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रोफिकुल इस्लाम जैसे दलाल कराते हैं भारत में घुसपैठ, फिर भारतीय रेल में सवार हो फैल जाते हैं बांग्लादेशी-रोहिंग्या: 16 महीने में अकेले त्रिपुरा से BSF ने 1000+ घुसपैठिए पकड़े

त्रिपुरा में फिर से 4 बांग्लादेशी पकड़े गए हैं। नाम हैं- जहाँगीर आलम, एमएन हुसैन, ओमरान हुसैन और रियाद हुसैन। इनको घुसपैठ कराने वाला भारतीय दलाल रोफिकुल इस्लाम भी पकड़ा गया है।

हड़बड़ी में अगरतला रेलवे स्टेशन में प्रवेश कर रहे इन चारों बांग्लादेशियों पर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की एक टीम को संदेह न हुआ होता तो ये चेन्नई या उसके आसपास के इलाकों में उसी तरह बस जाते, जैसे देश के अन्य हिस्सों में ये बसे हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 17 मई 2024 की रात चारों बांग्लादेशी चेन्नई जाने के लिए अगरतला-सिकंदराबाद एक्सप्रेस में सवार होने वाले थे। हिरासत में लिए जाने के बाद इन्होंने शुरुआत में खुद को भारतीय बताकर अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश भी की। हालाँकि सख्ती से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई कि रोफिकुल इस्लाम की मदद से इनलोगों ने बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत की सीमा में प्रवेश किया है।

रिपोर्ट में पुलिस अधिकारी तापस दास के हवाले से कहा गया है, “हमने उन्हें संदेह के आधार पर अगरतला रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया। शुरू में उन्होंने भारतीय होने का दावा किया, लेकिन पूछताछ के दौरान हमें पता चला कि उनमें से चार बांग्लादेशी थे।”

हाल के समय में त्रिपुरा से घुसपैठियों के पकड़े जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 11 मई 2024 को भी आठ बांग्लादेशी और उनकी मदद करने वाले एक भारतीय दलाल को अगरतला रेलवे स्टेशन से ही पकड़ा गया था। ये लोग महाराष्ट्र की ट्रेन में सवार होने वाले थे। उससे पहले 5 मई 2024 को 11 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए थे, जिनमें 4 बच्चे थे। ये सभी लोग भारत में सफलतापूर्वक घुसपैठ करने के बाद बेंगलुरु चले गए थे। लेकिन वहाँ से लौटते वक्त त्रिपुरा के धलाई जिले के सीमावर्ती गाँव मचकुमिर से पकड़े गए।

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश से त्रिपुरा 856 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। इस सीमा से घुसपैठ धड़ल्ले से बढ़ रहा है जिसकी पुष्टि सीमा सुरक्षा बल (BSF) के आँकड़े भी करते हैं। बीएसएफ ने जनवरी 2023 से 15 अप्रैल 2024 तक यानी करीब 16 महीने में अकेले त्रिपुरा से 1018 घुसपैठिए पकड़े हैं। इनमें 498 बांग्लादेशी हैं। पकड़े गए बांग्लादेशियों में औरतों और बच्चों की भी अच्छी-खासी तादाद है।

2023 में त्रिपुरा से पकड़े गए 337 बांग्लादेशियों में 93 औरतें और 24 बच्चे थे। वहीं इस साल 15 अप्रैल तक पकड़े गए 161 बांग्लादेशियों में 43 औरतें और 19 बच्चे हैं। बांग्लादेश के रास्ते त्रिपुरा में घुसपैठ करने वाले अकेले बांग्लादेशी ही नहीं हैं। इसी समय अंतराल में बीएसएफ 124 रोहिंग्या को भी गिरफ्तार कर चुकी है।

बीएसएफ के अनुसार साल 2023 में उसने 744 घुसपैठिए पकड़े थे। इनमें 112 रोहिंग्या और 337 बांग्लादेशी थे। घुसपैठियों के पकड़े जाने की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। 2022 में बीएसएफ ने 369 घुसपैठिए पकड़े थे। इनमें 150 बांग्लादेशी और 57 रोहिंग्या थे। इसी तरह 2021 में 208 घुसपैठिए पकड़े गए थे, जिनमें 93 बांग्लादेशी थे।

रेप, जबरन निकाह, गर्भपात… बहरीन में नौकरी करती थी UP की हिंदू लड़की, कर्नाटक के सैफुद्दीन ने पहले दोस्ती की फिर जबरन बनाया मुस्लिम

