Home Blog Page 942

हिंदू पुजारी को मार डाला क्योंकि बेटे ने किया था BJP का समर्थन: पीड़ित पत्नी का दावा- BSP समर्थकों ने पीट-पीटकर की हत्या, SC/ST एक्ट में किए फर्जी केस

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक हिन्दू पुजारी, राधेश्याम पाठक की पीट-पीट कर नृशंस हत्या कर दी गई। पुजारी की हत्या एक राजनीतिक बहस के बाद हुई। पुजारी को इसलिए मार दिया गया क्योंकि उसके बेटे ने भाजपा को वोट देने की बात कह दी थी। उसे बसपा समर्थकों ने मार दिया। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन पर SC/ST एक्ट के तहत झूठे मामले भी लगाए गए।

इस मामले में पत्रकार और नियोपोलिटिको के फाउंडर शुभम शर्मा ने राधेश्याम पाठक के गाँव जाकर मृतक के परिजनों से बात की। शुभम शर्मा ने परिवार से बात करके बताया कि राधेश्याम पाठक को कैसे मात्र भाजपा को समर्थन के कारण मार दिया गया।

राधेश्याम की पत्नी ने बताया, “मेरे पति को भाजपा का समर्थन करने के मार दिया गया। बसपा समर्थक यहाँ आए और मेरे पति पर हमला कर दिया। उन्होंने मेरे पति पर धारदार हथियारों और लाठी डंडो से हमला किया। चेहरे पर भी वार किया।”

उनकी पत्नी ने कथित तौर पर बताया कि उनके ऊपर SC/ST एक्ट के तहत 8-10 फर्जी मामले भी हत्यारों द्वारा लगा दिए गए। राधेश्याम तिवारी की पत्नी ने उनके लिए न्याय की माँग की है, और कहा है कि हत्यारोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई होनी चाहिए।

बसपा समर्थकों के हमले में मारे गए राधेश्याम पाठक की बेटी ने बताया कि उनके पिता को मारने वालों ने उस पर भी हमला किया। उसने बताया, “उनके हमले में मेरे पिता गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्होंने मेरे पिता की गर्दन से लेकर आंखों, पीठ, कलाई, हाथ और पैरों पर लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला किया था। जब मैंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया।”

क्या था पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक गाँव बाघापुरना में एक राजनीतिक बहस के ज्यादा तीव्र हो जाने के बाद राधेश्याम पाठक नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हत्या का आरोप शंभू चौधरी और उसके तीन साथियों पर है। शम्भू चौधरी और उसके साथियों ने पाठक की जान बचाने दौड़े मृतक के परिजनों के साथ भी बेरहमी से मारपीट भी की। पुलिस ने इस मामले में कुल 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार (10 मई, 2024) की है।

बताया गया कि शुक्रवार को बाघापुरना गाँव में एक मंदिर के पास कुछ लोग पेड़ की छाँव में बैठे थे। इस दौरान वहाँ लोकसभा चुनाव पर चर्चा हो रही थी। मृतक के परिजनों के अनुसार, इस दौरान शंभू चौधरी और उनके साथ मौजूद लोगों ने बहुजन समाज पार्टी को वोट देने की बात कही। वहाँ मौजूद अमित पाठक ने भारतीय जनता पार्टी को वोट देने की वकालत की।

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि भाजपा को वोट देने की बात कहते ही शंभू चौधरी भड़क गया और बोला,” मैं जिसे कहूँगा, वोट देना पड़ेगा।” विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने मामला शांत करवा दिया और दोंन पक्षों को घर भेज दिया।

आरोप है कि उसी रात शंभू चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ अमित पाठक के घर पहुँचा। यहाँ शम्भू और उसके साथियों ने पहले पाठक परिवार के साथ गाली-गलौज की और फिर पूरे परिवार को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने ने अमित के 55 वर्षीय पिता राधेश्याम पाठक की हत्या कर दी और उनकी 21 वर्षीय बहन रितु पर भी हमला किया।

‘निकाह कर वरना मुँह पर फेंक दूँगा तेजाब, तेरे भाइयों को रेप में फँसाऊँगा’: मस्जिद के पास वसीम ने की लड़की से जबरदस्ती, कासिम-कामिल समेत 5 पर FIR

