षेत्र अन्तर्गत खंदरौली गाँव में हुई। किशोरी एक खेत में बेहोश अवस्था में मिली।

दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थाना प्रभारी एस के विश्नोई ने बताया कि इस संबंध में दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन व्यक्तियों की पहचान सुहेल और सोनम के रूप में की गई है। दोनों फरार हैं और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

घर के बाहर से हुआ था अपहरण

लड़की के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, दो लोगों ने किशोरी का उसके घर के बाहर से अपहरण किया और फिर उन्होंने नजदीक के एक खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि लड़की को चिकित्सकीय जाँच के लिए ले जाया गया है और गाँव में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। साथ ही, अतिरिक्त पुलिस बलों को एहतियातन तैनात किया गया है।

CM जगन रेड्डी ने अपने मामा को बनाया तिरुपति तिरुमला ट्रस्ट का अध्यक्ष, लोगों ने चढ़ाई भौंहें

आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अपने मामा वाई वी सुब्बा रेड्डी को तिरुपति तिरुमला देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड (TTD) के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद लोगों ने और राजनीतिक गलियारों के व्यक्तियों ने कई सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और उनका परिवार इसाई धर्म में विश्वास रखता है और इसाई तौर-तरीकों का प्रैक्टिस करता है। बता दें कि वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन देखने वाला टीटीडी भारत के सबसे अमीर मंदिर ट्रस्टों में से एक है। पूर्व सांसद सुब्बा रेड्डी ने साफ़ किया है कि वे जगन के माँ के घर से हैं और हिन्दू हैं।

2009 में जब जगन के पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की एक हैलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनके द्वारा भी देवस्थानम बोर्ड में की गई नियुक्तियों पर सवाल खड़े हुए थे। कई लोगों का मानना था कि रेड्डी मंदिर बोर्ड का ईसाईकरण कर रहे हैं। 2006 में गोल्ड किन स्कैंडल भी सामने आया था। 2012 में जगन मोहन रेड्डी ने बिना डिक्लेरेशन फॉर्म भरे मंदिर में एंट्री की थी, जिसके बाद बवाल खड़ा हो गया था (इस फॉर्म को भरना नॉन-हिन्दुओं के लिए आवश्यक है)। टीटीडी ने सफाई में कहा था कि जगन को तिरुपति भगवान में विश्वास है और इसीलिए यह अनिवार्य नहीं है।

इस वाकए के बाद जनसेना के अध्यक्ष और तेलुगु अभिनेता पवन कल्याण ने कहा था कि जगन ने चप्पल-जूते पहन कर मंदिर में प्रवेश किया है, इसीलिए उन्हें सत्ता कभी नहीं मिल सकती है। टीटीडी के मुख्य पुजारी रहे रमना दिक्षितुलू को वाइएसआर परिवार का करीबी माना जाता था। उन्हें चंद्रबाबू नायडू की सरकार के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण हटा दिया गया था। उन्होंने दावा किया था कि मंदिर के किचेन की खुदाई के बाद मैसूर के राजा द्वारा दिया गया गुलाबी हीरा मिला था, जिसका कुछ पता नहीं चला।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि टीटीडी नायडू परिवार द्वारा संचालित हेरिटेज समूह से दूध ख़रीद रहा है। जगन रेड्डी ने शपथ ग्रहण से पहले तिरुमाला जाकर स्वामी वेंकटेश की ख़ास पूजा की थी। अभी कुछ दिनों पहले टीटीडी की सदस्य सुधा मूर्ति ने इस्तीफा दे दिया था। सुधा मूर्ति ने अपने इस्तीफे की कोई वजह नहीं बताई थी। वह इनफ़ोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष रही है। उन्होंने कहा कि अगर नई सरकार उन्हें बुलाती है, तो वह फिर अपनी सेवा देने के लिए तैयार हैं। हालाँकि, नए अध्यक्ष सुब्बा रेड्डी ने कहा है कि वे शत प्रतिशत हिन्दू हैं और सबरीमाला मंदिर में दर्शन करने भी जाते रहते हैं।

