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मोदी सरकार ने आतंकवादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर लगाया 5 साल का प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने गुरुवार (28 फ़रवरी) को आतंकवादी संगठन जमात-ए-इस्लामी पर पाँच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

गृह मंत्रालय ने सुरक्षा मामले पर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की, जिसकी अध्यक्षता ख़़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।

ख़बरों के अनुसार, संगठन को ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम के तहत इस आधार पर प्रतिबंधित कर दिया गया था कि यह राज्य में आतंकवादी संगठनों के साथ ‘लगातार संपर्क में’ था और राज्य में ‘अलगाववादी आंदोलन को आगे बढ़ाने’ की फिराक में था। यह भी कहा गया कि यह आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर और अन्य जगहों पर उग्रवाद और आतंकवाद का समर्थन करता है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि जमात-ए-इस्लामी संगठन ने भारत की क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने के इरादे से गै़रक़ानूनी गतिविधियों को शुरू किया था।

गृह मंत्रालय द्वारा यह क़दम जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा 22 और 23 फरवरी को घाटी में जमात के 100 कैडरों को गिरफ़्तार करने के बाद उठाया गया है। गिरफ़्तार किए गए लोगों में आतंकी संगठन के प्रमुख अब्दुल हामिद फैयाज़ और प्रवक्ता वकील ज़ाहिद अली शामिल है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद महबूबा मुफ्ती ने जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा की थी। इसके अलावा पूर्व राज्यमंत्री सज्जाद लोन ने इस कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाए थे। 

बता दें कि पुलवामा आत्मघाती हमले के बाद भारत की ओर से कई कड़े क़दम उठाए गए हैं उन्हीं में से एक यह भी है।

आतंकी संगठन जमात की उत्पत्ति कश्मीर में इस्लामिक डोगरा आंदोलन में निहित है। इस ग्रुप ने मौलाना मौदूदी (Maulana Maududi) की विचारधारा का पालन किया, जिन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध किया और मुस्लिम लीग के विभाजन के लिए एक अलग मुस्लिम राज्य बनाने का प्रस्ताव भी रखा था। मौदुदी समग्र राष्ट्रवाद के ख़िलाफ़ था। जिसने एक इस्लामिक राज्य की वकालत करने के बजाय पूरे अविभाजित भारत को कवर करने वाले इसे ‘डार अल-इस्लाम’ में बदल दिया।

बँटवारे के समय, जमात ने पाकिस्तान में शामिल होने के लिए राज्य का पक्ष लिया था। इस दौरान अधिकांश लोग कश्मीरी शेख़ अब्दुल्ला के आसपास रैलियाँ करते भी दिखाई दिए।

मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने प्रोजेक्ट STARS के तहत ₹250 करोड़ देने का किया ऐलान

मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने 28 फरवरी को विज्ञान दिवस के मौके पर प्रोजेक्ट स्टार्स (STARS) के तहत ₹250 करोड़ की फंडिंग देने की घोषणा की है।

STARS यानी Scheme for Translational and Advanced Research in Science योजना को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से ₹250 करोड़ की राशि देने का ऐलान किया गया है। इस निधि का उपयोग 500 विज्ञान प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा। इसके लिए छात्रों का चयन प्रतियोगिता के माध्यम से किया जाएगा। बता दें कि यह प्रोजेक्ट Indian Institute of Science, बेंगलुरु द्वारा संचालित किया जाएगा।

विज्ञान दिवस के मौके पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से लांच किए गए इस प्रोजेक्ट का लाभ विज्ञान के छात्रों को मिलेगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी को आवेदन करना होगा। मानव संसाधन विकास मंत्री ने अपने ट्वीट में इस बात का भी खुलासा किया है कि इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी।

विज्ञान दिवस हर साल 28 फरवरी को सर सी वी रमन की याद में मनाया जाता है। वह एक भौतिक विज्ञानी और भारत के प्रथम वैज्ञानिक थे जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। उन्हें 1930 में रमन प्रभाव की खोज के लिए नोबेल प्राइज मिला था।

इसके साथ ही मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय कौशल एवं श्रम मंत्रालय और रोजगार मंत्रालय के साथ मिलकर गैर तकनीकी कोर्सों के लिए SHREYAS- Scheme for Higher Education Youth For Apprenticeship and Skills को लांच किया। जिसका लाभ गैर तकनीकी क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा।