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक लड़की ने अपने साथ छेड़खानी और जबरन निकाह का दबाव बनाए जाने पर शिकायत दर्ज करवाई है। आरोपित का नाम वसीम है जो लड़की के अश्लील वीडियो अपने पास होने का दावा करके उसे वायरल करने की धमकी दे रहा है। पीड़िता को तेज़ाब से जलाने और उसके भाई पर रेप का झूठा केस लगाने जैसी बातें करके भी धमकाया गया है। घटना बुधवार (8 मई 2024) की है। मंगलवार (14 मई 2024) को पुलिस ने वसीम सहित कुल 5 आरोपितों पर FIR दर्ज कर के जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह मामला अमरोहा जिले के कोतवाली नगर का है। यहाँ रहने वाली एक लड़की ने मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसके मोहल्ले में रहने वाले वसीम, कासिम, दिलनवाज, कामिल और मुन्ने उस पर गलत नजर रखते हैं। वसीम पीड़िता से आते-जाते छेड़खानी करता है और जबरन निकाह का दबाव बनाता है। बकौल पीड़िता जब वो इंकार करती है तो उसे कहा जाता है कि अश्लील वीडियो उनके पास हैं, अगर बात नहीं सुनी तो वो वायरल कर दिए जाएँगे।

पीड़िता ने आरोपितों की इस हरकत के बारे में अपने भाइयों को बताया। लड़की के भाइयों ने विरोध किया तो वसीम ने उनको अपनी दिव्यांग बहन से रेप का झूठा आरोप लगा कर जेल भिजवाने की धमकी दी। इस धमकी से पीड़िता के भाई डर गए। घटना के बाद वसीम के हौसले और बढ़ गए। वह फोन करके पीड़िता को गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा। इस दौरान उसने निकाह न करने पर लड़की के चेहरे पर तेजाब फेंकने और जान से मार डालने जैसी धमकियाँ भी दीं। बकौल पीड़िता आरोपित झगड़ालू किस्म के लोग हैं।

शिकायत में पीड़िता ने आगे 8 मई की घटना का जिक्र किया। इस दिन पीड़िता अपनी भाभी के साथ बाजार से घर लौट रही थी। शाम लगभग 7 बजे जब वह मस्जिद के पीछे वाली गली में पहुँची तो रास्ते में वसीम, कासिम, दिलनवाज, कामिल और मुन्ने ने गली में पीड़िता को रोक लिया। इन सभी ने पीड़िता से कहा, “आज तुझे कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे”। आरोप है कि पाँचों आरोपित पीड़िता को उठा कर अपने साथ ले जाने लगे। लड़की डर से चीखने लगी तो आसपास के लोग जमा हो गए।

लोगों को आता देख आरोपितों ने पीड़िता को छोड़ा। बकौल पीड़िता अगर लोग न जुटते तो उस दिन अनहोनी हो जाती और उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती। लड़की का आरोप है कि वसीम ने उसकी तस्वीरों को सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर वायरल करके उसे बदनाम कर दिया है। डर से पीड़िता काफी दिन चुप बैठी रही। आखिरकार 14 मई को हिम्मत करके उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता ने आरोपित द्वारा वायरल किए गए तमाम फोटो अटैच किए हैं।

शिकायत के अंत में पीड़िता ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने इस शिकायत पर वसीम, कामिल, कासिम, मुन्ने और दिलनवाज पर FIR दर्ज कर लिया है। दिलनवाज इलाके में रोहित के नाम से भी जाना जाता है। इन सभी पर IPC की धारा 294, 354, 504 और 506 के साथ IT एक्ट के सेक्शन 67 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपित और पीड़िता एक ही समुदाय से हैं। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

‘परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर’: पूरी जिंदगी देश की रक्षा की, देहांत के बाद 3 जवानों को जीवन दे गए रिटायर्ड सूबेदार अर्जुन सिंह

कबीरदास का एक प्रसिद्ध दोहा है ‘परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर’। इसका अर्थ ये है कि सज्जन लोग इस संसार में दूसरों के काम आने के लिए ही आते हैं। इस दोहे को पूरी तरह से चरितार्थ भारतीय सेना के एक पूर्व जवान ने किया है, जिनका नाम अर्जुन सिंह संगोत्रा है। अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने वाले इस जवान ने देहांत के बाद भी भारतीय सेना के 3 सैनिकों को जीवन दे गए।

अब अर्जुन सिंह संगोत्रा के अंगों से गंभीर रूप से बीमार 3 सैनिक स्वस्थ होकर इस देश की सेवा करेंगे। हम अर्जुन सिंह संगोत्रा नाम के जिस जवान की बात कर रहे हैं, वो मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के पालमपुर क्षेत्र के निवासी थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्जुन सिंह ने सेना में बतौर सूबेदार रिटायरमेंट लिया था।

लगभग 70 वर्षीय अर्जुन सिंह ने 30 वर्षों तक भारतीय सेना की जम्मू-कश्मीर रायफल्स बटालियन में रह कर देश की रक्षा और सेवा की थी। मंगलवार (14 मई 2024) को उनका ब्रेन हेमरेज हुआ। इस आघात की वजह से अर्जुन सिंह कोमा में चले गए। भरसक इलाज के बाद भी डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