उत्तर प्रदेश की हिंदू लड़की का बहरीन में कर्नाटक के निवासी सैफुद्दीन ने बलात्कार किया। उसका धर्म परिवर्तन कराया और निकाह कर लिया। फिर उसका धोखे से 5 माह के भ्रूण का गर्भपात करा दिया और अब उससे दहेज माँगा जा रहा है। यही नहीं, कर्नाटक में सैफुद्दीन, उसकी मंगेतर और उसके घर वालों ने उस लड़की के साथ मारपीट की और दहेज माँग रहे हैं। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी की रहने वाली हिंदू लड़की 7 साल से बहरीन में काम कर रही थी। वहाँ कर्नाटक का रहने वाला सैफुद्दीन भी काम करता था। दोनों में दोस्ती हो गई, जिसका फायदा उठाकर सैफुद्दीन ने उसका बहरीन में रेप किया। इस मामले में पीड़ित ने सैफुद्दीन के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया। बाद में पता चला कि लड़की गर्भवती हो गई है, जिसके बाद उसके ऊपर दबाव डालकर केस वापस कराया गया और ये कहा गया कि वो अपने बलात्कारी से ही धर्म परिवर्तन कर निकाह कर ले। ऐसे में लड़की का धर्म परिवर्तन का उसका निकाह करा दिया गया। वो कर्नाटक चली गई, लेकिन उसके साथ फिर से बड़ा धोखा हुआ।

सैफुद्दीन उसे जाँच के नाम पर मुंबई ले गया, जहाँ उसने उसका धोखे से गर्भपात करा दिया। यही नहीं, बाद में सैफुद्दीन उसे लेकर कर्नाटक चला गया, जहाँ सैफुद्दीन की मंगेतर, उसके भाई और परिवार के अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और दहेज देने का दबाव बनाया जाने लगा। इसके बाद लड़की ने पुलिस से शिकायत की।

अपनी शिकायत में पीड़ित ने पूरी घटना बताई है। पीड़ित ने कहा, “बहरीन में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात सैफुद्दीन से हुई और वे करीब आ गए। एक दिन, उसने बहरीन में मेरे साथ बलात्कार किया और मैंने वहाँ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई। जब मामले की जाँच चल रही थी, तब सैफुद्दीन और उसके परिवार के सदस्यों ने मुझे बलात्कार के परिणामस्वरूप पाँच महीने की गर्भवती होने के बाद शिकायत वापस लेने के लिए राजी किया। उन्होंने मुझ पर धर्म बदलने का भी दबाव डाला। बाद में 13 फरवरी 2024 को मुस्लिम कानून के मुताबिक मेरी शादी सैफुद्दीन से कर दी गई। इसके बाद सैफुद्दीन ने मुझे चिकित्सीय परामर्श के लिए मुंबई आने के लिए बरगलाया और मुझे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने गुप्त रूप से पाँच महीने के भ्रूण का गर्भपात कर दिया।”

पीड़िता ने कहा कि फिर उसे कर्नाटक के बीदर में सैफुद्दीन के घर ले जाया गया, जहाँ सैफुद्दीन की मंगेतर मोनिका, उसके बड़े भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। थाना प्रभारी गुडंबा एनके श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस ने सैफुद्दीन समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दहेज संबंधी उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया है।

CM केजरीवाल के PA को जमानत नहीं, गिरफ्तारी से पहले ‘सेटिंग’ में लगा था विभव कुमार: जानिए स्वाति मालीवाल वाले से मारपीट में कितनी हो सकती है सजा

आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट के मामले में दिल्ली ने शनिवार (18 मई 2024) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक (PA) बिभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के साथ ही विभव कुमार की ओर से दायर अग्रिम जमानत की याचिका को कोर्ट ने शनिवार को खारिज कर दी। गिरफ्तारी से पहले ही विभव दिल्ली पुलिस के अधिकारी को कॉल करके और ईमेल करके जाँच में सहयोग करने का वादा कर रहे थे।

दरअसल, स्वाति मालीवाल ने 13 मई को आरोप लगाया था कि जब वह सीएम हाउस अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए गई थीं, तब विभव कुमार ने उनके साथ मारपीट की थी। इसके बाद संजय सिंह ने कहा था कि आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, 16 मई को लखनऊ में एक राजनैतिक कार्यक्रम के अरविंद केजरीवाल के साथ विभव कुमार भी साथ गए।

गंभीर धाराओं में विभव पर FIR

इसके बाद स्वाति मालीवाल ने विभव कुमार के खिलाफ शिकायत दी। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि विभव कुमार ने उन्हें सात से आठ बार थप्पड़ मारे। पेट में मारा, छाती पर मारा और कमर से नीचे के हिस्से पर पर लात से मारा। इस आरोप के बाद दिल्ली पुलिस ने IPC की धारा 308, 354B, 506 और 509 जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज किया है।

एफआईआर में विभव कुमार पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास, महिलाओं पर हमला, आपराधिक धमकी और शील का अपमान करने से संबंधित भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, विभव कुमार ने भी स्वाति मालीवाल के खिलाफ अनधिकृत प्रवेश, मौखिक दुर्व्यवहार और धमकियाँ देने सहित कई आरोप लगाते हुए क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है।