OIC में पाकिस्तान के विरोध को दरकिनार कर पहली बार भारत को मिला मुख्‍य अतिथि का सम्‍मान

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अबू धाबी में हो रही ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने गई हैं। इस दौरान सुषमा स्‍वराज ने कहा कि ओआईसी के संबंध में 2019 भारत के लिए महत्‍वपूर्ण साल रहा है। इस वर्ष भारत महात्‍मा गाँधी की 150वीं जयंती मना रहा है।

ओआईसी की बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि आज आतंकवाद की चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। आतंकी गतिविधियाँ अलग-अलग तरीके से चलाई जा रही हैं। जिन देशों में आतंकी कैम्प चलाए जा रहे हैं, उन्हें अपने यहाँ आतंकवादियों आश्रय देना बंद करना होगा। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ लड़ाई नहीं है।

OIC की बैठक में सुषमा स्वराज द्वारा कही गई मुख्य बातें

  1. OIC अपनी गोल्‍डन जुबली मना रहा है। OIC में पहली बार भारत को मुख्‍य अतिथि बनने का सम्‍मान मिला है।
  2. भारत विविधताओं का देश है, OIC साझा आस्‍थाओं वाला संगठन है।
  3. हम ब्रुनेई से लेकर अफगानिस्‍तान तक मजबूत रिश्‍ते रखते हैं। हम कई मध्‍य एशियाई देशों से करीबी ताल्‍लुक रखते हैं।
  4. खाड़ी देश हमारे लिए व्‍यापार का बड़ा केंद्र हैं।
  5. भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था विश्‍व की अर्थव्‍यवस्‍था का हिस्‍सा बन रही है।
  6. आतंकवाद जीवन को नष्ट कर रहा है, क्षेत्रों को अस्थिर कर रहा है और दुनिया को बड़े संकट में डाल रहा है। आतंक की पहुँच बढ़ रही है। इसे रोकना बेहद जरूरी है।
  7. आतंकवाद ने कई ज़िंदगियाँ तबाह की हैं। आतंक के खिलाफ हमारी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है।

बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दो दिवसीय ओआईसी की बैठक के उद्घाटन समारोह में हिस्सा ले रही हैं। भारत को 57 इस्लामिक देशों के समूह ने पहली बार अपनी बैठक में आमंत्रित किया गया है। पाकिस्तान के विरोध को दरकिनार करते हुए OIC की बैठक में उन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा दंडस्वरूप की गई एयर स्ट्राइक की पृष्ठभूमि में भारत और ओआईसी के बीच यह नया संबंध स्थापित हो रहा है।

OIC की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के शामिल होने की वजह से पाकिस्तान ने बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का कहना है, “मैं विदेश मंत्रियों की काउंसिल बैठक में शिरकत नहीं करूँगा। यह उसूलों की बात है, क्योंकि (भारत की विदेशमंत्री) सुषमा स्वराज को ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में न्योता दिया गया है।” इससे पहले पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमले के बाद पाकिस्तान ने प्रयास किया था कि ओआईसी के लिए स्वराज का आमंत्रण रद्द हो जाए पर OIC ने संस्थापक सदस्य पाकिस्तान को कोई तवज्जो नहीं दिया।

आतंकवादी हाफ़िज सईद, शांतिदूत ज़ाकिर नाइक की सम्पत्तियाँ होंगी ज़ब्त, ED ने की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी संगठन के प्रमुख हाफ़िज़ मुहम्मद सईद की लगभग 14 अवैध संपत्तियों को ज़ब्त करने का फ़ैसला किया है।

कथित तौर पर, ईडी ने कश्मीरी व्यवसायी ज़हूर अहमद शाह वटाली द्वारा किए गए निवेश को ‘आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई की आय’ के रूप में पहचान की है, जो कथित तौर पर आतंकी मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद का फाइनेंसर है। पिछले साल अगस्त में 70 साल के वटाली को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग के आरोप में गिरफ़्तार किया था।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पहचान की गई 14 संपत्तियों में बंगले, महलनुमा घर शामिल हैं, इन सभी सम्पत्तियों को संलग्न किया जाएगा।

