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बिप्लब देब के खिलाफ अफवाह फैलाने के आरोप में कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष तापस डे पर मामला दर्ज

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब और उनकी पत्नी नीति देब की निजी जिंदगी के बारे में सोशल साइट्स पर झूठी अफवाहें फैलाने के आरोप में राज्य के कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष तापस डे के खिलाफ त्रिपुरा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। बता दें कि, तापस डे इस मामले में आरोपित होने वाले तीसरे शख्स हैं। इससे पहले सोमवार (अप्रैल 29, 2019) को इसी आरोप में फ्रीलांस पत्रकार सैकत तलपात्रा को पश्चिम अगरतला से गिरफ्तार किया गया था और उसी दिन हवलदार जमाल हुसैन को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में सस्पेंड कर दिया गया।

बता दें कि, जिस फर्जी पोस्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप पर एक अटैचमेंट के साथ शेयर किया गया था, वो वास्तव में नई दिल्ली की एक अदालत में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दायर किया गया तलाक था और उसका सीएम या उसकी पत्नी से कोई संबंध नहीं था।

हालाँकि, डे ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुपों पर इसे शेयर किया था, मगर उनका कहना है कि उन्होंने ये सिर्फ अपने दोस्तों के साथ शेयर किया था, ताकि इस खबर की पुष्टि की जा सके। तापस डे ने कहा कि उन्होंने इसके खिलाफ कोई टीका-टिप्पणी नहीं की थी, और जो भी कानूनी कार्रवाई होगी, उसके लिए वो तैयार हैं। वहीं भाजपा के प्रवक्ता डॉ. अशोक सिन्हा ने कहा कि तापस डे एक वरिष्ठ नेता हैं और कानून के अच्छे जानकार भी हैं, और अगर वो दावा कर रहे हैं कि वो निर्दोष हैं, तो कानूनी रास्ता अपनाते हुए उन्हें इस मामले से बरी कर देना चाहिए।

गौरतलब है कि, बीते दिनों बिप्लव कुमार देब के बारे में खबर आई थी कि उनकी पत्नी नीति देब ने उन पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है और साथ ही उन्होंने तलाक की अर्जी भी दी है। हालाँकि, सीएम की पत्नी नीति देब ने एक फेसबुक पोस्ट करते हुए इन तमाम दावों को झूठा बताते हुए नकार दिया था। उन्होंने कहा था कि सिर्फ गंदे, भद्दे और बीमार किस्म की मानसिकता वाले लोग ही घटिया प्रचार के लिए इस तरह की अफवाहें फैलाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए इस तरह की गंदी अफवाहों को फैलाने के लिए उन्हें मोटी रकम दी जाती है। नीति देब ने कहा था कि ये सब कुछ सिर्फ और सिर्फ उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश है।

हमारा दिमाग ही सभी फैसले करता है, मुझे गाजर खाना पसंद नहीं था, लेकिन अब मैं खाता हूँ: राहुल गाँधी

एक इंटरव्यू में कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष और रॉबर्ट वाड्रा के साले राहुल गाँधी ने पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर अपने बारे में बड़े खुलासे किए। इस इंटरव्यू में ही राहुल गाँधी ने स्वीकार किया कि मोदी की ताकत उनकी छवि है और दावा किया कि वो इसे इसे खराब कर के रहेंगे। इस इंटरव्यू में राहुल गाँधी ने  कहा कि नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने का काम उन्होंने शुरू भी कर दिया है।

‘मुझे आम पसंद हैं, केले भी पसंद हैं और अब मैं गाजर भी खाता हूँ’

कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष और प्रियंका गाँधी के भाई राहुल गाँधी ने आगे कहा, “आप गरीब लोगों को पसंद कर सकते हैं या फिर आप उनसे नफरत कर सकते हैं। यह सब आप अपने मन से निर्धारित करते हैं। हमारा दिमाग ही है जो सभी फैसले करता है। हो सकता है कि मैं किसी से नफरत करता हूँ, लेकिन जब उनसे थोड़ी बातचीत कर लूँ, तो मैं फिर चीजों को उनके नजरिए से देखने लगता हूँ। वास्तव में मैं उन्हें (नरेंद्र मोदी) पसंद करता हूँ। वह शानदार हैं। मोदी को आम पसंद है, लेकिन मुझे विपश्यना पसंद है। और जहाँ तक बात रही आम की; तो हाँ, मुझे भी आम पसंद हैं, केले भी पसंद हैं। मुझे गाजर खाना पसंद नहीं था, लेकिन अब मैं गाजर भी खाता हूँ।”