अर्जुन सिंह के देहांत के बाद उनके परिजनों ने उनका अंगदान करने का फैसला किया। परिजनों ने उनका लीवर, किडनी और कॉर्निया (आँख का हिस्सा) दान करने की इच्छा जताई। सहमति बन जाने पर हरियाणा के चंडीमंदिर क्षेत्र में मौजूद भारतीय सेना के पश्चिमी कमांड के अस्पताल में विशेषज्ञों की एक टीम पहुँची।

इस टीम के डॉक्टरों ने बेहद सधे ढंग से अर्जुन सिंह द्वारा दान किए गए अंगों को निकाला। इन अंगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर महज एक घंटे के अंदर दिल्ली स्थित सैन्य छावनी पहुँचाया गया। दिल्ली कैंट इलाके में सेना के अस्पताल (अनुसंधान और रेफरल) में इसे रिसीव किया गया। यहाँ पर गंभीर रूप से बीमार तीन सैनिक अपना इलाज करवा रहे थे।

इन सैनिकों को अर्जुन सिंह द्वारा दान किए गए अंगो को ट्रांसप्लांट किया गया। यह मेडिकल प्रकिया विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में पूरी रात चली और आखिरकार यह प्रक्रिया सफल रही। अंगदान जैसा सराहनीय कार्य करने के लिए वेस्टर्न कमांड अस्पताल के सैन्य अधिकारियों ने दिवंगत सूबेदार अर्जुन सिंह संगोत्रा के परिजनों को सम्मानित किया।

‘वो अभी बात करने की स्थिति में नहीं, सही समय पर बोलेगी’: स्वाति मालीवाल का हाल उनकी माँ ने मीडिया को बताया, CM केजरीवाल के घर में हुई थी बदसलूकी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर ‘शीशमहल’ में DCW (दिल्ली महिला आयोग) की अध्यक्ष और AAP (आम आदमी पार्टी) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल की पिटाई हुई, जिसका आरोप लगा खुद दिल्ली CM के PA (निजी सचिव) रहे विभव कुमार पर। ये तीनों ही ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन (IAC)’ के दिनों से ही साथी रहे हैं। अब AAP के एक अन्य राज्यसभा सांसद संजय सिंह को DCW की सदस्य वंदना सिंह के साथ स्वाति मालीवाल के घर भेजा गया ताकि वो ‘मांडवली’ कर सकें।

अब ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ ने स्वाति मालीवाल की माँ से बात की है, जिन्होंने कहा है कि उनकी बेटी फ़िलहाल बात करने की स्थिति में नहीं है। स्वाति मालीवाल ने इस घटना के बाद एक ट्वीट तक नहीं किया है, जबकि वो सोशल मीडिया पर खासी सक्रिय रहती थीं। दिल्ली पुलिस ने भी उनसे संपर्क करने के प्रयास तेज़ कर दिए हैं। अब तक उनसे संपर्क करने के प्रयास 2 बार किए गए हैं। ACP रैंक के एक अधिकारी को उनके घर भी भेजा गया था। हालाँकि, अपने दोनों पंजीकृत आवासों पर वो नहीं मिलीं।

क्या स्वाति मालीवाल को धमकाया जा रहा है? – इस सवाल के जवाब में उनकी माँ ने कहा कि वो लोग अभी बात करने की स्थिति में नहीं हैं। जब उनसे पूछा गया कि कौन लोग हो सकते हैं जो उनकी बेटी को धमकी दे रहे हैं, तो स्वाति मालीवाल की माँ ने कहा, “ये उसकी लड़ाई है और वो तभी बोलेगी जब सही समय होगा।” स्वाति मालीवाल की माँ ने अपने स्वास्थ्य और अपनी बेटियों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वो ठीक नहीं हैं और उनकी बेटी बात करने की स्थिति में नहीं है।

स्वाति मालीवाल की माँ ने इस दौरान मीडिया को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में मीडिया ने उनके परिवार का समर्थन किया, जिसके लिए वो कृतज्ञ हैं। वहीं भाजपा की शाजिया इल्मी ने अरविंद केजरीवाल से इस घटना के पीछे का सच बताने के लिए कहा गया। स्वाति मालीवाल के पूर्व पति नवीन जयहिंद ने भी इस मामले में कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा है कि संजय सिंह अगर स्वाति मालीवाल को सच में छोटी बहन मानते हैं तो उन्हें अभिनय छोड़ कर कार्रवाई करवानी चाहिए।