प्रवर्तन निदेशालय ने 19 जनवरी को हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ एक ताजा मामला दर्ज किया था, जो रिपोर्ट के अनुसार जून 2017 में एनआईए द्वारा दायर पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के आधार पर पहले से ही उसके और अन्य के ख़िलाफ़ दर्ज थी। बता दें कि लश्कर ने 2001 में संसद और 2008 में मुंबई पर आतंकी हमले किए थे।

इसके अलावा, ईडी ने विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक की मुंबई और पुणे में ₹50.73 करोड़ की अवैध सम्पत्ति की पहचान की है। कथित तौर पर इन सम्पत्तियों को ‘आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई की आय’ से प्राप्त किया गया था। अक्टूबर 2018 में, एक विशेष एनआईए अदालत ने मुंबई में ज़ाकिर नाइक से संबंधित चार सम्पत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था, जिन्हें एक आतंकवाद विरोधी क़ानून के तहत दर्ज किया गया था।

इसके अलावा, ईडी ने अन्य आतंकवादी संगठनों से संबंधित 13 सम्पत्तियों की पहचान की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छह मामलों में अवैध सम्पत्तियों को एजेंसी द्वारा पहले ही ज़ब्त किया जा चुका है।

ईडी ने देश की सीमाओं के माध्यम से बढ़ते अवैध ड्रग व्यापार से निपटने के लिए पिछले महीने एक विशेष टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ) की स्थापना की। एसटीएफ का नेतृत्व एक विशेष निदेशक या समकक्ष रैंक के अधिकारी द्वारा किया जाएगा और इसमें एक संयुक्त निदेशक, उप निदेशक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।

भारतीय उच्चायुक्त को सौंपे गए विंग कमांडर अभिनन्दन, स्वागत के लिए वाघा सीमा पर जुटे लोग

ताज़ा ख़बरों के अनुसार, भारतीय वायु सेना के विंग कामंडर अभिनन्दन वर्तमान को भारतीय उच्चायुक्त को सौंप दिया गया है। उन्हें दोपहर 3-4 बजे के क़रीब भारत लाया जाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि अभिनन्दन को रिसीव करने सीमा पर जाना उनके लिए गर्व की बात होगी। उनकी वापसी पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। उनकी वापसी की सूचना सुनते ही चेन्नई में लोगों ने पूजा-पाठ किया।

लोग भरी संख्या में वाघा बॉर्डर पर अभिनन्दन के स्वागत में ढोल-नगाड़े, पोस्टर और हार-फूल लेकर पहुँच रहे हैं। अभिनंदन के माता-पिता भी उन्हें लेने वाघा बॉर्डर जाएँगे। दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते वक्त लोगों ने उनका ताली बजाकर स्वागत किया। बता दें कि कल पाकिस्तानी संसद में इमरान ख़ान ने ऐलान किया था कि शुक्रवार (मार्च 1, 2019) को अभिनन्दन को रिहा कर दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद उसके एक विमान एफ-16 को मार गिराया गया था। पाकिस्तान के हमलों को नाकाम कर दिया गया था। भारतीय विंग कमांडर अभिनन्दन को पाकिस्तान ने हिरासत में ले लिया था जिसके बाद देश भर में उनकी रिहाई के लिए लोग बेचैन हो उठे। भारत ने पाकिस्तान को जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन का आरोप लगाया और बिना शर्त उनकी तत्काल रिहाई की माँग की।

पाक विदेश मंत्री ने माना, पाकिस्तान में मौजूद है मसूद अजहर

पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाक विदेश मंत्री ने स्वीकार किया है कि मसूद अजहर उनके पाकिस्तान में है। साथ ही यह भी कहा कि यदि भारत के पास मसूद के ख़िलाफ़ कोई पुख्ता सबूत है, तभी पाकिस्तान कोई कार्रवाई करेगा।

14 फरवरी को हुए भयावह हमले के उपरांत भारत सहित अन्य देशों ने पाकिस्तान से आंतकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने की माँग की थी लेकिन पाकिस्तान अभी तक कोई ठोस कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।

पुलवामा हमले के दोषी और जैश के सरगना मसूद अज़हर के बारे में पाकिस्तान बात करने से अभी तक बचता रहा है किंतु अंतरराष्ट्रीय दबाव बनने पर आखिरकार पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि मसूद अजहर उनके मुल्क में ही मौजूद है।

पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन को दिए साक्षात्कार में कहा कि मसूद पाकिस्तान में ही है और जहाँ तक उन्हें (कुरैशी) को पता है वो (मसूद) इस समय काफ़ी बीमार है जिसके कारण वो घर से भी बाहर नहीं जाता है। कुरैशी से जब पूछा गया कि क्या पाकिस्तान मसूद अजहर को गिरफ्तार करेगा तो कुरैशी ने कहा कि यदि भारत के पास सबूत है तो साझा करे, ताकि पाकिस्तान के लोगों और ज्यूडिशरी को संतुष्ट किया जा सके। भारत द्वारा दिए गए सबूत यदि कोर्ट में मान्य होंगे तो आगे कार्रवाई की जाएगी।

खास बात यह है कि पुलवामा हमले के बाद जैश ने खुद वीडियो जारी करके पुख्ता सबूत दिए थे कि मसूद के इशारे पर ही आत्मघाती हमले को अंजाम दिया गया। इसके बावजूद भी पाकिस्तान द्वारा सबूत की मांग करना यह दर्शाता है कि वो मसूद को सज़ा नहीं देना चाहता।

बता दें कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में विश्व के अधिकतर देश भारत के साथ हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव दिया है। कूटनीतिक तौर इसे पर भारत की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। यह चौथी बार है कि जैश के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव रखा गया है। मसूद अज़हर पर पिछली तीन बार से चीन के कारण प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है।

कॉन्ग्रेस-BBC गठजोड़ ने किया अभिनन्दन का अपमान, दिखाया Pak झंडे के साथ

कॉन्ग्रेस पार्टी ने पाकिस्तान द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय पायलट विंग कमांडर अभिनन्दन वर्तमान का अपमान करते हुए उन्हें पाकिस्तानी झंडे के साथ दिखाया। दरअसल, समाचार एजेंसी बीबीसी ने भारतीय पायलट अभिनन्दन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए एक कार्टून बनाया। इस कार्टून में एक तरफ़ विंग कमांडर अभिनन्दन हैं तो दूसरी तरफ पीएम मोदी। मोदी के पीछे भाजपा का झंडा लगा है जबकि अभिनन्दन के पीछे पाकिस्तान का झंडा लगा है। कॉन्ग्रेस नेता और विवादों की मलिका प्रियंका चतुर्वेदी ने अभिनन्दन का अपमान करते हुए इस कार्टून को शेयर किया।

भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी पाकिस्तानी झंडे और इमरान ख़ान का प्रचार-प्रसार करने में व्यस्त हैं। प्रियंका चतुर्वेदी पहले भी ऐसे ट्वीट्स कर चुकी हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने प्रियंका गाँधी की रैली में आसमान से भीड़ उतार दी थी। हाल ही में उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उनके नाम के साथ भगत सिंह की फोटो शेयर की थी।

प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा भारतीय विंग कमांडर का अपमान किए जाने के बाद लोगों ने उनकी जम कर क्लास लगाई। अंकित जैन ने प्रियंका से पूछा कि क्या यह किस तरह का मज़ाक है?

यो यो फनी सिंह ने प्रियंका को फटकार लगाते हुए कहा कि यह ट्वीट मोदी के प्रति नहीं बल्कि देश के प्रति उनकी घृणा को दिखाता है। उसने कहा कि पाकिस्तान इस ट्वीट को ज़ल्द ही लपक लेगा। ज्ञात हो कि हाल ही में पाकिस्तान ने राहुल गाँधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा मोदी के ख़िलाफ़ दिए गए बयान का अपने पक्ष में इस्तेमाल किया था

सन्देश नायक नामक यूजर ने प्रियंका को याद दिलाया कि अभी अगर कॉन्ग्रेस की सरकार होती तो अभिनन्दन की रिहाई कराना उनके बूते की बात नहीं थी।

IAF पायलट वीडियो मामला: भारत सरकार ने YouTube को लगाई फटकार, हटवाया वीडियो

पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान की इस हिमाकत के दौरान भारत ने उसके एक एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया। इसके बाद पाकिस्तान ने एक भारतीय पायलट को अपने हिरासत में ले लिया। पाकिस्तान द्वारा यूट्यूब पर पोस्ट किए गए वीडियो काफ़ी वायरल हुए। इन वीडियो में भारतीय पायलट को पाकिस्तान के हिरासत में दिखाया गया था। इन वीडियो में दिखाया गया था कि कैसे पाकिस्तानी सेना उन्हें हिरासत में ले रही है।