आईपीसी की धारा 308 (गैर इरादतन हत्या) के आरोपित को सात साल की सजा या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। आईपीसी की धारा 354B शील भंग करने से संबंधित है। इसके दोषी को तीन से लेकर सात साल तक की सजा का प्रावधान है। धारा 506 (धमकी) के दोषी को दो साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकती है। धारा 509 के तहत तीन साल की सजा का प्रावधान है।

जमानत के चक्कर में पुलिस अधिकारी को किया कॉल

घटना से बाद से विभव सीएम आवास के अंदर ही रह रहे थे। जमानत के चक्कर में पुलिस अधिकारियों को कॉल करके विभव ने कहा था, “मैं जाँच में आपको पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हूँ। इसलिए मुझे गिरफ्तार ना किया जाए।” दरअसल, विभव के खिलाफ मुकदमा में अधिकतम सात साल की सजा के प्रावधान है। ऐसे में पुलिस अधिकारी पर यह निर्भर करता है कि आरोपित को गिरफ्तार किया जाए अथवा नहीं। 

अपनी गिरफ्तारी से एक दिन पहले यानी शुक्रवार (17 मई 2024) को विभव कुमार ने दिल्ली पुलिस को एक ईमेल भेजा। इस ईमेल में कहा गया था कि वह स्वाति मालीवाल पर हमले वाले मामले की चल रही जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को उनकी शिकायत का भी संज्ञान लेना चाहिए, जो उन्होंने कल दायर की थी।

विभव ने आगे लिखा, “मीडिया के माध्यम से अधोहस्ताक्षरी को यह पता चला है कि थाना सिविल लाइन्स में एक मामला एफ.आई.आर. संख्या 27/2024 दर्ज किया गया है, जिसमें अधोहस्ताक्षरी को आरोपित के रूप में नामित किया गया है। हालाँकि, अब तक इस मामले में अधोहस्ताक्षरी को कोई नोटिस नहीं दिया गया है। अधोहस्ताक्षरी का स्पष्ट कहना है कि जाँच अधिकारी द्वारा कहे जाने पर वह जाँच में शामिल होने के लिए तैयार है।”

अपनी शिकायत का जिक्र करते हुए विभव ने कहा, “यहाँ इस बात पर जोर दिया जा सकता है कि अधोहस्ताक्षरी ने 13 मई 2024 को हुई कथित घटना के सही तथ्यों को प्रकाश में लाने के लिए 17 मई 2024 को अपराह्न 3:34 बजे ई-मेल के माध्यम से आईडी: [email protected] और [email protected] पर एक शिकायत भी की है। अनुरोध है कि इसे रिकॉर्ड में लाया जाए और कानून के अनुसार जाँच की जाए।”

पुलिस के मुताबिक, आज सुबह भी विभव से पुलिस अधिकारियों की बातचीत हुई थी। पुलिस ने बातचीत करने के बहाने उन्हें मिलने के लिए बुलाया और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पुलिस पहले विभव से पूछताछ करेगी। फिर शाम तक तीस हजारी कोर्ट में पेश पर कस्टडी रिमांड लेगी। वहीं, तीस हजारी कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

कौन हैं विभव कुमार

विभव कुमार बिहार के सासाराम के रहने वाले हैं। उन्होंने पत्रकारिता का कोर्स किया है, लेकिन पत्रकार बनने के बजाय वे एक्टिविस्ट बनना पसंद किए। विभव कुमार साल 2000 में पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक एनजीओ में काम करते थे। जब मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल मिलकर काम करने लगे तो विभव अरविंद केजरीवाल से परिचित हुए।

विभव ने आगे चलकर ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ मुहिम के लोगों के साथ मैगजीन के लिए वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम किया। इसके बाद विभव अरविंद केजरीवाल के करीब आते चले गए। वे उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों तरह से करीबी सहयोगी और प्रबंधक बन गए हैं। इसके बाद आगे चलकर इसी दल आम आदमी पार्टी बनाई।

साल 2015 में विभव कुमार को सह-टर्मिनस आधार पर अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। साल 2020 में जब AAP ने दूसरी बार दिल्ली में सरकार बनाई तो उन्हें फिर से नियुक्त किया गया। इस साल अप्रैल में सतर्कता निदेशालय ने उत्पाद शुल्क नीति मामले की जाँच के बाद केजरीवाल के पीए के रूप में विभव कुमार की सेवाएँ समाप्त कर दीं। इसके बावजूद वे केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद व्यक्ति हैं।

‘जमीन में गाड़ दो’: गुजरात सरकार के आदेश पर मदरसे का सर्वे करने पहुँचे शिक्षक पर हमला, 100+ लोग एक साथ टूट पड़े