जौनपुर के पत्रकार आशुतोष की हत्या में गो तस्कर जमीरुद्दीन मुंबई से गिरफ्तार, पहले से दर्ज हैं 16 मामले: FIR में सपा नेता अबू आजमी के रिश्तेदार नासिर का भी नाम

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में सोमवार (13 मई 2024) को पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की हत्या कर दी गई। इमरानगंज बाजार में बाइकसवार अज्ञात हमलावरों ने सुबह 9:30 बजे उन पर गोलियाँ बरसाईं थीं। मृतक के भाई ने मंगलवार (14 मई) को नासिर जमाल सहित 4 को नामजद व 5 अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी। नासिर जमाल समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी का रिश्तेदार है।

पुलिस ने इस तहरीर पर FIR दर्ज करके नामजद आरोपित जमीरुद्दीन कुरैशी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। जमीरुद्दीन को जौनपुर लाने की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर जमीरुद्दीन कुरैशी एक कुख्यात गोतस्कर है। उस पर कुल 16 मामले दर्ज हैं। जमीरुद्दीन शाहगंज थाना क्षेत्र के गाँव सबरहद का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता है।

शाहगंज के डिप्टी एसपी ने बताया कि जमीरुद्दीन कुरैशी को महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी मुंबई के भिवंडी इलाके से हुई है। फ़िलहाल उसे भिवंडी थाने में रखा गया है। जौनपुर से पुलिस टीम जमीरुद्दीन को ट्रांजिट रिमांड पर लेने मुंबई निकल चुकी है। जमीरुद्दीन से पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

जौनपुर पुलिस आशुतोष के अन्य हत्यारों को पकड़ने के लिए दिन-रात एक किए हुए है। पुलिस की कई टीमें देश के अलग-अलग हिस्सों में दबिश दे रही है। वहीं, मृतक पत्रकार की भाभी का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि लगभग एक हफ्ते पहले आशुतोष को पुलिस ने थाने पर बुलवाया था। तब उन्हें जान का खतरा बताते हुए उनसे अपने घर में रहने के लिए कहा गया था।

दावा किया जा रहा है कि तब पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की जान लेने के लिए दो शूटरों को सक्रिय बताया गया था। हालाँकि, आशुतोष श्रीवास्तव ने घर में बैठने से मना कर दिया था और वे हर दिन अपने काम पर निकलते रहे। अपनी जान का खतरा जानने के बाद आशुतोष श्रीवास्तव ने पुलिस से सुरक्षा की माँग भी की थी।

घटना के दिन भी आशुतोष सुबह 9 बजे नाश्ता कर के निकले थे और बताया था कि वापस लौटकर वे खाना खाएँगे। उनकी हत्या में नामजद किए गए मुख्य आरोपित का नाम नासिर जमाल है। नासिर जमाल समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी का रिश्तेदार है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आशुतोष गोतस्करी के खिलाफ लगातार खबरें लिख रहे थे। इससे गोतस्कर नाराज थे।

वाराणसी से कॉमेडियन श्याम रंगीला का पर्चा ख़ारिज, बोले- राजनीति मेरे बस की बात नहीं: गाजीपुर से मुख़्तार अंसारी की भतीजी का भी नॉमिनेशन रद्द

कॉमेडियन श्याम रंगीला का पर्चा वाराणसी से ख़ारिज हो गया है। 10 प्रस्तावक जुटाने में उनके पसीने छूट गए थे, लेकिन अंततः किसी तरह ड्रामे के बाद वो नॉमिनेशन फ़ाइल करने में कामयाब हो गए थे। उधर गाजीपुर से मुख़्तार अंसारी की भतीजी और अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत का पर्चा भी ख़ारिज हो गया है। मुख़्तार अंसारी की जेल में ही तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई थी। अफजाल अंसारी सांसद रहा है, वहीं मुख़्तार अंसारी मऊ से विधायकी का चुनाव जीतता था।

वाराणसी से कॉमेडियन श्याम रंगीला का पर्चा खारिज

जैसा कि सर्वविदित है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं और उनकी जीत लगभग पक्की मानी जा रही है। नॉमिनेशन से 1 दिन पहले हुए उनके भव्य रोडशो में 5 लाख लोगों की भीड़ जुटी, वहीं नामांकन के दौरान NDA के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने उनके खिलाफ पर्चा भरा था, लेकिन खामियों के कारण अब उसका नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया है। श्याम रंगीला इसके बाद भावुक हो गए और कहा कि वो हँसाने वाले एक कलाकार हैं और फ़िलहाल कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं है। उनके पर्चे में कई कमियाँ पाई गईं, उन्होंने शपथपत्र भी नहीं दिया था।