रेड्डी ने कहा कि जगन ने उन्हें राज्यसभा भेजने का आश्वासन दिया है और तब तक देवस्थानम बोर्ड का अध्यक्ष पद सँभालने को कहा है। बोर्ड ने इससे पहले मंदिर में विभिन्न पदों पर काम कर रहे नॉन-हिन्दुओं को निकालने का निर्णय लिया था लेकिन हाईकोर्ट ने कहा था कि इन्हें सिर्फ़ इसीलिए नहीं निकाला जा सकता क्योंकि वे मुस्लिम या इसाई हैं। अगले आदेश तक हैदराबाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा था। राज्य में टीटीडी अध्यक्ष का पद बहुत मायने रखता है और उसे कैबिनेट का दर्जा प्राप्त है।

SC लिखित में दे, भारत में नहीं होगी गिरफ्तारी, तो आज ही लौटने को तैयार: जाकिर नाइक

इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक ने मंगलवार (जून 11, 2019) को भारत लौटने की इच्छा व्यक्त की है। नाइक ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ये आश्वासन देता है कि दोषी ठहराए जाने तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो वो वापस भारत आने के लिए तैयार है। नाइक 2016 में भारत से भागा था। फिलहाल वो मलेशिया में रह रहा है। मलेशिया सरकार ने उसे स्थायी निवासी का दर्जा दे दिया है।

जाकिर नाइक ने कहा कि उसे भारतीय न्यायपालिका पर तो भरोसा है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है। नाइक पर आतंक से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक का आरोप है। नाइक ने कहा कि भारतीय जाँच एजेंसियाँ उसे जेल में डालने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। उसने तो आरोप भी लगा दिया है कि भारत में उसे बिना जाँच और बिना सुनवाई जेल भेजने की तैयारी चल रही है। नाइक ने कहा कि अगर भारत का सुप्रीम कोर्ट उसे लिखित में देता है कि भारत आने पर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तो वो आज ही भारत लौटने को तैयार है। जाकिर नाइक का कहना है कि आरोपों और शिकायतों के बावजूद, भारत या दुनिया में कहीं भी, किसी भी अदालत में उसके खिलाफ एक भी फैसला नहीं है। भारत में समुदाय विशेष के मामले में अदालत द्वारा निर्दोष घोषित करने से पहले ही गिरफ्तार करके 8 से 20 साल तक के लिए जेल में भेजने का इतिहास रहा है। भारतीय एजेंसियों के इस रिकॉर्ड को जानने के बाद वो अपने जीवन और अधूरे काम को बर्बाद करने का चांस नहीं लेना चाहता।

नाइक का कहना है कि भारतीय जाँच एजेंसियाँ हताश हो गई है, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें जाँच किस बात की करनी है। हालाँकि उनकी हताशा शर्मनाक है। ये बड़े आश्चर्य की बात है कि पहले जाँच एजेंसियाँ आतंकी लिंक की तलाश कर रही थीं, लेकिन अब वो मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच कर रही हैं। वो किसी न किसी रूप में उसे फँसाने की साजिश कर रही है।

वहीं, सोमवार (जून 10, 2019) को मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जाकिर नाईक को लेकर कहा है कि मलेशिया के पास यह अधिकार है कि अगर जाकिर नाइक के साथ न्यायसंगत व्यवहार नहीं होता है, तो मलेशिया के पास यह अधिकार है कि वह जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण न करे। उन्होंने कहा कि जब तक जाकिर नाइक मलेशिया के लिए कोई दिक्कत खड़ी नहीं कर रहा है, तब तक उसका प्रत्यर्पण नहीं किया जाएगा।