गुजरात सरकार के आदेश के बाद आज (18 मई 2024) से पूरे राज्य में मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है। इस बीच, अहमदाबाद में एक मदरसे के सर्वे के दौरान शिक्षक पर हमला बोल दिया गया। शिक्षक सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं और मदरसे का सर्वे करने अहमदाबाद के दरियापुर इलाके के सुल्तान मोहल्ला में पहुँचे थे। तभी उन पर पहले तो 10 लोगों के ग्रुप ने हमला किया, फिर 100 से अधिक लोगों का बड़ा समूह वहाँ पहुँच गया और जान से मारने की कोशिश की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात राज्य में मदरसों का सर्वे शुरू हुआ है। इसी सर्वे क्रम में बापूनगर स्मृति विद्यालय के आचार्य संदीप पाटिल की भी ड्यूटी लगी है। वो सुल्तान मोहल्ला के मदरसे में सर्वे करने पहुँचे थे। मदरसे पर ताला लगा हुआ था, जिसकी वो तस्वीरें लेने लगे तो करीब 10 लोगों का ग्रुप वहाँ पहुँचा और उनके साथ झगड़ा किया। इसके बाद करीब 100 लोगों का गुट पहुँचा, जिसमें महिलाएँ भी थी। उस भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया। उन्होंने आचार्य संदीप पाटिल की पिटाई भी की।

दिव्य भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, आचार्य संदीप पटेल ने कहा, “जब मैं सर्वेक्षण करने पहुँचा तो मदरसे बंद होने के कारण मैं ताले की तस्वीर ले रहा था।” तभी 10 लोग वहाँ आए, जिन्होंने मेरे साथ मारपीट की। इसके बाद 100 से ज्यादा लोग अचानक आ गए, जिसमें महिलाएँ भी थीं। इस दौरान उनमें से एक ने चिल्लाकर कहा, ‘इसे मार दो।’ आचार्य संदीप पाटिल ने कहा कि मैं वहाँ सिर्फ अपना काम करने गया था, लेकिन मेरी पिटाई कर दी गई। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के आदेश के बाद राज्य के सभी मदरसों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। इसके तहत मदरसों की फंडिंग और उनमें पढ़ रहे गैर-मुस्लिम बच्चों की जानकारी जुटाई जा रही है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे गुजरात में 1200 मदरसे अभी चल रहे हैं, जिसमें से अहमदाबाद शहर में 175 और अहमदाबाद के ग्रामीण इलाकों में 30 मदरसे हैं। इसका सर्वे कर रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, जो बाद में एनसीपीसीआर को भेज दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को काम सौंपा है, जिसमें कुल 11 मुद्दों पर जाँच के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में अहमदाबाद में ये सर्वे चल रहा था, जहाँ शिक्षक पर हमले की ये घटना सामने आई है।

‘मैं अपने बच्चे के बदन में बारूद भरकर भेजने को तैयार हूँ’: आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह के समर्थक का Video, चाहता है इजरायल पर हो ‘मानव बम’ हमला

इस्लामी कट्टरता मानवता के लिए किस कदर खतरनाक बन चुकी है, इसके उदाहरण समय-समय पर सामने आते रहते हैं। इन सबसे दो कदम आगे बढ़ते हुए एक मुस्लिम शख्स ने अपने नवजात बच्चे को इजरायल के खिलाफ मानव बम के रूप में इस्तेमाल करने के लिए आतंकी संगठन हिजबुल्ला को सौंपने की पेशकश की है। उसने कहा कि इससे उसे खुशी होगी।

लड़के के पिता माने जाने वाले व्यक्ति ने कहा कि अगर (आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के) महासचिव हसन नसरल्ला उसे (इजरायल की राजधानी) तेल अवीव में मानव बम के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उसे अपने बच्चे को ‘बलिदान’ करने में ‘खुशी’ होगी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

ब्रिटिश मीडिया हाउस ‘द सन’ के अनुसार, डराने वाले इस क्लिप में उस शख्स को फर्श पर पड़े एक बक्से से बच्चे को उठाते हुए दिखाया गया है। वह हँसता और मुस्कुराता हुआ दिखाई देता है, जबकि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति भी उसके बुरे व्यवहार का मनोरंजन करता है। इस वायरल वीडियो में का अंग्रेजी उपशीर्षक में अनुवाद सहित वायरल हुआ है।

वीडियो में आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का वफादार कहता है, “ये वाला! क्या आप इसे देख रहे हैं? यह मत सोचिए कि यह मेरे लिए है। देखो मेरे भाई, मेरे काम पर और हर चीज़ पर मेरी बात मान लो। अगर हसन नसरल्ला मुझसे कहते हैं कि मैं इसे लेकर आऊँ और इसके अंदर दो किलो विस्फोटक उपकरण रख दूँ ‘क्योंकि मैं इसे तेल अवीव भेजना चाहता हूँ’ तो मैं उनसे कहूँगा ‘सर, यह आपके लिए है’।”