‘राफेल डील में पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया’

वहीं, राफेल डील के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी नियमों को अनदेखा कर अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाया है, जिसकी जाँच होनी चाहिए। कॉन्ग्रेस पार्टी शुरू से ही इसकी जाँच की माँग कर रही है। इसके साथ ही राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भी पीएम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार में तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक हुए थे, लेकिन कॉन्ग्रेस ने इसका कभी ढिढोरा नहीं पीटा। इसके आगे राहुल ने कहा कि मिस्टर मोदी और बीजेपी चुनाव नहीं जीत रहे हैं। कॉन्ग्रेस की अगुवाई में यूपीए सरकार बनाने वाली है।

बुरहान वानी गैंग का आखिरी आतंकी लतीफ़ टाइगर भी कुत्ते की मौत मारा गया

आतंकी संगठन हिजबुल-मुजाहिदीन से संबंधित समूह के आतंकी बुरहान वानी गैंग का अंतिम जीवित सदस्य, लतीफ अहमद डार उर्फ लतीफ टाइगर को शुक्रवार को कश्मीर के शोपियाँ में सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में मार गिराया गया। इसके साथ ही, आतंकी बुरहान वानी का 11 आतंकियों का समूह पूरी तरह से समाप्त हो गया।

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि शोपियाँ में हुई मुठभेड़ में लतीफ और तारिक मौलवी नामक एक अन्य आतंकवादी को भी मार गिराया गया है।

मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की वायरल ग्रुप फोटो, जो 2015 में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, उसके पास कश्मीर में ‘नए जमाने के आतंकवाद’ के जन्म की घोषणा करने के लिए केंद्र में बुरहान के साथ हथियार और गोला-बारूद से लैस 11 आतंकवादी थे।

इस आतंकी टीम के 9 सदस्यों को पहले ही मार गिराया गया था और इस आतंकी समूह के एक आतंकी ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अब अंतिम सदस्य के साथ, लतीफ़ टाइगर को भी मार दिया गया, इस तरह बुरहान वानी का पूरा समूह समाप्त हो चुका है।

इस क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बाद जो ऑपरेशन चल रहा है, वह 34 आरआर और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम द्वारा शोपियाँ जिले के इमाम साहिब के अडखरा इलाके में शुक्रवार सुबह शुरू किया गया था।

मुठभेड़ में एक अन्य आतंकवादी तारिक मौलवी उर्फ ​​मुफ्ती वकास भी मारा गया है। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच हुई गोलीबारी में सेना का एक जवान घायल हो गया है, जबकि दो और आतंकवादी अभी भी क्षेत्र में फँसे हुए हैं। इस क्षेत्र की घेरेबंदी कर दिया गया है। और उन आतंकियों की तलाश जारी है।

नागरिकता पर राहुल ने नहीं दिया जवाब: EC में उम्मीदवारी निरस्त करने को याचिका

राहुल गाँधी की नागरिकता का प्रश्न अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज़ तक जा पहुँचा है। रिपोर्ट के अनुसार, हिन्दू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल कर उनकी ब्रिटिश नागरिकता पर आपत्ति जताई थी और उनका नामांकन रद करने की माँग की थी।

हिन्दू महासभा की तरफ से जय भगवान गोयल ने यह याचिका दाखिल की थी, जिस पर जल्द सुनवाई करने की माँग पर ज़ोर दिया गया था। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया था कि यह जानते हुए कि राहुल गाँधी की नागरिकता ब्रिटिश है, निर्वाचन आयोग द्वारा उनका नामांकन क्यों स्वीकार किया गया?

बता दें कि राहुल गाँधी की ब्रिटिश नागरिकता और उनके कथित नाम (राउल विंची) को लेकर पहले भी विवाद उठ चुके हैं। भारतीय गृह मंत्रालय ने बड़ा क़दम उठाते हुए राहुल गाँधी को नोटिस थमाकर उनकी विदेशी नागरिकता पर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

इन सबके बीच राहुल गांधी की विवादित नागरिकता पर न्यायालय के आदेश व गृह मंत्रालय द्वारा नोटिस जारी किए जाने के 4 दिन बाद भी कोई जवाब न दिए जाने के कारण राहुल गांधी का नामांकन रद करने के लिए चुनाव आयोग को एक व्यक्ति ने पत्र लिखा है। अयोध्या के रहने वाले याचिकाकर्ता डॉ रजनीश सिंह ने यह पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है कि राहुल गाँधी  की नागरिकता 2015 से सवालों के घेरे में है और भारत सरकार के पास उनकी नागरिकता को लेकर अर्ज़ी लंबित है। ऐसे में अमेठी से उनकी उम्मीदवारी निरस्त होनी चाहिए।