यूके के मीडिया संस्थान ‘The Independent’ ने भी श्याम रंगीला का महिमामंडन किया था। श्याम रंगीला का कहना है कि वाराणसी से पर्चा भरने के पीछे का उसका उद्देश्य ये था कि वो लोगों को बता सके कि लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि शायद उन्हें माँ गंगा का आशीर्वाद नहीं मिला। बकौल कॉमेडियन, अब वो सोचते हैं कि मनोरंजन जगत ही उनके लिए बेहतर है और राजनीति उनके बस की बात नहीं। उन्होंने जिला प्रशासन पर नामांकन प्रक्रिया को लेकर भरमाने का भी आरोप लगाया।

दावा – छेड़खानी का आरोपित है श्याम रंगीला, लेकिन पर्चे में छिपाया

उनका पर्चा ख़ारिज होने पर सोशल मीडिया में कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। चर्चा है कि एक लड़की से छेड़छाड़ के मामले में उस पर FIR दर्ज हुई थी, जिसकी जानकारी उसने निर्वाचन अधिकारी को पर्चे के साथ नहीं दी। हालाँकि, ऑपइंडिया इस दावे की बिलकुल भी पुष्टि नहीं करता है, ये फ़िलहाल सिर्फ अटकलें हैं।

गाजीपुर से नुसरत अंसारी का नॉमिनेशन भी रद्द

उधर गाजीपुर से 2 बॉस सांसद रहे अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत का पर्चा भी ख़ारिज हो गया है। हालाँकि, उनके समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने की संभावना खत्म हुई है, वो निर्दलीय लड़ सकेंगी। इस तरह अफजाल अंसारी अब वहाँ से I.N.D.I. गठबंधन के प्रत्याशी होंगे। अफजाल अंसारी ने 2 सेट में पर्चा दाखिल किया था, उनकी बेटी ने भी वहाँ से नॉमिनेशन फ़ाइल किया था। वो वहाँ से बतौर डमी कैंडिडेट, यानी सतर्कता के लिए सिर्फ एक सब्स्टीट्यूट के रूप में उतरी थीं।

फ़िलहाल अफजाल अंसारी ही गाजीपुर से सांसद है। एक मामले में सज़ा होने के बाद उसकी सांसदी चली गई थी, लेकिन न्यायपालिका ने उसे राहत दे दी। सपा ने अफजाल अंसारी और नुसरत, दोनों को AB फॉर्म इशू किया था। अफजाल अंसारी की सज़ा बढ़ाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में योगी सरकार ने अपील दाखिल की है, जिस पर सोमवार (20 मई, 2024) को सुनवाई होगी। वहाँ से भाजपा ने पारसनाथ राय को उम्मीदवार बनाया है, मदन मोहन मालवीय सिखड़ी इंटर कॉलेज, शबरी पीजी कॉलेज सिखड़ी और विद्या पब्लिक स्‍कूल के संस्थापक हैं। उनके बेटे आशुतोष BJYM के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं।

झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम को ED ने किया गिरफ्तार, PA के नौकर जहाँगीर के घर से मिले थे ₹35 करोड़: पूछताछ के बाद एजेंसी ने की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (15 मई 2024) को झारखंड सरकार में मंत्री एवं कॉन्ग्रेस नेता आलमगीर आलम को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि कुछ दिन पहले आलमगीर के सचिव के नौकर के घर से 37 करोड़ रुपए से अधिक नकदी बरामद हुई थी। इसी मामले में ED ने पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया था।

बता दें कि आलमगीर आलम से ED ने मंगलवार (14 मई 2024) को भी लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की थी। आलमगीर आलम से सुबह 11 बजे से पूछताछ की जा रही थी। ED ने 12 मई को आलमगीर को तलब किया था। उन्हें 14 मई (मंगलवार) को राँची स्थित जोनल कार्यालय में एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था।

आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल और संजीव लाल के नौकर जहाँगीर आलम की गिरफ्तारी हो चुकी है। जहाँगीर आलम के कब्जे वाले फ्लैट से 32.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी मिली थी। ये फ्लैट राँची में हरमू रोड के सर सैय्यद अपार्टमेंट में स्थित है। इसके अलावा बहुत सारा पैसा संजीव लाल के करीबी ठेकेदारों के ठिकानों से बरामद हुए, पूरी राशि करीब 38 करोड़ रुपए है।

झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में घूसखोरी और वसूली के इस खेल का लिंक जुड़ा है। 13 नवंबर 2019 की एक गिरफ्तारी से, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के अंदर काम करने वाले जेई सुरेश प्रसाद वर्मी को 10 हजार की रिश्वत लेते दबोचा था। सुरेश वर्मा वीरेंद्र राम के ही मकान में जमशेदपुर में रहता था।