इस वीडियो को देखकर ऑनलाइन यूजर्स उसे मानसिक रूप से बीमार बता रहे हैं। कोई उसे दुष्ट कह रहा है तो कोई नीच तो कई बाल उत्पीड़क। दरअसल, हिजबुल्लाह ने इजरायल के दोनों सबसे बड़े दुश्मनों हमास और ईरान के साथ अपने संबंधों के माध्यम से मध्य पूर्व में संभावित युद्ध को बढ़ाना जारी रखा है। ईरान समर्थित लेबनानी आतंकवादी समूह ने हमास को लेबनान में काम करने की अनुमति दी है।

इसके कारण इज़रायल को कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ रहा है। पिछले महीने इज़रायल ने लेबनान में हवाई हमला करके हिजबुल्लाह के एक शीर्ष कमांडर को मार गिराया था। आतंकी प्रमुख हुसैन अज़कुल का एक कार से जा रहा था। उस पर हमले के बाद कार आग के एक भयानक गोले में बदल में बदल गई और उसमें विस्फोट हो गया था।

‘बहुत बकरों की कुर्बानी दी, अब तेरे बेटे का रेतूँगा गला’: बच्चे की हत्या की धमकी दे मॉडल से रेप करता था शेख, इस्लाम कबूलने का डाल रहा था दबाव

मध्य प्रदेश के इंदौर में काशान शेख नाम के युवक ने एक मॉडल को काम के बहाने किसी दूसरे के घर पर बुलाया और उसे अंदर बुलाने के बाद घर का दरवाजा बंद कर दिया। कमरे में ले जाकर उसने बकरों को काटने वाला छुरा उठाया और मॉडल के डेढ़ साल के बच्चे के गले पर रख दिया। काशान शेख ने कहा, ‘इस छुरे से बहुत बकरों की कुर्बानी हुई है, अगर नहीं मानी तो तेरे बेटे का भी गला रेत दूँगा।’ इसके बाद उसने मॉडल का रेप किया और वीडियो-फोटो भी खींच ली। फिर काशान का जब दिल करता, वो मॉडल को ब्लैकमेल करके अपने पास बुलाकर अपनी हवस मिटाता। यही नहीं, वो मॉडल से पैसे भी ऐंठता रहा, साथ ही मॉडल पर अपने मुस्लिम पति को तलाक देकर धर्म परिवर्तन का भी दबाव डालता, ताकि वो उसके साथ निकाह कर सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला इंदौर के एमआईजी इलाके का है। जहाँ एक मॉडल अपने शौहर के साथ रहती है। मॉडल हिंदू है और उसने साल 2017 में मुस्लिम युवक के साथ शादी की थी। दोनों का एक 2 साल का बेटा भी है। काशान उसके पति का दोस्त और दोनों की शादी में भी शामिल हुआ था। उसका मॉडल के घर पर आना जाता था। उसने अक्टूबर 2023 में मॉडल के साथ रेप किया और वीडियो बना लिए। इसके बाद से वो उसे ब्लैकमेल कर न सिर्फ पैसे उगाहता रहा, बल्कि उसका रेप भी करता रहा। किसी को बताने पर वो जान से मारने की धमकी भी देता। यही नहीं, उसने मॉडल पर दबाव बनाया कि वो अपने मुस्लिम पति को छोड़ दे, धर्मपरिवर्तन करके मुस्लिम बन जाए और उसके साथ निकाह कर ले। आरोपित काशान श्रीनगर का रहने वाला है।

काशान ने 10 दिनों पहले भी उसके साथ रेप किया, तब जाकर उसने अपने पति को सारी बात बताई, फिर हिंदू संगठनों के सहयोग से उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गुरुवार (16 मई 2024) को एफआईआर दर्ज कर आरोपित काशान को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा है, “काशान ने अक्टूबर 2023 में उसे मॉडलिंग के प्रोजेक्ट के लिए किसी से मिलाने के लिए पुष्पनगर स्थित एक घर पर बुलाया। वो अपने दुधमुँहे बच्चे के साथ वहाँ पहुँची। घर में कोई नहीं था। काशान ने कहा कि यहाँ कोई नहीं आने वाला है, क्योंकि उसी ने उसे बुलाया है। इसके बाद काशान ने दरवाजा बंद कर दिया और बिस्तर के पास से कुर्बानी देने वाला छुरा निकालकर मेरे बेटे के गले पर रखा दिया। उसने कहा, ‘बेटे को बचाना है, तो जैसा कहूँ वैसा करो। मैंने कई बकरों की कुर्बानी दी है, इसी छुरे से तेरे बेटे का गला भी काट सकता हूँ।’ उसने इसके बाद जैसा कहा, मैं करती गई।”