भारत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए न सिर्फ़ पाकिस्तान बल्कि यूट्यूब पर भी कड़ा रुख़ अपनाया है। पाकिस्तान द्वारा ये वीडियो पोस्ट करने को भारत ने ‘जेनेवा कन्वेंशन’ का उल्लंघन बताया। ताज़ा ख़बरों के अनुसार, भारतीय पायलट को आज शुक्रवार (मार्च 1, 2019) को वाघा बॉर्डर से वापस भारत भेजा जाएगा। सरकार ने यूट्यूब को नोटिस दिया है। यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कड़ी चेतावनी देते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा:

“भारतीय लोकतंत्र अभिव्यक्ति और विचारों की स्वतंत्रता का सम्मान करता है, लेकिन वर्तमान स्थिति के मद्देनज़र हम सोशल मीडिया कंपनियों से उम्मीद करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके प्लेटफार्म पर ऐसे वीडियो डालने की अनुमति न दी जाए जो देश के मनोबल को कमज़ोर करने के लिए तैयार किए गए हैं। सरकार उम्मीद करती है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अधिक ज़िम्मेदारी से काम करेंगे और ऐसे मुद्दों से तत्काल आधार पर निपटेंगे।”

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली व IT मंत्री रविशंकर प्रसाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों को यह साफ़ कर दिया है कि देश का मनोबल तोड़ने वाले कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे। ख़बरों के अनुसार, यूट्यूब की पेरेंट कम्पनी गूगल के प्रवक्ता ने इस बाबत बयान देते हुए कहा:

“कंपनी प्राधिकारियों से मिले वैध क़ानूनी अनुरोध पर जितनी ज़ल्दी संभव होगा, कार्रवाई करेगी। कंपनी इस तरह की सामग्री हटाने का काम तेज़ी से करती है। यह हमारी दीर्घकालीन नीति का हिस्सा है। सरकार के अनुरोध पर संबंधित सामग्री को गूगल की सेवाओं से हटा दिया गया है और इसे जल्द ही हमारी पारदर्शिता रिपोर्ट में भी अपडेट किया जायेगा।”

भारत सरकार के नोटिस पर कार्रवाई करते हुए यूट्यूब ने ऐसे 11 वीडियो हटा दिए। इन वीडियोज़ के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों से इस से सम्बंधित ट्रेंड कराने शुरू कर दिए थे।

F-16 के मिसाइल के टुकड़े ने किया पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश

पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान पर की गई एयरस्ट्राइक पर गुरुवार (फरवरी 28 2019) को तीनों सेनाओं (वायु सेना, थल सेना, नौसेना) के प्रमुखों ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन से मुलाकात की। भारतीय पॉयलट को पाकिस्तान द्वारा पकड़ लिए जाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी मंत्री की जगह सेनाधिकारियों द्वारा संबोधित किया गया।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई प्रकार के खुलासे हुए। भारत ने उन सबूतों को सामने रखा जो इस इसे साबित करते हैं कि इस्लामाबाद द्वारा किया गया दावा पूर्ण रूप से झूठा है। दरअसल, जिस एफ-16 को मार गिराने के चक्कर में हमारा पायलट पाकिस्तान पहुँच गया उस एयरक्राफ्ट के बारे में इस्लामाबाद ने कहा है कि उन्होंने एयरस्ट्राइक के लिए एफ-16 का प्रयोग नहीं किया। लेकिन, गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान का यह झूठ भी बेनकाब हुआ।

पाकिस्तान ने F-16 का इस्तेमाल किया इसे साबित करने के लिए भारत द्वारा बताया गया कि जिस मिसाइल से भारत की सीमा में घुस कर अटैक करने की कोशिश की गई वो सिर्फ F-16 से ही संभव है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में AMRAAM मिसाइल का टुकड़ा दिखाया गया, यह वो मिसाइल है जिससे पाकिस्तान ने अटैक किया था। सेना के प्रवक्ताओं ने बताया कि ये मिसाइल सिर्फ F-16 से ही फायर की जा सकती है। पाकिस्तान के पास और दूसरा कोई ऐसा विमान नहीं है जिससे इस मिसाइल को फायर किया जा सके।

