जहाँ संविधान को गाली दी गई, वहाँ की हाथों में तिरंगा लिए लोगों की तस्वीरें वायरल की गईं। जहाँ हिन्दू धर्म का अपमान हुआ, वहाँ कश्मीरी पंडितों के लिए झूठा शोक मनाया गया।
राहुल गाँधी द्वारा 'समुद्र के किसानों' के लिए अलग से मंत्रालय वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने चुटकी लेते हुए इतालवी भाषा में ट्वीट किया है।
प्रिंट के इस खबर को लिखने का तरीका देखिए, इसकी हेडलाइन पढ़िए और सोचिए एक 26 साल के हिंदू लड़के की हत्या पर ऐसे वामपंथी-लिबरल गिरोह की संवेदनाएँ कहाँ हैं?
राहुल गाँधी किसान हितों के लड़ते-लड़ते ये भूल बैठे हैं कि उनके आए दिन ऐसे बयानों को सुनने और सहन करने वालों के भी कुछ अधिकार होते हैं, जिन्हें कि मानवाधिकार कहा जाता है।
रानी गाइदिन्ल्यू जिस हेराका आन्दोलन को चलाती रही, वो मुख्यतः अपनी सभ्यता-संस्कृति बचाने के लिए ही था। उन्हें बैप्टिस्ट ईसाइयों का हिंसक विरोध झेलना पड़ा।