पीड़ित ने आगे बताया, “काशान ने मेरा रेप किया और वीडियो-फोटो बना लिए और कहा कि ये सब मेरे पास रहेंगे, किसी से कुछ भी बताया तो वीडियो वायरल कर दूँगा और बेटे की जिंदगी से भी तुझे हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद से काशान मुझे ब्लैकमेल कर रेप करने लगा।” पीड़ित मॉडल ने बताया कि काशान ने कई बार उससे इस्लाम कबूल करने के लिए कहा और कहा कि वो अपने पति से अलग हो जाए। उसने कई बार उससे पैसे भी वसूले। 10 दिन पहले भी उसने मेरे पास मारपीट की और रेप किया। पीड़ित ने बताया कि उसके फोन में कई लड़कियों के फोटो और वीडियो हैं।

परेशान होकर उसने अपने पति को सारी बात बताई और इसके बाद उन्होंने हिंदूवादी नेता मानसिंह राजावत से संपर्क किया। फिर सभी लोग थाने और एफआईआर दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने काशान को गिरफ्तार कर लिया है और उसका मेडिकल भी कराया है।

‘₹100 करोड़ का ऑफर, ₹5 करोड़ एडवांस’: कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार की पोल खुली, कर्नाटक सेक्स सीडी में PM मोदी को बदनाम करने का दिया था टास्क

बीजेपी नेता और वकील देवराजे गौड़ा ने शुक्रवार (17 मई) को एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें पीएम मोदी और राज्य के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी को बदनाम करने के लिए 100 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी। गौड़ा ने कहा कि शिवकुमार ने उन्हें अग्रिम राशि के रूप में 5 करोड़ रुपए भी भेजे थे।

देवराजे गौड़ा का आरोप है कि कॉन्ग्रेस नेता शिवकुमार ने पूर्व एमएलसी एमए गोपालस्वामी को उनसे बातचीत करने के लिए नियुक्त किया था। गौरतलब है कि शुक्रवार (17 मई 2024) को जब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा था तो उन्होंने पुलिस वाहन से पत्रकारों से बात करते हुए ये टिप्पणी की। उन्हें लगभग एक सप्ताह पहले यौन शोषण के आरोप में कॉन्ग्रेस सरकार ने गिरफ्तार किया है।

बताते चलें कि देवराजे गौड़ा ने प्रज्ज्वल रेवन्ना से जुड़े अश्लील वीडियो और यौन शोषण मामले की ओर जनता का ध्यान आकर्षित किया था। गौड़ा के अनुसार, प्रज्ज्वल रेवन्ना मामले से संबंधित घटनाक्रम को सँभालने के लिए एन चेलुवरयास्वामी, कृष्णा बायरे गौड़ा और प्रियांक खड़गे सहित चार मंत्रियों की एक टीम बनाई गई थी।

हासन में अदालत परिसर से ले जाए जाने के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए गौड़ा ने कहा, “मुझे एक बयान देने के लिए कहा गया था कि यह एचडी कुमारस्वामी ही थे, जिन्होंने पेन ड्राइव में रखे सेक्स वीडियो प्रसारित किए थे (इसमें कुमारस्वामी के भतीजे प्रज्वल रेवन्ना, पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के पोते भी शामिल हैं)। लेकिन, प्रज्ज्वल रेवन्ना के ड्राइवर कार्तिक गौड़ा से पेन ड्राइव लेकर सारी योजना बनाने वाले शिवकुमार थे।”

उन्होंने कहा, “उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, एचडी कुमारस्वामी और भाजपा को बदनाम करने के लिए बड़े पैमाने पर योजना बनाई थी। उन्होंने मुझे 100 करोड़ रुपए की पेशकश की और बॉरिंग क्लब के कमरा नंबर 110 में एडवांस के तौर पर 5 करोड़ रुपए भी भेजे। चन्नारायपटना के एक स्थानीय नेता गोपालस्वामी को इस सौदे पर बातचीत करने के लिए भेजा गया था।”

गौड़ा ने आगे कहा, “जब मैंने उनकी योजनाओं का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया तो उन्होंने पहले मुझे एक मामले में फँसाया, लेकिन उसमें कोई सबूत नहीं मिला। बाद में उन्होंने मुझे यौन उत्पीड़न के मामले में फँसा दिया। जब ये चाल भी नाकाम हो गई तो उन्होंने मेरे खिलाफ रेप का केस दर्ज करा दिया। मुझसे चार दिनों तक पूछताछ की गई, लेकिन उनसे कुछ पता नहीं चल सका।”

