महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट्स पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो लगाई जाती है, तो कोविड-19 से जान गँवाने वालों के मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी उनकी फोटो लगाई जानी चाहिए।
क्विंट ने इस वीडियो में दिल्ली सरकार का डैशबोर्ड दिखाया था जिसका श्रीनिवास इस्तेमाल कर रहे थे। यह वही डैशबोर्ड है जिसकी कुछ दिन पहले बेड उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी देने के लिए आलोचना हुई थी।
एक अन्य ट्विटर हैन्डल से कहा गया कि मोदी किसी अगले जन्म में सजा नहीं भुगतेगा। यह सत्ता में रहने वालों की बनाई हुई एक कल्पना है जिससे आम आदमी शासकों के महलों को न जलाएँ।
इसमें कुल खर्च प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से विज्ञापन और प्रचारों में किया गया है। केजरीवाल सरकार ने बीते 2 साल में अपने प्रचार-प्रसार में 800 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च किया है।
दिल्ली में ऑक्सीजन की खासी किल्लत है। राजधानी के लिए 490 टन ऑक्सीजन अलॉट किया गया है। कल केंद्र सरकार ने 10 टन और बढ़ाई है। लेकिन, फिलहाल दिल्ली में अभी केवल 335 मीट्रिक टन तक ही ऑक्सीजन पहुँच रही है।