Mumbai Mirror ने मोदी को बताया गोधरा का कसाई, बाद में माँगी माफ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टीका-टिप्पणी अब आम बात हो चली है, क्योंकि आए दिन उन पर निजी हमले होते ही रहते हैं। विपक्ष तो उन्हें कुछ भी कह देने से नहीं चूकता चाहे उसके लिए कोर्ट में माफ़ीनामा तक दाखिल क्यों न करना पड़ जाए। लेकिन अचंभा तब होता है जब पत्रकारिता के नाम पर मुख्यधारा की मीडिया अपने पाठकों को ऐसी विषय-सामग्री परोस दे, जिसमें देश के प्रधानमंत्री को छवि बिगाड़ कर प्रस्तुत की गई हो जिससे विपक्षी दलों की मंशा पूरी होती हो।

ऐसा ही ओछी हरक़त मुंबई मिरर ने अपने एक ‘कार्टून’ के ज़रिए की, जिसे बाद में हटा दिया गया और साथ ही अपने इस अपमानजनित कृत्य के लिए माफ़ी भी माँगी। इस कार्टून में पीएम मोदी को ‘गोधरा का कसाई’ इंगित कर छापा गया था।

आशीष अस्थाना द्वारा बनाया गया अपमानजनक कार्टून ‘पत्रकार’ पटेल के कॉलम ‘पोल डांस’ के तहत प्रकाशित किया गया था। कार्टून में पीएम मोदी को एक संभावित ‘सम्राट’ अकिनमो (AkiNaMo) के रूप में प्रोजेक्ट किया गया था, जो अगले 50 वर्षों के लिए शासन करने का इरादा रखते हैं, उन्हें गोधरा से पेशे से कसाई के रूप में चित्रित किया गया।

इस कार्टून में राहुल गाँधी को दिल्ली के एक प्रशिक्षु यानी ट्रेनी के रूप में चित्रित किया गया, जो पहले अपने ‘क्रिसैन्थमम’ से पूछना चाहता था। ‘AkiNaMo और क्रिसैन्थमम’ की शर्तों के पीछे का विचार जापान के नए सम्राट नारूहितो के हाल के राज्याभिषेक से है, जहाँ पूर्व सम्राट अकिहितो ने अपने बेटे और वारिस के लिए अपना सिंहासन छोड़ दिया था। जापान की शाही सीट को गुलदाउदी (क्रिसैन्थमम) सिंहासन के रूप में जाना जाता है।

सोशल मीडिया पर भारत के पीएम के अपमानजनक कार्टून ने मुंबई मिरर के पाठकों को बहुत आहत किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने अपना ग़ुस्सा ट्वीट्स के ज़रिए दिखाया। एक यूज़र ने लिखा कि नरेंद्र मोदी को गोधरा का कसाई लिखना समाचार पत्र द्वारा मॉडल कोड का उल्लंघन है। किसी भी सभ्य समाज में इस तरह की वाहियात हरक़त को अनुमति कैसे दी जा सकती है? यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।

ख़बर के अनुसार, मुंबई मिरर ने अपने ई-पेपर से कार्टून को हटा लिया है और माफ़ी भी माँगी है। संपादक की ओर से ई-पेपर संस्करण में एक माफ़ीनामा भी शेयर किया गया है। इसमें लिखा किया गया कि पोल ​​डांस के कॉलम में, जिसका उद्देश्य चुनावों पर व्यंग्य करना है, उसमें एक कार्टून था जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपमानजनक अंदाज़ में दिखाया गया, उसके लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं। साथ ही इस माफ़ीनामे में इस बात की भी जानकारी दी गई कि ऑनलाइन संस्करणों और ई-पेपर दोनों से इस कार्टून को हटा लिया गया है।

मीनल बघेल मुंबई मिरर की वर्तमान संपादक हैं।

पीएम मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक कार्टून के बाद मुंबई मिरर ने छापा माफ़ीनामा

हालाँकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब जब मुंबई मिरर ने एक नेता के ख़िलाफ़ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी प्रकाशित की हो। पिछले साल, उन्होंने एक ‘फ़ैशन ब्लॉगर’ द्वारा एक कॉलम प्रकाशित किया था, जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ बेहद ग़लत और अपमानजनक टिप्पणी लिखी थी। इस लेख के माध्यम से स्मृति ईरानी के वज़न पर भी टिप्पणी की गई थी।