जाँच एजेंसी के अनुसार, नाइक के भारत और विदेशों में कुल ₹193 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी द्वारा जाकिर नाईक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जाँच कर रहा है। जाकिर नाईक का कहना है कि भारतीय जाँच एजेंसियों ने उसकी संपत्ति को जब्त करने की कोशिश की, लेकिन 2018 की शुरुआत और मार्च 2019 में अपीलेट ट्रिब्यूनल ने जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर रोक लगा दी, क्योंकि भारतीय जाँच एजेंसियाँ ये साबित नहीं कर सकी कि संपत्ति अवैध रूप से अधिग्रहित किए गए थे। नाइक का कहना है कि जाँच एजेंसियों को अदालत से कामयाबी नहीं मिलने के बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

यूट्यूब अदालत में बैठे स्वघोषित जज अभिसार शर्मा का नया प्रपंच, नहीं पच रहा कठुआ का फैसला

पठानकोट कोर्ट ने कठुआ रेप केस में सोमवार (जून 10, 2019) को अपना फैसला सुना दिया है। इस मामले में रेप और मर्डर के आरोपितों को आजीवन कारावास और तीन को सबूत मिटाने के जुर्म में 5-5 साल की सजा सुनाई है। इनमें से एक आरोपित विशाल जंगोत्रा को सभी आरोपों से कोर्ट ने बरी कर दिया है।

जंगोत्रा की रिहाई में ज़ी न्यूज़ द्वारा प्रसारित किए गए CCTV फुटेज और दूसरे एविडेंस का बड़ा योगदान है। प्रमाणों से यह साफ हो गया था कि इस पूरी घटना के दौरान जंगोत्रा कठुआ में मौजूद नहीं था। यहाँ समस्या उसका रिहा होना नहीं है बल्कि कुछ पत्रकार कोर्ट के फैसले के बावजूद इस तथ्य को पचा नहीं पा रहे हैं।

ऐसे ही एक अपच वाले पत्रकार अभिसार शर्मा, जो खुद से असहमत लोगों के खिलाफ अपनी नफ़रत की वजह से भी जाने जाते हैं, ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट कर प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाते हुए खुद फेक न्यूज़ पेडल करने के बावजूद ज़ी न्यूज़ पर यह आरोप लगाते पाए गए कि ज़ी न्यूज़ ने जंगोत्रा को बचाने के लिए कुछ झूठे सबूत गढ़े हैं।

अभिसार शर्मा ने अपने नाटकीय अंदाज में ज़ी न्यूज़ के रिपोर्ट को ‘ड्रामा’ कहा जो जाँच एजेंसियों द्वारा ‘गलत’ पाया गया। जबकि सच्चाई इससे बिलकुल अलग है पठानकोट कोर्ट ने ज़ी न्यूज़ के प्रयासों की प्रशंसा की है। जिसकी वजह से सबूतों को बल मिला।

कोर्ट ने कहा, “ज़ी न्यूज़ द्वारा जो ज़रूरी प्रयास किए गए खासतौर से ज़ी के मुख्य संपादक और उनके स्टॉफ प्रशंसा के पात्र हैं क्योंकि उनकी टीम ने अथक प्रयास कर सच्चाई को बाहर ले आए।” इस फैसले में ज़ी द्वारा दिखाए गए सबूतों का बड़ा योगदान है, इसे कोर्ट ने अपने फैसले में स्वीकार किया है।

मीडिया के कुछ खास वर्गों में अपने पहले से चलाए गए नैरेटिव के अनुसार विशाल जंगोत्रा को अपराधी घोषित करने की कुछ ज़्यादा ही जल्दबाजी थी। द प्रिंट ने तो कोर्ट से पहले ही सभी को अपराधी घोषित करते हुए यह भी बता दिया कि उन्हें इतनी सजा मिली। यहाँ तक कि स्वघोषित फैक्ट चेकर AltNews ने भी उससे असहमत दूसरों पर अटैक करते हुए विशाल जंगोत्रा को अपराधी घोषित कर अपना फैसला सुना दिया।