उसके घर पर 2.44 करोड़ कैश मिला था, जिसके बारे में सुरेश ने ही बताया था कि ये पैसे वीरेंद्र राम के हैं, जो उसके रिश्तेदार आलोक रंजन ने रखे थे। इसके बाद इस मामले की जाँच ईडी ने संभाल ली।ईडी की जाँच में पता चला कि ग्रामीण विकास विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग में तगड़ा खेल चल रहा है। हर ठेके पर 3.2 प्रतिशत का कमीशन सेट है।

इसमें चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के पास 0.3 प्रतिशत पैसा ही आता था, बाकी पैसा नेताओं, अधिकारियों और इंजीनियरों के गैंग में बँट जाता था। यहीं से आमलगीर आलम, संजीव लाल समेत अन्य की भूमिका की जाँच शुरू हो गई। आलमगीर आलम के खिलाफ ईडी अप्रैल 2022 से एक अन्य मामले में जाँच कर रही है, वो अवैध खनन से जुड़ा मामला था।

CM हाउस में बदसलूकी के बाद ‘मांडवली’ में जुटी AAP: स्वाति मालीवाल के घर से निकलते दिखे संजय सिंह और वंदना, दिल्ली पुलिस को अब भी कंप्लेन का इंतजार

दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास ‘शीशमहल’ में DCW (दिल्ली महिला आयोग) की पूर्व अध्यक्ष और AAP (आम आदमी पार्टी) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई। इसमें CM के निजी सचिव रहे विभव कुमार का नाम आया। वहीं AAP के एक अन्य राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में ये मामला आया है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्वाति मालीवाल CM आवास से सिविल लाइंस पुलिस थाने कॉल करने के बाद वहाँ पहुँची थीं और वो रो रही थीं, लेकिन कुछ फोन कॉल्स आने के बाद वो ऑटो लेकर वापस चली गई थीं और उन्होंने लिखित शिकायत नहीं दी। उनके सोशल मीडिया हैंडल पर भी शांति है। अब सामने आया है कि अरविंद केजरीवाल की तरफ से उनसे समझौता के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मारपीट के इस मामले में समझौते के लिए AAP ने स्वाति मालीवाल से संपर्क किया है।

असल में बुधवार (15 मई, 2024) को संजय सिंह को स्वाति मालीवाल के घर से बाहर निकलते हुए देखा गया। संजय सिंह शराब घोटाले में जेल से जमानत पर बाहर निकले हैं। इस दौरान उनके साथ वंदना सिंह भी थी, जो DCW की सदस्य हैं और स्वाति मालीवाल की करीबी हैं। ‘टाइम्स नाउ’ के पत्रकार प्रियांक त्रिपाठी स्वाति मालीवाल के घर पहुँचे, जहाँ एक महिला कर्मचारी ने बताया कि वो वहाँ नहीं हैं। वहीं सोसाइटी के गार्ड्स ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम वहाँ पहुँची थी।

वहीं उधर स्वाति मालीवाल के पूर्व पति नवीन जयहिंद ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अगर संजय सिंह सच में स्वाति मालीवाल को छोटी बहन मानते हैं तो कम से कम उन्हें मांडवली करना बंद करना चाहिए और FIR करवानी चाहिए। नवीन जयहिंद ने कहा कि संजय सिंह अभिनय न करें, एक्शन करें। उन्होंने इसे लाखों महिलाओं की बेइज्जती बताते हुए कहा कि ये कोई व्यक्तिगत मामला नहीं है, घटना के दर्जन जो लोग थे उन्हें सामने लाया जाए और स्वाति मालीवाल को डराना-धमकाना बंद कर देना चाहिए।

नवीन जयहिंद ने संजय सिंह से कहा कि वो दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर के स्वाति मालीवाल को सुरक्षा उपलब्ध करवाएँ। वहीं भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने सवाल दागा है कि क्या बिना अरविंद केजरीवाल की जानकारी के ही स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट होना संभव है? भाजपा इस मामले में दिल्ली CM की चुप्पी पर हमलावर है। अब तक FIR तक दर्ज नहीं हो पाई है, स्वाति मालीवाल कहाँ है ये भी किसी को नहीं पता चल पा रहा है।

‘ये मिनी पाकिस्तान है, यहाँ हिंदुओं का आना मना है’: जीवनदीप को तुलसी माला पहने देख सज्जाद-शोएब ने साथियों संग किया हमला, बेल के बाद भी दे रहे धमकी