14 AAP विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी: BJP नेता विजय गोयल से केजरीवाल की नोकझोंक

भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के 14 विधायक पार्टी का साथ छोड़ना चाहते हैं। इन विधायकों का कहना है कि पार्टी अपने लक्ष्य से भटक गई है, लिहाजा वो पार्टी को छोड़ना चाहते हैं। दरअसल, हाल ही में आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल के इसी आरोप का जवाब देते हुए विजय गोयल ने यह दावा किया है कि आप के 7 नहीं, बल्कि 14 विधायक उनके संपर्क में हैं। उनका कहना है कि AAP पार्टी के भीतर घुटन का माहौल है, जिसकी वजह से पार्टी के नेता पार्टी से किनारा कर रहे हैं।

इसको लेकर अरविंद केजरीवाल और विजय गोयल के बीच ट्विटर पर ही जंग छिड़ गई। केजरीवाल ने विजय गोयल पर तंज कसते हुए ट्वीट किया और पूछा कि विधायकों की खरीदने की बात कहाँ पर फँसी हुई है? वो विधायकों को कितना ऑफर कर रहे हैं और विधायक उनसे कितना डिमांड कर रहे हैं? केजरीवाल के इस ट्वीट का जवाब देते हुए विजय गोयल ने लिखा, “केजरीवाल जी लेने-देने की बात मत करो। एक बार फिर माफी माँगनी पड़ जाएगी। दिल्ली में विकास नहीं कर पाए, तो झूठे आरोप लगा रहे हो। अपने ही विधायकों को बिकाऊ बता रहे हो। उद्देश्य से भटकने और आपकी पार्टी में अपमानित होने के कारण ये विधायक हमसे संपर्क करते हैं।”

केजरीवाल का कहना है कि उनके विधायकों ने उन्हें बताया कि भाजपा ने उनसे संपर्क किया और उन्हें खरीदने के लिए ₹10 करोड़ का ऑफर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग हमारे विधायकों को तोड़ना चाहते हैं, और ये सब कुछ करना पीएम मोदी को बिल्कुल भी शोभा नहीं देता है।

विजय गोयल ने कहा कि भाजपा को AAP विधायकों को खरीदने की जरूरत नहीं है। साथ ही उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि भाजपा पर AAP विधायकों को खरीदने का आरोप पूरी तरह से निराधार है और यदि AAP के पास इस बात का सबूत है तो, उसे सामने लाकर सार्वजनिक करना चाहिए और इस तरह के बेतुके आरोप लगाकर भागने की राजनीति से बचना चाहिए।

PM को ‘जानवर’ बोलने वाले वीडियो पर NCPCR ने प्रियंका गाँधी से माँगा जवाब

चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से छोटे बच्चों का गलत इस्तेमाल करने पर प्रियंका गाँधी को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने नोटिस जारी करते हुए उनसे तीन दिन के अंदर जवाब माँगा है। आयोग ने पूछा है कि वीडियो में बच्चों द्वारा नारेबाजी कहाँ हो रही है और घटनास्थल पर बच्चे कैसे पहुँचे थे।

गौरतलब है कि गुरुवार (मई 1, 2019) को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें प्रियंका गाँधी के सामने नारे लगाने के बाद कुछ बच्चे प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते दिखे। इस वीडियो पर भाजपा ने प्रियंका पर आरोप लगाया है कि उन्होंने बच्चों से प्रधानमंत्री के लिए ऐसे अपशब्द बुलवाए हैं।

उल्लेखनीय है कि मुंबई उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2014 को दिए एक आदेश में कहा था कि बच्चों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। जिसके मद्देनजर ही आयोग ने चुनाव प्रचार में बच्चों के प्रयोग को लेकर आपत्ति जताई है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा लगातार प्रियंका गाँधी की आलोचना कर रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है। उन्होंने अपने एक ट्वीट पर प्रियंका पर निशाना साधते हुए लिखा, “हर दिन अपने संस्कार का परिचय देती श्रीमती वाड्रा। गालियाँ कम थी जो अब समर्थकों से जानवर तक बुलवा रही हैं प्रधानमंत्री जी को।”

छत्तीसगढ़ में BJP विधायक की हत्या में शामिल इनामी नक्सली मारा गया

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में सोमवार (29 अप्रैल) को हुई एक मुठभेड़ में दूरदर्शन न्यूज चैनल के कैमरामैन अच्युतानंद साहू और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक भीमा मंडावी की हत्याओं में भूमिका निभाने वाले नक्सली आतंकवादी माड़वी मुइया को मार गिराया गया।