देवराजे गौड़ा ने पत्रकारों से बातचीत करते समय जोर देकर कहा, “मेरे पास शिवकुमार की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग है। मैं जेल से बाहर आते ही उसे जारी कर दूँगा और कॉन्ग्रेस की सरकार गिर जाएगी।” इससे पहले 6 मई को गौड़ा ने कहा था कि यौन उत्पीड़न के वीडियो वाली पेन ड्राइव जारी करने के पीछे शिवकुमार का हाथ था। कॉन्ग्रेस पार्टी का मुख्य निशाना प्रधानमंत्री मोदी हैं।

उन्होंने कहा था, “मुझे सेक्स स्कैंडल की जाँच कर रही SIT पर भरोसा नहीं है। मैं सारे सबूत सीबीआई को सौंप दूँगा। मेरे पास मौजूद वीडियो उन वीडियो से अलग हैं, जो जारी किए गए हैं।” बता दें कि 33 वर्षीय प्रज्वल रेवन्ना पर कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोप हैं। प्रज्वल जर्मनी के फ्रैंकफर्ट भाग गए हैं। उनके खिलाफ इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है।

(यह स्टोरी मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी गई है। आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।)

‘जिसे कहते हैं अटाला मस्जिद, उसकी दीवारों पर त्रिशूल-फूल-कलाकृतियाँ’: ​कोर्ट पहुँचे हिंदू, कहा- यह माता का मंदिर

उत्तर प्रदेश की एक और मस्जिद का मामला कोर्ट पहुँच गया है। हिंदुओं ने अटाला मस्जिद को ‘माता मंदिर’ बताते हुए जौनपुर की दीवानी अदालत में दावा पेश किया है। जौनपुर की इस मस्जिद की दीवारों पर मंदिर से कई जुड़े चिह्न मौजूद होने की बात कही है। इनमें त्रिशूल, फूल और अन्य हिंदू कलाकृतियाँ भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार आगरा के वकील अजय प्रताप सिंह ने याचिका दाखिल की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और अटाला मस्जिद की प्रबंधन कमेटी के खिलाफ दावा पेश किया है। कहा है कि जिसे मस्जिद बताया जाता है, वह असल में माता का मंदिर है।

उन्होंने अपने दावे में कई पुस्तकों में उल्लेखित संदर्भों का हवाला दिया है। साथ ही पुरातत्व विभाग के निदेशक की रिपोर्ट का भी जिक्र किया है। माना जाता है कि अटाला माता मंदिर का निर्माण कन्नौज के राजा जयचंद्र राठौर ने करवाया था।

वकील अजय प्रताप सिंह ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के प्रथम निदेशक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि इस मंदिर को तोड़ने का पहला हुक्म फिरोज शाह ने दिया था। हालाँकि उस समय हिंदुओं के संघर्ष के कारण वह मंदिर तोड़ नहीं पाया। बाद में इब्राहिम शाह ने इस पर कब्जा कर मस्जिद बना दिया।

रिपोर्ट के अनुसार कलकत्ता स्कूल ऑफ आर्ट के प्रिंसिपल ईबी हेवेल ने अपनी किताब में भी अटाला मस्जिद की प्रकृति और चरित्र को हिन्दू बताया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कई रिपोर्ट्स में अटाला मस्जिद के चित्र हैं। उनमें त्रिशूल, गुड़हल आदि के फूल नजर आते हैं जो हिंदू मंदिरों में होते हैं। वर्ष 1865 के एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल के जनरल में भी अटाला मस्जिद में कलश की आकृतियों के होने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान वकील अजय प्रताप सिंह ने दावा पेश करते हुए कहा कि मस्जिद ही अटाला माता मंदिर का मूल भवन है। यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीन एक संरक्षित स्मारक होने के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व का स्मारक भी है। उल्लेखनीय है कि इस मस्जिद पर हिंदू काफी समय से दावा कर रहे हैं। पहली बार मामला अदालत में पहुँचा है।

8 दिन पहले घर से मंदिर के लिए निकली हिंदू लड़की, अब तक सुराग नहीं: पीड़ित परिवार का दावा- निकाह-धर्मांतरण की नीयत से निजामुद्दीन ने किया किडनैप

बिहार के सुपौल में निजामुद्दीन नाम के मुस्लिम युवक ने एक हिंदू लड़की को मंदिर से किडनैप कर लिया। हिंदू लड़की के परिजनों ने ‘धर्मांतरण और निकाह’ के लिए किडनैपिंग का आरोप लगाया है। इस मामले के 8 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक लड़की न तो बरामद हो सकी है और न ही मुख्य आरोपित निजामुद्दीन।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला सुपौल के त्रिवेणीगंज पुलिस स्टेशन इलाके का है, जहाँ 10 मई 2024 की शाम को हिंदू लड़की का अपहरण मंगल बाजार स्थित चंपावती मंदिर से कर लिया गया। मुख्य आरोपित का नाम निजामुद्दीन है, जो सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 का रहने वाला है। लड़की के परिजनों का आरोप है कि निजामुद्दीन ने अपने परिवार की मदद से लड़की का अपहरण किया है, ताकि उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कर सके। परिजनों ने निजामुद्दीन, उसके अब्बू सलाउद्दीन, माँ शाजहाँ,भाई वसीम अकरम,भाई मोहम्मद अजहरुद्दीन, भाई मोहम्मद जियाउद्दीन और बहन फहमीदा नासरीन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है।