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 6 मई 2024 को जीवनदीप सिंह नाम के सिख युवक पर अरशद, नफीस, शोएब और राजा खान उर्फ सज्जाद अली ने हमला कर दिया। जीवनदीप के गले में तुलसी की माला देखकर हमलावरों ने उसे हिन्दू समझा और बेरहमी से पीटा और उनकी गाड़ी भी तोड़ दी। जिस इलाके में यह हमला हुआ था, उसे स्थानीय लोग ‘मिनी पाकिस्तान’ कहते हैं। फ़िलहाल सभी आरोपित जमानत पर हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तालापारा इलाके की है। 30 वर्षीय जीवनदीप बिलासपुर में ट्रेवेल एजेंट के तौर पर काम करते हैं। 6 मई को उनकी बेटी का जन्मदिन था। इस जन्मदिन पर उन्होंने अपने तमाम दोस्तों को भी बुलाया था, जिनमें आरिफ नाम का शख्स भी था। आरिफ बिलासपुर के उस मुस्लिम बहुल तालापार इलाके का रहने वाला है, जिसे स्थानीय लोग ‘मिनी पाकिस्तान’ कहते हैं।

रात को जीवनदीप आरिफ को छोड़ने के लिए उसके घर गया था। वापसी के दौरान जीवनदीप ने अपनी कार स्टार्ट की तो वहाँ खड़े कुछ लोगों ने हेडलाइट की रौशनी आँखों में पड़ने की बात कहकर झगड़ा करने लगे। आरोप है कि सज्जाद अली, साबिर, मोहम्मद फैज़ान और शोएब खान ने जीवनदीप को गंदी-गंदी गालियाँ देनी शुरू कर दी। जीवनदीप ने विरोध किया तो उन्हें कार से बाहर खींच लिया गया।

पीड़ित के गले में तुलसी की माला देखकर हमलावरों ने उन्हें हिन्दू कहकर बुरी तरह पीटने लगे। लात-घूँसों के साथ जीवनदीप पर लाठी-डंडे भी बरसाए गए। उनकी कार भी तोड़ डाली गई। जैसे-तैसे जीवनदीप ने अपनी जान बचाई। इसके बाद थाने में जाकर उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस सभी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 323, 427, 294, 34 और 506 के तहत FIR दर्ज की।

तुम हिन्दू हो, मिनी पाकिस्तान में क्या कर रहे हो

ऑर्गनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, जीवनदीप सिंह मूलतः दुर्ग जिले के भिलाई शहर के रहने वाले हैं। लगभग 3 साल पहले वो बिलासपुर में परिवार सहित शिफ्ट हुए थे। जीवनदीप सिंह 2 बच्चियों के पिता हैं। उनकी छोटी बेटी महज एक माह की है। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें उनकी इनोवा कार से बाहर निकाला और पूछताछ करने लगे।

इसी दौरान उनमें से एक हमलावर ने जीवनदीप सिंह से कहा, “तुम हिन्दू हो। मिनी पाकिस्तान में क्या कर रहे हो ? यहाँ हिन्दुओं का आना मना है।” इसी सवाल-जवाब के बीच लगभग 10 और लोग वहाँ जमा हो गए। आरोप है कि इन सभी के हाथों में चाकू और तलवार भी थे। उन्होंने आते ही जीवनदीप सिंह पर हमला कर दिया।

जमानत पाते ही उपद्रव और हिंदुओं के कत्ल का उदाहरण

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद अब सभी चारों आरोपित जमानत पा चुके हैं। आरोप है कि अब सभी आरोपित जीवनदीप को धमकी दे रहे हैं। जीवनदीप सिंह पर केस को वापस लेने का भी दबाव बनाया जा रहा है। जमानत पर छूटते ही सज्जाद अली ने साथियों सहित अपने मोहल्ले और आसपास के इलाकों में फिर से दहशत बनानी शुरू कर दी।

सज्जाद ने तलवार निकाल कर स्थानीय निवासी और भाजपा नेता धनंजय गिरी गोस्वामी को गंदी-गंदी गालियाँ दीं। धनंजय गिरी ने थाने में शिकायत देने में जीवनदीप सिंह की मदद की थी। इसके कारण हमलावर उनसे नाराज हैं। आरोप है कि सज्जाद अली ने शोएब खान, मोहम्मद फैज़ान और साबिर के साथ मिलकर धनंजय को टुकड़ों में काट डालने की धमकी दी।

हमलावरों ने धनंजय गिरी को सनी पांडेय, नवीन महादेवा और ईश्वर बत्रा के उदाहरण दिए। इन सभी हिन्दुओं की अलग-अलग मामलों में मुस्लिम हमलावर हत्या कर चुके हैं। धनंजय को उनके ऑफिस तक जाकर धमकाने वाले चारों आरोपितों में से 2 लोग 25 फरवरी 2022 को हुए नवीन महादेवा की हत्या में मुख्य आरोपित वसीम के साथ शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने 26 वर्षीय सज्जाद अली उर्फ़ राजा को उसके साथियों सहित फिर से आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया है। सज्जाद को उसी मोहल्ले में पैदल घुमाया गया, जहाँ वो गुंडागर्दी करता था। पुलिस उसको उसके साथियों सहित पैदल ही अदालत तक भी ले गई।