ख़बर के अनुसार, यह सूचना दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव ने जारी की। मारे गए आतंकवादी से एक राइफल और छह राउंड कारतूस बरामद किया गया। छत्तीसगढ़ में नक्सल ऑपरेटिव की मौत सुरक्षा अधिकारियों के लिए एक बड़ी जीत है क्योंकि मुइया अपनी कई आतंकी गतिविधियों के लिए जाना जाता था।

30 अक्टूबर को, मुइया ने नक्सलियों के एक समूह के साथ मिलकर दंतेवाड़ा ज़िले के नीलावे गाँव में एक हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में कैमरामैन अच्युतानंद साहू की मौत हो गई थी और साथ ही दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।

मुइया उस हमले का भी मास्टरमाइंड था जिसमें भाजपा विधायक मांडवी और उनके साथ पाँच पुलिस अधिकारियों का जीवन समाप्त हो गया था। विधायक के वाहन में उस समय IED विस्फोट हुआ था, जब वो दंतेवाड़ा ज़िले से गुजर रहे थे। हमले के बाद अधिकारियों ने मुइया पर 8 लाख रुपए के इनाम की घोषणा कर दी थी।

ओडिशा के तट पर पहुँचा प्रचंड चक्रवात Fani, यूपी बिहार के लिए भी अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान फोनी ओडिशा के पुरी से टकरा चुका है। इस तूफान के अगले 3 घंटे तक रहने की आशंका है। तकरीबन 10,000 गाँव और 52 शहरों पर इसका सीधा असर पड़ने वाला है। इस विनाशकारी तूफान से बचाव के लिए लगभग 11 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया गया है और साथ ही समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

बंगाल की खाड़ी के गर्म होने की वजह से फोनी तूफान की स्थिति बनी है। मौसम अधिकारी इस पर नज़र बनाए हुए हैं और इसकी पल पल की जानकारी प्रधानमंत्री को दी जा रही है। फिलहाल इस प्रचंड तूफान की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, लेकिन इसके बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसा बताया जा रहा ये तूफान बंगाल के पूर्वी मिदनापुर से भी टकरा सकता है।

भुवनेश्वर में काफी तेज हवा चल रही है और बारिश भी लगातार हो रही है, जिसकी वजह से हालात बेहद मुश्किल बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की रफ्तार बढ़कर 205 किमी प्रति घंटा तक हो सकतती है।

बता दें कि इस तूफान का असर ओडिशा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, सिक्किम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी देखने को मिल सकता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों को नुकसान से बचाने के लिए अनाज को ऐसी जगह पर रखें, जहाँ पर आँधी-पानी का असर कम पड़े। वहीं, ओडिशा को लेकर संभावना जताई जा रही है कि राज्य के कम से कम 14 जिले इस तूफानी चक्रवात की चपेट में आ सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में भाजपा के सर्वाधिक सवर्ण उम्मीदवार, बाकी पार्टियों ने काटे टिकट

2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियों ने सबसे कम सवर्णों को टिकट दिए हैं। सवर्णों के सबसे अधिक टिकट समाजवादी पार्टी ने काटे हैं। कॉन्ग्रेस ने भी पिछले चुनावों के मुकाबले अपने उम्मीदवारों में सवर्णों की संख्या घटा दी है।

नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पिछले चुनावों में 36 सवर्णों को टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाया था और इस बार भी भाजपा ने इतने ही सवर्णों को टिकट दिया है। जबकि 2014 में सपा ने अपने 20 सवर्ण उम्मीदवार मैदान में उतारे थे लेकिन इस बार यह संख्या 6 रह गई है। इसका एक कारण बसपा के साथ हुए गठबंधन को भी बताया जा रहा है क्योंकि सपा को गठबंधन में 37 सीटें मिली हैं।

दूसरी ओर दलितों की पार्टी कही जाने वाली बसपा ने जातिगत समीकरणों को देखते हुए एक चौथाई सीट पर सवर्णों को टिकट देकर बड़ा दाव खेलने का प्रयास किया है। हालाँकि 2014 में 26 सवर्णों को टिकट देने वाली मायावती ने गठबंधन में 38 सीटों पर 10 सवर्णों को टिकट दिया है।

कॉन्ग्रेस की बात करें तो 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 34 टिकट सवर्ण कैंडिडेट को दिए थे लेकिन नतीजे उनके पक्ष में नहीं थे। साल 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी ने पुराने नतीजों को ध्यान में रखा और केवल 26 सवर्णों को ही टिकट देकर अपना उम्मीदवार बनाया।