AMRAAM मिसाइल के टुकड़े राजौरी में भारतीय सरहद के भीतर पाए गए हैं। इसके अलावा इलैक्ट्रॉनिक सिग्नेचर के जरिए भी यह पता लगाया गया कि वह एफ-16 विमान था।

बता दें कि अमेरिका के सामने एफ-16 लड़ाकू विमान के इस्तेमाल को लेकर यह सबूत काफी महत्वपूर्ण है, जिसने इसे इस्लामाबाद को बेचा था। जो उसे इस तरह की आक्रामक कार्रवाई की इजाजत नहीं देता है। दरअसल अमेरिका ने पाकिस्तान को यह विमान आतंकवादियों पर कार्रवाई करने के लिए दिया था लेकिन पाकिस्तान ने इसके इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ किया है।

एयर स्ट्राइक से ख़फ़ा ‘इस्लामिक स्कॉलर’ ने शेयर की मोदी की एडिट की हुई भद्दी तस्वीरें, गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिला स्थित चुनार में एक मस्ज़िद के इमाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर न सिर्फ़ भद्दी टिप्पणी की बल्कि उनकी कई फोटो को भी आपत्तिजनक रूप से एडिट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वो खुद को ‘इस्लामिक स्कॉलर’ बताता है। सोशल मीडिया पर उसके द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर लोगों ने उसका विरोध किया। लोगों द्वारा मना किए जाने व विरोध दर्ज कराने के बावजूद इमाम ने वो पोस्ट हटाने से मना कर दिया। बाद में थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया है। इमाम का नाम आबिद अली हुसैन है।

पीएम का अपमान करने वाले आबिद की फेसबुक प्रोफाइल

ख़बरों के अनुसार, पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए गए एयर स्ट्राइक के खिलाफ इस व्यक्ति ने कई आपत्तिजनक तस्वीरें पोस्ट की थीं, जो कि भद्दी और अश्लील होने के साथ प्रधानमंत्री मोदी के चरित्र तक उँगली उठा रही थीं। ये तस्वीरें किसी सॉफ़्टवेयर की मदद से मैनिपुलेट की गई थीं।

इस मामले को लेकर चुनार पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। उसने पीएम मोदी का अपमान करने के लिए उनकी फोटो को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की फोटो के साथ एडिट कर फेसबुक पर पोस्ट किया। उसने एक के बाद एक ऐसी कई भद्दी फोटोज शेयर की। मूल रूप से बिहार का रहने वाला इमाम आबिद पर निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:

  • आईपीसी की धारा 153 ए (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, और सद्भाव बनाए रखने के ख़िलाफ़ पूर्वाग्रहपूर्ण कार्य करना।)
  • 295 ए (जानबूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य।)
  • किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाने के उद्देश्य से, उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करना।
  • 505 (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाला बयान देना।)

27 वर्षीय इमाम आबिद के ख़िलाफ़ चुनार थाने में भाजपा जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष मोहन यादव व अन्य की शिकायतों के बाद ये मामले दर्ज किए गए। आबिद को एफआईआर फाइल होने के तुरंत बाद गिरफ़्तार कर लिया गया। वह लगभग एक दशक पूर्व बिहार से मिर्ज़ापुर आ कर बस गया था। उसे 2012 में जलालपुर गाँव स्थित मस्ज़िद का इमाम बनाया गया था।

उधर एक अन्य मामले में बाराबंकी के एक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भी पुलवामा हमले को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण उसके पद से ससपेंड कर दिया गया। उसने एक व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से यह ओछी हरकत की थी। इस बारे में विशेष जानकारी देते हुए शिक्षाधिकारी वीपी सिंह ने कहा:

“बड़वन के सरकारी प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर सुरेंद्र कुमार ने मंगलवार रात को एक व्हाट्सएप ग्रुप में पुलवामा हमले को लेकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। बुधवार को मुझे जानकारी मिली और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को इस पर गौर करने के लिए कहा गया। बीईओ द्वारा उसे (हेडमास्टर को) दोषी पाए जाने के बाद हमने यह कार्रवाई की।”