एक मौत और केरल के 2648 मंदिरों में बैन कर दिया गया एक खास फूल, जानिए कितना खतरनाक है यह फूल

केरल में 2648 मंदिरों में अब ओलियंडर के फूलों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। केरल में 2 मंदिर न्यासों ने इस बारे में फैसला लिया है, क्योंकि ओलियंडर के फूलों की वजह से एक 24 साल की नर्स की मौत हो गई थी। इसके बाद ओलियंडर के फूलों के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया गया है। ओलियंडर के फूलों को करवीर या अरली भी कहते हैं, ये कनेर के नस्ल से जुड़ा है।

केरल के मंदिरों में ओलियंडर पर बैन लगाने का फैसला मंदिर प्रबंधन से जुड़े 2 बोर्ड ने लिया है। केरल में सबसे ज्यादा मंदिरों का प्रबंधन 2 देवास्वोम बोर्ड करते हैं। पहला-त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड और दूसरा मालाबार देवास्वोम बोर्ड। त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड 1248 मंदिरों का प्रबंधन करता है और मालाबार देवास्वोम बोर्ड 1400 मंदिरों का। अब इन मंदिरों में ओरियंडर के फूल नहीं दिखेंगे।

क्या है पूरा मामला?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के अलाप्पुझा में 30 अप्रैल को 24 साल की नर्स सूर्या सुरेंद्रन की संदिग्ध मौत हो गई। शुरुआती जाँच में पता लगा कि सुरेंद्रन की मौत ओलियंडर के जहर के चलते हुई। रिपोर्ट के मुताबिक सुरेंद्रन की ब्रिटेन में नौकरी लगी थी। 28 अप्रैल को वह रवाना होने वाली थीं। उसी सुबह उन्होंने फोन पर बात करते हुए गलती से अपने घर में लगे ओलियंडर से कुछ पत्ते तोड़कर चबा लिए।

सुरेंद्र को पता नहीं था कि ये जहरीला है। थोड़ी देर बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी और उल्टियां हुईं। उसी दिन वह कोच्चि एयरपोर्ट पर गिर पड़ीं और कुछ दिनों बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उनसे पूछा कि उन्होंने क्या खाया था? तो बताया कि उन्होंने ओलियंडर की पत्तियां चबा ली थी। बाद में पोस्टमार्टम हुआ तो पता लगा कि सुरेंद्रन की मौत ओलियंडर के जहर के चलते हुई।

नेरियम ओलियंडर, जिसे आमतौर पर ओलियंडर या रोज़बे के नाम से जाना जाता है, दुनिया भर में उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय इलाकों में उगने वाला एक पौधा है। इस पौधे की खास बात यह है कि यह सूखा भी झेल लेता है। सर्वाइव करने के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है। भारत के तमाम इलाकों में यह पौधा पाया जाता है। केरल में, इस पौधे को अरली और कनाविरम के नाम से जाना जाता है। वहाँ हाईवे और समुद्र तटों के किनारे बड़ी संख्या में इन्हें लगाया जाता है। ओलियंडर की एक दर्जन से ज्यादा किस्में होती हैं और प्रत्येक में अलग-अलग रंग का फूल होता है।

पारंपरिक दवाओं में इस्तेमाल

आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में ओलियंडर के औषधीय गुणों का विस्तृत वर्णन है। इसमें बताया गया गया है कि ओलियंडर की जड़, छाल से तैयार तेल का उपयोग त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जा सकता है। ओलियंडर का जिक्र बृहत्रयी, निघंटस और अन्य आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी मिलता है। चरक संहिता में भी इसका जिक्र है। कहा गया है कि ये कुष्ठ रोग सहित गंभीर प्रकृति की पुराने त्वचा रोगों से निपटने में लाभदायक है। ओलियंडर, कनेर के परिवार का पौधा है।

ओलियंडर फ्लॉवर कितना जहरीला?

बता दें कि ओलियंडर के पौधे का इस्तेामल हर्बल मेडिसिन के तौर पर 15वीं शताब्दी से किया जा रहा है। हालाँकि इसका इस्तेमाल बहुत ध्यान रखते हुए किया जाता है क्योंकि यह जहरीला होता है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि ओलियंडर से दूरी बनाना ही बेहतर है। हालाँकि दक्षिण एशिया के कुछ देशों में इसका इस्तेमाल आत्महत्या करने के लिए किया जाता है।