प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बाद अब मौलाना अरशद मदनी ने 'नागरिकता संशोधन कानून (CAA)' को भी रद्द करने की माँग की है।
गुरुग्राम के सेक्टर-37 स्थित एक सार्वजनिक ग्राउंड में मुस्लिमों की भीड़ नमाज पढ़ने के लिए पहुँच गई, जिससे स्थानीय लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं को भरोसे में नहीं लिया या संचार व्यवस्था कमजोर रही? भीड़तंत्र वाले 'ठेकेदारों' के हिंसक आंदोलन के बाद क्या करे केंद्र सरकार? आगे इस तरह की बलैकमेलिंग से निपटने का रास्ता क्या हो?