त्रिवेणीगंज थाने में इस बाबत एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें पीड़ित की माँ ने बताया कि 10 मई की शाम करीब सात बजे से उनकी 22 वर्षीय बेटी घर से गायब है। काफी खोजबीन करने के बाद पता चला कि नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 4 निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन का 26 वर्षीय बेटा निजामुद्दीन उर्फ गुलाब ने एक षड्यंत्र के तहत झूठे प्यार के जाल में उसे फँसा लिया और चंपावती मंदिर में बुलाकर वहाँ से अगवा कर लिया। पीड़िता की माँ ने बताया कि उसे शक है कि मेरी बेटी को अगवा कर ग़लत इरादों से धर्मांतरण करा उसके साथ जबरन बेटे की शादी कराना चाहता है। गायब बेटी की खोजबीन वो कर ही रही थी कि तभी इस बात का पता चला। ये लोग रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस तरह का कुकृत्य करने वाले हैं।

इस मामले में त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष ने रामसेवक रावत ने कहा है कि पुलिस ने निजामुद्दीन उर्फ गुलाब के पिता मोहम्मद सलाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही लड़के और लड़की को भी बरामद किया जाएगा। उन्होंने मामले को प्रेम-प्रसंग से जुड़ा बताया है।

‘जो भारत के सैनिकों को रेपिस्ट बताता है, उसका बढ़िया इलाज कर दिया है’: कन्हैया कुमार को दिल्ली में पड़े थप्पड़, कभी बिहार में भी हर दूसरे दिन पड़े थे अंडे-मोबिल

JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार CPI छोड़ कॉन्ग्रेस में आ गए। बिहार की धरती छोड़ दिल्ली में राजनीति करने लगे। लेकिन उनके दिन नहीं बदले हैं। दिल्ली की नॉर्थ-ईस्ट सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे कन्हैया कुमार को चुनाव प्रचार के दौरान एक युवक ने थप्पड़ जड़ दिए।

17 मई 2024 की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार माला पहनाने के बहाने आए युवक ने कन्हैया को थप्पड़ मारे और स्याही फेंकी। इसके बाद कन्हैया कुमार के समर्थकों ने युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। घटना उस्मानपुर थाना क्षेत्र के करतार नगर की है। आप की एक महिला पार्षद ने इस घटना को लेकर पुलिस से शिकायत की है।

कॉन्ग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार को आम आदमी पार्टी (AAP) का भी समर्थन हासिल है। उनका मुकाबला बीजेपी के मनोज तिवारी से है जो 2014 से इस सीट का लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कन्हैया कुमार पर हमला करने वाले युवक की पहचान दक्ष चौधरी के तौर पर सामने आई है। सोशल मीडिया में उसका भी एक वीडियो वायरल है। वीडियो में युवक कन्हैया कुमार को सबक सिखा देने की बात कर रहा है।

वीडियो में आरोपित युवक कहता है, “जिस कन्हैया कुमार ने नारे लगाए थे भारत तेरे टुकड़े होंगे, अफजल हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिंदा हैं, उसको हम दोनों ने चाँटे मारकर जवाब दिया है। भारत के टुकड़े कोई नहीं कर सकता, जब तक हमारे जैसे सनातनी जिंदा हैं।” वीडियो में आरोपित के साथ दिख रहा एक अन्य युवक कहता है, “उसे (कन्हैया कुमार) दिल्ली में नहीं घुसने देंगे जो भारत के सैनिकों को रेपिस्ट बताता है।” इसके बाद दक्ष चौधरी फिर कहता है, “बहुत बढ़िया इलाज कर दिया जो कहा था वो कर दिया है।” वीडियो में दोनों युवक को भारत माता की जय, इंडियन आर्मी जिंदाबाद, गोमाता की जय और जय श्री राम के नारे लगाते भी सुना जा सकता है।

गौरतलब है कि सीपीआई में रहते हुए कन्हैया कुमार ने 2020 में जब बिहार में ‘जन-गण-मन यात्रा’ निकाली थी तब भी उन्हें इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ा था। जगह​-जगह उनके काफिले पर हमला हुआ था। लोग काफिले पर अंडा, स्याही, जला हुआ मोबिल और पत्थर तक फेंक रहे थे।